जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे

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नई दिल्ली। राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार किया है। खड़गे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे आज देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को आजादी का नारा बनाने का काम कांग्रेस पार्टी ने ही किया है। वहीं पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू के सदन में जिक्र को लेकर खड़गे ने कहा कि जवाहरलाल नेहरु को बदनाम करने की सभी कोशिशें व्यर्थ हो जाएंगी और बीजेपी इसमें कभी कामयाब नहीं होगी।
इससे पहले राज्यसभा में खड़गे ने अपने संबोधन की शुरुआत वंदे मातरम् के नारों से की। उन्होंने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे खुद कई सालों से वंदे मातरम् गीत गा रहे हैं लेकिन वंदे मातरम् को पहले नहीं गाने वालों ने इसे अब गाना शुरू कर दिया है। इसके बाद खड़गे ने अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् गीत भारत के सार्वजनिक जीवन में तब प्रवेश करता है, जब गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इसे पहली बार गाया था, जिसका जिक्र हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने किया, लेकिन इसका बैकग्राउंड क्या था, ये उन्होंने नहीं बताया। जो चीज उनको अच्छी लगती है और हमारे लीडर्स का अपमान करने के लिए जो बोलना है, वे उतना ही बोलते हैं, आगे नहीं बोलते।
खड़गे ने कहा कि इस तरह वंदे मातरम् को आजादी का नारा बनाने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया। कांग्रेस ने अपने अधिवेशनों और कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के नियमित गायन की परम्परा शुरू की थी। क्या बीजेपी ने ऐसा किया? खड़गे ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इतिहास ये है कि आप लोग हमेशा आजादी के और आजादी की लड़ाई के खिलाफ थे। खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी ने जब 1921 में असहयोग आंदोलन शुरू किया, तब लाखों कांग्रेसी स्वतंत्रता सेनानी भारत माता की जय, महात्मा गांधी की जय और वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए जेल जा रहे थे। और आप क्या कर रहे थे और अंग्रेजों के पास नौकरी। और आप हमें देशभक्ति सिखाते हो? आप देशभक्ति के नाम से भी डरते थे और अंग्रेजों की सेवा करते थे।

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यूं ही याचिकाएं दाखिल करते रहेंगे, तो एसआईआर के मुद्दे की सुनवाई कब होगी?

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कई राज्यों से लगातार दाखिल हो रही याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों से एसआईआर पर लगातार दाखिल हो रही याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ी नाराजगी जाहिर की। सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर आप लोग यूं ही याचिकाएं दाखिल करते रहेंगे, तो एसआईआर के मुख्य मुद्दे की सुनवाई कब होगी? उन्होंने कहा कि इतनी ज्यादा याचिकाएं दायर होने से मुख्य मामले की सुनवाई पर भी असर हो रहा है।
इसके साथ ही सीजेआई ने यह भी कहा कि लगता है सभी राजनीतिक व्यक्ति यहां सिर्फ सुर्खियां बटोरने आ रहे हैं। कोर्ट ने यूपी, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और तमिलनाडु से आई कई याचिकाओं पर असंतोष जताते हुए कहा कि “दाखिल करते रहिए, राजनीतिकरण करते रहिए।” अलग-अलग राज्यों की याचिकाओं को अलग-अलग श्रेणी में विभाजित किया जाए, ताकि मुख्य मुद्दे पर सुनवाई सुचारू रूप से की जा सके। तीन अलग-अलग राज्यों से संबंधित एसआईआर मामलों को अगले हफ्ते तीन अलग-अलग तारीखों पर सूचीबद्ध किया जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि यूपी जैसा बड़ा राज्य तय टाइमलाइन में एसआईआर पूरा नहीं कर पाएगा। इस पर सीजेआई ने यूपी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगले मंगलवार को सुनवाई होगी। सीजेआई ने फिर दोहराया कि आप लोग इसी तरह नई-नई याचिकाएं लाते रहेंगे, तो मुख्य केस की सुनवाई कैसे होगी? तमिलनाडु एसआईआर मुद्दे पर एक वकील ने कहा कि राज्य के प्रवासी मजदूर पोंगल के बाद ही लौटते हैं, इसलिए कोर्ट को इसे ध्यान में रखना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पहले बिहार मामले को प्राथमिकता देगी, क्योंकि उसमें होने वाला फैसला सभी राज्यों को प्रभावित करेगा।
एसआईआर के कार्य में लगे बीएलओ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बीएलओ से जुड़े सभी निर्देश पूरे देश में लागू होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं में बीएलओ की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देश पूरे देश में लागू होंगे, ये सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हैं। 
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जमीनी स्तर पर बीएलओ को मिल रही धमकियां गंभीर मुद्दा बन सकती हैं। इनकी सुरक्षा नजरअंदाज नहीं की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। उसने कहा कि बीएलओ से जुड़े निर्देश देश भर में लागू होंगे। इस सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि बीएलओ की सुरक्षा राज्य पुलिस के सहयोग पर निर्भर है। जरूरत पड़ी तो केंद्रीय बल तैनात किए जा सकते हैं। प्रभावित कर्मचारी राज्य ईसीआई और जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरक्षा के लिए संपर्क कर सकेंगे। मतदाता नामांकन और नागरिकता से जुड़े मामलों की अगली सुनवाई 17 को होगी।

