भाई के मुद्दे पर सनी देओल ने अजय देवगन पर उठाए थे सवाल, बाद में खुद ही पीछे हटे

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साल 2026 की शुरुआत होने में कुछ ही दिन रह गए हैं. साल की शुरुआत में ही सनी देओल की कई बड़ी फिल्में आने वाली हैं. जहां इस साल सिर्फ एक फिल्म रिलीज हुई थी, तो अगले साल के लिए पहले ही दो फिल्मों की रिलीज डेट कंफर्म की जा चुकी है | तो दूसरी तरफ हैं अजय देवगन, जो हर साल 3-4 फिल्में लिए आते हैं. यूं तो फिलहाल अगले साल के लिए तैयारी चालू कर चुके हैं, पर इस साल उनकी 2 फिल्में हिट रही हैं. पर क्या आज जानते हैं एक बार छोटे भाई के चक्कर में सनी देओल अजय देवगन के पीछे पड़ गए थे. उनसे रोल छीनने तक की प्लानिंग कर ली थी |

यह किस्सा है 23 साल पुराना. जब सनी देओल ने एक फिल्म में एंट्री की. पिक्चर उनके ही पसंदीदा डायरेक्टर राजकुमार संतोषी बना रहे थे | पर उस फिल्म में लीड रोल के लिए अजय देवगन को साइन किया गया था. वहीं सनी देओल के दिमाग में कुछ और प्लानिंग थी, जिसे पूरा करने की कोशिश भी की. पर जब नहीं हुई तो खुद ही फिल्म छोड़ दी. जहां तक कि बॉक्स ऑफिस पर टक्कर भी ली, फिर क्या हाल हो गया था? जान लीजिए |

अजय देवगन के पीछे पड़ गए थे सनी देओल

बात है ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ की, जो 2002 में बनी थी |वहीं, राजकुमार संतोषी ने इस पिक्चर को डायरेक्ट किया था, जो कि भगत सिंह से ही इंस्पायर्ड थी. इस फिल्म में अजय देवगन ने भगत सिंह का किरदार निभाया था और अखिलेंद्र मिश्रा चंद्र शेखर आजाद के रोल में दिखाई दिए | पर चंद्र शेखर आजाद का किरदार पहले सनी देओल निाभाने वाले थे. उन्हें फिल्म के लिए कास्ट भी किया था. लेकिन खुद फिल्म में आने के बाद उन्होंने राजकुमार संतोषी से अजय देवगन की जगह बॉबी देओल को लीड रोल में लेने की रिक्वेस्ट की |

पर क्योंकि पहले ही संतोषी अपना प्लान बना चुके थे, तो उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया. कहा जाता है कि इसी वजह से सनी देओल ने बाद में फिल्म छोड़ दी थी. उधर, सनी पाजी ने फिल्म छोड़ी, इधर गुड्डू धनोआ की फिल्म ’23 मार्च 1931: शहीद’ के लिए बॉबी देओल को साइन कर लिया गया. जो इस दूसरी फिल्म में भगत सिंह के रोल में ही दिखाई दिए थे |इस पिक्चर को उसी दिन 7 जून 2002 को रिलीज किया, जब अजय देवगन की फिल्म भी रिलीज हो रही थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले के बाद सनी देओल और राजकुमार संतोषी के बीच अनबन भी हो गई थी |

अजय देवगन और बॉबी की फिल्म ने कितने कमाए

भगत सिंह का किरदार निभा रहे अजय देवगन और बॉबी देओल की फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर क्लैश हुआ था |अजय देवगन की पिक्चर ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही. जिसने लगभग 12.93 करोड़ की वर्ल्डवाइड कमाई की थी. वहीं, दूसरी ओर ’23 मार्च 1931: शहीद’ का कलेक्शन भी अच्छा नहीं था, जिसने 14.25 करोड़ दुनियाभर से कमाए थे. साथ ही बुरी तरह से पिट गई थी |

A remarkable and unforgettable moment of CSA- ANNUAL CONVOCATION -2025

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Every moment teaches us something new, gives us new experiences; often we cannot realize it at that time, but later we understand it clearly…

Recently, on November 7, 2025, the annual convocation festival of Chandigarh Chhaya School of Art was held in the famous Bethuadahari town of Nadia district, West Bengal. Our board’s chairman Dr. Koushik Sinha, director Dr. Praveen Sinha, and many distinguished guests were present in that annual Convocation ceremony. This beautiful day was celebrated by honoring various center holders from West Bengal. The event was filled with the sounds of dance, song, and rhythms. The main attraction of the event was highlighted in the speeches by the chairman and the director.

