सुप्रीम कोर्ट के जज बोले — भ्रष्टाचार रोधी कानून भ्रष्टों को बचाने वाला

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नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भ्रष्टाचार रोधी कानून पर एक लंबी और दिलचस्प बहस देखने को मिली। इस दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को रद्द करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह धारा असंवैधानिक है, इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी करप्शन के मामले में अथॉरिटी से मंजूरी लेने की बाध्यता भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाली है। ऐसी स्थिति में इस सेक्शन को रद्द किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने में देरी होती है। ऐसी स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि इस मामले की सुनवाई में बेंच ही बंटी नजर आई।बेंच में शामिल दूसरे जज केवी विश्वनाथन ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट की धारा 17A जरूरी है। इससे ईमानदार अधिकारियों को बचाने में मदद मिलती है। इस तरह बेंच का फैसला बंटा हुआ आया। अब इस मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा। वह इस केस की सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच का गठन करेंगे। उस बेंच की ओर से आने वाला फैसला ही इस केस में अंतिम होगा। यह बेंच दो ही जजों की थी और उनकी राय अलग होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं आ सका। ऐसी स्थिति में अब बड़ी बेंच का गठन होना है।

कब जोड़ी गई थी करप्शन ऐक्ट में यह धारा, जिस पर सवाल

दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 में नई धारा 17A को 2018 में जोड़ा गया था। तब यह बताया गया था कि इसका उद्देश्य है कि अनावश्यक मामलों को रोका जाए और ईमानदार अधिकारियों को बेवजह कानूनी मसलों में फंसने से बचाया जाए। इसे ईमानदार अधिकारियों के लिए एक सुरक्षा कवच बताया गया था। हालांकि अब इस धारा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस केस में अंतिम फैसला क्या आता है। इस पर सभी की नजर रहेगी। बता दें कि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह सेक्शन ही असंवैधानिक है और इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है।

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बुंदेलखंड की सुध लेने आगे आए केरल के सांसद जॉर्ज कुरियन

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नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश से राज्यसभा के कुल 11 सांसद हैं. इनमें अकेले मालवा क्षेत्र से तीन सदस्य हैं. लेकिन विकास निधि खर्च करने में सभी सांसदों का फोकस मालवा-निमाड़ के इंदौर सहित अन्य विकसित जिलों पर अधिक रहा है. जबकि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र से कोई राज्यसभा सांसद नहीं होने के कारण यहां की लगातार उपेक्षा होती रही है. इन हालातों में केरल से राज्यसभा सांसद जॉर्ज कुरियन ही ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा फोकस बुंदेलखंड के जिलों पर किया है।

बालयोगी उमेशनाथ ने उज्जैन पर किया फोकस

बालयोगी उमेशनाथ ने अपने 98 प्रतिशत प्रस्ताव उज्जैन जिले के विकास के लिए दिए हैं. कांग्रेस के विवेक तन्खा ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में राशि दी है. राज्यसभा सांसदों को भी लोकसभा सांसदों की तरह हर साल पांच करोड़ रुपए विकास निधि के तौर पर मिलती है. विवेक तन्खा ऐसे सांसद हैं जिन्होंने सबसे अधिक 435 प्रस्ताव दिए हैं. ये प्रस्ताव 30 से अधिक जिलों के लिए हैं लेकिन इसके बावजूद बुंदेलखंड के जिले इससे अछूते रहे हैं।

मालवा और निमाड़ पर ध्‍यान देने वाले सांसद

मालवा और निमाड़ पर ध्यान देने वाले सांसदों में कविता पाटीदार शामिल हैं. उन्होंने 197 प्रस्तावों में से 114 पूरे कराए हैं. उन्होंने खरगोन, देवास, आगर मालवा, धार और उज्जैन में फोकस किया है. इंदौर जिले के विकास में उन्होंने सबसे ज्यादा प्रस्ताव दिए हैं. सुमेर सिंह सोलंकी ने 257 प्रस्तावों में से 42 कार्य पूरे कराए हैं. वे अपनी राशि का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बड़वानी जिले के विकास में खर्च कर रहे हैं. इसके अलावा धार, खंडवा, मंदसौर और खरगोन को भी राशि दी गई है।

