टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया मालामाल, BCCI देगा ₹131 करोड़

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टी -20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने तीसरे बार ये खिताब अपने नाम कर लिया है. विश्व विजेता बनने वाली इस टीम पर जमकर पैसो की बारिश हो रही है. इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( BCCI ) ने टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए 131 करोड़ रुपये की भारी-भरकम इनामी राशि का ऐलान किया है. बीसीसीआई की तरफ से ये घोषणा 10 मार्च मंगलवार को की गई.

इनके बीच बंटेगी इनामी राशि

बीसीसीआई की तरफ से दी जाने वाली 131 करोड़ की इनामी राशि केवल खिलाड़ियों के लिए नहीं बल्कि कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ और चयकर्ताओं के बीच भी बांटी जाएंगी. एक बात और ये इनामी राशि आईसीसी की तरफ से मिलने वाली 27 करोड़ के अतिरिक्त हैं. बता दें जब भारत ने साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम ने ये खिताब जीता था तब बोर्ड की तरफ से 125 करोड़ रुपये की इनामी राशि का ऐलान किया गया था.

इस बार 6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी

इस बार बीसीसीआई ने इनाम की राशि को 6 करोड़ रुपये बढ़ाकर 131 करोड़ कर दिया है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बोनस राशि है. बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि घरेलू मैदान पर खिताब डिफेंड करना एक बड़ी उपलब्धि है, इसलिए खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए यह राशि बढ़ाई गई है.बता दें कि रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था. इस जीत के साथ भारत ने अपना टी20 वर्ल्ड कप खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड किया. भारत टूर्नामेंट के इतिहास में बैक टू बैक खिताब जीतने वाली पहली टीम बन चुका है|

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News Desk

निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की दीवार गिरी, 7 मजदूरों की मौत

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गुरुग्राम/भिवाड़ी: हरियाणा के गुरुग्राम में सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया. ग्लोबल सिग्नेचर सोसाइटी में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की दीवार अचानक से गिर गई. हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. हरियाणा राजस्थान के बॉर्डर इलाके में ये हादसा हुआ है. पास में अस्पताल होने के चलते मृतकों और घायलों को राजस्थान के भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और मजदूरों को मिट्टी से निकालने के लिए घंटों तक ऑपरेशन चलाया.

गुरुग्राम में दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत: जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम की ग्लोबल सिग्नेचर सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम चल रहा था. रात 8 बजे के करीब अचानक से बेसमेंट में मिट्टी की दीवार गिर गई. हादसे में 10 मजदूर दब गए. मौके पर मौजूद दूसरे मजदूरों ने राहत बचाव का काम शुरू किया और हादसे की सूचना पुलिस को दी. एम्बुलेंस की मदद से मृतकों और मरीजों को राजस्थान के भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल लाया गया.

‘मृतकों की संख्या में हो सकता है इजाफा’: भिवाड़ी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सागर अरोड़ा ने बताया कि “भिवाड़ी के नजदीक हरियाणा क्षेत्र में कापड़ियावास स्थित सिगनेचर ग्लोबल बिल्डर सोसाइटी में मिट्टी खुदाई के दौरान मिट्टी में दबने से 7 श्रमिकों की मौत हुई है. 7 श्रमिकों के शव भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल में पहुंचे हैं. जिनको मृत घोषित कर दिया गया है. मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. मामले की सूचना राजस्थान पुलिस के अलावा हरियाणा पुलिस को भी दी गई है. मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंच रहे हैं.”

मजदूरों के परिजनों में रोष: मजदूरों के परिजनों का कहना है कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में श्रमिकों के परिजन पहुंच रहे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से पूरे मामले पर लापरवाही बरती जा रही है. श्रमिकों के परिजनों को साइट पर अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है. मृतक श्रमिकों के परिजन गुस्से में हैं और अपना विरोध भी दर्ज करवा रहे हैं.

पुलिस मामले की जांच में जुटी: भिवाड़ी के एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि मरने वालों में परमेश्वर उम्र 52 साल, भरतपुर के सतीश उम्र 35 साल, भागीरथ उम्र 50 साल, मंगल उम्र 32 साल, शामिल हैं. जबकि तीन लोगों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस ने मामले की सूचना हरियाणा पुलिस को दी है. साथ ही मृतकों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई है.

