उद्धव ने कहा, मोदी ने कैलाश और गंगा धरती पर ला दी

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महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियों के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग (EC) पर तीखा हमला बोला है। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि देश में अब लोकतंत्र नहीं बल्कि ‘भीड़तंत्र’ चल रही है, जहां वोट चोरी के साथ-साथ अब उम्मीदवारों की भी ‘चोरी’ शुरू हो गई है।
 

‘अब उम्मीदवारों की चोरी…’

पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने भाजपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, “हम उन्हें वोट चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ते हैं, लेकिन अब तो उन्होंने उम्मीदवारों को ही चुराना शुरू कर दिया है। यह लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”

ठाकरे का इशारा सत्ता पक्ष द्वारा विपक्षी उम्मीदवारों को अपने पाले में करने की कोशिशों की ओर था। दरअसल महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के मतदान से पहले ही सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने 68 सीटें जीत ली हैं। नॉमिनेशन वापस लेने के आखिरी दिन भाजपा के उम्मीदवार 44 सीटों पर बिना किसी विरोध के चुने गए, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना भी 22 सीटों पर और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी भी दो सीटों पर जीती।

पीएम मोदी पर तंज कसा

पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “पीएम मोदी की तुलना हमसे मत कीजिए। उन्होंने तो कैलाश पर्वत बनाया, वे धरती पर गंगा लेकर आए और समुद्र मंथन में भी वह थे! लेकिन हम आज भी छत्रपति शिवाजी महाराज की उस मूर्ति का इंतजार कर रहे हैं, जिसका पूजन मोदी जी ने सालों पहले अरब सागर में किया था।”

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वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

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US attack On Venezuela: भारत ने रविवार को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने सभी पक्षों से शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद के जरिए मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की भी अपील की है। 

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वहां के लोगों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर चिंतित है। मंत्रालय ने बताया कि वेनेजुएला की राजधानी काराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय के संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।

संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।

नागरिकों के लिए जारी की सलाह

बता दें इससे पहले शनिवार को भारत ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी करते हुए वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। इसके अलावा, वहां रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्कता बरतने, अनावश्यक आवाजाही सीमित रखने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा गया है।

 

 

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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गिनाईं ‘जी राम जी योजना’ की खूबियां, कांग्रेस पर साधा निशाना

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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री (Union Agriculture Minister) शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कांग्रेस (Congress) जी राम जी योजना (Ji Ram Ji Scheme) के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम है। कांग्रेस को ग्राम , काम और राम से परेशानी है। आरोप लगाओ और भाग जाओ, यही कांग्रेस की आदत है। नेता प्रतिपक्ष, चर्चा के समय क्यों नहीं थे, कांग्रेस जवाब दे। विकसित भारत जी राम जी एक बड़ा रिफॉर्म है।

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा, ‘कांग्रेस को पेट में दर्द इसलिए है क्योंकि भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो रहे हैं। संसद संवाद के लिए होती है, लेकिन सच सामने न आ जाए इसलिए मेरी आवाज दबाने की कोशिश की गई। विकसित भारत जी राम जी योजना भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार है। मोदी सरकार मजदूरों के हित और विकास के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।’

केंद्रीय कृषि मंत्री के मुताबिक, कांग्रेस तो झूठ की दुकान है, भ्रम की फैक्ट्री है, अफवाहों का बाजार है। मजदूरों को काम नहीं मिलेगा ये अफवाह कांग्रेस फैला रही है। ‘जी राम जी’ योजना में मजदूरों के हित पूरी मजबूती से सुरक्षित हैं, जहां 100 नहीं बल्कि 125 दिन रोजगार की गारंटी है।

