15 साल बाद मैदान पर, एक रन से रचेंगे इतिहास

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Virat Kohli: आज आंध्र और दिल्ली के बीच खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी मुकाबले में क्रिकेट फैंस की नजरें सिर्फ एक नाम पर टिकी हैं—Virat Kohli। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी कर रहे हैं। दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है, जिससे कोहली दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते नजर आएंगे।

सिर्फ एक रन से बनाएंगे ऐतिहासिक रिकॉर्ड

इस मुकाबले में Virat Kohli के पास एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का सुनहरा मौका है। जैसे ही कोहली बल्लेबाजी के दौरान एक रन बनाएंगे, वह लिस्ट ए क्रिकेट में 16,000 रन पूरे कर लेंगे। फिलहाल उनके नाम 15,999 लिस्ट ए रन दर्ज हैं। ऐसा करते ही वह सचिन तेंदुलकर के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। कोहली ने अब तक विजय हजारे ट्रॉफी के 17 मैचों में 910 रन बनाए हैं।

घरेलू क्रिकेट खेलने का क्यों लिया फैसला?

बीसीसीआई ने हाल ही में सीनियर खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने पर जोर दिया है। इसी के तहत Virat Kohli का विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना अहम माना जा रहा है। इससे उन्हें जरूरी मैच प्रैक्टिस मिलेगी, वहीं दिल्ली की युवा टीम को भी एक अनुभवी खिलाड़ी के साथ खेलने का बड़ा फायदा होगा। युवा खिलाड़ियों के लिए कोहली से सीखना किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है।

फैंस में जबरदस्त उत्साह

कोहली की इस वापसी को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। स्टेडियम से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह उनके रिकॉर्ड और पारी को लेकर चर्चा तेज है। साफ है कि Virat Kohli की यह पारी सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि इतिहास बनने वाली है।

रिन्यूएबल एनर्जी में देश में 6वें नंबर पर मध्य प्रदेश, मंत्री बोले-हम अकेले हैं जो कमा के देते हैं

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भोपाल: मध्य प्रदेश के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि “रिन्यूएबल एनर्जी में साढ़े आठ हजार मेगावाट की आपूर्ति के साथ प्रदेश, देश में 6वें नंबर पर है. इसके साथ ही 2023 में स्थापित सौर क्षमता 3159 मेगावाट से बढ़कर 5781 मेगावाट हो गई है. ये 82 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि है. इसी तरह से देश में डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी में मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धि ये भी है कि सौर बिजली की दरें 2.40 से 2.85 प्रति यूनिट के बीच प्राप्त हुई हैं.” मंत्री शुक्ला ने कहा कि “एक हमारा ही विभाग है, जो सरकार को कमा कर देता है, खर्चा उतना नहीं करता है.”

राकेश शुक्ला ने पेश किया 2 साल का ब्यौरा

मंत्री ने अपने विभाग के 2 साल का ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि “प्रदेश में अब तक कुल 9508 मेगावाट क्षमता की नवकरणीय ऊर्जा स्थापित है. सौर बिजली की दरें 2.40 से 2.85 रुपये प्रति यूनिट के बीच प्राप्त हुई हैं, जो देश में डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी की न्यूनतम दरों मे शामिल हैं. इससे न केवल दिन के समय सस्ती बिजली उपलब्ध होगी, बल्कि ग्रिड प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी.”

76 हजार घर मुफ्त बिजली योजना से हुए रोशन

मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए 76 हजार घरो में 292 मेगावाट से ये योजना स्थापित की गई है. इसके साथ ही सरकार सोलर कुकर को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है. लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवारों तक सोलर कुकर पहुंचाया जाए, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के साथ-साथ ईंधन पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सके.”

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में करोड़ों का एमओयू

मंत्री शुक्ला ने अपने विभाग की उपलब्धियों का ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि “मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 5.72 लाख करोड़ के प्रस्ताव आए. इसमें से 2.67 लाख करोड़ के प्रस्तावों पर एमओयू साइन हुए. 1.78 लाख करोड़ का कार्य प्रगति पर है. इससे 1 लाख 85 हजार नए रोजगार के अवसर बनेंगे ऐसी संभावना है.”

