कैसे तय होता है खिलाड़ियों का बेस प्राइज? करोड़ों के खेल के पीछे के अनसुने नियम जानकर रह जाएंगे दंग

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IPL 2026 Mini Auction: हर साल की तरह इस साल भी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का ऑक्शन हो रहा है. आईपीएल के 19वें सीजन का मिनी-ऑक्शन यूएई के अबू धाबी में हुआ. यहां फ्रेंचाइजी 237.55 करोड़ रुपए के कुल पर्स से 77 खाली स्लॉट भरने के लिए जोरदार बोली लगाई. ऑक्शन में देखा गया है कि कुछ खिलाड़ी 2 करोड़ रुपए की बेस प्राइस के साथ नीलामी में आए, वहीं कुछ 30 लाख के न्यूनतम स्लैब पर उपलब्ध हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आईपीएल में किसी भी खिलाड़ी का बेस प्राइस कैसे तय किया जाता है.

कौन तय करता है खिलाड़ी की बेस प्राइज ?
आईपीएल (IPL) ऑक्शन में किसी भी खिलाड़ी का बेस प्राइस बीसीसीआई या किसी फ्रेंचाइजी द्वारा निर्धारित नहीं किया जाता है. इसके बजाय खिलाड़ी जब नीलामी में शामिल होने के लिए अपना पंजीकरण कराते हैं, तो उन्हें आईपीएल के द्वारा पहले से तय की गई स्लैब में से अपने लिए एक उपयुक्त बेस प्राइस चुनना होता है.

IPL द्वारा तय किए गए बेस प्राइज स्लैब
बता दें कि खिलाड़ी अपनी बेस प्राइज खुद ही तय करते हैं, लेकिन उन्हें आईपीएल गवर्निंग काउंसिल द्वारा तय किए गए निश्चित प्राइज ब्रैकेट के अंदर ही ऐसा करना होता है. आईपीएल 2026 के लिए अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए आमतौर पर 20 लाख रुपए या फिर 30 लाख रुपए जैसे काम स्लैब बनाए गए हैं. वहीं कैप्ड अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए 2 करोड़ तक के ऊंचे स्लैब चुनने का ऑप्शन होता है.

जानिए कई खिलाड़ी कम बेस प्राइज क्यों चुनते हैं ?
अक्सर देखा गया है कि कई खिलाड़ी कम बेस प्राइस चुनते हैं. उनका यह चुनाव करना रणनीतिक कदम होता है. क्योंकि जब कोई खिलाड़ी 30 लाख रुपए या फिर 50 लाख रुपए पर नीलामी में आता है, तो ज्यादा फ्रेंचाइजी बोली लगाने को तैयार होती हैं, जिस वजह से मुकाबला बढ़ जाता है और अंत तक में कीमत बेस प्राइज से काफी ज्यादा हो जाती है. वहीं कई खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं, जिन्हें अपनी मांग पर पूरा भरोसा होता है. वे जानबूझकर अपनी बेस प्राइज को कम रखते हैं, ताकि ऑक्शन में ज्यादा से ज्यादा दिलचस्पी पैदा हो सके.

ऊंची बेस प्राइज चुनने का जोखिम
इस प्रक्रिया में एक बड़ा जोखिम शामिल होता है. यदि कोई खिलाड़ी अपनी बेस प्राइस 1.5 करोड़ या 2 करोड़ जैसी ऊंची रखता है, तो फ्रेंचाइजी अपने सीमित बजट (पर्स) या टीम के सही संतुलन को बनाए रखने की चिंताओं के कारण बोली लगाने से हिचकिचा सकती हैं. ऐसी स्थिति में कई बार योग्य और प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी नीलामी में बिना बिके रह जाते हैं.

 

ट्रंप की ‘शरण’ में आसिम मुनीर…भारी विरोध के बावजूद अमेरिका उड़ान के पीछे क्या है मजबूरी? जानें पर्दे के पीछे की कहानी

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Asim Munir America Visit: पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पिछले 6 महीनों के अंदर तीसरी बार अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे. पाकिस्तान भले ही अमेरिका का विरोध करना चाहता हो लेकिन वह नजरअंदाज नहीं करना चाहता. क्योंकि उसे इसके परिणाम के बारे में बखूबी पता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गाजा के लिए प्रस्तावित ‘स्टेबलाइजेशन फोर्स’ में पाकिस्तानी सेना की तैनाती को लेकर बातचीत हो सकती है, जिसमें वाशिंगटन पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना रहा है. यह बातचीत आसिम मुनीर के करियर के लिए सबसे बड़ी परीक्षा मानी जा रही है.

