जम्मू  में कई स्पा सेंटरों पर एक साथ छापे 

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जम्मू । जम्मू पुलिस ने रविवार को अवैध और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण जोन के पूर्वी उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कई स्पा सेंटरों पर एक साथ छापे मारे। पुलिस बल ने चन्नी हिम्मत थाने के एसएचओ के नेतृत्व में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ महिला पुलिस अधिकारियों और एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस टीमों ने छापेमारी की। इस अभियान के दौरान स्पा सेंटरों की गहन जांच की गई। स्पा सेंटरों द्वारा रखे गए रजिस्टरों की छानबीन की गई और आगे की जांच के लिए संदिग्ध स्थलों से डीवीआर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। जांच के तहत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। यह पूरा अभियान एसडीपीओ ईस्ट और एसपी सिटी साउथ की निगरानी और एसएसपी जम्मू के समग्र पर्यवेक्षण में चलाया गया। इस संबंध में संबंधित पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। मामले में किसी व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। जम्मू पुलिस की तरफ से यह अभियान प्रशासन के सहयोग से की गई एक सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई थी। पुलिस ने यह कार्रवाई क्षेत्र के कुछ स्पा सेंटरों में चल रहे अनैतिक कार्यों की शिकायत मिलने के बाद की। 

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RLM में घमासान तेज, टूट की अटकलों के बीच विधायक माधव आनंद पहुंचे विदेश

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Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के तीन विधायकों की नाराजगी की चर्चाओं के बीच, मधुबनी के विधायक माधव आनंद अचानक विदेश चले गए हैं। माधव आनंद ने इस बात की पुष्टि की है कि वह फिलहाल भारत से बाहर हैं। पार्टी के अंदर चल रहे विवादों के बीच उनके जाने से इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक है या कोई बड़ा फेरबदल होने वाला है।

लिट्टी-चोखा पार्टी में गैरहाजिरी से जन्मा विवाद

हाल ही में पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर हुई लिट्टी-चोखा पार्टी को संगठनात्मक एकता का प्रतीक माना जा रहा था। हालांकि, इस कार्यक्रम में RLM के तीनों विधायक गैरमौजूद थे। अपनी गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर माधव आनंद ने साफ किया कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी थी, लेकिन खराब सेहत के कारण वह शामिल नहीं हो सके। वह दिल्ली गए थे और अब विदेश में हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में अफवाहें हैं कि उन्हें मंत्री पद न मिलने से वह नाखुश हैं।

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केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, तीन जख्मी

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महाराष्ट्र के वाशिम में केंद्रीय मंत्री की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे के समय मंत्री प्रतापराव जाधव जाधव गाड़ी में सवार नहीं थे, लेकिन उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर बुरी तरह घायल हो गए। नागपुर में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव को छोड़ने के बाद गाड़ी मेहकर की ओर जा रही थी। उसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक के साथ जोरदार टक्कर हो गई।

हादसे में तीन लोग बुरी तरह घायल

इस हादसे में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के बॉडीगार्ड निलेश वाकुडकर, वाहन चालक भूषण चोपड़े और उनके सहकर्मी वैभव देशमुख गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को वाशिम के लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां तीनों का इलाज जारी है। पुलिस ने कहा कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि केंद्रीय मंत्री की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

महाराष्ट्र के वाशिम में केंद्रीय मंत्री की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे के समय मंत्री प्रतापराव जाधव जाधव गाड़ी में सवार नहीं थे, लेकिन उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर बुरी तरह घायल हो गए। नागपुर में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव को छोड़ने के बाद गाड़ी मेहकर की ओर जा रही थी। उसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक के साथ जोरदार टक्कर हो गई।

हादसे में तीन लोग बुरी तरह घायल

इस हादसे में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के बॉडीगार्ड निलेश वाकुडकर, वाहन चालक भूषण चोपड़े और उनके सहकर्मी वैभव देशमुख गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को वाशिम के लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां तीनों का इलाज जारी है। पुलिस ने कहा कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि केंद्रीय मंत्री की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

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RSS की तारीफ पर राहुल का दिग्विजय पर तंज, बोले– आपने गलत किया

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS और भाजपा की तारीफ को लेकर रविवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से आपत्ति जताई। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान दोनों नेता आमने-सामने हुए थे।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्विजय सिंह से हाथ मिलाते समय राहुल गांधी ने उन्हें मजाकिया लहजे में कहा, ‘कल आपने गलत व्यवहार कर दिया।’ यह सुनकर आसपास मौजूद नेताओं की हंसी छूट गई। वहां सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। वे भी हंसने लगीं। फिर राहुल और दिग्विजय के बीच थोड़ी देर बातचीत हुई।