किन सांसदों ने ज्यादा प्रस्‍ताव दिए

सुमित्रा वाल्मिकी ने 139 प्रस्ताव दिए जिनमें से केवल 8 पूर्ण हुए हैं. उनका फोकस भोपाल और जबलपुर पर रहा है. धार और आगर को भी इसमें शामिल किया गया है. दिग्विजय सिंह ने 301 प्रस्ताव दिए हैं जिनमें से 13 पूरे हुए हैं. उन्होंने खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और इंदौर को राशि दी है. साथ ही राजगढ़, गुना और भोपाल में भी फोकस किया गया है. अशोक सिंह ने 54 प्रस्ताव दिए हैं लेकिन एक भी पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने खरगोन सहित अन्य जिलों को राशि दी है. बालयोगी उमेशनाथ ने कुल 55 प्रस्ताव दिए हैं जिनमें से 40 से अधिक उज्जैन जिले के लिए हैं लेकिन एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ है. बंशीलाल गुर्जर ने 40 प्रस्ताव दिए हैं जिनमें से 39 मंदसौर जिले के लिए और एक उज्जैन के लिए है. उनका एक कार्य पूरा हो चुका है. प्रदेश के राज्यसभा सांसदों की राशि का कुल हिसाब देखें तो कुल 137.49 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. इनमें से दो साल में 66.06 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. कुल 1,653 प्रस्तावों की अनुशंसा की गई जिनमें से 212 कार्य पूरे हुए हैं. जॉर्ज कुरियन ने 41 प्रस्ताव दिए हैं।

कुरियन के प्रस्ताव को मिली गति

केरल के जॉर्ज कुरियन के प्रस्तावों को अपेक्षाकृत ज्यादा गति मिली है. उन्होंने अपने 41 प्रस्तावों में छतरपुर, पन्ना, सागर और टीकमगढ़ जिले में सबसे ज्यादा राशि दी है. इसके अलावा धार, श्योपुर, भिंड और नर्मदापुरम के साथ अपने जन्म जिला कोट्टायम को भी विकास प्रस्ताव दिए हैं. उनके केवल एक कार्य को अब तक पूर्ण किया गया है. अन्य राज्यसभा सांसदों के अपने-अपने तर्क और प्राथमिकताएं हैं लेकिन मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों को किसी न किसी रूप में राशि दी गई है. इसके बावजूद बुंदेलखंड के जिले अधिकांश सांसदों की प्राथमिकता में शामिल नहीं हो सके हैं।

गलवान के बाद पहली बार CPC प्रतिनिधिमंडल पहुंचा बीजेपी मुख्यालय

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गलवान घाटी|चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भाजपा के मुख्यालय पहुंचा। 2020 में गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के बाद यह पहला मौका था, जब चीन के एक मात्र राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल भारत की सत्ताधारी पार्टी से संवाद के लिए पहुंचा। चीनी डेलिगेशन का नेतृत्व सुन हाइयान कर रहे थे, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग के वाइस मिनिस्टर हैं। उनके साथ चीनी डेलिगेशन के भाजपा दफ्तर पहुंचने की जानकारी बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाइवाले ने एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के डेलिगेशन के साथ इस बात को लेकर चर्चा हुई कि कैसे संवाद को बढ़ाया जा सकता है।इस दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से वार्ता का नेतृत्व भाजपा की ओर से महासचिव अरुण सिंह ने किया। इस बैठक में भारत में चीन के राजदूत शू फेइहॉन्ग भी मौजूद थे। अरुण सिंह ने भी इस बैठक की जानकारी एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा, ‘आज भाजपा दफ्तर में सुन हाइयान की लीडरशिप में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन आया। इस बैठक के दौरान हमने चर्चा की कि कैसे भाजपा और सीपीसी के बीच संवाद को बढ़ाया जा सकता है।’ ऐतिहासिक रूप से भाजपा और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एक औपचारिक संवाद वर्ष 2000 से ही जारी रहा।हालांकि इसका सिलसिला बीच-बीच में बाधित भी हुआ है। खासतौर पर गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच जो तनाव पैदा हुआ था, उसके 6 साल बाद ऐसी कोई औपचारिक मीटिंग हुई है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सहजता अक्तूबर 2024 के बाद से आई है। जब पीएम नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से रूस के कजान में मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग के बाद लद्दाख में सेना भी दोनों देशों ने कम की है। इसके अलावा कूटनीतिक स्तर पर संवाद भी शुरू हुआ है। दरअसल बीजिंग से संवाद को लेकर भारत की राजनीति में भी पसोपेश की स्थिति रही है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।

