आ गईं ‘द 50’ के महल की तस्वीरें, 1 फरवरी से शुरू होगा रिएलिटी शो

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 रिएलिटी शो ‘द 50’ 1 फरवरी से ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर शुरू होने वाला है। शो के कॉन्सेप्ट के मुताबिक, 50 दिनों तक 50 सेलेब्स एक घर के अंदर रहेंगे और टास्क परफॉर्म करेंगे। जब लोगों को शो का कॉन्सेप्ट पता चला तब वे इसे ‘बिग बॉस’ से कम्पेयर करने लगे। हालांकि, सामने आईं तस्वीरों से साफ हो गया है कि ‘द 50’, ‘बिग बॉस’ से बहुत अलग है। आइए आपको भी ‘द 50’ के महल की तस्वीरें दिखाते हैं।ये ‘द 50’ का महल है। इसमें दो फ्लोर हैं। इसे महल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसके हर एक कोने को राजा-महाराजाओं के महल की तरह सजाया गया है। महल को राजस्थानी टच दिया गया है।‘द 50’ के महल के अंदर 50 लोगों के लिए 6 बेडरूम्स तैयार किए गए हैं। चार बेडरूम्स नीचे हैं और दो बेडरूम्स ऊपर हैं। हर बेडरूम अलग है। कुछ बेडरूम्स में चार बेड्स हैं। वहीं कुछ में छह बेड्स हैं।‘द 50’ के महल में बहुत सारे सीटिंग एरिया हैं। खास बात ये है कि ये सारे सीटिंग एरिया ओपन हैं। इन सीटिंग एरिया में कंटेस्टेंट्स बैठकर स्ट्रैटजी बना सकते हैं। बता दें, ये खेल रिश्तों का नहीं, स्ट्रेन्थ का है। इसमें आपको अपनी पर्सनैलिटी नहीं दिखानी है, टास्क जीतने हैं।‘द 50’ के महल में कोई किचन नहीं है। मतलब इस रिएलिटी शो में किचन पॉलिटिक्स देखने को नहीं मिलेगी। ऊपर दी गई तस्वीर में जो आप एरिया देख रहे हैं वो डायनिंग हॉल है। यहीं पर कंटेस्टेंट्स के लिए खाना आएगा।वहीं ये महल का वॉशरूम एरिया है। महल में एक डेंजर जोन भी हैं जहां उन कंटेस्टेंट्स को रखा जाएगा जो एलिमिनेट होने के लिए नॉमिनेट होंगे।

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News Desk

टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन एकदम सेट, मगर एक पायदान के लिए हैं 2 दावेदार

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टीम इंडिया को आज यानी बुधवार 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलनी है। पहला मुकाबला नागपुर में खेला जाना है। इस मुकाबले के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन वैसे तो सेट है, लेकिन एक पायदान के लिए जबरदस्त माथापच्ची कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव को करनी होगी। नंबर 3 की पोजिशन के बारे में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि तिलक वर्मा की जगह ईशान किशन खेलेंगे, जो कि टी20 वर्ल्ड कप 2025 की टीम का भी हिस्सा हैं। ऐसे में श्रेयस अय्यर को बाहर बैठना होगा।ऐसे में नंबर एक से नंबर 7 तक हर एक बल्लेबाज फिट है। जिसमें ओपनर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा होंगे। नंबर 3 पर ईशान किशन, 4 पर कप्तान सूर्यकुमार यादव, 5 पर हार्दिक पांड्या, 6 पर शिवम दुबे और 7 पर ऑलराउंडर और उपकप्तान अक्षर पटेल होंगे। असली लड़ाई 8 नंबर के लिए है, जिसके बारे में आगे बात करेंगे, लेकिन इससे पहले जान लीजिए कि जसप्रीत बुमराह 9वें नंबर पर होंगे, 10वें पर अर्शदीप सिंह और 11वें नंबर पर वरुण चक्रवर्ती खेलते हुए नजर आएंगे।बात अगर नंबर 8 की करें तो इसके लिए दो खिलाड़ी दावेदार है, जिसमें एक हैं कुलदीप यादव और दूसरे रिंकू सिंह। अगर आपको गेंदबाजी में थोड़ा सा कॉम्प्रोमाइज करना है तो आप एक एक्स्ट्रा बल्लेबाज और फिनिशर के तौर पर रिंकू सिंह को खिला सकते हैं, लेकिन आपको अगर प्रोपर स्पिन और विकेट टेकिंग ऑप्शन चाहिए तो फिर आपको कुलदीप यादव के साथ जाना चाहिए। इसके अलावा कुलदीप को खिलाने का विकल्प ये भी है कि आप अर्शदीप सिंह को बाहर करो और हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे से उम्मीद करो कि ये कम से कम 4 से 6 ओवर अच्छे निकालकर दें, बाकी की कमी कुलदीप, अक्षर, वरुण और बुमराह पूरी करें। आप शिवम दुबे की जगह पर भी रिंकू सिंह को मौका दे सकते हैं कुलदीप और वरुण, अर्शदीप और बुमराह को साथ खिला सकते हैं।

टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन

संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव/रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती

गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के हाईटेक इंतजाम, पहली बार AI वीडियो, कार-कॉलिंग का इस्तेमाल

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नई दिल्ली। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) और बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat ceremony) के लिए कड़ी सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही के आधुनिक इंतजाम किए हैं। पहली बार एआई आधारित वीडियो (AI-based Video) के जरिए लोगों को पार्किंग और रास्तों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही समारोह के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार-कॉलिंग प्रणाली शुरू की गई है। इसकी मदद से लाउडस्पीकर के माध्यम से वाहनों को मौके पर बुलाया जाएगा। गूगल मैप्स का भी सहारा लिया जा रहा है और सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। सहायता केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 12 कर दी गई है।

पहली बार एआई वीडियो का इस्तेमाल
ट्रैफिक पुलिस ने पहली बार एआई की मदद से विस्तृत एनिमेटेड वीडियो बनाए हैं जिनमें मेहमानों के आनेए गाड़ी से उतरने और पार्किंग की पूरी योजना दिखाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक इन वीडियो का मकसद आने वाले लोगों को पहले से ही रास्तों और पार्किंग की व्यवस्था की जानकारी देना है।

कैसे उपलब्ध होंगे ये VIDEO
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं और मेहमान इन्हें अपने पार्किंग पास पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी देख सकते हैं। इन वीडियो में कार्यक्रम के दिन कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने, वाहन से उतरने और पार्किंग करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।

पार्किंग के लिए कुल 22 स्थान
पुलिस के अनुसार, पार्किंग व्यवस्था के लिए कुल 22 स्थान बनाए गए हैं जहां करीब 8,000 वाहन खड़े किए जा सकते हैं। हर साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए लगभग 77,000 पास जारी किए जाते हैं जिनमें से करीब 8,000 पास उन लोगों के लिए होते हैं जो अपने निजी वाहनों से आते हैं।

सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल बस सेवा
इस साल एक नई पहल करते हुए गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल बस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से चलाई जाएगी जो हर 10 मिनट में उपलब्ध होगी ताकि कर्मी अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें।

गूगल मैप करेगा मदद
आमंत्रित मेहमान और टिकट धारक गणतंत्र दिवस पर अपने तय पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप या मैप प्लस का सहारा ले सकते हैं। ये डिजिटल प्लेफॉर्म कर्तव्य पथ तक जाने के लिए सही रास्ते और आवंटित पार्किंग की सटीक जानकारी देंगे।

इस साल 12 सहायता केंद्र
अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस ने जमीनी स्तर पर भी मदद के इंतजाम बढ़ाए हैं। इस साल मुख्य जगहों पर 12 सहायता केंद्र बनाए गए हैं जबकि पहले इनकी संख्या महज दो थी। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी पार्किंग, पैदल रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।

इस बार कार कॉलिंग व्यवस्था
समारोह खत्म होने के बाद भीड़ से बचने और मेहमानों की सुरक्षित वापसी के लिए इस साल कार कॉलिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इसके जरिए मेहमान बाहर निकलते समय वहां मौजूद अधिकारी को जानकारी देंगे जिसके बाद पार्किंग में लगे लाउडस्पीकर से गाड़ी का नंबर या ड्राइवर का नाम पुकारा जाएगा।

काम करेगा स्पेशल कंट्रोल रूम
ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए 26 जनवरी को एक विशेष नियंत्रण कक्ष काम करेगा जिसमें पुलिस, दमकल और अन्य इमरजेंसी सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें और आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल मैप का इस्तेमाल करें

 

 

Why Parents in Faridabad Trust Early Progressions Led by Gaurav Marwaha

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Trust is built through results, values, and transparency—and that is why parents in Faridabad place their confidence in Early Progressions, led by Gaurav Marwaha. The institution is known for its holistic approach to child development and future readiness.