दरअसल, दिग्विजय सिंह ने 27 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए RSS और BJP के संगठनात्मक ढांचे की सराहना की थी। तस्वीर में नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी दिखाई दे रहे हैं।

अपने पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा था- यह बहुत ही प्रभावशाली तस्वीर है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक और भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की ताकत को दिखाता है।

 

कांग्रेस नेताओं ने दिग्विजय सिंह की आलोचना की

दिग्विजय सिंह के पोस्ट के बाद पार्टी के भीतर उनकी आलोचना होने लगी। उधर, कांग्रेस स्थापना दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिग्विजय का नाम लिए बिना कहा- कांग्रेस ने कभी संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से समझौता नहीं किया है।

खड़गे ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगे और न ही मंदिर-मस्जिद के नाम पर नफरत फैलाई। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिग्विजय के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कांग्रेस को गोडसे की विचारधारा से जुड़े संगठन से कुछ सीखने की जरूरत नहीं है।

कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा- RSS नफरत के आधार पर बना एक संगठन है और यह नफरत फैलाता है। नफरत से कुछ सीखने को नहीं मिलता। क्या आप अल-कायदा से कुछ सीख सकते हैं? अल-कायदा नफरत फैलाने वाला संगठन है। उस संगठन से क्या सीखा जा सकता है?

 

दिग्विजय की सफाई- RSS-मोदी की नीतियों का घोर विरोधी हूं

इधर, विवाद बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने सिर्फ संगठन की तारीफ की थी। उन्होंने कहा- मैं संगठन का समर्थन करता हूं। मैं RSS, PM मोदी और उनकी नीतियों के खिलाफ हूं

दिग्विजय सिंह ने कहा- विचारधारा को लेकर कोई मतभेद नहीं है। हम सभी कांग्रेस में एकजुट हैं। नेहरू-गांधी परिवार ऐसा परिवार है, जिसमें दो लोगों ने शहादत दी है। भाजपा नेहरू-गांधी परिवार के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है।

 

भाजपा बोली- दिग्विजय सिंह ने RSS की ताकत को समझा

भाजपा के कई नेताओं ने दिग्विजय सिंह के बयान की सराहना की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिग्विजय सिंह के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा- RSS लगातार सामाजिक समानता और राष्ट्रीय प्रगति के लिए काम करता रहा है। धीरे-धीरे लोग समझ रहे हैं कि RSS देश को आगे ले जाने का प्रयास कर रहा है, इसलिए उसके आलोचक भी उसकी सराहना कर रहे हैं।

भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- दिग्विजय सिंह ने संगठन की ताकत को समझा है, लेकिन कांग्रेस अब भी इसे नहीं समझ पाई है। कांग्रेस एक ही परिवार तक सीमित है और पार्टी में फैसले लेने का अधिकार भी उसी परिवार के पास है। संगठन के लिए काम करने वाले लोगों को पहचान और आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए, जो कांग्रेस में नहीं दिखता।

दिग्विजय सिंह के बयान पर बंटी कांग्रेस! पवन खेड़ा ने किया ‘गोडसे’ का जिक्र, थरूर का मिला समर्थन

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नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) की ओर से आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) की तारीफ किए जाने के मामले ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह संघ की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर कांग्रेस में ही कई नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही है।

दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी की तस्वीर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने कहा था कि भाजपा-आरएसएस जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को संगठन के भीतर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पदों तक पहुंचने का मौका देते हैं। गौरतलब है कि इस तस्वीर में पीएम मोदी जमीन पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।

आरएसएस पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने संघ को 1948 में महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे से जोड़ा। पवन खेड़ा ने कहा, ‘आरएसएस से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए कुख्यात संगठन गांधी की ओर से स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?’

