गोपालगंज में प्रेमी की गिरफ्तारी से नाराज़ युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, बोली– रिहाई तक नहीं उतरूंगी

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Bihar News: बिहार के गोपालगंज में एक लड़की ने अपने प्रेमी की गिरफ्तारी के विरोध में मोबाइल टावर पर चढ़कर उसकी रिहाई की मांग की, जिससे इलाके में हंगामा मच गया.स्थानीय लोगों के अनुसार, लड़की के प्रेमी को पुलिस ने एक पुराने मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी की खबर मिलते ही लड़की मानसिक रूप से टूट गई और उसने गांव के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़कर उसने जनता के सामने घोषणा कर दी कि जब तक उसके प्रेमी को रिहा नहीं किया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी. यह नजारा किसी फिल्मी दृश्य से काम नहीं था, मानो क्लासिक फिल्म ‘शोले’ का वीरू हो. लड़की के इस कारनामे को देखने और रिकॉर्ड लरने के लिए आसपास के लोग जुटने लगे. 

पुलिस और ग्रामीणों ने की उतारने की कोशिश
घटनास्थल पर मौजूद लोग लड़की को नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश करने लगे. कई लोगों ने उसे शांत करने की कोशिश की, जबकि कुछ ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई. इसके बाद भोरे थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को सुरक्षित उतारने की कई कोशिशें की, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही. 

प्रेमी को घटनास्थल पर लेकर आई पुलिस
कई घंटों की प्रयासों के बाद, पुलिस (Police) ने अब एक महत्वपूर्ण चाल चली. स्थिति को शांत करने और लड़की को मोबाइल टावर से उतारने के लिए पुलिस ने गिरफ्तार युवक को घटनास्थल पर लाकर लड़की के सामने पेश किया. इसके बावजूद युवती ने टावर से उतरने से इंकार कर दिया. पुलिस, परिवार और ग्रामीणों का मुख्य लक्ष्य इस समय केवल लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित करना था.

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News Desk

क्या टूटेगा 19 साल पुराना तिलिस्म? फाइनल में भारत के सामने न्यूजीलैंड

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टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा। टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि टी20 विश्वकप के 19 साल के इतिहास में कभी मेजबान टीम चैंपियन नहीं बनी है।

इसे आप श्राप कहें या दुर्भाग्य कहें या फिर तिलिस्म, जो अब तक नहीं टूट सका है। हालांकि, अगर टीम इंडिया चैंपियन बनती है तो यह तिलिस्म भी टूट जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो टी20 विश्वकप के 19 साल के इतिहास में पहली बार कोई मेजबान देश चैंपियन बनेगा। आइए अब तक रिकॉर्ड के बारे में जानते हैं-

2007: टी20 विश्वकप के पहले संस्करण यानी 2007 में दक्षिण अफ्रीका मेजबान था, लेकिन टीम सुपर-8 राउंड से ही बाहर हो गई थी। भारत ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल और खिताब अपने नाम किया था। 
2009: इंग्लैंड 2009 में टी20 विश्वकप का मेजबान था। हालांकि, टीम सुपर-8 राउंड में खराब प्रदर्शन के बाद बाहर हो गई थी। पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
2010: वेस्टइंडीज ने 2010 में टी20 विश्वकप की मेजबानी की थी। हालांकि, स्टार्स से सजी टीम सुपर-8 में ही हारकर बाहर हो गई थी। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
2012: श्रीलंका को 2012 में टी20 विश्वकप की मेजबानी दी गई थी। संगकारा और जयवर्धने जैसे स्टार्स से सजी टीम फाइनल में तो पहुंची, लेकिन वेस्टइंडीज के हाथों हार मिली। 2026 में भारत से पहले सिर्फ श्रीलंका ही ऐसी टीम है, जो मेजबान होते हुए फाइनल में पहुंच पाई है।
2014: बांग्लादेश को 2014 में टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली थी। हालांकि, टीम सुपर-10 में ही हारकर बाहर हो गई थी। श्रीलंका और भारत फाइनल में पहुंचे और श्रीलंका की टीम ने भारत को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। 
2016: भारत को 2016 टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली थी। टीम सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज से हारकर बाहर हो गई थी। बाद में वेस्टइंडीज टीम ही चैंपियन बनी थी। उसने फाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त दी थी।
2021: 2021 में पहले तो भारत मेजबान था, लेकिन कोविड की वजह से यूएई और ओमान में मैचों को शिफ्ट किया गया। यूएई और ओमान की टीमें ग्रुप स्टेज में ही हारकर बाहर हो गई थीं। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था।
2022: ऑस्ट्रेलिया को 2022 टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली, लेकिन टीम सुपर-12 राउंड से ही बाहर हो गई। फाइनल में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। 
2024: वेस्टइंडीज और अमेरिका को 2024 टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली थी। हालांकि, दोनों टीमें सुपर-8 राउंड में ही हारकर बाहर हो गई थी। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था।

2026: इस बार भारत और श्रीलंका मेजबान हैं। हालांकि, श्रीलंका की टीम सुपर-8 राउंड में बाहर हो गई। वहीं, भारत श्रीलंका के बाद बतौर मेजबान फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनी है। भारत के पास इस तिलिस्म को तोड़ने का मौका है। अगर टीम चैंपियन बनी तो इतिहास रच देगी।

हिसाब बराबर करने का मौका! आईसीसी नॉकआउट में न्यूजीलैंड के खिलाफ कैसा है भारत का रिकॉर्ड?

