मुकेश नायक के बयान ने मचाई हलचल, बुंदेली में बोले- बीजेपी में चलो गओ दीपक जोशी

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सीनियर नेता और प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. एक बार फिर उनका बयान चर्चा का विषय बना हुआ है. बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी को लेकर दिया बयान सोशल मीडिया पर बयान वायरल हो रहा है |

मुकेश नायक ने क्या बयान दिया?

दीपक जोशी की शादी पर मुकेश नायक ने बयान दिया जो अब वायरल हो रहा है. उन्होंने बुंदेली में बोला कि बीजेपी में चलो गओ दीपक जोशी. वैसे ही हमाई पार्टी में आओ और हमाई पार्टी में कार्यकर्ताओं की कमी थी. एक लुगाई और ले गओ इतेसे, बताओ ना आप. इसका हिंदी में मतलब है कि दीपक जोशी बीजेपी में चले गए. वैसे ही हमारी पार्टी में कार्यकर्ताओं की कमी है, एक महिला कार्यकर्ता को और ले गए. ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है |

पहले भी दे चुके हैं अजीबोगरीब बयान

कांग्रेस नेता मुकेश नायक पहले भी अजीबोगरीब बयान दे चुके हैं. इस साल फरवरी में बाबा बागेश्वर पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन सा नया हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं. दो कौड़ी की जानकारी नहीं है. रामायण छोड़कर दुनिया भर की बात करते रहते हैं |

इसी साल अगस्त में अधिकारियों पर विवादित बयान दिया था. दरअसल, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल छिंदवाड़ा जिला कलेक्टर के पास ज्ञापन देने के लिए पहुंचा था, जिसे अधिकारी ने स्वीकार करने से मना कर दिया था. इस पर मुकेश नायक ने कहा ये लोग कुत्ते से भी बुरे हैं. कुत्ते तो मालिक के लिए वफादार होते हैं लेकिन अधिकारी तो सत्ता के तलवे चाट रहे हैं |

दीपक जोशी ने कांग्रेस नेत्री से की शादी

बीजेपी नेता दीपक जोशी (65 साल) ने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना (45 साल) से 4 दिसंबर को शादी की थी. दो और महिलाओं की ओर दावा किया गया है कि दीपक जोशी ने उनके साथ भी शादी की थी. इसके बाद उनकी ये शादी वायरल हो रही है |

नवी मुंबई हवाई अड्डे से विमान ने भरी पहली वाणिज्यिक उड़ान, मिला वाटर कैनन सैल्यूट

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मुंबई। नवी मुंबई (Navi Mumbai) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ( International Airport) ने गुरुवार को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही हवाई अड्डे ने अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ान (Commercial Flight) के आगमन के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। बेंगलुरु से आ रही इंडिगो (Indigo) की फ्लाइट 6E460 सुबह 8 बजे नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी और उसका स्वागत वाटर कैनन सैल्यूट से किया गया।

वाटर कैनन सैल्यूट एक औपचारिक परंपरा है, जिसमें विमान के टैक्सी करते समय फायर ट्रक उस पर पानी की बौछार करते हैं। पहली उड़ान के उतरने से पहले इंडिगो के कर्मचारियों ने केक काटकर और नारियल फोड़कर इसका जश्न मनाया। लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट से पहली उड़ान इंडिगो की फ्लाइट 6E882 हैदराबाद के लिए सुबह 8:40 बजे रवाना हुई।

अदानी समूह की ओर से बताया गया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को वाणिज्यिक उड़ान संचालन शुरू हो गया। यह भारत की वित्तीय राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह मौजूदा मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वर्षों की भीड़भाड़ के बाद औपचारिक रूप से बहु-हवाई अड्डा प्रणाली की ओर अग्रसर है।

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जयंती स्पेशल आडवाणी से खटास, BJP छोड़ नई पार्टी बनाने की योजना

