निकिता गोदिशाला का हत्या के 10 दिन बाद आज तेलंगाना में अंतिम संस्कार, परिजन बोले- गरिमा का ध्यान रहे

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हैदराबाद। अमेरिका (America) में पिछले सप्ताह कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई निकिता गोदिशाला (Nikita Godishala) को शुक्रवार को हैदराबाद परिवार और मित्रों ने नम आंखों से अंतिम विदाई (Last Farewell) दी। निकिता के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार मार्रेडपल्ली स्थित श्मशान घाट में किया गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार निजी तौर पर संपन्न हुआ।

निकिता के पार्थिव अवशेष शुक्रवार सुबह राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे थे। परिवार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस सुरक्षा भी मांगी गई थी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत निकिता का परिवार तारनाका में रहता है। परिवार ने एक बयान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करने, अपुष्ट सूचनाएं प्रकाशित न करने और जांच में सहयोग करने की अपील की, ताकि न्याय की प्रक्रिया गरिमा के साथ पूरी हो सके।

 

 

Environmental Accountability Needed, Says UNAccc After Delhi–Indore Review

UNAccc has stressed the need for greater environmental accountability after reviewing Delhi’s air pollution and Indore’s water crisis. Chaired by Dr. Rajat Sharma, the emergency meeting highlighted decades of regulatory gaps and infrastructure stress. Experts warned that without public participation and strong governance, environmental degradation will worsen. UNAccc urged a shift toward sustainable development models prioritizing health and resilience.

New Delhi | January 7, 2026:
An emergency late-night meeting convened by the Unity of Nations Action for Climate Change Council (UNAccc) has highlighted the growing urgency of India’s environmental challenges, with sharp focus on Delhi’s decades-long air pollution problem and the recent drinking water contamination in Indore.

The meeting brought together senior policymakers and security officials, including: Shrikrant Panigrahi, Co-founder, UNAccc, DG IISD; Ajay Mishra, (fmr. Spl Chief Secretary – Telangana and National Chairman, UNAccc); Rahul Sur, Senior IPS Officer and UN Peacekeeping Force veteran, Director – UNAccc; Anil Pratham, Former DGP and Executive Director, UNAccc; and Gauri Advani, Chairperson, UNAccc UK.

Chaired by UNAccc Founder Dr. Rajat Sharma, the meeting reviewed data indicating that Delhi’s air quality has remained critically poor for more than 40 years. Experts pointed out that PM2.5 concentrations reached 153 µg/m³ in 2013 and 114 µg/m³ in 2020, levels many times higher than global health safety standards. The discussion emphasized that rising particulate matter and nitrogen dioxide levels since the 1980s have made air pollution a persistent public health threat in the national capital.

Indore Incident Sparks Concern Over Urban Water Safety

The forum also examined the Indore water contamination incident, where bacterial pollution in the municipal supply reportedly affected over 1,100 residents. Participants expressed concern over the vulnerability of urban water systems and stressed the need for stronger surveillance, infrastructure upgrades, and emergency response mechanisms to ensure safe drinking water.

UNAccc Calls for Policy Reform and Collaborative Action

Dr. Sharma underscored that the twin crises of air and water pollution reflect deeper systemic challenges. He called for coordinated action involving governments, environmental experts, industry leaders, and civil society, stating that environmental protection must remain central to sustainable urban development.

“Environmental degradation directly impacts human health and economic productivity. Long-term solutions require commitment beyond short-term measures,” he said.

Senior Leaders in Attendance

The meeting brought together senior policymakers and security officials, including:
Shrikrant Panigrahi, Co-founder, UNAccc, DG IISD,
Ajay Mishra, ( fmr. Spl Chief Secretary -Telangana and National Chairman, UNAccc
Rahul Sur, Senior IPS Officer and UN Peacekeeping Force veteran, Director -UNAccc ,
Anil Pratham, Former DGP and Executive Director, UNAccc
Gauri Advani, Chairperson, UNAccc UK

Strategic Interventions Underway

UNAccc highlighted its ongoing work in climate resilience and environmental sustainability, focusing on:

Strengthening water security planning through data-driven risk assessment tools
Advancing renewable energy adoption and clean power policies
Encouraging electric mobility and ESG-aligned urban transport models
Supporting low-carbon development pathways and climate finance initiatives

The meeting also reviewed current mitigation efforts in Delhi, including the Graded Response Action Plan (GRAP), enhanced public transport systems, crop-residue-based bio-bitumen road technology, and dust-suppression measures across construction sites.

