ब्रम्हांड से जुडी ताजा खोजने वैज्ञानिकों को किया अचंभित

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नई दिल्ली। खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड से जुड़ी ताजा एवं हैरान करने वाली खोज ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। ब्रम्हांड में पृथ्वी से करीब 731 प्रकाश वर्ष दूर आरएक्सजे0528प्लस2838 नामक एक सफेद बौने तारे के चारों ओर एक चमकता हुआ नेबुला देखा गया है। यह नेबुला देखने में इंद्रधनुष जैसा प्रतीत होता है। यह खोज इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि सफेद बौने तारे को आमतौर पर ‘मृत तारा’ माना जाता है, जिनमें ऊर्जा उत्पादन की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं होती। इसके बावजूद इस तारे के आसपास पिछले करीब 1000 वर्षों से बना हुआ एक रहस्यमय ‘बो शॉक’ नजर आया है, जिसने अब तक के खगोलीय सिद्धांतों को चुनौती दे दी है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य जैसे तारे अपना ईंधन पूरी तरह खत्म कर लेते हैं, तो वे सिकुड़कर सफेद बौने तारे बन जाते हैं। इन तारों में नाभिकीय संलयन बंद हो जाता है, जिससे इन्हें शांत और निष्क्रिय माना जाता है। आरएक्सजे0528प्लस2838 भी आकार में पृथ्वी के बराबर है, लेकिन इसका द्रव्यमान सूर्य जितना है।
आम परिस्थितियों में ऐसे तारे किसी खास चमक या गतिविधि का प्रदर्शन नहीं करते, लेकिन इस तारे के चारों ओर दिखाई दे रहा चमकदार घेरा वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बन गया है। यह चमकता हुआ घेरा गैस और धूल के टकराव से बना ‘बो शॉक’ है, जो आमतौर पर तेज गति से चलने वाले सक्रिय खगोलीय पिंडों के आसपास देखा जाता है। डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तारे के पास न तो कोई ऊर्जा पैदा करने वाली डिस्क है और न ही ऐसा कोई स्पष्ट स्रोत, जो इतनी लंबी अवधि तक इस चमक को बनाए रख सके। इसके बावजूद यह संरचना एक सहस्राब्दी से स्थिर बनी हुई है, जो इसे और भी रहस्यमय बना देती है। वैज्ञानिकों ने इसकी एक संभावित वजह अत्यंत शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को माना है।
अनुमान है कि इस सफेद बौने तारे का चुंबकीय क्षेत्र अपने साथी तारे से निकलने वाले पदार्थ को बिना किसी डिस्क के सीधे अपनी सतह की ओर खींच रहा है। यही प्रवाह अंतरिक्ष में मौजूद गैस और धूल से टकराकर ऊर्जा उत्पन्न कर रहा है, जिससे यह बो शॉक बन रहा है। हालांकि मौजूदा सिद्धांतों के अनुसार ऐसा प्रवाह अधिकतम 100 वर्षों तक ही टिक सकता है, जबकि यहां यह प्रक्रिया उससे दस गुना अधिक समय से जारी है। पोलैंड के निकोलस कोपरनिकस एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर के वैज्ञानिक क्रिस्टियन इल्केविक्ज के मुताबिक, यह किसी अज्ञात खगोलीय तंत्र का संकेत हो सकता है, जिसे अभी समझा जाना बाकी है।

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साबू जैकब के साथ गठबंधन, मुकाबला अब और तेज़

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नई दिल्ली। ट्वेंटी20(The Twenty20) पार्टी(party) पहली बार 2015(first came into the spotlight in 2015) में सुर्खियों में तब आई थी(She came into the spotlight when), जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत(Home constituency Kizhakkambalam Panchayat) में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20(Twenty20 in local body elections) ने तब किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतीं थीं।

इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव(assembly elections) से पहले केरल की राजनीति(Kerala politics) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गारमेंट्स कंपनी किटेक्स(Garments company Kitex) (KITEX) समूह द्वारा 2013 में स्थापित ‘ट्वेंटी20 पार्टी’ अब आधिकारिक तौर पर भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन गई है। इस फैसले से केरल में NDA को आगामी विधानसभा चुनावों में अहम बढ़त मिलने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस गठबंन से बीजेपी को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी मजबूती मिली है। उनका कहना है कि एर्नाकुलम में अब नया सियासी मोर्चा खुल सकता है।

इस गठबंधन की घोषणा आज (गुरुवार, 22 जनवरी को) भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और ट्वेंटी20 पार्टी के अध्यक्ष साबू एम. जैकब (किटेक्स के प्रबंध निदेशक) ने संयुक्त रूप से की। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी तिरुवनंतपुर दौरे के दौरान साबू जैकब भी मंच साझा करेंगे। इस दौरान भाजपा शासित नगर निगम के लिए विकास योजनाओं का अनावरण किया जाएगा, जो स्थानीय निकाय चुनावों में किया गया अहम वादा है।

कौन हैं साबू जैकब और उनकी पार्टी ट्वेन्टी20
ट्वेंटी 20 (Twenty20) केरल में स्थित एक पंजीकृत राजनीतिक दल है, जिसकी शुरुआत 2013 में कोच्चि के पास किझक्कमबलम (Kizhakkambalam) ग्राम पंचायत में एक गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन के रूप में हुई थी। साबू एम. जैकब (Sabu M. Jacob) इसके संस्थापक अध्यक्ष हैं। उनके ही नेतृत्व में यह पाटी काम करती है। जैकब बच्चों के कपड़े बनाने वाली प्रमुख कंपनी काइटेक्स ग्रुप (Kitex Group) के MD भी हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत मूल रूप से कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के रूप में की थी।

किझक्कंबलम से सियासी पहचान
ट्वेंटी20 पार्टी पहली बार 2015 में सुर्खियों में तब आई थी, जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थापना के दो साल बाद के स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20 ने किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतकर सुर्खियां बटोरीं थीं। 2020 और 2025 के स्थानीय चुनावों में इसने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अन्य पड़ोसी पंचायतों (जैसे ऐक्करानाडु और मझावन्नूर) में भी जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने तीसरी बार इस पंचायत पर कब्जा बरकरार रखा है।

कभी खिलाफ में एक हो गई थी कांग्रेस-भाजपा
दिलचस्प बात यह रही कि किझक्कंबलम में कांग्रेस, CPI(M) और बीजेपी ने कई वार्डों में साझा निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे, ताकि ट्वेंटी20 को हराया जा सके। बावजूद इसके, ट्वेंटी20 ने संयुक्त हमले को नाकाम कर दिया। पार्टी का दावा है कि उसके शासित पंचायतों में भ्रष्टाचार खत्म किया गया और विकास व कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे उसे जनता का मजबूत समर्थन मिला।

तेजी से बढ़ता जनाधार
किझक्कंबलम के अलावा, ट्वेंटी20 अब एक और पंचायत पर शासन कर रही है, और एक स्थानीय निकाय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। ये सभी क्षेत्र कुन्नथुनाड विधानसभा सीट के अंतर्गत आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व फिलहाल CPI(M) के पास है। इससे पहले, 2022 में इस पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ ‘पीपुल्स वेलफेयर अलायंस’ बनाया था, जो बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण टूट गया। इस पार्टी का कोई पारंपरिक राजनीतिक झुकाव नहीं है; यह खुद को पारंपरिक दलों (LDF और UDF) के विकल्प के रूप में पेश करती है और इसका पूरा ध्यान ‘कॉर्पोरेट-शैली’ के प्रबंधन और लोक कल्याण पर है।