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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो मजबूत स्तंभ माने जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी (AtalBihariVajpayee)और लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani)की जोड़ी भारतीय राजनीति(Indian politics) में दशकों तक अटूट मानी जाती रही, लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने पर गंभीरता से विचार किया था। यह खुलासा वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आयोजित एक सार्वजनिक व्याख्यान(public speaking) के दौरान किया। यह व्याख्यान अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया था और इसका विषय था- “अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन और योगदान (contributions)।
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नीरजा चौधरी के अनुसार, जब 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ दो सीटें मिली थीं और वाजपेयी ग्वालियर से चुनाव हार गए थे। उसी दौर में आडवाणी पार्टी के भीतर तेजी से उभर रहे थे। इससे आहत होकर वाजपेयी ने कुछ समय के लिए भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने का मन बनाया था, हालांकि यह विचार ज्यादा समय तक नहीं टिका और उन्होंने भाजपा के साथ ही बने रहने का फैसला किया।

पोखरण-2 और आडवाणी की पीड़ा
नीरजा चौधरी ने अपने व्याख्यान में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण (1998) से जुड़ा एक संवेदनशील प्रसंग भी साझा किया, जिसने दोनों नेताओं के रिश्तों में आए तनाव को उजागर किया। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने परमाणु परीक्षण की जानकारी अपने प्रधान सचिव बृजेश मिश्रा और तीनों सेना प्रमुखों के साथ साझा की थी, लेकिन लालकृष्ण आडवाणी को इस फैसले में शामिल नहीं किया गया। निरजा चौधरी के मुताबिक, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को भी परीक्षण से सिर्फ दो दिन पहले सूचना दी गई, वह भी बिना तारीख बताए।

उन्होंने याद करते हुए कहा कि 11 मई 1998 को जब वह नॉर्थ ब्लॉक में आडवाणी से मिलने पहुंचीं, तो वे पार्टी कार्यकर्ताओं से घिरे होने के बजाय अकेले बैठे थे और बेहद आहत नजर आ रहे थे। उनकी आंखों में आंसू थे। आडवाणी को इस बात का गहरा दुख था कि दशकों की मित्रता और पार्टी की पुरानी प्रतिबद्धता के बावजूद उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया।

1990 के दशक में बढ़ता वाजपेयी का प्रभाव
नीरजा चौधरी ने कहा कि 1990 के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी की सर्वमान्य छवि और सभी दलों से अच्छे संबंधों ने उन्हें बेहद प्रभावशाली बना दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के बीच भी करीबी संबंध थे। इसके पीछे या तो दोनों का ब्राह्मण होना था या फिर 1977 में विदेश मंत्री रहते हुए वाजपेयी के समय से दोनों की पुरानी जान-पहचान।

स्वदेशी मिसाइल Akash-NG का सेना में शामिल होने का रास्ता साफ… जानें इसकी खासियत

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नई दिल्ली। भारत (India) के उन्नत आकाश-एनजी मिसाइल (Akash-NG missile) के उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही इसके सेना और वायुसेना (Army and Air Force) में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारों की राय में नई पीढ़ी की सतह से हवा में वार करने वाली यह मिसाइल प्रणाली (Missile system) दक्षिण एशिया में सुरक्षा समीकरण बदलने की क्षमता रखती है। आकाश-एनजी प्रणाली तेज गति से आने वाले हवाई खतरों से निपटने में सक्षम है।

ध्वनि की गति से ढाई गुना अधिक रफ्तार से काम करने वाली इस मिसाइल प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 60 किलोमीटर है। यह उन्नत संस्करण भारत की उत्तर और पश्चिम सीमाओं पर आधुनिक हवाई खतरों के खिलाफ एक शक्तिशाली कवच प्रदान करता है। आकाश-एनजी दुश्मन के स्टील्थ फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल और ड्रोन जैसे लो राडार क्रॉस सेक्शन वाले खतरों को सटीक निशाना बना सकता है।

2026 में होगी शामिल
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षणों के दौरान आकाश एनजी मिसाइलों ने कम ऊंचाई व लंबी दूरी और अधिक ऊंचाई वाली परिस्तिथियों में हवाई लक्ष्यों को अत्यंत सटीकता के साथ सफलतापूर्वक भेदा। परीक्षणों के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ-साथ वायुसेना के अधिकारी भी मौजूद रहे। डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने कहा कि इस सफल परीक्षण से आकाश-एनजी को सेनाओं में शामिल किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सूत्रों के मुताबिक अगले वर्ष तक यह मिसाइल प्रणाली वायुसेना में शामिल हो पाएगी।