Gaurav Marwaha’s mentoring philosophy focuses on discipline, personalized attention, and continuous improvement. At Early Progressions, children are guided not only to perform well academically but also to develop confidence, communication skills, and emotional balance.

Parents appreciate the structured programs that combine scholastic learning with personality development. The environment encourages children to express themselves, think critically, and adapt to challenges with resilience.

With a strong foundation in education and leadership, Gaurav Marwaha ensures that Early Progressions maintains high standards of learning and ethics. This commitment has earned the trust of families across Faridabad, making Early Progressions a preferred choice for quality education.

Gaurav Marwaha: Shaping Young Minds for a Brighter Tomorrow
The Visionary Academic, Mentor, and Multifaceted Leader Transforming Future-Ready Education

In an era where education demands more than textbooks and grades, Gaurav Marwaha emerges as a powerful force redefining how young minds are nurtured for the future. A visionary academician, mentor, and early-years education consultant, Gaurav Marwaha is widely admired by parents, students, and professionals for his unwavering commitment to excellence, discipline, and holistic development.

With a rare blend of academic brilliance, corporate leadership, and human-centered mentorship, Gaurav Marwaha has become a trusted name in personality development, scholastic excellence, and future-ready education.

A Journey Rooted in Discipline and Excellence

Gaurav Marwaha’s inspiring journey is built on strong foundations of discipline and leadership. A distinguished academic achiever, his early association with the armed forces played a pivotal role in shaping his values—instilling resilience, integrity, and a results-driven mindset.

Transitioning into the corporate world, Gaurav went on to handle high-impact leadership roles, managing major portfolios and strengthening operations for leading corporations in India and abroad. His ability to lead teams, optimize systems, and deliver consistent results earned him recognition as a dependable and forward-thinking professional.

Yet, beyond corporate success, his deeper calling always remained education and mentorship.

The Mentor Behind Many Success Stories

Renowned as a mentor who genuinely invests in people, Gaurav Marwaha has guided and nurtured countless individuals across academic and professional domains. His mentoring style combines strategic thinking with empathy, helping mentees discover clarity, confidence, and purpose.

From young professionals to aspiring leaders, many credit Gaurav’s counselling, encouragement, and structured guidance for their personal breakthroughs and career milestones. His mentorship is not limited to advice—it is a long-term partnership focused on sustainable growth and self-belief.

Early Progressions: Building “Future-Ready” Children

Marking a transformative chapter in his journey, Gaurav Marwaha founded Early Progressions, a pioneering initiative dedicated to preparing children for the challenges of tomorrow.

Over the past decade, Early Progressions has focused on developing Future-Ready Children through innovative Personality Development and Scholastic Enhancement Programs. These programs uniquely integrate skills traditionally taught during corporate on-the-job training—such as communication, critical thinking, emotional intelligence, and leadership—into early education.

By exposing students to these competencies early, Gaurav ensures that his learners stand out as confident high achievers, both academically and personally. Parents increasingly recognize Early Progressions as a trusted platform for nurturing well-rounded, capable, and resilient children.

A Multifaceted Leader Beyond the Classroom

Gaurav Marwaha’s excellence extends far beyond academics and mentorship. A true polymath, he is also an accomplished author, having written several books and research papers that contribute valuable insights to education and personal development.

In addition, he is a passionate horticulturist, finding balance and inspiration in nature, and an articulate chef, reflecting his belief that creativity and discipline can coexist beautifully. These diverse interests inspire students and mentees to pursue excellence across multiple dimensions of life, not just one career path.

Awards, Recognition, and an Enduring Legacy

Gaurav Marwaha’s impact has been recognized through numerous local and national awards, celebrating his contributions to education, mentorship, and youth development. However, his true legacy lies in the success stories of the students and professionals he has mentored.

Many young lives today stand stronger, more confident, and future-ready because of his guidance. As education continues to evolve, Gaurav Marwaha remains a beacon of inspiration, proving that with the right mentorship, vision, and values, it is possible to shape not just careers—but meaningful lives.

