ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ SIR सुनवाई में शामिल हुआ बुजुर्ग, घबराहट से मौत!

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जॉयनगर (पश्चिम बंगाल): राज्य में मतदाता सूची के SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के लिए सुनवाई प्रक्रिया चल रही है. दक्षिण 24 परगना जिले के जॉयनगर के 68 साल के नजीतुल मोल्ला ने ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सुनवाई में हिस्सा लिया. लेकिन अगले ही दिन उनकी मौत हो गई. उनके परिवार का दावा है कि SIR सुनवाई के लिए समन मिलने के बाद घबराहट की वजह से बुजुर्ग की मौत हुई.

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, नजीतुल मोल्ला जॉयनगर में गरदेवनी पंचायत के उत्तर ठाकुरचक इलाके के रहने वाले थे. उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं था. परिवार का दावा है कि वह इसी बात को लेकर परेशान थे. उन्हें हार्ट अटैक आया. 20 दिसंबर को, उन्हें पहले डायमंड हार्बर के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया. बाद में, उनकी बिगड़ती हालत की वजह से, उन्हें कोलकाता के चित्तरंजन हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया.

इस बीच, 31 दिसंबर को नजीतुल को SIR सुनवाई में पेश होने के लिए नोटिस मिला. उनके परिवार वालों ने हॉस्पिटल में एक बॉन्ड पर साइन किए और नजीतुल को घर ले आए. फिर वे उन्हें सुनवाई में ले गए. अगले दिन, वह घर पर और भी बीमार पड़ गए. परिवार का दावा है कि चित्तरंजन हॉस्पिटल ले जाने के बाद नजीतुल की मौत हो गई.

नजीतुल के भतीजे नजीर हुसैन मोल्ला ने कहा, “वह लंबे समय से बीमार थे. इसी समय SIR सुनवाई के लिए समन आया. अपनी शारीरिक हालत को नजरअंदाज़ करते हुए, वह नाक में ऑक्सीजन ट्यूब लगाकर सुनवाई में शामिल हुए. लेकिन उनका शरीर सफर का दबाव नहीं झेल सका. कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई.”

नजीतुल मोल्ला के बेटे का बयान
मृतक नजीतुल के बेटे हारून मोल्ला ने कहा, “हम कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद, मेरे पिता का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं है. पिछले कुछ दिनों से मेरे पिता इस बात को लेकर बहुत परेशान थे. वह हमेशा कहते थे, ‘तुम सबका क्या होगा?’ फिर बीडीओ की तरफ से उन्हें सुनवाई के लिए बुलाने का नोटिस आया. मेरे पिता पहले से ही बीमार थे. उसी हालत में हम उन्हें ऑक्सीजन ट्यूब लगाकर सुनवाई में ले गए. बाद में, वह और भी बीमार हो गए. उनकी शारीरिक स्थिति और मानसिक तनाव की वजह से उनकी मौत हो गई. हम अभी भी बहुत डरे हुए हैं. जब मेरे पिता का नाम लिस्ट में नहीं है तो हमारा क्या होगा?”

मौत के लिए चुनाव आयोग और भाजपा जिम्मेदार: टीएमसी
जॉयनगर के तृणमूल कांग्रेस के नेता शहाबुद्दीन शेख ने कहा, “चुनाव आयोग की SIR नाम की साजिश की वजह से बंगाल में एक के बाद एक लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. इस बार, नजीतुल मोल्ला की जान चली गई. सुनवाई में नाम आने के बाद वह डर गए और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया. चुनाव आयोग और भाजपा को उनकी मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. हम इसके खिलाफ लड़ते रहेंगे.”

भाजपा के जॉयनगर जिला संगठन के उपाध्यक्ष बिश्वनाथ पात्रा ने कहा, “उस बुजुर्ग व्यक्ति की मौत बहुत बुरी है. लेकिन अगर कोई शारीरिक बीमारी से मरता है, तो राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी उस मौत को SIR से जोड़कर राजनीति कर रही है. अगर राज्य में SIR के इस माहौल में कोई मरता है, तो तृणमूल कांग्रेस उसे SIR से पैदा हुए डर से हुई मौत बता रही है. हम चाहते हैं कि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की अच्छी तरह से जांच करे.”