कांग्रेस नेता मनिकम टैगौर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘गोडसे के संगठन से नफरत के अलावा और कुछ सीखा नहीं जा सकता है। कांग्रेस 140 वर्ष की हो गई है, जो अभी भी युवा है और नफरत के खिलाफ लड़ती है।’ इसी के साथ टैगौर ने एक अन्य पोस्ट में एक फुटबॉल मैच का वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में खिलाड़ी अपने गोल पोस्ट में गोल करता दिख रहा है। उन्होंने इस पर लिखा कि मशहूर सेल्फ गोल। हमारे पास एक है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने दिग्विजय सिंह के बयान पर कहा, ‘मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इसका उदाहरण हैं।’ इसके साथ ही शशि थरूर ने कहा, ‘हमारी पार्टी का 140 साल का इतिहास है. हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी चीज है।’

वहीं, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘भाजपा उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। हमें आरएसएस से कुछ सीखने की जरूरत नहीं है। हमने ब्रिटिश राज और उसके अन्याय के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम लड़ा। हमने इसे जन आंदोलन में बदल दिया, इसलिए हमें किसी से कुछ सीखने की जरूरत नहीं है; बल्कि लोगों को कांग्रेस से सीखना चाहिए।’

नए साल पर देश के इन चार बड़े धर्मस्थलों पर पहुंचेंगे लाखों भक्त, जानें कैसे कर पाएंगे दर्शन

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नई दिल्ली। नए साल (New Years) के मौके पर देश के चार बड़े धार्मिक स्थलों (Religious Sites) में भारी भीड़ जुटने वाली है। अनुमान है कि 31 दिसंबर और एक जनवरी को करीब इन जगहों पर 10 लाख श्रद्धालुओं (Devotees) पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन (Temple Administration) और स्थानीय प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं, ताकि दर्शन सुरक्षित और सुचारू रूप से हो सकें।

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में 30 दिसंबर से वैकुंठ एकादशी उत्सव शुरू हो रहा है, जो 10 दिनों तक चलेगा। इसी बीच नए साल का उत्सव भी है, जिससे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुचने की संभावना है। इस भीड़ को देखते हुए यहां सख्त नियम बनाए गए हैं। 30 दिसंबर से एक जनवरी तक सिर्फ उन्हीं भक्तों को दर्शन मिलेंगे जिनके पास एडवांस बुकिंग वाला टोकन होगा। 29 से 31 दिसंबर के लिए 1.89 लाख टोकन जारी करने के बाद काउंटर बंद कर दिए गए हैं। पिछले साल हुई भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

नए साल के मौके पर महाराष्ट्र के शिर्डी साईंबाबा मंदिर में छह लाख भक्तों के आने की उम्मीद है। इसको देखते हुए 31 दिसंबर को मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। इस वजह से रात 10 बजे की शेजारती और 1 जनवरी की सुबह होने वाली काकड़ आरती नहीं होगी। इस मौके पर आम भक्तों की सुविधा के लिए वीआईपी दर्शन बंद रहेंगे। साईं बाबा के मुख दर्शन के लिए बाहर एक सोने की खिड़की बनाई गई है। प्रशासन का दावा है कि इस बार दर्शन का समय पहले से कम होगा।

जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। कटरा पहुंच रहे श्रद्धालुओं के दस्तावेजों की जांच होटलों में ही कराई जा रही है और उनकी सही पहचान होने के बाद ही यात्रा कार्ड दिया जाएगा। यह कार्ड भी सीमित समय के लिए होगा, क्योंकि कार्ड मिलने के दस घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी। भक्तों को 24 घंटे के अंदर वापस लौटना होगा। नए साल के मौके पर यहां करीब 70 हजार से एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

वहीं राम नगरी अयोध्या में पहले से ही भारी भीड़ है। यहां नए साल के मौके पर दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। शहर के सभी बड़े होटल व धर्मशालाएं अभी से भर गए हैं। आरती और दर्शन के पास एक जनवरी तक बुक हो चुके हैं। ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए रास्तों में गैस हीटर लगाए गए हैं। यहां दर्शन और के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

 

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स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि से लेकर युवा शक्ति तक, पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कही ये बातें

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज यानी रविवार को मन की बात (‘Mann Ki Baat’) कार्यक्रम के 129वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इस साल सेना का शौर्य बना ऑपरेशन सिंदूर, स्वतंत्रता सेनानी (freedom fighter) पार्वती गिरि (Parvati Giri), एंटीबायोटिक दवाओं, कश्मीर के बारामूला में मिले बौद्ध स्तूपों के अवशेष और देश में युवा की भागेदारी समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिनों में साल 2026 दस्तक देने वाला है और इस दौरान पूरे एक साल की यादें मन में घूम रही हैं। 2025 ने ऐसे कई पल दिए, जिस पर हर भारतीय को गर्व हुआ। भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे देश की सबसे खूबसूरत बात ये है कि सालभर हर समय देश के किसी-ना-किसी हिस्से में उत्सव का माहौल रहता है | अलग-अलग पर्व-त्योहार तो हैं ही, साथ ही विभिन्न राज्यों के स्थानीय उत्सव भी आयोजित होते रहते हैं। यानि, अगर आप घूमने का मन बनाएं, तो हर समय, देश का कोई-ना-कोई कोना अपने उत्सव के साथ तैयार मिलेगा।

