हिमाचल में भारत-इंडोनेशिया संयुक्त अभ्यास गरुड़ शक्ति प्रशिक्षण स्कूल में जारी

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इसका उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ, सहयोग को मजबूत करना 

नई दिल्ली। भारत-इंडोनेशिया संयुक्त विशेष बल अभ्यास गरुड़ शक्ति का 10वां संस्करण हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल में जारी है। यह अभ्यास 3 से 12 दिसंबर तक चलेगा। भारतीय सेना की तरफ से एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत-इंडोनेशिया संयुक्त विशेष बल अभ्यास गरुड़ शक्ति का 10वां संस्करण बकलोह स्थित विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल में चल रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य अर्ध-पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाना है। मुख्य फोकस क्षेत्रों में हेलीबोर्न ऑपरेशन, लड़ाकू शूटिंग और ड्रोन व सी-यूएएस प्रणालियों का इस्तेमाल शामिल है, जो भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।
बता दें भारतीय सैन्‍य दल का प्रतिनिधित्व पैराशूट रेजिमेंट के सैनिक कर रहे हैं, जबकि इंडोनेशियाई सैन्‍य दल में इंडोनेशियाई विशेष बल के जवान शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ, सहयोग और अंतरक्रियाशीलता को मजबूत करना है। इस अभ्‍यास में आतंकवाद-रोधी वातावरण में सैन्य-स्तरीय रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें निहत्थे युद्ध तकनीकें, लड़ाकू गोलीबारी, स्नाइपिंग, हेलीबोर्न ऑपरेशन और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में ड्रोन, काउंटर-यूएएस और लोइटर-म्यूनिशन हमलों की योजना बनाना शामिल है। इस प्रशिक्षण में हथियारों, उपकरणों और परिचालन प्रणाली पर विशेषज्ञता और जानकारी का आदान-प्रदान भी शामिल है।
शारीरिक फिटनेस, सामरिक अभ्यास और उच्च तीव्रता वाले युद्ध प्रशिक्षण पर जोर देने के लिए तैयार किया गया यह संयुक्त प्रशिक्षण, दोनों सैन्य दलों की सहनशक्ति, समन्वय और युद्ध तत्परता का परीक्षण करने के लिए वास्तविक दुनिया के परिचालन परिदृश्यों का अनुकरण करते हुए एक सत्यापन अभ्यास में परिणत होगा। यह अभ्यास रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने तथा दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

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पटियाला में दिलजीत की फिल्म शूटिंग पर हंगामा, प्रशासन ने किया नियंत्रण

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बॉलीवुड | फेमस एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ काफी वक्त से पटियाला में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं. कुछ वक्त पहले ही उन्होंने बॉलीवुड की फिल्म बॉर्डर 2 की शूटिंग पूरी की है | अब एक्टर इम्तियाज अली के साथ अपनी अगली फिल्म की शूटिंग में लगे हुए हैं. लेकिन, पंजाब के पटियाला शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मंगलवार यानी 9 दिसंबर की सुबह किला चौक इलाके में दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म की शूटिंग चल रही थी |

फिल्ममेकर इम्तियाज अली की डायरेक्शन में बन रही फिल्म के दिलजीत दोसांझ की फिल्म अहम सीन की शूटिंग किला चौक इलाके में किया जा रहा था. शूटिंग तो नॉर्मल तरीके से ही शुरू हुई, लेकिन अचानक उस समय विवाद का कारण बन गई, जब भीड़ बेकाबू हो गई और मौके पर तनाव फैल गया | स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को तुरंत बीच में आकर इसे शांत करना पड़ा. दरअसल, फिल्म की शूटिंग के लिए प्रोडक्शन टीम ने आसपास की दुकानों के बाहर उर्दू में लिखे बोर्ड लगा दिए थे, सेट तैयार करने के दौरान पूरे इलाके को कुछ देर के लिए बंद किया गया था |