बरुईपुर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपंतर सेनगुप्ता ने कहा, “अभी तक हमें परिवार से कोई शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने के बाद हम पूरे मामले की जांच करेंगे.”

कांग्रेस का गांव चलो अभियान, 5 जनवरी से 20 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम, ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का होगा गठन

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भोपाल। कांग्रेस (Congress) 5 जनवरी से ‘गांव चलो अभियान’ की शुरुआत करेगी। यह कार्यक्रम 20 फरवरी तक पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की अगुआई में चलेगा। इस दौरान ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन होगा। वहीं कांग्रेस ने 26 हजार ग्राम पंचायतों में पहली बार कमेटी गठित का लक्ष्य रखा है।

इसे लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि जीतू पटवारी के नेतृत्व कार्यकर्ता उत्साह से भरा है। अभी हमारे पंचायत कमेटी और ग्राम कमेटियों की घोषणा भी नहीं हुई है, यह प्रक्रिया में है। लेकिन 5 हजार सिफारशी पत्र आना बताते हैं कि कहीं न कहीं कांग्रेस के पक्ष में उत्साह है। जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता उत्साहित हैं। तीन विधानसभा में ऐसा उत्साह पहले भी था जो बीते चुनाव बताते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अमरवाड़ा विधानसभा चुनाव में हम 20 राउंड जीते, 21 वे राउंड टेबल पर हराया गया। बुधनी में डेढ़ लाख की वोट और विजयपुर विधानसभा में सरकार ने सारे संसाधन खर्च कर दिए। इसके बाद विजयपुर सरकार हार गई। जनता का ध्यान भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर नहीं है। आने वाले भविष्य को कांग्रेस में देख रही है। 5000 लोगों के पत्र साधारण बात नहीं है।

रीवा में सिमरिया नगर पंचायत कांग्रेस सरकार के विरोध के बाद जीती। सिंगरौली में क्या हुआ, आने वाला समय कांग्रेस का है और कार्यकर्ता उत्साह के साथ इन सब चुनाव को लड़ने के लिए तैयार है। आने वाले समय में आपकी देखेंगे सारी समितियां जब होगी तो कांग्रेस आपको सरकार के खिलाफ सड़क पर मजबूती से लड़ती नजर जाएगी।

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और जीतू पटवारी केवल इवेंट और प्रचार प्रसार की राजनीति करते हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में उनके उम्मीदवार नहीं मिल पाए। 29 सीटों पर कांग्रेस की उम्मीदवार नहीं थे। जिला अध्यक्षों का चयन हुआ तो उनमें से दो जिला अध्यक्ष ने दो महीने के अंदर इस्तीफा दे दिया। ब्लॉक कांग्रेस की भी अधिकांश कमेटियों का गठन नहीं हो सका। ऐसे में ग्राम स्तर तक संगठन को पहुंचना यह केवल और केवल नाटक नौटंकी है। कांग्रेस दिशाहीन हो गई है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के पास न नेता है, न नियत है, न इच्छा शक्ति है। केवल और केवल प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के झूठे आंकड़े दिए जाते हैं। जीतू पटवारी का नेतृत्व पूरी तरह विफल है।

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News Desk

उत्तराखंड में इलाज के दौरान मरीज की मौत, निजी अस्पताल ने 2 घंटे इलाज के मांगे 80 हजार रुपए

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हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में निजी अस्पताल की मनमानी और संवेदनहीनता देखने को मिली है. जहां उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त पैसों की मांग करते हुए शव देने से ही इनकार कर दिया. जब मामला एसएसपी तक पहुंचा, तब जाकर अस्पताल ने परिजनों को शव सौंपा. वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है.

