नए ऑडियो से VVIP एंगल पर फिर सियासी भूचाल

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Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड का बहुचर्चित Ankita Bhandari Murder Case एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। मंगलवार को कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने नए सामने आए ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए पूरे केस की दोबारा जांच (Reinvestigation) की मांग को और तेज कर दिया है।

कांग्रेस का कहना है कि शुरुआत से जिस VVIP एंगल की चर्चा थी, उसे जानबूझकर दबाया गया। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या अब तक जांच में पूरी सच्चाई सामने आ पाई है। गौरतलब है कि 18 दिसंबर 2022 को हुई हत्या के मामले में एक भाजपा नेता के बेटे समेत तीन आरोपियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि जांच को सीमित दायरे में रखकर प्रभावशाली लोगों को बचाया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने ज्वालापुर से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित दूसरी पत्नी उर्मिला के बीच हुई बातचीत के ऑडियो का जिक्र किया। इस ऑडियो में कथित तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया गया है। आरोप है कि अंकिता की हत्या वाली रात वे उसी रिजॉर्ट में मौजूद थे, जहां यह घटना हुई। कांग्रेस ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अगर यह दावा सही है, तो अब तक की पूरी जांच प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ जाती है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि ऑडियो में अनैतिक संबंधों और कथित सबूतों की बात सामने आती है, जिन्हें जांच में शामिल नहीं किया गया। पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि Ankita Bhandari Murder Case की स्वतंत्र एजेंसी से दोबारा जांच कराई जाए। कांग्रेस ने साफ किया कि यदि सरकार चुप रही, तो इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाया जाएगा।

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News Desk

भारतीय नौसेना का पोत आईएनएसवी कौंडिन्य की पहली विदेश यात्रा, 29 दिसंबर को ओमान रवाना होगा

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डेस्क। भारतीय नौसेना (Indian Navy) का आईएनएसवी कौंडिन्य (INSV Kaundinya) पोत 29 दिसंबर को ओमान (Oman) के लिए अपनी पहली विदेशी यात्रा (Foreign Travel) शुरू करेगा। यह पोत गुजरात के पोरबंदर (Porbandar) से मस्कट के लिए रवाना होगा। इस यात्रा का मकसद भारत और हिंद महासागर क्षेत्र के बीच पुराने समुद्री रास्तों (Sea ​​Routes) की याद दिलाना है, जिनसे भारत सदियों पहले दुनिया से जुड़ा था।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि प्राचीन भारतीय जहाजों के चित्रण से प्रेरित और पूरी तरह से पारंपरिक और तकनीकों का उपयोग करके निर्मित है। आईएनएसवी कौंडिन्य इतिहास, शिल्प कौशल और आधुनिक नौसैनिक विशेषज्ञता का एक दुर्लभ संगम प्रस्तुत करता है। मंत्रालय ने कहा, “समकालीन जहाजों के विपरीत, इसके लकड़ी के तख्तों को नारियल के रेशे की रस्सी से एक साथ बनाया गया है और प्राकृतिक रेजिन से सील किया गया है, जो भारत के तटों और हिंद महासागर में कभी प्रचलित जहाज निर्माण की परंपरा को दर्शाता है।”

अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक ने भारतीय नाविकों को आधुनिक नौवहन और धातु विज्ञान के आगमन से बहुत पहले ही पश्चिम एशिया, अफ्रीका और दक्षिणपूर्व एशिया की लंबी दूरी की यात्राएं करने में सक्षम बनाया। यह परियोजना संस्कृति मंत्रालय, भारतीय नौसेना और होडी इनोवेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते के माध्यम से शुरू की गई थी, जो भारत द्वारा स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को फिर से खोजने और पुनर्जीवित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “मास्टर शिपराइट श्री बाबू शंकरन के मार्गदर्शन में पारंपरिक कारीगरों द्वारा निर्मित और भारतीय नौसेना और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा व्यापक अनुसंधान, डिजाइन और परीक्षण के समर्थन से निर्मित, यह पोत पूरी तरह से समुद्र में चलने योग्य और महासागरीय नौवहन में सक्षम है।” इस जहाज का नाम पौराणिक नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने प्राचीन काल में भारत से दक्षिण पूर्व एशिया तक की यात्रा की थी। यह जहाज एक समुद्री राष्ट्र के रूप में भारत की ऐतिहासिक भूमिका का प्रतीक है।