अन्य प्रणालियों से एकीकरण
लगभग 96 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री वाली यह प्रणाली विदेशी हथियारों पर देश की निर्भरता कम करती है। आकाश एनजी को आधुनिक कमान-नियंत्रण नेटवर्कों के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे यह अन्य रक्षा प्रणालियों के साथ एकीकृत रूप से कार्य कर सकती है। यानी सेनाओं के लिए अब किसी भी हवाई दुस्साहस का जवाब देना कहीं आसान हो गया है।

दूसरों पर कम होगी निर्भरता
पूर्व वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने कहा कि आधुनिक युद्धों में बेहतर एयर डिफेंस क्षमताएं होना बहुत महत्वपूर्ण है। ऑपेरशन सिंदूर में दुश्मन इसलिए नुकसान नहीं पहुंचा पाया क्योंकि हमारा एयर डिफेंस अच्छा था। आकाश एनजी की रेंज और प्रभावशालिता काफी अच्छी है। स्वदेश में ही एयर डिफेंस क्षमता विकसित करने से दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वहीं जाने माने रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि आकाश एनजी जैसी क्विक रिएक्शन मिसाइल से हमारी वायु रक्षा प्रणाली बहुत मजबूत हो जाएगी। इससे एक लीक प्रूफ अम्ब्रेला बन जाएगा और अब भारत दुश्मन द्वारा फायर की गई 90 प्रतिशत से भी ज़्यादा मिसाइलों को रोक पाने में सक्षम होगा। आकाश एनजी रूस, अमेरिका और समूचे यूरोप में इस श्रेणी की अन्य प्रणालियों की तुलना में बहुत सस्ता है।

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उन्नाव रेप कांड के दोपी की जमानत पर भड़के राहुल गांधी… बोले- हम बनते जा रहे ‘मृत समाज’

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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित (Sentence Suspended) किए जाने की कड़ी आलोचना की है। राहुल गांधी ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि सेंगर को जमानत मिलना निराशाजनक और शर्मनाक है। इस दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि इस तरह की अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक ‘मृत समाज’ बनते जा रहे हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया। वहीं हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उसकी अपील पर अंतिम फैसला आने तक सेंगर को जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया। इससे पहले दिसंबर 2019 में निचली अदालत ने 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सेंगर को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

राहुल गांधी ने इसी फैसले पर अपना गुस्सा जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी “गलती” ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को ज़मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो।”

राहुल गांधी ने आगे लिखा, “बलात्कारियों को जमानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार, ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं, ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध। पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, ना कि बेबसी, भय और अन्याय।”

विजय हजारे ट्रॉफी 2025 से अचानक बाहर हुए वैभव सूर्यवंशी, वजह आई सामने

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क्रिकेट | वैभव सूर्यवंशी को फिर से मैदान पर देखने के लिए फैंस को अब थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. अंडर-19 एशिया कप में धमाकेदार पारियां खेलने के बाद वैभव ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी तूफानी शुरुआत की थी. मगर अब सिर्फ एक ही मैच के बाद वो इस टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. बिहार के लिए खेलने वाले 14 साल के इस युवा बल्लेबाज को एक खास वजह से एक ही मैच के बाद टूर्नामेंट छोड़ना पड़ा है. इसकी वजह है एक खास अवॉर्ड, जो उन्हें देश की राष्ट्रपति के हाथों से मिलना है और इसके लिए वो अपने पहले मैच के बाद ही दिल्ली पहुंच गए | 

बुधवार 24 दिसंबर से विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 की शुरुआत हुई थी. बिहार का पहला मैच अरुणाचल प्रदेश के साथ था और इस मुकाबले में वैभव ने हाहाकारी शतक ठोक दिया. बाएं हाथ के स्टार ओपनर ने सिर्फ 84 गेंदों में 190 रन की हैरतअंगेज और रिकॉर्डतोड़ पारी खेलकर तहलका मचा दिया. अपनी पारी के दौरान वैभव ने सिर्फ 59 गेंदों में 150 रन पूरे करते हुए एबी डिविलियर्स का सबसे तेज 150 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ दिया |