उन्होने आगे बताया कि “प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा योजना के तहत मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति सामने आई है. योजना के अंतर्गत प्रदेश को अब तक लगभग 14,500 मेगावाट क्षमता के करीब 550 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 4,500 मेगावाट परियोजनाओं पर काम शुरु हो चुका है.”

मुरैना में 440 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट

मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि “मुरैना में 440 मेगावाट क्षमता की सोलर पावर परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें 4 घंटे का ऊर्जा भंडारण शामिल है. यह परियोजना 2.70 रुपये प्रति यूनिट की ऐतिहासिक दर पर स्थापित की जा रही है, जो देश में अब तक की सबसे कम दर मानी जा रही है. यह मध्य प्रदेश की पहली ऊर्जा भंडारण परियोजना भी होगी.”

 

 

उन्होंने कहा, “मुरैना सोलर पावर परियोजना से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी.”

 संचार राज्य मंत्री ने कहा- नागरिक सेवा और राजस्व स्थिरता साथ चलनी चाहिए

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नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ.पेम्मासानी चंद्र शेखर ने भारतीय डाक विभाग को व्यावसायिक प्रगति के लिए सक्रिय और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया है, जिसमें उच्च वस्तु और सेवा कर भुगतान करने वाले व्यवसायों और संस्थाओं तक पहुंच बनाना शामिल है। उन्होंने प्रत्येक डाक मंडल में उत्पाद या सेवा में रुचि दिखाने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को भुगतान करने वाले ग्राहक में बदलने और अर्जित राजस्व की दैनिक स्तर पर निगरानी के लिए समर्पित मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव टीमों की स्थापना की वकालत की। उन्होंने डाक मंडल प्रमुखों से स्थानीय स्थिति, कारोबार और व्यावसायिक क्षमता अनुरूप वहां की क्षेत्रीय शक्ति का लाभ उठाकर अनुकूलित विकास रणनीतियां लागू करने का आह्वान किया।
संचार राज्य मंत्री प्रमुख डाक सर्किलों के कामकाज पर नज़दीकी नज़र रखने के लिए मासिक स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहे हैं। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा निर्धारित त्रैमासिक निगरानी ढांचे के अंतर्गत इन बैठकों का नेतृत्व हर महीने डॉ. चंद्र शेखर स्वयं करते हैं ताकि इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित हो। इन समीक्षाओं का उद्देश्य समस्याओं की शीघ्र पहचान, त्वरित सुधार और सुनिश्चित करना है कि भारतीय डाक विभाग अपने सेवा और प्रदर्शन लक्ष्यों को निरंतर पूरा करे।
सभी 24 डाक सर्किलों से संबंधित चर्चा में परिचालन दक्षता, वित्तीय समावेशन, प्रचालन विस्तार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत दृष्टिकोण के अनुरूप प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया। संचार राज्य मंत्री ने वितरण सेवा मजबूत करने और बचत एवं बीमा पॉलिसी विस्तारित करने के लिए संसाधनों के अधिकतम उपयोग का आह्वान किया, जिससे देश की परिचालन संबंधी आवश्यकताएं पूरी की जा सकें। उन्होंने सभी प्रदर्शन मापदंडों – डाक और पार्सल संचालन, बचत और बीमा सेवाओं में – जन कल्याण के साथ ही वित्तीय समझदारी का संतुलन बनाए रखने का भी निर्देश दिया।

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चमोली में भालू ने फिर किया 2 छात्राओं पर हमला, स्कूल जा रही थीं दोनों

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चमोली: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) में लगातार दूसरे दिन भालू (Bear) ने स्कूल (School) जा रही दो छात्राओं (Students) पर हमला कर दिया. यह घटना सुबह करीब 10 बजे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोपेश्वर (Government Girls Inter College, Gopeshwar) के पास हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. हमले के दौरान एक छात्रा ने फुर्ती दिखाते हुए मौके से भागकर जान बचा ली, जबकि दूसरी छात्रा गिरकर बेहोश हो गई.

दोनों घायल छात्राओं को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल गोपेश्वर लाया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जहां भालू ने हमला किया, वहां से वन विभाग (DFO) कार्यालय की दूरी महज 400 मीटर है. बावजूद इसके क्षेत्र में भालू की गतिविधियों को रोकने में वन विभाग अब तक नाकाम नजर आ रहा है.

