क्रिकेट में नया इतिहास करीब, स्मृति मंधाना के निशाने पर शुभमन गिल का रिकॉर्ड

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T20 वर्ल्ड कप की टीम इंडिया में नहीं चुने गए शुभमन गिल के रिकॉर्ड पर भी अब खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. गिल का बनाया ये वो रिकॉर्ड है, जो उन्होंने साल 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाए हैं. शुभमन गिल के रिकॉर्ड को खतरा भी स्मृति मंधाना से है, जो उनके उस रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब हैं और जिनके पास आप कह सकते हैं कि मौका भी बढ़िया है |

स्मृति मंधाना खेलेंगी साल का आखिरी मैच

भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने साल 2025 में अपने सारे इंटरनेशनल मुकाबले खेल लिए. अब वो जनवरी 2026 में मुकाबला खेलते दिखेंगे. लेकिन, भारतीय महिला टीम 30 दिसंबर को अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलने उतरने वाली है. ये मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ जारी सीरीज का आखिरी T20 होगा. 4-0 की अजेय बढ़त के साथ भारतीय वीमेंस टीम ये सीरीज पहले ही जीत चुकी है. ऐसे में आखिरी मुकाबले में देखने वाली बात ये होगी कि स्मृति मंधाना, शुभमन गिल के रिकॉर्ड से पार पाती हैं या नहीं |

शुभमन गिल ने साल 2025 में कौन सा रिकॉर्ड बनाया?

अब सवाल है कि शुभमन गिल का साल 2025 में बनाया वो रिकॉर्ड क्या है, जिसे तोड़ने पर स्मृति मंधाना की नजर है. तो उसका ताल्लुक साल 2025 में बनाए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन से है. मेंस और वीमेंस दोनों कैटेगरी में शुभमन गिल ने साल 2025 में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाए हैं | जिसे इस साल के अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच में स्मृति मंधाना के पास तोड़ने का सुनहरा मौका है |

शुभमन गिल ने साल 2025 में कितने रन बनाए?

शुभमन गिल ने साल 2025 में खेले 35 इंटरनेशनल मैच में 49 की औसत से 1764 रन बनाए हैं, जिसमें 7 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे हैं. रनों का ये आंकड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट में फिलहाल किसी भी बल्लेबाज के मुकाबले सबसे ज्यादा है. लेकिन, श्रीलंका के खिलाफ T20 सीरीज में जैसा फॉर्म स्मृति मंधाना का बरकरार रहा है, अगर वो आखिरी T20 मुकाबले में भी दिखा तो फिर गिल का रिकॉर्ड टूटना तय हो सकता है |

स्मृति मंधाना कैसे तोड़ सकती हैं गिल का रिकॉर्ड?

शुभमन गिल के रिकॉर्ड को तोड़ने से स्मृति मंधाना फिलहाल 62 रन दूर हैं. उन्होंने साल 2025 में अब तक खेले 32 इंटरनेशनल मैचों में 1703 रन बनाए हैं. अब अगर वो श्रीलंका के खिलाफ आखिरी T20 इंटरनेशनल में एक और बड़ी पारी खेलती हैं तो फिर दो राय नहीं कि स्मृति मंधाना, गिल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए, मेंस और वीमेंस दोनों ही कैटेगरी में साल 2025 में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी. वैसे 1703 रन के साथ वो इस साल महिला क्रिकेटरों के बीच सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी पहले ही बन चुकी हैं |