A Warning and a Way Forward

Concluding the discussion, UNAccc emphasized that without sustained policy reform and public participation, India’s environmental challenges will continue to escalate. The council urged authorities to prioritize health, sustainability, and environmental accountability to secure a safer future for coming generations.

 स्वाभिमान पर्व के प्रथम दिन महादेव की भक्ति में सराबोर हुआ मंदिर परिसर, भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

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गिर सोमनाथ| सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के प्रथम दिन सोमनाथ महादेव मंदिर परिसर में भव्य एवं दिव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी, डॉ. प्रद्युमन वाजा तथा कौशिक वेकरिया सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुजरात के प्रसिद्ध कलाकार कीर्तिदान गढ़वी, जिगरदान गढ़वी और उमेश बारोट ने सोमनाथ महादेव की आराधना एवं भजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, विरासत और सनातन धर्म को संगीत की मधुर स्वर-लहरियों में पिरो दिया। शिव भक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध होकर शिव भक्ति में लीन हो गए और संगीत की धुनों पर झूम उठे। दर्शकों ने भी तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए भक्ति गीतों में सुर से सुर मिलाया।
साईंराम दवे ने साहित्यिक प्रस्तुति के माध्यम से सोमनाथ महादेव की स्थापना, विदेशी आक्रमणों, हमारे वीर योद्धाओं तथा आज भी अडिग खड़े सोमनाथ मंदिर और हमारी ऐतिहासिक धरोहर पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया। कर्णप्रिय संगीत, रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर और निरंतर निहारते रहने पर भी मन न भरने वाला अलौकिक सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का देवालय—इन तीनों के संगम से मानो दिव्य वातावरण का सृजन हो गया। कलाकारों ने शिव भक्ति गीतों के साथ-साथ गरबा की भी शानदार प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर सांसद राजेश चुडासमा, विधायक भगवानभाई बारड, पूर्व सांसद मोहन कुंडारिया, सचिव आलोक पांडे, टी. नागराजन, दिलीप राणा, सोमनाथ के कलेक्टर आई.ए. उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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News Desk

प्रवासी भारतीय दिवस पर पीएम मोदी………..भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा 

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर विदेशों में रह रहे भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच एक मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, प्रवासी भारतीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच एक मजबूत सेतु बना हुआ है। वे जहां भी गए, उन्होंने वहां के समाजों को समृद्ध किया और इतना ही नहीं सभी भारतीय अपनी जड़ों से भी जुड़े रहे। मैं हमेशा कहता हूं कि हमारा भारतीय सुमदाय हमारे राष्ट्रदूत हैं, जिन्होंने भारत की संस्कृति को दुनिया भर में लोकप्रिय किया है। हमारी सरकार ने हमारे डायस्पोरा को भारत के और करीब लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बात दें कि प्रवासी भारतीय दिवस हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है, जो भारत के विकास और दुनिया में उसकी स्थिति में भारतीय समुदाय के योगदान को पहचानने और सम्मानित करने का मौका देता है। यह मौका विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को स्वीकार करता है।
दरअसल 9 जनवरी का दिन 1915 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की याद में चुना गया था। जिन्हें व्यापक रूप से सबसे महान प्रवासी माना जाता है, महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और देश के इतिहास को गहराई से प्रभावित किया। यह दिन भारत और विदेशों में रहने वाले उसके लोगों के बीच स्थायी बंधन का प्रतीक है।
प्रवासी भारतीय दिवस कन्वेंशन की शुरुआत सबसे पहले 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस कार्यक्रम को विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ने और उन्हें पहचानने और भारत के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करने के लिए एक औपचारिक तरीके के रूप में शुरू किया गया था।
प्रवासी भारतीय दिवस विदेश मंत्रालय (एमईए) का मुख्य कार्यक्रम है और मंत्रालय द्वारा देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाता है। यह भारत की क्षेत्रीय विविधता, विकास और सांस्कृतिक विरासत को दिखाता है। साथ ही, विदेशों में रहने वाले भारतीयों को देश के साथ सीधे जुड़ने का मौका देता है।
2015 से विदेश मंत्रालय ने कार्यक्रम के स्वरुप में बदलाव किया है और प्रवासी भारतीय दिवस कन्वेंशन को दो साल में एक बार होने वाली सभा के रूप में आयोजित किया है, जिसमें बीच के सालों में थीम-आधारित कॉन्फ्रेंस होती हैं। यह तरीका खास रुचि वाले क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस वाली चर्चाओं को संभव बनाता है और दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय के सदस्यों के बीच सार्थक बातचीत और नेटवर्किंग को बढ़ावा देता है। प्रवासी भारतीय दिवस का मुख्य उद्देश्य भारत के विकास में विदेशों में रहने वाले भारतीयों के योगदान को पहचानना और विदेशों में भारत के बारे में समझ बढ़ाना है। 
 

