UP के सभी 75 जिलों में बत्ती गुल, बज रहे सायरन, 6 बजते ही छा गया अंधेरा

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आज शाम 6 बजे सभी घरों की लाइटें बुझ गईं. चारों ओर अंधेरा छा गया. दरअसल, राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है. शाम को जैसे ही घड़ी की सुई 6 पर आकर अटकी तो एका-एक लाइटें बुझनी शुरू हो गईं, जिससे चारों ओर अंधेरा छा गया.

वहीं सायरन की आवाज सुनाई देने लगी. लाइट जाने के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर छतों पर आ गए. सायरन की आवाज सुन कुछ लोग तो समझ ही नहीं पाए. 10 मिनट तक यही स्थिति बनी रही. असल में यह एक मॉक ड्रिल है, जिसका मकसद आपातकाल जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना है.

यूपी के कुछ जिलों से ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं. ब्लकैआउट के बाद बरेली जिले में कलेक्ट्रेट, बाजार और रिहायशी इलाकों में अंधेरा छा गया और सायरन सुनाई देने लगे. इस दौरान पुलिस-प्रशासन की सख्त निगरानी रही. कहीं भी रोशनी जलती नहीं दिखाई दी. लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए. प्रशासन ने मोबाइल फ्लैश, टॉर्च और धूम्रपान पर पूरी तरह रोक लगा रखी थी. चौराहों पर ट्रैफिक एकदम बंद दिखा. सिर्फ पुलिस ही पुलिस दिखाई दे रही थी. सिविल डिफेंस और आपात सेवाएं अलर्ट मोड पर रहीं.

वहीं फायर ब्रिगेड टीम ने भी कई जगहों पर आग लगाकर मॉक ड्रिल की, ताकि अगर भविष्य में इस तरह की संकट की घड़ी आ जाए, तो उससे कैसे निपटा जाए और फटाफट आग कैसे बुझाई जाए, इसकी मॉक ड्रिल की गई. इस दौरान फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और स्टाफ मौजूद रहा. बरेली के कई इलाकों में फायर टीम ने इस तरह की मॉक ड्रिल की.

अंबेडकरनगर और फिरोजाबाद की गई मॉक ड्रिल
वहीं अंबेडकरनगर और फिरोजाबाद जिले में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया. यह अभ्यास शाम 6 बजे से 6 बजकर 10 मिनट तक चला, जिसमें जिले के कई इलाकों में लाइटें बंद रखी गईं. फिरोजाबाद जिले के पीडी जैन इंटर कॉलेज के खेल मैदान एवं आसपास के क्षेत्र में ब्लैकआउट एक्सरसाइज और राहत-बचाव से जुड़ी मॉक ड्रिल भी की गई, ताकि किसी भी संभावित हवाई हमले या आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके.

लखनऊ में CM योगी ने देखी ब्लैकआउट मॉक ड्रिल
वहीं राजधानी लखनऊ में शाम 6:00 बजे 10 मिनट के लिए ब्लैकआउट यानी बिजली सप्लाई को बंद कर दिया गया. पुलिस लाइन में आयोजित मार्क ड्रिल के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी मौजूद रहे. अभ्यास कर रही टीमों ने अलर्ट का सायरन बजाते हुए सबको लेट जाने का संकेत दिया. संकेत मिलते ही सब लेट गए. मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस के साथ मौजूद री. वहीं SDRF और NDRF की भी टीमें मौजद रहीं.