अल्मोड़ा से रेफर हुई थी महिला, हल्द्वानी के निजी अस्पताल में गई जान: जानकारी के मुताबिक, बीती 3 जनवरी की रात अल्मोड़ा के धारानौला के गोलना करड़िया निवासी नंदन बिरौड़िया पुत्र डूंगर सिंह बिरौड़िया ने नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी को फोन कर अपनी पीड़ा बताई. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सीमा बिरौड़िया को बेस अस्पताल अल्मोड़ा से रेफर कर हल्द्वानी स्थित निजी अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

अस्पताल ने बनाया 80 हजार का बिल, भुगतान न करने पर शव देने से किया इनकार: उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन शव देने की बजाय अतिरिक्त पैसों की मांग कर रहा है. साथ ही पैसा न देने शव देने से इनकार किया जा रहा है. पीड़ित ने बताया कि वो आर्थिक रूप से कमजोर है और उपचार के लिए पहले ही 57 हजार रुपए जमा कर चुका है. इसके बावजूद अस्पताल की ओर से 30 हजार रुपए और जमा कराने की शर्त रखी जा रही है. जिससे वो शव लेकर अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं.

पुलिस की हस्तक्षेप पर अस्पताल ने सौंपा शव, मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनाया: पीड़ित की व्यथा सुनते ही एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने तत्काल हल्द्वानी सीओ सिटी अमित कुमार और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विजय मेहता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. जिस पर पुलिस की टीम ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर हस्तक्षेप किया और मृतका का शव परिजनों के सुपुर्द कराया. साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कराया गया.

पुलिस ने दी सख्त हिदायत, एसएसपी ने कही कार्रवाई की बात: इस दौरान पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त लहजे में मानवता का पालन करने की हिदायत दी. साथ ही भविष्य में ऐसी अमानवीय हरकत न करने के निर्देश दिए. वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही.

बीती देर रात मेरे पास एक कॉल आया था. कॉलर ने बताया कि निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई. दो घंटे उपचार का बिल अस्पताल ने 80 हजार रुपए बनाया है. जिसमें उन्होंने 57 हजार रुपए जमा भी करा दिए, लेकिन अस्पताल प्रबंधक 30 हजार रुपए और जमा करने के बाद शव सुपुर्द करने की बात कह रहा है. इस सूचना पर मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम को मौके पर भेज कर परिजनों को शव सुपुर्द कराया गया. साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया. इस मामले में अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.“- मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल

अजय चौटाला ने शासकों को गद्दी से उतारकर पीटने वाले बयान पर दी सफाई, भाजपा ने किया विरोध

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नई दिल्‍ली । जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला (Ajay Chautala) ने महेंद्रगढ़ में दिए गए बयान (statement) को लेकर उठे विवाद पर अपनी सफाई दी है। चौटाला ने कहा कि उन्होंने कोई विवादित या गलत बयान नहीं दिया है। भाजपा (BJP) के मंत्री बेवजह उनके बयान पर आपत्ति जता रहे हैं और बिना वजह मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अजय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में सिर्फ पड़ोसी देशों में हुए हालातों का जिक्र किया है। दुनिया के कई देशों में ऐसा देखा गया है कि जब जनता पर अत्याचार बढ़ा, तब जनता ने शासकों के खिलाफ खड़े होकर बदलाव किया और तख्तापलट जैसी परिस्थितियां बनीं। उन्होंने कहा कि वह आज भी अपने उसी बयान पर कायम हैं और उसमें कुछ भी गलत नहीं है।

चौटाला ने कहा कि आज देश में भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और अब युवाओं को संगठित होने की जरूरत है। देश में बदलाव लाने की ताकत सिर्फ युवाओं के पास है और आने वाले समय में युवा ही निर्णायक भूमिका निभाएंगे। अजय चौटाला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कई मंत्री उनके बयान को लेकर पागल हो रहे हैं, जबकि असल मुद्दों पर कोई बात नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि देश ने पहले भी बदलाव देखा है। आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार ने लोगों का दमन किया था लेकिन उसी दौर में देश में क्रांति आई और बदलाव हुआ। आज फिर देश को बदलाव की जरूरत है।

‘संवैधानिक संस्थाओं पर आरएसएस का कब्जा’
अजय चौटाला ने आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश की लगभग सभी संवैधानिक संस्थाओं पर आरएसएस का कब्जा हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षण संस्थानों को भी नहीं छोड़ा गया है। सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी आरएसएस का प्रभाव है और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरएसएस से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए चौटाला ने कहा कि कांग्रेस बीजेपी की बी-टीम की तरह काम कर रही है। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभा रही।