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ईद 2026 पर अब नहीं भिड़ेंगे अजय देवगन, सलमान–यश–धुरंधर को खुला मैदान

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बॉलीवुड | अजय देवगन बड़ी वापसी की तैयारी कर चुके हैं. हर साल कम से कम 3-4 फिल्में रिलीज कर ही देते हैं. इस वक्त एक्टर अगले साल यानी 2026 में आने वाली फिल्मों पर काम निपटा रहे हैं. जिसमें से कुछ का काम कंप्लीट भी किया जा चुका है. इस साल ‘आजाद’ से शुरुआत की थी, जो फ्लॉप रही. जबकि, ‘रेड 2’ हिट, ‘सन ऑफ सरदार 2’ फ्लॉप और ‘दे दे प्यार दे 2’ भी हिट लिस्ट में आ गई. पर अगले साल के लिए वो भी एक तारीख पर रुमाल रखकर बैठे थे. उनकी बड़ी फिल्म ‘धमाल 4’ अब पोस्टपोन की चुकी है |

हर साल न जाने कितनी ही फिल्मों को रिलीज किया जाता है, वो भी न जाने कितनी ही बार. अजय देवगन भी अगले साल की सबसे बिजी विंडो में ही अपनी फिल्म ‘धमाल 4’ को लाने का मन बना चुके थे. पर जैसे ही कुछ बड़ी फिल्मों ने भी उसी वक्त फिल्म रिलीज करने की प्लानिंग की, तो फिर अजय देवगन को अपना फैसला बदलना पड़ा. अब यह फैसला फिलहाल के लिए तो ठीक ही लग रहा है. नुकसान से बचने का तरीका है, पर किस डर के चलते उन्होंने यह फैसला लिया है, जान लीजिए |

अजय देवगन की कौनसी फिल्म पोस्टपोन?

कुछ वक्त पहले ही अजय देवगन ने ‘धमाल 4’ को ईद पर रिलीज करने का ऐलान किया था. पर हाल ही में रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ रिलीज हुई. और जियो स्टूडियोज वालों ने 19 मार्च, 2026 में ही ‘धुरंधर 2’ लाने का अनाउंसमेंट कर दिया है. इसी दिन यश भी ‘टॉक्सिक’ लेकर आ रहे हैं. अब बॉक्स ऑफिस पर नुकसान से बचने के लिए एक्टर ने बड़ा कदम उठा लिया है. हाल ही में एक नई रिपोर्ट से पता लगा कि अजय देवगन और उनकी टीम ईद 2026 के विंडो से पीछे हट गए हैं. जिसके लिए मेकर्स के बीच कई राउंड की बातचीत भी हुई है |

कब रिलीज होगी फिल्म?