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल क्या है?
ब्लैकआउट एक ऐसी स्थिति है, जब किसी क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो जाती है, जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है. यह तकनीकी खराबी, प्राकृतिक आपदा, या अन्य कारणों से हो सकता है. साथ ही दुश्मन के हवाई हमले या ड्रोन हमले से सुरक्षा के लिए रात में शहर/इलाके की पहचान छिपाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एवं नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में रणनीतिक सावधानी बरतने के लिए ब्लैकआउट किया जाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, इतिहास इस बात का साक्षी रहा है कि युद्धकाल में ब्लैकआउट ने लाखों लोगों की जान बचाई है. द्वितीय विश्व युद्ध के समय कई देशों में नियमित रूप से ब्लैकआउट किया जाता था, जिससे दुश्मन की हवाई निगरानी को भ्रमित किया जा सके. आज के दौर में भले ही प्रत्यक्ष युद्ध की संभावना कम हो, लेकिन आपदा प्रबंधन और सुरक्षा अभ्यास के लिहाज से ऐसे ब्लैकआउट बेहद जरूरी माने जा रहे हैं. इससे प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की तैयारियों का भी वास्तविक आकलन हो पाता है.

 

 

मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया

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नई दिल्ली । मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी (Mallikarjun Khadge and Rahul Gandhi) ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया (Remembered Netaji Subhash Chandra Bose) । देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, आजाद हिंद फौज के संस्थापक और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके क्रांतिकारी नारों, देशभक्ति और सांप्रदायिकता विरोधी रुख को विशेष रूप से याद किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा, “‘जय हिंद’ और ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ जैसे ओजस्वी नारों के जरिए देशवासियों में देशप्रेम और क्रांति की चेतना जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष तथा हमारे प्रेरणास्रोत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि के प्रति उनका अद्वितीय प्रेम और समर्पण, साथ ही सांप्रदायिकता के विरुद्ध उनका दृढ़ विरोध, हम सभी को निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लिखा, “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपने साहस, दृढ़ संकल्प और प्रखर नेतृत्व से उन्होंने देश को स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर किया। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण हर भारतवासी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। जय हिंद।”

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लिखा, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा के नारे से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नयी ऊर्जा भरने वाले महान् नायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक पंक्ती शेयर करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, “हमारी राह भले ही भयानक व पथरीली हो, हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक हो, फिर भी हमें आगे बढ़ना ही है। सफलता का दिन दूर हो सकता है, पर उसका आना अनिवार्य है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष,आजाद हिंद फौज के संस्थापक,हमारे प्रेरणास्रोत व राष्ट्रीय आंदोलन में अग्रिम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन।”

सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत

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तिरुवनंतपुरम। केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) से जुड़े कथित सोने (Gold) के नुकसान मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने एक अहम मोड़ लिया है। एक तरफ लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में जांच एजेंसियों की देरी अब सवालों के घेरे में है। वहीं दूसरी ओर अदालत (Court) के एक फैसले ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। शुक्रवार को यहां की एक अदालत ने सबरीमाला मंदिर से सोने के कथित नुकसान से जुड़े दो मामलों में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू (Murari Babu) को कानूनी जमानत (Bail) दे दी।

बताया जा रहा है कि यह जमानत इसलिए दी क्योंकि बाबू की गिरफ्तारी को 90 दिन पूरे हो चुके थे, लेकिन विशेष जांच टीम अब तक दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। बता दें कि मुरारी बाबू द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने की प्लेटों से कथित सोना गायब होने के मामले में दूसरे आरोपी हैं। वहीं श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोना गायब होने के मामले में छठे आरोपी हैं। ऐसे में फिलहाल मुरारी बाबू तिरुवनंतपुरम की विशेष उप-जेल में बंद हैं। उम्मीद है कि उन्हें शुक्रवार शाम तक रिहा कर दिया जाएगा।

 

मुरारी बाबू को अक्टूबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप है कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने द्वारपालक की मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग (सोने की परत चढ़ाने) का प्रस्ताव दिया था। मुरारी बाबू ने यह प्रस्ताव त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को आगे भेजा। इसी आधार पर उन पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया। गिरफ्तारी के समय बाबू हरिपाड में डिप्टी देवस्वोम कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