स्कूल के शिक्षक ललित मोहन बिष्ट की मानें तो छात्रा राधिका रावत स्कूल आ रही थी. तभी उसने स्कूल के नीचे भालू को देखा. जान बचाने के प्रयास में वह दौड़ी, लेकिन गिरने से चोटिल हो गई. वहीं दूसरी छात्रा सीमा, राधिका की हालत देखकर घबराकर स्कूल परिसर में ही बेहोश हो गई. सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने दोनों छात्राओं को तत्काल अस्पताल भिजवाया.

स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन का आरोप है कि इससे पहले भी स्कूल के आसपास भालू की गतिविधियां देखी गई थीं, जिसकी जानकारी वन विभाग और शिक्षा विभाग को दी गई थी. बावजूद इसके न तो नियमित गश्त बढ़ाई गई और न ही सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए गए. घटना के बाद अभिभावकों में गुस्सा है. उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो बच्चों की जान खतरे में नहीं पड़ती.

वन विभाग के क्षेत्राधिकारी गोपेश्वर पंकज कुमार गोड़ ने कहा कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में गश्त की गई. उन्होंने दावा किया कि अब इलाके में लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों.

कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे अजीत

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मुंबई। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में बड़ी उठा-पटक के संकेत मिले हैं। पुणे नगर निगम चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अजीत पवार वाली राकांपा कांग्रेस से गठबंधन करने जा रही है। यहां भाजपा ने अकेले चुनाव लडऩे का संकेत दिया है।
अजीत पवार ने स्वयं गठबंधन की संभावना तलाशने के लिए खुद ही कांग्रेस नेता सतेज पाटिल से फोन पर बातचीत की है। बातचीत के दौरान अजीत पवार ने संभावित गठबंधन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस पर सतेज पाटिल ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी से बात करनी होगी, क्योंकि कांग्रेस पुणे नगर निगम में सम्मानजनक सीट हिस्सेदारी चाहती है। हालांकि सूत्रों का मानना है कि एनसीपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना फिलहाल बहुत कम है, लेकिन बड़ी बात ये है कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने खुद ये पहल की है। यह गठबंधन इतना आसान नहीं है, क्योंकि कांग्रेस 165 सदस्यीय पुणे नगर निगम में कम सीटों पर समझौते के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस का तर्क है कि पुणे लोकसभा सीट पहले से ही पार्टी के हिस्से में है और जमीनी ताकत बनाए रखने के लिए उससे अधिक सीटों की मांग होगी।

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7 साल की बच्ची को जैन साध्वी बनाने पर आमादा मां, पिता ने अदालत की शरण ली

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सूरत। गुजरात के सूरत (Surat, Gujarat) जिले के एक परिवार न्यायालय (Court) ने 7 साल की बच्ची के साध्वी बनने के लिए दीक्षा लेने पर रोक लगा दी है। जैन समाज की बच्ची (Jain community girl) के पिता ने अदालत से गुहार लगाई थी। पिता ने याचिका में कहा था कि बच्ची की मां जो उनसे अलग रहती है वह उनकी मर्जी के खिलाफ बच्ची को दीक्षा दिलाना चाहती है। बच्ची अभी बहुत छोटी है। वह खुद इतना बड़ा फैसला नहीं ले सकती है। पिता की गुहार पर अदालत ने मां को आदेश दिया है कि वह हलफनामा दे कि बच्ची को दीक्षा में शामिल नहीं होने देगी।

परिवार अदालत की जज एसवी मंसूरी ने बच्ची की दीक्षा पर रोक लगा दी। यह 8 फरवरी 2026 को मुंबई में होना था। याचिकाकर्ता के वकील समाप्ति मेहता ने फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अदालत ने बच्ची की दीक्षा पर अंतरिम रोक लगाने की मांग मान ली है। अदालत ने मां से हलफनामा भी मांगा है। इसमें मां को लिखित देना होगा कि वह बच्ची दीक्षा समारोह में हिस्सा नहीं लेने देगी। अगली सुनवाई 2 जनवरी को होगी।

 

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था महिला ने इस मुद्दे पर विवाद के बाद करीब एक साल पहले पति का घर छोड़ दिया था। वह अपनी बेटी और बेटे के साथ अपने माता-पिता के साथ रहने लगी थी। लड़की के पिता ने 10 दिसंबर को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी अलग रह रही पत्नी ने उनकी मर्जी के खिलाफ मासूम बच्ची को दीक्षा दिलाकर साध्वी बनाने का फैसला लिया है।