दरअसल अजय देवगन ने कई राउंड की बातचीत के बाद यह फैसला लिया है. क्योंकि ‘धुरंधर’ को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है, तो वो कोई भी रिस्क फिलहाल नहीं लेना चाहते. नए अपडेट के मुताबिक, अब फिल्म को मई 2026 के महीने में रिलीज करने की सोच रहे हैं. हालांकि, यह फैसला अच्छा भी है, क्योंकि इससे कई फिल्मों को नुकसान नहीं होगा. उन्हें लगता है कि धुरंधर एक इंपॉर्टेंट फ्रेंचाइजी है, जो क्लियर रन डिजर्व करती है |

आदित्य ठाकरे का दावा, एकनाथ शिंदे के 22 विधायक पाला बदलने को तैयार, जाने क्‍या बोले देवेंद्र फडणवीस?

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नई दिल्‍ली । शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने सोमवार को दावा किया कि महायुति (Grand Alliance) के एक सहयोगी दल के 22 विधायक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस Chief Minister Devendra Fadnavis() के ‘करीबी’ हो गए हैं और पाला बदलने को तैयार हैं। उनका परोक्ष तौर पर इशारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy Chief Minister Eknath Shinde) नीत शिवसेना की ओर था। हालांकि, सीएम ने इस दावे से इनकार कर दिया है। साथ ही कहा है कि शिंदे सेना सहयोगी दल है।

जून 2022 में, शिंदे के नेतृत्व में विधायकों के विद्रोह के बाद शिवसेना विभाजित हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में, जनवरी 2024 में, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट ‘असली’ शिवसेना है, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ राज्य में सत्तारूढ़ महायुति का एक घटक है।

आदित्य ठाकरे ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का नाम लिए बिना दावा किया, ‘सत्ता पक्ष की एक पार्टी है और दो गुट हैं। एक गुट के 22 विधायक मुख्यमंत्री के करीबी हो गए हैं। उनके पास अच्छा धन है और वे मुख्यमंत्री के इशारों पर नाचने लगे हैं।’ उन्होंने विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि 22 विधायक ‘पाला बदलने को तैयार हैं।’

 

वर्ली से विधायक ठाकरे ने कहा कि इन 22 विधायकों में से एक खुद को ‘उप-कप्तान’ कहता है। उनका परोक्ष तौर पर इशारा उद्योग मंत्री उदय सामंत की ओर था। अतीत में, शिवसेना (UBT) ने दावा किया था कि शिंदे और अजित पवार के साथ सामंत राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री हो सकते हैं। राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति को लेकर निष्क्रियता के मुद्दे पर, आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि सरकार विपक्ष के नेताओं से क्यों डरती है।

फडणवीस ने कहा, ‘अगर कोई ऐसा कहता है, तो कल कोई और दावा कर सकता है कि आदित्य ठाकरे के 20 विधायक भी भाजपा के साथ हैं। सिर्फ कह देने से कुछ नहीं होता।’ उन्होंने साफ किया है कि भाजपा को उनके विधायक लेने की कोई जरूरत नहीं है।

शिवसेना (UBT) नेता भास्कर जाधव को उनकी पार्टी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए नामित किया है, लेकिन विधानसभाध्यक्ष द्वारा कैबिनेट स्तर की इस नियुक्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। शिवसेना (UBT) 20 विधायकों के साथ निचले सदन में सबसे बड़ा विपक्षी दल है।

पूर्व में, जाधव ने राज्य विधानमंडल को पत्र लिखकर जानना चाहा था कि क्या ऐसा कोई नियम है जो यह अनिवार्य करता हो कि विपक्ष के नेता के पद पर दावा करने के लिए किसी विपक्षी दल के पास विधानसभा की कुल संख्या का 10 प्रतिशत (288 में से 29 सीट) होना चाहिए।

पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव में विपक्ष की करारी हार के बाद, कोई भी पार्टी कुल 288 सीट में से 10 प्रतिशत सीट नहीं जीत सकी।