गौरतलब है कि पहले ही उन्नीकृष्णन पोट्टी को द्वारपालक मूर्ति मामले में वैधानिक जमानत मिल चुकी है। वहीं एसआईटी ने अब तक द्वारपालक मूर्ति मामले में 16 लोगों और श्रीकोविल दरवाजा फ्रेम मामले में 13 लोगों को आरोपी बना चुकी है पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर चार्जशीट दाखिल करने में और देरी होती है, तो अन्य गिरफ्तार आरोपी भी अदालत का रुख कर वैधानिक जमानत मांग सकते हैं। हालांकि, हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया है और कहा है कि मामले की गहराई से जांच जारी है।

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गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में बड़ा एनकाउंटर, हिमांशु भाऊ गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार

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Delhi News: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. फायरिंग में हेड कांस्टेबल की जान बाल-बाल बची.दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया है. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली और उसका साथी चंदर भान शामिल है. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दिल्ली आए थे.

रोहतक का वांछित अपराधी है विक्की उर्फ मोगली
मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली हरियाणा के रोहतक में दर्ज कई सनसनीखेज हत्या मामलों में वांछित था. उस पर हरियाणा पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विक्की लंबे समय से हिमांशु भाऊ गैंग के लिए काम कर रहा था और गैंग को अवैध हथियार सप्लाई करता था.दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 22 जनवरी को क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि हिमांशु भाऊ गैंग के सक्रिय सदस्य गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने तुरंत एक स्पेशल टीम बनाई और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई. 22 और 23 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1 बजे बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र में यूईआर-2 फ्लाईओवर के पास एक सफेद आई-20 कार को रोकने की कोशिश की गई. खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. विक्की द्वारा चलाई गई गोली हेड कांस्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्की के पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया. घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. चंदर भान को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान विक्की के पास से 32 बोर की पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जबकि चंदर भान के पास से एक देसी कट्टा और 6 जिंदा कारतूस मिले. वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है.

गैंग नेटवर्क को लगा बड़ा झटका
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि विक्की पर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और पोक्सो जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय गैंग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. मामले की जांच अभी जारी है.

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जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की नापाक कोशिश नाकाम, जैश का आतंकी ढेर

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जम्मू-कश्मीर।  जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार घुसपैठ की कोशिश की है. कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है. मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी ढेर हो गया है. हालांकि इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। 

सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने की फायरिंग

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. बिलावर इलाके में शुक्रवार शाम सूचना मिलने पर सुरक्षा बल तलाशी अभियान चला रहे थे. इस दौरान छिपकर बैठे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी ढेर हो गया. सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने संयुक्त अभियान में आतंकी को मार गिराया है। 

पाकिस्तानी आतंकी एनकाउंटर में मारा गया

सुरक्षाबलों से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया मारे गए आतंकी की पहचान उस्मान के रूप में हुई है. आतंकी उस्मान पाकिस्तान का रहने वाला था. इस कार्रवाई से साफ है कि सुरक्षाबल किसी भी दुस्साहस का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं. राइजिंग स्टार कॉर्प की तरफ से आतंकी के मारे जाने की जानकारी दी गई है. राइजिंग स्टार कॉर्प ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने 23 जनवरी 2026 को कठुआ के परहेतर क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया. इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान एक आतंकी मारा गया. सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। ’

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दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, टॉयलेट में मिला हाथ से लिखा नोट

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नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों में फ्लाइट्स (Flights) को बम से उड़ाने की धमकी (Bomb threat) से जुड़े मामले बढ़ गए हैं. अभी 18 जनवरी को ही दिल्ली से सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरपोर्ट जा रही इंडिगो की फ्लाइट (IndiGo flight) को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. अब ऐसा ही कुछ हुआ है इंडिगो की दिल्ली से पुणे (Delhi to Pune) जा रही फ्लाइट के साथ.

दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2608 को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि एयरक्राफ्ट के टॉयलेट में हाथ से लिखा हुआ एक नोट मिला. हाथ से इस नोट में फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. इस फ्लाइट को पुणे एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करा लिया गया है और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है.