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नहीं है कोई ओटीटी कनेक्शन तो फ्री में देखें इंडिया में पॉप्युलर ये पाकिस्तानी ड्रामा; 62 मिलियन+ व्यूज

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पाकिस्तानी सीरियल्स के चर्चे दोस्तों से सुने हैं और देखने का मन बना लिया है तो आपके लिए एक रेकमंडेशन है। शो का नाम है कैसी तेरी खुदगर्जी और इसे 62 मिलियन से ज्याद व्यूज मिल चुके हैं। इंट्रेस्टिंग बात है कि पाकिस्तान के साथ भारत में भी इसे खूब देखा गया है। इस टीवी सीरीज की आईएमडीबी रेटिंग 8.1 है। यह साल 2022 में रिलीज हुआ था और अभी तक खूब देखा जा रहा है। शो में पाकिस्तान के पॉप्युलर एक्टर दानिश तैमूर हैं। एक्ट्रेस दुरेफिशां सलीम हैं। आइए जानते हैं क्या स्टोरी है।

इमोशंस से भरी कहानी

पाकिस्तानी ड्रामा भारतीय दर्शकों के बीच काफी पॉप्युलर हो चुके हैं। अगर आप भी ऐसा कोई ड्रामा खोज रहे हैं जो इंगेजिंग और नए एपिसोड का इंतजार ना करना पड़े तो कैसी तेरी खुदगर्जी देख सकते हैं। इसके सारे एपिसोड्स आ चुके हैं तो आप अपनी सहूलियत के हिसाब से देख सकते हैं। कहानी एक अमीर बिजनस टायकून शमशेर की है, जिसे मिडिल क्लास लड़की महक से प्यार हो जाता है। शमशेर जिद्दी और घमंडी हैका परिवार दोनों के रिश्ते के लिए राजी नहीं होता, कुछ ऐसी परिस्थितियां आती हैं कि उनका रिश्ता और उलझ जाता है। कहानी इतनी आसान नहीं है, इसमें कई ट्वि्स्ट आते हैं और महक की शादी शमशेर से हो जाती है। इसके बाद एक शॉकिंग ट्रैजिडी होती है, जिसे बताकर हम आपको स्पॉयलर नहीं देना चाहते।

टॉप 20 में नंबर 1 शो

लॉलीवुड के अपडेट्स देने वाले इंस्टाग्राम हैंडल एंटरटेनमेंट एरा के मुताबिक, कैसी तेरी खुदगर्जी पाकिस्तान के सबसे ज्यादा देखे गए शोज में से है। इसको 62 मिलियन व्यूज मिले हैं। इसमें भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के व्यूज शामिल हैं। जनवरी में पाकिस्तान के टॉप 20 ड्रामा की लिस्ट में यह नंबर 1 पर है। डेटा सोर्स सलाम लॉलीवुड इंस्टा है।

पाकिस्तान के 9 पॉप्युलर ड्रामा जिनकी भारत के लोगों को लगी लत, IMDb 9+

ये हैं टॉप 3 शोज

कैसी तेरी खुदगर्जी के बाद दूसरा नंबर खुदा और मोहब्बत 3 का है। इसे 60.8 मिलियन व्यूज मिले हैं। तीसरे नंबर पर शो तेरे बिन है जिसको 60.3 मिलियन व्यूज मिले हैं। इन टॉप 3 पाकिस्तानी ड्रामा में कांटे की टक्कर है।

आज से शुरू होगी टीम इंडिया की T20 World Cup 2026 की तैयारी, इन चुनौतियों से पाना होगा पार

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टीम इंडिया आज यानी बुधवार 21 जनवरी से T20 World Cup 2026 की तैयारी शुरू करने जा रही है। भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन है, लेकिन टीम पर दोहरा दबाव होगा। इसके पीछे का पहला कारण तो ये है कि ये टूर्नामेंट भारत की मेजबानी में हो रहा है। दूसरा ये कि भारतीय टीम को अपना टाइटल डिफेंस करना है। कोई अन्य टीम ऐसा नहीं कर पाई है, जो घर में जीती हो और टाइटल भी डिफेंस किया हो। इसी बड़े लक्ष्य को भारतीय टीम को हासिल करना है, लेकिन कुछ चुनौतियों से भी टीम इंडिया को पार पाना होगा।

मलेशिया को 102 गेंदों में 8.70 प्रति ओवर की औसत से 148 रन चाहिए

दरअसल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज आज से शुरू हो रही है, जो 7 फरवरी से शुरू हो रहे आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले टीम इंडिया की आखिरी टी20 सीरीज है। इसके बाद सीधे फिर वर्ल्ड कप ही भारत को खेलना है। भारतीय टीम दो बार की टी20 विश्व कप चैंपियन है। अच्छी बात ये है कि भारत के पास अपनी सरजमीं पर लगातार दूसरा टी20 वर्ल्ड कप और लगातार तीसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका है, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भारत ने जीती है।

क्या है भारत की चुनौती?

