1000 साल पहले सोमनाथ आया था गजनवी, भाजपा और संघ परिवार हमेशा क्यों याद करते रहते हैं ?

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नई दिल्‍ली। भारत के पश्चिमी छोर पर विराजमान भगवान भोलेनाथ (Lord Bholenath) के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) चर्चा में है. यहां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है. ठीक एक हजार साल पहले, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे अनेक हमले भी हमारी आस्था को डिगा नहीं सके. इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और मजबूत हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा. पीएम ने सोमनाथ से जुड़ी अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा कीं. इस तरह से देखें तो पीएम ने एक अहम हिंदुत्व थीम को सामने रखा और इसे भारत के उदय, भविष्य और शाश्वत भावना से कनेक्ट करने की कोशिश की. शायद, लोगों को आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या यात्रा भी याद होगी. ऐसे में मन में सवाल उठ सकता है कि भाजपा और संघ परिवार के लीडर्स सोमनाथ की यादों को हमेशा क्यों याद करते रहते हैं.?

 

सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2026 में इस पवित्र स्थान पर महमूद गजनवी के पहले हमले के 1000 साल पूरे हो जाएंगे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारी सभ्यता की अदम्य (अजेय या अटल) भावना का सोमनाथ मंदिर से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता, जो तमाम मुश्किलों और संघर्षों को पार करते हुए भी शान से खड़ा है. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे साल चलेगा. प्रधानमंत्री खुद 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर जाने वाले हैं.

 

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टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए बिग बैश में नहीं खेलेंगे ट्रेविस हेड, एशेज में उड़ाया था गर्दा

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ऑस्ट्रेलिया के ओपनर और खूंखार बल्लेबाज ट्रेविस हेड का फोकस अब अगले महीने से शुरू होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप पर है। उसकी तैयारी के लिए वह बिग बैश लीग में नहीं खेलेंगे। हेड इंग्लैंड के खिलाफ एशेज में ऑस्ट्रेलिया की 4-1 की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। हेड ने 5 टेस्ट में 629 रन बनाया।

इंग्लैंड अंडर-19 को 282 गेंदों में 5.27 प्रति ओवर की औसत से 248 रन चाहिए

ट्रेविस हेड के अलावा कैमरन ग्रीन में बिग बैश लीग में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मुकाबलों में खेला था। वैसे इस ऑलराउंडर को बिग बैश लीग का कॉन्ट्रैक्ट ही नहीं मिला है लिहाजा वह वर्ल्ड कप से पहले अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। 2024 के आखिर में उनकी एक मेजर बैक सर्जरी हुई थी।टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया हरगिज नहीं चाहेगा कि उसके कुछ और खिलाड़ी चोटिल हो। वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल पैट कमिंस और जोश हैजलवुड पहले ही चोट से जूझ रहे हैं। कमिंस बैक इंजरी से उबर रहे हैं और हैजलवुड हैम्स्ट्रिंग से।क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के जनरल मैनेजर बेन ओलिवर ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, ‘5 मैच की एशेज सीरीज बहुत ही तगड़ी रही। हम हर खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं और चोट से उबरने के लिए हर खिलाड़ी को उसके लिहाज से बेस्ट प्लान बनाया है।’टी20 वर्ल्ड कप अगले महीने से भारत और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में शुरू होने जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप बी में है और 11 फरवरी को कोलंबो में आयरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।

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भूलकर भी न करें EV ओवरचार्ज, वरना पछताना पड़ेगा! बैटरी ब्लास्ट से बचने के लिए अभी पढ़ें ये गाइड

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Electric Car Charging Tips: जैसे-जैसे समय बदल रहा है, वैसे-वैसे हमारी पसंद और जरूरतों की चीजों में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है. आज के इस आधुनिक युग में लोग धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल वाली कारों के बजाय इलेक्ट्रिक कारों (EV) को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. EV कारें पर्यावरण की सुरक्षा और कम खर्च के लिहाज से काफी अच्छी मानी जाती हैं. हालांकि, अक्सर देखा गया है कि लोग इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते समय कुछ छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, जो गाड़ी की बैटरी के साथ-साथ आपके और आपके परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि EV कारों को चार्ज करते समय किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए.