 

इमरान मसूद का BJP पर पलटवार

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Congress MP Imran Masood: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी का आरोप था कि प्रियंका गांधी गाजा मुद्दे पर तो मुखर रहती हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चुप्पी साध लेती हैं। इसी आरोप के जवाब में Imran Masood on Priyanka Gandhi का बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इमरान मसूद ने कहा कि अगर किसी को प्रियंका गांधी के जवाब देखने हैं, तो पहले उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह इंदिरा गांधी ने देश और दुनिया को सख्त जवाब दिया था, उसी तरह प्रियंका गांधी भी नेतृत्व करेंगी। मसूद ने दावा किया कि अगर प्रियंका गांधी सत्ता में होतीं, तो किसी की हिम्मत नहीं पड़ती कि भारत की ओर आंख उठाकर देखे।

कांग्रेस सांसद का यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी के उस आरोप का जवाब माना जा रहा है, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस केवल चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलती है। Imran Masood on Priyanka Gandhi बयान के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी के पास मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टिकोण है, लेकिन उसे अवसर नहीं मिल रहा।

इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। बीजेपी समर्थक इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि इमरान मसूद ने पार्टी की सोच को मजबूती से सामने रखा है। सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर बहस जारी है।

ओडिशा के मलकानगिरी में 22 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

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Naxal Surrender Odisha : के तहत ओडिशा सरकार को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। मलकानगिरी जिले में मंगलवार को कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों ने ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया के समक्ष सरेंडर किया, जिसे सुरक्षा एजेंसियां नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश नक्सली केरलापाल एरिया कमेटी से जुड़े हुए थे। इनमें दोरनापाल LOS के कई कमांडर स्तर के नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन नक्सलियों का सरेंडर नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा है। इनमें 1 AK-47, 2 INSAS राइफल, 1 SLR सहित कुल 9 हथियार, बड़ी मात्रा में कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री शामिल है। आत्मसमर्पण करने वालों में केरलापाल, जगरगुंडा एरिया कमेटी और प्लाटून-26 से जुड़े 19 नक्सली हैं, जबकि आंध्रप्रदेश–ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी के 3 नक्सली भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि मलकानगिरी जिला छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सटा हुआ है और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है। यह ओडिशा में इस साल का पहला सामूहिक नक्सली आत्मसमर्पण है, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है।

ओडिशा के कुल 9 जिले—मलकानगिरी, कोरापुट, कालाहांडी, कंधमाल, बालांगीर, नबरंगपुर, नुआपड़ा, रायगढ़ा और बौध—नक्सल प्रभावित माने जाते हैं। इनमें से 6 जिले छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे हैं। Naxal Surrender Odisha को क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

संसद से बाहर होने की कगार पर बसपा, 2026 के बाद नहीं रहेगी कोई सांसद

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BSP Political Challenges : एक बार फिर चर्चा में हैं, क्योंकि बहुजन समाजवादी पार्टी का जनाधार लगातार सिमटता जा रहा है। जिस पार्टी ने कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली, आज उसकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। पहले यूपी विधानसभा, फिर लोकसभा और अब राज्यसभा में भी बसपा की मौजूदगी लगभग खत्म होने वाली है। वर्तमान में यूपी में बसपा का सिर्फ एक विधायक है, लोकसभा में पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया और राज्यसभा में केवल एक सांसद बचे हैं।

बसपा के इकलौते राज्यसभा सांसद रामजी गौतम हैं, जिनका कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इसके बाद यह पहली बार होगा जब संसद के दोनों सदनों में से किसी में भी बसपा का कोई प्रतिनिधि नहीं रहेगा। रामजी गौतम वर्ष 2019 में भाजपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे, लेकिन उनके रिटायर होने के बाद संसद में बसपा की वापसी के आसार बेहद कमजोर माने जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से कुल 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2026 में खत्म हो रहा है। इनमें भाजपा के सीमा द्विवेदी, बृजलाल, हरदीप सिंह पुरी, चंद्रप्रभा उर्फ गीता, नीरज शेखर, अरुण सिंह, दिनेश शर्मा और बीएल वर्मा शामिल हैं। इसके अलावा सपा से रामगोपाल यादव और बसपा से रामजी गौतम भी इसी सूची में हैं।

वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखें तो BSP Political Challenges और गहरे नजर आते हैं। यूपी में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। 402 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 258 विधायक हैं, जबकि बसपा के पास केवल 1 विधायक है। इस स्थिति में भाजपा से 8 और सपा से 2 राज्यसभा सांसद बन सकते हैं, लेकिन बसपा किसी भी हाल में एक भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं दिख रही है।

IPS अधिकारी ने खुद को मारी गोली, 12 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद

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 IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर ली. वह इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद से रिटायर हुए थे. घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. गोली उनके सीने के पास लगी, जिससे उनके लिवर को नुकसान पहुंचा. डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की, और फिलहाल वह निगरानी में हैं. पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड के कारण हुए वित्तीय नुकसान का ज़िक्र है. यह 12 पन्नों का सुसाइड नोट पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को भी संबोधित था. पुलिस फिलहाल आत्महत्या की कोशिश के सही कारणों की जांच कर रही है.

बताते चलें कि रिटायर्ड IPS अधिकारी अमर सिंह चहल इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर थे. जब उन्होंने खुद को गोली मारी  तब वह घर पर अकेले थे और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. खुद को गोली मारने से पहले, उन्होंने DGP गौरव यादव के नाम 12 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा. रिटायर्ड IPS अधिकारी अमर सिंह चहल पटियाला में रहते हैं. उन्होंने अपने घर पर अपने लाइसेंसी हथियार से खुद को गोली मार ली. पटियाला के पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें तुरंत अमर सिंह चहल के घर पहुंचीं और उन्हें अस्पताल ले गईं, जहां ICU में उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. उनके घर को सील कर दिया गया है.

साइबर फ्रॉड का शिकार

पंजाब के DGP गौरव यादव को लिखे अपने 12 पेज के सुसाइड नोट में रिटायर्ड IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने लिखा कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए थे. वह हाल ही में एक IPS व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुए थे. इस ग्रुप में उन्हें एक इन्वेस्टमेंट स्कीम के बारे में जानकारी मिली, जिसमें बड़े मुनाफे का वादा किया गया था. इस जाल में फंसकर उन्होंने 8 करोड़ रुपये इन्वेस्ट कर दिए. इस रकम में उनके रिटायरमेंट फंड के साथ-साथ रिश्तेदारों, दोस्तों और जान-पहचान वालों से उधार लिए गए पैसे भी शामिल थे. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह एक ऑनलाइन फ्रॉड सिंडिकेट के जाल में फंस गए हैं. अपने रिश्तेदारों और दोस्तों का पैसा वापस न कर पाने, उनका भरोसा तोड़ने और भारी वित्तीय नुकसान झेलने के बाद, वह आर्थिक तंगी के कारण मानसिक दबाव बर्दाश्त नहीं कर पाए और खुद को गोली मार ली.

बस 24 घंटे शेष! 4116 सरकारी नौकरियों के लिए बंद होने वाली है विंडो, यहाँ देखें आवेदन का डायरेक्ट लिंक

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रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. भारतीय रेलवे की ओर से 4116 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है, जिसकी आखिरी तारीख 24 दिसंबर तय की गई है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के पास अब सीमित समय बचा है, ऐसे में जल्द आवेदन करना जरूरी है.

इस भर्ती अभियान के तहत 10वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. पदों पर चयन प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जाएगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेरिट या अन्य चरण शामिल हो सकते हैं.

योग्यता

उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है.

आयु सीमा

आयु सीमा भर्ती नियमों के अनुसार तय की गई है.आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी.