क्या कहा था चौटाला ने
अजय चौटाला ने महेंद्रगढ़ में पड़ोसी देशों की हिंसा का जिक्र करते हुए कहा था कि जिस तरीके से बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में हुआ, वैसा ही आंदोलन यहां करना पड़ेगा। शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटने का काम करना पड़ेगा। इन्हें देश छोड़ने पर मजबूर करना होगा। हमारे पड़ोसी देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों की तरह, श्रीलंका में जिस तरह बांग्लादेश के युवाओं ने सरकार को देश छोड़ने पर मजबूर किया, जिस तरह नेपाल के युवाओं ने सरकार को देश छोड़ने पर मजबूर किया, उसी तरह की रणनीति भारत में भी मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए अपनानी होगी।

अजय चौटाला का बयान हिंसा को बढ़ावा देने वाला: भाजपा
अजय चौटाला के इस बयान से सियासी बवाल मचा हुआ है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जननायक जनता पार्टी ताऊ देवीलाल के नाम पर राजनीति करती है, जिन्होंने आपातकाल के खिलाफ और लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी थी लेकिन अजय चौटाला के बयान उनकी विरासत के ठीक उलट मार-काट और हिंसा को बढ़ावा देने वाले हैं। हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इससे साफ हो गया है कि अजय चौटाला का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा है। अपने घटिया बयान पर उन्हें प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का सुशासन जजपा नेता को हजम नहीं हो रहा है। सत्ता के लिए छटपटाहट में उन्होंने अपनी घटिया सोच को लोगों के सामने उजागर किया है। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल ने कहा कि अजय चौटाला के बयान का यह मतलब लग रहा है कि उनको हिंदुस्तान के लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। उनको अपनी राजनीतिक पार्टी में भरोसा नहीं रहा, इसलिए युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं।

 आज ही निपटा लें पैसों से जुड़े काम, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे बैंक…कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान

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Bank : अगर आप जनवरी के अंतिम सप्ताह में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो अभी से योजना बदल लेना बेहतर होगा। Bank Strike January 2026 के कारण आम लोगों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 27 जनवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है।

हालांकि हड़ताल सिर्फ एक दिन की है, लेकिन छुट्टियों के संयोग से बैंकों में लगातार चार दिन तक कामकाज ठप रहने की आशंका है। दरअसल, 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण पहले से ही बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 27 जनवरी को हड़ताल होने पर 24 से 27 जनवरी तक बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रह सकती हैं।

यूएफबीयू ने यह हड़ताल सप्ताह में पांच कार्य दिवस यानी 5 Day Banking Week लागू करने की मांग को लेकर बुलाई है। मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूएफबीयू के बीच बाकी दो शनिवारों को भी अवकाश देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

बैंक यूनियनों का कहना है कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर कुल कार्य समय में कोई कमी नहीं होगी। इसके बावजूद इस मांग को टालना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। यूनियनों ने तर्क दिया है कि आरबीआई, एलआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और केंद्र-राज्य सरकार के कार्यालय पहले से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली पर काम कर रहे हैं।

बांग्लादेश की अनुपस्थिति पर ICC करेगा फैसला

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India Bangladesh dispute, T20 World Cup 2026: तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में होने वाले टी20 विश्व कप 2026 के मैचों में भाग लेने से इनकार कर दिया है। बांग्लादेश ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से अपने सभी मैचों को भारत से बाहर किसी अन्य स्थान (जैसे श्रीलंका) पर आयोजित करने की मांग की है।

तय कार्यक्रम के मुताबिक बांग्लादेश को 7 फरवरी को वेस्टइंडीज से, 9 फरवरी को इटली से और 14 फरवरी को इंग्लैंड से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलना है। वहीं टीम नेपाल के खिलाफ 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपना आखिरी ग्रुप मैच खेलेगी। अब आईसीसी के सामने इस विवाद को सुलझाने के तीन ही रास्ते हैं। आईसीसी कौन सा रास्ता चुनेगा यह यह तय करने में समय सबसे अहम भूमिका निभाएगा। क्योंकि टूर्नामेंट की शुरुआत में सिर्फ एक महीने बाकी हैं और समय की कमी सबसे बड़ी चुनौती है।