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100 करोड़ के फर्जी बीमा घोटाले पर बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपियों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क

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वाराणसी |12 राज्यों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी बीमा घोटाला करने वाले गिरोह पर संभल पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा और उसके दो साथियों की संभल, बदायूं, गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी स्थित करीब 11.89 करोड़ की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर ली। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की।पुलिस के अनुसार, गिरोह के वाराणसी निवासी सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा करन की 1.26 करोड़ , बबराला के सचिन शर्मा उर्फ मोनू की 9.18 करोड़ और उसके भाई गौरव शर्मा की 1.45 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। रजपुरा थाना पुलिस ने 18 जनवरी 2025 की रात ओंकारेश्वर मिश्रा को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह ने मृत और बीमार लोगों के नाम पर बीमा कराकर 100 करोड़ से अधिक की राशि हड़प ली।सीमा पर पकड़ा गया फर्जी IAS अधिकारी, कैसीनो में जुआ खेलने के लिए जा रहा था नेपाल संभल समेत कई जिलों में दर्ज है मुकदमें पुलिस जांच में गिरोह के तार साइबर अपराध और अन्य धोखाधड़ी नेटवर्क से भी जुड़े पाए गए। संभल समेत मुरादाबाद, बदायूं, एटा सहित कई जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। अब तक 64 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। न्यायालय के आदेश के बाद बबराला और वाराणसी में कुर्की की कार्रवाई की। बबराला में थानाध्यक्ष सौरभ त्यागी और बहजोई संत कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे, जहां ढोल बजवाकर मुनादी कराई गई और संपत्तियों को सील किया गया।इस मामले में एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने बताया कि फर्जी बीमा गिरोह के सरगना समेत दो की संभल के बबराला, बदायूं, नोएडा व वाराणसी में 11.89 करोड़ की संपत्ति डीएम के आदेश पर कुर्क की गई है। इन पर सौ करोड़ बीमा घोटाला का आरोप है।अखिलेश दुबे के फरार साथी के घर कुर्की उधर, कानपुर में रेप के झूठे मामलों में फंसाने और रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में बंद चर्चित वकील अखिलेश दुबे के फरार साथी अभिषेक बाजपेयी के घर पर नौबस्ता पुलिस ने शनिवार को कुर्की की। भाजपा नेता रवि सतीजा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद से आरोपित अभिषेक फरार चल रहा है।

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IND vs NZ मैच में सुरक्षा का ‘महाघेरा…फर्स्ट इनिंग के बाद नहीं मिलेगी एंट्री, बाउंसरों की तैनाती से हड़कंप

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IND vs NZ Raipur: राजधानी रायपुर में एक बार फिर छक्के-चौकों का रोमांच दिखने वाला है. जहां रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मैच को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है. इस बार छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए सख्त कदम उठा रहा है.

भारत-न्यूजीलैंड के बीच T20 मैच, सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम
संघ ने साफ किया है कि फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जाएंगे. इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे. 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है.