दरअसल, अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान, गाजा के लिए प्रस्तावित ‘स्टेबलाइजेशन फोर्स’ में अपने सैनिकों की तैनाती करे. लेकिन यह फैसला आसिम मुनीर के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. क्योंकि अगर मुनीर ऐसा करते हैं तो विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान के भीतर जबरदस्त राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है. इसलिए मुनीर के लिए यह फैसला किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है.

गाजा स्टेबलाइजेशन फोर्स पर बातचीत की उम्मीद
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, आसिम मुनीर अगले हफ्ते वॉशिंगटन जा सकते हैं. उनकी मुलाकात राष्ट्रपति से होना तय मानी जा रही है. आसिम मुनीर डोनाल्ड ट्रंप से गाजा स्टेबलाइजेशन फोर्स पर बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे. डोनॉल्ड ट्रंप ने गाजा प्लान के तहत मुस्लिम देशों की एक संयुक्त सेना को गाजा में तैनात करने की बात कही थी. जिसमें ट्रंप का मकसद था कि युद्ध के बाद संक्रमण काल में वहां पर फिर से निर्माण, आर्थिक बहाली और स्थिरता को बनाए रखने के लिए प्रयास करना है. क्योंकि बीते 2 सालों में इजरायली हमले से गाजा बुरी तरह से तबाह हो चुका है.

परमाणु हथियार वाला इकलौता मुस्लिम देश
पाकिस्तान दुनिया का इकलौता मुस्लिम ऐसा देश है, जिसके पास परमाणु हथियार है. इसी के दम पर वह बीच-बीच में उछल कूद करता रहता है. भारत के साथ भी पाक ने 3 बार युद्ध लड़ा. इसके अलावा वह अफगानिस्तान के इस्लामिस्ट आतंकियों के खिलाफ भी संघर्ष कर रहा है. रक्षा विशेषज्ञ आयशा सिद्दीकी के अनुसार, पाकिस्तान की सैन्य ताकतों की वजह से डोनाल्ड ट्रंप की दिलचस्पी रहती है. उन्हें लगता है कि पाक सेना लड़ने में सक्षम है. हालांकि आसिम मुनीर के अमेरिका जाने को लेकर पाकिस्तान की सेना, विदेश मंत्रालय और सूचना मंत्रालय की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

काव्या मारन का सुपरहिट निवेश, 13 करोड़ में खरीदे खिलाड़ी ने किया कमाल

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 16 दिसंबर को अबू धाबी में हुए आईपीएल ऑक्शन में जिस खिलाड़ी पर काव्या मारन ने 13 करोड़ रुपये लुटाए, उसने उसी दिन सिर्फ 48 गेंदों में मैच जिताऊ पारी खेलकर बता दिया कि उस पर लगाया दांव बेकार नहीं है | बड़ी बात ये है कि उस खिलाड़ी ने खुद को साबित भी अबू धाबी में ही किया | हम बात कर रहे हैं लायम लिविंगस्टन की, जिन्होंने इंटरनेशनल लीग T20 के मुकाबले में 16 दिसंबर को अपनी टीम अबू धाबी नाइट राइडर्स के लिए डेजर्ट वाइपर्स के खिलाफ दमदार पारी खेली |

लिविंगस्टन ने 48 गेंदों में खेली विस्फोटक पारी

इंग्लैंड के ऑलराउंडर लायम लिविंगस्टन ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी अपनी टीम के लिए इतने रन मारे कि वो इस सीजन में उनका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया. लिविंगस्टन ने अबू धाबी में खेले T20 में चौथे नंबर पर उतरकर सिर्फ 48 गेंदों में ही 76 रन ठोक दिए | 158 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट के साथ खेली इस पारी के दौरान उन्होंने 9 गेंदों को बाउंड्री के बाहर मारा. मतलब, उन्हें छक्के और चौके के जरिए सीमारेखा के पार किया. लिविंगस्टन ने 6 चौके और 3 छक्के जमाए |