आवेदन शुल्क 

सामान्य,ओबीसी, ईडब्ल्यूएस – 100 रुपए

एससी, एसटी, महिलाएं, दिव्यांग : नि:शुल्क

आवेदन प्रक्रिया

ऑफिशियल वेबसाइट rrcnr.org पर जाएं

होमपेज पर अप्लाई लिंक पर क्लिक करें

रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें

मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें

जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें

फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें

अब इसका प्रिंटआउट लेकर रखें

 

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है आपका जोड़ों का दर्द? इन 5 ‘दुश्मन’ चीजों से बना लें दूरी, फिर देखें शरीर में जादुई बदलाव

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सर्दियों का मौसम जहां एक ओर राहत और ठंडक लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह जोड़ों के दर्द की समस्या को भी बढ़ा सकता है. खासतौर पर बुज़ुर्गों और पहले से आर्थराइटिस या घुटनों के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में कुछ गलत आदतें और खान पान जोड़ों के दर्द को और गंभीर बना सकते हैं. 

आइए जानते हैं वे 5 चीज़ें, जिनसे सर्दियों में परहेज़ करना ज़रूरी है

1. ठंडा और फ्रिज में रखा खाना

सर्दियों में ठंडी तासीर वाला भोजन शरीर में जकड़न बढ़ा सकता है. दही, कोल्ड ड्रिंक्स और फ्रिज का बचा हुआ खाना जोड़ों में सूजन और दर्द को बढ़ा सकता है.

2. ज्यादा तली-भुनी चीज़ें

पकौड़े, समोसे और ज्यादा ऑयली फूड शरीर में सूजन को बढ़ाते हैं. इससे जोड़ों का दर्द और अकड़न ज्यादा महसूस हो सकती है.

3. फिजिकल एक्टिविटी से दूरी

ठंड की वजह से लोग व्यायाम करना छोड़ देते हैं, लेकिन यह आदत जोड़ों के लिए नुकसानदेह हो सकती है. हल्की एक्सरसाइज़ और स्ट्रेचिंग न करने से दर्द बढ़ सकता है.

4. देर तक गीले या ठंडे कपड़े पहनना

पसीने या पानी से भीगे कपड़ों में देर तक रहना शरीर का तापमान गिरा देता है, जिससे जोड़ों में दर्द और जकड़न बढ़ जाती है.

5. पर्याप्त धूप न लेना

सर्दियों में धूप से दूरी विटामिन-D की कमी का कारण बन सकती है, जो हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है.

 

महाराष्ट्र स्थानीय चुनाव में BJP की जीत से विपक्ष के साथ सहयोगियों पर पड़ेगा असर, बढ़ सकती है शिंदे की टेंशन

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नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) में स्थानीय निकाय चुनाव (Local body elections) में भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Congress) गठबंधन ‘महायुति’ ने 75 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है। महायुति ने कुल 288 में से 215 निकायों में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में भी सबसे बड़े दल के तौर पर उभरकर सामने आई है। पार्टी ने 129 अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की हैं। अब कहा जा रहा है कि इस जीत का असर विपक्ष के साथ-साथ राज्य में भाजपा के सहयोगियों पर भी पड़ सकता है।

चुनाव और नतीजे
महाराष्ट्र में 286 नगर पंचायतों और नगर परिषदों के लिए दो चरणों में दो दिसंबर और 20 दिसंबर को मतदान हुआ था। इनमें 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत शामिल हैं। पहले चरण में 263 निकायों के लिए 67 प्रतिशत, जबकि दूसरे चरण में 23 निकायों के लिए 47 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। रविवार सुबह से सभी निकायों के लिए मतगणना आरंभ हुई।

देर शाम तक जारी नतीजों में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी (अजित पवार) की महायुति 215 निकाय अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज कर चुकी थी। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने 129, शिवसेना ने 51 और एनसीपी (अजित पवार) ने 35 अध्यक्ष पद जीते हैं।

महायुति प्रत्याशियों में कई जगह रही ‘फ्रेंडली फाइट’
महायुति के तीनों घटक दलों भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच कई निकायों में फ्रेंडली फाइट भी रही। इन स्थानों पर इन दलों ने अपने-अपने अलग प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। ऐसे मुकाबलों में कणकवली, दहानू, पालघर में शिवसेना ने भाजपा को हराया। वहीं, लोहा में अजित पवार की एनसीपी ने भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी गजानन सूर्यवंशी और उनके पांच परिजनों को शिकस्त दी। दिलचस्प यह है कि यहां एनसीपी के विजयी अध्यक्ष प्रत्याशी का नाम शरद पवार है। दूसरी ओर, भाजपा ने वडनगर में शिवसेना पर जीत दर्ज की।