शिवसेना (UBT) के पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंबादास दानवे का विधान परिषद में विपक्ष के नेता के तौर पर कार्यकाल अगस्त में समाप्त हो गया था। कांग्रेस ने अपने एमएलसी सतेज पाटिल को उच्च सदन में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने के लिए नामित किया है।

राज्य विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने रविवार को कहा कि उनके कार्यालय को विपक्ष के नेता की नियुक्ति का प्रस्ताव मिला है और हितधारकों के साथ बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा।

EXCLUSIVE PROFILE FEATURE: CA NIITESH N AGRAWAL — THE FINANCIAL VISIONARY SHAPING INDIA’S IPO LANDSCAPE

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CA Niitesh N Agrawal, founder at NYS & Company, has emerged as one of Delhi’s most trusted voices in valuation, audits, and SME IPO advisory. Operating from Connaught Place, he has served over 2000 clients across real estate, manufacturing, fintech, and hospitality. Armed with multiple certifications including Registered Valuer, DISA, and Forensic Audit, he combines deep expertise with ethical practice. His leadership at NYS & Co. ensures flawless compliance, accurate valuations, and strategic guidance for businesses seeking growth. Niitesh continues empowering entrepreneurs with financial clarity and supporting SMEs in raising capital confidently.

New Delhi: In the heart of Connaught Place—Delhi’s most prestigious business district—one name has steadily risen as a trusted force in valuation, audit, and SME IPO advisory: CA Niitesh N Agrawal, founder of NYS & Company. With over 2000 clients served and a reputation built on precision and integrity, he stands today as one of Delhi’s most dependable financial professionals.

Early Life & Academic Excellence

Born in Odisha and raised in Delhi, Niitesh’s academic journey has always been focused, disciplined, and results-driven.

He completed B.Com (H) from Delhi University and achieved his CA qualification in 2012.

To expand his expertise, he pursued multiple high-value professional certifications, including:

  • LLB
  • Registered Valuer
  • Independent Director Certification
  • DISA (Diploma in Information System Audit)
  • Forensic Audit & Fraud Detection
  • Concurrent Auditor Certification

This diverse educational background reflects his dedication to being a multi-dimensional financial expert.

Career Journey: A Turning Point That Changed Everything

Niitesh began his professional journey with an articleship at K. Prasad & Company. After qualifying as a Chartered Accountant, he joined the same firm as a Partner.

In 2014, he joined NYS & Company—a now 25-year-old CA firm—as a Partner, and has been contributing to its growth ever since.

Operating from Connaught Place for over a decade, his practice has thrived on delivering accurate, ethical, and client-focused corporate finance solutions—making him a trusted expert in the industry.

Office Address:
208, Arunachal Building,
19 Barakhamba Road, Connaught Place,
New Delhi – 110001
Contact: 7428326262

NYS & Company – A Trusted Name Since 2000

Established in 2000, NYS & Company has steadily grown under his leadership.

With a skilled team of 12 professionals, the firm provides services in:

  • Valuation Services
  • Audit of Listed Companies
  • Due Diligence
  • SME IPO Advisory
  • Corporate Compliance & Financial Structuring

One of their biggest strengths?

👉 Not a single client has ever left the firm.
This reflects their service quality, transparency, and long-term trust.

A Powerful Client Portfolio

With over 2000 clients, CA Niitesh has worked with several well-known brands, including:

  • Supertech Limited
  • DMF Play (Desi Music Factory)
  • Unitech Limited
  • Essar Steel
  • Hardwyn Locks India Limited
  • Go Zero Ice Cream
  • Nando’s
  • Valvoline Cummins

His client base spans real estate, fintech, manufacturing, retail, hospitality, and more, making his experience deep and diverse.

Beyond Professional Work: A Man of Social Commitment

Niitesh actively contributes to society through multiple initiatives:

Provides free advisory for individuals facing tax or litigation issues

Conducts awareness seminars & educational workshops

Renowned speaker on Valuation & IPO Advisory

Regular speaker at ICAI events

Serves as a Trustee in three NGOs

His belief is simple:
Empower people with the right financial knowledge.