विवाद में बदल गई बात

हालांकि, वहां के स्थानीय दुकानदार जब अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तो सिक्योरिटी वालों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. इस बात से नाराज होकर दुकानदारों और शूटिंग टीम के बीच बहस शुरू हो गई | बात मिनटों में बढ़ गई और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई. भीड़ बढ़ने के साथ माहौल और भी ज्यादा तनावपूर्ण हो गया. स्थानीय लोग दुकानें न खोल पाने और रास्ते बंद होने से नाराज दिखाई दिए, वहीं कुछ लोग फिल्म यूनिट के व्यवहार से भी असंतुष्ट थे, जिसके चलते वहां हल्का हंगामा शुरू हो गया |

पुलिस ने किया मामला शांत

मामला इतना गर्मा गया कि किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी | सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया. जिस के बाद वापस से शूटिंग शुरू हुई |जानकारी के मुताबिक, इस इलाके में अक्सर शूटिंग के चलते बहस जैसी स्थिति देखने को मिल रही है  इससे पहले भी दिलजीत की फिल्म सूरमा की शूटिंग के वक्त भी इस तरह का माहौल बन गया था. उस वक्त लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे बहस शुरू हो गई थी |

पटना एयरपोर्ट पर 24 उड़ानें अचानक रद्द, सबसे ज्यादा प्रभावित हैदराबाद और दिल्ली रूट

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विदेश में पढ़ने वाले छात्रों, कामकाजी लोगों और मरीजों को झेलना पड़ा मानसिक तनाव 

पटना। पटना एयरपोर्ट पर सोमवार का दिन यात्रियों के लिए परेशानी भरा रहा। इंडिगो की एक–दो नहीं, बल्कि कुल 24 उड़ानों को अचानक रद्द कर दिया गया। पिछले कई दिनों से जारी फ्लाइट रद्द होने की समस्या चरम पर पहुंच गई और इसका सीधा असर हजारों यात्रियों पर पड़ा। इंडिगो ने फिर वही पुराना कारण ऑपरेशनल इश्यू बताकर कैंसिलेशन की पुष्टि कर दी, लेकिन यात्रियों को इससे होने वाली भारी परेशानी का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। सबसे ज्यादा प्रभावित हैदराबाद और दिल्ली रूट रहे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रद्द की गई 24 उड़ानों में 10 इनबाउंड और 14 आउटबाउंड शामिल थीं। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता से आने-जाने वाली इन उड़ानों पर निर्भर लोग सुबह से काउंटरों पर लाइन में लगे रहे। कई यात्रियों ने 3–4 घंटे तक इंतजार के बाद कैंसिलेशन की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता से पटना आने वाली दस फ्लाइटें पूरे दिन रद्द रहीं। इनमें दिल्ली रूट से तीन उड़ानें और हैदराबाद से चार उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। 
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक दिक्कत उन यात्रियों को हुई जिनकी दिल्ली या हैदराबाद से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं। अचानक कैंसिलेशन के कारण कई लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई। विदेश में पढ़ने वाले छात्रों, कामकाजी लोगों और मरीजों को भारी मानसिक दबाव झेलना पड़ा। दूसरी एयरलाइंस में तत्काल टिकट दोगुनी–तिगुनी कीमत पर मिल रहे हैं। सरकार द्वारा हवाई किराया नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कीमतों में कोई खास राहत नहीं दिखाई दे रही है। कई परिवारों ने होटलों का खर्च उठाया, क्योंकि अगली उड़ानें अगले दिन या उससे भी आगे की उपलब्ध थीं।
पटना एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल पर सुबह 6 बजे से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बुजुर्ग और महिलाएँ घंटों इंतजार में परेशान रहीं। कई लोग तो इस उम्मीद में बैठे रहे कि शायद उड़ान पुनः बहाल हो जाए, पर ऐसा नहीं हुआ। इंडिगो ने एक संक्षिप्त नोट जारी कर कहा कि ऑपरेशनल कारणों से उड़ानें रद्द की गई हैं और यात्रियों को रिफंड, री–बुकिंग या क्रेडिट शेल की सुविधा दी जा रही है। पटना से बड़े रूटों पर लगातार उड़ानों का रद्द होना इस बात का संकेत है कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।

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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का दावा- चुनाव आयोग को एसआईआर करने का नैतिक अधिकार नहीं 