 

यूके राइडर के एक्सीडेंट के बाद भाई का बड़ा बयान, बोले- अब करूंगा अनुराग डोभाल का पर्दाफाश

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यूट्यूबर अनुराग डोभाल इन दिनों सुर्खियाें में हैं। एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान इस यूट्यूबर का खतरनाक एक्सीडेंट हो गया। इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती हैं। पिछले दिनों एक व्लॉग में अनुराग डोभाल ने अपने परिवार पर गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही डिप्रेशन में होने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर यह मामला अब कंट्रोवर्सी का रूप ले चुका है। 

अनुराग डोभाल के भाई ने पोस्ट करके बताई सच्चाई 

अनुराग डोभाल के एक्सीडेंट के बाद सिर्फ पत्नी ही उन्हें देखने पहुंची, परिवार से दूसरी बनाई रखी। इसी बीच अनुराग डोभाल के भाई कलम ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट करते हुए कई चौंकाने वाली बात नेटिजंस को बताई हैं। जल्द ही वह सबूत के साथ यूके राइडर 07 का पर्दाफाश करेंगे।वह अपनी पोस्ट में लिखते हैं, ‘मैं कल एक वीडियो सबूत के साथ पोस्ट करूंगा। जो कुछ मेरे और परिवार के साथ हुआ, उस बारे में बताऊंगा। मैं दो दिन से चुप था क्योंकि मुझे अपने परिवार की देखभाल करनी है। मेरे मम्मी-पापा ने बहुत कुछ सहा है। मुझे नहीं पता कि यह वक्त मेरे माता-पिता कैसे काटेंगे। लेकिन जिससे पहले देर हो, मैं सच को सामने लाना चाहता हूं। मैं इस मामले को लीगल तरीके से आगे बढ़ाऊंगा, मुझे भारत के कानून पर पूरा भरोसा है।’

लोगों को इमोशनल बनाकर सच से दूर रख रहे हैं अनुराग डोभाल 

कलम अपनी पोस्ट में आगे लिखते हैं, ‘जो सच होगा, वो सामने आकर ही रहेगा। बात यहां सच की है। सच के लिए अगर मुझे किसी भी हद तक जाना पड़े तो मैं जाऊंगा। अभी तक आप लोगों को बस इमोशनल करके सच से दूर रखा गया है। जो कुछ हुआ, उसका मुझे और मेरे माता-पिता को भी बुरा लगा है। पर इस वजह से झूठ सच नहीं हो जाता है। अभी तक जो भी आरोप मुझे पर, मेरी होने वाली वाइफ पर, मेरे मां और पापा पर लगाए गए हैं, उसका कोई सबूत नहीं दिया गया है। मैंने दो घंटे की वीडियो में सारे सबूत अपने ब्रॉडकास्ट पर डाले हैं।’कलम ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पोस्ट में लिखा, ‘जब दूसरी तरफ से कोई सबूत नहीं दिया गया तो ऐसा कदम उठाया गया।। लोग सही और गलत को, भूल कर बस इमोशन में आकर सपोर्ट करने लगे। क्या अभी तक मुझ पर लगे आरोप का सबूत दिया गया? मैं चाहूंगा कि अगर मैं गलत हूं, जैसे बताया जा रहा है तो उसका प्रूफ दीजिए। बाकी बातें कल के वीडियो में होगी। भगवान सच को नहीं छुपने देंगे, मुझे भरोसा है। अगर में गलत हूं तो सजा के लिए तैयार हूं। अगर मैं सही हूं, तो इंसाफ भी अब वो लोग दिलाएंगे, जो अभी तक मुझ पर, मेरे मां-बाप को गालियां दे रहे हैं।’

अनुराग डोभाल ने परिवार पर क्या आरोप लगाए थे? 

यूट्यूबर अनुराग ने कुछ दिन पहले एक वीडियो पोस्ट करते हुए बताया था कि पत्नी रितिका उसे छोड़कर चली गई है। वह सुसाइड करने के बारे में भी सोच रहा है। अपनी वीडियो में अनुराग ने कहा था, ‘मेरी मौत के जिम्मेदार मम्मी, पापा, कलम (भाई) और श्रेया हैं। मेरे पास करने के लिए कुछ नहीं बचा है। मैं बहुत परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि यह फीलिंग कैसे खत्म करूं? इस वीडियो के बाद शायद मैं गायब हो जाऊंगा। मैं बस सोना चाहता हूं। पांच दिन से कुछ खाया नहीं है, दिमाग एकदम खत्म हो गया है।’ इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स के रिएक्शन भी सामने आए। कुछ लोगों ने अनुराग की हरकत को पब्लिसिटी स्टंट कहा तो कुछ लोगों ने उनको सपोर्ट किया। जब इस यूट्यूबर ने तनाव की स्थिति में अपना एक्सीडेंट कर लिया तो कई लोग उसके सपाेर्ट में उतर आए हैं।

 

क्यों जसप्रीत बुमराह को कहा जा रहा गेंदबाजी का सचिन तेंदुलकर?