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है, लेकिन टी20 विश्व कप की टीम में शामिल दो खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इनमें से तिलक वर्मा पहले तीन मैचों के लिए और वॉशिंगटन सुंदर पूरी सीरीज से बाहर हैं। पहली चुनौती तो यही है कि ये खिलाड़ी कब तक फिट होंगे। वहीं, दूसरी चुनौती ये है कि भारत की प्लेइंग इलेवन कैसी होगी?क्या भारतीय टीम दो स्पिनरों वाली फिलॉसफी जारी रखेगी या फिर दो पेसर के साथ उतरेगी, जिसमें तीसरे पेसर हार्दिक पांड्या होंगे। अगर जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को साथ खिलाना है तो फिर सवाल ये रहेगा कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को आप प्लेइंग इलेवन में नहीं रख पाएंगे, क्योंकि पहले से ही अक्षर पटेल वहां आपको एक स्पिन का विकल्प देंगे, जो कि टीम के उपकप्तान भी हैं।एक चिंता ये भी है कि आप अक्षर, वरुण और कुलदीप को खिलाएंगे तो फिर फिनिशर रिंकू सिंह को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना होगा, क्योंकि दो पेसर, एक पेस ऑलराउंडर और तीन स्पिनर खेलेंगे तो फिर आप पांच ही प्रोपर बल्लेबाजों को प्लेइंग इलेवन में रख सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में इसकी झलक देखने को मिलेगी कि भारत किस तरह की रणनीति अपनाने जा रहा है।

कश्मीर में होकरसर वेटलैंड का सीमांकन शुरू, यूरोपीय प्रवासी पक्षियों का फेमस स्पॉट

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श्रीनगर: जम्मू- कश्मीर सरकार ने श्रीनगर के बाहरी इलाके में होकरसर वेटलैंड की सीमा तय करना शुरू कर दिया है. इसे 2005 में रामसर साइट के तौर पर लिस्ट किया गया था. इस पर कब्जा होने और इसके पर्यावरण के खराब होने का खतरा था.

सर्दियों के महीनों में लाखों प्रवासी पक्षियों का घर, 13.75 वर्ग किलोमीटर में फैली ‘आर्द्रभूमि की रानी’ जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से 10 किलोमीटर दूर बडगाम जिले में स्थित है. केंद्र शासित प्रदेश में सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने वेटलैंड और उससे सटे नंबली-नरकारा रिजर्व की सीमाओं का सीमांकन करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों की 16 सदस्यों की एक टीम बनाई है.

बडगाम जिले के एक बड़े रेवेन्यू कमिश्नर जिनके अधिकार क्षेत्र में यह वेटलैंड आता है, उन्होंने टीम से फील्ड सर्वे करने और वेटलैंड की सीमाओं को साफ तौर पर मार्क करने को कहा है. यह वेटलैंड सुरक्षित इकोलॉजिकल और बायो-डायवर्सिटी वाले हैबिटैट में से एक है, लेकिन इसकी मिट्टी पर कब्जे और खनन का खतरा है.

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के एक रेंज ऑफिसर की लीडरशिप में टीम में रेवेन्यू और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी होंगे जो वेटलैंड के भविष्य के प्रोटेक्शन के लिए एसीआर बडगाम को अपनी रिपोर्ट सबमिट करेंगे. अधिकारियों ने कहा कि सीमांकन की इस प्रक्रिया में राजस्व रिकॉर्ड प्रमाणीकरण, सीमा सत्यापन, भू-संदर्भन, वेटलैंड एरिया का सीमांकन, और ज़मीन के मालिकाना हक के रिकॉर्ड में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करना शामिल होगा, ताकि यह पक्का हो सके कि वेटलैंड अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियों से सुरक्षित है.

वेटलैंड का पहला सीमांकन 1935 में किया गया था और 1946 में इसे नोटिफाई किया गया था. सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण और हालात की वजह से वेटलैंड 13 वर्ग किमी से घटकर लगभग 10 वर्ग किमी रह गया है. हालांकि, अधिकारी अतिक्रमण से इनकार करते हैं और दावा करते हैं कि इसकी सुरक्षा और बचाव के लिए कदम उठाए गए हैं.