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नई दिल्ली। संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान चुनाव सुधारों पर मंगलवार को गरमागरम बहस चल रही है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के नेतृत्व में विपक्ष ने चुनाव आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला कर मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन के लिए उसकी निष्पक्षता और उसके कानूनी अधिकार, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदन को संबोधित कांग्रेस नेता तिवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहाँ कई सदस्यों को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं।
कांग्रेस नेता तिवारी ने सुझाव दिया कि पहला सुधार चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन से जुड़े कानून में संशोधन होना चाहिए। मेरा सुझाव है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग की समिति में शामिल करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने विभिन्न राज्यों में चल रही व्यवस्थित आंतरिक सुधार (एसआईआर) प्रक्रिया की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन भारत के चुनाव आयोग के पास एसआईआर आयोजित करने का कोई कानूनी औचित्य नहीं है। उन्होंने आयोग के इसतरह के सुधारों को लागू करने के अधिकार पर भी सवाल उठा दिया। संसद के निचले सदन ने चुनाव सुधारों पर चर्चा शुरू की है, जिसमें विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया भी शामिल है। विपक्षी दल महीनों से एसआईआर पर बहस की मांग कर रहे हैं, कांग्रेस मतदाता सूची में विसंगतियों का आरोप लगा रही है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) चर्चा में हस्तक्षेप कर सकते हैं। एलओपी एसआईआर के मुखर आलोचक रहे हैं और उनका आरोप है कि केंद्र सरकार प्रक्रिया का इस्तेमाल असली मतदाताओं को हटाने के लिए कर रही है। केसी वेणुगोपाल चुनाव सुधारों पर बहस में भाग लेने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में से एक हैं। अन्य नेताओं में मनीष तिवारी, वर्षा गायकवाड़, मोहम्मद जावेद, उज्ज्वल रमन सिंह, ईसा खान, रवि मल्लू, इमरान मसूद, गोवाल पदवी और एस ज्योतिमणि शामिल हैं। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एसआईआर पर चर्चा शुरू करने की संभावना है।
बात दें कि विपक्ष लगातार एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। एसआईआर के काम में लगे बीएलओ की मौतों का मुद्दा भी उठ सकता है। आरोप है अधिक दबाव के कारण बीएलओ खुदकुशी कर रहे हैं या उनकी मौत हो रही है। इधर बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की रिकॉर्ड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठा सकता है।

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ससुराल में बेइज्जती नहीं हुई बर्दाश्त, घर आकर पत्नी से मारपीट कर जिंदा जलाया

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महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार

गुरुग्राम। ससुराल में कहासुनी का बदला लेने के लिए पति ने पत्नी से मारपीट की। इसके बाद पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना 30 नवंबर रात की बताई जा रही है। अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को महिला की मौत हो गई। इस मामले में महिला के मायकेवालों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया है। मृत महिला की पहचान रायसीना की रहने वाली 37 साल की नीतू के रूप में हुई। 
पुलिस के मुताबिक एक दिसंबर को सोहना अस्पताल से महिला के आग लगने से झुलसने की सूचना मिली थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पहले गुरुग्राम फिर रोहतक रेफर किया गया था। पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर महिला के बयान दर्ज किए। बयान में महिला ने कहा था कि उसकी शादी 16 साल पहले रायसीना के रहने वाले आनंद से हुई थी। 30 नवंबर की रात आनंद शराब पीकर घर आया और झगड़ा करने के बाद उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसने घर में खड़ी बाइक से पेट्रोल निकालकर इसके ऊपर छिड़क दिया और लाइटर से आग लगा दी। 
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार को रायसीना गांव से आरोपी पति आनंद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले उसकी ससुराल में साली की शादी थी। इस दौरान ससुरालवालों से कहासुनी हो गई थी। इसकी रंजिश रखते हुए इसने 30 नवंबर को नीतू से मारपीट के बाद आग लगा दी थी।

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रग्बी अध्यक्ष बनने की कोशिश में राहुल बोस फंसें, फर्जी डोमिसाइल का आरोप