 

गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट 1890 के तहत पिता ने बच्ची के हितों की रक्षा के लिए उसका कानूनी अभिभावक बनाने की मांग की है। फैमिली कोर्ट की जज मंसूरी ने पति की याचिका पर पत्नी को नोटिस जारी किया है। पत्नी से 22 दिसंबर तक जवाब मांगा गया था। पिता ने अदालत को बताया कि उसने 2012 में शादी की थी। उसके दो बच्चे हैं। पति पत्नी 2024 से अलग रह रहे हैं।

पिता की ओर से याचिका में अदालत को यह भी बताया गया है कि उसने बेटी के साध्वी बनने के मुद्दे पर पत्नी से बात की थी। दोनों इस बात पर सहमत थे कि लड़की जब बालिग हो जाएगी तब साध्वी बनने का निर्णय लेगी। हालांकि पत्नी चाह रही थी कि बच्ची फरवरी 2026 में मुंबई में एक बड़े समारोह में जैन साध्वी बनने की दीक्षा ले। याचिकाकर्ता पति ने याचिका में यह भी खुलासा किया है कि उसकी पत्नी कहती है कि वह तभी वापस आएगी जब वह बच्ची की दीक्षा के लिए रजामंद हो जाएगा।

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कृभको द्वारा पंचकूला में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री शाह

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नई दिल्ली। सतत कृषि को बढ़ावा देने, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की भूमिका के विस्तार, लघु एवं सीमांत किसानों की आय स्थिरता, सहकारिता आधारित कृषि मॉडल को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नीति एवं क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श हेतु, कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) द्वारा 24 दिसंबर 2025 को पंचकूला, हरियाणा के  इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन ‘सहकार से समृद्धि – सतत कृषि में सहकारिता की भूमिका’ का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे। 
यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दूरदर्शी विज़न को साकार करने तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मॉडल को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ कर किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता मंत्रालय) कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा तथा कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी सम्मेलन में भाग लेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दूध शीतकरण केंद्र, सलेमपुर (भिवानी) प्लांट और जाटूसाना (रेवाड़ी) हैफड आटा मिल का इ-लोकार्पण करेंगे। इसके साथ-साथ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री हरियाणा राज्य के सहकारी बैंकों के लाभार्थियों को रुपे प्लैटिनम डेबिट कार्ड का वितरण तथा हरियाणा कृभको द्वारा बनाये गए M-PACS के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाणपत्रों का वितरण करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (IYC) में हो रहीं विभिन्न गतिविधियों पर आधारित पोर्टल का लोकार्पण भी किया जायेगा।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चलती बस में लगी आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

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नई दिल्ली: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) पर अजमेर से नेपाल जा रही चलती बस में आग लगने से यात्रियों को कूदकर जान बचानी पड़ी. हादसा फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र का है, जहां चलती बस से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, मौके पर अफरा-तफरी, चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया. देखते ही देखते बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई. हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

हादसे के चलते आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सुचारू कराया गया. राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जाँच में जुटा हुआ है और बस के कागजात व तकनीकी खामियों की भी पड़ताल की जा रही है. बड़ा सवाल यही है अगर यात्रियों की सूझबूझ न होती तो यह हादसा कितना बड़ा हो सकता था?

देश में पहले भी चलती बसों में आग लगने के हादसे हो चुके हैं. अगर आपके साथ ऐसा हादसा पेश आए तो क्या-क्या सावधानियां बरतने की जरूरत है? इसपर एक नजर डालने की जरूरत है. किसी में बस में चढ़ते समय सबसे पहले बस के Emergency Exit की पहचान होनी चाहिए. आपातकालीन गेट के साथ कांच तोड़ने वाले हथौड़े को देख लें. बस से धुआं निकलने की भनक लगे तो तुरंत अपने रुमाल को गीला करके अपने नाक-मुंह को गीले कपड़े से छिपा लें. पहले जान बचाना जरूरी है, इसलिए ऐसा वक्त आने पर सामान को तवज्जों न दें. अगर आग लगने पर इमरजेंसी गेट जाम हो जाए तो खिड़की के कोने पर हथौड़े से वार करें.