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News Desk

विराट कोहली को टेस्ट में खेलते देखना चाहते हैं पूर्व क्रिकेटर, रॉबिन उथप्पा ने भी दिया ये सुझाव

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 भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली आगामी न्यूजीलैंड वनडे सीरीज में खेलते हुए नजर आएंगे। कोहली अब सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं। टी20 और टेस्ट से वह संन्यास ले चुके हैं। विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने पर काफी चर्चा हुई थी और कईयों का मानना था कि कोहली की फिटनेस को देखते हुए उन्हें खेल के सबसे लंबे प्रारूप में बने रहना चाहिए था। हाल ही में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कोहली के टेस्ट रिटायरमेंट को लेकर अपनी बात रखी थी और अब रॉबिन उथप्पा ने भी उनको टेस्ट से संन्यास लेने के फैसले पर विचार करने की सलाह दी है।

न्यूजीलैंड अंडर-19

इंग्लैंड अंडर-19

इंग्लैंड अंडर-19 को 168 गेंदों में 4.57 प्रति ओवर की औसत से 128 रन चाहिए

उथप्पा का मानना है कि कोहली की आंखों में अभी भी वही पुरानी भूख और जुनून दिख रहा है, जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट का बादशाह बनाता था। विराट कोहली ने मई 2025 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। विराट कोहली ने टेस्ट में 123 मैचों में 9230 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 46.85 रहा और 30 शतक लगाए। लेकिन अब विराट कोहली सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने पिछले साल 13 वनडे में तीन शतक की मदद से 651 रन ठोके थे।

वनडे सीरीज में किसने लिए सबसे ज्यादा विकेट, भारतीय बॉलर्स का रहा दबदबा

उथप्पा ने कोहली की नेट प्रैक्टिस की एक तस्वीर शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, “उन आंखों में एक कहानी है… निश्चित रूप से अब टेस्ट संन्यास वापस लेने का समय है। टेस्ट क्रिकेट में उन्हें वापस देखना पसंद करूंगा।” रॉबिन उथप्पा की ये पोस्ट काफी वायरल हो रही है। विराट कोहली ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया था, जहां पर उन्होंने एक मैच में शतक लगाया था, जबकि एक अन्य मैच में वह प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे।

जयपुर की सड़कों पर गरजे टैंक–मिसाइल, आर्मी डॉग्स बने आकर्षण का केंद्र

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आर्मी डे परेड से पहले महल रोड पर पहली फुल ड्रेस रिहर्सल, सेना की ताकत और तकनीक का भव्य प्रदर्शन