बैटरी सुरक्षित रखने के लिए क्या करें ?
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा सही चार्जिंग स्टेशन का ही चुनाव करें.
इसके अलावा, ध्यान रखें कि आप जिस चार्जर से कार चार्ज कर रहे हैं, वह हमेशा कंपनी का ही हो या उनके द्वारा सुझाया गया (Recommended) चार्जर हो.
बता दें कि फास्ट चार्जिंग स्टेशन सिर्फ समय बचाते हैं. रोजाना वहां कार चार्ज करने से बैटरी की लाइफ कम हो सकती है.
इसलिए कोशिश करें कि आप घर पर ही EV को चार्ज करें. इसमें समय थोड़ा अधिक लग सकता है, लेकिन यह आपके और बैटरी की सुरक्षा के लिए बेहतर है.
क्या ओवरचार्जिंग सही है ?
चार्ज लगाते समय ध्यान रखें कि बैटरी ओवरचार्ज न हो.
इसके अलावा, बार-बार बैटरी को फुल चार्ज करने से बचें.
रोजाना इस्तेमाल के लिए बैटरी को करीब 80 प्रतिशत तक चार्ज रखना बेहतर माना जाता है.
अगर आप 20-80 के फॉर्मूले को ध्यान में रखकर EV कार को चार्ज करते हैं, तो बैटरी की परफॉर्मेंस अच्छी रहेगी.
किस तरह के चार्जर का इस्तेमाल करें ?
EV कार को चार्ज करने के लिए हमेशा असली और भरोसेमंद ब्रांड के चार्जर का ही उपयोग करें.
लोकल या बिना ब्रांड वाले चार्जर शॉर्ट सर्किट और बिजली की खराबी का कारण बन सकते हैं, जिससे आग लगने का डर रहता है.
घटिया क्वालिटी के चार्जर न केवल आपके डिवाइस को खराब कर सकते हैं, बल्कि गंभीर हादसों को भी न्यौता देते हैं.
चार्जिंग केबल और कनेक्टर को समय-समय पर चेक करते रहें ताकि किसी भी तरह की टूट-फूट का पता चल सके.
खराब केबल या ढीले कनेक्टर का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है, इसलिए डैमेज दिखने पर उन्हें तुरंत बदल दें.

चार्जिंग के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
इलेक्ट्रिक कार को हमेशा ऐसे स्थान पर चार्ज करें जहां नमी न हो और हवा का वेंटिलेशन अच्छा हो.
बारिश के दौरान या अत्यधिक नमी वाली जगहों पर चार्जिंग करने से बचें ताकि बिजली का कोई खतरा न रहे.
यदि चार्जिंग के समय कार से कोई अजीब आवाज़, जलने की महक या बहुत ज्यादा गर्मी महसूस हो, तो फौरन प्लग निकाल दें.
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए EV के चार्जिंग सिस्टम और इसके रखरखाव के नियमों को अच्छी तरह समझ लें.
अपनी चार्जिंग की आदतों को बैटरी की क्षमता और जरूरत के अनुसार ढालें, जिससे कार की परफॉर्मेंस और लाइफ बढ़ सके.
किसी भी असामान्य संकेत को नजरअंदाज न करें और गड़बड़ दिखने पर तुरंत चार्जिंग बंद करना ही समझदारी है.
 