BJP के लिए रणनीतिक फायदा
पिछले विधानसभा चुनावों में कुन्नथुनाड में ट्वेंटी20 की मौजूदगी का फायदा CPI(M) को मिला था, क्योंकि इसने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई थी। उस क्षेत्र में बीजेपी अब तक बड़ा खिलाड़ी नहीं रही है लेकिन अब ट्वेंटी20 के NDA में शामिल होने से बीजेपी को एर्नाकुलम जिले में नया सियासी मैदान मिल गया है। इससे कांग्रेस और वाम मोर्चे—दोनों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। भाजपा इस गठबंधन के माध्यम से मध्य केरल के ईसाई मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाना चाहती है, जो पारंपरिक रूप से ट्वेंटी 20 और साबू जैकब (जो जैकोबाइट समुदाय से हैं) का समर्थन करते रहे हैं। 2021 के चुनावों में ट्वेंटी 20 ने केवल 8 सीटों पर लड़कर 15.3% वोट हासिल किए थे। 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भी इसने औसत 12% वोट शेयर बरकरार रखा, जिसका लाभ अब NDA को मिलने की उम्मीद है।

पहले भी आजमा चुकी है किस्मत
ट्वेंटी20 ने 2021 के विधानसभा चुनावों में एर्नाकुलम की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों जैसी सफलता वह दोहरा नहीं पाई थी। NDA में शामिल होने के बाद पार्टी की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल, ट्वेंटी20 का NDA में शामिल होना केरल की राजनीति में तीसरे विकल्प को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यह गठबंधन आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा या नहीं, यह तो वक्त बताएगा—लेकिन इतना तय है कि राज्य की सियासत अब और दिलचस्प और त्रिकोणात्मक होती जा रही है।

IPL 2026 से बदलेगा विराट कोहली की RCB का ऑनर? अदार पूनावाला के पोस्ट ने मचाई हलचल

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया ने गुरुवार को उस समय रफ्तार पकड़ी जब अदर पूनावाला ने कहा कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम के लिए एक “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स मौजूदा आईपीएल चैंपियन हैं और लीग की 10 टीम में संभवत: सबसे ज्यादा प्रशंसक उनकी टीम के ही है। पुणे स्थित वैक्सीन निर्माता ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदर पूनावाला ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक आरसीबी के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।”

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उन्होंने हालांकि बोली की समय-सीमा या संभावित राशि जैसे विवरण साझा नहीं किए। यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी क्योंकि आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है।‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार (लगभग 105 मिलियन डॉलर मूल्य की) आरसीबी के लिए नए मालिक की तलाश की प्रक्रिया नवंबर पिछले साल शुरू हुई थी। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) इस पहल के पीछे है। यूएसएल वैश्विक पेय कंपनी डियाजियो की भारतीय इकाई है।

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आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान चार जून को हुई भगदड़, जिसमें 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी। इसके बाद टीम की बिक्री की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया था।यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबारी साम्राज्य के पतन के बाद आरसीबी को उनके मूल मालिक से अधिग्रहित किया था।पूनावाला का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में आरसीबी अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु से बाहर खेल सकती है।पुणे, मुंबई और रायपुर ने सात घरेलू मुकाबलों की मेजबानी के लिए फ्रेंचाइजी से संपर्क किया है।कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने बुधवार को आरसीबी प्रबंधन से घरेलू मैच बेंगलुरु में ही रखने का आग्रह किया था और एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षा व सुविधाओं में किए गए सुधारों का हवाला दिया था।आरसीबी ने इसके जवाब में कहा, ‘‘ अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार किए जाने की जरूरत है। हम सभी हितधारकों से मिले सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और हमारे प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार फैसला लिया जा सके।”पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की कंपनी होम्बले फिल्म्स भी आरसीबी के स्वामित्व की दौड़ में शामिल मानी जा रही है।होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है। इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पंजाब कांग्रेस में मची खींचतान के बीच शीर्ष नेतृत्व ने चेताया कहा- सार्वजनिक बयानबाजी की तो होगी कार्रवाई