1 रन से मैच जीती लिविंगस्टन की टीम

लायम लिविंगस्टन की इस विस्फोटक पारी का नतीजा ये हुआ कि उनकी टीम अबू धाबी नाइट राइडर्स ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 181 रन बना दिए. जवाब में 182 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डेजर्ट वाइपर्स 20 ओवर में 6 विकेट पर 180 रन बनाकर ही थम गई और 1 रन से मुकाबला हार गई |

लिविंगस्टन के लिए काव्या मारन ने खोली तिजोरी

लायम लिविंग्स्टन वही खिलाड़ी हैं, जिनके लिए काव्या मारन ने अपनी तिजोरी खोलकर रख दी. हालांकि, IPL 2026 के ऑक्शन के पहले राउंड में वो नहीं बिके थे. लेकिन, जब दूसरी बार जब उनका नाम आया तो KKR, हैदराबाद, लखनऊ और गुजरात की टीमें ने उन्हें खरीदने के लिए टूट पड़ीं |

13 करोड़ में मारी बाजी

लिविंगस्टन पर बोली लगाने की शुरुआत KKR ने की थी. फिर उसमें गुजरात भी कूद पड़ी. लेकिन आखिर में असली टक्कर लखनऊ और हैदराबाद के बीच हुई. LSG उन्हें खरीदने के लिए 12.8 करोड़ तक गई, सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 करोड़ रुपये में डील क्लोज कर दी |

प्रदूषण की मार के बीच दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान, मजदूरों के खाते में आएंगे 10,000; जानें किसे मिलेगा लाभ

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Delhi Government Order: दिल्ली में ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार को देखते हुए सरकार ने सभी सरकार और निजी दफ्तरों पर 50% वर्क फ्रॉम होम देने का ऐलान किया है. यह नियम गुरुवार 18 दिसंबर से लागू किया जाएगा. सरकार के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. इसके अलावा दिल्ली में निर्माण कार्यों पर रोक लगने से प्रभावित रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों को 10000 रुपए मुआवजा भी दिया जाएगा. यह घोषणा दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने की है.

कपिल मिश्रा ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा, “पॉल्यूशन को देखते हुए दिल्ली सरकार के श्रम मंत्रालय ने दो बड़े निर्णय लिए हैं. पहला निर्माण कार्य रुकने से प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में ₹ 10,000 DBT होंगे. वहीं, दूसरा निर्णय दिल्ली के सभी सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम मैंडेटरी रहेगा. जबकि स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए छूट दी जाएगी.

दिल्ली में गंभीर श्रेणी में AQI
दिल्ली में दीवाली के समय से ही प्रदूषण में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है. बुधवार को भी एक्यूआई 400 पार रहा. गुरुवार को भी 400 के करीब रहा लेकिन 400 के आंकड़े को पार नहीं किया. इन दिनों दिल्ली में धुंध की मोटी परत छाई हुई है. एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है. इसकी वजह से सड़क दुर्घटनाओं में भी बढ़ोत्तरी हुई है.

किस कैटेगरी में कितना AQI?
AQI को 6 कैटेगरी में बांटा गया है. जिसमें गंभीर (401-500), बहुत खराब (301-400), खराब (201-300), मध्यम प्रदूषित (101-200), संतोषजनक (51-100) और अच्छा (0-50) शामिल है. आप AQI के हिसाब से पता लगा सकते हैं कि आपके इलाके में किस कैटेगरी में AQI है. AQI 200 से ऊपर होने पर स्वास्थ्य पर असर पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

प्रभास ने पहले से चलाया बड़ा प्लान, ‘धुरंधर’ और ‘पुष्पा 2’ की टक्कर में नया मोड़

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प्रभास सॉलिड तैयारी कर चुके हैं. यूं तो पिछली फिल्म साल 2024 में रिलीज हुई थी. जिसका नाम था- ‘कल्कि 2898एडी’. फिल्म ने 1000 करोड़ कमा लिए थे और अब जल्द ही उसका दूसरा पार्ट भी लाया जाएगा | जल्द ही फिल्म पर काम किया जाएगा. प्रभास के खाते में पहले ही कई सारी फिल्में हैं, जिसमें- ‘स्पिरिट’, ‘द राजा साब’, ‘कल्कि 2898एडी 2’ और ‘फौजी’ भी शामिल है |  जिसमें से कुछ फिल्मों का काम पूरा हो चुका है | अब उनकी अगली फिल्म का लंबे वक्त से इंतजार किया है | जिसे मारुति ने डायरेक्ट किया है और प्रभास के साथ संजय दत्त आ रहे हैं. लेकिन उस फिल्म के रनटाइम ने सबके होथ उड़ा दिए हैं |