Every seat in Bethuadahari, every applause seemed to say — “This is not just an event; it is a celebration for all of us.” The teachers and staff filled the entire auditorium with a picture of unity.

This immense love and presence is our inspiration for the days to come.

The Chhaya family expresses heartfelt gratitude to each member of our family who made this day memorable and meaningful.

Annual Convocation Ceremony -2025

Your trust in the Chhaya family is our inspiration for our journey.

The memories of that remarkable day of the Annual Convocation 2025 are still fresh in our hearts. Your appreciation and endless love are our strength in this journey and a source of pride in our heritage.

 केशव प्रसाद मौर्य ने राजद, कांग्रेस और सपा पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह राजनीतिक दल घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानते हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि चाहे समाजवादी पार्टी हो, कांग्रेस हो, राष्ट्रीय जनता दल हो, या टीएमसी हो-ये सभी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानते हैं और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। हम घुसपैठियों को वोट बैंक नहीं मानते हैं, और न ही तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं।
घुसपैठ का आगे जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में घुसपैठियों के खिलाफ भारत छोड़ो अभियान चल रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि भेष बदलकर रहने वाले घुसपैठिए जल्द ही देश से बाहर किए जाएंगे। तेजी से घुसपैठियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है; वह दिन दूर नहीं जब सभी घुसपैठियों को भारत से खदेड़ दिया जाएगा।

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News Desk

246 रन और बनाते ही सूर्यकुमार यादव रच देंगे बड़ा रिकॉर्ड, कोहली-रोहित के क्लब में शामिल

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क्रिकेट | भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव 2025 की आखिरी सीरीज में भारत को जीत दिलाने उतरेंगे | टीम इंडिया 9 से 19 दिसंबर तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. सीरीज का पहला मुकाबला कटक में शाम 7 बजे से शुरू होगा. शुभमन गिल और हार्दिक पंड्या पहले टी20 में मैदान पर वापसी करेंगे. शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण दूसरा टेस्ट और वनडे सीरीज नहीं खेल पाए थे. हार्दिक पंड्या एशिया कप के बाद से क्वाड्रिसेप्स की चोट के चलते क्रिकेट से रहे | 
इस सीरीज के दौरान सभी की नजरें कप्तान सूर्यकुमार यादव पर होंगी. ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर वो कुछ खास नहीं कर पाए थे. उन्होंने सीरीज के चार मैचों में 39*, 1, 24 और 20 रन बनाए थे. भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-1 से जीती थी. दो मैच बारिश के कारण रद्द हो गए थे |

रिकॉर्ड बनाने के लिए सूर्यकुमार यादव को कितने रन चाहिए

सूर्यकुमार यादव विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद एक बड़ी बल्लेबाजी लिस्ट में शामिल होने से सिर्फ 246 रन दूर हैं. अगर वह आगामी सीरीज में 246 रन बना लेते हैं, तो वह टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन पूरे करने वाले तीसरे भारतीय बन जाएंगे. टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा सबसे ऊपर हैं| पूर्व कप्तान ने अपने टी20 करियर में 4231 रन बनाए. उन्होंने 2024 वर्ल्ड कप में भारत को खिताब दिलाने के बाद इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. उनके बाद विराट कोहली हैं, जिन्होंने 125 मैचों में 4188 रन बनाए. कोहली ने भी वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया. कोहली ने टी20 में भारत को 30 जीत दिलाई |

सूर्यकुमार यादव 2754 रन के साथ इस खास लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 2021 में कोहली की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया था. इसके बाद वह टीम के नियमित सदस्य बन गए और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. सूर्यकुमार की बल्लेबाजी में सफलता के चलते उन्हें 2023 में लीडरशिप ग्रुप में शामिल किया गया और उन्होंने हार्दिक पंड्या की मदद की. 2024 में उन्होंने पंड्या को पीछे छोड़ते हुए टी20 टीम की कप्तानी संभाली. 2026 वर्ल्ड कप के बाद शुभमन गिल के टी20 कप्तान बनने की संभावना है |
 

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News Desk

 इंडिगो संकट………..क्या डीजीसीए के फरमान के बाद भी लापरवाह बना रहा कंपनी का हाई-प्रोफाइल बोर्ड 