वैभव सूर्यवंशी की इस पारी के दम पर बिहार ने 574 रन का विशालकाय स्कोर खड़ा किया था, जिसके दम पर टीम को आसानी से जीत मिली. मगर अब बिहार को इस टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों में अपने स्टार बल्लेबाज के बिना ही उतरना पड़ेगा. असल में वैभव सूर्यवंशी को इस बार केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. शुक्रवार 26 दिसंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें ये खास अवॉर्ड देंगी. इसके अलावा वैभव इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे. इस बड़े दिन का हिस्सा बनने के लिए ही वैभव पहला मैच खेलने के बाद सीधे दिल्ली पहुंच गए |

बिहार का अगला मुकाबला 26 दिसंबर को ही है और इसलिए वैभव इसका हिस्सा नहीं बन पाएंगे. मगर वो इसके बाद भी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे क्योंकि इसके बाद वो अंडर-19 टीम के साथ जुड़ जाएंगे, जो 30 दिसंबर को साउथ अफ्रीका के लिए रवाना होगी. ये टीम 4 जनवरी से 9 जनवरी के बीच 3 वनडे मैच की सीरीज खेलेगी. ये सीरीज अंडर-19 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए खेली जानी है. यानि अब वैभव सूर्यवंशी को दोबारा अपने बल्ले का कमाल दिखाते हुए देखने के लिए फैंस को 4 जनवरी तक का इंतजार करना पड़ेगा |

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भारत ने पनडुब्बी से सफलतापूर्वक परीक्षण किया 3500KM रेंज वाली घातक परमाणु मिसाइल

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नई दिल्ली । भारत ने मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में अपनी परमाणु संचालित पनडुब्बी(Nuclearpoweredsubmarine) INS अरिघात से 3500 किलोमीटर रेंज वाली इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल(intermediate-range ballistic missile) K-4 का परीक्षण किया। यह परीक्षण विशाखापत्तनम(test Visakhapatnam) तट के पास किया गया। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)की ओर से इस परीक्षण पर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह ठोस ईंधन वाली K-4 मिसाइल थी, जो दो टन परमाणु पेलोड (nuclear payload)ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल भारत की परमाणु हथियार त्रयी के समुद्री हिस्से को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मंगलवार के परीक्षण का व्यापक विश्लेषण किया जाएगा, ताकि यह तय हो सके कि क्या सभी निर्धारित तकनीकी पैरामीटर और मिशन उद्देश्य पूरे हुए हैं या कोई कमी रह गई है। बैलिस्टिक मिसाइलों, विशेष रूप से पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइलों को पूर्ण ऑपरेशनल स्टेटस हासिल करने के लिए कई परीक्षणों की जरूरत पड़ती है।

दो स्टेज वाली K-4 मिसाइल के पहले कई परीक्षण वर्षों से समुद्र के भीतर सबमर्सिबल पॉन्टून प्लेटफॉर्म से किए जाते रहे हैं। हालांकि नवंबर 2024 में इसे पहली बार INS अरिघात से दागा गया था। INS अरिघात भारत की दूसरी परमाणु संचालित पनडुब्बी है, जो परमाणु हथियारों वाली बैलिस्टिक मिसाइलें (नौसेना की भाषा में SSBN) ले जाने में सक्षम है। इसे पिछले साल 29 अगस्त को कमीशन किया गया था। यह 6,000 टन वजनी पनडुब्बी त्रि-सेवा रणनीतिक बल कमांड द्वारा संचालित की जाती है।

SSBN बेड़े का विस्तार
इसकी पूर्ववर्ती पनडुब्बी INS अरिहंत, जो 2018 में पूरी तरह ऑपरेशनल हुई, केवल 750 किलोमीटर रेंज वाली K-15 मिसाइलें ले जा सकती है। भारत अब गोपनीय रूप से चल रहे 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) कार्यक्रम के तहत तीसरी SSBN INS अरिदमन को 2026 की पहली तिमाही में और चौथी को 2027-28 में कमीशन करेगा।

