कोर्ट रूम में ही भिड़ गए कपिल सिब्बल और ASG राजू, जानिए पूरा मामला

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kapilनई दिल्ली । दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रेल मंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की कथित लैंड-फॉर-जॉब्स स्कैम मामले को रद्द करने की एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी। लालू यादव की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल मामले में पैरवी कर रहे थे, जबकि सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू पक्ष रख रहे थे लेकिन कोर्ट रूम कुछ ऐसा हुआ कि दोनों आपस में ही उलझ गए और दोनों के बीच खूब बीच तीखी बहस हुई। लालू यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कथित लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले के मामले को रद्द करने की मांग की थी।

किस बात पर हुआ विवाद?
इस दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी कि इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति (सैंक्शन) जरूरी है, जो नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने खुद पहले इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, ऐसे में अब उसी के खिलाफ दलील देना गलत है। इस पर सीबीआई की ओर से पेश ASG एसवी राजू ने सिब्बल की दलीलों पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह नए मुद्दे उठा रहे हैं और कानून की गलत व्याख्या कर रहे हैं। ASG राजू ने कहा, “सिब्बल ने नए मुद्दे पर बहस की है। मुझे सही कानून बताना है। मिस्टर सिब्बल गुमराह करने वाली दलीलें देते हैं और मुझे बहस नहीं करने देते।”

 

कोर्ट में बढ़ा तनाव, तीखी बहस
ASG राजू के इस आरोप पर कपिल सिब्बल नाराज हो गए और उन्होंने तपाक के कहा, “आपने ऐसा कहने की हिम्मत कैसे की कि मैंने अदालत को गुमराह किया है। मैंने कभी किसी कोर्ट को गुमराह नहीं किया। आप होंगे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, लेकिन जज नहीं हैं।” इसके जवाब में ASG राजू ने कहा, “हां, आपने कोर्ट को गुमराह किया है, यह मेरी दलील है और मैं बताऊंगा कि आपने कैसे गुमराह किया और आप मुझे बताने नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अदालत के सामने सही कानून रखना उनका कर्तव्य है और वह अपनी बात पर कायम हैं।

 

जज ने किया हस्तक्षेप
बहस के दौरान कपिल सिब्बल ने राजू की पेशेवर मर्यादा पर भी सवाल उठाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, ASG राजू ने अपेक्षाकृत शांत लहजे में कहा कि वह सिब्बल का सम्मान करते हैं, लेकिन कानूनी स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस ररविंदर डुडेजा ने कोर्ट रूम में स्थिति को संभालते हुए कहा, “माहौल को थोड़ा शांत होने दीजिए।” इसके बाद कोर्ट ने दिन की सुनवाई समाप्त कर दी।

आगे क्या फैसला हुआ?

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी संक्षिप्त लिखित दलीलें दाखिल करें। ये दलीलें अधिकतम पांच पन्नों की होंगी और एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होंगी। इसके बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

क्या है लैंड-फॉर-जॉब्स मामला?

सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उनके परिवार और करीबी लोगों के नाम पर जमीन ली गई। सीबीआई ने इस मामले में 2022 में केस दर्ज किया और बाद में लालू यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लालू यादव ने हाई कोर्ट में दलील दी है कि यह जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जरूरी पूर्व अनुमति के बिना शुरू की गई, इसलिए पूरा मामला रद्द किया जाना चाहिए।

आवारा कुत्तों पर बयान देकर फंस गईं मेनका गांधी, सुप्रीम कोर्ट सख्त

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नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट ने पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को आज (मंगलवार, 20 जनवरी को) कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने एक पॉडकास्ट के दौरान आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट की टिप्पणियों पर उनकी “बॉडी लैंग्वेज” और बयानों पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और देश के भावी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की पीठ ने कहा कि यह अदालत की “दरियादिली” है कि मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई नहीं की जा रही है।कोर्ट ने साफ किया कि जब उन्होंने (मेनका गांधी ने) अपने पॉडकास्ट में आवारा कुत्तों के हमलों के लिए कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जिम्मेदार बनाने की बात कही थी, तो वह गंभीर टिप्पणी थी, कोई मज़ाक नहीं कर रही थीं। कोर्ट ने गांधी के वकील राजू रामचंद्रन से कहा, “कुछ देर पहले, आप कोर्ट से कह रहे थे कि हमें सावधान रहना चाहिए। क्या आपने पता लगाया कि आपकी क्लाइंट किस तरह की टिप्पणियां कर रही हैं? आपकी क्लाइंट ने अवमानना ​​की है। हम उस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। यह हमारी महानता है। क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है? वह क्या कहती हैं और कैसे कहती हैं।”