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते पांच दिनों से गंभीर परिचालन संकट में है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। उड़ानों के लगातार रद्द और विलंब होने से एयरपोर्ट्स पर अराजकता का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने न केवल इंडिगो के संचालन मॉडल पर सवाल उठा दिए हैं, बल्कि कंपनी के हाई-प्रोफाइल बोर्ड और उसकी आंतरिक निगरानी प्रणाली की क्षमता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इंडिगो प्रबंधन और बोर्ड ने संकट की आशंका को देखकर कोई ठोस रणनीति बनाई गई थी।
मामले के केंद्र में पायलटों के लिए लागू होने वाले फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम हैं, जिन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जनवरी 2024 में अधिसूचित किया था। शुरुआत में यह नियम 1 जून 2024 से लागू होने थे, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों के विरोध के चलते इन्हें बाद में दो चरणों में 1 जुलाई और 1 नवंबर 2025 से लागू करने का फैसला हुआ। इसके बावजूद, इंडिगो इन्हें लागू करने की तैयारी समय रहते नहीं कर सकी, इसके परिणामस्वरूप पायलटों की कमी और ड्यूटी शेड्यूल में अव्यवस्था पैदा हुई और संचालन चरमरा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो के बोर्ड में कई जानी-मानी हस्तियां हैं, लेकिन उनके बावजूद ऐसी चूक होना हैरान करने वाला है। बोर्ड में इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और एयरलाइन के सह-संस्थापक राहुल भाटिया, पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत, सेबी के पूर्व चेयरमैन दामोदरन, पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की मैनेजिंग पार्टनर पल्लवी श्रॉफ, ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस के पूर्व वकील माइक व्हिटेकर और चेयरमैन विक्रम मेहता जैसे नाम शामिल हैं। इसके बावजूद, तैयारी में कमी उजागर होने से बोर्ड की जवाबदेही पर तीखी आलोचना हो रही है।
वहीं डीजीसीए पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियामक समय रहते स्थिति को भांप सका था। हालांकि डीजीसीए ने कहा है कि उसने तैयारी पूरी करने के लिए एयरलाइन को लगातार चेतावनी और निर्देश दिए थे। यह पूरा मामला न केवल प्रबंधन क्षमता, बल्कि भारत की विमानन नियामक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर बहस छेड़ चुका है। यात्रियों की असुविधा का सिलसिला जारी है और अब सभी की निगाहें इंडिगो की सुधारात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को किया सस्पेंड, 500 करोड़ वाले बयान पर एक्शन

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नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) ने नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है. नवजोत कौर सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर टिकट बेचने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि इन नेताओं की निजी इच्छाओं और बंद कमरे की राजनीति ने पंजाब को बर्बादी की ओर धकेल दिया है.

नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की थी. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, तभी वह सक्रिय होंगे, वरना वह टीवी पर खूब पैसा कमा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिद्धू कांग्रेस से जुड़े हैं और प्रियंका गांधी से जुड़े हैं, फिर भी उन्हें विश्वास नहीं है कि विपक्ष सिद्धू को वहां रहने देगा, क्योंकि कांग्रेस के पास पहले से ही पांच मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं और वे कांग्रेस को हराने में लगे हैं.

नवजोत कौर के खिलाफ एक्शन की जानकारी पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट कर दी है. उन्होंने वो लेटर भी शेयर किया है जिसमें बताया गया है कि नवजोत कौर की प्राथमिक सदस्यता फिलहाल सस्पेंड की जाती है.

नवजोत कौर सिद्धू लगातार पार्टी के पंजाब के नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर रही थी और 500 करोड़ रुपए में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी देने जैसे आरोप भी बिना कांग्रेस पार्टी का नाम लिए लगाए थे. आज भी नवजोत कौर सिद्धू ने मीडिया से बात करते हुए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत पंजाब कांग्रेस के नेताओं के राजस्थान जाकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने और आपसी सांठ-गांठ के आरोप लगाए थे और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर काउंसलर चुनाव के दौरान 5 करोड़ रुपए लेने जैसे आरोप भी लगाए थे.