Mission, Vision & Future Goals
Mission

“To provide quality financial services at an affordable cost, especially for those who lack professional guidance and struggle with compliance.”

Vision (Next 5 Years)

To become a recognized and respected face in India’s valuation and financial advisory landscape.

Messages to Youth, Entrepreneurs & CA Aspirants
For the Youth

“Never give up—think differently and keep moving forward.”

For Entrepreneurs

“Think big. Failure is not the end—it’s just a lesson.”

For CA Students

“Yes, the journey is tough… but the respect and opportunities you earn as a CA are worth every challenge.”

Experience & Impact

Helped many SME companies list on stock exchanges and raise funds for expansion

Conducts 300+ valuations per year

His valuation reports have enabled numerous startups to successfully raise capital

Conclusion

Today, CA Niitesh N Agrawal stands as a symbol of discipline, expertise, and integrity.
Through NYS & Company, he continues to set new benchmarks in valuation, audits, and IPO advisory—establishing himself as one of Delhi’s most trusted financial professionals.

IPL 2026 ऑक्शन पर बैन की छाप, तीन बड़े खिलाड़ी नहीं होंगे शामिल

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आईपीएल 2026 | आईपीएल 2026 की ऑक्शन के लिए माहौल बनना शुरू हो गया है. बीसीसीआई ने मंगलवार को उन 350 खिलाड़ियों की लिस्ट जारी कर दी जिनपर मिनी ऑक्शन में बोली लगेगी. कुल 1005 खिलाड़ियों को आईपीएल की मिनी ऑक्शन से बाहर किया गया है वहीं 3 ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें आईपीएल में एंट्री का हक ही नहीं था. ये खिलाड़ी वर्ल्ड क्रिकेट का बड़ा नाम हैं और इन्हें बीसीसीआई ने अपने रूल की वजह से बैन कर दिया था. ये तीनों ही खिलाड़ी इंग्लैंड के हैं और टी20 क्रिकेट में अपने दम पर मैच जिताने का माद्दा भी रखते हैं |

इन 3 खिलाड़ियों पर है बैन

आईपीएल ऑक्शन 2026 में जिन तीन खिलाड़ियों को बैन किया गया है उनके नाम हैं- बेन स्टोक्स, हैरी ब्रूक और जेसन रॉय. इंग्लैंड के ये तीनों खिलाड़ी एक ही वजह से बैन किए गए हैं. दरअसल हैरी ब्रूक और जेसन रॉय ने आईपीएल 2025 ऑक्शन में बिकने के बाद अपना नाम वापस ले लिया था इसके बाद बीसीसीआई के नियम के तहत उनपर दो सालों तक बैन लगा दिया गया. हैरी ब्रूक को 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने 6.25 करोड़ में खरीदा था, लेकिन उन्होंने इंग्लैंड के घरेलू सीजन के लिए लीग छोड़ दी. इसलिए ब्रूक 2026 और 2027 तक बैन हैं. जेसन रॉय ने 2024 में आईपीएल को निजी वजह से छोड़ दिया और 2025 ऑक्शन में वो आए ही नहीं. कुछ ऐसा ही बेन स्टोक्स ने किया था और अब वो भी ये बैन झेल रहे हैं |

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News Desk

PM किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का इंतजार खत्म…खाते में कब आएंगे 2000 जानें जारी होने की ‘सटीक तारीख’ और नया अपडेट

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PM Kisan Yojana 22nd Installment: आज भी देश की बड़ी आबादी खेती-किसानी कर अपना खाना-खर्चा चलाती है. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के ऐसे ही लाखों-करोड़ों गरीब किसानों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है. जिससे वे आसानी से अपना जीवन यापन कर सकें.