नए साल का जश्न मनाना फिजुलखर्ची है, यह फूहड़ता, शोर-शराबा के अलावा कुछ नहीं

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बरेली। दुनियाभर में नए साल के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। लोग नए साल को लेकर प्लानिंग कर रहे हैं, लेकिन इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबु्द्दीन रजवी बरेलवी ने मुसलमानों से नए साल का जश्न न मनाने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि ये फिजुलखर्ची है। इस्लाम में इसकी मनाही है। मौलाना का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
मौलाना बरेलवी ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा नए साल पर जश्न मनाने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। इस संबंध में यह साफ करना जरूरी है कि शरीयत-ए-इस्लामिया की रोशनी में नए साल का जश्न मनाना जायज नहीं है। इसका कारण है कि इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक नया साल मोहर्रम के महीने से शुरू होता है, जबकि हिंदू कैलेंडर में नया साल चैत्र मास से शुरु होता है। 1 जनवरी को मनाया जाने वाला नया साल यूरोपीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है और यह ईसाई समुदाय के लोग मनाते हैं।
मौलाना ने कहा कि जश्न क्या होता है? 31 दिसंबर की रात में फूहड़ता, हंगामा, शोर-शराबा, नाच-गाना और फिजूलखर्ची करना क्या यह जश्न का तरीका है। शरीयत इसकी इजाजत नहीं देता है। इसलिए मुस्लिम नौजवान लड़के और लड़कियों से गुजारिश है कि वह जश्न न मनाएं। अगर कही से खबर मिली कि कुछ लड़के-लड़कियां जश्न मना रहे हैं तो उलमा-ए-किराम सख्ती से रोकेंगे। इससे पहले बरेलवी ने संतकबीर नगर में आयोजित धार्मिक सम्मेलन में कहा था कि इस्लाम मजहब पूरी तरह अपने उसूलों पर कायम है और हमारे समाज के लोग सिर्फ एक खुदा की ही इबादत करते हैं। मौलाना शहाबुद्दीन ने इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन और नेता सूर्य नमस्कार, धरती, नदी और पेड़-पौधों की पूजा करने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन इस्लाम में इन तमाम चीजों की पूजा करना शरीयत में हराम है।

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News Desk

अल्लू अर्जुन की फिल्म ने बिना स्क्रीन पर आए 600 करोड़ की कमाई की

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 साउथ के जिन सुपरस्टार्स और उनकी अपकमिंग फिल्मों को लेकर तगड़ा बज बना हुआ है. उसमें टॉप-3 में अल्लू अर्जुन भी शामिल हैं. जिन्होंने 2024 में ‘पुष्पा 2’ से खूब भौकाल काटा. फिल्म ने दुनियाभर से 1800 करोड़ से ज्यादा कमा लिए थे. अब बारी है उनकी अगली फिल्म की, जिसमें वो एटली के साथ काम कर रहे हैं. साथ ही फिल्म का नाम अबतक फाइनल नहीं किया गया है. पर इसे टेंटेटिव टाइटल- A6xA22 के नाम से बनाया जा रहा है. पिक्चर में अल्लू अर्जुन के अपोजिट दीपिका पादुकोण नजर आएंगी. पर इस फिल्म का सबसे बड़ा अपडेट जानकर बड़े-बड़े एक्टर्स के कानों से धुआं निकल जाएगा. बनने से पहले ही अल्लू अर्जुन की इस पिक्चर ने 600 करोड़ का कारोबार कर लिया है. पर कैसे और कहां से? इस फिल्म से कैसे वो सीधा एस.एस राजामौली की ‘वाराणसी’ को टक्कर दे रहे हैं, जरा समझिए.

अल्लू अर्जुन और एटली की फिल्म देश की सबसे महंगी पिक्चरों में से एक है. जिसका बजट 800 करोड़ रुपये से कई ज्यादा बताया जा रहा है. साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि वो 4 अलग-अलग रोल में दिखाई देने वाले हैं. अब इस मेगा बजट फिल्म के लिए अल्लू अर्जुन और एटली को सबसे बड़ी ओटीटी डील मिल गई है. जिसके आसपास भी फिलहाल कोई नहीं है. जी हां, राजामौली हो सकते थे पर उन्होंने ज्यादा के चक्कर में एक बड़ी डील को हाथ से जाने दिया. पहले जानिए अल्लू अर्जुन को इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी डील कैसे मिली?

इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी डील LOCK

हाल ही में एक न्यूज वेबसाइट पर रिपोर्ट छपी. जिससे पता लगा कि अल्लू अर्जुन इस वक्त एटली की फिल्म के लिए मुंबई में हैं. जहां फिल्म का एक अहम हिस्सा शूट किया जा रहा है. शेड्यूल के हिसाब से वो लगातार हैदराबाद से मुंबई अप-डाउन कर रहे हैं. साथ ही इस पिक्चर के लिए एटली ही नहीं, बल्कि अल्लू अर्जुन भी रिकॉर्ड फीस ले रहे हैं. जिसका बजट फिलहाल तो 800 करोड़ है, पर आगे बढ़ भी सकता है. अब इस पिक्चर की डिजिटल डील को लेकर सॉलिड अपडेट सामने आ गया है. नई रिपोर्ट के मुताबिक, अल्लू अर्जुन की अगली फिल्म के डिजिटल राइट्स खरीदने के लिए नेटफ्लिक्स बात कर रहा था. साथ ही अब यह डील 600 करोड़ रुपये में तय हो गई है. जो कि इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी डील बन गई है |