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गिर सोमनाथ में भूकंप के हल्के झटके, किसी नुकसान की खबर नहीं

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अहमदाबाद। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमवार सुबह 10:51 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने बताया कि अब तक कहीं से किसी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र गिर सोमनाथ क्षेत्र के निकट था। झटके महसूस होने के कारण लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर नहीं निकल आए। फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुक्सान की कोई सूचना नहीं है। फिर भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 
भूकंप के झटके और खतरे को लेकर भू-विज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि 3.1 तीव्रता के झटके सामान्य माने जाते हैं और इनमें गंभीर नुकसान की संभावना बेहद कम होती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग सतर्कता के साथ सभी पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं।

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Kailash Lakhara: The Voice Born from Pure Emotion

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A tale of passion, patience, and powerful storytelling through voice.

🎤 Singer Story – Kailash Lakhara | “Pagal Ho Jana”

Every artist’s journey begins with a dream—and a belief that no matter how small the beginning, passion can create miracles.
The story of Singer & Composer Kailash Lakhara is one such journey—built on dedication, emotion, and the courage to keep moving forward.

🎶 Early Musical Journey

Kailash’s connection with music began in his childhood.
From 2016 to 2017, he trained in Classical Singing for one full year, shaping his voice with depth, purity, and soulful expression.

His father, Kesaram Lakhara, often told him:
“If your heart is true, your voice will find its way to the world.”

Kailash carried these words like a promise.

🎵 From Cover Songs to His Own Identity

Kailash started his journey with
Hindi cover songs, sad songs, and love songs,
slowly building an audience that felt his honesty and emotional storytelling.

Apart from music, he also enjoys Badminton and music composition, keeping creativity alive in everything he does.

💿 First Album – “Pagal Ho Jana”

Kailash’s first official track,
“Pagal Ho Jana”,
is a powerful sad love song that portrays the madness, pain, and purity of true emotions.

Track Credits

  • Singer: Kailash Lakhara
  • Composer: Kailash Lakhara & Vaibhav Gaud
  • Music: Monty & Karan
  • Act: Shivam Suthar
  • Release Date: 27 April 2025
  • Genre: Sad Love Song
  • Available On: All Music Platforms

Every line of the song is filled with heartfelt emotion, making it one of Kailash’s most meaningful creations.

🌟 Today, Kailash Lakhara

Kailash continues to move forward with the belief that—
“Dreams don’t work unless you do.”
“If you stay consistent, the world will eventually hear your voice.”

From small stages to digital platforms, from covers to original music,
his journey is a reminder that passion never goes unnoticed.

His voice carries emotion.
His music carries truth.
And his story has only just begun..

