राहुल गांधी का मनरेगा को लेकर सरकार पर निशाना, गरीबों को भूखा रखना चाहते हैं PM मोदी

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मनरेगा (MNREGA) को खत्म करके सरकार वीबी-जी-राम-जी (VB-G RAM-G) नाम से एक नया कानून (New Law) लेकर आई है। इसे लेकर कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है। राहुल गाधी ने मोदी सरकार पर गरीबों के बजाय नौकरशाहों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। मनरेगा के विरोध में कांग्रेस देश भर में मनरेगा बचाओ अभियान चला रही है। मनरेगा पर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सत्ता को केंद्रीकृत करने, इसे नौकरशाही को सौंपने और गरीब नागरिकों को भूखा मरने के लिए छोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा मनरेगा का मकसद बेरोजगार ग्रामीणों को पैसे कमाने का जरिया देना था। लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा नहीं चाहते, वे सत्ता को केंद्रीकृत करना चाहते हैं और इसे नौकरशाही को सौंपना चाहते हैं। वह गरीबों को भूखा मरेने के लिए छोड़ना चाहते हैं। एक्ट में सुधार के नाम पर गरीबों का सुरक्षा कवच हटाया गया है। उन्होंने एक्ट से महात्मा गांधी के नाम को हटाने की भी निंदा की।

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एआर रहमान के बयान पर महबूबा मुफ्ती बोली- जावेद अख्तर भी …

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mehabuba muftiनई दिल्‍ली। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान (AR Rahman) के हालिया बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव (Communal discrimination) को लेकर बहस छेड़ दी है। रहमान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि बीते आठ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपेक्षाकृत कम काम मिला है और इसके पीछे इंडस्ट्री में बढ़ती सांप्रदायिक सोच एक कारण हो सकती है। उनके इस बयान पर जहां कुछ लोगों ने सहमति जताई, वहीं कई दिग्गजों ने इसे नकार दिया। अब इस पूरे विवाद पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि किसी के अनुभवों को खारिज करने से सच्चाई नहीं बदल जाती। उन्होंने जावेद अख्तर द्वारा ए आर रहमान के बयान को नकारने पर सवाल उठाए। महबूबा ने लिखा कि जब जावेद अख्तर बॉलीवुड में सांप्रदायिकता को लेकर ए आर रहमान की चिंताओं को खारिज करते हैं, तो यह भारतीय मुसलमानों के वास्तविक अनुभवों के बिल्कुल उलट नजर आता है।

 

महबूबा मुफ्ती ने किया शबाना आजमी का जिक्र
अपने बयान में महबूबा मुफ्ती ने अभिनेत्री शबाना आजमी का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि शबाना आजमी खुद यह बता चुकी हैं कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से बॉम्बे जैसे आधुनिक और कथित रूप से समावेशी शहर में घर किराए पर देने से इनकार कर दिया गया था। महबूबा ने कहा कि अगर इतने बड़े और प्रतिष्ठित कलाकारों को ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ा है, तो आम लोगों की स्थिति को समझा जा सकता है। महबूबा मुफ्ती ने आगे लिखा कि बॉलीवुड को हमेशा मिनी इंडिया कहा जाता रहा है, क्योंकि यह देश की विविधता और सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाता है।

 

इससे पहले जावेद अख्तर ने एआर रहमान के बयान पर असहमति जताते हुए कहा था कि उन्हें कभी बॉलीवुड में सांप्रदायिकता महसूस नहीं हुई। उन्होंने बातचीत में कहा कि एआर रहमान को इंडस्ट्री में बहुत सम्मान मिलता है। वह बेहद व्यस्त रहते हैं और बड़े-बड़े शो करते हैं। हो सकता है कि छोटे निर्माता ऑस्कर विजेता जैसी बड़ी शख्सियत से संपर्क करने में हिचकते हों। इसमें किसी तरह का सांप्रदायिक एंगल नहीं है।

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नितिन नवीन ने संभाली भाजपा की कमान, नए सेनापति ने आलाकमान का जताया आभार