रामसर वेबसाइट के अनुसार होकरसर, झेलम बेसिन से सटा एक प्राकृतिक बारहमासी वेटलैंड है. यह कश्मीर के बचे हुए रीडबेड और साइबेरिया, चीन, मध्य एशिया और उत्तरी यूरोप से आने वाले लार्ज इग्रेट, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, लिटिल कॉर्मोरेंट, कॉमन शेल्डक, टफ्टेड डक और लुप्तप्राय व्हाइट-आइड पोचार्ड जैसी 68 जलपक्षी प्रजातियों के लिए एकमात्र जगह है.

वेबसाइट इस वेटलैंड को खाने का एक जरूरी सोर्स, मछलियों के अंडे देने की जगह और नर्सरी के तौर पर बताती है, साथ ही यह कई तरह के पानी के पक्षियों को खाना और ब्रीडिंग की जगह भी देता है. इसकी खास दलदली वनस्पति में टाइफा, फ्रैगमाइट, एलियोकेरिस, ट्रापा और निम्फोइड प्रजातियां पाई जाती हैं, जो कम गहरे पानी से लेकर खुले पानी में रहने वाले पानी के पौधों तक में पाई जाती हैं.

इसमें कहा गया है कि संभावित खतरों में घरों के कंस्ट्रक्शन से अतिक्रमण, फैला हुआ कचरा और टूरिस्ट सुविधाओं को बढ़ाने की मांग शामिल है. कुछ साल पहले, जम्मू- कश्मीर सरकार ने प्रवासी पक्षियों और दूसरे जानवरों और पेड़-पौधों को जिंदा रखने के लिए वेटलैंड में पानी का लेवल बनाए रखने के लिए एक वॉटर इनलेट सिस्टम बनाया था लेकिन, एनवायरनमेंट पॉलिसी ग्रुप, जो एक सिविल सोसाइटी ग्रुप है, ने हाल ही में जम्मू- कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने धान की खेती के लिए वेटलैंड से पानी निकालने और वेटलैंड से जुड़ी दूसरी दिक्कतों के बारे में बात की.

ईपीजी के संयोजक फैज बख्शी ने कहा, ‘होकरसर वेटलैंड को जरूरी वॉटर लेवल को रेगुलेट करने के लिए इनलेट और आउटलेट गेट बनाने पर बहुत सारा पैसा खर्च होने के बावजूद गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. वेटलैंड को ठीक करने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे माइग्रेटरी पक्षियों को रखने की इसकी क्षमता पर असर पड़ सकता है. इससे जरूरी इकोलॉजिकल साइकिल में रुकावट आ सकती है. वेटलैंड में गैर-कानूनी तरीके से मिट्टी की खुदाई हो रही है, जिससे माइग्रेटरी पक्षियों के रहने की जगह को खतरा होगा. ग्रुप ने जम्मू-कश्मीर सरकार से जम्मू-कश्मीर में वेटलैंड के गलत मैनेजमेंट और खराब होने पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की थी.’

एक ऐसी फिल्म जिसने बचा लिया अजय देवगन का डूबता करियर, शाहरुख खान ने कर दी थी रिजेक्ट

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बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन आज इंडस्ट्री के बड़े स्टार माने जाते हैं। कई फिल्मों में उनकी परफॉरमेंस को ऑडियंस ने पसंद किया है। यादगार किरदार, जबरदस्त गाने अजय देवगन के करियर का हिस्सा रहे हैं। लेकिन अजय के करियर में एक ऐसा दौर भी आया जब उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही थीं। करियर के शुरुआत में इतनी फ्लॉप फिल्में देना उनके करियर को डूबा रही थीं। फिर अजय को मिली एक ऐसी फिल्म जिसने ना सिर्फ उनका करियर डूबने से बचाया बल्कि उन्हें उस समय का ऐसा हीरो बना दिया जो प्यार में हारे लोगों का सहारा बना। एक्टर का आशिकी मिजाज, उनका माथा कवर कर देने वाला हेयरस्टाइल इसी फिल्म के बाद से ट्रेंड बना। हैरानी वाली बात ये है कि इसी फिल्म को पहले शाहरुख खान ने रिजेक्ट कर दिया था।