खाने-पीने की चीजों पर भी सख्ती
इस बार खाने-पीने की चीज़ों को लेकर भी कड़े नियम लागू किए जाएंगे. पिछली बार इंडिया और साउथ अफ्रीका के मैच के दौरान स्टेडियम में महंगे खाने-पीने की चीजें बेचे जाने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसमें चिप्स का एक पैकेट 100 रुपये तक में बेचा जा रहा था.

अवैध एंट्री पर भी लगेगी रोक
बता दें कि पिछले मैच के दौरान, बिना टिकट वाले दर्शकों की भीड़ स्टेडियम में घुस गई, जिससे कई स्टैंड भर गए. लेकिन, इस बार 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगाई जा रही है. सीढ़ियों और एंट्री पॉइंट पर रेलिंग लगाई जा रही है, दर्शकों की लाइन को ठीक से रखने का इंतज़ाम किया जा रहा है, और बिना टिकट के स्टेडियम में एंट्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है.

मावठा बढ़ाएगा मध्य प्रदेश में ठंड का टॉर्चर, तेजी से आगे बढ़ रहा वेस्टर्न डिस्टरबेंस

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भोपाल: मध्य प्रदेश में करीब दो हफ्ते तक कड़ाके की ठंड के बाद लोगों को राहत मिलती दिख रही है. दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. लेकिन रात और सुबह के वक्त अब भी ठंड का असर बना हुआ है. हालांकि एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस एमपी की तरफ बढ़ता दिख रहा है, जिसकी वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी होगी, इसका सीधा असर एमपी में मावठा गिरने के रूप में सामने आएगा. जिससे ठंड एक बार फिर से बढ़ सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक 19 या 20 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की संभावना है.

जिसके बाद भोपाल, ग्वालियर चंबल और जबलपुर डिवीजन में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसी दौरान मावठा गिरने का भी आसार हैं. मध्य प्रदेश में सर्दी का सीजन आखिरी दौर में पहुंच रहा है, लेकिन इस बार अब तक मावठा नहीं गिरा है. ठंड के आखिरी दौर में हल्की से मध्यम बारिश रबी फसलों में विशेषकर गेहूं, चना, सरसों और मसूर के लिए बोनस साबित होगी.

शहडोल सबसे ठंडा इलाका रहा

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके बावजूद शहडोल जिले का कल्याणपुर एक बार फिर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में भी रातें ठंडी बनी हुई हैं, हालांकि पहले जैसी कंपकंपाने वाली सर्दी नहीं रही।

कोहरा अभी भी बढ़ा रहा लोगों की मुश्किलें

राजधानी भोपाल में रात का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया. हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री, इंदौर और ग्वालियर में भी पारा 7-8 डिग्री के आसपास रहा. उज्जैन और जबलपुर में भी सर्दी का असर कम हुआ है. शीतलहर भले ही कमजोर पड़ी हो, लेकिन कोहरा अभी भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. राजगढ़, सतना, सीधी, दतिया, ग्वालियर, रतलाम और खजुराहो में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग की तरफ से श्योपुर, मुरैना, भिंड, आगर-मालवा, मंदसौर, राजगढ़ और नीमच समेत करीब आठ जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की गई है.

मौसम के पीछे क्या है कारण

भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, इस समय पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम हवाओं का असर बना हुआ है. सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम की सक्रियता के कारण वातावरण शुष्क है, जिससे रात में ठंड बनी रहती है. हालांकि आने वाले दिनों में सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आने की संभावना जताई जा रही है.

‘फिर होगी आंकड़ों की बाजीगरी’, बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने मोदी सरकार से पूछे ये सवाल

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नई दिल्ली: आगामी बजट सत्र (Budget Session) से पहले कांग्रेस (Congress) के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने केंद्र सरकार (Central Government) की आर्थिक नीतियों (Economic Policies) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. संसद के आगामी सत्र का कार्यक्रम घोषित हो चुका है और अब से करीब 20 दिन बाद वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा.