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टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा। दोनों टीमें दो साल में लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में भिड़ रही हैं। इससे पहले 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया था। हालांकि, आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट्स में टीम इंडिया का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। कीवियों ने हमसे एक ज्यादा मैच जीता है। भारत के पास इस बार फाइनल जीतकर हिसाब बराबर करने का मौका है।टीम इंडिया और न्यूजीलैंड अब तक आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मुकाबले में पांच बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें से कीवियों ने तीन मैच और भारत ने दो मैच जीते हैं। हालांकि, दोनों टीमें टी20 विश्वकप के नॉकआउट में पहली बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों वनडे या फिर टेस्ट चैंपियनशिप के नॉकआउट में ही भिड़ी हैं। आइए पहले आंकड़े जानते हैं और फिर हर मैच की कहानी…
 
1. भारत vs न्यूजीलैंड, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2000

भारत और न्यूजीलैंड किसी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पहली बार साल 2000 के चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में आमने-सामने आए थे। तब स्टीफन फ्लेमिंग की अगुआई वाली न्यूजीलैंड टीम ने सौरव गांगुली की अगुआई वाली भारतीय टीम चार विकेट से हराया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में छह विकेट पर 264 रन बनाए थे। गांगुली ने 117 रन और सचिन ने 69 रन की पारी खेली थी। जवाब में न्यूजीलैंड ने 49.4 ओवर में छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया था। क्रिस केयर्न्स उस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। उन्होंने दो विकेट लेने के अलावा 102 रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके अलावा क्रिस हैरिस ने 46 और नाथन एस्टल ने 37 रन बनाए थ

2. भारत vs न्यूजीलैंड, वनडे विश्वकप सेमीफाइनल, 2019

2000 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद दोनों टीमें आईसीसी नॉकआउट में 19 साल बाद यानी 2019 में वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में आमने-सामने आईं। कोई भी भारतीय यह मैच नहीं भूल सकता, क्योंकि टीम इंडिया जीत के करीब पहुंचकर हार गई थी। दो दिन तक चले इस सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में आठ विकेट पर 239 रन बनाए थे। कप्तान केन विलियम्सन ने 67, रॉस टेलर ने 74 रन की पारी खेली थी। भारत की ओर से भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट लिए। जवाब में टीम इंडिया की पारी 49.3 ओवर में 221 रन पर सिमट गई थी और भारत 18 रन से हार गया था। धोनी ने 50 रन और रवींद्र जडेजा ने 77 रन की पारी खेली। वहीं, ऋषभ पंत और हार्दिक ने 32-32 रन बनाए थे। कप्तान कोहली, रोहित और केएल एक-एक रन बना सके थे। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी ने तीन विकेट लिए थे।

3. भारत vs न्यूजीलैंड, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, 2021

2019 के बाद भारत और न्यूजीलैंड 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में आमने-सामने आए। यह टेस्ट चैंपियनशिप का पहला फाइनल था। कोहली की अगुआई में भारतीय टीम मजबूत दिख रही थी। वहीं, न्यूजीलैंड की कमान केन विलियम्सन संभाल रहे थे। बारिश ने भी खलल डाला और रिजर्व डे में नतीजा आया। हालांकि, इस मैच में भारत की बल्लेबाजी खराब रही। भारत ने पहली पारी में 217 रन बनाए। कोहली 44 रन और रहाणे 49 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। जेमीसन ने पांच विकेट झटके। जवाब में न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 249 रन बनाए और भारत पर 32 रन की बढ़त हासिल की। डेवोन कॉनवे ने 54 रन और कप्तान विलियम्सन ने 49 रन की पारी खेली। टॉम लाथम और टिम साउदी ने 30-30 रन बनाए। भारत की ओर से शमी को चार विकेट मिले। भारत की दूसरी पारी 170 रन पर सिमट गई और न्यूजीलैंड की 32 रन की बढ़त को घटा दें तो टीम इंडिया की कुल बढ़त 138 रन की हुई और न्यूजीलैंड के सामने 139 रन का लक्ष्य था। दूसरी पारी में पंत 41 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। कीवियों की तरफ से टीम साउदी ने चार विकेट लिए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने दो विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। विलियम्सन 52 रन और रॉस टेलर 47 रन बनाकर नाबाद रहे।
 
4. भारत vs न्यूजीलैंड, वनडे विश्वकप सेमीफाइनल, 2023

2021 के बाद भारत और न्यूजीलैंड की टीमें 2023 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में आमने-सामने आईं। रोहित की अगुआई में टीम इंडिया ने विलियम्सन की अगुआई वाली न्यूजीलैंड टीम को 70 रन से हराया था। वानखेड़े में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 397 रन बनाए। रोहित ने 40 रन, शुभमन ने 80 रन, कोहली ने 117 रन और श्रेयस ने 105 रन की पारी खेली। न्यूजीलैंड की ओर से साउदी ने तीन विकेट लिए। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 48.5 ओवर में 327 रन पर ऑलआउट हो गई। डेरिल मिचेल ने 134 रन और ग्लेन फिलिप्स ने 41 रन की पारी खेली। विलियम्सन ने 69 रन बनाए। भारत की ओर से शमी ने सात विकेट झटके।
 
5. भारत vs न्यूजीलैंड, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2025

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने सात विकेट गंवाकर 50 ओवर में 251 रन बनाए थे। डेरिल मिचेल ने 63 रन और माइकल ब्रेसवेल ने 53 रन की पारी खेली थी। जवाब में भारत ने 49 ओवर में छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। रोहित ने कप्तानी पारी खेली। उन्होंने 76 रन बनाकर भारत को मुश्किल से निकाला। वहीं, श्रेयस ने 48 रन बनाए थे। आखिर में केएल और जडेजा ने नाबाद रहकर जीत दिलाई थी। 

क्या डीआईजी और कमांडेंट स्तर के अफसरों को मिल रहा संरक्षण?