ये दोनों नई SSBN पहले दो की तुलना में थोड़ी बड़ी होंगी, जिनका विस्थापन 7,000 टन प्रत्येक होगा। भविष्य में 13,500 टन वाली SSBN बनाने की भी योजना है, जिनमें मौजूदा 83 MW की बजाय अधिक शक्तिशाली 190 MW प्रेशराइज्ड लाइट-वॉटर रिएक्टर लगाए जाएंगे। वर्तमान में भारत की SSBN अमेरिका, चीन और रूस की तुलना में आकार में आधी से भी कम हैं।

K-5 और K-6 की राह
K-4 की परिचालन तैनाती के बाद भारत 5,000 से 6,000 किलोमीटर रेंज वाली K-5 और K-6 पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलों को भी शामिल करेगा। इससे अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के साथ मौजूद अंतर को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) हैं।

परमाणु त्रिकोण की मजबूती
भारत के परमाणु त्रिकोण के अन्य दो चरण पहले से ही बेहद मजबूत माने जाते हैं। जमीनी चरण में Agni-5 जैसी 5,000 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली मिसाइलें हैं, जबकि वायुसेना के पास राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और मिराज-2000 जैसे विमान हैं, जो परमाणु ग्रैविटी बम ले जाने में सक्षम हैं।

धुरंधर और अवतार के बीच साउथ फिल्म ने मचाया धमाल, हफ्तेभर में कमाई कितनी?

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सिनेमाघरों में मौजूदा समय में रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर का धुआंधार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. वहीं इसी के साथ फिल्म की कमाई के ताजा आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं. इसी के साथ जेम्स कैमरून की हॉलीवुड फिल्म अवतार 3 भी भारत में ठीक-ठाक कमाई कर ले जा रही है. इस फिल्म के कलेक्शन के आंकड़े भी ठीक-ठाक जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ साल 2025 के जाते-जाते साउथ से एक और सर्प्राइज फैंस को देखने मिल रहा है. इस साल कई छोटे बजट की फिल्में ऐसी थीं जिन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया. वहीं अब साल 2025 के जाते-जाते एक और साउथ मूवी ने सभी का ध्यान खींचा है |

इस फिल्म का नाम है भा भा बा. इसमें साउथ फिल्मों के एक्टर दिलीप लीड रोल प्ले करते नजर आए हैं. फिल्म को काफी फायदा मिल रहा है. भारत में तो इसका कलेक्शनठीक-ठाक ही जा रहा है लेकिन दूसरी तरफ विदेशों में ये फिल्म और भी ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. आइए जानते हैं कि बड़ी-बड़ी फिल्मों की मौजूदगी के बाद भी इस फिल्म ने एक हफ्ते में कितने रुपए की कमाई कर ली है |

भारत में भा भा बा ने कितने कमाए?

भा भा बा फिल्म की बात करें तो इस फिल्म ने रिलीज के पहले वीकेंड में 16.40 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया था. लेकिन इसके बाद फिल्म की कमाई के 3 दिनों में 3.40 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया था. रिपोर्ट्स की मानें तो एक हफ्ते में इस फिल्म ने 19.80 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है. वीकडेज में इस फिल्म की कमाई में गिरावट देखने को मिली है. अब देखने वाली बात ये होगी कि फिल्म को क्रिसमस और न्यू ईयर में कितना फायदा मिलता है और अपकमिंग वीकेंड में फिल्म कितनी कमाई करती है.

कितना रहा भा भा बा का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन?

रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म का बजट 30 करोड़ रुपए के करीब माना जा रहा है. इस लिहाज से देखा जाए तो फिल्म ने रिलीज के 6 दिनों में भारत में 21.95 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है. वहीं इसका ओवरसीज कलेक्शन 16.55 करोड़ रुपए का हो चुका है. फिल्म के वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो 6 दिनों में इस फिल्म ने दुनियाभर में 38.50 करोड़ रुपए की कमाई की है. मतलब कि फिल्म एक हफ्ते में ही वर्ल्डवाइड कलेक्शन के लिहाज से अपना बजट निकाल चुकी है. अब इसे आगे भी अपनी इस रिदम को बरकरार रखना होगा ताकि फिल्म 60-70 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर सकती है |