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भारतीय क्रिकेट में जब महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सबसे पहले नाम सचिन तेंदुलकर का लिया जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया, वह आज भी बेमिसाल है, लेकिन अगर गेंदबाजी की बात की जाए तो आज के दौर में एक ऐसा खिलाड़ी है जिसकी तुलना सचिन के प्रभाव से की जा सकती है, और वह खिलाड़ी हैं जसप्रीत बुमराह।कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह भारतीय गेंदबाजी के ‘सचिन तेंदुलकर’ हैं। दोनों की कला अलग है, एक बल्ले से जादू करता था, दूसरा गेंद से, लेकिन प्रभाव, क्रिकेटिंग समझ और बड़े मौकों पर प्रदर्शन की क्षमता के मामले में दोनों में अद्भुत समानता दिखती है।

प्रैक्टिस का अनोखा तरीका

सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दिनों को देखने वाले लोगों को याद होगा कि उन्होंने अपने करियर के एक दौर के बाद भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ नेट्स में बल्लेबाजी करना लगभग बंद कर दिया था। वे अक्सर कोच या सहयोगियों से थ्रोडाउन लेकर अभ्यास करते थे। बुमराह का तरीका भी कुछ हद तक ऐसा ही है। वह नेट्स में बल्लेबाजों को कुछ गेंदें जरूर डालते हैं, लेकिन उनका अधिकांश अभ्यास अपने गेंदबाजी प्लान पर केंद्रित होता है कि किस बल्लेबाज को क्या गेंद डालनी है, किस लंबाई पर गेंद फेंकनी है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले मोटेरा स्टेडियम में ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला। जब बाकी बल्लेबाज सेंटर विकेट पर अभ्यास कर रहे थे, तब बुमराह मुख्य मैदान से बाहर नेट्स में अपनी ब्लॉकहोल डिलीवरी पर काम कर रहे थे। उनके सामने स्टंप के पास गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्केल के जूते रखे गए थे ताकि वह उसी जगह गेंद डालने का अभ्यास कर सकें।

सिराज की मजेदार टिप्पणी

जब बुमराह लगातार उसी जगह गेंद डाल रहे थे, तब उनके टेस्ट मैचों के नए गेंद साझेदार मोहम्मद सिराज ने मजाक में कहा ‘जस्सी भाई, आपको अगर रात के दो बजे भी नींद से जगाया जाए तो भी आप गेंद इसी जगह डालेंगे।’ यह एक हल्की-फुल्की टिप्पणी थी, लेकिन इससे टीम के भीतर बुमराह के प्रति सम्मान साफ झलकता है। बुमराह बस मुस्कुराए और अभ्यास जारी रखा। आखिरकार उन्होंने इतनी बार उसी जगह गेंद डाली कि मोर्केल का जूता ही खराब हो गया।

मैच जिताने वाले गेंदबाज

बुमराह हर मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ नहीं बनते, लेकिन अगर भारत के बड़े मुकाबलों के स्कोरकार्ड देखें तो अक्सर जीत की नींव उन्होंने ही रखी होती है। कई बार उनके साथी खिलाड़ियों ने उस प्रदर्शन को आगे बढ़ाया, और कई बार नहीं भी, लेकिन हाल ही में हुए टी20 विश्व कप में टीम इंडिया के किसी अन्य खिलाड़ी ने वैसी जादुई झलकियां नहीं दिखाई हैं जैसी बुमराह ने दिखाई हैं।