जब अजय देवगन ने दी थी लगातार 7 फ्लॉप फिल्में

अजय देवगन ने 1991 में आई फिल्म फूल और कांटे से बॉलीवुड में कदम रखा था।फिल्म जबरदस्त हिट हुई, गाने जबरदस्त रहे। लेकिन अपने डेब्यू की सक्सेस को एक्टर ज्यादा दिन तक देख नहीं पाए। क्योंकि फूल और कांटे और जिगर के बाद आई उनकी 7 फिल्में लगातार फ्लॉप रही। इन फिल्मों के नाम थे, दिव्य शक्ति, बेदर्दी, प्लेटफार्म, संग्राम, शक्तिमान, दिल है बेताब, एक ही रास्ता। ये वही समय था जब शाहरुख, आमिर और सलमान खान जैसे चमक रहे थे। ऐसे में अजय देवगन को इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए एक ऐसी फिल्म की जरूरत थी जो उनको वापस से लीड एक्टर्स की लिस्ट में शामिल कर दे।

बंद नहीं होना चाहिए

अजय देवगन का वो गाना जिसे बनाते समय रो पड़े थे म्यूजिक डायरेक्टरये अजय देवगन को लव लेटर्स लिखती थी रवीना टंडन? अजय देवगन ने कहा झूठीajay devgn

शाहरुख खान ने रिजेक्ट की बड़ी फिल्म, अजय का बन गया करियर

इस बीच करण राजदान उस समय के नए एक्टर शाहरुख खान के लिए एक कहानी दिख रहे थे। इस फिल्म के दूसरे लीडिंग हीरो अजय देवगन थे जिनका किरदार छोटा था। लेकिन जब उस फिल्म की कहानी शाहरुख खान को सुनाई तो वो इसका अंत बदलना चाहते थे। शाहरुख का कहना था कि फिल्म के एंड में हीरोइन दूसरे हीरो को मिलनी चाहिए। बस यहीं बात नहीं बनी। करण राजदान ने फिल्म के दूसरे हीरो अजय देवगन से कहा कि अब वो इस फिल्म के लीड हीरो हैं। अजय इस किरदार को निभाने के लिए मान गए जो आगे चलकर उनके करियर के लिए मील का पत्थर बनी। वो फिल्म थी 1994 में आई दिलवाले।

शानदार हुई फिल्म की कमाई

अरुण सक्सेना का किरदार निभाया था और रवीना टंडन बनीं थीं उनकी हीरोइन सपना। सुनील शेट्टी ने इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर गई। शानदार कमाई। 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने उस समय में करीब 12 करोड़ का जबरदस्त कलेक्शन किया था।

सुपरहिट म्यूजिक

फिल्म दिलवाले की कहानी के साथ नदीम-श्रवण की जोड़ी वाला म्यूजिक भी जबरदस्त हिट था। इस फिल्म का गाना ”जीता था जिसके लिए’ साउथ में कॉपी किया गया था। उस समय के प्रेमियों के लिए फिल्म का गाना ‘कितना हसीन चेहरा’ किसी दवाई की तरह काम करता था। इसके अलावा ‘मौका मिलेगा तो हम बता देंगे’ जबरदस्त हिट हुआ।दिलवाले ही वही फिल्म बनी जिसने अजय देवगन के करियर एक नई दिशा दी। अगर शाहरुख खान ये फिल्म रिजेक्ट नहीं करते तो शायद अरुण और सपना की लव स्टोरी इस तरह से ऑडियंस तक नहीं पहुंच पाती।

नया पैंतरा? अब पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप को लेकर बांग्लादेश के समर्थन में ICC को लिखा खत

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी की बुधवार को महत्वपूर्ण बोर्ड मीटिंग होने जा रही है। मीटिंग में बांग्लादेश की टी20 विश्व कप में हिस्सेदारी को लेकर अंतिम फैसला लिए जाने की उम्मीद है। इस बीच आईसीसी बोर्ड मीटिंग से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने क्रिकेट की सर्वोच्च प्रशासनिक संस्था को औपचारिक तौर पर ईमेल लिखकर बांग्लादेश के रुख का समर्थन किया है।

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आईसीसी के सभी बोर्ड मेंबर्स को भी सीसी किया मेल

ईएसपीएन क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी ने बांग्लादेश के रुख का समर्थन करते हुए आईसीसी से कहा है कि बीसीबी का भारत में न खेलने का फैसला सही है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पीसीबी ने आईसीसी बोर्ड के सभी सदस्यों को भी अपने ईमेल में सीसी में रखा है।