उन्होंने पूछा कि कांग्रेस जवाब दे जब इतनी महत्वपूर्ण योजना पर चर्चा हो रही थी, तब नेता प्रतिपक्ष कहां थे? संसद में मौजूद क्यों नहीं थे, बहस में हिस्सा क्यों नहीं लिया था? बाद में बाहर आकर भ्रम फैलाना राजनीति नहीं, गैर-जिम्मेदारी है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘अब ऊपर से आदेश नहीं, नीचे गांव से फैसला होगा। कौन सा काम होगा, ये ग्राम सभा और ग्राम पंचायत, सरपंच, चुने हुए जनप्रतिनिधि और गांव के भाई-बहन तय करेंगे। ‘विकसित ग्राम पंचायत प्लान’ गांव के लोग खुद बनाएंगे और उसी से विकास आगे बढ़ेगा।

Inside Towers of Wealth: Smart Investing in Dubai Real Estate

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Inside Towers of Wealth, readers discover smart approaches to investing in Dubai real estate. Sumul Padharia outlines strategies that balance opportunity with risk awareness. The book explains how to evaluate projects, understand legal frameworks, and plan finances effectively. Its clear structure and practical tone make it suitable for a wide audience. The focus remains on sustainable, knowledge-based wealth creation.

 

Towers of Wealth by Sumul Padharia Reveals Secrets to Dubai Real Estate Profits

Author and investment expert Sumul Padharia has unveiled his latest book, Towers of Wealth — Dubai Secrets to Real Estate Profits, offering readers a detailed roadmap to one of the world’s most lucrative real estate markets. The book aims to simplify the complexities of property investment in Dubai and guide readers toward profitable, informed decisions.

Towers of Wealth explores how Dubai has successfully transformed vision into tangible value, making real estate a powerful tool for wealth creation. Sumul Padharia provides readers with actionable insights on off-plan investment opportunities, ROI-focused strategies, financing options, legal clarity, and emerging hotspots, helping both first-time buyers and seasoned investors navigate the market confidently.

Written in clear, practical language, the book turns complex market trends and data into accessible, step-by-step guidance. Sumul Padharia emphasizes strategic planning, understanding local regulations, and identifying opportunities that yield long-term returns.

With a focus on knowledge-driven decision-making, Towers of Wealth empowers readers to build sustainable wealth in a city built on ambition and innovation. Every informed investment, according to Sumul Padharia, becomes another brick in a strong foundation for financial growth.

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भारत में इस साल चार कंपनियां शुरू करेंगी सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन

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नई दिल्ली । भारत के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत में इस साल चार कंपनियां सेमीकंडक्टर चिपों का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेगी। मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले साल पायलट प्रोडक्शन शुरू कर चुकीं कंपनियां, जिसमें सीजी पावर और केन्स टेक्नोलॉजी शामिल हैं, पहले वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगी। उन्होंने बताया कि माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने हाल ही में पायलट प्रोडक्शन शुरू किया है और इसके बाद वे भी कमर्शियल उत्पादन शुरू करेगी। इसके अलावा, असम स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का प्लांट 2026 के मध्य में पायलट प्रोडक्शन शुरू करेगा और साल के अंत तक कमर्शियल उत्पादन शुरू करेगा। उन्होंने दावा किया कि ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया, भारत के सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सेमीकंडक्टर उद्योग में चीन की प्रगति और वैश्विक जगत में इसकी जरूरत को देखकर भारत भी इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। अब तक भारत सरकार देश के छह राज्यों में 10 सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की मंजूरी दे चुकी है। गुजरात, असम, उत्तर प्रदेश, पंजाब, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बनने वाले इन प्लाटों के लिए 1.60 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश की बात कही गई है। 

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बारिश और बर्फबारी की कमी से सूखा हिमालय