‘द राजा साब’ को इस साल ही दो बार रिलीज किया जाना था. जिसमें- 10 अप्रैल और 5 दिसंबर की तारीख शामिल है. लेकिन काम पूरा न होने के चलते इसे आगे के लिए पोस्टपोन कर दिया गया |अब यह फिल्म 9 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है | जो पोंगल वाले विंडो में आ रही है. इसके साथ और भी कई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं. लेकिन मेकर्स ने कितना रनटाइम फाइनल किया है? क्या प्रभास धुरंधर-पुष्पा 2 को सच में टक्कर दे पाएंगे?

प्रभास की फिल्म पर क्या अपडेट आया

हाल ही में एक न्यूज वेबसाइट पर रिपोर्ट छपी. जिससे पता लगा कि, प्रभास की The Raja Saab की शूटिंग काफी पहले ही खत्म हो चुकी है | वहीं, पोस्ट-प्रोडक्शन पर भी तेजी से काम किया जा रहा है. साथ ही नई रिपोर्ट से पता लगा कि मारुति की टीम ‘राजा साब’ की सेंसर कॉपी के साथ तैयार है | क्रिसमस से पहले सेंसर की सभी फॉर्मेलिटीज को पूरी भी कर दिया जाएगा | फिलहाल फिल्म का फाइनल रनटाइम 3 घंटे और 15 मिनट तय किया गया है | इन दिनों हर फिल्म 3 घंटे से ज्यादा होती है | हाल ही में ‘धुरंधर’ का भी फाइनल रनटाइम भी 3 घंटे से ज्यादा था | पर लोगों का इसलिए नेगेटिव रिस्पॉन्स नहीं मिला, क्योंकि फिल्म की कहानी पसंद की जा रही है|

हालांकि, नई रिपोर्ट में कहा गया कि मारुति और उनकी टीम फाइनल बदलाव कर सकती है. अबतक जो रनटाइम है, वो- 3 घंटे और 15 मिनट है | पर कहा जा रहा है कि फिल्म का फाइनल वर्जन 15 मिनट छोटा किया जा सकता है | जिसके बाद ‘राजा साब’ का फाइनल कट 3 घंटे हो सकता है. लेकिन फिलहाल तो 3 घंटे से ज्यादा ही टाइम है. जिसके लिए एक नया रिलीज ट्रेलर भी तैयार किया जा रहा है | दरअसल क्रिसमस के बाद एक ग्रैंड प्री-रिलीज इवेंट होगा |अब क्योंकि फिल्म को रिलीज होने में 23 दिन का वक्त ही बचा है. तो मेकर्स कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं | हालांकि, इससे पहले पुष्पा 2 का रनटाइम 3 घंटे से ज्यादा था. पर अबतक राजा साब को खास रिस्पॉन्स नहीं मिला है. कहीं 3 से ज्यादा रनटाइम प्रभास को ही भारी न पड़ जाए |

जीरो से हीरो बने मंगेश यादव…5.20 करोड़ में बिकने वाला यह खिलाड़ी कौन है? RCB के इस मास्टरस्ट्रोक के पीछे का राज जानिए

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Who is Mangesh Yadav: अबू धाबी में हुए IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में टीमों ने कई खिलीड़ियों पर दिल खोलकर पैसा उड़ाया. मिनी ऑक्शन में मध्य प्रदेश के 23 वर्षीया मंगेश यादव विशेष आकर्षण बने. जैसे ही ऑक्शन में मंगेश का नाम आया वैसे ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच उनको खरीदने के लिए होड़ लग गई.

ऑक्शन में मंगेश यादव को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5.20 करोड़ रुपये में खरीदा है. वहीं SRH ने भी इस भारतीय गेंदबाज को खरीदने का भरसक प्रयास किया, लेकिन हैदराबाद ने 5 करोड़ से ज्यादा बोली नहीं लगाई.