अब क्योंकि इस फिल्म को ग्लोबल लेवल पर तैयार किया जा रहा है. साथ ही अल्लू अर्जुन के ब्रांड नेम के चलते यह प्राइज आसमान छू रहा है. यही वजह है कि नेटफ्लिक्स ने सबसे पहले बाजी मारते हुए फिल्म के डिजिटल राइट्स खरीद लिए हैं. साथ ही 600 करोड़ में डील पक्की हो गई है, जो भारतीय फिल्मों में एक बड़ा रिकॉर्ड है. अब इस फिल्म के सभी भाषाओं के डिजिटल राइट्स नेटफ्लिक्स के पास है. हालांकि, मेकर्स की तरफ से फिलहाल तो कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है. जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार है.

इससे पहले अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2 रिलीज हुई थी. जिसके डिजिटल राइट्स नेटफ्लिक्स ने ही 275 करोड़ रुपये में खरीदे थे.दरअसल इस फिल्म को सन पिक्चर्स बड़े बजट में बना रहा है. जिसे 2027 तक रिलीज किया जा सकता है. फिल्म में दीपिका पादुकोण के अलावा मृणाल ठाकुर, रश्मिका मंदाना और जान्हवी कपूर के होने की भी खबरें हैं. कुछ वक्त पहले खबर आई थी कि राजामौली की ‘वाराणसी’ के लिए 650 करोड़ की डिजिटल डील रखी थी. पर उन्हें ज्यादा की उम्मीद है तो राजामौली ने मना कर दिया |

महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि यह दुनिया की जरूरत है कि हम विश्वगुरु बनें : भागवत

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हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को कहा कि भारत को एक बार फिर ‘विश्वगुरु’ (World Teacher) बनने की दिशा में काम करना चाहिए। कहा कि यह कोई महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि दुनिया की ज़रूरत है।

 हैदराबाद में ‘विश्व संघ शिविर’ (World Federation Camp) को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि करीब 100 साल पहले योगी अरविंद ने घोषणा की थी कि सनातन धर्म का पुनरुत्थान ईश्वर की इच्छा है और उसके लिए हिंदू राष्ट्र का उदय आवश्यक है। वह समय अब आ गया है। उन्होंने कहा कि देश को ‘विश्वगुरु’ बनने के लिए संघ के प्रयासों सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कड़ी मेहनत की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि संघ व्यक्तियों के विकास और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विभिन्न कार्यस्थलों पर रखने पर ध्यान केंद्रित करता है। तकनीकों पर मानवीय नियंत्रण जरूरी संघ प्रमुख ने कहा कि सोशल मीडिया और एआई जैसी तरक्की तो होंगी ही, लेकिन इन पर मानवीय नियंत्रण बना रहना चाहिए। इससे तकनीकों के नकारात्मक परिणाम नहीं होंगे।

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News Desk

यूपी में ठंड और शीतलगर के चलते सभी स्कूल बंद, बिहार-झारखंड में भी छुट्टी का ऐलान

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नई दिल्ली। यूपी में कड़ाके की ठंड के साथ ही घना कोहरा छाया है। इसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को एक जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद राज्य के सभी आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड समेत सभी संबंधित स्कूलों में छुट्टी रहेगी। कोई स्कूल इसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
मीडिया रिपोर्ट में भारतीय मौसम विभाग की ओर से साझा की गई डिटेल के मुताबिक राज्य के बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं में भीषण कोहरे की जानकारी दी गई है। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या में शीतलहर की संभावना जारी है। यूपी के अलावा बिहार में कक्षा 8वीं तक 30 दिसंबर तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। सहरसा और नालंदा में 10वीं तक स्कूल बंद रहेंगे। इसके साथ ही बड़ी क्लास के लिए स्कूल टाइमिंग में बदलाव भी किया गया है।
वहीं हिमाचल प्रदेश के ऊना में 29 से 31 दिसंबर तक स्कूलों में सर्दी के चलते छुट्टियों घोषित कर दी है। पंजाब में भी शीतलहर के चलते 22 दिसंबर से छुट्टियां जारी हैं। अभी तक स्कूल खुलने की डेट की जानकारी नहीं आई है। ठंड को देखते हुए शिक्षा विभाग आगे की जानकारी देगा।