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नया नेतृत्व (new leader) मिल गया है और इसके साथ ही संगठन की राजनीति में एक नई ऊर्जा देखने को मिली। पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Naveen) ने अपने पहले संबोधन में साफ कर दिया कि भाजपा की ताकत उसका कार्यकर्ता है और आगे की राजनीति भी इसी आधार पर चलेगी। नितिन नवीन ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। नितिन नवीन ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना भाजपा की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का प्रमाण है। कार्यकर्ता आधारित राजनीति भाजपा की सोच है। भाजपा की सोच सर्वव्यापी और सर्वग्राही है।

 

नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन की बड़ी बातें
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि हमने कार्यकर्ता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशसेवा के काम करते हुए देखा। उन्होंने कहा कि आपको देख कर ही सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला बना सकता है, वही बड़ा शख्स बनता है। उन्होंने पीएम मोदी के साथ एक कार्यक्रम में बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार गुजरात के आनंद में आपके साथ एक कार्यक्रम में भाग लिया था। उस वक्त मैं राष्ट्रीय महासचिव था और मैंने सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आपको प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हुए देखा था।‘कार्यक्रम खत्म होने के बाद, जब आपने अपने ग्रीन रूम में हमसे बात की तो आपने बड़ी भावुकता से समझाया कि गुजरात से इतने सारे लोग क्यों आए थे। उस दिन मुझे समझ आया कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ता है।’ उन्होंने कहा कि हम राष्ट्र प्रथम के नारे से आगे चलते हैं। भाजपा में राजनीति पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। भाजपा अगर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है तो प्रेरणादायी नेतृत्व, विचारधारा और कार्यकर्ता हैं।

भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया
पीएम मोदी ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नितिन नवीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का ये संगठन पर्व देश के कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस नए दौर की शुरुआत में नितिन नवीन भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नितिन नवीन आज की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे उस पीढ़ी से हैं, जिसने बचपन में रेडियो के जरिए जानकारी ली और आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक के साथ काम कर रही है। इससे पार्टी के हर कार्यकर्ता को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

 

 

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निकाय चुनाव में कांग्रेस ने उद्धव और शरद गुट को पछाड़ा, MVA में समीकरण बदलने की तैयारी

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नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में निकाय चुनाव के नतीजों के बाद एक बार फिर से उठापटक का दौर जारी है। किस नगर निगम में कौन मेयर (Mayor) बनेगा इस पर लेकर पार्टियों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है। सबसे महत्वपूर्ण बीएमसी (BMC) के मेयर पद को लेकर भी लगातार राजनीति हो रही है। शिंदे गुट ने अपने पार्षदों को ताज होटल में बैठा कर रखा है, तो उद्धव गुट लगातार भाजपा और शिवसेना के बीच में तनाव पैदा करने के लिए बयानबाजी कर रहा है। हालांकि, इस चुनाव के बाद अब विपक्ष के महाविकास अघाड़ी गठबंधन में भी समीकरण बदलने के आसार लगाए जा रहे हैं। क्योंकि, इन चुनावों में कांग्रेस ने बेहतरी प्रदर्शन करते हुए उद्धव गुट और शरद पवार गुट को भी पीछे छोड़ दिया है। एक तरफ शरद पवार को अपने गढ़ पुणे में करारी हार क्षेलनी पड़ी है, तो वहीं दूसरी तरफ ठाकरे को भी अपने मुंबई की राजशाही को तीन दशक बाद अलविदा कहना पड़ा है। इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी ने कई नगर निगमों में बेहतर प्रदर्शन किया है।

29 नगर निगमों के इस चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी 1,425 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, तो वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना 399 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। इसके बाद नंबर आता है कांग्रेस का जिसने 324 सीटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। महायुति के साथ सत्ता का सुख भोग रहे अजित पवार ने निकाय चुनाव के ऐन पहले अपने चाचा के साथ गठबंधन कर लिया था। हालांकि, इसके बाद भी उन्हें इसका केवल घाटा ही उठाना पड़ा। उनकी पार्टी 167 सीटों के साथ चौथे नंबर पर रही। इसके बाद नंबर उद्धव गुट का रहा, जो केवल 155 सीटें जीतने में कामयाब रहा। शरद पवार को अपनी पार्टी की सबसे बुरी दशा देखनी पड़ी उनकी पार्टी केवल 36 सीटें ही जीत सकी।