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बॉलीवुड | बॉलीवुड एक्टर और पूर्व रग्बी खिलाड़ी राहुल बोस एक धोखाधड़ी के मामले में फंस चुके हैं | उन पर आरोप है कि उन्होंने इंडियन रग्बी संघ में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए हिमाचल प्रदेश का फर्जी डोमिसाइल बनवाया. इसके साथ ही शिकायतकर्ता की ओर ये भी आरोप लगाया गया है कि अपना पद सुरक्षित रखने के लिए शाही परिवार की प्रतिष्ठा का भी फायदा उठाया है | राहुल बोस का ये मामला साल 2023 से ही शुरू है |

फिल्मी दुनिया में राहुल बोस ने कई फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाई है. लेकिन एक्टिंग फील्ड में आने के अलावा उन्होंने इंडियन टीम में 11 साल तक खिलाड़ी भी रहे हैं |अब राहुल राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर काम कर रहे हैं, लेकिन वो मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं |दरअसल, ये कहानी साल 2023 में शुरू हुई थी, जब बोस ने हिमाचल के शिमला स्थित पूर्व राजघराने की सदस्य वादा किया था कि वे राज्य स्तर की रग्बी एसोसिएशन बनाएंगे और उसकी मान्यता दिलाएंगे |

एक्टर पर उठाया सवाल

स्थानीय खिलाड़ियों और सदस्यों ने कई जिलों से मिलकर मेहनत की, लेकिन दो साल बाद भी उस एसोसिएशन को मान्यता नहीं मिली. इसके बजाय एक नई रग्बी एसोसिएशन बनाने की कोशिश शुरू हो गयी | रिपोर्ट की मानें, तो दिव्या कुमारी ने दावा किया है कि राहुल ने उनकी मेहनत और सदस्यों को अनदेखा कर, खुद के फायदे के लिए इस कदम को उठाया | उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राहुल जो से कोलकाता में पैदा हुए और महाराष्ट्र में अपना आधार और पासपोर्ट रखते हैं, वो कैसे हिमाचल का डोमिसाइल हासिल कर सकते हैं |

मामले में हो रही जांच

उन्होंने ये भी बताया कि अगर एक्टर के पास हिमाचल का डोमिसाइल नहीं होता, तो वो हिमाचल से दो वोट हासिल नहीं कर सकते थे, जो अध्यक्ष पद के लिए जरूरी थे | अब मामला हिमाचल प्रदेश के हाईकोर्ट तक पहुंच गया है | दिव्या ने औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई है और अधिकारी जांच कर रहे हैं | इस पूरे विवाद में हिमाचल प्रदेश की रग्बी कम्युनिटी असंतुष्ट है | उनका कहना है कि उनकी मेहनत और प्रयासों को अनदेखा कर, बिना सोचे समझे एक नई संस्था बनायी जा रही है, जो उनके लिए धोखा है |

चार नए पुलों के बनने से सेना व पर्यटकों की आवाजाही सुगम और सुरक्षित होगी: कंगना

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शिमला। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए किए जा रहे निरंतर विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र ने हमेशा हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सड़के प्रदेश की जीवन रेखा हैं और केंद्र सरकार द्वारा सड़क व पुल निर्माण के क्षेत्र में किए गए कार्य आने वाले सालों में प्रदेश की प्रगति की मजबूत नींव सिद्ध होंगे। 
कंगना ने मनाली–लेह सामरिक मार्ग पर सीमा सड़क संगठन के प्रोजेक्ट दीपक द्वारा निर्मित चार अहम परियोजनाओं के वर्चुअल उद्घाटन पर केंद्र सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार माना। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से अब सेना के भारी-भरकम वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुगम और सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बीआरओ द्वारा करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से इन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है, जिनमें 70 मीटर लंबा शोगटोंग ब्रिज, जिंगजिंगबर में दो मल्टी-सेल बॉक्स ब्रिज और कीलिंग सराय में 60 मीटर लंबा यूनम ब्रिज शामिल हैं। सभी पुल अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए हैं ताकि हर मौसम में भारी वाहनों की आवाजाही संभव हो सके।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लेह से देशभर की 125 परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें देश को समर्पित किया था। इन पुलों के निर्माण से मनाली–लेह मार्ग पर सालों से चली आ रही एवलांच जोन, उफनते नालों और कच्चे रास्तों की समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। पहले जहां सेना के काफिलों और आम यात्रियों को जोखिम भरे मार्ग से गुजरना पड़ता था, वहीं अब नए पुलों के जरिए यात्रा ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगी। सांसद कंगना ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल सामरिक दृष्टि से देश की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हिमाचल के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने के लिए आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मजबूत नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