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ़ कर दिया कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। साथ ही पार्टी ने नेताओं को सख़्त हिदायत दी है कि संगठन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक मंचों, मीडिया या सोशल मीडिया में बयान न दें। ऐसे सभी विषय केवल पार्टी के आंतरिक मंचों और उच्च नेतृत्व के समक्ष ही रखे जाएं। उल्लेखनीय है प्रदेश के नेताओं के बीच मची खींचतान से शीर्ष नेतृत्व इस बार तुरंत अलर्ट हुआ। प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने आलाकमान से दखल की अपील की। लिहाजा, राज्य के बड़े नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पंजाब से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा के.पी. सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही, जिसमें पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने दो टूक कहा कि पंजाब में नेतृत्व बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है और संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अनुशासन पर ज़ोर देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी नेता पार्टी के आंतरिक मामलों पर मीडिया या सोशल मीडिया में बयान जारी नहीं करेगा। ऐसे सभी मुद्दे केवल पार्टी के मंचों पर ही उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंजाब के करीब 30 नेताओं द्वारा हाईकमान से मिलने का समय मांगे जाने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि व्यक्तिगत हैसियत में कोई भी नेता हाईकमान के किसी भी सदस्य से मिलने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाज़ी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दलितों और वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व दिए जाने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी समाज के सभी वंचित और हाशिए पर पड़े वर्गों—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को देशभर में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने भी बैठक को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि चर्चा करीब तीन घंटे तक चली और इसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम जनभावना यह है कि लोग कांग्रेस को दोबारा सत्ता में देखना चाहते हैं। बघेल ने भी दोहराया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाज़ी या अनुशासनहीनता को सख्ती से रोका जाएगा।

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बेबस फडणवीस? HC की कड़ी फटकार, मंत्री पर सवाल उठाने पर भी चुप रहने की चेतावनी

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नई दिल्ली। न्यायमूर्ति माधव जामदार(Justice Madhav Jamdar) ने कहा कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री (state’s Chief Minister)इतने बेबस(helpless) हैं कि वह किसी भी मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं बोलते(he cannot speak out against any minister)? मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं(Ministers’ children commit crimes), खुलेआम घूमते हैं(roam around freely), अपने माता-पिता के संपर्क में रहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती(police are unable to find them)?

बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने महाराष्ट्र सरकार(Maharashtra government) को गुरुवार(Thursday,) को कड़ी फटकार लगाते हुए सवाल किया(On Thursday, they issued a strong reprimand and asked questions) कि क्या राज्य में कोई कानून व्यवस्था है(Is there any law and order in the state?)? अदालत ने साथ ही कहा कि(The court also said that) मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती। अदालत (Court) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री (फडणवीस) इतने बेबस हैं कि वह उस मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते जिसका बेटा आपराधिक मामले में नाम आने के बाद फरार हो गया है।
न्यायमूर्ति माधव जामदार(Justice Madhav Jamdar) ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्रियों के बच्चे ‘अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं’ लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती। हाई कोर्ट ने शिवसेना के नेता एवं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।

महाड नगर परिषद चुनाव(Mahad Municipal Council Elections) के दौरान प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प(Violent clashes occurred between rival factions) से संबंधित एक मामले में विकास को आरोपी(Vikas is the accused) बनाया गया है। अदालत की फटकार के बाद सरकार ने आश्वासन दिया है कि मंत्री गोगावले यह सुनिश्चित करेंगे कि उनका बेटा एक दिन के भीतर आत्मसमर्पण कर दे। विकास गोगावले ने सत्र न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया है, लेकिन वह अभी भी फरार है।