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नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां सख्ती से पेश आ रहे हैं और सरकारी खर्च घटाने की नीति पर जोर दे रहे हैं, वहीं सीआरपीएफ में एक कमांडेंट और डीआईजी, सरकार के इन प्रयासों को धता बता रहे हैं। भ्रष्टाचार के दो मामलों की शिकायत सीआरपीएफ डीजी को दी गई है। 149 वीं बटालियन के कमांडेंट के खिलाफ शिकायत देने वाले अधिकारी वहीं पर बतौर ‘सेकेंड-इन-कमांड’ तैनात हैं। दूसरे मामले में डीआईजी, ग्रुप केंद्र ‘खटखटी’ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। जबरन वसूली की यह शिकायत भी बल के महानिदेशक को भेजी गई है। आरोप है कि फोर्स मुख्यालय में लंबे समय से कार्यरत एक आला आईपीएस अधिकारी, इन मामलों में सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया को रोक रहे हैं। दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि डीजी जीपी सिंह, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं। संभव है कि वे जल्द ही इन केसों में कार्रवाई करें। इस बाबत सीआरपीएफ हेडक्वार्टर के डीआईजी एम दिनाकरण, जिसके पास ‘पर्स/पीआर’ का चार्ज है, उनसे दोनों मामलों में पक्ष जानने का प्रयास किया गया। फोन कॉल और मैसेज किए जाने के बावजूद जवाब नहीं मिल सका। 

कमांडेंट आशीष यादव पर लगाए गंभीर आरोप … 

149 वीं बटालियन के कमांडेंट आशीष यादव पर भ्रष्टाचार के कथित आरोप लगाए हैं। यह शिकायत भूप किशोर शर्मा, सेकेंड-इन-कमांड द्वारा भेजी गई है। शिकायतकर्ता के पास लेखा अधिकारी के कर्तव्यों का निर्वहन करने के अलावा सेकेंड-इन-कमांड (ऑपरेशन) का अतिरिक्त प्रभार भी है। शिकायत में सरकारी निधि, जीआईए और एसएस फंड के दुरुपयोग की बात कही गई है। उन्होंने एसआई/जीडी एन. माचक्कलाई का हवाला दिया है, जो पिछले पांच वर्ष से लगातार इस यूनिट में क्यूएमसी के कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। उन पर सरकारी निधियों के दुरुपयोग और आपूर्ति आदेश के अनुसार माल प्राप्त न होने का आरोप है। उन्हें कमांडेंट का करीबी बताया जाता है। वे स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं/विक्रेताओं से माल की खरीद के दौरान कथित तौर पर कमीशन प्राप्त करते हैं और चुप रहते हैं। यादव पर आरोप है कि वे दूसरे अधिकारियों को कार्यभार नहीं सौंपते। वे 29/11/2023 को कमांडेंट बनकर आए थे। पिछले 2 वर्षों से उन्होंने केवल 30 दिनों की छुट्टी ली है। वे अपने नियंत्रण वाले अधिकारियों को अक्सर चेतावनी पत्र जारी करते रहते हैं।

 राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली एनसीआर का स्टाफ …  

कमांडेंट आशीष यादव ने बटालियन मुख्यालय में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर से ताल्लुक रखने वाले स्टाफ को अहम जिम्मेदारी दी। इन्हें स्टॉक रजिस्टर में प्रविष्टि करने के लिए प्रमुख धारक बनाया गया था। भंडार, वस्त्र, शिविर सुरक्षा सामग्री, पुलिस बल और सरकारी रेजिमेंटल फंड आदि में दुरुपयोग किया जाता। शिकायत में एएसआई धर्मपाल ‘बीक्यूएमएच’, हवलदार एचसी/जीडी अनिल लता ‘एमटी हवलदार’, एचसी/जीडी मुकेश ‘पुलिस बल हवलदार’, एचसी/जीडी प्रदीप ‘कैंटीन हवलदार’, सीटी/जीडी अमित ‘कमांडेंट कार्यालय का सहायक’, इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव ‘एसएम’ और एएसआई/जीडी मूल चंद यादव ‘बीएचएम’ का नाम लिखा है। आरोप है कि ये कार्मिक, सीओ के लिए जासूस की भूमिका निभाते हैं। इन कर्मियों की तैनाती 2023 से प्रभावी है। वे यूनिट, मेस, कैंटीन, स्टोर्स, पुलिस डिपो पर नजर रखते हैं। 