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द राजा साब के डे1 की कमाई, क्या प्रभास की फिल्म धुरंधर को पछाड़ पाएगी? जानें शुरुआती आंकड़े

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 प्रभास की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘द राजा साब’ रिलीज हो गई है। ये हॉरर कॉमेडी फिल्म है। इसमें प्रभास के साथ बोमन ईरानी और संजय दत्त मेन लीड में हैं। फिल्म के शुरुआती रिव्यूज मिले-जुले आ रहे हैं। हालांकि, एडवांस बुकिंग प्रभास की पिछली फिल्म ‘सालार’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ से कम हुई है। वहीं दूसरी तरफ हिंदी बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ ने कब्जा कर रखा है। ऐसे में लोग ये जानने के लिए बेताब हैं कि ‘द राजा साब’ पहले दिन कितने करोड़ की कमाई करेगी। आइए बताते हैं।

‘द राजा साब’ ने एडवांस बुकिंग के जरिए 15.31 करोड़ का कलेक्शन किया है। वहीं ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि फिल्म पहले दिन 65 से 70 करोड़ का आंकड़ा पार करेगी। अगर फिल्म की कमाई के शुरुआती आंकड़ो की बात करें तो Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने शुक्रवार (9 जनवरी)

द राजा साबये भी पढ़ें:सालार से भी कम हुई है ‘द राजा साब’ की एडवांस बुकिंग, जानें पहले दिन कितना कमाएगी

‘धुरंधर’ ने पहले दिन कितना कमाया था?

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ को रिलीज हुए 36 दिन हो गए हैं। ये फिल्म सिर्फ हिंदी में रिलीज हुई थी। Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म ने पहले दिन 28 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इसके कुल कलेक्शन की बात करें तो 36 दिन में इसने 790.49 करोड़ कमा लिए हैं।

फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले क्या बोल रहे हैं?

प्रभास की ‘द राजा साब’ देखने वाले दर्शकों का कहना है कि फिल्म का दूसरा हाफ बेहतर है। एक में लिखा, “दूसरा हाफ पहले हाफ से थोड़ा बेहतर है। मैंने हाल में जितनी भी फिल्में देखी हैं उनमें से इस फिल्म की एडिटिंग और डायरेक्शन सबसे खराब है।” दूसरे ने लिखा, “ये हॉरर कॉमेडी फिल्म है, लेकिन हंसी नहीं आ रही थी।”

इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ इश्क, तीन बच्चों की मां ने प्रेमी से रचाई शादी

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वैशाली।  कहते हैं ना कि इश्क जब परवान चढ़ जाता है तो उसे कुछ दिखाई नहीं देता. ऐसा ही एक मामला बिहार के वैशाली जिले से सामने आया है. इस प्यार ने न तो उम्र देखी और न ही बच्चों और पति के बारे में सोचा. इसमें चौंकाने वाली बात यह भी रही कि तीन बच्चों की मां जब अपने प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज कराने गई तो उसके पति ने ही शादी में गवाह की भूमिका निभाई और दोनों को खुशी-खुशी विदा कर दिया. अब इस प्यार की सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा है. हालांकि, बिहार के लिए यह कोई पहला केस नहीं है. इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. जिसमें शादी-शुदा महिलाएं अपने प्रेमी के साथ शादी कर लीं। 

क्या है मामला?

वैशाली जिले के जंदाहा की रहने वाली रानी कुमारी की शादी साल 2011 में कुंदन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज हुई थी. कुंदन कुमार जंदाहा के ही अहिरपुर गांव के निवासी हैं. शादी के बाद दोनों के 3 बच्चे हुए. लेकिन शादी के लगभग 5 सालों बाद ही रानी का मन कहीं और लगने लगा. रानी अपने फुफेरे भाई गोबिंद कुमार के प्यार में पड़ गई. धीरे-धीरे प्यार इतना बढ़ गया कि रिश्ता गहरा होता चला गया. इसी बीच कई बार रानी अपने पति को छोड़कर प्रेमी के पास जाती और फिर वापस लौट आती. इसकी जानकारी अब पति को भी रहने लगी तो वह परेशान हो गया. पति के अनुसार, रानी 3 साल पहले भी प्रेमी के साथ चली गई थी, जिसके बाद पति मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। 