जादुई गेंदें और बड़े विकेट

टी20 विश्व कप 2026 के दौरान बुमराह ने कई यादगार गेंदें डाली हैं। आइए जानते हैं-पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने सैम अयूब को ऐसी यॉर्कर डाली जो सीधे पैर पर लगी और बल्लेबाज पूरी तरह चकित रह गया।दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रेयान रिकेलटन के खिलाफ उन्होंने एक शानदार इनस्विंग डिलीवरी डाली जो बल्ले के किनारे से बाल-बाल बचती हुई निकल गई। इसके बाद उन्होंने धीमी गेंद डाली जिससे बल्लेबाज क्रीज पर ही जड़ हो गया और आसान कैच दे बैठा।वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में भी बुमराह का प्रभाव देखने को मिला। उन्होंने रोस्टन चेज को एक ही मैच में दो बार आउट करने का मौका बनाया। पहली बार चेज ने जल्दबाजी में हवाई शॉट खेला, लेकिन अभिषेक शर्मा ने कैच छोड़ दिया। दूसरी बार बुमराह ने बिना हाथ की गति बदले ऑफ-ब्रेक जैसी पकड़ से गेंद फेंकी और चेज को चलता कर दिया।इंग्लैंड के खिलाफ 16वें और 18वें ओवर में बुमराह ने यॉर्कर और स्लोअर वन की बौछार कर दी। भारत की जीत में उनका अहम योगदान रहा। वहीं, हैरी ब्रूक को उन्होंने अपनी चतुराई भरी गेंद से पवेलियन भेजा। आमतौर पर जब बुमराह गेंदबाजी के लिए आते हैं, तो बल्लेबाज सोचता है कि वह तेज गेंद डालेंगे, लेकिन बुमराह ने स्लोअर वन फेंकी और ब्रूक हवा में गेंद खेल बैठे और अक्षर ने शानदार कैच लपका।फाइनल में रचिन रवींद्र को भी उन्होंने स्लोअर वन फेंकी और कैच आउट कराया। फिर नीशम और मैट हेनरी को उन्होंने स्लो यॉर्कर फेंकी और बल्लेबाज को बिल्कुल अंदाजा नहीं लगा।

डॉट गेंदों का दबदबा

नीदरलैंड्स और नामीबिया को छोड़ दें तो टेस्ट खेलने वाली टीमों के खिलाफ बुमराह ने छह मैचों में कुल 52 डॉट गेंदें डाली हैं। यानी औसतन हर मैच में आठ से ज्यादा डॉट गेंदें। टी20 क्रिकेट में यह आंकड़ा किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है। कई बार ऐसा लगता है जैसे बुमराह किसी कठपुतली के उस्ताद की तरह बल्लेबाजों को नचा रहे हों। मानो उनके हाथ में अदृश्य धागा हो और बल्लेबाज उसी के इशारों पर खेल रहे हों। बुमराह टी20 विश्वकप 2026 में आठ मैचों में 14 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनका 6.21 का इकोनॉमी रेट भी सबसे शानदार रहा।

आलोचना भी झेलनी पड़ी

हालांकि कुछ महीने पहले तक बुमराह आलोचनाओं के घेरे में भी थे। 2025 में इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्होंने केवल तीन टेस्ट मैच खेले थे। तब कुछ लोगों ने उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए थे। असल में बुमराह ने पहले ही साफ कर दिया था कि उनका शरीर इंग्लैंड की परिस्थितियों में तीन मैचों से ज्यादा का दबाव नहीं झेल पाएगा, लेकिन इसके बावजूद उनकी आलोचना हुई। इसके बाद जब वह चैंपियंस ट्रॉफी नहीं खेल पाए और आईपीएल में उतरे तो आलोचकों ने कहा कि खिलाड़ी आईपीएल छोड़ना नहीं चाहते। हालांकि यही लोग शायद ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस के बारे में ऐसा नहीं कहते, जो चोट के कारण टी20 विश्व कप नहीं खेल पाए लेकिन आईपीएल में उपलब्ध हो सकते हैं।

2022 में कहा गया था करियर खत्म हो गया

सचिन के साथ भी एक दौर ऐसा आया था (2005 के आसपास), जब कहा गया था कि सचिन का बल्ला नहीं चल रहा, वो नहीं खेल पा रहे। सवाल उठने लगे थे, लेकिन इसके बाद सचिन ने आलोचकों के मुंह पर ऐसा तमाचा जड़ा कि वह फिर कभी कुछ बोल नहीं पाए। 2006 से 2011 तक, उन्होंने हर साल 40 से ज्यादा की औसत से रन बनाए। वैसे ही, 2022 में जब बुमराह को बैक स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ था, तो सबने कहा था कि उनका करियर खत्म, वगैरह और पता नहीं क्या-क्या, लेकिन बुमराह ने वापसी की और क्या जबरदस्त वापसी की।2023 में भारत उनके दम पर फाइनल में पहुंचा। 2024 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे बुमराह के योगदान को कौन भूल सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने टीम इंडिया की जबरदस्त वापसी कराई और भारत ने 119 रन का बचाव किया था। वहीं, फाइनल में बुमराह के यॉर्कर ने भारत को जीत दिलाई थी। अब 2026 में वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट तो नहीं, बने लेकिन प्लेयर ऑफ द फाइनल रहे। एक और बड़ा टूर्नामेंट और एक बार और बुमराह की शानदार गेंदबाजी। कहानी कुछ वैसी ही रही है।