सहायक कमांडेंट का काम इंस्पेक्टर को दे दिया … 

इस यूनिट में पांच सहायक कमांडेंट तैनात हैं, लेकिन इन कंपनी कमांडरों का बार-बार तबादला हो रहा है। कमांडिंग ऑफिसर का प्रभार इंस्पेक्टर/जीडी को सौंप दिया जाता है। आरोप है कि हर महीने कमांडेंट इन इंस्पेक्टर/जीडी को मेसर्स अरविंद ट्रेडर्स द्वारा आपूर्ति किए जा रहे राशन को प्राप्त करने के लिए कहते हैं। चेक के माध्यम से राशन का भुगतान किया जाता है। कमीशन आदि बातें, इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव देखते हैं। वहां से तय राशि सीओ तक पहुंचती है। कंपनी कमांडर के रूप में ए/149 इंस्पेक्टर/जीडी सरवनन, बी/149 इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव, सी/149 इंस्पेक्टर/जीडी अंकुर मोहन साहू, डी/149 इंस्पेक्टर/जीडी मदन लाल, ई/149 – इंस्पेक्टर/जीडी कमलेश कुमार सिंह और एफ/149 इंस्पेक्टर/जीडी गुरुसदय पांडा को तैनात किया गया। अफसरों के शौचालयों के नवीनीकरण के लिए 5,50,000 रुपये प्राप्त हुए थे। आरोप है कि कमांडेंट यादव ने इस पर पैसा खर्च नहीं किया। धन को हड़प लिया गया। शौचालयों के नवीनीकरण का काम एएसआई/जीडी मूल चंद, बीएचएम द्वारा किया गया था, जिसमें पीटी, प्रशिक्षण और रोटेशनल प्रशिक्षण में कार्यरत जवानों का इस्तेमाल किया गया था। पुरानी इमारतों और मुख्यालय भंडार में उपलब्ध अनुपयोगी सामान से नवीनीकरण कर दिया गया। डीजी जनरेटर सेटों की मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स बदलने के लिए मंजूरी दी गई, लेकिन कोई स्पेयर पार्ट्स नहीं बदले। निजी लाभ के लिए पैसे हड़प लिए गए। बिल संख्या 913170381 एसआई/जीडी एन. माचक्कलाई द्वारा बीक्यूएमएच एएसआई/जीडी धर्मपाल को दिए गए थे, और उन्होंने इसे स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया। 

बैडमिंटन कोर्ट में आवास तैयार किए गए …  

यूनिट में ओएसएल के कई मामले हैं, जो कि प्रभावी तिथि से लागू हैं। 29/11/03 को, सभी मामलों को कमांडेंट द्वारा जवानों से इंस्पेक्टर/जीडी के माध्यम से ले देकर नियमित किया गया। यहां पर घासी राम यादव ने सीओ के खास आदमी की भूमिका निभाई। वह ओसी मुख्यालय/149 और ओसी बी/149 का प्रभार संभाल रहा है। यादव, सीओ की मेहरबानी के चलते दूसरे अधिकारियों को कुछ नहीं समझता। जॉयसागर में बी/149 स्थान पर दो कंपनियों को जबरन तैनात किया गया। बी/149 और जी/149। वहां जवानों के रहने के लिए आवास की कमी है। युद्धग्रस्त टिन शीट से बना अस्थायी आवास बैडमिंटन कोर्ट में तैयार किया गया। दोनों कंपनियों के कर्मियों को एक ही स्थान पर जबरन ठहराया गया है। इस स्थान पर केवल 5 शौचालय उपलब्ध हैं। डीजी को इसके फोटो भी भेजे गए हैं। जवानों को स्थानीय विक्रेताओं से आरओ का पानी खरीदना पड़ता है। वे पिकअप वाहन के माध्यम से पानी की आपूर्ति करते हैं। इसके अतिरिक्त, ओएनजीसी द्वारा डी/149 बटालियन, सीआरपीएफ को खाना पकाने के लिए गैस की आपूर्ति की जाती है। इसका बिल भी स्थानीय खरीद रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। हर महीने 20,000 रुपये का गैस बिल इंस्पेक्टर/जीडी से प्राप्त होता है। आरोप है कि कमांडेंट यादव को उनके निजी लाभ के लिए इस राशि का भुगतान किया जाता है। 

उत्पीड़न की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं … 

आरोप है कि बी/149 के कांस्टेबल आशीष कुमार जेना, इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव द्वारा उत्पीड़न किए जाने के कारण मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। कांस्टेबल ने कमांडेंट कार्यालय जाकर इंस्पेक्टर यादव द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की सूचना दी थी, लेकिन कमांडेंट द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। अंततः कांस्टेबल ने सीओ दफ्तर को पत्र लिखकर आत्महत्या करने का निर्णय लिया। अंत में डीआईजी ऑप्स डिब्रूगढ़ ने उन्हें अटैचमेंट ड्यूटी पर भेजकर उनकी जान बचाई। कई दूसरे मामलों में भी कार्रवाई इसलिए नहीं हो सकी, क्योंकि सीओ अपने लोगों को बचा रहे हैं। इंस्पेक्टर यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप है कि उन्होंने एसएम ओसी-मुख्यालय/149 और ओसी बी/149 रहते हुए 2023 बैच I/149 के नए भर्ती हुए सीटी/जीडी से हर महीने कथित तौर पर हजार रुपये लेते थे। जॉयसागर में एक ही कंपनी के लिए परिसर है, लेकिन यहां बी/149 और जी/149 को रखा गया है। 80 सदस्यों की जगह पर 160 कर्मियों को ठहराया गया। सीओ के कार्यकाल में कई जवान शहीद हुए हैं। इस मामले की उचित जांच हो तो बड़ा खुलासा हो सकता है। 