पति ने ही कराई शादी

जब प्रेमी के साथ रानी का प्यार परवान चढ़ने लगा तो रानी ने अपने पति से साफ कह दिया कि वह प्रेमी के साथ रहना चाहती है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है. इस दौरान कुंदन ने मन ही मन सोचा कि अगर इसने मन बना ही लिया है. अपना नया जीवनसाथी चुन ही लिया है तो इसे रोकना सही नहीं है. इस दौरान कुंदन ने रानी की इच्छा को देखते हुए उसे बिल्कुल भी रोकने का प्रयास नहीं किया बल्कि आजाद करने का फैसला कर लिया. दोनों को कोर्ट में बुलाकर शादी कराई और खुद गवाह बन गए. कुंदन ने बच्चों को अपने साथ रखने का फैसला किया है. इस खबर को जिसने सुना, हर कोई हैरान रह गया। 

प्रेमी के साथ 3 बच्चों की मां ने रचाई शादी

शादी के बाद रानी ने बताया कि पति कुंदन के साथ खुश नहीं थी. गोविंद से शादी करना चाहती थी. इसके लिए पति से भी बताया तो वे भी मान गए और रिश्ते के लिए राजी हो गए. इस दौरान यह भी तय हो गया कि तीनों बच्चे पिता कुंदन के साथ ही रहेंगे. कुंदन ने बताया कि रानी ने जब शादी करने की बात कही तो हमने सोचा कि बिना किसी विवाद के इसे आजाद कर दिया और रिश्ते को यहीं खत्म कर दिया जाए. जब रानी ने मन बना ही लिया तो फिर जबरदस्ती रहने का कोई मतलब नहीं. हम चाहते हैं कि जहां भी रहे खुश रहे। 

रेप आरोपी शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज डोप टेस्ट में हुआ था फेल, कटा था कॉमनवेल्थ गेम्स से पत्ता

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नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपी अंकुश भारद्वाज को कभी भारतीय शूटिंग में एक होनहार युवा खिलाड़ी माना जाता था। उन्होंने इंटरनेशनल मंच पर कई मेडल जीते। 2008 में 18 साल की उम्र में शूटिंग की दुनिया में तब मशहूर हुए, जब उन्होंने पुणे में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में 50 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्हें 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुने जाने की उम्मीद थी। यूथ गेम्स के मेडल और घरेलू प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन की वजह से उनकी इज्जत और बढ़ गई थी। हालांकि, गेम्स से कुछ महीने पहले, डोप टेस्ट में फेल होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। जर्मनी के सुहल में हुई एक जूनियर इंटरनेशनल प्रतियोगिता के दौरान भारद्वाज का बीटा ब्लॉकर्स लेने का टेस्ट पॉजिटिव आया था – इन्हें परफॉर्मेंस बढ़ाने वाला माना जाता है क्योंकि ये शूटरों को अपना हाथ स्थिर रखने और कंपन कम करने में मदद करते हैं। भारद्वाज ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने सिरदर्द के लिए दवा ली थी।अब नाबालिग निशानेबाज द्वारा अंकुश भारद्वाज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने उन्हें निलंबित कर दिया है। एनआरएआई ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद में भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मोहाली निवासी भारद्वाज पर पॉस्को अधिनियम की धारा छह (गंभीर यौन उत्पीड़न) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (धमकी देने से संबंधित) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआरएआई के सचिव राजीव भाटिया ने पीटीआई को बताया, ‘‘एनआरएआई ने उन्हें निलंबित कर दिया है और हम उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें नैतिक आधार पर निलंबित किया गया है। अब उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा। जांच पूरी होने तक वह किसी भी तरह की कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़े रहेंगे।’’