 100 साल बाद संघ में खत्म हो रही प्रांत प्रचारक की व्यवस्था……….अब संभाग प्रचारक 

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 साल पूरे कर चुका है। देश के सबसे बड़े गैर-राजनीतिक संगठन ने इस बीच बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। इसके तहत वह अपने संगठन की संरचना में बदलाव करने जा रहा है। इस बदलाव के तहत अब प्रांत प्रचारक की व्यवस्था आरएसएस में समाप्त होगी। आरएसएस की कार्य पद्धति में प्रांत प्रचारक को बड़ा महत्व मिलाता रहा है, लेकिन अब उनके स्थान पर संभाग प्रचारक की व्यवस्था लागू होगी। अब तक संघ अपनी सुविधा के अनुसार एक राज्य में कई प्रांत रखता था। जैसे यूपी में ही मेरठ प्रांत, ब्रज प्रांत, अवध प्रांत, गौरक्ष प्रांत, काशी प्रांत, कानपुर प्रांत रहे हैं। इस प्रकार यूपी में 6 प्रांत होते थे, लेकिन अब प्रांत नहीं संभाग होगा। 
संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में यह फैसला हुआ था। इस फैसले को अब मार्च में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में रखा जाना था। लेकिन इसके पहले ही इसकी जानकारी मीडिया में आ गई है। संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक ने बताया कि 2026-27 से इस नई व्यवस्था को लागू किया जा सकता है। इसके तहत अब प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक लेने वाले हैं जिसके तहत दो कमिश्नरी को मिलाकर एक संभाग प्रचारक होगा। अब तक प्रांत प्रचारक का क्षेत्र बड़ा होता था, लेकिन संभाग प्रचारक का क्षेत्र थोड़ा कम होगा। इससे समन्वय और जमीनी स्तर तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं क्षेत्र प्रचारक की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है।
अब क्षेत्र प्रचारक की जगह राज्य प्रचारक होगा। आरएसएस की व्यवस्था में ऐसा पहली बार होगा। इससे पहले क्षेत्र प्रचारक होते थे, जो कई बार दो, तीन या फिर उससे अधिक प्रांतों को मिलाकर बने क्षेत्र में काम देखते थे। अब राज्य प्रचारक होगा और इनका काम राज्य स्तर पर होगा। इसके तहत एक राज्य में एक राज्य प्रचारक होगा और पहले की तरह दो क्षेत्र प्रचारक नहीं। माना जा रहा है कि इससे पूरे राज्य का समन्वय बेहतर होगा। जैसे यूपी का ही उदाहरण लें तब अब तक एक क्षेत्र प्रचारक पूर्वी यूपी का होता था, जिसके अंतर्गत अवध, काशी, गोरक्ष और कानपुर प्रांत आते थे।
इस प्रकार पश्चिम यूपी का एक क्षेत्र प्रचारक होता था। इसके तहत मेरठ, ब्रज और उत्तराखंड प्रांत आते थे। अब यह व्यवस्था समाप्त होगी। यूपी का एक राज्य प्रचारक और उत्तराखंड का एक अलग राज्य प्रचारक होगा। वहीं राजस्थान प्रांत को उत्तर क्षेत्र में मिलाने की तैयारी है। अब तक उत्तर क्षेत्र में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर ही शामिल थे। अब राजस्थान को भी इसी का हिस्सा बनाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इससे पूरे राज्य का एक यूनिट के तौर पर काम देखा जा सकेगा। इसके अलावा प्रांत की बजाय संभाग के तौर पर काम करने से निचले स्तर तक निगरानी तंत्र बेहतर होगा। नई व्यवस्था के तहत देशभर में 9 क्षेत्र प्रचारक और कुल 75 संभाग प्रचारक बनाए जाएगें। 

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News Desk

सुप्रीम कोर्ट से उन्नाव पीडि़ता को मिला न्याय

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नयी दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने संबंधी दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका परसेंगर को नोटिस भेजा है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सेंगर को दी गई जमानत/सजा निलंबन पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे हाई कोर्ट का आदेश फिलहाल प्रभावहीन हो गया है।
सोमवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की तीन सदस्यीय अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने सीबीआई की दलीलों पर प्रारंभिक सहमति जताते हुए कुलदीप सिंह सेंगर को नोटिस जारी किया और उससे जवाब मांगा है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने यह कहते हुए राहत दी थी कि सेंगर अब तक सात साल पांच महीने की सजा काट चुका है और उसकी अपील लंबित है।
सीबीआई ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट का यह कहना गलत है कि अपराध के समय विधायक रहा सेंगर लोकसेवक नहीं था। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के एल.के. आडवाणी मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सांसद या विधायक जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को लोकसेवक माना जाता है और उस पर समाज व राज्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी होती है। गौरतलब है कि हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद सेंगर जेल में ही रहने वाला था, क्योंकि वह पीडि़ता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहा है और उस प्रकरण में उसे जमानत नहीं मिली है। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उन्नाव बलात्कार मामले में उसे मिली राहत पर भी पूरी तरह विराम लग गया है।