पहला विकल्प

आईसीसी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की बात मान ले और बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैचों के वेन्यू को भारत से श्रीलंका शिफ्ट कर दे। इससे 20 टीमों का फॉर्मेट बरकरार रहेगा और विवाद सिर्फ़ लॉजिस्टिक्स तक सीमित रहेगा।

दूसरा विकल्प

आईसीसी वेन्यू बदलने से इनकार कर दे और बांग्लादेश भारत में अपने मैच खेलने से इंकार कर दे। ऐसी स्थिति में टूर्नामेंट तय मैचों के साथ आगे बढ़ेगा। व्यावहारिक तौर पर बांग्लादेश की विरोधी टीम वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, नेपाल और इटली को सीधे जीत और दो – दो अंक दे दिए जाएं और बांग्लादेश का अभियान लगभग खत्म मान लिया जाएगा।

तीसरा विकल्प

बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले ले और टूर्नामेंट खेलने से इंकार कर दे। ऐसी स्थिति में आईसीसी को यह तय करना होगा कि क्या वह समय रहते बांग्लादेश की जगह किसी दूसरी टीम को शामिल कर सकता है, या फिर बांग्लादेश के सभी मैचों को फ़ॉरफ़िट मान लिया जाए। प्रतिस्पर्धात्मक निष्पक्षता के लिहाज़ से रिप्लेसमेंट बेहतर विकल्प है, लेकिन समय के साथ यह और मुश्किल हो जाएगा।

कैसे चुनी जाएगी दूसरी टीम

टी20 वर्ल्ड कप के लिए कोई सार्वजनिक और स्वचालित “रिज़र्व लिस्ट: मौजूद नहीं है, जो यह तय कर दे कि किसी टीम के हटने पर उसकी जगह कौन लेगा। अगर आईसीसी को किसी टीम को शामिल करना पड़ा, तो यह फैसला संभवतः निष्पक्षता और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर विवेकाधीन आधार पर लिया जाएगा।

क्या स्कॉटलैंड को मिलेगा मौका

स्कॉटलैंड इस संदर्भ में सबसे बड़ा नाम माना जा रहा है, क्योंकि वह एक उच्च रैंकिंग एसोसिएट टीम है, उसके पास वर्ल्ड कप खेलने का अनुभव है और वह प्रतिस्पर्धात्मक रूप से तुरंत फिट बैठती है। इसका एक उदाहरण भी है, 2009 के टी20 वर्ल्ड कप से ज़िम्बाब्वे के हटने के बाद स्कॉटलैंड को उनकी जगह शामिल किया गया था।

यूरोपियन क्वालिफिकेशन में स्कॉटलैंड का प्रदर्शन खराब

हालांकि, 2026 के यूरोपियन क्वालिफिकेशन में स्कॉटलैंड अगली सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं थी। यूरोप रीजनल फ़ाइनल में नीदरलैंड्स और इटली ने क्वालिफाई किया, जबकि जर्सी ने स्कॉटलैंड से बेहतर प्रदर्शन किया था। अगर आईसीसी रैंकिंग और प्रतिष्ठा के बजाय क्वालिफिकेशन प्रदर्शन को प्राथमिकता देता है, तो जर्सी बांग्लादेश की जगह लेने वाली टीम बन सकती है।

बांग्लादेशी क्रिकेटर रहमान का IPL ड्रॉप के बाद पहला बयान

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Mustafizur Rahman first reaction: भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को देखते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मिनी ऑक्‍शन में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदे मुस्तफिजुर रहमान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के आदेश पर टीम से रिलीज कर दिया। रहमान को बाहर किए जाने को लेकर भारत में जहां लोग दो पक्षों में बंट गए हैं तो बांग्‍लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसके साथ ही कहा है कि जब एक खिलाड़ी वहां सुरक्षित नहीं तो टी20 वर्ल्‍ड कप में पूरी बांग्‍लादेश की टीम की सुरक्षा कैसे होगी? इसी बीच खुद मुस्तफिजुर ने भी इस मामले में अपनी चुप्‍पी तोड़ते हुए इस पर निराशा जताई है।