जयपुर। जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही सेना दिवस परेड से पहले शुक्रवार को महल रोड (जगतपुरा) पर पहली फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। रिहर्सल के दौरान टैंक, मिसाइल, अत्याधुनिक हथियारों, रोबोटिक डॉग्स और ड्रोन की मौजूदगी ने आम लोगों को रोमांचित कर दिया। खास तौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। फुल ड्रेस रिहर्सल से पहले सेना के बैंड ने देशभक्ति धुनों के साथ परफॉर्मेंस दी। इसके बाद परेड की औपचारिक शुरुआत हुई। सबसे आगे गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों ने परेड कमांडर को सलामी दी। अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित अधिकारियों ने परेड का नेतृत्व किया। उनके पीछे आर्मी बैंड और घुड़सवार दस्ते ने कदमताल करते हुए परेड को आगे बढ़ाया।

रिहर्सल में सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता की झलक दिखाई गई। टैंक, मिसाइल सिस्टम, मशीनगन, बख्तरबंद वाहन और अन्य सैन्य साजो-सामान सड़क पर नजर आए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी में ब्रह्मोस मिसाइल और रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। तेज सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सेना की रिहर्सल देखने पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर केवल रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को ही प्रवेश दिया गया। सुबह 8:45 बजे तक पहुंचना अनिवार्य रखा गया था। रिहर्सल शुरू होने के बाद किसी को बीच में आने या कार्यक्रम समाप्त होने से पहले स्थान छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई।

इंडियन आर्मी के जांबाज जवानों ने मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब दिखाए। बाइक पर पिरामिड बनाना, एक टायर पर बाइक दौड़ाना और बाइक को बैलेंस कर उस पर खड़े होकर चलना जैसे करतबों पर दर्शकों ने तालियों से जवानों का उत्साह बढ़ाया। जवानों ने मोटरसाइकिल से अशोक स्तंभ और कमल के फूल जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों की आकृतियां भी बनाईं। रिहर्सल के दौरान सेना में शामिल स्वदेशी नस्ल के डॉग्स ने भी परेड की। मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम नस्ल के डॉग्स की चुस्ती, फुर्ती और अनुशासन देखने लायक रहा। खास तौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स ने सबका ध्यान खींचा। इन डॉग्स को सेना में निगरानी, सुरक्षा और ऑपरेशनल जरूरतों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

मद्रास रेजिमेंट के जवानों ने शानदार फ्लैग मार्च किया। इस टुकड़ी में एक अधिकारी, दो जेसीओ और 144 जवान शामिल थे। वहीं अरुणाचल साउथ के जवानों ने भी फ्लैग मार्च कर अपने जोश और अनुशासन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बर्फीले और पहाड़ी इलाकों में युद्ध लड़ने में माहिर इन जवानों की कदमताल ने सेना की मजबूती का संदेश दिया। परेड रिहर्सल में पहली बार भैरव बटालियन की झलक भी दिखाई दी। जनवरी 2026 में गठित यह नई स्पेशल फोर्स ड्रोन आधारित ऑपरेशंस के लिए तैयार की गई है। इस यूनिट में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं, जो हाइब्रिड और मल्टी-डोमेन चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। सेना ने अत्याधुनिक ड्रोन भी प्रदर्शित किए, जो 4 हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम हैं। इसके साथ ही मॉड्यूलर ब्रिज की क्षमता भी दिखाई गई, जिससे सेना बेहद कम समय में किसी भी इलाके में रास्ता तैयार कर सकती है।

 रिहर्सल की प्रमुख झलकियां

-टैंक, मिसाइल और आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
-ब्रह्मोस मिसाइल और रोबोटिक डॉग्स की झांकी
-चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स बने आकर्षण
-मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब
-मद्रास रेजिमेंट और अरुणाचल साउथ का फ्लैग मार्च
-पहली बार नजर आई भैरव बटालियन
-4 हजार मीटर ऊंचाई तक उड़ने वाले ड्रोन
-मॉड्यूलर ब्रिज की युद्ध और आपदा राहत क्षमता

यह रिहर्सल न सिर्फ सेना की ताकत का प्रदर्शन थी, बल्कि आम लोगों के लिए गर्व और रोमांच का अनुभव भी साबित हुई।

इस मुद्दे पर बनी थी भारत की पहली कलर फिल्म, जानें कब हुई थी रिलीज?