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देहरादून।  सर्दियों में बारिश और बर्फबारी के लिए पहचाना जाने वाला उत्तराखंड इस बार दिसंबर महीने में पूरी तरह सूखा रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक राज्य के किसी भी जिले में दिसंबर के दौरान बारिश या बर्फबारी दर्ज नहीं हुई। हिमपात न होने से पहाड़ी चोटियां काली नजर आईं और पर्यटन के लिए पहुंचे पर्यटक भी निराश लौटे। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के अनुसार जनवरी में भी पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रह सकते हैं। अगले सात दिनों तक बारिश या बर्फबारी की कोई ठोस संभावना नहीं है।
मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मानसून के बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच राज्य में कुल मिलाकर 24 प्रतिशत वर्षा की कमी रही। दिसंबर में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ समेत सभी जिलों में बारिश का प्रतिशत शून्य रहा, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने औसतन करीब 17.5 मिमी बारिश होती है। पिछले सालों की बात करें तो 2022 में 99 प्रतिशत, 2018 में 92 प्रतिशत, 2016 में 82 प्रतिशत, 2023 में 75 प्रतिशत और 2021 में 14 प्रतिशत बारिश हुई थी। किसी भी वर्ष में पूरे राज्य में बारिश या बर्फबारी का पूर्ण अभाव नहीं देखा गया। इसके विपरीत, दिसंबर 2024 में 89 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जो शीतकालीन वर्षा में वर्ष-दर-वर्ष होने वाली तेज परिवर्तनशीलता को दर्शाती है।

10 साल बाद दिसंबर में बारिश-बर्फबारी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरे राज्य में दिसंबर के दौरान बारिश या बर्फबारी बिल्कुल नहीं हुई। इससे पहले हर साल किसी न किसी हिस्से में शीतकालीन वर्षा या हिमपात दर्ज किया जाता रहा है। देहरादून स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि दिसंबर में सूखे का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर रहना है। आमतौर पर चार से पांच पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में सर्दियों की बारिश और हिमपात लाते हैं, लेकिन इस बार सिस्टम बनने के बावजूद उनका असर राज्य में कमजोर रहा और वे दक्षिण दिशा की ओर बढ़ गए। सीएस तोमर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने का असर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी देखने को मिला। इन राज्यों में भी पिछले वर्षों की तुलना में कम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है।

रबी और सेब की फसल पर संकट
बारिश और हिमपात न होने से राज्य की रबी और सेब की फसल प्रभावित होने की आशंका है। कम तापमान वाली फसलों के लिए बर्फबारी को सबसे अनुकूल माना जाता है, लेकिन इस बार उसके अभाव में फसलों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

पहाड़ी इलाकों में पानी संकट की चेतावनी
वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक मनीष मेहता कहते हैं, बारिश और बर्फबारी न होने से आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा सकता है। क्योंकि बर्फबारी न होने से ग्लेशियर तेजी से पिघलेंगे। दरअसल, बर्फबारी ग्लेशियर पर कंबल पर का काम करती है और इन्हें तेजी से पिघलने से रोकती है। ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण प्रभावित होगा और पानी की कमी हो सकती है।
खेती और बागवानी पर सीधा असर
राज्य में करीब 57,716 हेक्टेयर में सब्जियों की खेती होती है। दिसंबर में गेहूं, टमाटर, मिर्च, आलू, मटर, पत्ता गोभी और सरसों की फसलें तैयार होती हैं, लेकिन बारिश न होने से पाले का असर बढ़ गया है। वहीं, 1,650 हेक्टेयर में हो रही फूलों की खेती भी खतरे में है। उद्यान विभाग के मुताबिक दिसंबर रबी फसलों का फ्लॉवरिंग समय होता है और बारिश के अभाव में उपज में 40 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।

असम विधानसभा चुनाव अभूतपूर्व होने वाले हैं : गौरव गोगोई 

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गुवाहाटी । असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव अभूतपूर्व होने हैं, यह मुकाबला राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि असम की जनता और उस व्यक्ति के बीच होगा, जिसे उन्होंने स्वयं को राजा समझने वाला कहा। उन्होंने कहा कि जनता पहले से ही राजा की पहचान जानती है। कांग्रेस नेता गोगोई ने बताया कि विपक्षी दल जनता में व्याप्त आक्रोश और हताशा को समझते हुए उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल वित्तीय प्रलोभन, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और चुनावी कानूनों के कथित उल्लंघनों के द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन असम की जनता इससे प्रभावित नहीं होगी। गोगोई ने कहा कि राज्य की जनता एकजुट होकर यह संदेश देगी कि धन, बल, अहंकार, धमकियाँ और विभाजनकारी राजनीति उनकी गरिमा को कुचल नहीं सकती। उन्होंने असम की भूमि, संस्कृति, विरासत, शांति और सामाजिक सद्भाव की रक्षा करने का संकल्प जताया। कांग्रेस नेता गोगोई ने कहा कि असम चुनावों के परिणाम राष्ट्रीय महत्व के होंगे और पूरे देश पर प्रभाव डालने वाले है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर नागरिकों को प्रजा की तरह मानने और उनके अधिकारों को सीमित करने का आरोप लगाया। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग लाभार्थियों को चुप कराने के लिए किया जा रहा है।