भाटिया ने कहा कि एनआरएआई ने 2024 में पेरिस ओलंपिक के बाद 37 सदस्यीय कोचिंग टीम में भारद्वाज को स्थान देने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘एनआरएआई की सिफारिश पर ही भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने उन्हें कोच नियुक्त किया था। यह सूरजकुंड में हुई यौन उत्पीड़न की घटना है।’

इस बीच खेल मंत्रालय ने कथित अपराध का संज्ञान लेते हुए कहा, ‘‘सभी हितधारकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो युवा खिलाड़ी कोच और संबंधित प्रणालियों पर भरोसा करते हैं, उन्हें इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।’’

पीड़िता ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसके अनुसार, पिछले महीने करणी सिंह रेंज में एक अभ्यास सत्र के बाद यह घटना घटी थी।

पिछले साल अगस्त से भारद्वाज के साथ प्रशिक्षण ले रही इस युवा निशानेबाज ने बताया कि वह इस घटना से सदमे में है और उन्होंने बार-बार पूछे जाने पर एक जनवरी को अपनी मां को इसकी जानकारी दी।

अपनी एफआईआर में 17 वर्षीय खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि भारद्वाज उसे मोहाली, पटियाला, देहरादून और दिल्ली जैसे स्थानों पर प्रशिक्षण के लिए बुलाते थे, लेकिन वह हमेशा उसी दिन घर लौट आती थी।

पीड़िता ने कहा कि घटना वाले दिन वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए टैक्सी से अकेले ही करणी सिंह रेंज गई थी।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद जब वह घर जा रही थी, तो कोच ने उसे अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए रुकने को कहा।

इस युवा खिलाड़ी ने अपनी शिकायत में बताया कि कोच ने पहले उसे फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में एक होटल की लॉबी में मिलने के लिए कहा। लेकिन वहां पहुंचने पर कोच ने कथित तौर पर उसे अपने कमरे में आने के लिए मजबूर किया और कहा कि उसके प्रदर्शन को लेकर अधिक गहन चर्चा करने की जरूरत है।पीड़ित खिलाड़ी ने बताया, ‘‘कोच ने मुझे लिफ्ट वाले एरिया में आने को कहा। जब मैं लिफ्ट वाले एरिया में गई तो कोच ने मुझसे कहा कि उन्होंने यहां एक कमरा बुक किया है, इसलिए मेरे कमरे में आ जाओ। मैं तुमसे वहां खेल के बारे में बात करूंगा।’’उन्होंने फिजियोथेरेपी तकनीक का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘वह मुझे तीसरी मंजिल पर एक कमरे में ले गए और मैच के बारे में चर्चा की। कुछ देर बाद मैंने सर से कहा कि मैं घर जाना चाहती हूं, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि वह मेरी पीठ की हड्डी चटका (एक तरह का व्यायाम) देंगे।’’

पीड़िता ने एफआईआर में बताया, ‘‘मैंने तुरंत इनकार कर दिया लेकिन इसके बावजूद सर ने मुझे जबरदस्ती पेट के बल लिटाया और मेरा यौन उत्पीड़न किया। जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने मुझे धमकी दी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोच ने मुझे धमकी दी कि मैं इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताऊं वरना वह मेरे पेशेवर करियर को बर्बाद कर देगा। इस घटना के बाद मैं बहुत डर गई और मैंने किसी को कुछ नहीं बताया।’’

इस खिलाड़ी में बताया कि घटना के बाद उनके व्यवहार में बदलाव देखकर जब उसकी मां ने बार-बार उससे पूछा, तब जाकर उसने आखिरकार सब कुछ बताया।
 

आधार कार्ड में है कोई गलती? अब चक्कर काटना भूल जाइए, UIDAI का ‘उदय’ करेगा आपकी हर मुश्किल आसान

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UIDAI: आधार कार्ड से जुड़ी समस्याओं और जानकारी देने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नई पहल शुरू की है. अब आधार कार्ड होल्डर्स की मदद के लिए ‘उदय’ (Udai) नाम का एक डिजिटल साथी (मस्कॉट) आ गया है, जिसे लोग प्यार से ‘उदय भाई’ भी कह रहे हैं. आइए जानते हैं उदय आपकी कैसे मदद करेगा.