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‘यह अवमानना है’

बार एंड बेंच के मुताबिक, बेंच ने कहा, “आपने टिप्पणी की कि कोर्ट को सावधान रहना चाहिए। दूसरी ओर, आपकी क्लाइंट जिसे चाहे और जिस पर चाहे, हर तरह की टिप्पणियां कर रही हैं।” पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस विक्रम नाथ ने साफ शब्दों में कहा कि मेनका गांधी की टिप्पणियाँ अदालत की अवमानना के दायरे में आती हैं, लेकिन कोर्ट ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इस पर रामचंद्रन ने कहा कि यह अवमानना की सुनवाई नहीं है, इसलिए वह टिप्पणी नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह 26/11 के आतंकवादी अजमल कसाब के लिए भी पेश हुए थे। इस पर जस्टिस नाथ और भड़क गए। उन्होंने तपाक से कहा, “कसाब ने अवमानना ​​नहीं की थी।”

बजट और जिम्मेदारी पर सवाल

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब मेनका गांधी एक पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं, तो आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने बजट और योजनाओं में क्या योगदान दिया? इस बीच, वकील ने रेबीज नियंत्रण उपायों, टीकों की उपलब्धता और आवारा कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए पेशेवरों की क्षमता निर्माण के बारे में बात करना जारी रखा।

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कुत्तों की नसबंदी पर बहस

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नसबंदी (स्टेरिलाइजेशन) से आवारा कुत्तों की आक्रामकता कम होती है, लेकिन ज्यादातर शहरों में इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की कुछ टिप्पणियों के कारण डॉग फीडर्स पर हमले हो रहे हैं। इस पर जस्टिस नाथ ने दोहराया कि अदालत की बात व्यंग्य नहीं बल्कि गंभीर थी।

पहले क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट होती है, तो राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलाया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा सकती है, और सवाल उठाया था कि अगर लोग जानवरों से इतना प्रेम करते हैं तो उन्हें अपने घर क्यों नहीं रखते। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा गंभीर जन सुरक्षा से जुड़ा विषय है, और इस पर की गई टिप्पणियों को हल्के या मज़ाक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक मंचों पर अदालत के खिलाफ बयान देते समय जिम्मेदारी और मर्यादा जरूरी है।

ममता बनर्जी के फोर्ट विलियम अफसर बयान पर सेना ने राज्यपाल से की शिकायत, बंगाल में राजनीति गरमाई

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के फोर्ट विलियम (Fort William) के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी पर आरोपों के बाद विवाद चरम पर पहुंच गया है। ममता ने हाल ही में कहा कि अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान भाजपा के समर्थन में काम कर रहे हैं और फोर्ट विलियम का कमांड बेस राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस बयान के बाद भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंदा बोस से हस्तक्षेप की अपील की। जानकारी के अनुसार, दो सेना जनरलों ने पिछले सप्ताह राज्यपाल से मुलाकात कर ममता के आरोपों के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोक भवन के अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इसे केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया।

राज्यपाल बोस ने कहा पहले मैं खुद सत्यापन करूंगा कि क्या मुख्यमंत्री ने कोई संवैधानिक नियमों का उल्लंघन किया है। यदि ऐसा है, तो मैं निश्चित रूप से हस्तक्षेप करूंगा। वहीं, फोर्ट विलियम के वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि राज्यपाल से बैठक हुई और उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी।