एसडीजी, आईजी के दौरे से कुछ नहीं बदला … 

डीआईजी सीएनटी जीसी एसएलजी द्वारा सिग्नल संख्या सी.आई.वी-01/2026-पीए-जीसीएसएलआर दिनांक 05/01/2026 के माध्यम से इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था। डीआईजी डीटी बनर्जी जांच अधिकारी थे। जांच के लिए जब वे बटालियन मुख्यालय गए, तब लेकिन इंस्पेक्टर घासी राम यादव नशे में थे। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जांच के दौरान वे ऑफिसर कमांडिंग जी/149 के प्रभार में रहे। 27/12/2025 को इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव (ओसी जी/149 के अस्थायी प्रभार में) ने एफएसएस फंड से 10000 रुपये निकाले। 13/01/2026 को घासी राम यादव (ओसी जी/149 के अस्थायी प्रभार में) ने चेक संख्या 856266 के माध्यम से 23000 रुपये निकाले। इन मामलो में जो पैसा निकाला, वह सीओ को दिया गया। डीआईजी डीटी बनर्जी, डीआईजी प्रभाकर त्रिपाठी, डीआईजी हरपाल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इन शिकायतों की जांच की है। उन्हें सही पाया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत में लिखा है कि एसडीजी एनईजेड, आईजी जोरहाट और आईजी एनईएस सभी ने यूनिट का दौरा किया। जवानों की रहने की स्थिति देखी है और उनकी शिकायतें सुनी हैं, फिर भी कुछ नहीं बदला। 

डीआईजी पर जबरन वसूली का आरोप … 

ग्रुप केंद्र खटखटी के डीआईजी अनिल बिष्ट पर भी एक शिकायत में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। शिकायत में जबरन वसूली का भी आरोप लगाया गया है। यह शिकायत एक रंगरुट द्वारा डीजी सीआरपीएफ को भेजी गई है। रंगरुट ने 42.54 लाख रुपये की वसूली को लेकर बल मुख्यालय को सबूत भी दिए हैं। इस बाबत सीआरपीएफ में एक वीडियो भी वायरल हुआ है। 24 फरवरी को  डीआईजी ने ग्रुप केंद्र खटखटी में 709 नए रंगरूटों को विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में भेजने के लिए रिसीव किया। शिकायत में लिखा है कि उन्होंने सरकार द्वारा निःशुल्क आपूर्ति की गई वर्दी के दो ट्रक मंगवाए। रंगरूटों को उनकी इच्छा के विरुद्ध 6000 रुपये प्रति रंगरूट, किट लेने के लिए मजबूर किया गया। शिकायतकर्ता ने जबरन वसूली के ऑडियो और वीडियो सबूत उपलब्ध कराए हैं। इस किट की बिक्री से 4254000 रुपये एकत्रित हुए। आरोप है कि आपूर्तिकर्ता ने 2000000 रुपये कथित तौर पर सीधे डीआईजी को भुगतान कर दिए। बताया गया कि उक्त डीआईजी बिष्ट दो मार्च से को एनडीआरएफ में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे थे। रंगरूटों ने इस मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। यह केस भी सीआरपीएफ हेडक्वार्टर तक पहुंचा है, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई हुई है या नहीं, इसका पता नहीं लग सका है। 

क्या कुलदीप यादव बनेंगे टीम इंडिया के ट्रंप कार्ड?

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भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। मैच नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले से पहले भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म बड़ी समस्या बनकर उभरी है। 

वरुण की मिस्ट्री हुई खत्म?

वरुण चक्रवर्ती को एक ‘मिस्ट्री गेंदबाज’ के रूप में लोकप्रियता मिली है। उनकी लेग स्पिन को समझ पाना बल्लेबाजों के लिए कड़ी परीक्षा से कम नहीं रहा है। अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी के दम पर आईपीएल और फिर पिछले दोसाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है। टी20 फॉर्मेट में आईसीसी रैंकिंग में वह पहले स्थान पर हैं। वरुण की वजह से कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जा रहा है, लेकिन टी20 विश्व कप में वरुण की रहस्यमयी गेंदबाजी का तोड़ संभवतः विपक्षी गेंदबाजों ने ढूंढ लिया है। वरुण ने टी20 विश्वकप 2026 टूर्नामेंट में अब तक आठ मैचों में 13 विकेट लिए हैं, लेकिन हाल के मैचों में उनकी गेंदबाजी का असर कम होता दिखा है। 