कौन है ‘उदय’ (Udai)?
‘उदय’ UIDAI का आधिकारिक मस्कट और डिजिटल संचार साथी है. इसका मुख्य उद्देश्य आधार सेवाओं को आम लोगों के लिए सरल, सुलभ और समझने में आसान बनाना है. जिस तरह से तकनीकी जानकारी अक्सर जटिल होती है, ‘उदय’ उसे एक ‘नरेटर’ या मार्गदर्शक के रूप में आसान भाषा में समझाता है. देशभर से कई एंट्रीज में से इसका नाम और डिजाएन चुना गया है.

‘उदय’ आपकी इन कामों में करेगा मदद
अगर आप अपना पता, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि अपडेट करना चाहते हैं और समझ नहीं आ रहा कि कैसे करें, तो ‘उदय’ आपको स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया समझाएगा. कई लोग आधार की सुरक्षा को लेकर डरे रहते हैं. ‘उदय’ लोगों को यह समझाता है कि आधार का सुरक्षित उपयोग कैसे करें और धोखाधड़ी से कैसे बचें. इससे आप आधार से जुड़ा कोई भी सवाल कर सकते हैं और यह आपको तुरंत उत्तर देगा.

‘उदय’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह केवल अंग्रेजी तक सीमित नहीं है. यह हिंदी और दूसरी रीजनल भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध कराता है. अब आपको छोटे-मोटे सवालों के लिए आधार सेंटर की लाइनों में लगने या हेल्पलाइन 1947 पर लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है. ‘उदय’ के जरिए आप मिनटों में अपनी समस्या का हल पा सकते हैं.

 

ब्रेंडन मैकुलम ‘जुआरी’ हैं, उन्होंने तीन साल तक झूठ बेचा; तिलमिलाए बॉयकोट ने निकाली भड़ास

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इंग्लैंड को एशेज सीरीज में मिली 1-4 से हार के बाद उनके पूर्व खिलाड़ी तिलमिलाए हुए हैं। हर कोई अपने-अपने तरीके से हार का विश्लेषण कर रहा है और टीम पर अपनी भड़ास निकाल रहा है। ऐसे में कोच ब्रेंडन मैकुलम को हटाए जाने की भी मांग हो रही है। इस कड़ी में इंग्लैंड के 85 साल के पूर्व क्रिकेटर जेफ्री बॉयकॉट ने ब्रेंडन मैकुलम को जुआरी बताया है। उनका कहना है कि इंग्लैंड के तीन समझदार लोग तीन बेवकूफ निकले। ब्रेंडन मैकुलम, रॉब की और बेन स्टोक्स ने उन्हें तीन साल तक झूठ बेचा है।जेफ्री बॉयकोट ने टेलीग्राफ के लिए अपने कॉलम में लिखा, “इंग्लैंड के तीन समझदार लोग तीन बेवकूफ निकले। ब्रेंडन मैकुलम, रॉब की और बेन स्टोक्स ने तीन साल तक झूठ बेचा। मैकुलम की फिलॉसफी है कि अपनी मर्ज़ी से खेलो। दुनिया की परवाह किए बिना खेलो। कोई उन्हें डांटता नहीं है, कोई जवाबदेही नहीं है, और किसी को टीम से बाहर नहीं किया जाता, इसलिए वे वही बेवकूफी भरी हरकतें करते रहते हैं।”उन्होंने आगे कहा, “अगर कोच और कप्तान को कोई दिक्कत नहीं है, तो खिलाड़ी क्यों बदलेंगे, एडजस्ट करेंगे या सुधार करेंगे? लोग अब खेलने के इस तरीके से तंग आ रहे हैं और अगर की, मैकुलम को सपोर्ट करते रहे और खिलाड़ियों को वही गलतियां दोहराने देंगे, तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।”