कांग्रेस का कहना है कि यह बजट 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को प्रतिबिंबित करेगा, जिसकी रिपोर्ट 17 नवंबर 2025 को सौंपी गई थी. ये सिफारिशें 2026–27 से 2031-32 की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे और राज्यों के आपसी हिस्से से जुड़ी हैं.

जयराम रमेश ने मनरेगा से जुड़े नए कानून में लागू किए गए 60:40 लागत साझा करने के फॉर्मूले पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पहले से ही परेशान राज्य सरकारें अब और ज्यादा आशंकित हैं कि केंद्र सरकार उन पर आर्थिक बोझ डाल रही है. कांग्रेस नेता ने देश की अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी तीन बड़ी चुनौतियों की ओर भी इशारा किया.

उन्होंने कहा कि टैक्स में कटौती और अच्छे मुनाफे के बावजूद निजी कॉरपोरेट निवेश की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है. घरेलू बचत दरों में तेज गिरावट आई है, जिससे निवेश की क्षमता प्रभावित हो रही है. संपत्ति, आय और उपभोग से जुड़ी असमानताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि क्या आने वाला बजट सिर्फ आंकड़ों की बाज़ीगरी तक सीमित रहेगा या फिर सरकार इन जमीनी सच्चाइयों को स्वीकार कर ठोस कदम उठाएगी.

उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए जरूरी उच्च जीडीपी वृद्धि तब तक टिकाऊ नहीं हो सकती, जब तक इन बुनियादी आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार बजट के जरिए इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाती है.

 

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‘लात से मारूंगा’, खुलेआम मंच से UP-बिहार के लोगों को राज ठाकरे की धमकी

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मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में 15 जनवरी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सहित 29 निकाय में चुनाव (Body Elections) होना है। ऐसे में मुंबई (Mumbai) में एक रैली को संबोधित करते हुए रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने यूपी-बिहार (UP-Bihar) से आए लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया। इस रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया था।

दरअसल, राज ठाकरे बीएमसी चुनाव को लेकर दादर स्थित शिवतीर्थ मैदान में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मराठी एकता की हुंकार भरी साथ ही राज्य की मराठी भाषा, जमीन और पहचान पर गंभीर खतरा भी जताया। इसी के साथ उन्होंने यूपी-बिहार से आने वाले लोगों को महाराष्ट्र पर हिंदी ना थोपने को लेकर भी चेतावनी दी।

 

 

मंच से खुलेआम चेतावनी देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को महाराष्ट्र में हिंदी थोपने का प्रयास नहीं करना चाहिए। मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर इसे थोपने की कोशिश करोगे तो मैं आपको लात मारूंगा। जनसभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि यूपी-बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी (राज्य के लोगों) भाषा नहीं है। यह लोग चारों ओर से महाराष्ट्र में आ रहे हैं और आपका हिस्सा छीन रहे हैं। अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे।

 

इसी के साथ राज ठाकरे ने इस चुनाव को मराठी मानुष का आखिरी चुनाव करार किया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह मराठी मानुष का आखिरी चुनाव है। अगर उन्होंने अब कोई गलती की, तो मुंबई की लड़ाई हमेशा के लिए हार जाएंगे। उन्होंने लोगों से मराठी अस्मिता और महाराष्ट्र के लिए एकजुट होने की अपील की।

 

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ED ने ममता बनर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की, जानें मामला

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सीएम ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ED ने ममता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में रिट याचिका (Writ Petition) दाखिल की है। ये मामला 3 ED अधिकारियों को डराए और धमकाए (Intimidate and Threaten) जाने का है।