छोटी टीमों के खिलाफ असरदार थे वरुण

ग्रुप स्टेज में छोटी टीमों के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती असरदार रहे थे और चार मैचों में नौ विकेट निकाले थे, लेकिन सुपर-8 में पहुंचते ही उनका करिश्मा जैसे समाप्त हो गया है। विपक्षी टीम के बल्लेबाज उनकी गेंदों को आसानी से पढ़ पा रहे हैं और बिना किसी परेशानी के उनपर बड़ी हिट लगा रहे हैं। सुपर-8 के तीन मैचों में मंहगे रहते हुए महज तीन विकेट लेने वाले वरुण के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल तो बेहद निराशाजनक और भूलने वाला रहा। सेमीफाइनल में दाएं हाथ के इस स्पिनर ने चार ओवर में 64 रन देकर एक विकेट लिया। उनकी असरहीन गेंदबाजी की वजह से भारत का मैच फंस गया था। उसी मैच में जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में 33 रन देकर टीम को संभाला। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में वरुण ने चार ओवर में 40 रन खर्च किए थे, जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने चार ओवर में 35 रन दिए थे।खैर, भारतीय टीम ने फाइनल में जगह बना ली है। अब देखना होगा कि पिछले चार मैचों में बिल्कुल निष्प्रभावी रहे वरुण को हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव फाइनल की प्लेइंग इलेवन में बनाए रखते हैं या उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका देते हैं। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव लगातार वरुण के मिस्ट्री स्पिन पर भरोसा जताते रहे हैं। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उनकी अनोखी गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों की लय बिगाड़ सकती है, खासकर न्यूजीलैंड के मिडिल ऑर्डर के खिलाफ। वरुण मिडिल ओवरों में आक्रामक गेंदबाजी करने की भूमिका निभाते हैं और जरूरत पड़ने पर पावरप्ले में भी गेंदबाजी कर सकते हैं। इसके अलावा टीम मैनेजमेंट आमतौर पर जीतती हुई टीम में ज्यादा बदलाव करने से बचता है।कुलदीप यादव को मौका बेशक न मिला हो, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि वह मौजूदा समय में कलाई के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। कुलदीप को बड़े मैचों में खेलने का अनुभव है और उन्होंने अपने दम पर भारतीय टीम को जीत भी दिलाई है। इसलिए अगर उन्हें फाइनल में वरुण की जगह मौका मिलता है तो इसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। 54 टी20 मैचों में 95 विकेट ले चुके कुलदीप ने टी20 विश्व कप 2026 में एकमात्र मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला है। इस मैच में उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की थी और तीन ओवर में 14 रन देकर एक विकेट लिया था। कुलदीप का अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अच्छा रिकॉर्ड रहा है। 2023 वनडे विश्वकप के दौरान भी कुलदीप ने इसी मैदान पर मिडिल ओवरों में शानदार गेंदबाजी की थी। उनकी फ्लाइट और टर्न बड़े मैदान पर बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है।

अभिषेक शर्मा पर भी नजर

टीम चयन को लेकर एक और दिलचस्प पहलू अभिषेक शर्मा से जुड़ा है। उन्हें इस टूर्नामेंट में ज्यादा मौके मिले हैं, जबकि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है और उन्होंने सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है।ऐसे में फाइनल से पहले टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज है। उनकी ऑफ स्पिन के खिलाफ कमजोरी को सबने उजागर किया है। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के बाद से अभिषेक एक ही पैटर्न में आउट हुए हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की इस पर भी नजर होगी। हालांकि, फाइनल में एक बार फिर अभिषेक पर भरोसा जताया जा सकता है।
 

ट्रंप की रूसी तेल छूट पर भारत का दो टूक जवाब- हमें किसी की परमिशन की जरूरत नहीं

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नई दिल्ली|भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से जो 30 दिनों की छूट के ऐलान के बाद विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने साफ किया कि भारत राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा वहां से तेल खरीदेगा. सरकार ने कहा कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बना हुआ है, ऐसे में भारत सबसे बेहतर कीमतों की पेशकश करने वाले किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा|

भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित: केंद्र

केंद्र सरकार ने कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है. भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं. राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती दरें उपलब्ध हों. उन्नत रिफाइनरी क्षमता के कारण विभिन्न ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करना संभव है, जिससे आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है|

भारत ने शनिवार (7 मार्च 2026) को यह भी पुष्टि की है कि वह अमेरिका की ओर से दी गई अस्थायी छूट के बाद भी रूस से तेल आयात करना जारी रखेगा. यह छूट मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण दी गई थी. केंद्र ने कहा है कि नई दिल्ली को इस तरह की खरीदारी के लिए किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है|

भारत को परमिशन की जरूरत नहीं: केंद्र

सरकार ने कहा, ‘भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है. भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल का आयात जारी रखेगा और रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहेगा. रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन सालों के दौरान, भारत ने अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की आपत्तियों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखा. रियायती कीमतों और रिफाइनरी की मांग के कारण 2022 के बाद आयात में बढ़ोतरी हुई|’

रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है: केंद्र सरकार

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण ग्लोबल एनर्जी फ्लो और शिपिंग रूट बाधित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आ गया. अमेरिका ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को रूस पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील दी ताकि समुद्र में जहाजों पर लदे हुए रूस के तेल को भारत को बेचा जा सके. इसे लेकर केंद्र सरकार ने कहा, ‘रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है. इस छूट के जरिए रूस के साथ हमारे ट्रेड को नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है. भारत दुनिया के रिफाइन्ड प्रोडक्ट का निर्यातक है और ये स्थिति उनकी ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करती है|

Sriyansh Institute: शिक्षा और कौशल विकास में छात्रों के लिए आदर्श

आज के समय में शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है। बदलती हुई दुनिया में छात्रों को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो उन्हें व्यावहारिक कौशल, तकनीकी जानकारी और करियर मार्गदर्शन प्रदान करें। इसी उद्देश्य के साथ Sriyansh Institute शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह संस्थान छात्रों को आधुनिक शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण दोनों प्रदान करता है, जिससे वे अपने करियर और जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

शिक्षा का आधुनिक दृष्टिकोण

आज की शिक्षा केवल परीक्षा पास करने और डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। उद्योग और पेशेवर दुनिया में ऐसे उम्मीदवारों की आवश्यकता है जिनके पास तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता हो।

Sriyansh Institute छात्रों को एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ वे अपने अकादमिक और व्यावहारिक कौशल दोनों का संतुलित विकास कर सकें। संस्थान का उद्देश्य है कि छात्र न केवल ज्ञान प्राप्त करें बल्कि अपने कौशल और व्यक्तित्व का विकास भी करें।

छात्रों के लिए अवसर

आज के युवा अपने करियर को लेकर अधिक जागरूक हैं। उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधनों की आवश्यकता है ताकि वे अपने भविष्य के लिए सही निर्णय ले सकें।