कौन हैं मंगेश यादव?
मंगेश यादव का जन्म 10 अक्टूबर 2002 को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुआ था. क्र‍िकेट में वो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं. साथ ही वो दमदार बैटिंग के लिए भी जाने जाते हैं. बता दें कि मंगेश के बाएं हाथ का तेज गेंदबाज होने के कारण ही उन पर इतनी ऊंची बोली लगाई गई. हैरान करने वाली बात ये है कि उनका बेस प्राइस मात्र 30 लाख रुपये का था, लेकिन ऑक्शन में RCB ने उन्हें बेस प्राइस से 17 गुना ज्यादा रकम में खरीदा है.  

क्यों लगी इतनी ऊंची बोली?
मंगेश पर लगी ऊंची बोली का बड़ा कारण सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका दमदार प्रदर्शन रहा है. उन्होंने इस घरेलू टी20 टूर्नामेंट में 3 विकेट ले चुके हैं और एक पारी में बैटिंग करते हुए 28 रन भी बनाए थे. उन्हें MP टी20 लीग 2025 से पहचान मिली थी, जहां उन्होंने 14 विकेट हासिल किए थे. साथ ही वो पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज रहे. इसके अलावा बूची-बाबू टूर्नामेंट में पंजाब के खिलाफ उनकी 75 रनों की पारी ने भी IPL टीमों का ध्यान अपनी ओर खींचा.

खास बात ये है कि मंगेश यादव दोनों तरफ गेंद को स्विंग करने में महारत रखते हैं और सटीक यॉर्कर भी फेंकते हैं. उनको एक फुल पैकेज कहा जा सकता है क्योंकि पावरप्ले और डेथ ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. मॉर्डन टी20 में ऐसे खिलाड़ियों की मांग रहती है, जो जरूरत पड़ने पर टीम के काम आते हैं. डिफेंडिंग चैंपियन के साथ मंगेश के जुड़ने से उनके लोअर मिडिल ऑर्डर को मजबूती मिलेगी.

टैक्स की मार या UPI का नया अवतार? उन 10 बड़े बदलावों की लिस्ट जिसने साल भर आपकी जेब पर डाला सीधा असर

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साल 2025 अब विदा लेने को है और जाते-जाते ये साल आम आदमी की जेब से जुड़े कई बड़े बदलाव छोड़ गया.टैक्स से लेकर डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग से लेकर निवेश तक ऐसे 10 अहम नियम लागू हुए, जिनका असर हर नौकरीपेशा, व्यापारी और निवेशक पर पड़ा.

आइए जानते हैं Year Ender 2025 में पैसे से जुड़े वो 10 बड़े नियम

1. इनकम टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव

2025 में टैक्स स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर बदलाव हुए, जिससे मिडिल क्लास को कुछ राहत मिली, लेकिन हाई इनकम ग्रुप पर टैक्स बोझ बढ़ा.

2. UPI और डिजिटल पेमेंट के नए नियम

UPI ट्रांजैक्शन लिमिट, ऑटो-पे नियम और KYC से जुड़े बदलाव लागू हुए. डिजिटल पेमेंट पहले से ज्यादा सुरक्षित तो हुआ, लेकिन नियम भी सख्त हुए.

3. क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल पर सख्ती

रिवॉर्ड पॉइंट्स, चार्जेस और EMI पर नए नियम आए. अब देर से पेमेंट करने पर पहले से ज्यादा पेनाल्टी चुकानी पड़ी.

4. बैंक FD और सेविंग अकाउंट के ब्याज दरों में बदलाव

2025 में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे सीनियर सिटीजन और रिटायर लोगों की इनकम प्रभावित हुई.

5.GST से जुड़े अहम संशोधन

कुछ रोजमर्रा के सामान महंगे हुए, तो कुछ पर टैक्स कम किया गया.व्यापारियों के लिए कंप्लायंस और सख्त हो गया.

6. पेंशन और रिटायरमेंट नियम

NPS और अन्य रिटायरमेंट स्कीम्स में बदलाव हुए, जिससे लॉन्ग टर्म सेविंग प्लानिंग पर असर पड़ा.