बॉयकॉट ने मैकुलम को ‘जुआरी’ बताया और गेम के प्रति उनके रवैये और जुए के बीच समानताएं बताईं।

उन्होंने लिखा, “मुझे मैकुलम पसंद हैं। मैं ऐसे किसी को नहीं जानता जिसे वह पसंद न हो और वह इंग्लैंड क्रिकेट के लिए ताजी हवा की तरह रहे हैं, जो रोमांचक और ताजगी भरा रहा है। लेकिन वह एक जुआरी हैं जो सोचते हैं कि वह हमेशा अपना पैसा वापस जीत लेंगे। इसी तरह आखिर में कसीनो हमेशा जीतते हैं। कितने ही उम्मीद करने वाले अच्छी शुरुआत करते हैं लेकिन आंसुओं के साथ खत्म करते हैं? इसका कारण यह है कि उन्हें नहीं पता होता कि कब रुकना है या अपना रूटीन बदलना है।बिना किसी नतीजे के जो मन करे वो करने की इस तरह की आजादी इंग्लैंड को पीछे खींच रही है। हमारे पास कुछ बहुत टैलेंटेड क्रिकेटर हैं लेकिन उस स्किल का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अगले लेवल पर पहुंचने के लिए हमें खिलाड़ियों के तैयारी करने और सोचने के तरीके में एक अलग अनुशासन और स्ट्रक्चर की जरूरत है।अगर तीनों समझदार लोग रहते हैं तो ECB को यह पक्का करना होगा कि कुछ बदलाव हो। की को इयान बॉथम, ग्राहम गूच और डेविड गोवर जैसे कुछ पुराने महान खिलाड़ियों को अपने और मैकुलम के साथ, और यहां तक कि कप्तान के साथ बैठने के लिए बुलाना चाहिए, ताकि उन्हें सीधे कुछ नए और अलग आइडिया मिल सकें। ये पूर्व खिलाड़ी एशेज सीरीज में विजेता रहे हैं, इसलिए उन्हें पता है कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं। मैं कितनी बार कहूं कि हम पूर्व खिलाड़ी चाहते हैं कि इंग्लैंड जीते।”

दिल्ली में बयान, इंदौर में विरोध! आतिशी के किस तीखे तेवर ने भाजपा को सड़कों पर उतरने को किया मजबूर

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Atishi Controversy: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना एक बयान देकर विवादों से घिर गई हैं. उनके खिलाफ सिख गुरु तेग बहादुर के अपमान का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है. आतिशी के इस बयान को लेकर भाजपा हमलावर है. दिल्ली से लेकर इंदौर तक विरोध देखने को मिल रहा है. आतिशी ने ऐसा क्या बयान दिया कि हर जगह विरोध किया जा रहा है. यहां जानिए.

क्या था मामला?
दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी पर भाजपा ने आरोप लगाया कि पिछले साल नवंबर महीने में दिल्ली सरकार द्वारा गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस के कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चा के बाद असंवेदनशील टिप्पणी की थी. भाजपा नेताओं ने इसे सिख समुदाय की भावनाओं पर हमला बताया. हालांकि आतिशी ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि भाजपा हमारे बयान को तोड़-मरोड़कर झूठे सबटाइटल जोड़े हैं. गुरु साहिबान का नाम भाजपा ने जबरन घसीटा है. भाजपा ‘झूठ की फैक्ट्री’ है.

आतिशी के बयान पर BJP ने घेरा
आतिशी के बयान के बाद मामला इतना गरमा गया कि भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी का मुख्यालय घेरने पहुंच गए. इस दौरान काफी देर तक प्रदर्शन किया. नारे लगाए, पोस्टर दिखाए और इस्तीफे की मांग की. भाजपा ने इस दौरान साफ कहा कि माफी काफी नहीं, सजा होनी चाहिए. भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आतिशी का बयान चौंकाने वाला है. गुरु तेग बहादुर को भारत का रक्षक कहा जाता है, उन्होंने खुद को अपने समुदाय के लिए कु्र्बान कर दिया. आतिशी को अपने बयान पर मांफी मांगनी चाहिए.