बता दें, पीएम किसान सम्मान योजना के तहत देश के किसानों को साल भर में 6000 रुपये दिए जाते हैं, 2000-2000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है. इसकी 21वीं किस्त नवंबर के महीने में जारी हुई थी. जिसके बाद अब किसानों को इसकी अगली किस्त यानी 22वीं किस्त का इंतजार है. तो आइए जानते है कब जारी होगी इसकी 22वीं किस्‍त.

कब आएगा 22वीं किस्त का पैसा?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार 6000 रुपये तीन किस्तों और हर चार महीनों के अंतराल पर जारी करती है. किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त बीते महीने 19 नवंबर को जारी हुई. इससे देश भर के करीब 9 करोड़ किसानों को फायदा मिला था. चूंकि 21वीं किस्त नवंबर के महीने में जारी हुई थी, तो नियम के अनुसार इसकी अगली किस्त करीब 4 महीने बाद यानी फरवरी तक जारी हो सकती है.

हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक 22वीं किस्त जारी होने की कोई भी आधिकारिक डेट सामने नहीं आई है. लेकिन अनुमान यही माना जा रहा है कि इसकी 22वीं किस्त फरवरी के महीने में जारी हो सकती है. किस्त का पैसा सीधा आपके खाते में पहुंचे और कहीं अटके ना इसके लिए किसानों को अपना e-KYC, आधार लिंकिंग और बैंक डिटेल्स अपडेट रखनी होगी.

किन किसानों को मिलेगी 22वीं किस्त
22वीं किस्त जारी होने से पहले आपको अपना स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए कि उनके खाते में अगली किस्त आएगी या नहीं. इसके लिए केंद्र सरकार की  आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या किसान ऐप पर जाएं. वेबसाइट के होम पेज पर Know Your Status चुनें और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें. अगर आपको अपना नंबर याद नहीं है तो Know Your Registration Number पर जाकर आप इसे कर सकते हैं.

नंबर मिलने के बाद पेज पर वापस आकर कोड डालें और Get Details पर क्लिक करें. कुछ सेकंड में आपका स्टेटस दिखाई देगा. अगर सब कुछ ठीक दिखता है तो आपको अगली किस्त मिलेगी. वहीं जिन किसानों के रिकॉर्ड, e-KYC या बैंक लिंकिंग में दिक्कत होगी उन्हें खातों में किस्त जारी नहीं की जाएगी.

सिर्फ 10 मिनट में पाएं ड्राई स्किन से राहत! ये 5 घरेलू उपाय सर्दी में करेंगे जादू, जानें चमकती त्वचा का राज

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ड्राई स्किन के घरेलू नुस्खे: सर्दियों में कैसे करें स्किन की केयर

सर्दियों में ड्राई स्किन के घरेलू नुस्खे सबसे ज्यादा खोजे जाते हैं, क्योंकि ठंडी हवा और कम नमी त्वचा की नेचुरल मॉइश्चर लेयर को कम कर देती है। नतीजा चेहरा फीका दिखने लगता है, स्किन खिंचती है और रूखी लाइन्स भी दिखने लगती हैं। ऐसे में हर बार महंगे मॉइश्चराइज़र फायदेमंद नहीं होते, खासकर जब उनमें केमिकल्स शामिल हों। अच्छी बात यह है कि घर में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें आपकी ड्राई स्किन को गहराई से पोषण देकर उसे फिर से हाइड्रेटेड बना सकती हैं।

1. नारियल तेल – गहराई से मॉइश्चर देने वाला तेल

नारियल तेल एक नेचुरल डीप मॉइश्चराइज़र है। इसमें मौजूद फैटी एसिड त्वचा में नमी बनाए रखते हैं और ड्राईनेस तुरंत कम होती है। इसे रात में चेहरे और शरीर पर हल्के मसाज के साथ लगाएं। इससे स्किन रिपेयर होती है और नैचुरल ग्लो बढ़ता है।