 

इंडिगो की इस फ्लाइट को रात 8.40 बजे पुणे एयरपोर्ट पर लैंड करना था. हालांकि, यह फ्लाइट पुणे में अपने निर्धारित समय से 44 मिनट की देरी से 9.24 बजे लैंड की. फ्लाइट के लैंड करने और यात्रियों के विमान से उतरने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने एप्रन को बम की धमकी की जानकारी दी.

एप्रन ने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट करने के साथ ही बम धमकी मूल्यांकन समिति की बैठक बुला ली और विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया. इस विमान की गहन जांच की गई, जिसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. अधिकारियों के मुताबिक विमान से कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है. विमान को सामान्य परिचालन की मंजूरी दे दी गई है.

गौरतलब है कि दिल्ली से सिलीगुड़ी जा रही इंडिगो की फ्लाइट में भी टिश्यू पेपर पर बम से उड़ाने की धमकी लिखी मिली थी. धमकी के बाद फ्लाइट को लखनऊ डाइवर्ट कर दिया गया था और सभी यात्रियों को उतार कर विमान की गहन जांच की गई थी.

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ओम से एल्गोरिदम तक, झांकी राष्ट्र की फलती-फूलती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को दर्शाएगी

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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की परेड में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी, भारत गाथा: श्रुति, कृति, दृष्टि कहानी कहने की कला में भारत की सभ्यतागत यात्रा की शक्तिशाली दृश्य कहानी प्रस्तुत करेगी। इसमें प्राचीन मौखिक परंपराओं से लेकर वैश्विक कंटेंट और मीडिया पावरहाउस के रूप में इसके उदय तक की पूरी यात्रा दर्शाई जाएगी। यह झांकी आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है, जो सांस्कृतिक विरासत को तकनीकी नवाचार के साथ सहज रूप से मिलाती है। श्रुति भारत की समृद्ध मौखिक विरासत का प्रतीक है, जिसे पीपल के पेड़ के नीचे शिष्यों को ज्ञान देते हुए गुरु के माध्यम से दर्शाया गया है। इसके साथ ही ओम की ब्रह्मांडीय अनुगूंज और ज्ञान की उत्पत्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले ध्वनि-तरंग रूपांकनों को भी प्रदर्शित किया गया है। कृति लिखित अभिव्यक्ति के विकास को चिह्नित करती है, जिसमें भगवान गणेश महाभारत लिख रहे हैं। इसे पांडुलिपियों, प्रदर्शन कलाओं और शुरुआती संचार परंपराओं के दृश्यों के माध्यम से भी दिखाया गया है जिन्होंने भारत की बौद्धिक विरासत को आकार दिया। दृष्टि प्रिंट, सिनेमा, टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए भारत के मीडिया के विकास को दिखाती है। विंटेज कैमरे, फ़िल्म रील, सैटेलाइट, अख़बार और बॉक्स ऑफ़िस जैसे विज़ुअल एलिमेंट उन फ़िल्म निर्माताओं और कलाकारों की पीढ़ियों को सम्मान देते हैं जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक पहचान को आकार दिया है। कलाकार इस झांकी को जीवंत बनाते हैं। यह थीम भारत को एक ग्लोबल कंटेंट हब के रूप में स्थापित करने सूचना  एवं प्रसारण मंत्रालय के लक्ष्य से मेल खाती है, जिसे वेव्स 2025 ने और मज़बूत किया है। इस सम्मेलन ने ऑरेंज इकोनॉमी की सुबह की शुरुआत की, जिसमें दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और महत्वपूर्ण बिज़नेस डील हुईं। यह झांकी सांस्कृतिक टाइमलाइन और भविष्य की सोच वाले विज़न स्टेटमेंट दोनों के रूप में दिखाई गई  है, जो भारत के प्राचीन ज्ञान को उसके डिजिटल भविष्य से जोड़ती है।

