स्वामी महाराज ने नर में नारायण को देखने के वैदिक सिद्धांत को साकार किया

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख वर्णी अमृत महोत्सव में शिरकत की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि बीएपीएस प्रमुख स्वामी महाराज ने भक्ति और सेवा को जोड़ा और नर में नारायण को देखने के वैदिक सिद्धांत को साकार किया। उन्होंने प्रमुख स्वामी महाराज को आध्यात्मिकता और वैष्णव दर्शन को व्यापक और व्यावहारिक बनाने का श्रेय दिया। शाह के अनुसार, प्रमुख स्वामी महाराज ने कर्म और करुणा के माध्यम से दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की प्राचीन ऋषि संस्कृति को पुनर्जीवित किया और सनातन धर्म के लिए महान कार्य किया। उन्होंने बिना कोई विशिष्ट शिक्षा दिए ही सनातन धर्म के विभिन्न संप्रदायों में संतत्व का सार स्थापित किया।  यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 2025 में प्रमुख स्वामी महाराज की बीएपीएस के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में शाह के अलावा, बीएपीएस प्रमुख महंत स्वामी महाराज और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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मिचेल मार्श ने किया संन्यास का ऐलान, अचानक फैसला सभी को चौंका गया

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क्रिकेट | ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम इस समय अपने घर पर इंग्लैंड के खिलाफ एशेज टेस्ट सीरीज खेल रही है. इस सीरीज के बीच ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के एक स्टार खिलाड़ी ने चौंकाने वाला फैसला लिया है. ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिचेल मार्श ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य स्तर पर रेड-बॉल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है |जिसके चलते वह अब वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे. यह फैसला मार्श के टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर रहा है, खासकर एशेज सीरीज को देखते हुए, जिसमें उन्हें मौका मिलने की उम्मीद थी |

मिचेल मार्श ने लिया बड़ा फैसला

मार्श ने हाल ही में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेले गए मैचों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया, जिसके बाद उन्होंने टीम साथियों को अपने फैसले के बारे में बताया. 2019 के बाद से उन्होंने राज्य स्तर पर सिर्फ नौ मैच ही खेले हैं, जिसकी वजह बीजी इंटरनेशनल शेड्यूल भी है. 2009 में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू करने वाले मार्श ने कहा कि वे अब लाल गेंद के क्रिकेट से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन नेशनल टीम के लिए टेस्ट मैच खेलने का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया है |

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्श ने साफ किया कि अगर सेलेक्टर्स उन्हें बुलाते हैं, तो वह एशेज सीरीज में भाग लेने को तैयार हैं, भले ही शील्ड मैचों से दूरी के कारण यह असामान्य हो. हालांकि, उन्होंने माना कि भविष्य में एक और टेस्ट मैच खेलना मुश्किल लग रहा है. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के चीफ सेलेक्टर जॉर्ज बेली ने नवंबर में कहा था कि मार्श का खेल एशेज के लिए नई ऊर्जा ला सकता है. उन्होंने जोर दिया कि सीरीज की शुरुआत में यह विकल्प नहीं अपनाया जा रहा, लेकिन बाद में स्थिति के अनुसार बदलाव संभव है |

मिचेल मार्श का टेस्ट करियर

मार्श का टेस्ट करियर 2014 में शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने 46 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 2083 रन बनाए, साथ ही 51 विकेट भी लिए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ने अपना आखिरी टेस्ट मैच पिछले साल भारत के खिलाफ खेली था. इसके अलावा वह ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम के कप्तान भी है, जिसकी कप्तानी में अगले साल टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलना है |

गिर सोमनाथ में भूकंप के हल्के झटके, किसी नुकसान की खबर नहीं

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अहमदाबाद। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमवार सुबह 10:51 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने बताया कि अब तक कहीं से किसी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र गिर सोमनाथ क्षेत्र के निकट था। झटके महसूस होने के कारण लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर नहीं निकल आए। फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुक्सान की कोई सूचना नहीं है। फिर भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 
भूकंप के झटके और खतरे को लेकर भू-विज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि 3.1 तीव्रता के झटके सामान्य माने जाते हैं और इनमें गंभीर नुकसान की संभावना बेहद कम होती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग सतर्कता के साथ सभी पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं।

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1300 करोड़ की प्रॉपर्टी और 4 साल में 10 फ्लॉप—बॉलीवुड का ये एक्टर कौन है?