2. एलोवेरा जेल – स्किन को शांत और हाइड्रेट करता है

एलोवेरा में शक्तिशाली हाइड्रेटिंग और हीलिंग गुण होते हैं। ताज़ा एलोवेरा जेल 15 मिनट चेहरे पर लगाने से ड्राई पैचेज कम होते हैं, रेडनेस घटती है और स्किन सॉफ्ट महसूस होती है। नियमित इस्तेमाल से स्किन की नमी लंबे समय तक बनी रहती है।

3. शहद – प्राकृतिक ह्यूमेक्टेंट

शहद त्वचा में नमी खींचकर उसे लॉक करता है। यह ड्राई और डैमेज्ड स्किन के लिए बेहतरीन है। इसे सीधे चेहरे पर लगाएं या दही के साथ मिलाकर मास्क बनाएं। 15 मिनट बाद धोने पर स्किन मुलायम और हाइड्रेटेड लगेगी।

4. दही – पोषण और कूलिंग इफेक्ट

दही में मौजूद लैक्टिक एसिड और विटामिन्स ड्राई और डल स्किन को रिवाइव करते हैं। दही को सीधे चेहरे पर लगाएं या बेसन के साथ मिलाकर मास्क बनाएं। इससे त्वचा की नमी वापस आती है और पोर साफ रहते हैं।

5. बादाम तेल – विटामिन E से भरपूर मॉइश्चर

बादाम तेल त्वचा की गहराई तक जाकर हाइड्रेशन देता है। इसमें मौजूद विटामिन E फाइन लाइन्स को कम कर स्किन को स्मूथ बनाता है। नहाने के बाद हल्की गीली त्वचा पर लगाने से नमी लंबे समय तक बनी रहती है।

 

 

“राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ पर महासंग्राम…अमित शाह ने कांग्रेस को धो डाला…खड़गे बोले- नेहरू पर निशाना क्यों? जानें सदन में क्या हुआ हंगामा

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Parliament Vande Mataram Discussion: राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब वंदे मातरम की स्वर्ण जयंती हुई, तब जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम् के 2 टुकड़े करके उसको 2 अंतरों तक सीमित करने का काम किया था. इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और गृह मंत्री अमित शाह भी वही करते हैं.

राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मुद्दों पर चर्चा करने से कोई नहीं डरता है. हम संसद का बहिष्कार नहीं करते हैं. कोई भी मुद्दा हो हम चर्चा करने के लिए तैयार है लेकिन वंदे मातरम् गान की चर्चा को टालने की मानसिकता, यह नई नहीं है. जब वंदे मातरम के 50 साल पूरे हुए थे, तब भारत आजाद नहीं था.

अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने आगे कहा, “जब अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर कई प्रतिबंध लगाए तब बंकिम बाबू ने एक पत्र में लिखा था कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है मेरे सभी साहित्य को गंगा जी में बहा दिया जाए, यह मंत्र वंदे मातरम् अनंतकाल तक जीवित रहेगा, यह एक महान गान होगा और लोगों के हृदय को जीत लेगा और भारत के पुनर्निर्माण का यह मंत्र बनेगा. वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था. राष्ट्र की आत्मा को जागरूक करने का काम वंदे मातरम् ने किया इसलिए महर्षि अरविंद ने कहा यह भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है.”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया पलटवार
अमित शाह के राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर बहस के दौरान दिए गए बयानों को लेकर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार किया है. खड़गे ने कहा, “कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों, जिनमें नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र जी, सरदार पटेल जी, गोविंद वल्लभ पंत जी शामिल थे, उन्होंने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें सिफारिश की गई थी कि जहां भी राष्ट्रीय समारोहों में वंदे मातरम् गाया जाता है, वहां केवल पहले दो छंद ही गाए जाने चाहिए. क्या नेहरू जी कांग्रेस वर्किंग कमेटी में साथ थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने मिलकर फैसला लिया था. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरूजी को क्यों टारगेट करते हैं?”