अंदर से बेहद मजबूत इंसान

जो लोग बुमराह को करीब से जानते हैं, उनका कहना है कि वह बेहद आत्मविश्वासी और शांत स्वभाव के इंसान हैं। उन्हें इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं। उनके आसपास मानो एक अदृश्य घेरा है जिसमें बहुत कम लोग ही प्रवेश कर पाते हैं। जैसे वह गेंदबाजी में एक इंच भी ढील नहीं देते, वैसे ही अपने निजी जीवन में भी सीमाएं तय रखते हैं।

अहमदाबाद से खास लगाव

बुमराह को दुनिया की कोई भी जगह मिल जाए, लेकिन वह अहमदाबाद छोड़ना नहीं चाहते। मुंबई का अपना आकर्षण है, लेकिन अहमदाबाद उनके लिए शांति का घर है। यहीं वह अपने छोटे बेटे को प्ले-स्कूल छोड़ सकते हैं, बिना कैमरों की भीड़ के। रात के समय दोस्तों के साथ पिकलबॉल खेल सकते हैं और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

टीम के भीतर लीडर

चोटों के कारण चयनकर्ता उन्हें लंबे समय के लिए कप्तान नहीं बना सके, लेकिन टीम के अंदर वह एक ऐसे लीडर हैं जो अपने प्रदर्शन से रास्ता दिखाते हैं। वह बताते हैं कि मैच कैसे जीता जाता है। जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी एक जटिल कला है। उनकी एक्शन, उनकी गति, उनकी यॉर्कर, सब कुछ अलग है, लेकिन दिल से वह बेहद सरल इंसान हैं। क्रिकेट की दुनिया में वह सचमुच अपनी तरह के अकेले खिलाड़ी हैं। इसलिए उन्हें सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली ‘राष्ट्रीय धरोहर’ बता चुके हैं। 

हिंसा के बाद पश्चिम गारो हिल्स में कर्फ्यू लागू

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गारो हिल्स| स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) चुनाव नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी हिंसा के बाद मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके बाद  मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू 10 मार्च को लगाया गया था और यह 24 घंटे तक लागू रहेगा, जबकि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 48 घंटे तक निलंबित रहेंगी।

उपद्रवियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ किया

सोमवार शाम को जिले के चिबिनांग इलाके में उपद्रवियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ किया। इसके बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट विभोर अग्रवाल ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक शांति और व्यवस्था में व्यवधान की संभावना से संबंधित सूचनाओं के बाद लिया गया, जिससे जिले में मानव जीवन और संपत्ति को खतरा हो सकता है। इस आदेश के तहत कर्फ्यू की अवधि के दौरान पश्चिम गारो हिल्स जिले की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना प्रतिबंधित है।

इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए निलंबित

अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ये प्रतिबंध आवश्यक और उचित थे। इनका उद्देश्य सार्वजनिक शांति में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना था। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने अफवाहों के प्रसार को रोकने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर 10 मार्च से पश्चिम गारो हिल्स जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है।

मजिस्ट्रेटों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में डेरा डाले हुए हैं। स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस और सीआरपीएफ कड़ी निगरानी रख रहे हैं। जीएचएडीसी द्वारा जारी एक हालिया अधिसूचना को लेकर विवाद के बीच दुकानों में तोड़फोड़ की घटना घटी, जिसमें उम्मीदवारों को 10 अप्रैल को होने वाले परिषद चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय वैध अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता थी। गृह एवं जिला परिषद मामलों के प्रभारी आयुक्त एवं सचिव, सिरिल डिएंगडोह ने कहा कि सरकार ने पश्चिम गारो हिल्स सहित सभी उप आयुक्तों को सामुदायिक नेताओं के साथ शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और शांति बनाए रखने की अपील करने का निर्देश दिया है।

शांति की अपील की

डिएंगडोह ने पीटीआई को बताया, “हमने डीसी को सभी समुदायों को बुलाने और शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और शांति की अपील करने के लिए कहा है।” उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिक सुरक्षा कर्मियों की मांग के बाद जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “और अधिक बल भेजे जाएंगे।” उन्होंने कहा कि पश्चिम गारो हिल्स के उप आयुक्त को एक ऐसे उम्मीदवार के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है जिसे अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था।

नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 16 मार्च

जीएचएडीसी चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है और यह 16 मार्च तक जारी रहेगी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 17 मार्च को निर्धारित है।पहले दिन किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया, क्योंकि राजनीतिक दलों ने उपायुक्त कार्यालय में ब्रीफिंग के बाद ही नामांकन पत्र एकत्र किए। डिएंगडोह ने आगे कहा, “नामांकन अवधि बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं और रिपोर्टों का इंतजार कर रहे हैं। जैसे-जैसे स्थिति आगे बढ़ेगी, हम देखेंगे।”

पंकज कपूर ने बच्चों की तारीफ करते हुए कहा— शाहिद कपूर ने अपने दम पर बनाई पहचान

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दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर ने हाल ही में अपने बच्चों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके बेटे शाहिद कपूर ने मनोरंजन जगत में अपनी पहचान पूरी तरह अपनी मेहनत के दम पर बनाई है।

वे खुद अपनी मेहनत से आगे बढ़ें

टाइम्स नाउ से बातचीत के दौरान पंकज कपूर ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को ऐसे संस्कार दिए हैं कि वे खुद अपनी मेहनत से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, ‘अगर आप जीतते हैं तो आपको एक विजेता होने का आत्मविश्वास मिलता है और अगर हारते हैं तो आपको समझ आता है कि आपने कहां गलती की। यही चीज मैंने अपने सभी बच्चों को दी है।’उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैं अपने बच्चों को काम करते और अपने पैरों पर खड़े होते देखता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। आजकल दर्शकों के बीच भी यह एक चलन है कि वे यह नहीं बताते कि वे मेरे बच्चे हैं।’

शाहिद ने अपने दम पर सब हासिल किया 

पंकज कपूर ने बताया कि उनके बच्चे खुद ऑडिशन देने जाते हैं और जब उनका चयन होता है तो उन्हें खुद पर गर्व महसूस होता है। यह किसी के पिता या भाई के नाम की वजह से नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘शाहिद के साथ भी यही सच था। उसने भी अपने दम पर खड़ा होकर सब कुछ हासिल किया है। आज वह जहां भी है, अपनी मेहनत की वजह से है। हां, इतना जरूर था कि उसे पता था कि जरूरत पड़ने पर उसका पिता हमेशा उसके साथ है।’बता दें कि शाहिद कपूर, पंकज कपूर और नीलिमा अजीम के बेटे हैं। दोनों की शादी साल 1979 में हुई थी, लेकिन 1984 में उनका तलाक हो गया। तलाक के बाद पंकज कपूर ने 1988 में सुप्रिया पाठक से शादी की। इस शादी से उनके दो बच्चे हैं- सनाह कपूर और रुहान कपूर।

बेटे के साथ हुए व्यवहार पर बोले संजू सैमसन के पिता—उम्मीद है अब ऐसा नहीं होगा

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संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम तीन मुकाबलों में शानदार पारियां खेलकर भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। पिता सैमसन विश्वनाथ ने बेटे के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए बताया कि करियर के शुरुआती दौर में संजू को डिस्टर्ब किया गया था। 

सैमसन के पिता क्या बोले?

संजू सैमसन के पिता ने कहा, ‘मैं अपने बेटे के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं। मेरे बेटे को लोगों ने डिस्टर्ब किया। उन्हें काफी परेशान किया। उम्मीद है कि कुछ दिनों के लिए अब ऐसा नहीं होगा।’ संजू सैमसन के पिता दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे, जो खुद एक फुटबॉल खिलाड़ी रहे। संजू ने दिल्ली में पढ़ाई की और यहीं क्रिकेट की कोचिंग भी ली, लेकिन जब शानदार प्रदर्शन के बावजूद बेटे का अंडर-13 टीम में चयन नहीं हो सका, तो पिता ने वीआरएस ले लिया। वह केरल चले गए, जहां संजू ने ट्रेनिंग ली और जूनियर स्तर पर अपनी चमक बिखेरी।

‘क्या उन्हें टीम में मौका दिया जाएगा?’

सैमसन विश्वनाथ ने बताया, ’18 साल की उम्र में मुझे दिल्ली पुलिस में नौकरी मिल गई थी। मैं 19 की उम्र से दिल्ली पुलिस की फुटबॉल टीम का हिस्सा रहा और 42 की उम्र तक वहीं रहा। मेरे बच्चे बचपन में दिल्ली में ही पले। संजू सैमसन ने एक ही टूर में 500 रन बनाए, लेकिन टीम में जगह नहीं मिल सकी। ये कहा गया कि संजू 10 साल के हैं। ये टूर्नामेंट 13 साल के बच्चों के लिए है। अगर ऐसा ही था, तो मेसी 17 साल की उम्र में, सचिन तेंदुलकर 15 साल की उम्र में टीम में थे। आप कम उम्र की वजह से संजू को टीम में शामिल नहीं कर रहे थे। अगर ऐसा ही शानदार प्रदर्शन अगले साल नहीं होता, तो क्या उन्हें टीम में मौका दिया जाएगा?’