न्यायमूर्ति माधव जामदार(Justice Madhav Jamdar) ने कहा, ‘‘क्या राज्य के मुख्यमंत्री इतने बेबस हैं कि वह किसी भी मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं बोलते? मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं, खुलेआम घूमते हैं, अपने माता-पिता के संपर्क में रहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती?’’ न्यायाधीश ने यह भी पूछा कि क्या राज्य में कानून व्यवस्था और कानून का शासन कायम है। राज्य के महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने अदालत में कहा कि मंत्री गोगावले अपने बेटे से बात करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वह शुक्रवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दे।

उच्च न्यायालय ने महाधिवक्ता साठे(High Court appointed Advocate General Sathe) से कहा, ‘उसे (विकास गोगावले) कल की सुनवाई से पहले आत्मसमर्पण करने के लिए कहो।’’ इससे पहले अदालत ने चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस विकास गोगावले को गिरफ्तार करने में विफल रहती है तो उसे आदेश पारित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। न्यायमूर्ति जामदार ने कहा, ‘‘आप पर (पुलिस पर) दबाव हो सकता है, अदालत पर नहीं।’’

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले(Raigad district of Maharashtra) के महाड में दो दिसंबर को हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। शिंदे और पवार दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

क्या RCB के विजय रथ को रोक पाएगी जेमिमा रोड्रिग्स की DC? अब तक अजेय है स्मृति मंधाना की

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NDNRदिल्ली कैपिटल्स को महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए शनिवार को वडोदरा में शानदार फॉर्म में चल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

उत्तराखंड को 33 रन की बढ़त

दिल्ली कैपिटल्स ने अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस को सात विकेट से हराकर वापसी के संकेत दिए थे और वह चार अंक के साथ तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई।

WPL 2026 में अब तक अजेय है RCB

हालांकि इस चरण में अब तक अजेय रही आरसीबी को हराने के लिए दिल्ली को अपने खेल का स्तर और ऊंचा करना होगा।अब तक दिल्ली की बल्लेबाजी की अगुआई अनुभवी लिजेल ली (213 रन) ने की है जबकि लॉरा वोलवार्ट (123 रन) और शेफाली वर्मा (149 रन) ने बीच-बीच में उनका सहयोग किया है।लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स की फॉर्म चिंता का विषय रही है।मुंबई के खिलाफ जीत में रोड्रिग्स ने नाबाद अर्धशतक लगाकर कुछ हद तक चिंताओं को दूर किया था और आरसीबी के खिलाफ भी उनसे एक और मजबूत पारी की उम्मीद होगी।

दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी कमजोर कड़ी

गेंदबाजी विभाग में भी दिल्ली को कुछ कमियों को दूर करना होगा। बड़े नाम होने के बावजूद अब तक उनकी गेंदबाजी की अगुआई ‘अनकैप्ड’ (जिसने कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला हो) तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने की है।चंडीगढ़ की इस खिलाड़ी ने पांच मैच में 8.7 की इकॉनोमी से 10 विकेट लिए हैं। लेकिन भारतीय स्पिनर श्री चरणी (सात विकेट) और स्नेह राणा (एक विकेट) अभी अपनी लय में नहीं आ पाई हैं।दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी तेज गेंदबाज मरीजान काप (चार विकेट) भी अब तक ज्यादा असर नहीं छोड़ पाई हैं, हालांकि उनकी 5.25 इकॉनोमी शानदार रही है।दिल्ली के गेंदबाजों को आरसीबी की अनुभवी और दमदार बल्लेबाजी लाइनअप के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