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भारत में सिनेमा का इतिहास काफी पुराना है। 1913 में भारत की पहली साइलेंट फिल्म रिलीज हुई। इसके बाद भारत में फिल्मों का सिलसिला शुरू हुआ। आज हम आपको भारत की पहली कलर फिल्म के बारे में बता रहे हैं। 1913 में भारत में फिल्मों का सिलसिला शुरू हुआ। फिल्म राजा हरिश्चंद्र के बाद कई फिल्में रिलीज हुईं, लेकिन वो फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट होती थीं। आपको भारत की पहली साइलेंट फिल्म का नाम, भारत की पहली बोलती फिल्म का नाम, ये तो मालूम होगा, लेकिन क्या आप भारत की पहली कलर फिल्म के बारे में जानते हैं? क्या आप जानते हैं ये फिल्म कब रिलीज हुई थी? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है किसान कन्या।

1937 में रिलीज हुई थी फिल्म

किसान कन्या भारत की पहली कलर फिल्म थी। ये फिल्म साल 1937 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दी। यह भारत की पहली स्वदेशी रूप से निर्मित रंगीन फिल्म थी। इससे पहले वी. शांताराम की फिल्म सैरंध्री में कुछ कलर सीन्स दिखाए गए थे, लेकिन उस फिल्म को जर्मनी में प्रिंट किया गया था। वहीं, किसान कन्पूया पूरी तरह से भारत में ही बनी थी।

सिनेकलप तकनीक से बनी थी किसान कन्या

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान कन्या सिनेकलर तकनीक से बनाई गई थी जिसके प्रोसेस राइट्स अर्देशिर ईरानी ने एक अमेरिकन कंपनी से लिए थे। किसान कन्या को मोती गिडवानी ने डायरेक्ट किया था। वहीं, इस फिल्म को अर्देशिर ईरानी ने प्रोड्यूस किया था।

किसान कन्या

अर्देशिर ईरानी की बात करें तो उन्हें भारत की पहली बोलती फिल्म बनाने के लिए भी जाना जाता है। अर्देशिर ईरानी ने 1931 में आई पहली बोलती फिल्म आलमआरा को प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था।

फिल्म में नजर आए थे ये कलाकार

किसान कन्या की बात करें तो ये फिल्म सआदत हसन मंटो की एक नॉवल पर आधारित थी। फिल्म का स्क्रीनप्ले भी सआदत हसन मंटो ने ही लिखा था। इस फिल्म में पद्मा देवी, जिल्लू, गुलाम मोहम्मद, निसार, सैयद अहमद और गनी गनी नजर आए थे।कौन थी भारत की पहली महिला डायरेक्टर? मुस्लिम परिवार में हुआ था जन्म

7.2 है आईएमडीबी रेटिंग

इस फिल्म के म्यूजिक पर राम गोपाल पांडे ने काम किया था। फिल्म में करीब 10 गाने थे। इस फिल्म की कहानी की बात करें तो फिल्म में गरीब किसानों की दुर्दशा पर बात की गई है। आईएमडीबी के मुताबिक, इस फिल्म में किसानों का शोषण करने वाले जमींदार की हत्या हो जाती है। इस हत्या का आरोप एक ईमानदार किसान रामू पर लगता है। फिल्म की कहानी इसी के इर्दगिर्द घूमती है। ये फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई थी। इस फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.2 है।

कोलकाता में ED की कार्रवाई से सियासी भूचाल, दिल्ली में अमित शाह के घर के बाहर TMC का प्रदर्शन

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कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) की छापेमारी को लेकर गुरुवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में भूचाल आ गया. कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (Political consultancy firm Indian Political Action Committee – I-PAC) और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के मौके पर पहुंचने से मामला हाईवोल्टेज ड्रामे और गंभीर कानूनी टकराव में बदल गया. अब यह पूरा प्रकरण राज्य बनाम केंद्र की लड़ाई के साथ-साथ अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है. ED ने कलकत्ता हाकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि साल 2020 के कथित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान उसके अधिकारियों को बाधा का सामना करना पड़ा। जांच एजेंसी का दावा है कि जब I-PAC के सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस और लाउडन स्ट्रीट पर प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी शांतिपूर्वक और पेशेवर तरीके से चल रही थी, तभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचीं. ED के अनुसार, मुख्यमंत्री ने न सिर्फ तलाशी प्रक्रिया में दखल दिया, बल्कि अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी वहां से हटा लीं. अब सवाल उठता है कि क्‍या सरकारी एजेंसियों के काम में बाधा डालने के आरोप में ममता बनर्जी गिरफ्तार हो सकती हैं?