स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि को किया याद
पीएम मोदी ने इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरी को याद किया। उन्होंने कहा कि अगले महीने हम देश का 77वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे। जब भी ऐसे अवसर आते हैं, तो हमारा मन स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता के भाव से भर जाता है | हमारे देश ने आजादी पाने के लिए लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में देश के हर हिस्से के लोगों ने अपना योगदान दिया है | लेकिन, दुर्भाग्य से आजादी के अनेकों नायक-नायिकाओं को वो सम्मान नहीं मिला, जो उन्हें मिलना चाहिए था।

पीएम मोदी ने पार्वती गिरि को याद करते हुए कहा कि ऐसी ही एक स्वतंत्रता सेनानी हैं ओडिशा की पार्वती गिरि जी। जनवरी 2026 में उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी | उन्होंने 16 वर्ष की आयु में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में हिस्सा लिया था। साथियो, आजादी के आंदोलन के बाद पार्वती गिरि जी ने अपना जीवन समाज सेवा और जनजातीय कल्याण को समर्पित कर दिया था। उन्होंने कई अनाथालयों की स्थापना की। उनका प्रेरक जीवन हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा।

एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन को लेकर क्या बोले पीएम मोदी
मन की बात के इस साल के आखिरी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन को लेकर अहम बातें की। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने हाल ही में एक जारी रिपोर्ट जारी की है | इसमें बताया गया है कि निमोनिया और यूटीआई जैसी कई बीमारियों के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाएं कमजोर साबित हो रही हैं। हम सभी के लिए यह बहुत ही चिंताजनक है।

इस दौरान रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक इसका एक बड़ा कारण लोगों द्वारा बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन है । एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं नहीं हैं, जिन्हें यूं ही ले लिया जाए। इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए | आजकल लोग ये मानने लगे हैं कि बस एक गोली ले लो, हर तकलीफ दूर हो जाएगी | यही वजह है कि बीमारियाँ और संक्रमण इन एंटीबायोटिक दवाओं पर भारी पड़ रहे।

ऑपरेशन सिंदूर को बताया गर्व का प्रतीक
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल ऑपरेशन सिंदूर हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। दुनिया ने देखा आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता। लोगों ने अपने-अपने तरीके से अपने भाव व्यक्त किए। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर भी यही जज्बा देखने को मिला।

भारत की उम्मीदों की वजह युवा शक्ति- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने देश में युवाओं की भागेदारी पर बातचीत करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत को नई आशा के साथ देख रही है और भारत की उम्मीदों की वजह इसकी युवा शक्ति, विज्ञान और तकनीक में हमारी उपलब्धि। भारत के युवाओं में कुछ नया करने का जुनून है और वे उतने ही जागरूक भी है।

उन्होंने कहा कि युवा मुझसे पूछते हैं कि वे कैसे देश के विकास में कैसे योगदान दे सकते हैं। हमारे युवा साथियों की जिज्ञासा का समाधान यंग लीडर डायलॉग है। पिछले दिनों उसका पहला संस्करण हुआ था और अब जल्द ही उसका दूसरा संस्करण आएगा। मैं भी इसमें जरूर शामिल होऊंगा। पीएम मोदी ने कहा कि इसमें हमारे युवा इनोवेशन, फिटनेस, कृषि जैसे अहम विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मुझे ये देखकर अच्छा लगा, इसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कुछ दिन पहले एक क्विज प्रतियोगिता में लाखों युवा शामिल हुए।

‘काशी तमिल संगमम’ को लेकर भी बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल वाराणसी में हुए ‘काशी तमिल संगमम’ में तमिल भाषा सीखने को लेकर बात कही। उन्होंने कहा कि ‘तमिल सीखें- तमिल करकलम’ थीम के तहत वाराणसी की 50 से ज्यादा स्कूलों में विशेष अभियान चलाए गए। पीएम मोदी ने कहा कि तमिल दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। वे यह देखकर खुश हैं कि आज देश के अन्य हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा को लेकर नया आकर्षण दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यही भाषा की शक्ति है। यही भारत की एकता है।