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क्या है विवाद?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीसीसीआई के निर्देश के बाद आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपने स्क्वाड से रिलीज कर दिया। इसके बाद बांग्लादेश ने फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहे टी20 विश्व कप के लिए भारत आने से इनकार कर दिया। बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच भारत में ही होने हैं। उसने 4 जनवरी को आईसीसी को खत लिखकर गुजारिश की कि उसके मैच भारत से बाहर शिफ्ट किए जाएं यानी श्रीलंका में कराए जाएं। इसके लिए उसने ‘सुरक्षा चिंताओं’ को कारण बताया है। आईसीसी ने बांग्लादेश की इन चिंताओं को बिना आधार वाला बताकर खारिज कर दिया है।

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बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा

इस मुद्दे को लेकर आईसीसी और बीसीबी के बीच हुई चर्चाओं में अभी तक कोई हल नहीं निकला है। बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा हुआ है कि वह भारत में विश्व कप के मैच नहीं खेलेगा। पिछले हफ्ते शनिवार को ढाका में आईसीसी के प्रतिनिधि के साथ बैठक में बीसीबी अधिकारियों ने अड़ियल रुख दिखाया। ईएसपीएन क्रिकइन्फो की ही एक अन्य रिपोर्ट में सामने आया था कि आईसीसी ने बांग्लादेश की मांगों को ठुकराते हुए उसे 21 जनवरी तक अपनी तरफ से अंतिम फैसले के बारे में जानकारी लेने को कहा था, जिसके बाद आईसीसी अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।

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क्या पाकिस्तान के पैंतरे से बदलेगा आईसीसी का रुख?

इस बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संभवतः आईसीसी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत बोर्ड मीटिंग से ठीक एक दिन पहले उसे मैल लिखा है। हालांकि माना जा रहा है कि इससे आईसीसी के रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा। आईसीसी ने पिछले हफ्ते बीसीबी के साथ बातचीत में दो टूक कहा था कि विश्व कप के मैच शिफ्ट नहीं किए जाएंगे और न ही बांग्लादेश के ग्रुप की किसी अन्य टीम के ग्रुप से अदला-बदली होगी।

ICC पर दबाव बनाने की कोशिश?

बांग्लादेश ने विश्व कप में अपनी भागीदारी को लेकर पाकिस्तान से कूटनीतिक और क्रिकेट से जुड़े समर्थन की गुहार लगाई थी। बीच में ये भी खबर आई थी कि बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान भी टी20 विश्व कप में अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है। वैसे इसे लेकर अब तक पीसीबी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि मंगलवार को रेवस्पोर्ट्ज ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पीसीबी ने विश्व कप के बहिष्कार की अटकलों को अफवाह बताया है। पीसीबी से जुड़े करीबी सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के पास टूर्नामेंट के बहिष्कार का कोई आधार नहीं है।

T20 World Cup 2026 पर सस्पेंस चरम पर, बांग्लादेश पर बाहर होने का खतरा

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T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन को लेकर जारी सस्पेंस में आज का दिन सबसे अहम है. जहां एक ओर बांग्लादेश भारत में खेलने को लेकर अपनी जिद पर अड़ा है, वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के ताजा रुख ने बांग्लादेश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. आज बांग्लादेश को मिले आईसीसी के अल्टीमेटम का आखिरी दिन है. अब देखना होगा क्या बांग्लादेश वर्ल्ड कप से बाहर होगा.

‘समर्थन’ मगर ‘बहिष्कार’ नहीं?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लेकर आज सुबह से विरोधाभासी खबरें आ रही हैं, जिन्होंने इस विवाद को और उलझा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीसीबी ने साफ कर दिया है कि वह टूर्नामेंट का बहिष्कार नहीं करेगा. उनका तर्क है कि पाकिस्तान के सभी मैच पहले से ही श्रीलंका में तय हैं, इसलिए उनके पास हटने का कोई ठोस आधार नहीं है.

इसके साथ ही पीसीबी ने आईसीसी बोर्ड को एक ईमेल भेजकर बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं का समर्थन भी किया है. यानी पाकिस्तान कूटनीतिक तौर पर बांग्लादेश के साथ खड़ा दिखना चाहता है, लेकिन अपनी टीम को वर्ल्ड कप से बाहर करने का जोखिम नहीं उठाएगा.

बांग्लादेश के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने साफ कर दिया है कि वे दबाव में भारत नहीं आएंगे. आईसीसी की स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी ने भारत में खतरे को ‘नगण्य’ (Nil) बताया है, लेकिन बांग्लादेश इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है. बांग्लादेश ने आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने की कोशिश की थी ताकि वे श्रीलंका में खेल सकें, लेकिन आयरलैंड ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.

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