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बांग्लादेश में एक और हिंदू की मौत

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ढाका।  बांग्लादेश के शरियतपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ढाका से लगभग 150 किलोमीटर दूर अपने गांव में दवा और मोबाइल बैंकिंग का बिजनेस करने वाले खोकन दास पर 31 दिसंबर को उस समय जानलेवा हमला हुआ था, जब वे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। हमलावरों ने न केवल उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, बल्कि अत्यंत क्रूरता दिखाते हुए उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पिछले तीन दिनों से खोकन दास अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे, लेकिन शनिवार, 3 जनवरी को उनकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच महायुति गठबंधन में आरोप-प्रत्यारोप शुरू

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मुंबई।  महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच महायुति गठबंधन में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि वह आज उन्हीं लोगों के साथ सरकार में हैं, जिन्होंने कभी उन पर गंभीर आरोप लगाए थे।
अजित पवार का यह बयान भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल के आरोपों के बाद में आया है। मुरलीधर ने पुणे नगर निगम चुनावों को लेकर सवाल उठाया था कि एनसीपी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट क्यों दे रही है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार ने बिना भाजपा का नाम लिए कहा कि जिन लोगों ने कभी उन पर 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले जैसे आरोप लगाए थे, वही लोग आज उनके साथ सत्ता में हैं। सिर्फ आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता है, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो जाए। वहीं, अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा है कि अगर उन्होंने बोलना शुरू किया, तो अजित पवार मुश्किल में पड़ सकते हैं। उन्हें आरोप लगाने से पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए।

 पहले खुद के गिरेबान में झांके अजित
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार आखिर किस पार्टी की बात कर रहे हैं। क्या वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा पर शक कर रहे हैं? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से किसी का भला नहीं होगा। अगर भाजपा भी इसी तरह जवाब देने लगे, तो यह अजित पवार के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। यह सियासी टकराव ऐसे समय पर सामने आया है, जब 15 जनवरी को पुणे नगर निगम चुनाव हैं। खास बात यह है कि राज्य सरकार में सहयोगी होने के बावजूद भाजपा और एनसीपी नगर निकाय चुनाव अलग-अलग लड़ रही हैं। वहीं, अजित पवार की पार्टी शरद पवार गुट के साथ मैदान में है।

अजित एनसीपी को शरद पवार की पार्टी में मर्ज करें
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में विलय कर लेना चाहिए। संजय राउत ने सवाल उठाया कि जब अजित पवार खुद भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, तो वे फिर महायुति सरकार में क्यों बने हुए हैं।

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4, 5 और 6 जनवरी को कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, भारी बारिश की संभावना 

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में लगातार ठंडी हवाओं और गलन के बीच कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों यानी 4, 5 और 6 जनवरी के लिए कई जिलों में कोहरा और भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक भारी बारिश के साथ कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में 4, 5 और 6 जनवरी को बारिश हो सकती है। इनमें बनारस, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और भदोही के साथ आसपास के जिले शामिल हैं। वहीं, पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में लगातार घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसमें पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, हमीरपुर, बांदा, ललितपुर, महाराजगंज, बिजनौर, मुरादाबाद, सीतापुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिले शामिल हैं।
उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
दिल्ली और एनसीआर में नॉर्थ दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में लगातार तीन दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 4, 5 और 6 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी इन दिनों जमकर बारिश होने की संभावना जताई गई है।