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देशभक्ति का संबंध दिल की सच्चाई और अमल से है, न कि नारेबाजी से : मौलाना मदनी 

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को 150 वर्ष पूरे होने पर संसद में चल रही बहस के बीच जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि मुसलमानों को मर जाना स्वीकार है लेकिन शिर्क नहीं। उन्होंने कहा कि किसी के वंदे मातरम् पढ़ने या गाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इबादत में किसी दूसरे को शरीक नहीं कर सकता।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मदनी ने कहा कि वंदे मातरम् की कविता की कुछ पंक्तियां ऐसे धार्मिक विचारों पर आधारित हैं जो इस्लामी आस्था के खिलाफ हैं। विशेष रूप से इसके चार अंतरों में देश को दुर्गा माता जैसी देवी के रूप में प्रस्तुत किया है और उसकी पूजा के शब्द प्रयोग किए गए हैं, जो किसी मुसलमान की बुनियादी आस्था के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी देता है। इन अधिकारों के मुताबिक किसी भी नागरिक को उसके धार्मिक विश्वास के विरुद्ध किसी नारे, गीत या विचार को अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
मदनी ने कहा कि वतन से मोहब्बत करना अलग बात है और उसकी पूजा करना अलग। मुसलमानों को इस देश से कितनी मोहब्बत है इसके लिए उन्हें किसी के प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं है। आजादी की लड़ाई में मुसलमानों और जमीयत उलमा-ए-हिंद के बुजुर्गों की कुर्बानियां और विशेष रूप से देश के बंटवारे के खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद की कोशिशें दिन की रोशनी की तरह साफ हैं। आजादी के बाद भी देश की एकता और अखंडता के लिए उनकी कोशिशें भुलाई नहीं जा सकतीं। हम हमेशा कहते आए हैं कि देशभक्ति का संबंध दिल की सच्चाई और अमल से है, न कि नारेबाजी से।
मदनी ने कहा कि वंदे मातरम् बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंद मठ से लिया गया एक अंश है। इसकी कई पंक्तियां इस्लाम के धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं, इसलिए मुसलमान इस गीत को गाने से परहेज करते हैं। वंदे मातरम् का पूरा अर्थ है- मां, मैं तेरी पूजा करता हूं। यह शब्द स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यह गीत हिंदू देवी दुर्गा की प्रशंसा में लिखा गया था, न कि भारत माता के लिए। वंदे मातरम् गीत मां के सामने झुकने और उसकी पूजा करने की बात करता है, जबकि इस्लाम अल्लाह के अलावा किसी के सामने झुकने और पूजा करने की अनुमति नहीं देता। हम एक ईश्वर को मानने वाले हैं, हम उसके अलावा किसी को भी न अपना पूज्य मानते हैं और न ही किसी के सामने सजदा करते हैं। इसलिए हम इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं कर सकते। मर जाना स्वीकार है, लेकिन शिर्क स्वीकार नहीं है। मरेंगे तो इस्लाम पर और जिएंगे तो इस्लाम पर।

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ब्रांड वैल्यू में पीछे छूटी ये IPL टीम, 924 करोड़ वाली फ्रेंचाइज़ी ने लिया पहला स्थान

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बीसीसीआई की सोने की चिढ़िया आईपीएल की ब्रांड वैल्यू में इस बार भारी गिरावट आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक आईपीएल 2025 में सिर्फ गुजरात टाइटंस को छोड़कर हर टीम की ब्रांड वैल्यू गिरी है. सबसे बुरा हाल तो राजस्थान रॉयल्स का है जिसकी ब्रांड वैल्यू में 35 फीसदी तक की गिरावट है. इस गिरावट की बड़ी वजह आईपीएल 2025 का बीच में ही रुकना रहा. भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष की वजह से आईपीएल को एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया था |