Sriyansh Institute छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ मेंटॉरशिप और करियर मार्गदर्शन भी प्रदान करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और अपने लक्ष्यों के प्रति केंद्रित बनाना है।

कौशल विकास पर जोर

आधुनिक उद्योग केवल अकादमिक ज्ञान से संतुष्ट नहीं हैं। वे ऐसे उम्मीदवारों को महत्व देते हैं जिनके पास संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और तकनीकी ज्ञान हो।

Sriyansh Institute छात्रों को इन सभी कौशलों में प्रशिक्षित करता है और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। इससे छात्र उद्योग और पेशेवर दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

छात्र-केंद्रित और इंटरएक्टिव लर्निंग

किसी भी संस्थान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह छात्रों के सीखने के अनुभव को कैसे प्रबंधित करता है।

Sriyansh Institute छात्रों के लिए इंटरएक्टिव सेशन्स, प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और मेंटॉरशिप का आयोजन करता है। इससे छात्र अधिक आत्मविश्वासी और प्रेरित बनते हैं।

डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा

तकनीक ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। डिजिटल क्लासरूम और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म छात्रों को कहीं से भी सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।

Sriyansh Institute इन डिजिटल तकनीकों का उपयोग करता है ताकि छात्रों को शिक्षा के आधुनिक संसाधन मिल सकें और वे कहीं से भी सीख सकें।

करियर की तैयारी

आज के छात्रों के लिए केवल डिग्री लेना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अपने करियर के लिए तैयार होना भी आवश्यक है।

Sriyansh Institute छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग-सम्बंधित कौशल प्रदान करता है। संस्थान का मानना है कि शिक्षा तभी प्रभावी होती है जब वह छात्रों को व्यावहारिक दुनिया के लिए तैयार करे।

व्यक्तिगत और सामाजिक विकास

शिक्षा का प्रभाव केवल पेशेवर जीवन तक सीमित नहीं रहता। यह छात्र के व्यक्तित्व और सामाजिक जीवन को भी आकार देता है।

Sriyansh Institute छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर देता है। संस्थान छात्रों को नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित करता है।

भविष्य की शिक्षा की दिशा

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में शिक्षा अधिक व्यावहारिक और कौशल आधारित होगी। ऐसे समय में वे संस्थान अधिक सफल होंगे जो छात्रों को आधुनिक और रोजगार-केंद्रित शिक्षा प्रदान कर सकें।

Sriyansh Institute इस दृष्टिकोण के साथ छात्रों को तैयार करता है ताकि वे भविष्य में भी अपने करियर में सफल हो सकें।

निष्कर्ष

आज के समय में छात्रों को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो उन्हें आधुनिक शिक्षा, व्यावहारिक कौशल और करियर मार्गदर्शन सभी प्रदान कर सकें।

Sriyansh Institute इसी उद्देश्य के साथ छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन कर रहा है। संस्थान का लक्ष्य है कि छात्र न केवल ज्ञान प्राप्त करें बल्कि अपने कौशल और व्यक्तित्व का विकास करके अपने करियर में सफलता हासिल करें।

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फाइनल से पहले सैंटनर का ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जैसा अंदाज, क्या भारत के साथ माइंड गेम?

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार यानी आठ मार्च को टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा, जहां टीम इंडिया लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। मैच से पहले न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने ऐसा बयान दिया है, जिसने भारतीय फैंस को 2023 वनडे विश्व कप फाइनल की याद दिला दी है।

‘ट्रॉफी जीतने के लिए कुछ दिल तोड़ने पड़े तो कोई परेशानी नहीं होगी’

फाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा कि उनकी टीम भले ही इस मुकाबले में पसंदीदा नहीं है, लेकिन अगर ट्रॉफी जीतने के लिए उन्हें भारतीय प्रशंसकों के दिल तोड़ने पड़ें, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होगी। सैंटनर ने कहा कि उनकी टीम छोटे-छोटे मौकों को सही तरीके से भुनाकर मैच का रुख बदल सकती है और इसी भरोसे के साथ न्यूजीलैंड फाइनल में उतरेगा। सैंटनर ने कहा, ‘हर किसी को लगता है कि हम इस मैच में फेवरेट नहीं हैं, लेकिन हमें इससे फर्क नहीं पड़ता। अगर हम अपने छोटे-छोटे काम सही तरीके से करते हैं और टीम के तौर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो हमारे पास ट्रॉफी जीतने का अच्छा मौका होगा। अगर इसके लिए हमें कुछ दिल तोड़ने पड़ें, तो भी हमें कोई दिक्कत नहीं है।’

कमिंस के बयान की आई याद

सैंटनर का यह बयान भारतीय फैंस को 2023 वनडे विश्व कप फाइनल से पहले का वह पल याद दिलाता है, जब ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनका लक्ष्य अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद एकतरफा भारतीय दर्शकों को शांत कराना है। कमिंस का वह बयान बाद में सच साबित हुआ था, जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर विश्व कप जीत लिया था। अब ठीक उसी अंदाज में सैंटनर का बयान फाइनल से पहले चर्चा का विषय बन गया है।

फाइनल से पहले शानदार फॉर्म में न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में पहुंचने से पहले शानदार फॉर्म में दिखी है। सेमीफाइनल में उसने दक्षिण अफ्रीका को हराया, जो पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही थी। खास बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका ने इसी मैदान पर भारत को भी हराया था। सैंटनर का मानना है कि उनकी टीम उस जीत से आत्मविश्वास लेकर भारत के खिलाफ भी बड़ा उलटफेर कर सकती है। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में कई बार छोटे-छोटे पल मैच का नतीजा तय करते हैं और उनकी टीम उन पलों का फायदा उठाना चाहती है।