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दोस्तों को भेजें ये जादुई मैसेज, पढ़ते ही पुराने यार भी दौड़कर लगा लेंगे गले

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New Year 2026 Wishes: कुछ ही दिनों में साल 2025 खत्म होने जा रहा है और नई उम्मीदों के साथ साल 2026 की शुरुआत होने वाली है. नया साल सिर्फ कैलेंडर में तारीख बदलने का नाम नहीं होता है, बल्कि यह बीते पलों को समेटकर नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का मौका देता है. वहीं नए साल के मौके पर हर कोई चाहता है कि अपने दोस्तों, परिवार और करीबियों को ऐसे शुभकामनाएं दी जाए जो उनके दिल को छू जाए.

ऐसे में अगर आप भी अपने दोस्‍तों और परिवार वालाें को कुछ खास और दिल छूने वाले शब्दों के साथ नए साल की शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो हम आपके लिए ऐसे ही न्यू ईयर विशेज, कोट्स और मैसेज लेकर आए हैं, जिन्हें भेज कर आप अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों को नए साल की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

दोस्तों और करीबियों के लिए New Year Wishes
नया साल आपके लिए खुशियां और सफलता लेकर आए.
2026 में आपका हर दिन मंगलमय हो.
नए साल में स्वास्थ्य, प्रेम और समृद्धि आपके साथ रहे.
आपके सपनों को इस नए साल में नई उड़ान मिले.
नया साल आपके जीवन में खुशियों की बहार लाए.
आपके रिश्ते और मजबूत और प्यार भरे हों.
नए साल में सफलता आपके कदम चूमे.
2026 आपके लिए सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए.
नए साल की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ हो.
परिवार वालों के लिए खास न्यू ईयर विशेज
घर की खुशियों से ही बनता है हर साल खास दुआ है कि 2026 में भी बना रहे हम सब का साथ.
साल बदलते रहेंगे लेकिन अपनों का प्यार कभी न बदले.
नया साल आपके घर के हर कोने में रोशनी और मुस्कान लेकर आए.
नया साल, नई मंजिलें और नया सफर, चलिए साथ मिलकर 2026 को यादगार बनाते हैं.
इस नए साल में अपनी कहानी खुद लिखें, याद रहे 2026 की किताब का पहला पन्ना आज से शुरू हो रहा है.
सफलता उन्हीं को मिलती है जो रुकना नहीं जानते, साल 2026 में अपने सपनों की ओर एक और कदम बढ़ाएं.

शायरी के अंदाज में शुभकामनाएं
नया साल आया है खुशियां लाया है,
सफलता और प्यार की बरसात साथ लाया है.
बीते साल की बातें भूल जाओ,
नए साल की नई राहों को अपनाओ.
हर सुबह नई खुशियों का पैगाम लाए,
नए साल की हर घड़ी मुस्कान लाए.
सपनों की दुनिया आपका इंतजार करे,
नए साल में हर पल प्यार करे.
खुशियों के फूल आपके जीवन में खिले,
सफलता के गीत हर ओर गूंजे.
 