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 बॉलीवुड | बॉलीवुड में अक्सर ही ऐसा देखा जाता है जब किसी कलाकार की एक के बाद एक लगातार कई फिल्में फ्लॉप हो जाती हैं. ऐसा सिर्फ फ्लॉप एक्टर या छोटे स्टार ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े सुपरस्टार के साथ भी हुआ है. आज हम भी आपको एक ऐसे ही जाने-माने एक्टर के बारे में बता रहे हैं, जिसे पहली ही फिल्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. जबकि अब वो अरबों की संपत्ति का मालिक है. वहीं ये एक्टर अपने करियर में लगातार 10 फ्लॉप फिल्मों का सामना भी कर चुका है |

ये अभिनेता कोई और नहीं बल्कि सैफ अली खान हैं. सैफ अली खान साल 2025 में भारत में गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए गए सेलेसब में पहले नंबर पर भी मौजूद हैं. सैफ ने साल 1993 में अपना डेब्यू फिल्म ‘परंपरा’ से किया था. लेकिन, उनका डेब्यू इससे पहले ही साल 1992 में आई फिल्म ‘बेखुदी’ से हो सकता था. हालांकि बाद में मेकर्स ने अभिनेता को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. कई फिल्मों में नजर आ चुके सैफ ने अपने करियर में वेब सीरीज में भी काम किया है|

जब सैफ ने दी लगातार 10 FLOP फिल्में

सैफ अली खान को अपने तीन दशक से ज्यादा के करियर में कई फ्लॉप फिल्में झेलनी पड़ी हैं. हालांकि सबसे बुरा दौर उन्होंने साल 2013 से लेकर साल 2019 के बीच देखा था. इन सालों में एक्टर की लगातार 10 फ्लॉप फिल्में हुई थीं और उनका करियर पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया था |उनकी लगातार फ्लॉप फिल्मों में गो गोवा गोन, बुलेट राजा, हमशक्ल, हैप्पी एंडिंग, फैंटम, रंगून, शेफ, कालाकांडी, बाजार और लाल कप्तान शामिल हैं. सैफ ने साल 2020 में आई अजय देवगन की फिल्म ‘तान्हाजी’ से शानदार कमबैक किया था. इसमें उन्होंने निगेटिव रोल प्ले किया था और पिक्चर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी |

अब है 1300 करोड़ की प्रॉपर्टी

सैफ अली खान का करियर चाहे ज्यादा सफल न रहा हो, लेकिन वो रईसी के मामले में बड़े-बड़े सुपरस्टार पर भारी पड़ते हैं. उनकी नेटवर्थ 1300 करोड़ रुपये है. इसमें उनकी 800 करोड़ रुपये की पुश्तैनी हवेली भी शामिल है जो हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित है. जबकि उनके मुंबई वाले घर की कीमत 70 करोड़ रुपये तक है |

ICC की बड़ी कार्रवाई, भारतीय टीम पर लगा दंड—जानें क्या है मामला

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क्रिकेट | भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज तो जीत ली लेकिन अब उसे बड़ा झटका लगा है. दरअसल आईसीसी ने उसे स्लो ओवर रेट का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है. भारतीय क्रिकेट टीम को वनडे सीरीज के दूसरे मैच के लिए सजा सुनाई गई है. रायपुर में हुए इस मैच को टीम इंडिया ने गंवा दिया था. टीम 358 रन बनाने के बावजूद मैच हार गई थी और इसी मुकाबले में उसने देरी से ओवर पूरे किए नतीजा अब आईसीसी ने टीम इंडिया पर जुर्माना ठोका है. टीम इंडिया की 10 फीसदी मैच फीस काटी गई है |

टीम इंडिया ने इतने ओवर धीमे फेंके

मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने टीम इंडिया पर ये जुर्माना लगाया, क्योंकि समय की छूट को ध्यान में रखते हुए केएल राहुल की टीम को निर्धारित लक्ष्य से दो ओवर कम फेंकने का दोषी पाया गया. बता दें भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्टिंग स्टाफ को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत दोषी पाया गया है. आईसीसी के नियम के मुताबिक अगर खिलाड़ी निर्धारित समय में गेंदबाजी करने में नाकाम रहते हैं तो उन पर हर ओवर के लिए मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है. कप्तान केएल राहुल ने आरोप और जुर्माना स्वीकार कर लिया जिसके बाद उनकी सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी |

धीमे ओवर का निकालना होगा हल

भारतीय क्रिकेट टीम को स्लो ओवर रेट का कोई ना कोई हल निकालना होगा क्योंकि रांची वनडे में भी टीम इंडिया ने ये गलती की थी. धीमे ओवर रेट की वजह से भारतीय टीम को आखिरी ओवर में एक अतिरिक्त फील्डर अंदर लेना पड़ा था. टी20 सीरीज में भी अगर ऐसा हुआ तो फिर लेने के देने पड़ सकते हैं. बता दें भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच कटक में खेला जाएगा. सीरीज पांच मैचों की है. साउथ अफ्रीका को पिछली सीरीज में भारत ने उसके घर में घुसकर 3-1 से हराया था |