‘अगर आपको रिलीज कर दिया जाता है तो…’

मुस्तफिजुर रहमान ने बीडीक्रिकटाइम से बातचीत में अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर आपको रिलीज कर दिया जाता है तो आप और क्या कर सकते हैं? इससे साफ समझा जा सकता है कि रहमान कितने निराश हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे सियासी तनाव के बीच रहमान को टीम में शामिल करने के लिए केकेआर और उसके सह-मालिक शाहरुख खान पर कई राजनेताओं ने निशाना साधा। हाल के बीजेपी नेता संगीत सोम ने तो शाहरुख खान को गद्दार तक कह डाला।

फ्रैंचाइजी ने तुरंत किया निर्देश का पालन

बता दें कि हाल के महीनों में बांग्लादेश में कई हिंदुओं की हत्या हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए हैं। मुस्‍तफिजुर रहमान पर भी इसी वजह से निशाना साधा जा रहा है। मुस्‍तफिजुर का मुद्दा गर्माता देख बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आनन-फानन में शनिवार को केकेआर को उन्‍हें रिलीज करने के निर्देश जारी किए। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने तुरंत निर्देश का पालन करते हुए उन्‍हें रिलीज कर दिया।

टी20 वर्ल्‍ड कप के मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग

ईएसपीएनक्रिकइंफो की एक रिपोर्ट में बांग्‍लादेश क्रिकेट बोर्ड भी अब एक्शन लेने की तैयारी में है। बीसीबी आईसीसी को पत्र लिखकर मांग करने जा रहा है कि उनके आगामी टी20 वर्ल्ड कप मैच भारत से श्रीलंका में शिफ्ट कर दिए जाएं। बांग्लादेश को असल में अपने मैच कोलकाता में खेलने थे। बीसीबी अपनी टीम की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और इसलिए वह चाहता है कि मैच भारत से बाहर शिफ्ट किए जाएं।

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News Desk

Growing Demand for Ayodhya Travel Services Boosts AyodhyaKeys

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The increasing influx of pilgrims to Ayodhya has led to a rising demand for organized travel services, benefiting platforms like AyodhyaKeys. The company offers structured pilgrimage solutions that include transport, accommodation, and temple visits. By partnering with verified hotels and local service providers, AyodhyaKeys ensures quality and reliability. Its customer-centric approach, including 24/7 support and customized travel plans, has helped it gain trust among devotees. The platform is playing a key role in shaping the future of pilgrimage travel in Ayodhya.

Complete Ayodhya Travel Solutions Make Pilgrimage Easier for Devotees Visiting Ram Mandir

Ayodhya, Uttar Pradesh:
With the growing number of devotees visiting Ayodhya following the construction of the grand Ram Mandir, AyodhyaKeys has emerged as a one-stop travel solution provider, offering end-to-end services for a smooth and spiritually fulfilling pilgrimage.

AyodhyaKeys provides complete Ayodhya travel packages that include car and taxi services, hotel bookings near the Ram Mandir, and special darshan arrangements. From airport and railway station pickups to local sightseeing and inter-city transfers, the platform ensures comfortable and reliable transportation for visitors.

The service also offers Sugam Darshan arrangements, guided temple tours, and assistance for aarti participation, helping devotees experience Ayodhya’s spiritual heritage without logistical stress. With access to over 50 verified hotels, ranging from budget to luxury options, pilgrims can choose accommodation that suits their needs and budget.

AyodhyaKeys stands out for its 24/7 customer support, local expertise, and customizable itineraries designed for families, senior citizens, and large groups. Major attractions covered include Ram Janmabhoomi Temple, Hanuman Garhi, Kanak Bhavan, Saryu River Ghats, and Nageshwarnath Temple.

Located near Punjab National Bank Road in Karsewakpuram, Ayodhya, the service focuses on trusted partnerships and competitive pricing. Devotees can book services by  calling +91 79919 71003 or visiting-  ayodhyakeys.in, making their journey to the birthplace of Lord Rama seamless and memorable.