‘मैं सभी खराब चीजों को भूल गया हूं’

उन्होंने कहा, ‘जब बच्चे ने अच्छा प्रदर्शन किया, तो उसे उसका इनाम मिलना चाहिए। जब अंडर-13 में संजू को दिल्ली स्टेट टीम में नहीं चुना गया, तो मैंने वापस केरल लौटने का फैसला लिया। हालांकि, मेरी पत्नी ने इसे लेकर सवाल किए, लेकिन मैंने कहा कि संजू 10 साल की उम्र में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे हैं, वैसा 17 साल की उम्र में नहीं खेल सकेंगे। वो आम बच्चों जैसे ही हो जाएंगे। मुझे यकीन था कि अगर केरल जाकर हमारे बेटे ने शानदार प्रदर्शन किया, तो पूरा केरल उसका दीवाना हो जाएगा। मैंने नौकरी छोड़ दी। मैंने कुछ लोगों को संजू से माफी मांगते हुए देखा है। मैं सभी खराब चीजों को भूल गया हूं। मेरे लिए अब सब कुछ अच्छा है।’

केरल सरकार करेगी सम्मान

विश्व कप में सैमसन के यादगार प्रदर्शन के बाद पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने संजू सैमसन का शानदार स्वागत करने का निर्णय लिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने सोमवार को घोषणा की कि भारतीय टीम को टी20 विश्व कप फाइनल में शानदार जीत दिलाने वाले इस क्रिकेटर का राज्य सरकार सम्मान करेगी। मंत्री शिवनकुट्टी ने कहा कि राज्य सैमसन की कामयाबी का जश्न इस तरह मनाना चाहता है। सैमसन केरल के लिए गर्व का विषय है। सैमसन की कामयाबी ने राज्य भर के हजारों युवा क्रिकेटरों को प्रेरित किया है। 

केंद्र और राज्यों से पॉलिसी बनाने को कहा

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक पीडि़तों के पुनर्वास को लेकर केंद्र और राज्यों को अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे तेजाब हमले के पीडि़तों को सरकारी नौकरी देने के लिए स्पष्ट नीति तैयार करें। अगर किसी कारणवश उन्हें सरकारी रोजगार देना संभव नहीं है, तो उनके लिए जीवन निर्वाह भत्ता या गुजारा भत्ता देने की योजना बनाई जाए। यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिए। पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी पूछा कि सरकारी विभागों और एजेंसियों में नौकरियों के माध्यम से एसिड अटैक पीडि़तों के पुनर्वास के लिए अब तक कोई ठोस योजना क्यों नहीं बनाई गई। अदालत ने सरकारों से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यदि किसी राज्य को एसिड अटैक पीडि़तों को सरकारी नौकरी देने में लॉजिस्टिक समस्याएं आती हैं, तो कम से कम उनके लिए निर्वाह भत्ता देने की नीति तो बनाई ही जा सकती है, ताकि पीडि़तों को आर्थिक सहारा मिल सके। मामले की सुनवाई के दौरान पीडि़ता शाहीन मलिक ने अदालत से अनुरोध किया कि वह अपनी पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के माध्यम से कराना चाहती हैं।
अदालत ने सिद्धार्थ लूथरा से इस मामले को नि:शुल्क आधार पर लेने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। पीडि़ता ने इस संवेदनशील मामले में समयबद्ध सुनवाई की भी मांग की। अदालत को बताया गया कि एसिड अटैक पीडि़ताओं को बैंक खाता खोलने, आधार कार्ड बनवाने, संपत्ति की रजिस्ट्री कराने या मोबाइल सिम कार्ड लेने जैसी प्रक्रियाओं में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया में पलकें झपकाने या उंगलियों के निशान देने जैसी बायोमेट्रिक प्रक्रियाएं कई बार उनके लिए संभव नहीं होतीं। इस पर पीडि़ताओं ने अदालत से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार को निर्देश दिए जाएं कि डिजिटल केवाईसी के लिए समावेशी और वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। अदालत ने कहा कि सरकार का जवाब आने के बाद मामले की आगे सुनवाई की जाएगी।