 

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस निकाय चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही है। उसने अपने दोनों सहयोगियों उद्धव गुट और शरद गुट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में 2029 के विधानसभा चुनाव से पहले एमवीए में सीट बंटवारे को लेकर पुनर्विचार होना तय है। एक तरफ उद्धव गुट ने अपना गढ़ बीएमसी गंवा दिया है, वहीं दूसरी तरफ शरद पवार ने अपना पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ जैसे गढ़ से हाथ धोया है। लेकिन दूसरी ओर कांग्रेस ने अकेले की दम पर कोल्हापुर, चंद्रपुर और भिंवडी में बेहतर प्रदर्शन किया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने बताया पार्टी अब एमवीए में बड़े हिस्से की मांग करेगी। उनका तर्क है कि ठाकरे और पवार की “क्षेत्रीय अस्मिता” की राजनीति बीजेपी की बढ़त को रोकने में नाकाम रही। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस का अकेले या सीमित गठबंधन में चुनाव लड़ने का फैसला एक तरह का “स्ट्रेस टेस्ट” साबित हुआ, जिससे यह दिखा कि पार्टी मौजूदा दौर में भी टिक सकती है और आगे बढ़ सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शिवसेना उद्धव गुटभले ही मुंबई में बीजेपी की मुख्य चुनौती बनी हुई हो, लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों में उसका प्रभाव घटा है। इससे महाविकास अघाड़ी में खुद को संगठनात्मक ताकत के आधार पर वरिष्ठ साझेदार बताने का उसका दावा कमजोर पड़ता है।

निकाय चुनाव के नतीजे यह भी दिखाते हैं कि शिवसेना (यूबीटी) और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच वोटों का बंटवारा कई वार्डों में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए फायदेमंद रहा। विश्लेषकों के अनुसार, ठाकरे की पार्टी के पास भावनात्मक जुड़ाव और ब्रांड पहचान तो है, लेकिन मजबूत और एकजुट संगठन के अभाव में इसे वार्ड स्तर की जीत में बदलना चुनौती बना हुआ है।

इस चुनाव में सबसे ज्यादा एनसीपी पर टूट का प्रभाव दिखाई दिया। पुणे में पार्टी को दोनों धड़ों के गठबंधन के बाद बी भारी नुकसान उठाना पड़ा और शहरी इलाकों में भी उसे ज्यादा कोई भरोसेमंद जीत नहीं मिली। नतीजों के आधार पर देखें, तो महाराष्ट्र के विपक्ष में इस वक्त कांग्रेस पार्टी ही एक ऐसी पार्टी बची है, जिसकी मौजूदगी पूरे महाराष्ट्र में हैं। इससे कांग्रेस एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, जिसमें उसका राष्ट्रीय एजेंडा प्राथमिकता में होगा।

RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) (Rashtriya Janata Dal – RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक (National Executive Important meeting) 25 जनवरी को पटना (Patna) में बुलाई गई है. यह बैठक पटना के एक बड़े होटल में आयोजित होगी, जिसमें पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक बदलावों को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो सकता है. अगर यह फैसला होता है तो तेजस्वी यादव को पार्टी के सभी बड़े और अहम निर्णय लेने का अधिकार मिल जाएगा।

 

लालू यादव की उम्र और स्वास्थ्य बना वजह
बताया जा रहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है, ताकि संगठन की जिम्मेदारी युवा नेतृत्व के हाथों में सौंपी जा सके।

चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की तैयारी
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव और उनकी टीम के फैसलों पर सवाल उठे थे. इसी पृष्ठभूमि में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सामने आया है, ताकि संगठन को नए सिरे से मजबूत किया जा सके।

तेज प्रताप की वापसी की संभावना होगी खत्म
अगर तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते हैं, तो पार्टी में तेज प्रताप यादव की वापसी की अटकलों पर भी विराम लग सकता है.