3 बड़ी फिल्मों के बीच किया कमाल

भा भा बा फिल्म की बात करें तो इस फिल्म को ऐसे वक्त पर रिलीज किया गया है जब पहले से ही रणवीर सिंह की मूवी धुरंधर सिनेमाघरों में ताबड़तोड़ कमाई कर रही है और हर दिन 20 करोड़ से ज्यादा का औसतन कलेक्शन कर रही है. वहीं फिल्म अवतार 3 की बात करें तो ये फिल्म भी सिनेमाघरों में जमी हुई है. फिल्म भारत में 100 करोड़ के कलेक्शन के करीब पहुंच चुकी है. वहीं नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म अखंडा 2 भी थोड़ा-बहुत कमा ले जा रही है. ऐसे में भी भा भा बा का कलेक्शन काफी शानदार कहा जा सकता है |

साउथ एक्टर दिलीप का रहा है जलवा

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर दिलीप का अलग ही जलवा रहा है. उनकी फिल्मों को काफी पसंद किया गया है. अब भी 3-3 बड़ी फिल्मों की रिलीज के बाद भी एक्टर की फिल्म ने अपना बजट तो निकाल लिया है और अब ये फिल्म प्रॉफिट कमाने की ओर बढ़ चुकी है. जैसा फिल्म वदेश में कमा रही है उससे तो ऐसा लग रहा है कि ये 40-50 करोड़ रुपए तो ओवरसीज कलेक्शन से ही कमा ले जाएगी. इस फिल्म का नुकसान उल्टा अखंडा 2 को उठाना पड़ रहा है जो सिनेमाघरों में अपनी रिलीज के अंतिम समय में है |

अटल जी की वो एक सलाह जिसने बदल दी नीतीश की राजनीति; जानें दोनों के बीच की वो अनकही कहानी

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Nitish Kumar and Atal Bihari Vajpayee Relation: भारतीय राजनीति में गठबंधन आते-जाते रहते हैं, विचारधाराएं बदलती हैं और दोस्त दुश्मन बन जाते हैं. लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल में एक शख्सियत ऐसी है, जिसके प्रति उनकी श्रद्धा कभी कम नहीं हुई, और वो हैं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी. 25 दिसंबर को जब देश अटल जी की जयंती मना रहा है, तो नीतीश कुमार के जेहन में फिर से वो यादें ताजा हो गई हैं, जो केवल राजनीति की नहीं, बल्कि अटूट भरोसे और पिता-तुल्य स्नेह की हैं.

जब अटल के भरोसे ने बनाया ‘सुशासन बाबू’
नीतीश कुमार आज भले ही गठबंधन की राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाते हों, लेकिन उनके प्रशासनिक कौशल को तराशने का श्रेय अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है. 90 के दशक के आखिर में जब नीतीश केंद्र की राजनीति में सक्रिय हुए, तो अटल जी ने उनकी प्रतिभा को पहचान लिया था. यही वजह थी कि उन्होंने नीतीश को कृषि, रेलवे और भूतल परिवहन जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी.

नीतीश अक्सर याद करते हैं कि अटल जी के मंत्रिमंडल में काम करना किसी स्कूल में सीखने जैसा था. वहां केवल आदेश नहीं दिए जाते थे, बल्कि संवाद और सम्मान का माहौल था.

वो 7 दिन और हार न मानने का जज्बा
नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन का सबसे भावुक मोड़ साल 2000 में आया था. बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अटल जी के अटूट विश्वास के चलते नीतीश ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. हालांकि, बहुमत की कमी के कारण यह सरकार सिर्फ 7 दिन में गिर गई.

वह हार किसी भी नेता को तोड़ सकती थी, लेकिन नीतीश बताते हैं कि उस वक्त अटल जी ने ही उन्हें ढांढस बंधाया. उस 7 दिन की असफलता ने ही 2005 के ‘सुशासन’ की नींव रखी. नीतीश मानते हैं कि अटल जी का आशीर्वाद ही था कि वे बिहार में ‘जंगलराज’ के टैग को मिटाकर विकास की राह पर चल सके.

जब अटल जी भी भावुक हो गए
नीतीश और अटल बिहारी का रिश्ता सिर्फ कुर्सी का नहीं था. 1999 में जब पश्चिम बंगाल के गैसल में दर्दनाक रेल हादसा हुआ, तो नीतीश कुमार ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया. अटल अपने इस प्रिय मंत्री को खोना नहीं चाहते थे, उन्होंने इस्तीफा नामंजूर करने की कोशिश की, लेकिन नीतीश अपनी बात पर अड़े रहे. यह घटना दिखाती है कि दोनों नेताओं के लिए राजनीतिक शुचिता और नैतिक मूल्य पद से ऊपर थे.