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नेटवर्क को लेकर कोर्ट में जियो के खिलाफ वकीलों का केस, आकाश और ईशा अंबानी भी बनाए गए पक्षकार

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पानीपत। पानीपत जिला न्यायालय परिसर में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या को लेकर वकीलों का सब्र अब जवाब दे गया है। नेटवर्क बाधित रहने से रोजमर्रा के न्यायिक कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए अधिवक्ताओं ने टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो के खिलाफ लोक अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को भी पक्षकार बनाया गया है, जिसमें रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी के नाम शामिल हैं।
याचिका में अधिवक्ताओं ने बताया कि पानीपत जिला कोर्ट परिसर में जियो का मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है या कई बार पूरी तरह गायब रहता है। इस कारण उन्हें अपने मुवक्किलों, अन्य वकीलों और संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए कोर्ट परिसर से बाहर खुले मैदान या सड़क तक जाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि न्यायिक कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है। वकीलों का कहना है कि आधुनिक समय में मोबाइल संचार न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है और नेटवर्क की अनुपलब्धता पेशेवर कार्य में बड़ी बाधा है।
अधिवक्ताओं ने याचिका में यह भी उल्लेख किया कि कई बार जरूरी कॉल या संदेश समय पर नहीं मिल पाने के कारण मामलों की तैयारी, तारीखों की जानकारी और आपात परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में परेशानी होती है। इससे न्यायालय की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
लोक अदालत ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए इसे विचार योग्य माना और सभी संबंधित पक्षों को समन जारी कर दिए हैं। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी निर्धारित की है। अदालत ने जियो प्रबंधन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि कोर्ट परिसर में नेटवर्क समस्या क्यों बनी हुई है और इसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें 20 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।

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मनरेगा को लेकर खरगे का मोदी पर तीखा हमला, बोले- कभी चाय बनाई या यह सिर्फ नाटक है?

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नई दिल्‍ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि वोट पाने के लिए उन्होंने झूठ बोला और खुद को चाय वाला बताया। खरगे ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार (Central government) पर तीखा हमला बोला और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNAREGA) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश है तथा 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा।

उन्होंने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए, वह कहते रहते हैं, ‘मैं चायवाला हूं’। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई है? क्या वह कभी केतली लेकर लोगों को चाय पिलाने रेल के डिब्बों में गए हैं? यह सब सिर्फ एक नाटक है। उनकी आदत गरीबों को सताना है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने कहा, “मुझे एक काम बताओ जो उन्होंने किया हो, जैसे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इतने बड़े प्रोजेक्ट शुरू करवाए थे।

सिर्फ वोट लेने के लिए कहते हैं, मैं चाय वाला हूं
कांग्रेस पार्टी ने उनके भाषण के अंश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। पोस्ट में लिखा गया है, “देश को दो लोग चलाते हैं- नरेंद्र मोदी और अमित शाह। ये देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में घूमते हैं। मोदी जी कहते हैं कि बुलेट ट्रेन लाएंगे, लेकिन बुलेट ट्रेन तो दूर की बात है, ये नई पटरियां तक नहीं बिछा पाए। ये गरीबों के लिए कोई काम तो कर नहीं पाए, पर हर जगह हरी झंडी दिखाने पहुंच जाते हैं। इन्होंने कभी मजदूरी की होती तो मजदूरों का दर्द पता चलता। नरेंद्र मोदी सिर्फ वोट लेने के लिए कहते हैं कि मैं चाय वाला हूं। यह सब इनका नाटक है।”

भाजपा ने किया पलटवार
खरगे के इस बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सच है कि प्रधानमंत्री एक साधारण परिवार से आते हैं, और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी में ऐसे लोग हैं जो शाही परिवार में पैदा हुए हैं। क्या वे उस विशेषाधिकार से इनकार कर सकते हैं जो उन्हें मिला है? कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी नहीं होती।”