 400 से ज्यादा मुस्लिमों के घरों को तोड़ा…

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बेंगलुरु। बेंगलुरु में 400 से ज्यादा घरों को गिराने के बाद कर्नाटक सरकार विवादों में घिर गई है। जिससे सैकड़ों लोग, जिनमें ज़्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं, बेघर हो गए हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में हुई इस बड़े पैमाने पर बेदखली की कार्रवाई ने सत्ताधारी कांग्रेस और केरल लेफ्ट फ्रंट यूनिट के बीच जबरदस्त जुबानी जंग छेड़ दी है।
जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे कोगिलु गांव में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में तोडफ़ोड़ की गई। जिससे करीब 400 परिवार बेघर हो गए। यह कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई, जब शहर में साल की सबसे ज़्यादा ठंड पड़ रही है। बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा चलाए गए इस अभियान में 4 जेसीबी और 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे।

कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उतरे लोग
मामले में कर्नाटक सरकार ने कहा कि ये घर उर्दू गवर्नमेंट स्कूल के पास एक झील के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। हालांकि, निवासियों ने दावा किया कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था। पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बेदखल कर दिया। इससे सैकड़ों लोगों को कड़ाके की ठंड में सडक़ों पर और अस्थायी शेल्टरों के नीचे रातें बितानी पड़ रही हैं। कुछ निवासियों के हवाले से बताया गया है कि  वे 25 सालों से इस इलाके में रह रहे हैं और उनके पास वैलिड आधार कार्ड व वोटर आईडी हैं। निकाले गए ज़्यादातर लोग प्रवासी हैं और मजदूर के तौर पर काम करते हैं। यह मुद्दा अब कांग्रेस सरकार के लिए एक बड़ा विवाद बन गया है। इस एक्शन के खिलाफ लोग विरोध में उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।

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सऊदी अरब ने 11 हजार भारतीयों को निकाला

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नई दिल्ली । ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका से सबसे ज्यादा भारतीयों को वापस भेजा जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि इस साल  11 हजार भारतीयों को सऊदी अरब से डिपोर्ट किया गया, जो किसी भी अन्य देश से कहीं ज्यादा है। इनमें ज्यादातर मजदूर और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोग शामिल थे, जिन्हें वीजा उल्लंघन, अवैध प्रवास या स्थानीय कानूनों के उल्लंघन के आरोप में वापस भेजा गया। वहीं अमेरिका ने इस साल केवल 3,800 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा तो है, लेकिन सऊदी अरब के आंकड़ों से काफी कम।
खाड़ी देशों में वीजा और श्रम नियमों के उल्लंघन के कारण बड़ी संख्या में भारतीय निकाले गए। इनमें संयुक्त अरब अमीरात से 1,469, बहरीन से 764 भारतीय शामिल हैं। इसका कारण वीजा के साथ ही बिना वैध परमिट काम करना, श्रम कानूनों का उल्लंघन, नियोक्ता से फरार होना और सिविल या आपराधिक मामलों में फंसना शामिल है।

अमेरिका ने 3800 भारतीयों को निकाला
विदेश मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 12 महीनों में अमेरिका से 3,800 भारतीयों को निर्वासित किया गया। अधिकांश कार्रवाई वाशिंगटन डीसी (3,414) और ह्यूस्टन (234) से की गई। इसका कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार में शुरू हुई सख्ती और दस्तावेजों की कड़ी जांच- जैसे वीजा स्टेटस, वर्क ऑथराइजेशन और ओवरस्टे से जोड़ रहे हैं।

नितिन नबीन 20 को बनेंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष!

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नई दिल्ली। नितिन नबीन भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनकी नियुक्ति का ऐलान 20 जनवरी को किया जा सकता है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 18 से 20 जनवरी के बीच पूरी होने की संभावना है। नितिन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा होंगे। नबीन का कार्यकाल जनवरी 2026 से जनवरी 2029 तक रहेगा। 2029 में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित होने के कारण उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। पार्टी देशभर के प्रदेश अध्यक्षों को 15 जनवरी के बाद दिल्ली बुलाने की तैयारी में है।
संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पार्टी शासित आधे से ज्यादा राज्यों में पूरी हो चुकी है। 37 में से 29 राज्यों में आंतरिक चुनावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन राज्यों के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट जमा करेंगे। इसके अलावा भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी नितिन नबीन के पक्ष में एक अलग सेट में नामांकन दाखिल करेंगे। सूत्रों ने बताया कि नितिन नबीन के समर्थन में दाखिल नामांकन पत्रों पर पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दस्तखत भी होंगे। चूंकि नितिन नबीन ही एकमात्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले हैं, इसलिए भाजपा के मुख्य चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण नामांकन पत्रों की जांच के बाद उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। इस मौके पर भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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