23.4 C
London
Wednesday, June 24, 2026
HomeLatest Newsकांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का दावा- चुनाव आयोग को एसआईआर करने का...

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का दावा- चुनाव आयोग को एसआईआर करने का नैतिक अधिकार नहीं 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान चुनाव सुधारों पर मंगलवार को गरमागरम बहस चल रही है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के नेतृत्व में विपक्ष ने चुनाव आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला कर मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन के लिए उसकी निष्पक्षता और उसके कानूनी अधिकार, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदन को संबोधित कांग्रेस नेता तिवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहाँ कई सदस्यों को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं।
कांग्रेस नेता तिवारी ने सुझाव दिया कि पहला सुधार चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन से जुड़े कानून में संशोधन होना चाहिए। मेरा सुझाव है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग की समिति में शामिल करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने विभिन्न राज्यों में चल रही व्यवस्थित आंतरिक सुधार (एसआईआर) प्रक्रिया की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन भारत के चुनाव आयोग के पास एसआईआर आयोजित करने का कोई कानूनी औचित्य नहीं है। उन्होंने आयोग के इसतरह के सुधारों को लागू करने के अधिकार पर भी सवाल उठा दिया। संसद के निचले सदन ने चुनाव सुधारों पर चर्चा शुरू की है, जिसमें विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया भी शामिल है। विपक्षी दल महीनों से एसआईआर पर बहस की मांग कर रहे हैं, कांग्रेस मतदाता सूची में विसंगतियों का आरोप लगा रही है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) चर्चा में हस्तक्षेप कर सकते हैं। एलओपी एसआईआर के मुखर आलोचक रहे हैं और उनका आरोप है कि केंद्र सरकार प्रक्रिया का इस्तेमाल असली मतदाताओं को हटाने के लिए कर रही है। केसी वेणुगोपाल चुनाव सुधारों पर बहस में भाग लेने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में से एक हैं। अन्य नेताओं में मनीष तिवारी, वर्षा गायकवाड़, मोहम्मद जावेद, उज्ज्वल रमन सिंह, ईसा खान, रवि मल्लू, इमरान मसूद, गोवाल पदवी और एस ज्योतिमणि शामिल हैं। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एसआईआर पर चर्चा शुरू करने की संभावना है।
बात दें कि विपक्ष लगातार एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। एसआईआर के काम में लगे बीएलओ की मौतों का मुद्दा भी उठ सकता है। आरोप है अधिक दबाव के कारण बीएलओ खुदकुशी कर रहे हैं या उनकी मौत हो रही है। इधर बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की रिकॉर्ड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठा सकता है।

Previous articleमध्यप्रदेश की भरेवा शिल्प कला विरासत को मिली राष्ट्रीय पहचान
Next articleससुराल में बेइज्जती नहीं हुई बर्दाश्त, घर आकर पत्नी से मारपीट कर जिंदा जलाया
News Desk

BHIMSI FOUNDATION LAUNCHES DIGITAL DOOR NUMBER PLATE PROJECT

A Major Step Towards Digital Property Identification and Smart Community Development BHIMSI Foundation has launched its innovative Digital Door Number Plate Project, a transformative initiative...

Subset by Kriya Veda Brings Cellular Health to the Forefront of Wellness

As the wellness industry continues to evolve, cellular health is becoming a central focus for individuals seeking sustainable ways to support long-term vitality. Subset...