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 इंडिगो संकट………..क्या डीजीसीए के फरमान के बाद भी लापरवाह बना रहा कंपनी का हाई-प्रोफाइल बोर्ड 

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते पांच दिनों से गंभीर परिचालन संकट में है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। उड़ानों के लगातार रद्द और विलंब होने से एयरपोर्ट्स पर अराजकता का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने न केवल इंडिगो के संचालन मॉडल पर सवाल उठा दिए हैं, बल्कि कंपनी के हाई-प्रोफाइल बोर्ड और उसकी आंतरिक निगरानी प्रणाली की क्षमता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इंडिगो प्रबंधन और बोर्ड ने संकट की आशंका को देखकर कोई ठोस रणनीति बनाई गई थी।
मामले के केंद्र में पायलटों के लिए लागू होने वाले फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम हैं, जिन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जनवरी 2024 में अधिसूचित किया था। शुरुआत में यह नियम 1 जून 2024 से लागू होने थे, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों के विरोध के चलते इन्हें बाद में दो चरणों में 1 जुलाई और 1 नवंबर 2025 से लागू करने का फैसला हुआ। इसके बावजूद, इंडिगो इन्हें लागू करने की तैयारी समय रहते नहीं कर सकी, इसके परिणामस्वरूप पायलटों की कमी और ड्यूटी शेड्यूल में अव्यवस्था पैदा हुई और संचालन चरमरा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो के बोर्ड में कई जानी-मानी हस्तियां हैं, लेकिन उनके बावजूद ऐसी चूक होना हैरान करने वाला है। बोर्ड में इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और एयरलाइन के सह-संस्थापक राहुल भाटिया, पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत, सेबी के पूर्व चेयरमैन दामोदरन, पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की मैनेजिंग पार्टनर पल्लवी श्रॉफ, ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस के पूर्व वकील माइक व्हिटेकर और चेयरमैन विक्रम मेहता जैसे नाम शामिल हैं। इसके बावजूद, तैयारी में कमी उजागर होने से बोर्ड की जवाबदेही पर तीखी आलोचना हो रही है।
वहीं डीजीसीए पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियामक समय रहते स्थिति को भांप सका था। हालांकि डीजीसीए ने कहा है कि उसने तैयारी पूरी करने के लिए एयरलाइन को लगातार चेतावनी और निर्देश दिए थे। यह पूरा मामला न केवल प्रबंधन क्षमता, बल्कि भारत की विमानन नियामक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर बहस छेड़ चुका है। यात्रियों की असुविधा का सिलसिला जारी है और अब सभी की निगाहें इंडिगो की सुधारात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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Aamir Khan की अगली फिल्म धमाका, 460 करोड़ की इस मूवी का पार्ट 2 बन रहा, 4 स्टार्स साथ

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बॉलीवुड | बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अपने करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दे चुके हैं | उनकी कुछ ऐसी फिल्में हैं, जिन्हें लोग आज भी बार-बार देखना पसंद करते हैं | इन्हीं फिल्मों में शुमार है 3 इडियट्स. साल 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म को ऑडियंस और क्रिटिक्स ने बहुत पसंद किया था और इसे IMDb पर भी तगड़ी रेटिंग मिली. आमिर के फैंस आज भी इस फिल्म का जिक्र करते हैं | फिल्म के चाहने वालों के लिए खुशखबरी मिल गई है|

राजकुमार हिरानी के डायरेक्शन में बनी 3 इडियट्स में आमिर खान, आर माधवन, और शरमन जोशी ने सिनेमाघरों में जो धमाल मचाया था, अब दोबारा यह तीनों लोगों को एंटरटेन करने के लिए तैयार हैं | रिपोर्ट्स की मानें तो राजकुमार हिरानी ने 3 इडियट्स के दूसरे पार्ट यानी 3 इडियट्स 2 की स्क्रिप्ट फाइनल कर ली है और फिल्म 2026 में फ्लोर पर आएगी |

3 इडियट्स 2 की वापसी

 रिपोर्ट के मुताबिक, 16 साल बाद, 3 इडियट्स आखिरकार एक सीक्वल के साथ वापस आने वाली है, जिसमें इसकी आइकॉनिक कास्ट वापस आएगी | यह मोस्ट अवेटेड फिल्म आमिर खान, करीना कपूर खान, आर. माधवन और शरमन जोशी को एक साथ लाएगी | इसे राजकुमार हिरानी डायरेक्ट करेंगे और विधु विनोद चोपड़ा, राजकुमार हिरानी और आमिर खान के साथ मिलकर प्रोजेक्ट को प्रोड्यूस करेंगे |