सितंबर 2025 के बाद पहली बैठक
सितंबर 2025 में आरजेडी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बैठक होगी. बैठक की अध्यक्षता खुद लालू प्रसाद यादव करेंगे।

करीब 200 नेता होंगे शामिल
इस बैठक में 85 स्थायी सदस्यों को बुलाया गया है. इसके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों को मिलाकर करीब 200 नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होंगे. बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी डेलीगेट्स के आने की संभावना है।

 

 

77वें गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बनेंगे 10 हजार मेहमान, सरकार बोली- मकसद जन भागीदारी बढ़ाना

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इस साल 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (Duty Path) पर आयोजित होने वाली परेड (Parade) को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों (Guests) को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित अतिथियों में आय और रोजगार सृजन में अनुकरणीय कार्य करने वाले, सर्वश्रेष्ठ नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और प्रमुख सरकारी पहलों के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले लोग शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करने और राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में जन भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें आमंत्रित किया गया है। इन विशेष अतिथियों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठाया जाएगा। समारोहों के अतिरिक्त, विशेष अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थानों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा।

इस बीच, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, खुफिया एजेंसियों से प्राप्त कई आतंकी खतरों की सूचनाओं के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में एक व्यापक, प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा तंत्र स्थापित किया है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बैठने की जगहों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैनाती के तरीके में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने सभी आमंत्रित मेहमानों और टिकट धारकों से अपील की है कि वे अपने निमंत्रण कार्ड पर दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित मार्गों का ही पालन करें। मार्गों, पार्किंग और निर्धारित स्थानों से संबंधित पूरी जानकारी रक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

 

नितिन नबीन बने बीजेपी के नए बॉस………….पैतृक गांव अमावां में जश्न का माहौल

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नवादा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बिहार के मंत्री नितिन नवीन के निर्विरोध चुनने पर उनके पैतृक गांव अमावां (रजौली प्रखंड) में उत्सव का माहौल है। 45 वर्ष की आयु में भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नवीन को लेकर गांव से लेकर जिले तक कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह दिख रहा है।
नितिन नवीन की नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में तोजपोशी की गई, उनके चयन को बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। अमावां गांव में सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मना रहे हैं। इस मौके पर नवादा में विधायक अनिल सिंह की देखरेख में एक विशेष जश्न कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। विधायक सिंह ने बताया कि खुशी के इस अवसर पर 251 किलो लड्डू बनवाए गए हैं। साथ ही गुलाल की होली खेलकर लोग एक-दूसरे को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पूरे नवादा और बिहार के लिए सम्मान की बात है। गांव के लोगों में खास गर्व इसलिए भी है, क्योंकि नितिन नवीन ने अपने राजनीतिक जीवन में ‘गांव चलो’ अभियान की शुरुआत भी इसी अमावां गांव से की थी। ग्रामीणों का कहना है कि एक साधारण गांव से निकलकर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करना युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

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77वां या 78वां, साल 2026 में कौन सा गणतंत्र दिवस मनाएगा भारत? दूर करिए कंफ्यूजन

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Republic Day 2026: भारत में साल 2026 के गणतंत्र दिवस की तैयारी शुरू हो चुकी है. इस बीच लोगों के बीच एक बड़ी उलझन फिर से सामने आ चुकी है. यह उलझन है कि इस साल का गणतंत्र दिवस 77वां है या 78वां. बहुत से लोग सोचते होंगे की इसकी गिनती ज्यादा होनी चाहिए, लेकिन गणतंत्र दिवस की नंबरिंग के पीछे का लॉजिक कुछ और ही है. तो आइए जानते हैं कि इस लॉजिक के बारे में.