स्मृति मंधाना की अगुआई में शानदार फॉर्म में RCB की बल्लेबाज

आरसीबी के शीर्ष क्रम में कप्तान स्मृति मंधाना और ग्रेस हैरिस की मजबूत मौजूदगी रही हैं जबकि नादिन डि क्लर्क और ऋचा घोष ने हमेशा की तरह मध्य और निचले क्रम को संभाला है।गुजरात जायंट्स के खिलाफ 73 रन की शानदार पारी खेलने वाली गौतमी नाइक ने भी आरसीबी की बल्लेबाजी को और मजबूती दी है।पूर्व चैंपियन आरसीबी की गेंदबाजी भी बेहतरीन फॉर्म में है। सयाली सतघरे, डि क्लर्क, लॉरेन बेल और श्रेयंका पाटिल लगातार विकेट ले रही हैं तथा पांच मैचों में उनकी इकॉनोमी क्रमशः 8, 6.9, 5.4 और 8.9 रही है।पहले ही 10 अंक के साथ प्लेऑफ में जगह बना चुकी आरसीबी तालिका में शीर्ष पर बने रहने और सीधे फाइनल में प्रवेश के करीब पहुंचने के लिए एक और जीत दर्ज करना चाहेगी।स्मृति मंधाना (कप्तान), ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, जॉर्जिया वोल, नादिन डि क्लर्क, राधा यादव, लॉरेन बेल, लिंडसे स्मिथ, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, पूजा वस्त्राकर, ग्रेस हैरिस, गौतमी नाइक, प्रत्युषा कुमार, डी हेमालता, सयाली सतघरे।जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), शेफाली वर्मा, मरीजान काप, निकी प्रसाद, लौरा वोलवार्ट, चिनेल हेनरी, श्री चरणी, स्नेह राणा, लिजेल ली, दीया यादव, तानिया भाटिया, ममता मडिवाला, नंदिनी शर्मा, लूसी हैमिल्टन, मीनू मणि, अलाना किंग।
 

SIR पर ममता बनर्जी का तीखा हमला, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने नेताजी की जयंती के बहाने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर जैसे राष्ट्रीय महापुरुषों के अपमान करने का आरोप लगाया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती यानी पराक्रम दिवस पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री बनर्जी ने केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों पर देश के इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।ममता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “भारत के इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की जा रही है। संतों और महापुरुषों का अपमान किया जा रहा है, चाहे वह महात्मा गांधी हों, रवींद्रनाथ टैगोर हों, नेताजी सुभाष चंद्र बोस हों, या बाबासाहेब अंबेडकर हों। उनके और भाषा के प्रति असहिष्णुता, आपत्तिजनक टिप्पणियां, कृतघ्नता और अनादर बढ़ रहे हैं। क्या बंगाल इसे स्वीकार करेगा?” उन्होंने भाजपा पर इतिहास को विकृत करने का भी गंभीर आरोप लगाया है और कहा कि देश की विरासत, संस्कृति और संविधान पर लगातार हमला हो रहा है।

‘दिल्ली बना साजिशों का शहर’

नेताजी के प्रसिद्ध नारे ‘दिल्ली चलो’ का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज की ‘दिल्ली’ बंगाल के खिलाफ साजिशें कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज दिल्ली ‘चक्रांतनगरि’ बन चुकी है। यह हमेशा बंगाल के खिलाफ साजिश करती है। हम अपनी भाषा, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट होंगे।” उन्होंने बोस की आजाद हिंद फौज को धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का प्रतीक बताया।

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नेताजी की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश क्यों नहीं?

ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि नेताजी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की जयंती को अब तक राष्ट्रीय अवकाश क्यों नहीं घोषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को तोड़ रही है। उन्होंने कहा, “नेताजी से लेकर सरदार पटेल तक, जिन लोगों ने आजाद भारत का सपना देखा था, उनके सपने आज चकनाचूर किए जा रहे हैं। एक ऐसा इतिहास थोपा जा रहा है, जिसका हमारे देश के असली इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “संविधान का अपमान हो रहा है। लोगों से उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। लोकतंत्र को निर्वस्त्र किया जा रहा है।”

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वोटर लिस्ट संशोधन पर चुनाव आयोग पर निशाना

ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी आज ज़िंदा होते, तो शायद उनसे भी नागरिकता साबित करने को कहा जाता। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “अगर सुभाष चंद्र बोस आज होते, तो उन्हें भी SIR की सुनवाई के लिए बुलाया जाता और पूछा जाता कि आप भारतीय हैं या नहीं।” ममता ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान 110 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को लेनी चाहिए।

नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग

इससे पहले दिन में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी सरकार ने बहुत पहले ही राज्य के अभिलेखागार में मौजूद सभी फाइलें जनता के सामने रख दी थीं। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य की बात है कि 1945 के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, यह रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाया। यह पूरे देश के लिए दुख की बात है। मैं फिर केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि नेताजी से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं।” बहरहाल, ममता बनर्जी के इस भाषण को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। नेताजी की विरासत, बंगाल की अस्मिता और संविधान को केंद्र में रखकर उन्होंने बीजेपी पर सीधा हमला बोला है, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है।

लाफ्टर शेफ्स पर काजू का चेहरा रिवील करेंगी भारती सिंह? प्रोमो देख एक्साइटेड हुए फैंस

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भारती सिंह बेटे को जन्म देने के बाद एक बार फिर लाफ्टर शेफ्स होस्ट करती नजर आएंगी।शो के अपकमिंग एपिसोड का प्रोमो भी सामने आया है। प्रोमो में भारती सिंह व्हीलचेयर पर आती हैं, उनके हाथ में पूरा कवर हुए एक नन्हे मेहमान सा कुछ नजर आता है। शो के कंटेस्टेंट्स कहते हैं कि भारती काजू को लेकर आई हैं। इस प्रोमो को देखने के बाद फैंस अपकमिंग एपिसोड देखने के लिए बहुत उत्साहित हैं।

बच्चे की मुंह दिखाई तो कर, भारती से बोले अली

प्रोमो में देखने को मिलता है कि भारती सिंह व्हीलचेयर पर आती हैं। भारती के हाथ में एक पूरा ढका हुआ बच्चा होता है। अली भारती से कहते हैं कि बच्चे की मुंह दिखाई तो कर। भारती कहती हैं कि मुंह दिखाई नहीं होगी, सिर्फ पैर दिखाई होगी। इसपर अभिषेक कहते हैं कि दिखा दो, इंटरनेट पर इतना ट्रेंड कर रहा है। अभिषेक के कहने पर भारती मान जाती हैं।

अपकमिंग एपिसोड को लेकर फैंस उत्साहित

इसके बाद भारती बच्चे की नजर उतारती नजर आती हैं। फिर वो बच्चे से कवर हटाने लगती हैं। भारती जब ये कर रही होती हैं तब सब लोग काजू का नाम ले रहे होते हैं। फैंस इस प्रोमो को देखने के बाद एपिसोड को लेकर काफी उत्साहित हैं।

क्या भारती ने किया कोई प्रैंक?

फैंस को लग रहा है कि भारती सिंह कलर्स टीवी पर काजू का चेहरा रिवील करेंगी। हालांकि, प्रोमो से ये साफ नहीं है कि भारती सिंह वाकई काजू को लेकर पहुंची हैं या कोई प्रैंक कर रही हैं। बता दें, भारती सिंह ने अभी तक अपने बच्चे का चेहरा रिवील नहीं किया है। अस्पताल से बनाए व्लॉग में भारती और हर्ष ने कहा था कि वो अभी चेहरा रिवील नहीं कर रहे हैं क्योंकि घर में लोग मना करते हैं, लेकिन वो जल्द ही बच्चे का चेहरा अपने फैंस को दिखाएंगे।

BJP ने कांग्रेस से पूछा, थरूर को अब मिलेगा ‘फतवा’? गौतम गंभीर की प्रशंसा पर बवाल

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नई दिल्ली। क्रिकेट के शौकीन(Cricket enthusiast) थरूर(Tharoor) ने नागपुर(Nagpur) में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच(T20 International match against New Zealand) से पहले गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज(Former Indian opening batsman) की लगातार आलोचनाओं के बावजूद(Despite constant criticism) अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उनकी तारीफ की। कांग्रेस सांसद शशि थरूर(Congress MP Shashi Tharoor) ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर(Indian cricket coach Gautam Gambhir) की तारीफ कर दी। नागपुर में हुई इस मुलाकात को लेकर(Regarding this meeting that took place in Nagpur) अब