राजनीतिक माहौल पहले से ही चुनावी राज्य बंगाल में गर्म है, जहां एसआईआर अभ्यास के चलते टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। इस विवाद पर भाजपा बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने ममता के बयान को बिना आधार बताते हुए कहा वे सोचती हैं कि बंगाल उनका व्यक्तिगत राज्य है। वहीं, वामपंथी नेता एमडी सलीम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री से पत्र लिखकर मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

 

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‘मैदान पर उतरो तो पता चलेगा आसान क्या है’, संजय मांजरेकर पर भड़के विराट कोहली के बड़े भाई

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Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट गलियारों में मैदान के अंदर की जंग अब मैदान के बाहर ‘सोशल मीडिया वॉर’ में तब्दील हो गई है. टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं. एक बार फिर विराट कोहली उनके निशाने पर रहे. लेकिन उनकी यह बात विराट के बड़े भाई विकास कोहली को पसंद नहीं आई है.

मांजरेकर की ‘आसान फॉर्मेट’ वाली टिप्पणी
संजय मांजरेकर ने हाल ही में विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने और केवल वनडे खेलना जारी रखने पर सवाल उठाए थे. मांजरेकर के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में विराट का टेस्ट औसत मात्र 31 रहा और उन्होंने अपनी तकनीकी खामियों को सुधारने की कोशिश नहीं की.

उन्होंने जो रूट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहाँ रूट नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, वहीं कोहली टेस्ट से दूर चले गए. मांजरेकर ने कहा, “यह ठीक था कि विराट क्रिकेट छोड़ देते, लेकिन उन्होंने केवल वनडे खेलना चुना, जिससे मुझे निराशा हुई. टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए यह सबसे आसान फॉर्मेट है.”

विकास कोहली का करारा जवाब
विराट के भाई विकास कोहली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Threads पर मांजरेकर को ‘Mr Expert’ कहकर संबोधित किया और उन पर निशाना साधा. विकास ने लिखा, “मुझे हैरानी है कि ‘Mr Expert of Cricket’ के पास आसान फॉर्मेट को लेकर क्या सुझाव हैं. ऐसा करने के लिए मैदान पर होना पड़ता है. आसान कहना अलग बात है और उसे मैदान पर कर दिखाना बिल्कुलअलग.”

विकास ने आगे यह भी संकेत दिया कि बाहर बैठकर ‘ज्ञान’ देना बहुत सरल है, लेकिन जब टीम के बाकी बल्लेबाज (रोहित, शुभमन, श्रेयस) फेल हो रहे हों और विराट 108 गेंदों पर 124 रन की जुझारू पारी खेल रहे हों, तब उसे ‘आसान’ कहना खिलाड़ी के समर्पण का अपमान है.

संजय मांजरेकर का ‘विवादों’ से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब संजय मांजरेकर किसी विवाद में फंसे हों. उनका इतिहास खिलाड़ियों के साथ टकराव का रहा है. 2019 में उन्होंने जडेजा को ‘बिट्स एंड पीसेस’ खिलाड़ी कहा था, जिसका जडेजा ने कड़ा जवाब दिया था. कोहली की कप्तानी और उनकी बल्लेबाजी तकनीक को लेकर भी मांजरेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं. हाल ही में उन्होंने राहुल के आत्मविश्वास पर भी टिप्पणी की थी, जिसकी काफी आलोचना हुई थी.

कितने अमीर हैं BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन? पत्नी के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी

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Nitin Nabin Networth: बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन आज से आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं. आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को उन्होंने पद भार संभाला है. नितिन नबीन के पास कुल कितनी संपत्ति है और आय के स्त्रोत क्या हैं? यहां जानेंगे. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को जो अपनी संपत्ति का हलफनामा पेश किया था. उसके अनुसार नितिन नबीन की नेटवर्थ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा है.