दिल्ली में AAP-BJP दोनों आमने-सामने
एक ओर जहां आतिशी के बयान पर सिख समुदाय काफी नाराज है तो वहीं आम आदमी पार्टी भी भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर वीडियो एडिट करने का आरोप लगाते हुए घेरने का प्रयास कर रही है. यानी दिल्ली में इस समय दोनों दल भाजपा और AAP प्रदर्शन कर रहे हैं. बता दें, आतिशी के बयान का विरोध अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा है. इंदौर में भी सिख समुदाय भारी संख्या में विरोध दर्ज करा रहे हैं. फिलहाल, दिल्ली से लेकर इंदौर तक तनाव की स्थिति बनी हुई है.

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सृति झा या दिव्यांका त्रिपाठी, किस टीवी एक्ट्रेस ने की है ज्यादा पढ़ाई?

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टीवी इंडस्ट्री की दो सबसे बड़ी सुपरस्टार्स, सृति झा और दिव्यांका त्रिपाठी ने अपनी सादगी और अभिनय से करोड़ों दिलों को जीता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर सीधी-सादी दिखने वालीं ये एक्ट्रेसेस असल जिंदगी में कितनी पढ़ी-लिखी हैं और इनका शुरुआती सफर कैसा था? नहीं! आइए हम आपको बताते हैं।

सृति झा

सृति झा का जन्म 26 फरवरी 1986 को बिहार के बेगूसराय जिले में हुआ था। कुछ साल दरभंगा (बिहार) में बिताने के बाद वह अपने परिवार के साथ कोलकाता चली गईं। वहां वह 10 साल रहीं और फिर नेपाल के काठमांडू में शिफ्ट हो गए। इसके उनका पूरा परिवार नई दिल्ली आया। सृति ने दिल्ली के लक्ष्मण पब्लिक स्कूल में एडमिशन लिया और अपनी स्कूलिंग खत्म करने के बाद दिल्ली के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में इंग्लिश (ऑनर्स) कोर्स किया। तीन साल उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और फिर साल 2007 में डिज्नी इंडिया के टीन ड्रामा ‘धूम मचाओ धूम’ में मालिनी शर्मा का किरदार निभाकर एक्टिंग की दुनिया में डेब्यू किया।

दिव्यांका त्रिपाठी का जन्म 14 दिसंबर 1984 को भोपाल, मध्य प्रदेश में हुआ था। उन्होंने भोपाल के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भोपाल के सरोजिनी नायडू गवर्नमेंट गर्ल्स पीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने उत्तरकाशी के नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया।नए मिशन पर निकलेंगे अंश और प्रार्थना, मोटी बा और अनुपमा को लगेगा झटकाये भी पढ़ें:पाखी को दिवाकर का सच बताएगी राही, ईशान सुनाएगी अपना फैसला, अनुपमा को होगी टेंशन एक्ट्रेस बनने से पहले एंकर थीं दिव्यांका दिव्यांका ने अपने करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो, भोपाल में एक एंकर के तौर पर की थी। उन्होंने साल 2003 में पैंटीन जी टीन क्वीन में हिस्सा भी लिया था और मिस ब्यूटीफुल स्किन का खिताब भी जीता था। साल 2005 में उन्हें मिस भोपाल का ताज पहनाया गया था। फिर दिव्यांका ने दूरदर्शन की एक टेलीफिल्म से एक्टिंग में कदम रखा था और बाद में ‘आकाश वाणी’ शो को होस्ट भी किया था।

दिव्यांका त्रिपाठी

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News Desk