 

टोंक में खुदाई में मिला खजाना, ट्रेजरी में रखी गई सुरक्षा में

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Treasure in Tonk : टोंक के निवाई की ग्राम पंचायत सींदड़ा के देवरी गांव में शनिवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब खेतों के समीप स्थित चरागाह भूमि से एक देग मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही निवाई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे कुछ ग्रामीणों ने खेतों के पास चरागाह भूमि में ताजा गुलाब की पत्तियां, एक जोड़ी चप्पल और अगरबत्तियां पड़ी देखीं। यह नजारा देखकर ग्रामीणों ने तुरंत गांव में सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने सरपंच रामसहाय मीणा को बुलाया। सरपंच ने पुलिस और प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

ग्रामीणों में खजाना मिलने की चर्चाएं शुरू

मौजूद ग्रामीणों ने आशंका जताई कि उक्त स्थान पर कोई लाश दब सकती है। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन मंगाकर खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान जमीन से एक देग निकाली गई। देग मिलने के बाद ग्रामीणों में खजाने मिलने की चर्चाएं शुरू हो गईं और देखते ही देखते सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

पुलिस और प्रशासन ने देग को अपने कब्जे में लिया

खजाने की अफवाह फैलने पर थानाधिकारी घासीराम, तहसीलदार नरेश गुर्जर, भू-अभिलेख अधिकारी और पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए देग को अपने कब्जे में लिया और निवाई थाने भेज दिया। मामले की सूचना उपखंड अधिकारी प्रीति मीणा को भी दी गई।

A Freshers’ Survival Guide: The Evolving Employee by Nitin Padharia

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The Evolving Employee works as a survival guide for freshers entering competitive workplaces. Nitin Padharia offers practical advice on communication, teamwork, and professional conduct. The book helps readers avoid confusion, build confidence, and adapt quickly to organizational culture.

 

THE EVOLVING EMPLOYEE

From Student Life to Professional Reality

About the Book

Entering the professional world for the first time can be confusing and intimidating. Suddenly, there are expectations no classroom ever explained—how to communicate, behave, collaborate, and grow in a real workplace. The Evolving Employee is written to simplify this transition and prepare young individuals for the realities of modern work culture.

Rather than focusing on theory, the book concentrates on practical workplace readiness. It covers crucial skills such as effective communication, teamwork, discipline, accountability, professionalism, and the habit of continuous learning. Each concept is explained through relatable real-life situations and clear, easy-to-follow actions that can be implemented from the very first day at work.

This book is ideal for interns, fresh graduates, unemployed job seekers, trainees, and anyone at the beginning of their career journey. It helps readers avoid common early-career mistakes, adapt faster to organizational expectations, and build confidence in professional environments. By developing the right mindset and habits early, readers don’t just blend in—they begin to add value.

Beyond individuals, The Evolving Employee is also a useful resource for managers, team leaders, entrepreneurs, and organizations. It can be gifted to new hires as a simple way to communicate workplace standards and expectations. The book also works effectively as a training companion for fresher onboarding and orientation programs, helping organizations align new employees from Day One.


About the Author

Nitin Padharia is an experienced HR leader, people development specialist, and performance coach with decades of hands-on experience across IT, ITES, and non-IT industries. Throughout his career, he has played a key role in building HR systems, learning frameworks, and organizational cultures focused on long-term talent development.

He has been closely associated with multiple skill-development initiatives led by major corporates as well as Government of India programs at state and national levels. Through these efforts, he has consistently worked toward making young talent more employable, industry-ready, and aligned with real-world workplace demands.

Nitin has personally trained thousands of freshers through structured Finishing School and Bridge Programs, enabling them to transition smoothly from academic environments into professional roles. His training philosophy strongly emphasizes mindset, discipline, communication, professionalism, and real workplace behavior—areas often neglected in formal education.

He is also the author of The Evolving Manager, a guide that supports young professionals as they move into managerial and leadership positions. With The Evolving Employee, Nitin Padharia continues his commitment to shaping confident, responsible, and future-ready professionals by preparing them at the very start of their careers.

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