बता दें, नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री हैं और वे पटना के बांकीपुर से लगातार पांच बार के विधायक हैं. 2025 में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की है और नेटवर्थ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा है. उनकी कार कलेक्शन की बात की जाए तो नितिन नबीन के नाम पर एक स्कॉर्पियो और एक इनोवा क्रिस्टा कार है.
इसके अलावा उनके नाम पर कोई भी जमीन नहीं है, चाहे वह खेती की जमीन हो या कॉमर्शियल. उनके नाम पर कोई घर भी नहीं है. उन्होंने शेयर बाजार में भी कोई निवेश नहीं किया है. उनके ऊपर 56 लाख रुपए का कर्ज भी है. नितिन नबीन के नाम पर 3 LIC और एक HDFC पॉलिसी है. लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके परिवार के पास कुछ नहीं है. उनसे ज्यादा प्रॉपर्टी परिवार के नाम पर दर्ज है.
11 लाख रुपए के जेवरात
चुनावी हलफनामे के अनुसार, नितिन नबीन के पास कुल 92.71 लाख रुपए की अचल संपत्ति है, तो वहीं बच्चों और पत्नी के नाम पर 68 लाख रुपए से ज्यादा की चल संपत्ति है. नितिन नबीन और उनकी पत्नी-बच्चों के पास लगभग 11 लाख रुपए की सोने-चांदी की ज्वेलरी है. नकदी की अगर बात की जाए तो उनके पूरे परिवार के पास सिर्फ 60 हजार रुपए है. जबकि परिवार के खातों पर 98 लाख रुपए से ज्यादा जमा है.

नितिन नबीन से अमीर हैं उनकी पत्नी
नितिन नबीन की पत्नी ने शेयर बाजार में भी निवेश किया है. हलफनामे के अनुसार, मिडकैप और मल्टीकैप फंड्स में 6 लाख रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. इसके अलावा LIC और एसबीआई लाइफ इंश्योंरेंस पॉलिसी है. नितिन नबीन की पत्नी Navira Enterprises कंपनी की डायरेक्टर भी हैं. अचल संपत्ति की अगर बात की जाए तो पत्नी के पास करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति है. जिसमें 28 लाख रुपए कीमत की कृषि योग्य भूमि और पटना में 1.18 करोड़ रुपए का घर है. नितिन नबीन की प्रोपर्टी का यह डेटा विधानसभा चुनाव 2025 में दिए गए हलफनामे के आधार पर है.

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भारत के खिलाफ टी20 सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए शानदार मौका: फर्ग्यूसन

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न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन ने कहा कि भारत के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले उनकी टीम को तैयारी के लिए उचित मंच प्रदान करेगी।भारत के खिलाफ हाल ही में 2-1 से वनडे श्रृंखला जीतने से उत्साहित न्यूजीलैंड की टीम नागपुर में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में विश्व कप के सह-मेजबान भारत से भिड़ेगी।भारत में कीवी टीम के साथ जुड़ने वाले फर्ग्यूसन ने रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, ‘यह सचमुच बहुत अच्छी तैयारी होगी। मैं जानता हूं कि यह वह मैदान नहीं होंगे जहां हम विश्व कप में खेलेंगे लेकिन वहां खेलने का अनुभव, उसका प्रभाव और मैदानों की स्थिति का आकलन विश्व कप से पहले शानदार तैयारी होगी।उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक है और घरेलू परिस्थितियों में उसका कोई सानी नहीं है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे खिलाड़ी वनडे श्रृंखला की तरह ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे।NZ से वनडे का हिसाब चुकता करने उतरेगा भारत, सूर्यकुमार के प्रदर्शन पर होगी नजरआईपीएल 2026 के लिए पंजाब किंग्स की टीम में शामिल फर्ग्यूसन ने कहा कि वह यूएई में इस महीने की शुरुआत में आईएलटी20 मैच के दौरान पिंडली में चोट से उबर गए हैं और पिछले एक सप्ताह से पूरी ताकत से गेंदबाजी कर रहे हैं। न्यूजीलैंड ने हालांकि पहले मैच के लिए जो टीम घोषित की है उसमें फर्ग्यूसन का नाम नहीं है।वह टी20 विश्व कप के दौरान कुछ दिनों के लिए पितृत्व अवकाश भी ले सकते हैं क्योंकि उनके बच्चे का जन्म 20 फरवरी को होने की उम्मीद है इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उनका फिलहाल संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है।उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी फिट महसूस करता हूं। मुझे अब भी लगता है कि मैं टीम में योगदान दे सकता हूं। अगर कभी ऐसा दिन आए जब मैं सुबह उठूं और देखूं कि मैं जीत में योगदान नहीं दे रहा हूं या मुझे लगे कि मैं टीम के लिए खेलने के लायक नहीं हूं तो मैं संन्यास ले लूंगा।भारत के खिलाफ 2023 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में अपना आखिरी वनडे मैच खेलने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह अब भी 50 ओवर का क्रिकेट खेलने के लिए प्रयासरत हैं।फर्ग्यूसन ने कहा, ‘मुझे 50 ओवर का क्रिकेट बहुत पसंद है। टी20 की तुलना में इसी से मुझे थोड़ी ज़्यादा पहचान मिली।’