7. इंश्योरेंस पॉलिसी पर टैक्स नियम बदले

हाई वैल्यू लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर टैक्सेशन लागू हुआ, जिससे निवेशकों को नई रणनीति बनानी पड़ी.

8. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े नियम

SEBI के नए नियमों से निवेश में पारदर्शिता बढ़ी, लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए नियम सख्त हुए.

 9. लोन और EMI नियम

होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन की EMI पर ब्याज दरों का असर साफ दिखा. EMI आम आदमी के बजट का बड़ा हिस्सा बन गई.

10. सब्सिडी और सरकारी योजनाओं में बदलाव

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और पात्रता नियम बदले, जिससे कुछ लोगों को फायदा मिला तो कुछ इससे बाहर हो गए. 

धुरंधर रहमान डकैत को भूल जाएं, 11 साल पहले खूंखार विलेन बनकर रितेश देशमुख ने मचाया था तहलका

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आदित्य धर की ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया और सारी लाइमलाइट बटोर ली. हीरो बने रणवीर सिंह से ज्यादा फिल्म में विलेन बने अक्षय खन्ना की बात की जा रही है | धुरंधर से पहले भी कई ऐसी फिल्में आ चुकी हैं, जिनमें हीरो से ज्यादा विलेन की बात की गई. बॉलीवुड के कई एक्टर्स ऐसे हैं, जो पॉजिटिव से ज्यादा निगेटिव रोल निभाकर छा गए. इस लिस्ट में अक्षय खन्ना के बाद रितेश देशमुख का नाम जरूर शामिल होता है |

रितेश देशमुख दो दशकों से ज्यादा समय से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं और उन्हें सोलो से लेकर मल्टी स्टारर फिल्मों में अच्छे एक्टर के तौर पर गिना जाता है. रितेश ने अपने फिल्मी करियर में एक्शन से लेकर कॉमेडी तक हर जॉनर में खुद को साबित किया है. लेकिन जब-जब वो विलेन बनकर पर्दे पर आए, खूब सुर्खियां बटोरीं |

रितेश देशमुख का बर्थडे

बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर रितेश देशमुख 17 दिसंबर को अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं. इसी मौके पर हम आपको बताते हैं 11 साल पहले आई उनकी फिल्म के बारे में जब रितेश ने पहली बार पर्दे पर खूंखार विलेन का रोल किया, जिसे ऑडियंस ने खूब सराहा. वो फिल्म और कोई नहीं, बल्कि मोहित सूरी की ‘एक विलेन’ है |

जब पहली बार विलेन बने रितेश देशमुख

रितेश देशमुख को लोगों ने अक्सर सपोर्टिंग रोल में देखा. अपने नॉर्मल रोल से लोगों के चेहरे पर मुस्कान छोड़ जाने वाले एक्टर ने साल 2014 में पहली बार विलेन का किरदार निभाया और इंडस्ट्री के बाकी विलेन्स की शानपट्टी धरी की धरी रह गई. साल 2014 में रिलीज हुई इस फिल्म में विलेन बनकर रितेश देशमुख ने बड़े सितारों के पसीने छुड़ा दिए थे | इससे पहले शायद किसी ने नहीं सोचा था कि रितेश विलेन का किरदार निभा सकते हैं. मोहित सूरी के डायरेक्शन में बनी ‘एक विलेन’ में रितेश ने ‘राकेश’ नाम के एक सनकी सीरियल किलर का रोल किया था, जो लड़कियों को बेरहमी से मौत के घाट उतार देता है. इस रोल को रितेश देशमुख ने इतनी संजीदगी से पर्दे पर उतारा था कि लोग हैरान रह गए थे |

बॉक्स ऑफिस पर रही सुपरहिट

रितेश देशमुख के फैन्स के लिए उनका विलेन बनना किसी सरप्राइज से कम नहीं था. फिल्म में उनकी एक्टिंग देखकर ऑडियंस ही नहीं, बल्कि क्रिटिक्स भी हैरान हो गए थे. फिल्म में रितेश के साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा और श्रद्धा कपूर भी नजर आए थे. ये रोमांटिक थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी|