भारत पर होगा घरेलू दबाव

न्यूजीलैंड कप्तान ने यह भी कहा कि घरेलू मैदान पर फाइनल खेलने की वजह से भारत पर अतिरिक्त दबाव रहेगा। सैंटनर ने कहा, ‘भारत शानदार फॉर्म में है और खासतौर पर बल्लेबाजी में बहुत मजबूत दिख रहा है। हालांकि गेंदबाजी में वे शायद थोड़ा बेहतर करना चाहते होंगे, क्योंकि सेमीफाइनल में उन्होंने 240 रन से ज्यादा दिए थे। लेकिन दोनों टीमें अपनी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगी और जो टीम लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करेगी, वही ट्रॉफी जीतेगी।’
 

पीएम की ब्रिगेड मैदान रैली से पहले भूमि पूजन, BJP बोली—ममता सरकार से बदलाव चाहते लोग

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ का समापन 14 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल रैली के साथ होगा। रैली की तैयारियों के तहत शनिवार को ब्रिगेड मैदान में विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राजनीतिक परिवर्तन के लिए प्रार्थना

इस मौके पर खास तौर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव उपस्थित रहे। उनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, राज्य सह-अध्यक्ष राजू बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। नेताओं ने रैली की सफलता और राज्य में राजनीतिक परिवर्तन के लिए प्रार्थना की।

राजनीतिक नहीं, राज्य की जनता की रैली; लाखों लोग शामिल होंगे

कार्यक्रम के बाद समाचार माध्यमों से बातचीत करते हुए भाजपा के राज्य सह-अध्यक्ष राजू बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री की आगामी रैली पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल की रैली नहीं, बल्कि राज्य की जनता की रैली होगी, जिसमें लाखों लोग शामिल होंगे।

मौजूदा शासन व्यवस्था से आम लोग परेशान

राजू बनर्जी ने दावा किया कि रैली के दिन ब्रिगेड मैदान में चारों ओर सिर्फ लोगों का जनसैलाब दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जितनी संख्या का अनुमान लगा रही है, उससे कई गुना अधिक लोग रैली में पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक भाजपा के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होंगे, क्योंकि राज्य की मौजूदा शासन व्यवस्था से आम लोग परेशान हैं और अब बदलाव चाहते हैं।

‘पलटन दरकार, बीजेपी सरकार’ का नारा

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रही व्यवस्था से लोग निजात चाहते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने नारा दिया है— ‘पलटन दरकार, बीजेपी सरकार।’ उनके अनुसार यह नारा अब बंगाल की जनता की आवाज बनता जा रहा है।

राज्य में अपशासन और भ्रष्टाचार का माहौल, जनता बदलाव चाहती है

राजू बनर्जी ने बताया कि भूमि पूजन के दौरान देवी-देवताओं से प्रार्थना की गई कि पश्चिम बंगाल की जनता को वर्तमान सरकार के कारण जो दुख और कष्ट झेलने पड़ रहे हैं, उससे उन्हें मुक्ति मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपशासन और भ्रष्टाचार का माहौल है और जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह जनता की रैली है, तो क्या तृणमूल कांग्रेस की सरकार लोगों को इसमें आने से रोक पाएगी।

धरने के दूसरे दिन ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, बोलीं- ज्यादा दबाव डाला तो गिरा दूंगी सरकार

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कोलकाता|पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने धरना कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ज्यादा दबाव बनाया गया तो वह दिल्ली की सरकार भी गिरा सकती हैं। उन्होंने कहा, मैं जानती हूं चंद्रबाबू नायडू की दया पर तुम्हारी सरकार बनी हुई है।

‘लोकतंत्र की रक्षा करना भी जानते हैं’

कोलकाता में जारी धरना मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि बंगाल की जनता को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “वोट काटकर बंगाल को बांटने की कोशिश पहले भी की गई, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। बंगाल लड़ना जानता है और यहां के लोग लोकतंत्र की रक्षा करना भी जानते हैं।

‘दिल्ली की सत्ता को भी चुनौती देने से पीछे नहीं’

ममता बनर्जी ने केंद्र की गठबंधन राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली की मौजूदा सरकार सहयोगी दलों के सहारे टिकी हुई है। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू का नाम लेते हुअ कहा, कुछ लोग दूसरों की दया पर टिके हुए हैं, और यदि स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो वह दिल्ली की सत्ता को भी चुनौती देने से पीछे नहीं हटेंगी।

राज्यपाल को क्यों हटाया गया?

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के मुद्दे को लेकर भी संकेतात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह सब कुछ जानती हैं कि राज्यपाल को क्यों हटाया गया, लेकिन फिलहाल इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगी। इतना जरूर कहा कि राज्यपाल को धमकी दी गई थी।

गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध

धरना मंच से मुख्यमंत्री ने महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि आगामी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर वे काली साड़ी पहनकर और बर्तनों के साथ सड़कों पर उतरें तथा गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध दर्ज कराएं।

भाजपा बंगाल में राजनीतिक फायदा उठाने की ताक में

ममता बनर्जी ने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है और केंद्र सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में राजनीतिक फायदा उठाने के लिए माहौल को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य की जनता इसे सफल नहीं होने देगी।