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आतंकियों के ठिकाने का भंडाफोड़, मैगी और बासमती चावल का मिला जखीरा

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जम्मू कश्मीर |जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था। इस बीच, मुठभेड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया और छिपे हुए आतंकवादियों की ओर से अचानक किए गए ग्रेनेड हमले से 7 अन्य घायल हो गए। आतंकवादी घने जंगल में भाग गए, लेकिन खाने-पीने की चीजें, कंबल और बर्तनों सहित बड़ी मात्रा में सर्दियों के सामान से भरे उनके ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया है।

नौकरी गंवा सकते हैं कर्नाटक DGP राव, सेक्स स्कैंडल में फंसे; अश्लील वीडियो वायरल

ध्वस्त ठिकाने से बरामद सामग्रियों से आतंकवादियों की सर्दियों में जीवित रहने की प्लानिंग का पता चलता है। यहां से मैगी के 50 पैकेट, टमाटर व आलू जैसी ताजी सब्जियां, 15 प्रकार के मसाले, 20 किलो बासमती चावल, अनाज, खाना पकाने की गैस और सूखी लकड़ी मिली है। अधिकारियों ने बताया कि 12,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ करने के संबंध में सोमवार दोपहर कई व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सुरक्षा बल आतंकवादियों के उन मददगारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने उनकी बड़ी मात्रा में राशन, दाल, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री जुटाने में मदद की। ये सामग्री सर्दियों के महीनों में कम से कम 4 लोगों के लिए पर्याप्त थी।

2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका

सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट करके बताया कि चतरू में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। सेना ने कहा, ‘घेराबंदी और कड़ी कर दी गई है और तलाशी अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है।’ माना जा रहा है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े दो से तीन आतंकवादियों का समूह इलाके में है। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जम्मू महानिरीक्षक आर. गोपाल कृष्ण राव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए। वे अभियान की निगरानी के लिए वर्तमान में कई सेना अधिकारियों के साथ वहीं डेरा डाले हुए हैं।इसी बीच, शहीद हुए विशेष बल कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जम्मू में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शहीद कमांडो को श्रद्धांजलि देने के लिए सतवारी में कार्यक्रम का नेतृत्व व्हाइट नाइट कोर के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ ब्रिगेडियर युद्धवीर सिंह सेखों ने किया। बाद में, शहीद कमांडो के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह क्षेत्र उत्तराखंड ले जाया गया।

शिल्पा शेट्टी से लेकर मौनी रॉय तक, इन स्टार्स के हैं लग्जरी रेस्टोरेंट्स, करते हैं मोटी कमाई