बजट से 4 गुना ज्यादा कमाई

फिल्म की कहानी से लेकर गाने तक, सबकुछ लोगों को इंप्रेस करने में कामयाब रहे. कमाई के मामले में भी इस फिल्म ने कमाल कर दिया था. महज 39 करोड़ में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बजट से लगभग 4 गुना कमाई की थी. सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक, एक विलेन ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 142.77 करोड़ की कमाई की और वर्ल्डवाइड 169 करोड़ का बिजनेस किया था |

साल 2000 में आई फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले रितेश देशमुख ने अपने सीरियस किरदारों के अलावा कॉमेडी फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है. एक विलेन के अलावा भी रितेश देशमुख एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘रेड 2’ में निगेटिव रोल में दिखे थे |‘मस्ती’, ‘क्या कूल हैं हम’, ‘मालामाल वीकली’, ‘हे बेबी’, ‘धमाल’, ‘हाउसफुल’ समेत कई फिल्मों में अपनी कॉमेडी के जरिए ऑडियंस के दिलों पर राज करते हैं |

राज्य का दर्जा बहाल करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर NC के सांसदों ने गृह मंत्री से मुलाकात की

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श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के नए चुने गए राज्यसभा सदस्यों ने राज्य से जुड़ी अपनी मांगों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया. इनके प्रमुख मांगों में राज्य का दर्जा बहाल करने, बाहरी जेलों से कैदियों को शिफ्ट करने और बिजनेस नियम शामिल हैं. उन्होंने इन्हें जम्मू-कश्मीर में भरोसा और सामान्य लोकतांत्रिक हालात बहाल करने के लिए जरूरी बताया.

चौधरी मोहम्मद रमजान के नेतृत्व में तीन सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और लोगों के मानवीय, संवैधानिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर सामूहिक चिंताओं का एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा. सांसदों ने तीनों मांगों को जम्मू-कश्मीर में भरोसा, सम्मान और सामान्य लोकतांत्रिक स्थिति बहाल करने के लिए जरूरी बताया.

चौधरी ने मीडिया को जारी दो पेज के पत्र में कहा, ‘यह सिर्फ एक प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, संघवाद और इंसानी दया के प्रति हमारे सामूहिक प्रतिबद्धता की कसौटी है.’ सज्जाद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय के साथ उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में लगातार देरी से लोकतांत्रिक, प्रशासनिक और भावनात्मक परेशानी हो रही है और इसे संवैधानिक गरिमा के हनन के तौर पर महसूस किया जा रहा है.’

चौधरी ने लिखा, ‘हम केंद्र सरकार से विनम्रतापूर्वक आग्रह करते हैं कि वह संवैधानिक सिद्धांतों, न्यायिक टिप्पणियों और सबसे ऊंचे लेवल पर पहले से दिए गए आश्वासनों के अनुसार जम्मू-कश्मीर को पूरा राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए साफ, ठोस और समय पर कदम उठाए.’ उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के वादे को याद किया.

अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर से चुने गए बीजेपी सांसद सत शर्मा के साथ ये तीनों संसद में अपने पहले चल रहे सत्र में शामिल हुए. चौधरी ने जम्मू-कश्मीर से कैदियों को इलाके के बाहर की जेलों में शिफ्ट करने और उन कैदियों को रिहा करने की नीति की समीक्षा की मांग की. इनके खिलाफ गंभीर आरोप साबित नहीं हो सके. उन्होंने मौजूदा तरीके को ‘गरीबी की सजाट बताया. उन्होंने बताया कि हजारों परिवारों को पैसे की तंगी और बाहर कैदियों से मिलने की कोशिश में बेइज़्जती वाले तरीकों का सामना करना पड़ता है.

पत्र में आगे कहा गया, ‘इनमें से कई परिवारों के पास इतनी पैसे की व्यवस्था नहीं है कि वे लंबी दूरी तय कर सकें, कानूनी सलाह ले सकें या अपने परिवार वालों से एक बार भी मिल सके. हम ऐसी माताओं से मिले हैं जो मरने से पहले अपने बेटों को सिर्फ एक बार देखना चाहती हैं और ऐसे बच्चे जो अपने पिता को सिर्फ तस्वीरों में देखकर बड़े हुए हैं. कई मामलों में गंभीर आरोप साबित न होने के बावजूद कैदी जेल में ही रहते हैं.’