ईडी का कहना है कि कोलकाता में तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों को गलत तरीके से प्रतिबंधित करने के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है। यह याचिका पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ दायर की गई है। ईडी के तीन अधिकारी, जो कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल में थे। उनकी ओर से यह याचिका दायर की गई है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ED द्वारा दायर याचिका में ममता बनर्जी और कई अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी ने तलाशी में बाधा डाली। करीब 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में 8 जनवरी की तलाशी में बाधा डालने के आरोप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा के खिलाफ CBI, FIR दर्ज कर जांच कराई जाए।

याचिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी ने जबरन प्रवेश कर तलाशी की कार्रवाई बाधित की। टीएमसी समर्थकों ने हाईकोर्ट की कार्यवाही को हाईजैक करने की कोशिश की। हाईकोर्ट सुनवाई से पहले व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए टीएमसी समर्थकों ने सुनियोजित हंगामा किया। करीब 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में 8 जनवरी की तलाशी में बाधा डालने के आरोप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा के खिलाफ CBI FIR दर्ज कर जांच कराई जाए।

 

 

न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर ने लगाया रनों का अंबार; 10 पारियों में ऐसा है प्रदर्शन

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भारतीय क्रिकेट टीम के वनडे उप-कप्तान श्रेयस अय्यर ने चोट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाकेदार वापसी की है। अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच के दौरान प्लीहा में लगी गंभीर चोट और आंतरिक रक्तस्राव के कारण वे अस्पताल में भर्ती रहे और लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे। विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन कर अपनी फिटनेस साबित करने के बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया पहले वनडे मैच में 49 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। इस मैच में उन्होंने विराट कोहली (93 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 77 रनों की अहम साझेदारी की, जिसने 301 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम की जीत की नींव रखी। हालांकि अय्यर कायल जैमीसन की गेंद पर बोल्ड होकर अपने अर्धशतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस पारी ने साबित कर दिया कि वे पूरी तरह लय में लौट चुके हैं।

जिम्बाब्वे अंडर-19 को 270 गेंदों में 6.75 प्रति ओवर की औसत से 304 रन चाहिए

अय्यर ने दिखाई है निरंतरता

श्रेयस अय्यर को न्यूजीलैंड टीम के खिलाफ वनडे क्रिकेट में खेलना काफी पसंद हैं और उन्होंने कीवी टीम के खिलाफ इस फॉर्मेट में निरंतरता दिखाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई अपनी सभी 10 वनडे पारियों में उन्होंने 30 से अधिक का स्कोर बनाया है, जो उनकी बेमिसाल निरंतरता को दर्शाता है। कीवी टीम के खिलाफ अय्यर ने अब तक 10 पारियों में 660 रन बनाए हैं, जहां उनका बल्लेबाजी औसत 66 का रहा है। इस टीम के खिलाफ उनके स्कोर 103, 52, 62, 80, 49, 33, 105, 79, 48 और 49 रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ वे अब तक दो शानदार शतक और चार अर्धशतक जड़ चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि वे दो बार 49 के स्कोर पर आउट हुए हैं, लेकिन हर बार उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी है।

3000 रनों के बेहद करीब

अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ-साथ अय्यर अब एक बड़े करियर मील के पत्थर के बेहद करीब पहुंच गए हैं। वनडे क्रिकेट में उनके अब तक 2,966 रन हो चुके हैं और वे 3,000 रनों का आंकड़ा छूने से मात्र 34 रन दूर हैं। अपने करियर में 5 शतक और 23 अर्धशतक लगाने वाले अय्यर का रिकॉर्ड भारतीय मैदानों पर और भी घातक हो जाता है। आंकड़ों के अनुसार, उनके कुल वनडे रनों में से 1,634 रन घरेलू सरजमीं पर आए हैं, जहां उनका औसत 56.34 का है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर का स्कोर
• 103 (107 गेंद)

• 52 (57 गेंद)

• 62 (63 गेंद)

• 80 (76 गेंद)

• 49 (59 गेंद)

• 33 (39 गेंद)

• 105 (70 गेंद)

• 79 (98 गेंद)

• 48 (62 गेंद)

• 49 (47 गेंद) –