गणतंत्र दिवस कब है?
आधिकारिक तौर पर देखा जाए तो भारत 26 जनवरी 1950 को एक गणतंत्र देश बना. इस दिन से ही भारत का संविधान भी लागू हुआ था. इस ऐतिहासिक क्षण में ब्रिटिश युग के गवर्नर ऑफ इंडिया एक्‍ट 1935 को खत्म किया और भारत के एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में संविधान को स्‍थापित किया. सबसे अहम बात यह रही कि 26 जनवरी 1950 को ही भारत का पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया.
कैसे होती है गणतंत्र दिवस की गिनती?
दरअसल, सबसे ज्यादा उलझन इस वजह से होने लगती है, क्‍योंकि लोग घटनाओं को नहीं गिनते बल्कि पूरे सालों को गिनते हैं. गणतंत्र दिवस की गिनती एक इवेंट आधारित सिस्‍टम का पालन करती है. यानी कि सभी उत्सवों को 1950 में पहले उत्सव से गिनना शुरू कर दिया जाता है. एक बार जब यह तरीक लागू की जाती है तब से ही नंबरिंग सीधी और लगातार हो जाती है.
26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस मनाय गया था, वहीं 26 जनवरी 1961 को दूसरा गणतंत्र दिवस मनाया गया. जिसके बाद हर साल बिना रूके ये सिलसिला बिना रिसेट किए लगातार जारी रहा. इस लॉजिक के अनुसार 26 जनवरी 2025 को 76वां गणतंत्र दिवस मनाया गया था और इस साल 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा.
लोगों को लगता है यह 78वां गणतंत्र दिवस
कई लोग गिनती बीते हुए सालों की संख्‍या को देखते हुए करते हैं. लोग 1950 और 2026 के बीच का अंतर निकालते हैं तो इस तरीका को गलत मानते है क्‍यो‍ंकि पहला गणतंत्र दिवस 1950 में ही हो चुका था. लेकिन सालों को गिनना और फिर घटनाओं को गिनना एक जैसा नहीं होता है.
गणतंत्र दिवस 2026 कहां मनाया जाएगा
हर साल की तरह गणतंत्र दिवस परेड 2026 नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होगी. परेड में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और संवैधानिक मूल्यों को दिखाया जाएगा. इसमें राज्य और मंत्रालय की झांकियां, सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ियां और छात्रों और सांस्कृतिक समूहों की भागीदारी होगी.
कहा मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस 2026 का पर्व
हर साल की तरह ही गणतंत्र दिवस की परेड 2026 में नई दिल्‍ली में कर्तव्‍य पथ पर ही होगी. परेड में भारत की सभी सैन्‍य शक्ति, सांस्‍कृतिक विविधता और संवैधानिक मूल्‍यों को एक साथ दिखाया जाएगा. इसमें राज्यों और मंत्रालय की झांकियां, सशस्‍त्र बलों की मार्चिंग टुक‍ड़‍ियां और छात्रों और सांस्‍कृतिक समूहों की भागीदारी भी होगी.
 

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सालों से मुसलमानों के दिल में कांग्रेस ने जहर घोला……..इसलिए बीजेपी को वोट नहीं देते : रिजिजू

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राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे मुस्लिमों को मिलते

नई दिल्ली। एक कार्यक्रम में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता किरेन रिजिजू लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से लेकर मुसलमानों तक पर बात की।  केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि मैंने अल्पसंख्यक मंत्री होकर मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है। मुझसे पहले किसी भी मंत्री ने इसतरह के काम नहीं किए। हज और उमराह को आसान बनाया। वहीं राहुल गांधी पर उन्होंने मजाक में कहा कि घर आने का न्यौता दिया था। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा ही बीजेपी पार्टी का संविधान बहुत सख्त है। बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया नियम के मुताबिक होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर होने से पहले नॉमिनेशन फॉर्म को बहुत ध्यान से चेक करना होता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, नितिन नबीन को पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए इंटरनल मैकेनिज्म पर काम किया गया था। बहुत लोगों की इच्छा होती है पार्टी अध्यक्ष बनना, लेकिन जिम्मेदारी चुनिंदा व्यक्ति को ही मिलती है, जो कसौटी पर खरा उतरता है। गौरतलब है कि पार्टी युवा नेतृत्व चाहती थी, इस वजह से भी नितिन नबीन का नाम आगे किया गया। जब किरेन रिजिजू से पूछा गया कि युवा आप भी हैं, तब उन्होंने हंसकर जवाब दिया कि………….मैं अब इतना युवा नहीं हूं। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने राहुल गांधी को लेकर कहा, मैंने मजाक-मजाक में कहा कि आपको ठंड नहीं लगती क्या, उन्होंने मुझे कहा कि व्यायाम करो। उन्होंने मुझे अपने घर जिम करने के लिए बुलाया। हालांकि यह मजाक था। रिजिजू से पूछा गया कि आपको न्यौता मिला था, तब भी आप जिम क्यों नहीं गए? इस पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, मैं संसदीय कार्य मंत्री हूं। अब अगर मैं रोजाना सुबह नेता प्रतिपक्ष के घर जाउंगा जिम के लिए यह ठीक नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बजट 2026 पर कहा कि यह बजट सेशन बहुत डेडिकेटेड और फोकस्ड होग। इसके पहले पार्ट में 28 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा फिर 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सदन में बजट पेश होगा। फिर पूरा सेशन बजट पर ही सीमित रहेगा। रिजिजू ने विपक्ष को लेकर कहा कि सदन में हंगामा करने से कुछ नहीं होता है। इससे सदन का समय खराब होता है और हम देश के सामने अच्छा नतीजा पेश नहीं कर पाते हैं।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, कांग्रेस ने सालों से जनता के दिमाग में जहर घोला है कि भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम विरोधी है। इसकारण मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी मुस्लिम कैंडिडेट खड़ा करने के बाद भी नहीं जीत पाती। राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे भाजपा सरकार मुस्लिमों को भी देती है। हमारी सरकार ने हज यात्रा के लिए भी काम किया है। कई मुसलमानों ने मेरे लिए दुआ भी की है। पीएम मोदी की एक भी स्कीम ऐसी नहीं है, जिसका फायदा मुस्लिम कम्युनिटीज को नहीं मिलती है। फिर मुसलमान वोट क्यों नहीं देते?