सांसद और सीनियर एनसी नेता ने कहा कि कश्मीरी न तो पैदाइशी क्रिमिनल हैं और न ही कोई खतरा, बल्कि वे भी एक इंसान हैं और एक भारतीय नागरिक हैं जो इज्जत, इंसाफ और दया के हकदार हैं. चौधरी ने कहा, ‘कैदियों को उनके घरों से दूर लगातार रखने से न केवल कैदियों को बल्कि बेगुनाह परिवारों को भी तकलीफ होती है, जो गुनाह की नहीं बल्कि गरीबी की सजा है.’

प्रतिनिधिमंडल ने चुनी हुई सरकार और लोक भवन के बीच अधिकारों के बंटवारे के लिए ‘बिजनेस रूल्स’ का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा, ‘हम आदरपूर्वक अनुरोध करते हैं कि बिजनेस रूल्स को जल्द से जल्द नोटिफाई किया जाए ताकि गवर्नेंस आसानी से पारदर्शी तरीके से और लोकतांत्रिक नियमों और संवैधानिक मर्यादा के अनुसार चले.’

अगला IPL सत्र हो सकता है धोनी का अंतिम, CSK ने 28.40 करोड़ में खरीदे स्टार्स

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महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाड़ी रह चुके रॉबिन उथप्पा ने बड़ा बयान दिया है। उथप्पा का मानना है कि आईपीएल 2026 धोनी का आखिरी सीजन होगा और इसके बाद वह निश्चित रूप से संन्यास ले लेंगे। 44 वर्षीय धोनी को लेकर उथप्पा ने कहा कि अब किसी तरह की अगर-मगर की गुंजाइश नहीं बची है।

CSK की बदली रणनीति

उथप्पा के मुताबिक सीएसके की हालिया रणनीति इस बात का साफ संकेत देती है कि फ्रेंचाइजी भविष्य की तैयारी कर चुकी है। अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय टीम अब युवा और अनकैप्ड खिलाड़ियों पर बड़ा निवेश कर रही है। आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन में सीएसके ने दो युवा क्रिकेटरों पर कुल मिलाकर 28.20 करोड़ रुपये खर्च किए। सीएसके ने 19 वर्षीय उत्तर प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर प्रशांत वीर को 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके अलावा 20 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज कार्तिक शर्मा को भी 14.20 करोड़ में टीम में शामिल किया गया, जिससे ये दोनों आईपीएल ऑक्शन इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बन गए।

धोनी का रोल बदलने के संकेत

रॉबिन उथप्पा ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा, ‘मुझे लगता है कि अब सब कुछ साफ है। यह एमएस धोनी का आखिरी सीजन होने वाला है। अब किसी तरह का कयास लगाने की जरूरत नहीं है। इस साल के बाद वह पूरी तरह से संन्यास ले लेंगे। पिछले कुछ सीजन से सीएसके जिस तरह युवाओं में निवेश कर रही है, वह बताता है कि टीम टैलेंट को खोजने, तराशने और लंबे समय तक अपने साथ रखने पर फोकस कर रही है।

मेंटर की भूमिका में धोनी

उथप्पा का मानना है कि धोनी मैदान से विदा लेने के बाद भी सीएसके से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर धोनी नहीं खेलेंगे, तो वह निश्चित रूप से टीम को मेंटर करेंगे। इस सीजन में वह मेंटर-कम-खिलाड़ी की भूमिका में नजर आएंगे। वह पहले से ही उसी नजरिए से चीजों को देख रहे हैं।’ सीएसके में संजू सैमसन की मौजूदगी और रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी को भी उथप्पा ने भविष्य की तैयारी बताया।

युवाओं पर बड़ा खर्च

सीएसके ने मिनी ऑक्शन में 43.40 करोड़ रुपये के पर्स में से 41 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें से 28.4 करोड़ सिर्फ दो अनकैप्ड खिलाड़ियों पर लगाए गए। यह साफ संकेत है कि फ्रेंचाइजी धोनी के बाद के दौर के लिए मजबूत नींव तैयार कर रही है। धोनी के चाहने वालों के लिए भले यह भावुक पल हो, लेकिन सीएसके के लिए यह एक सोची-समझी और दूरदर्शी रणनीति मानी जा रही है।