विधान नगर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स थाने में 8 जनवरी को ई-मेल के ज़रिए जो शिकायत दर्ज कराई गई थी, वह तृणमूल कांग्रेस की ओर से स्वयं ममता बनर्जी ने दर्ज कराई है. शिकायत में डेटा चोरी, पुलिस को परिसर में प्रवेश न करने देना और सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं. दर्ज कराई गई दो शिकायतों के आधार पर विधान नगर पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कर मामले कायम किए हैं. दूसरी ओर शेक्सपियर सरणी थाने में पार्टी की ओर से जो शिकायत दर्ज कराई गई है, वह भी ममता बनर्जी द्वारा ही की गई है। पश्चिम बंगाल में आई-पैक के कार्यालय और संस्‍था के चीफ प्रतीक जैन के आवास पर ED ने गुरुवार 8 जनवरी 2026 को छापा मारा था. जानकारी मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन से मिलने मौके पर पहुंच गईं. दूसरी तरफ, सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इसको लेकर हमलावर है. पार्टी के 8 सांसद दिल्‍ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास के बाहर धरना दे रहे हैं. प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में लिया गया है. वहीं, सीएम ममता बनर्जी आज बंगाल में पदयात्रा निकालने जा रही हैं।

मामले में ED की क्‍या स्थिति?

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मामले में ED की स्थिति फिलहाल मजबूत मानी जा रही है. जानकारों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय को PMLA की धारा 67 के तहत व्यापक अधिकार मिले हुए हैं, जिसके तहत जांच के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जा सकते हैं. जब तक राज्य पुलिस यह साबित नहीं कर देती कि ED अधिकारियों ने निजी लाभ के लिए कार्रवाई की या जानबूझकर कानून का उल्लंघन किया, तब तक उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई टिक पाना मुश्किल है. सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रणव सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री होने के नाते ममता बनर्जी को जांच से कोई संवैधानिक छूट या इम्युनिटी नहीं मिलती. संविधान मंत्रियों को सदन के भीतर विशेषाधिकार देता है, लेकिन कानून के सामने सभी समान हैं. उन्होंने कहा कि यदि ED यह साबित कर दे कि मुख्यमंत्री ने जांच में बाधा डालते हुए अहम सबूत हटाए हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई संभव है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मामलों को इसके उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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News Desk

OnePlus Turbo 6 सीरीज लॉन्च…जानें उस फीचर के बारे में जिसने iPhone और Samsung की उड़ाई नींद

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OnePlus ने चीन में अपनी नई OnePlus Turbo 6 Series को लॉन्च कर दिया है। इस सीरीज में OnePlus Turbo 6 और OnePlus Turbo 6V स्मार्टफोन शामिल हैं। दोनों फोन्स की सबसे बड़ी खासियत इनकी 9000mAh की विशाल बैटरी है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल का भरोसा देती है।

प्रोसेसर और परफॉर्मेंस में बड़ा फर्क

OnePlus Turbo 6 में लेटेस्ट Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो हाई-एंड परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। वहीं, Turbo 6V में Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर मिलता है, जो मिड-रेंज सेगमेंट में दमदार विकल्प माना जा रहा है। दोनों ही फोन्स रोजमर्रा के साथ-साथ हैवी यूज के लिए तैयार किए गए हैं।

डिस्प्ले, सॉफ्टवेयर और चार्जिंग फीचर्स

OnePlus Turbo 6 Series के दोनों स्मार्टफोन्स में 6.78-इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। ये फोन Android 16 पर आधारित ColorOS 16 पर चलते हैं। चार्जिंग के लिए 80W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, स्टीरियो स्पीकर्स और USB Type-C पोर्ट भी मौजूद हैं।