सहयोगियों के लिए क्या मायने
लोकसभा या विधानसभा चुनाव की तरह भाजपा ने स्थानीय चुनाव में प्रचार किया। कहा जा रहा है कि इसके जरिए पार्टी के पास यह जानने का मौका था कि वह अपने लक्ष्य ‘शत प्रतिशत भाजपा’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है या नहीं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वह राजनीतिक भविष्य है, जहा भाजपा को अपने सहयोगियों की जरूरत नहीं होगी।

ऐसे में स्थानीय चुनाव अहम मील का पत्थर साबित हुए। नतीजतन, भाजपा के सहयोगी इस चुनाव को उतने सकारात्मक ढंग से न देखें, जितना पार्टी खुद देखेगी। अखबार से बातचीत में भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘ये नतीजे 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनाव में कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे।’

विपक्ष का क्या
विधानसभा चुनाव में बड़े झटके के बाद स्थानीय चुनाव में पिछड़ना विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा सकता है। खासतौर से तब जब BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव में कुछ हफ्तों का समय बाकी रह गया है। यहां शिवसेना (यूबीटी) 3 दशक के अपने प्रभाव को बनाए रखना चाहेगी। स्थानीय चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) सीटों के दोहरे आंकड़ों को भी नहीं छू पाई। पहले से ही फूट के कारण कमजोर हुए दलों के लिए ये नतीजे चिंता का सबब बन सकते हैं।

देवेंद्र फडणवीस का बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा, ‘यह संगठन और सरकार दोनों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हमने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। मैंने सकारात्मक विकास एजेंडे पर आधारित अभियान का नेतृत्व किया और मैंने कभी किसी राजनीतिक नेता या पार्टी की आलोचना नहीं की।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विकास एजेंडा, अब तक किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर वोट मांगे। उन्होंने कहा, ‘पहली बार मैंने शत-प्रतिशत सकारात्मक वोट मांगे थे, और लोगों ने हमें शत-प्रतिशत सकारात्मक वोट दिए।’

महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ा इजाफा, BCCI ने दी नए साल से पहले खुशखबरी

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Women Cricket Match Fee Hike: देशभर की महिला क्रिकेटरों के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने नए साल से पहले एक बड़ी सौगात दी है। Women Cricket Match Fee Hike के तहत बीसीसीआई ने घरेलू महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में 2.5 गुना तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह अहम फैसला सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में लिया गया, जहां फीस बढ़ाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया।

अब तक घरेलू टूर्नामेंटों में खेलने वाली सीनियर महिला क्रिकेटरों को प्रतिदिन 20 हजार रुपये और रिजर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये मिलते थे। नए नियमों के अनुसार, प्लेइंग-11 में शामिल सीनियर महिला क्रिकेटरों को अब प्रतिदिन 50 हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 25 हजार रुपये मिलेंगे। यानी महिला खिलाड़ियों की कमाई में करीब 2.5 गुना का सीधा इजाफा हुआ है, जिसे महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

Women Cricket Match Fee Hike का असर टी20 टूर्नामेंटों में भी साफ दिखाई देगा। बीसीसीआई के मुताबिक, नेशनल टी20 टूर्नामेंट में प्लेइंग-11 का हिस्सा बनने वाली महिला खिलाड़ियों को प्रति मैच 25,000 रुपये मिलेंगे, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 12,500 रुपये दिए जाएंगे। अगर कोई खिलाड़ी पूरे सीजन में सभी प्रारूपों में नियमित रूप से खेलती है, तो वह 12 से 14 लाख रुपये तक की कमाई कर सकती है।

इस फैसले का फायदा सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। महिला घरेलू टूर्नामेंटों में अंपायरों और मैच रेफरी का वेतन भी बढ़ाया गया है। अब लीग मैचों में उन्हें प्रतिदिन 40,000 रुपये, जबकि नॉकआउट मुकाबलों में 50,000 से 60,000 रुपये तक मिलेंगे।