साल 2026 के दूसरे हाफ में शुरू होगी शूटिंग

रिपोर्ट में सोर्स के हवासे से बताया गया है कि 3 Idiots के सीक्वल की शूटिंग 2026 के दूसरे हाफ में शुरू होगी. फिल्म की स्क्रिप्ट फाइनल हो गई है और टीम इसके लिए बहुत एक्साइटेड है| मेकर्स की कोशिश है कि सीक्वल पहले पार्ट की तरह ही मजेदार, इमोशनल और मीनिंगफुल रहे |

16 साल बाद नए एडवेंचर के लिए मिलेंगे 3 इडियट्स

ऐसा कहा जा रहा है कि फिल्म की कहानी आगे बढ़ेगी, जो क्लाइमेक्स सीन में किरदारों के अलग होने के लगभग 15 साल बाद शुरू होगी और वे एक नए एडवेंचर के लिए फिर से मिलेंगे | इस खबर के मिलने से फैन्स बहुत खुश हैं कि उन्हें 16 साल बाद फाइनली रैंचो, फरहान, राजू और पिया का नॉस्टैल्जिक चार्म देखने को मिलेगा, लेकिन इस बार नए ह्यूमर के साथ जो उनकी बड़ी हो चुकी जिंदगी को दिखाएगा |

राजकुमार हिरानी लंबे समय से 3 इडियट्स के सीक्वल के बारे में सोच रहे थे | उन्होंने 3 इडियट्स सीक्वल को एक पूरी तरह से स्क्रीनप्ले में बदलने के लिए वक्त दिया |हिरानी के पास हमेशा 3 इडियट्स 2 के लिए एक आइडिया था, लेकिन वो चाहते थे कि यह परफेक्ट हो और कुछ ऐसा हो जो ओरिजिनल फिल्म की लेगेसी को बनाए रखे. 55 करोड़ के बजट में बनी आमिर खान की फिल्म 3 इडियट्स ने दुनियाभर में 460 करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं, भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने 202 करोड़ का कलेक्शन किया था |

प्रियंका गांधी का सवाल, 150 साल पुराने राष्ट्रगीत पर आज बहस क्यों?

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नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष चर्चा के दौरान सदन में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया। दरअसल वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस बहस की आवश्यकता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, कि वंदे मातरम् 150 वर्षों से देश की आत्मा का हिस्सा रहा है और 75 वर्षों से भारतीयों के दिल में बसा हुआ है।

तो आज इस पर बहस क्यों? 
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में उठाए सवाल का खुद ही जवाब देते हुए कहा, कि क्योंकि बंगाल का चुनाव आ रहा है और मोदी जी उसमें अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, कि जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, आज सरकार उन्हीं पर नए आरोप लगा रही है। मोदी जी अब वो प्रधानमंत्री नहीं रहे जो पहले थे। प्रियंका गांधी के इस इस बयान पर सदन में खासा हंगामा हुआ। 

भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रियंका के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, वंदे मातरम् राष्ट्रभक्तों के लिए ऊर्जा है। कुछ लोगों को इस गीत से एलर्जी है। जिन्ना के मुन्ना को भी वंदे मातरम् से दिक्कत है। ठाकुर के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई, लेकिन उन्होंने अपने शब्दों पर कायम रहते हुए कहा कि यह गीत राष्ट्र की एकता का प्रतीक है। 

अखिलेश यादव का तंज
सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, कि वंदे मातरम् वह गीत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश को जोड़ा था। आज के दरारवादी लोग उसी गीत से देश को तोड़ना चाहते हैं। वंदे मातरम् सिर्फ गाने के लिए नहीं, बल्कि निभाने के लिए है।

वंदे मातरम् का इतिहास
यहां बताते चलें कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख प्रेरणास्रोत रहा है। इसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन लिखा था। यह 1882 में उनकी पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित उपन्यास आनंदमठ के साथ पहली बार सामने आया। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार मंच पर वंदे मातरम् गाया था। यह वह क्षण था जब सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं और यह गीत राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया।