गठबंधन कोई भी हो, ‘अटल’ भक्ति अटूट
नीतीश कुमार की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव आए. वे भाजपा के साथ रहे, फिर अलग हुए, फिर साथ आए. लेकिन एक चीज जो कभी नहीं बदली, वह थी अटल जी के प्रति उनकी निष्ठा. आज भी जब नीतीश कुमार ‘सदैव अटल’ स्मारक पर जाकर शीश झुकाते हैं, तो उनके चेहरे पर वही पुरानी श्रद्धा दिखती है.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा रहती है कि नीतीश आज भी मौजूदा राजनीति की तुलना अटल-आडवाणी के दौर से करते हैं. उनके लिए अटल जी केवल एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि एक ऐसी ढाल थे जिन्होंने गठबंधन की राजनीति में छोटे दलों को सम्मान देना सिखाया.

यादों की विरासत
आज के दौर में जहां राजनीति में कटुता बढ़ रही है, नीतीश और अटल जी का यह संबंध हमें याद दिलाता है कि आपसी मतभेदों के बीच भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान कैसे बनाए रखा जाता है. नीतीश के लिए अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसी मशाल की तरह हैं, जिसकी रोशनी में उन्होंने बिहार को नई दिशा दी.

CSK के नए खिलाड़ी ने डेब्यू में किया कमाल, विरोधी टीम की हार तय

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24 दिसंबर से घरेलू टूर्मामेंट विजय हजारे ट्रॉफी का रोमांच शुरू हो गया. पहले राउंड के मुकाबलों में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की धूम रही. वहीं कई ऐसे युवा खिलाड़ी भी रहे, जिन्होंने अपने दमदार खेल से सनसनी मचाई. ऐसे ही एक खिलाड़ी प्रशांत वीर हैं. उत्तर प्रदेश के लिए खेलने वाले प्रशांत वीर ने हैदराबाद के खिलाफ अपनी गेंदबाजी से कहर बरपाया. रिंकू सिंह की कप्तानी में प्रशांत ने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू किया |

हैदराबाद के खिलाफ मैच में प्रशांत को बल्लेबाजी में तो ज्यादा मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने यूपी के लिए 10 ओवर की गेंदबाजी में सिर्फ 47 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. ऐसे में सवाल ये उठता है कि प्रशांत वीर के इस प्रदर्शन की चर्चा क्यों हो रही है. दरअसल इस युवा खिलाड़ी को इसी महीने हुए आईपीएल 2026 के लिए मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.20 करोड़ की बड़ी रकम पर अपनी टीम के लिए खरीदा था. प्रशांत का बेस प्राइस सिर्फ 30 लाख रुपए थे. ऐसे में जिस तरह से प्रशांत ने लिस्ट ए में अपना डेब्यू किया उससे साफ हो गया कि सीएसके ने सही जगह दांव लगाया है |

यूपी की हैदराबाद के खिलाफ दमदार जीत

वहीं इस मुकाबले की बात करें तो यूपी की टीम ने हैदराबाद को 84 रन से करारी मात दी. मैच में यूपी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर के खेल में 5 विकेट के नुकसान पर 324 रन का स्कोर खड़ा किया था. टीम के लिए अभिषेक गोस्वामी ने 81 रन, आर्यन जुयाल ने 80 रन और ध्रुव जुरेल ने 80 रनों की पारी खेली. इसके अलावा कप्तान रिंकू सिंह ने भी 48 गेंद में 67 रनों की दमदार पारी खेली |

इसके जवाब में हैदराबाद की बल्लेबाजी कुछ खास नहीं रही. हैदराबाद 325 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 43 ओवर में 240 रन बनाकर सिमट गई. हैदराबाद के लिए सिर्फ तनमय अग्रवाल ही टीम के लिए एक बड़ी पारी खेल पाए. तनमय ने 43 गेंद में 53 रनों की पारी खेली. इसके अलावा और कोई भी बल्लेबाज अपना कमाल नहीं दिखा पाए |

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News Desk