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बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई ऐसे सेलेब्स हैं जो ना सिर्फ इस ग्रैमर इंडस्ट्री में काम करके नाम और पैसे कमा रहे हैं बल्कि वे इसके अलावा रेस्टोरेंट बिजनेस के जरिए भी खूब कमाई कर रहे हैं। आज हम आपको उन सेलेब्स के बारे में बताएंगे जिनके पॉपुलर और सक्सेसफुल रेस्टोरेंट्स हैं।शिल्पा शेट्टी अपने रेस्टोरेंट को लेकर काफी छाई हुई रहती हैं। उनके रेस्टोरेंट के एम्बियंस और खाने की काफी तारीफ होती है। शिल्पा का रेस्टोरेंट सिर्फ मुंबई में नहीं बल्कि पुणे और बेंगलुरु में भी है।गौरी खान का मुंबई के बांद्रा में तोरी नाम का रेस्टोरेंट है। इस रेस्टोरेंट को गौरी ने डिजाइन किया है इसलिए इसकी तारीफ करने से खुद को कोई रोक नहीं पाता। यह रेस्टोरेंट भी मुंबई के फेमस रेस्टोरेंट में से एक है।करण जौहर का अपना बंगलो रेस्टोरेंट है नियुमा जो मुंबई में है। वह इसके को फाउंडर हैं बंटी सजदेह के साथ।जूही चावला और उनके पति जय मेहता के 2 रेस्टोरेंट है जिसमें से एक Gustoso और दूसरा Rue de Liban है। एक इटैलियन रेस्टोरेंट है और दूसरे में लेबैनिज कुशीन है।सुनील शेट्टी ने रेस्टोरेंट की शुरुआत एचटीओ मुंबई में। ये रेस्टोरेंट बांद्रा में है। हालांकि बाद में सुनील ने इस रेस्टोरेंट को बंद कर लिटल इटली नाम से शुरू किया। इस रेस्टोरेंट में इटैलियन खाना मिलता है।नी रॉय का अंधेरी, मुंबई में बदमाश रेस्टोरेंट है। यह रेस्टोरेंट उन्होंने पति के साथ शुरू किया है जो इंडियन रेस्टोरेंट हैं।बॉबी देओल का भी मुंबई में रेस्टोरेंट है जिसका नाम है समप्लेस एल्स। इस रेस्टोरेंट में नॉर्थ इंडियन, चाइनीज और कॉन्टिनेंटल खाना मिलता है।आशा भोसले के कई इंडियन रेस्टोरेंट हैं। दुबई से उन्होंने पहला रेस्टोरेंट खोला। इसके बाद यूके, बहरीन, कुवैत, कतर और अबु धाबी में भी उन्होंने रेस्टोरेंट खोले। उनके रेस्टोरेंट की पॉपुलर डिश हैं दाल मखनी, तंदूरी चिकन टिक्का, मशरूम कुरकुरे, चॉकलेट ट्रफल केक।

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“मैं एक कार्यकर्ता हूं, नितिन नबीन मेरे बॉस”, पीएम मोदी ने ऐसे किया बीजेपी अध्यक्ष का स्वागत

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भाजपा स्थित मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के शपथ समारोह कार्यक्रम के दौरान नए अध्यक्ष नितिन नबीन का अभिवादन किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी के नए अध्यक्ष को लेकर कहा, ‘मैं एक कार्यकर्ता हूं और नितिन नबीन मेरे ‘बॉस’ हैं.” इसके साथ ही उन्होंने सभी पूर्व अध्यक्षों को भी याद करते हुए उनकी उपलब्धियां गिनाईं. राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के शपथ समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “नितिन नबीन को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत बधाई व शुभकामनाएं देता हूं. बीते कई महीनों से संगठन पर्व यानि पार्टी की छोटी सी इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की व्यापक प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से, भाजपा के संविधान की भावना को ध्यान में रखकर लगातार चल रही थी. आज उसका विधि पूर्वक समापन हुआ है. संगठन पर्व का यह विशाल आयोजन भाजपा की लोकतांत्रिक आस्था, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है।”

पूर्व अध्यक्षों पर क्या बोले PM मोदी?