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News Desk

‘धुरंधर 2’ के पोस्टर में दिखा खतरनाक अंदाज, रणवीर सिंह को देखकर फैंस बोले- माइंड ब्लोइंग

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निर्देशक आदित्य धर ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (धुरंधर 2) का नया पोस्टर जारी करके फैंस को उत्साहित कर दिया है। यह पोस्टर 19 मार्च 2026 से पहले जारी किया गया है, जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। फैंस पोस्टर में रणवीर सिंह के दोनों लुक को लेकर काफी उत्सुक हैं।

‘धुरंधर: द रिवेंज’ का नया पोस्टर

‘धुरंधर 2’ के नए पोस्टर में रणवीर सिंह दो अलग-अलग किरदारों में दिख रहे हैं- जसकिरत सिंह रंगी और हमजा अली मजारी। उन्होंने पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा, ‘ईश्वर का प्रकोप आ रहा है’। फिल्म के पोस्टर को देखने के बाद फैंस काफी उत्साहित हैं।

‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर फैंस हैं उत्साहित

फैंस ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह के लुक को देखकर बहुत खुश हैं। सोशल मीडिया पर लोग तारीफ कर रहे हैं और फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही फैंस पोस्टर और फिल्म को लेकर अपनी राय पेश कर रहे हैं।एक फैन ने लिखा, ‘बेसब्री से इंतजार है’| रणवीर सिंह के फैंस उन्हें प्यार से बाबा बुलाते हैं। दूसरे फैन ने लिखा, ‘बाबा, मैं आपके लिए बहुत-बहुत खुश हूं’| एक और फैन ने लिखा, ‘अमेरिका धुरंधर को बहुत प्यार करता है, मुझे तुम पर बहुत गर्व है’| एक और फैन ने लिखा, ‘बहुत उत्साहित हूं’| एक और फैन ने लिखा, ‘अब धमाका शुरू’ |एक और फैन ने लिखा, ‘इस फिल्म से आप अपने ही रिकॉर्ड तोड़ देंगे’|

कब रिलीज होगी ‘धुरंधर 2’

‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी। यह हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में दुनिया भर के सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी। ट्रेलर 7 मार्च को रिलीज हुआ था। ट्रेलर में दिखाया गया है कि यह फिल्म पहले भाग से ज्यादा बड़ा, रहस्यमयी और एक्शन से भरी होगी। कहानी में रणवीर सिंह एक गुप्त भारतीय जासूस की भूमिका में हैं, जो पाकिस्तान के खतरनाक अपराधियों और राजनीतिक गिरोहों में घुसकर भारत पर हमले रोकते हैं। यह कहानी असली घटनाओं से प्रेरित है। दूसरे भाग में कहानी आगे बढ़ती है, जिसमें ज्यादा ड्रामा और धमाकेदार एक्शन है। फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा और दानिश पंडोर जैसे कलाकार हैं।

अभिषेक मनु सिंघवी से लेकर रामदास अठावले तक कई नेता निर्विरोध जीते, 11 सीटों पर होगा मुकाबला

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Rajya Sabha Election: राज्य सभा की 37 सीटों में से 26 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। दरअसल, 10 राज्यों की इन सीटों के लिए 40 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। अब 11 सीटों पर 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। जो प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उनमें अभिषेक मनु सिंघवी, शरद पवार, रामदास अठावले और राहुल सिन्हा का नाम शामिल है।

दरअसल, कई राज्यों में विपक्षी पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया था, इसलिए इन नेताओं ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। अब बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 सीटों पर चुनाव होगा। 

किन राज्यों की कितनी सीटों पर होगा चुनाव?

37 में से 26 निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अब 11 सीटों पर चुनाव होगा। इन सीटों पर 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर वोटिंग होगी। इन सीटों पर 16 मार्च को मतदान किया जाएगा। 

जो सबसे ज्यादा चर्चा में है वो बिहार की पांच सीटें हैं। हालांकि बिहार से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है, लेकिन पांचवीं सीट के लिए किसी भी गठबंधन के पास पर्याप्त नंबर गेम नहीं है। 

वहीं हरियाणा में भी कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। इसके लिए पार्टी ने अपनी रणनीति तय कर ली है। वोटिंग के दिन तक अपने विधायकों को कांग्रेस शासित राज्य में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश शिफ्ट कर सकती है। हरियाणा में कांग्रेस का इतिहास रहा है कि क्रॉस वोटिंग के चलते उनके प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ता है।