Insta Profile https://www.instagram.com 

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा

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अहमदाबाद| गुजरात की प्रथम महिला मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ के गुजराती संस्करण का विमोचन समारोह रविवार को अहमदाबाद में आयोजित हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भागवत कथाकार भाई रमेशभाई ओझा के करकमलों से इस पुस्तक का विमोचन हुआ। 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर श्रीमती आनंदीबेन पटेल की संघर्ष-शक्ति और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि श्रीमती आनंदीबेन का जीवन संघर्ष-शक्ति के बल पर आगे बढ़ने की एक प्रेरणादायी गाथा है। इस पुस्तक में उनकी जीवन यात्रा के प्रेरणा बिंदुओं का सुंदर तरीके से वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि आनंदीबेन ने सार्वजनिक जीवन में अपने संघर्ष और मजबूत नेतृत्व के जरिए संगठन निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीमती आनंदीबेन के जीवन पर आधारित यह पुस्तक अनेक पाठकों के जीवन में प्रेरणा देने का काम करेगी।
अमित शाह ने आगे कहा कि श्रीमती आनंदीबेन ‘पोजिशन’ के लिए नहीं, बल्कि ‘पर्पज’ के लिए काम करने वाले नेताओं में से एक हैं। वे जनहित के लिए एकजुटता के साथ काम करते रही हैं। आनंदीबेन ने गुजरात जैसे प्रगतिशील राज्य की मुख्यमंत्री, सांसद और देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दी हैं। निम्न एवं मध्यम वर्गीय सामान्य परिवार से आने वालीं आनंदीबेन पटेल लोगों के लिए लगातार संघर्ष करते हुए आगे आईं हैं। शिक्षक से लेकर सर्वोच्च पद तक की उनकी यात्रा भारतीय नारी शक्ति की दृढ़ता की मिसाल है।
शाह ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के रूप में श्रीमती आनंदीबेन की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि 85 वर्ष की उम्र में भी वे उत्तर प्रदेश में जिस फुर्ती से काम कर रही हैं, वह युवाओं के लिए प्रेरक है और सभी के लिए गौरव का विषय है। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक जीवन में गुणात्मक सुधार लाने के प्रयास हुए हैं। उनके परिश्रम से उत्तर प्रदेश की लगभग यूनिवर्सिटियों ने यूजीसी रजिस्ट्रेशन पूर्ण किया है।
अमित शाह ने संगठन के क्षेत्र में आनंदीबेन के योगदान की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीमती आनंदीबेन ने लोगों में से कार्यकर्ता खड़े किए हैं और यही आनंदीबेन की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने संगठन निर्माण के लिए एक योजना बनाई और गुजरात में प्रवास करके भाजपा को मजबूत बनाया। शाह ने बूथ डॉक्यूमेंटेशन के नरेन्द्र मोदी के विचार को पार्टी के विकास का प्रेरणास्रोत करार दिया और कहा कि आनंदीबेन सहित अन्य नेताओं के प्रयासों से भारतीय जनता पार्टी ने बूथ निर्धारित किए और नए सदस्यों को जोड़कर सदस्यता अभियान को गति दी। इसके परिणामस्वरूप पार्टी ने लगातार विकास किया और सत्ता में आ सकी। 
उन्होंने आनंदीबेन के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षिका, समाज सेविका और राजनेता के रूप में उम्दा कार्य किया है। जीवन में संघर्ष करते हुए वे विधायक, शिक्षा मंत्री, राजस्व मंत्री, मुख्यमंत्री और तीन राज्यों की राज्यपाल बनीं हैं। राजस्व मंत्री के रूप में उन्होंने नर्मदा योजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम कम से कम समय में पूरा करने का देश में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
इस अवसर पर अपनी अनुभव गाथा का वर्णन करते हुए श्रीमती आनंदीबेन कहा कि सूखे के उन वर्षों में जब वे गुजरात में गांव-गांव घूम रही थीं, तब भाजपा के उस समय के नेताओं ने भाजपा में जुड़ने के लिए कहा और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी, जिसने उनके राजनीतिक जीवन का निर्माण किया। उन्होंने भाजपा के भय, भूख और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के नारे को साकार करने के लिए उनके द्वारा लिए गए मजबूत निर्णयों के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ही उनके जीवन का निर्माण किया है। उन्होंने घोषणा की कि इस पुस्तक की बिक्री से प्राप्त होने वाला सारा पैसा बेटियों की शिक्षा के लिए उपयोग में लिया जाएगा।
श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में अपने कामकाज के संबंध में बात करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में अपनी गतिविधियों के बारे में भी बताया। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुझाव के अनुसार आंगनबाड़ी से लेकर यूनिवर्सिटियों में शिक्षा का स्तर ऊंचा लाने के लिए उत्तर प्रदेश में प्रयास किए जा रहे हैं। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि सरकार की योजनाओं का सही ढंग से कार्यान्वयन हो।

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News Desk

मप्र-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होने के मुहाने पर…

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नई दिल्ली/रायपुर। सुरक्षाबलों को सोमवार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर एवं सेंट्रल कमेटी मेम्बर रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ के बकरकट्टा में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। रामधेर मज्जी, जो कुख्यात नक्सली नेता हिडमा के समकक्ष माना जाता था। उस पर 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है, जो इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों की एक निर्णायक जीत है।
आत्मसमर्पण करने वाले 12 माओवादी कैडरों में रामधेर मज्जी  के अलावा तीन डिविजनल वाइस कमांडर और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण के समय उनके पास से एके-47, 30 कार्बन, इंसास, .303, और एसएलआर जैसे घातक हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनस्र्थापन का आश्वासन दिया गया है।

बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त

बालाघाट जिले के बॉर्डर से सटे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित थाना बकर कट्टा में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 12 कैडर ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इन कैडरों ने अपने पास मौजूद हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए। मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है।

अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय

बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा।

11 दिन में 33 माओवादी सरेंडर

बालाघाट में बीते 11 दिनों में दर्रेकसा और केबी डिविजन के कुल 33 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिसे माओवाद विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवार को खैरागढ़ में हुए 12 सरेंडर के बाद मप्र (विशेषकर बालाघाट) में माओवाद समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस का दावा है कि लाल आतंक लगभग खत्म होने वाला है।