पार्टी के सभी पूर्व अध्यक्षों को पीएम मोदी ने याद करते हुए कहा, “अटल जी, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा है. इस सदी में वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी सहित हमारे कई साथियों ने संगठन को विस्तार दिया है. राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया, फिर अमित शाह के नेतृत्व में देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकार बनी. जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में भाजपा पंचायत से संसद तक और सशक्त हुई. मैं पूर्व के सभी अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।”

मैं एक कार्यकर्ता आप मेरे ‘बॉस’

प्रधानमंत्री मोदी बोले, “भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां लोगों को लगता होगा कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गए, 25 साल से लगातार सरकार के प्रमुख रहे हैं. ये सब अपनी जगह पर है लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं. ये सबसे बड़ा गर्व है और जब बात पार्टी के विषयों पर आती है, तब नितिन नबीन जी, मैं एक कार्यकर्ता हूं और वे मेरे ‘बॉस’ हैं।”

नितिन नबीन हैं ‘मिलेनियल’, बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान कहा, “हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है. भाजपा एक ऐसी परंपरा है जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है. हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है. हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं लेकिन आदर्श नहीं बदलते. नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती. इस महत्वपूर्ण कालखंड की शुरुआत में नितिन नबीन भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे. आजकल के युवाओं की भाषा में, नितिन नबीन खुद भी एक प्रकार से ‘मिलेनियल’ हैं, वे उस पीढ़ी से हैं जिसने भारत में बड़े आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी परिवर्तन होते देखे हैं।”

WPL 2026 की पॉइंट्स टेबल में RCB का एकछत्र राज, जानिए अन्य टीमों की कैसी है हालत?

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वुमेंस प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल के 2026 के सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी का एकछत्र राज देखने को मिला है। आरसीबी के आसपास भी कोई टीम नहीं है, क्योंकि आरसीबी ने 5 मैच जीतकर 10 अंक हासिल कर लिए हैं और प्लेऑफ्स में भी जगह बना ली है, जबकि अन्य 4 टीमें अभी तक 4 या इससे कम अंक ही इस सीजन हासिल कर पाई हैं। आरसीबी ने सोमवार 19 जनवरी को अपना पांचवां मैच जीतकर सबसे पहले डब्ल्यूपीएल के चौथे सीजन के प्लेऑफ्स के लिए क्वालीफाई किया। आरसीबी अब अन्य टीमों का खेल खराब कर सकती है, क्योंकि अभी भी 3 मैच लीग फेज के रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बाकी हैं।

ज़िम्बाब्वे को 51 गेंदों में 5.76 प्रति ओवर की औसत से 49 रन चाहिए

आरसीबी 10 अंक और दमदार नेट रन रेट के साथ पहले स्थान पर है। मुंबई इंडियंस दूसरे स्थान पर है, लेकिन खाते में 5 मैचों के बाद सिर्फ 4 अंक हैं। इतने ही अंक यूपी वॉरियर्स और गुजरात जायंट्स के भी खाते में हैं, लेकिन नेट रन रेट इस समय एमआई का अच्छा है। 4-4 अंक इन तीन टीमों के हैं, लेकिन एमआई का नेट रन रेट प्लस में हैं, जबकि यूपी वॉरियर्स और गुजरात की टीम का नेट रन रेट माइनस में है, जो आगे चलकर चिंता का कारण बन सकता है।वहीं, दिल्ली कैपिटल्स 4 मैचों में से सिर्फ एक ही मैच में जीत दर्ज कर पाई है और खाते में सिर्फ 2 अंक हैं। पांच टीमों वाले टूर्नामेंट की पॉइंट्स टेबल में दिल्ली की टीम सबसे आखिरी पायदान पर है। नेट रन रेट भी दिल्ली का माइनस में है, जिसे सुधारने पर जेमिमा रोड्रिग्स की कप्तानी वाली टीम का ध्यान होगा। यहां से कोई भी टीम मैच हारना नहीं चाहेगी, जो भी टीम मैच हारेगी, उसके लिए प्लेऑफ में पहुंचना कठिन हो जाएगा। कम से कम 3-3 मैच अभी सभी टीमों के बाकी हैं।

टीम    मैच    जीत    हार    नो रिजल्ट    पॉइंट्स    नेट रन रेट
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु    5    5    0    0    10    +1.882
मुंबई इंडियंस    5    2    3    0    4    +0.151
यूपी वॉरियर्स    5    2    3    0    4    -0.483
गुजरात जायंट्स    5    2    3    0    4    -0.864
दिल्ली कैपिटल्स    4    1    3    0    2    -0.856