भारतीय जनता पार्टी(Bharatiya Janata Party) ने कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि अब कांग्रेस इसके चलते थरूर के खिलाफ फतवा जारी कर सकती है। कांग्रेस सांसद ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद गंभीर के पास सबसे मुश्किल काम है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, ‘पता नहीं कांग्रेस को कौन सी बात ज्यादा गुस्सा दिलाएगी। थरूर का नागपुर जाना, थरूर का गौतम गंभीर से मिलना और उनकी तारीफ करना या थरूर का इस बात को मानना की भारत में पीएम मोदी के पास सबसे मुश्किल काम है। यह देखते हुए कि भारत के हितों से पहले परिवार के हितों को रखने वाला विपक्ष उनपर सवाल उठाता है।’पूनावाला ने लिखा, ‘ऐसा लगता है कि यह तीसरा पॉइंट हो सकता है। क्या थरूर के खिलाफ एक और कांग्रेस फतवा जारी होने वाला है?’

थरूर ने की थी गंभीर की तारीफ
क्रिकेट के शौकीन थरूर ने नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज की लगातार आलोचनाओं के बावजूद अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उनकी तारीफ की।

उन्होंने लिखा था, ‘नागपुर में पुराने दोस्त गौतम गंभीर के साथ खुलकर और अच्छी बात हुई, जो भारत के प्रधानमंत्री के बाद सबसे मुश्किल काम करने वाले इंसान हैं। लाखों लोग रोज उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वह शांत रहते हैं और बगैर डरे आगे बढ़ते हैं। उनकी शांत दृढ़ता और नेतृत्व तारीफ के काबिल हैं। उन्हें सभी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।’

गंभीर ने इस पर देर रात जवाब दिया और उन कुछ चर्चाओं का जिक्र किया जो उनके कार्यकाल में हावी रही हैं। गंभीर ने एक्स पर लिखा, ‘डॉ शशि थरूर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। जब मामला शांत हो जाएगा तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ को लेकर सच्चाई और तर्क स्पष्ट हो जाएंगे। तब तक मुझे खुद के खिलाफ खड़ा देखकर हंसी आ रही है।’

 

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News Desk

मनोज तिवारी का बड़ा दावा

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भारतीय : क्रिकेट में विराट कोहली के टेस्ट संन्यास को लेकर नई बहस छिड़ गई है। पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने संजय मांजरेकर के दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि कोहली ने ‘कठिन फॉर्मेट’ छोड़कर ‘आसान फॉर्मेट’ वनडे चुना। तिवारी का मानना है कि कोहली को टेस्ट टीम छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

“मजबूर किया गया था”—तिवारी की सफाई

तिवारी ने कहा, “मैं मांजरेकर से सहमत नहीं हूँ। ऐसा माहौल बनाया गया कि उन्हें टेस्ट को अलविदा कहना पड़ा। फैसला भले ही उनके मुंह से निकला, लेकिन पर्दे के पीछे जो हुआ, उसे सब जानते हैं। यह कहना कि उन्होंने सिर्फ रनों के लिए टेस्ट छोड़ा, सही नहीं है।”

वनडे में विराट का जलवा

जहां टेस्ट संन्यास पर विवाद जारी है, वहीं कोहली ने वनडे में अपने बल्ले से जवाब दिया। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई सीरीज में उन्होंने 108 गेंदों में 124 रन की तूफानी पारी खेली। 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने भारतीय टीम को संभाले रखा। उनकी शानदार कवर ड्राइव और पुल शॉट्स के मिश्रण ने फिर साबित किया कि उनका क्लास आज भी बरकरार है।

कोहली के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई। इससे स्पष्ट होता है कि कोहली की बल्लेबाजी अभी भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।