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गुजरात तट पर अरब सागर में रहस्यमयी उबलते पानी ने मचाई हड़कंप

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गांधीनगर। गुजरात तट से सटे अरब सागर में एक असामान्य समुद्री हलचल देखी गई, जिसने मछुआरों और प्रशासन दोनों को चौंका दिया। पालघर जिले के मछुआरों ने कुछ वीडियो प्रशासन को सौंपे, जिसमें समुद्र का पानी उबलते हुए और बुलबुले निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी की सतह पर सफेद झाग और बड़े बुलबुले उठ रहे थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता था मानो समुद्र ‘उबल’ रहा हो। पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने कहा कि यह घटना अत्यंत असामान्य है और इसके पीछे गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र समुद्री परिवहन मार्गों और मछली पकड़ने के प्रमुख इलाकों के पास है, इसलिए क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन ने इलाके में गुजरने वाले जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने हलचल के संभावित कारणों के लिए तीन मुख्य कारण बताए है। पहला, गैस रिसाव, समुद्र के नीचे प्राकृतिक गैस का रिसाव पानी में बुलबुले पैदा कर सकता है। दूसरा, पाइपलाइन में खराबी, इस क्षेत्र में तेल और गैस कंपनियों (जैसे ओएनजीसी) की कई अंडरवाटर पाइपलाइनें हैं, जिसमें दरार आने से दबाव उत्पन्न हो सकता है। तीसरा, भू-वैज्ञानिक गतिविधियां, समुद्र तल पर हलचल, छोटे भूकंप या ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण पानी का तापमान और दबाव बदल सकता है।
विशेषज्ञों ने इस घटना को लेकर चार प्रमुख खतरे भी बताए हैं। सबसे बड़ी चिंता सबमरीन गैस लीक की है, जो आग या विस्फोट का कारण बन सकती है। दूसरा, समुद्र तल पर जमा मीथेन क्लाथ्रेट्स का अचानक उत्सर्जन, जिससे पानी उबलता प्रतीत हो सकता है। तीसरा, ज्वालामुखी या विवर्तनिक गतिविधियां, जो समुद्री प्लेटों में दरारों या हलचल का संकेत देती हैं। चौथा, औद्योगिक अपशिष्ट का रिसाव, हालांकि बुलबुलों की तीव्रता इसे कम संभावित बनाती है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और तटरक्षक बल जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक बदलावों का नतीजा है या किसी औद्योगिक गतिविधि से संबंधित है। प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और समुद्र में गुजरने वाले सभी जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को इस हॉटस्पॉट से दूर रहने का निर्देश दिया है।
आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026

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News Desk