PM नेहरू का अपमान करने की कसर नहीं छोड़ते
खड़गे ने आगे कहा, “कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम’ को नारा बनाने का काम किया. आपका इतिहास रहा है कि आप हमेशा आजादी की लड़ाई और देशभक्ति के गानों के खिलाफ रहे. प्रधानमंत्री मोदी जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और गृह मंत्री अमित शाह भी वही करते हैं.”

धुरंधर ने किया कमाल, 4 दिन में कमाए करोड़, जवान-एनिमल-टाइगर के रिकॉर्ड तोड़े

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बॉलीवुड | रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ को थिएटर्स में लगे अभी बस 4 ही दिन हुए हैं. पर फिल्म ने 3 ही दिन में 100 करोड़ का कारोबार कर लिया है. वीक डेज में पहुंचते ही फिल्म के कारोबार में काफी कमी आई है, पर वो फिर भी 20 करोड़ से ज्यादा है. जितना ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह का अंदाज छा गया, उससे कई गुना ज्यादा पसंद रहमान डकैत को किया जा रहा है. जिसका रोल अक्षय खन्ना ने निभाया है. हर तरफ उनका स्टाइल और डांस का वीडियो वायरल है. वहीं SP चौधरी असलम के किरदार में संजय दत्त ने भी काफी इम्प्रेस कर दिया है. इसी बीच फिल्म ओटीटी डील से कितने करोड़ छापे हैं, जान लीजिए |

किसी भी फिल्म का बजट निकालने के लिए थिएट्रिकल राइट्स और नॉन थिएट्रिकल राइट्स काफी अहम किरदार निभाते हैं. अब क्योंकि आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ का पार्ट 2 अगले साल 19 मार्च, 2026 में रिलीज किया जाएगा. तो काफी तगड़ा बज भी बना हुआ है. यूं तो यह बात हर कोई जानता है कि थिएटर्स के बाद नेटफ्लिक्स पर ही फिल्म को दिखाया जाएगा. पर क्या आप जानते हैं कि यह ओटीटी डील कितने करोड़ में कंफर्म की गई है. ‘धुरंधर’ ने रणबीर कपूर की ‘एनिमल’, शाहरुख खान की ‘जवान’ और सलमान खान की ‘टाइगर 3’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है |

कितने करोड़ में हुई ‘धुरंधर’ की OTT डील?

हाल ही में एक रिपोर्ट छपी. जिससे पता लगा कि ‘धुरंधर’ की ओटीटी डील भी कई करोड़ में हुई है. नेटफ्लिक्स ने ‘धुरंधर’ के स्ट्रीमिंग राइट्स 130 करोड़ रुपये में खरीदे हैं. जिसमें सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि दोनों पार्ट्स शामिल हैं. यानी पार्ट 1 और पार्ट 2 के राइट्स लगभग 65 करोड़ रुपये में बिके हैं. यूं तो बड़ी फिल्मों की ओटीटी डील रिकॉर्डतोड़ कीमतों पर होती हैं, पर छोटी फिल्मों को ओटीटी डील से कुछ खास कमाने का मौका नहीं मिलता है. हालांकि, रणवीर सिंह के करियर में भी यह एक बड़ा मौका है क्योंकि यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी OTT डील है |

इससे पहले रणवीर सिंह की किसी भी फिल्म की ओटीटी डील इतने महंगे प्राइज पर नहीं हुई है. ये रही रणवीर सिंह की फिल्मों की लिस्ट-

1. 83- 30 करोड़ (नेटफ्लिक्स) 2. रॉकी और रानी की प्रेम कहानी- 80 करोड़ (अमेजन प्राइम वीडियो)

इन तीन बड़ी फिल्मों का टूटा रिकॉर्ड

साल 2023 में रिलीज हुई शाहरुख खान की ‘जवान’ ने 1000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया था | फिल्म के डिजिटल राइट्स 120 करोड़ में नेटफ्लिक्स ने खरीदे थे. जबकि, एनिमल के भी इतने में ही बिके थे, जो 120 करोड़ में बेचे गए थे | साथ ही सलमान खान की ‘टाइगर 3’ के ओटीटी राइट्स 95 करोड़ में बेचे गए थे |