चुनावी वादों पर भ्रष्ट आचरण का आरोप

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बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को सुप्रीम कोर्ट ने वरुणा सीट से उनके 2023 के चुनाव के खिलाफ दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका वरुणा क्षेत्र के मतदाता शंकरा ने दायर की है, जिसमें निम्नलिखित की मांग की गई है कि सिद्दारमैया का चुनाव रद्द किया जाए। उन्हें अगले छह साल तक चुनाव लड़ने से रोका जाए।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि: 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में जो पांच वादे किए थे, वे मतदाताओं को रिश्वत देने के समान हैं। यह घोषणापत्र सिद्दारमैया की सहमति से जारी हुआ था, इसलिए उन पर भ्रष्ट आचरण का मामला बनता है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने इन वादों को भ्रष्ट आचरण बताकर कहा है कि इनसे पुरुषों के साथ भेदभाव हुआ, जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। प्रत्येक घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, प्रत्येक महिला मुखिया को 2,000 रुपए प्रतिमाह, प्रत्येक बीपीएल परिवार के सदस्य को 10 किलो अनाज प्रतिमाह, बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 2 साल तक 3,000 रुपए प्रतिमाह, डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपए प्रतिमाह और राज्य में सभी महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख
कर्नाटक हाईकोर्ट: अप्रैल में याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि चुनाव में किए गए वादे करप्ट प्रैक्टिस (भ्रष्ट आचरण) की श्रेणी में नहीं आते। सुप्रीम कोर्ट (जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच): शुरुआत में बेंच ने याचिका खारिज करने की इच्छा जाहिर की है।  हालांकि, अदालत को तमिलनाडु के लंबित मामले (एस. सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु सरकार, 2013) की जानकारी दी गई, जिसमें समान चुनावी वादों को भ्रष्ट आचरण माना जाए या नहीं, इस पर तीन न्यायाधीशों की बेंच के सामने चुनौती लंबित है। इसी कारण, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में भी सुनवाई की अनुमति दी और सिद्दारमैया तथा अन्य पक्षों को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया। यह मामला भारतीय राजनीति और चुनावी नियमों के बीच एक महत्वपूर्ण कानूनी बहस बन गया है। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को कानूनी रूप से भ्रष्ट प्रैक्टिस माना जा सकता है या नहीं।

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6 साल का साथ… लेकिन शादी के दिन ही रिश्ता खत्म, कैसे शुरू हुआ था पलाश–स्मृति का सफर?

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बॉलीवुड संगीतकार पलाश मुच्छल और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बैटर स्मृति मंधाना का रिश्ता आखिरकार टूट गया है. जिस दिन दोनों की शादी स्थगित हुई थी, उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि कुछ न कुछ तो गड़बड़ी जरूर है और आखिरकार आधिकारिक तौर पर दोनों ने अपने रिश्ते से पीछे हटने का ऐलान कर दिया. रविवार, 7 दिसंबर को पहले स्मृति ने फिर पलाश ने भी सोशल मीडिया पोस्ट करके अपने रिश्ते पर विराम लगा दिया |

पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना का रिश्ता करीब 6 साल का था. हालांकि ये ऐसे दिन पर आकर खत्म हुआ जो दिन उनकी जिंदगी का सबसे खास और सबसे यादगार दिन बन सकता था. पलाश और स्मृति दोनों ने ही सोशल मीडिया पर बताया कि वो इस रिश्ते से पीछे हटकर जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं. दोनों के शब्दों ने उनके फैंस को बड़ा दुख पहुंचाया है जो दोनों एक-दूसरे के साथ देखना चाहते थे. फैंस की उम्मीदें इसी के साथ हमेशा-हेशा के लिए टूट गई हैं |

कब हुई थी पलाश-स्मृति की पहली मुलाकात?

स्मृति और पलाश ने अपने 6 साल के रिश्ते को पल भर में खत्म करने का फैसला लिया था. दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने और पूरी लाइफ बिताने का फैसला किया था, लेकिन फिर अचानक अपनी राहें हमेशा-हमेशा के लिए अलग कर लीं. बताया जाता है कि दोनों के रिश्ते की शुरुआत साल 2019 में हुई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पहली बार मुंबई में एक प्राइवेट सेरेमनी में एक-दूसरे से मिले थे.

शादी वाले दिन खत्म हुआ रिश्ता

पलाश और स्मृति अपने रिश्ते को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहते थे. जब ये खबर आई कि दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं तो संगीत जगत से लेकर क्रिकेट जगत तक में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. दोनों की शादी की रस्मों की शुरुआत महाराष्ट्र के सांगली में 21 नवंबर से हो गई थी. 23 नवंबर को शादी होने वाली थी और इसी दिन स्मृति के पिता को हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया और शादी स्थगित कर दी गई. इस दौरान तमाम तरह की बातें होती रहीं. वहीं करीब दो हफ्ते बाद दोनों ने शादी तोड़ने का ऐलान कर दिया | 

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