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भारतीय नौसेना की जासूसी करने के मामले में तीसरा आरोपी भी पकड़ाया

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बेंगलुरु। उडुपी पुलिस ने मालपे कोचीन शिपयार्ड से जुड़े कर्मचारियों ने भारतीय नौसेना से संबंधित संवेदनशील जानकारी लीक करने के मामले में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि तीसरे आरोपी की पहचान गुजरात के आणंद जिले के कैलाश नगरी निवासी भरत कुमार खदयाट के पुत्र हिरेंद्र कुमार (34) के रूप में हुई है। 
पुलिस के मुताबिक आरोपियों पर अवैध वित्तीय लाभ के बदले नौसेना संचालन और प्रतिष्ठानों से संबंधित गोपनीय जानकारी को पाकिस्तान स्थित अपने संचालकों को भेजने का शक है। इससे पहले 21 नवंबर को पुलिस ने इस मामले में यूपी के रहने वाले रोहित और संत्री को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। पुलिस इनसे पूछताछ कर जानकारी हासिल करेगी कि इन्होंने संवेदनशील जानकारी किसको पहुंचाई।

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भारत करेगा श्रीलंका की मदद, 450 मिलियन डॉलर चक्रवात राहत पैकेज देने का प्रस्ताव

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डेस्क। विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने मंगलवार को कहा कि भारत (India) चक्रवात दितवाहा (Cyclone Ditawaha) के दौरान श्रीलंका (Sri Lanka) के साथ खड़ा है और उसने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर (US $450 Million) के सहायता पैकेज (Relief Package) का प्रस्ताव दिया है। जयशंकर इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के तौर पर श्रीलंका में हैं। उन्होंने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेरथ (Vijitha Herath) के साथ बातचीत में यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (Anura Kumara Dissanayake) को मोदी का एक पत्र भी सौंपा। एस जयशंकर ने X पर पोस्ट किया, “चक्रवात दितवाह के दौरान श्रीलंका के साथ खड़े होने पर भारत को गर्व है।”

वह दो दिन की श्रीलंका यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने कहा “जैसे ही श्रीलंका 2022 के आर्थिक संकट से उबर रहा था, इस प्राकृतिक आपदा ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया कि हम अब श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर उनकी प्राथमिकताओं पर काम करें। इस संबंध में, हमने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सहायता पैकेज प्रस्तावित किया है।”

उन्होंने कहा, “इस पैकेज में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रियायती क्रेडिट लाइन और 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल होगा।” “इस पैकेज को श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। हमारी सहायता में चक्रवात से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिसमें पहला, सड़क, रेलवे और पुल कनेक्टिविटी का पुनर्वास और बहाली शामिल है।”

“दूसरा, पूरी तरह से नष्ट हुए और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के निर्माण के लिए सहायता। तीसरा, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणालियों के लिए सहायता, विशेष रूप से वे जो चक्रवात से क्षतिग्रस्त हुई हैं। चौथा, कृषि, जिसमें अल्प और मध्यम अवधि में संभावित कमी को दूर करना शामिल है। और पांचवां, बेहतर आपदा प्रतिक्रिया और तैयारी की दिशा में काम करना।”

जयशंकर ने कहा कि नुकसान के पैमाने को देखते हुए, यह स्वाभाविक था कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए आगे आया। उन्होंने कहा कि भारत का ऑपरेशन सागर बंधु दितवाह के पहले ही दिन शुरू हो गया था। उन्होंने कहा, “हमारा विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS उदयगिरि कोलंबो में मौजूद थे और उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाई, जिसके बाद हेलीकॉप्टर तैनात किए गए।”

ऑपरेशन सागर बंधु ने 1,100 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई, जिसमें सूखा राशन, टेंट, तिरपाल, स्वच्छता किट, ज़रूरी कपड़े और पानी शुद्धिकरण किट शामिल हैं। लगभग 14.5 टन दवाएं और चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए गए, जबकि राहत कार्यों में सहायता के लिए 60 टन उपकरण श्रीलंका लाए गए। बड़ी संख्या में सेना के इंजीनियरों ने किलिनोची में C-17 विमान द्वारा लाए गए बेली ब्रिज का निर्माण किया।