आईपीएल की इन टीमों ने भी झेला झटका

राजस्थान रॉयल्स के अलावा सनराइजर्स हैदराबाद की ब्रांड वैल्यू में 34 प्रतिशत, कोलकाता नाइट राइडर्स की 33 प्रतिशत और दिल्ली कैपिटल्स की 26 प्रतिशत की गिरावट आई | पहली बार आईपीएल जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ब्रांड वैल्यू भी 10 फीसदी गिरी. चेन्नई सुपरकिंग्स का भी हाल बुरा रहा और उसकी ब्रांड वैल्यू 24 फीसदी तक कम हो गई. मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स को ज्यादा झटका नहीं लगा. मुंबई की 9 प्रतिशत, पंजाब की 3 प्रतिशत और लखनऊ की सिर्फ 2 प्रतिशत ब्रांड वैल्यू गिरी. रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात टाइटन्स इकलौती ऐसी टीम रही जिसकी ब्रांड वैल्यू 2 फीसदी तक बढ़ी |

IPL 2025 में किस टीम की कितनी ब्रांड वैल्यू रही

  1. मुंबई इंडियंस की नेटवर्थ- 924 करोड़ रुपये
  2. आरसीबी की नेटवर्थ- 898 करोड़ रुपये
  3. सीएसके की नेटवर्थ- 795 करोड़ रुपये
  4. केकेआर की नेटवर्थ- 624 करोड़ रुपये
  5. गुजरात टाइटंस की नेटवर्थ- 598 करोड़ रुपये
  6. पंजाब किंग्स की नेटवर्थ- 564 करोड़ रुपये
  7. लखनऊ सुपरजायंट्स की नेटवर्थ- 504 करोड़ रुपये
  8. दिल्ली कैपिटल्स की नेटवर्थ- 504 करोड़ रुपये
  9. सनराइजर्स हैदराबाद की नेटवर्थ- 478 करोड़ रुपये
  10. राजस्थान रॉयल्स की नेटवर्थ- 453 करोड़ रुपये
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कर्मचारी सावधान….रेलवे ने वीडियो बनाने पर लगाई पाबंदी, नियम तोड़ने पर होगी बड़ी कार्रवाई

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Railway Duty Discipline New Order: भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर है. दक्षिण-पूर्व रेलवे (SECR) ने कर्मचारियों को लेकर नया नियम लागू किया है. ड्यूटी के दौरान अब रील और वीडियो बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. रायपुर रेल मंडल में कर्मचारियों के बीच बढ़ते रील ट्रेंड को देखते हुए रेल प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं. आदेश के तहत ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के लिए किसी भी तरह का वीडियो, रील और ब्लॉग बनाना या फोटो खींचना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. यह नियम वर्दी में, रेलवे परिसर में या रेलवे की किसी भी संपत्ति के पास लागू रहेगा.

नए नियम का आदेश जारी

SECR ने नए नियम को लेकर आदेश जारी कर दिया है. आदेश के तहत रेल कर्मचारी किसी भी परिसर जैसे स्टेशन, कार्यशाला, कंट्रोल रूम, कार्यालय, ट्रेन, यार्ड या किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में ब्लॉगिंग, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी या इंटरनेट मीडिया के लिए किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग नहीं कर सकते हैं.

वहीं, गैर-परिचालन क्षेत्रों में अवकाश के समय मोबाइल फोन का उपयोग सिर्फ व्यक्तिगत और आवश्यक संचार तक सीमित रहेगा. किसी भी कर्मचारी के ड्यूटी के दौरान या आधिकारिक संसाधनों का उपयोग कर सोशल मीडिया कंटेंट बनाना पूरी तरह से नियमों के खिलाफ माना जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

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रायपुर रेल मंडल ने लिया सख्ती का फैसला

हाल ही में बिलासपुर रेल हादसे के बाद सवाल उठे थे. वहीं, कुछ दिनों पहले रेलवे कर्मचारी के ड्यूटी के दौरान कंटेंट क्रिएशन का वीडियो वायरल हुआ था. इसके बाद ड्यूटी के दौरान रील और वीडियो बनाने वाले रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. रेलवे प्रशासन की ओर से स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार का वीडियो, रील, ब्लॉग या फोटो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. यह नियम वर्दी में, रेलवे परिसर में या रेलवे की किसी भी संपत्ति के पास लागू रहेगा.