डीके शिवकुमार का सत्ता के स्थायित्व पर प्रहार

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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा हाल ही में दिए बयानों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुट में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस स्थापना दिवस के मौके पर शिवकुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, इस बयान को सीधे तौर पर सिद्धारमैया के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। डिप्टी सीएम शिवकुमार ने इतिहास का हवाला देकर कहा कि सिकंदर महान और सद्दाम हुसैन जैसे शक्तिशाली लोग भी हमेशा के लिए नहीं रहे। उनके इस बयान के पीछे दो प्रमुख संकेत छिपे हैं। जहां शिवकुमार यह जताना चाहते हैं कि ढाई साल का कार्यकाल (मिड-टर्म) पूरा होने के बाद अब नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद कहा कि वे केवल भाषण देने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि उन्होंने पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम किया है। यह सिद्धारमैया की तुलना में खुद को अधिक निष्ठावान पार्टी कैडर दिखाने की कोशिश है। 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से ही सत्ता-साझाकरण समझौते की चर्चाएं जोरों पर हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का गुप्त समझौता हुआ था। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे अपना पांच साल का पूरा कार्यकाल निभाएंगे। उन्होंने हाल ही में एक गुप्त समझौते की ओर इशारा किया है, हालांकि उन्होंने इसके विवरण साझा नहीं किए।
भले ही दोनों नेता कैमरे के सामने एकजुट होने का दावा करते हों, लेकिन शिवकुमार की टिप्पणियां साफ करती हैं कि कांग्रेस के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। नेतृत्व के इस भ्रम से शासन व्यवस्था और पार्टी की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अब सबकी निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर टिकी हैं कि क्या वे 2026 की शुरुआत में किसी बड़े बदलाव की अनुमति देगा या यथास्थिति बनाए रखेगा। 
 

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रक्षा मंत्रालय ने 79 हजार करोड़ के सौदे को दी मंजूरी, दुश्मनों की उड़ेगी नींद!

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नई दिल्ली : रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 79 हजार करोड़ रुपये की रक्षा खरीद और अपग्रेड प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. यह फैसला भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए काफी अहम है. इसमें पुराने हथियारों का अपग्रेड, नए आधुनिक हथियारों की खरीद और स्वदेशी विकास शामिल हैं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने तीनों सेनाओं के अलग-अलग प्रस्तावों के लिए रक्षा खरीद प्रस्तावों को स्वीकृति (AoN) दे दी है, जिनकी कुल कीमत लगभग 79,000 करोड़ रुपये है. इसको लेकर 29 दिसंबर को हुई मीटिंग के दौरान, आर्टिलरी रेजिमेंट के लिए लॉइटर म्यूनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MRLS) के लिए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट एम्युनिशन, और इंडियन आर्मी के लिए इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम Mk-II की खरीद की जाएगी.

 

 

इस डील के तहत सेना के लिए कई अमह प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. सेना को अब लोइटर म्यूनिशन सिस्टम मिलने जा रहा है, इससे दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों पर सटीक हमला करने में सहायता मिलेगी. इसके अलावा लो-लेवल लाइट वेट रडार दुश्मनों के छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और यूएवी की पहचान और ट्रैकिंग करेंगे. वहीं पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट से पिनाका की रेंज और सटीकता बढ़ेगी, जिससे हाई वैल्यू टारगेट को दूर से ही निशाना बनाया जा सकेगा. साथ ही इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम Mk-II की मदद से सेना सीमावर्ती इलाकों और अंदरूनी क्षेत्रों में सेना की अहम संपत्तियों को ड्रोन हमलों से सुरक्षित रखेगा.

इस डील में नौसेना के लिए जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है उसमें बोलार्ड पुल (BP) टग्स जैसे उपकरण मिलेंगे. नौसेना में इसके शामिल हो जाने के बाद जहाजों और पनडुब्बियों को बंदरगाह में लाने-ले जाने और सीमित जगह में युद्धाभ्यास करने में सहायता करेंगे. इसके अलावा हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (HF SDR) से बोर्डिंग और लैंडिंग ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित और लंबी दूरी की संचार व्यवस्था को मजबूत करेगा. HALE ड्रोन (लीज पर) से ये हाई-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-रेंज ड्रोन हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार निगरानी, खुफिया जानकारी और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेंगे.

इसी प्रकार वायुसेना के लिए भी काफी कुछ है. इस डील के बाद अब वायुसेना को ऑटोमैटिक टेक-ऑफ और लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम मिल जाएगा. जिसकी मदद से हर मौसम में टेक-ऑफ और लैंडिंग की हाई डेफिनिशन रिकॉर्डिंग से उड़ान सुरक्षा बढ़ेगी. अस्त्र Mk-2 मिसाइल भी वायुसेना को मिलेगी, यह अधिक रेंज के साथ दुश्मन के विमानों को दूर से ही मार गिराने में सक्षम है. वहीं तेजस फाइटर जेट के लिए फुल मिशन सिम्युलेटर की करें तो इसके मिलने के बाद पायलटों की ट्रेनिंग सुरक्षित और कम खर्च में हो सकेगी. इसी तरह स्पाइस-1000 गाइडेंस किट भी वायुसेना को मिलेगा.लंबी दूरी से सटीक हमला करने की वायुसेना की ताकत में और इजाफा होगा.