पानी और धूल से मजबूत सुरक्षा

दोनों स्मार्टफोन्स IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग के साथ आते हैं। इसका मतलब है कि फोन पानी, धूल और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं।

कैमरा और कीमत की जानकारी

कैमरा सेटअप में 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का सेकेंडरी सेंसर दिया गया है। फ्रंट में 16MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। कीमत की बात करें तो OnePlus Turbo 6 की शुरुआती कीमत 2099 युआन (करीब 27,000 रुपये) है, जबकि टॉप वेरिएंट 2899 युआन (लगभग 37,000 रुपये) तक जाता है। वहीं, Turbo 6V का बेस वेरिएंट 1699 युआन (करीब 21,000 रुपये) में उपलब्ध है।

गाड़ी में रखी पानी की बोतल पी रहे हैं? रुकिए! यह ‘जहर’ भी हो सकता है, जानें डॉक्टर्स की चेतावनी

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Water Bottle Left In Car Safety: जब भी हम कहीं दूर-दराज घूमने-फिरने के लिए कार या बस से जाते हैं, तो अक्सर अपने साथ पानी की एक बोतल ज़रूर रखते हैं, ताकि प्यास लगने पर कभी भी पानी पी सकें. कई बार लोग पानी की बोतल को गाड़ी में ही छोड़ देते हैं और वह कई दिनों तक वहीं पड़ी रहती है. फिर जब प्यास लगती है, तो वे बिना सोचे-समझे वही पानी पी लेते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि यह पानी आपके शरीर के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है? आइए जानते हैं कि डॉक्टर इस बारे में क्या चेतावनी देते हैं.

कितना सेफ है गाड़ी में रखा हुआ बोतल का पानी?
डॉक्टर मनन ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर कर बताया है कि कार में कई दिनों से रखी पानी की बोतल आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है. जब कार काफी देर तक धूप में खड़ी रहती है, तो सूर्य की किरणों की वजह से गाड़ी के अंदर का तापमान बहुत बढ़ जाता है.

वहीं गर्मी के कारण प्लास्टिक की बोतल धीरे-धीरे डिग्रेड यानी अपघटित होने लगती है. ऐसी स्थिति में प्लास्टिक से हानिकारक केमिकल्स पानी में घुल जाते हैं, जो शरीर के हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं.

आधा बचा हुआ पानी-पीना सही है या नहीं ?
आगे डॉक्टर मनन बताते हैं कि अक्सर लोग बोतल में आधा पानी पीकर छोड़ देते हैं और सोचते हैं कि यह बाद में काम आएगा. लेकिन लोगों की यह आदत उनके स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचा सकती है. जब कार काफी देर तक धूप में खड़ी रहती है, तो पानी न केवल बासी हो जाता है, बल्कि उसकी क्वालिटी भी खराब हो जाती है. इस पानी को पीने से सिरदर्द, पेट खराब और लंबे समय में हार्मोनल असंतुलन जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं. इसके अलावा, शरीर में कई अन्य तरह की बीमारियां होने का खतरा भी रहता है.

क्या मिनरल वॉटर सेफ है?
डॉक्टरों के अनुसार, अक्सर लोग इस भ्रम में रहते हैं कि मिनरल वॉटर की बोतलें पूरी तरह सुरक्षित होती हैं. लेकिन वास्तविकता यह है कि बोतल चाहे किसी भी ब्रांड की हो, वह बनी तो प्लास्टिक से ही होती है. जब कार के भीतर तापमान बढ़ता है और बोतल गर्म होती है, तो प्लास्टिक के सूक्ष्म हानिकारक कण पानी में घुल सकते हैं. इसलिए, लंबे समय तक कार में रखी इन बोतलों का पानी पीना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होता है.

क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए ?
कार में रखे हुए पुराने पानी को कभी भी न पिएं.
हमेशा ताजा पानी पीने की आदत डालें.
घर से बाहर निकलते समय अपने साथ ताज़े पानी की नई प्लास्टिक बोतल रखें.
स्टील की बोतल का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर है.