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले चुनावी सभाओं में अकसर मोदी कहा करते थे कि उनके पिता गुजरात के वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, और बचपन में वह उनकी मदद करते थे। हालांकि, कई मौकों पर, कांग्रेस नेताओं ने इस बात का ज़िक्र किया है और राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं। दूसरी तरफ, भाजपा अक्सर इन टिप्पणियों का जवाब देने के लिए कांग्रेस पर “वंशवादी” होने के ताने मारती रही है।

मनरेगा के लिए कांग्रेस करेगी आंदोलन
बहरहाल, खरगे ने कहा, ‘‘देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है कि कोई दल किसी योजना का महात्मा गांधी पर रखा गया नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’’

ब्रम्हांड से जुडी ताजा खोजने वैज्ञानिकों को किया अचंभित

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नई दिल्ली। खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड से जुड़ी ताजा एवं हैरान करने वाली खोज ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। ब्रम्हांड में पृथ्वी से करीब 731 प्रकाश वर्ष दूर आरएक्सजे0528प्लस2838 नामक एक सफेद बौने तारे के चारों ओर एक चमकता हुआ नेबुला देखा गया है। यह नेबुला देखने में इंद्रधनुष जैसा प्रतीत होता है। यह खोज इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि सफेद बौने तारे को आमतौर पर ‘मृत तारा’ माना जाता है, जिनमें ऊर्जा उत्पादन की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं होती। इसके बावजूद इस तारे के आसपास पिछले करीब 1000 वर्षों से बना हुआ एक रहस्यमय ‘बो शॉक’ नजर आया है, जिसने अब तक के खगोलीय सिद्धांतों को चुनौती दे दी है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य जैसे तारे अपना ईंधन पूरी तरह खत्म कर लेते हैं, तो वे सिकुड़कर सफेद बौने तारे बन जाते हैं। इन तारों में नाभिकीय संलयन बंद हो जाता है, जिससे इन्हें शांत और निष्क्रिय माना जाता है। आरएक्सजे0528प्लस2838 भी आकार में पृथ्वी के बराबर है, लेकिन इसका द्रव्यमान सूर्य जितना है।
आम परिस्थितियों में ऐसे तारे किसी खास चमक या गतिविधि का प्रदर्शन नहीं करते, लेकिन इस तारे के चारों ओर दिखाई दे रहा चमकदार घेरा वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बन गया है। यह चमकता हुआ घेरा गैस और धूल के टकराव से बना ‘बो शॉक’ है, जो आमतौर पर तेज गति से चलने वाले सक्रिय खगोलीय पिंडों के आसपास देखा जाता है। डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तारे के पास न तो कोई ऊर्जा पैदा करने वाली डिस्क है और न ही ऐसा कोई स्पष्ट स्रोत, जो इतनी लंबी अवधि तक इस चमक को बनाए रख सके। इसके बावजूद यह संरचना एक सहस्राब्दी से स्थिर बनी हुई है, जो इसे और भी रहस्यमय बना देती है। वैज्ञानिकों ने इसकी एक संभावित वजह अत्यंत शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को माना है।
अनुमान है कि इस सफेद बौने तारे का चुंबकीय क्षेत्र अपने साथी तारे से निकलने वाले पदार्थ को बिना किसी डिस्क के सीधे अपनी सतह की ओर खींच रहा है। यही प्रवाह अंतरिक्ष में मौजूद गैस और धूल से टकराकर ऊर्जा उत्पन्न कर रहा है, जिससे यह बो शॉक बन रहा है। हालांकि मौजूदा सिद्धांतों के अनुसार ऐसा प्रवाह अधिकतम 100 वर्षों तक ही टिक सकता है, जबकि यहां यह प्रक्रिया उससे दस गुना अधिक समय से जारी है। पोलैंड के निकोलस कोपरनिकस एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर के वैज्ञानिक क्रिस्टियन इल्केविक्ज के मुताबिक, यह किसी अज्ञात खगोलीय तंत्र का संकेत हो सकता है, जिसे अभी समझा जाना बाकी है।

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News Desk