गोविंदा-सुनीता के बीच अनबन की खबर पर आया भांजे का रिएक्शन, कहा- प्लीज मामा…

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गोविंदा और सुनीता आहूजा पिछले कुछ दिनों से अरने रिश्ते को लेकर काफी चर्चा में हैं। सुनीता ने हाल ही में गोविंदा पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और परिवार की जिम्मेदारियां ना लेने का आरोप लगाया है। अब इन सबके बाद गोविंदा के भांजे का रिएक्शन आया है और जानें उन्होंने मामा-मामी को लेकर क्या कहा।

उनका रिश्ता स्ट्रॉन्ग रहे

विनय ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं यही प्रार्थना कर रहा हूं कि मामा और मामी का रिलेशन स्ट्रॉन्ग ही रहे। यही मेरी सिर्फ एक विश है।’

मामा से की रिक्वेस्ट

विनय ने फिर सुनीता के उस स्टेटमेंट पर भी बात की जिसमें उन्होंने कहा कि गोविंदा परिवार की जिम्मेदारियां नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मामी ने कुछ कहा है तो मेरी मामा से एक ही रिक्वेस्ट है कि प्लीज ध्यान दें, मैं दोनों के बारे में कभी गलत नहीं बोल सकता।’

परिवार साजिश का शिकार

वहीं इससे पहले गोविंदा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका परिवार एक कॉन्सपिरेसी का शिकार हो गया है। गोविंदा ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे कहा गया था कि मेरे परिवार के लोगों का इस्तेमाल किया जाएगा कॉन्सपिरेसी को लेकर। लेकिन वह (सुनीता) कभी यह नहीं सोच सकतीं कि उन्होंने अनजाने में खुद को एक बड़ी साजिश में फंसा दिया है। वह एक ओपनिंग बैट्समैन के रूप में उतरी हैं।’

सुनीता के आरोप

वहीं सुनीता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कई लड़कियां आती हैं जो आपका इस्तेमाल करती हैं काम और फेम के लिए, लेकिन आपको समझना होगा न, आपकी उम्र हो गई है। बेटी टीना की शादी करवानी है, बेटे यशवर्धन का करियर है।

गोविंदा ने अफेयर की अफवाहों पर की बात, खुद को बताया ‘विक्टिम’

इतना ही नहीं सुनीता ने यह भी कहा था कि गोविंदा ने कभी यश के काम के लिए कभी उनकी मदद नहीं की और ना किसी को अप्रोच किया। उन्होंने कहा मैंने गोविंदा को भी कहा कि तू बाप है कि क्या है।

2 कप्तान हुए चोटिल तो फिर तीसरे कप्तान ने JSK को दिलाया SA20 के प्लेऑफ्स का टिकट

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SA20 में जोबर्ग सुपर किंग्स के कप्तान साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज फाफ डुप्लेसिस थे। वे पहले कई मैचों में खेले, लेकिन फिर कुछ मैचों के बाद चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी डोनावैन फरेरा ने संभाली। हालांकि, प्लेऑफ्स के करीब आते-आते वह भी चोटिल हो गए। यहां तक कि तूफानी बल्लेबाज राइली रोसो भी चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में एक तीसरा कप्तान आगे आया और उसने जोबर्ग सुपर किंग्स को साउथ अफ्रीका की टी20 लीग एसए20 के प्लेऑफ्स का टिकट दिलाया। लगातार चौथे सीजन जोबर्ग सुपर किंग्स ने प्लेऑफ्स के लिए क्वालीफाई किया है।

ज़िम्बाब्वे को 47 गेंदों में 5.87 प्रति ओवर की औसत से 46 रन चाहिए

जेम्स विंस की कप्तानी में जोबर्ग सुपर किंग्स ने अपने आखिरी लीग मैच में पार्ल रॉयल्स को 44 रनों से हराया और प्लेऑफ का टिकट हासिल किया। पार्ल रॉयल्स भी प्लेऑफ्स में पहुंच गई है, क्योंकि उसने 5 मैच जीते थे। वहीं, चार मैच जीतकर जेएसके ने टॉप 4 में जगह बनाई। पिछले 6 में से चार मैच जोबर्ग सुपर किंग्स हार गई थी और दो मैचों का नतीजा खराब मौसम की वजह से नहीं निकला था। ऐसे में जोबर्ग सुपर किंग्स पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था। ऊपर से दो कप्तान और एक बल्लेबाज भी उपलब्ध नहीं था।हालांकि, आखिरी लीग मैच में जोबर्ग सुपर किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 166 रन बनाए थे। स्कोर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन गेंदबाजों ने कमाल कर दिखाया। लीस डु प्लॉय ने 27 गेंदों में 54 रन बनाए। 5 चौके और 3 छक्के उन्होंने जड़े। 39 रन नील टिमर्स ने बनाए और 27-27 रन माइकल कील पेपर और मैथ्यू डिविलियर्स ने बनाए। वहीं, पार्ल रॉयल्स के लिए 45 रन डैन लॉरेंस और 32 रन लुआन ड्रे प्रिटोरियस ने बनाए। 3 विकेट प्रेनेलन सुब्रायन ने लिए और 2-2 विकेट जोबर्ग सुपर किंग्स के लिए नांद्रे बर्गर और इमरान ताहिर ने चटकाए।इन्हीं दोनों टीमों के बीच अब एलिमिनेटर मैच होगा, जो टीम एलिमिनेटर जीतेगी, उसे क्वालीफायर 2 में क्वालीफायर 1 को हारने वाली टीम से भिड़ना होगा। सनराइजर्स ईस्टर्न कैप और प्रिटोरिया कैपिटल्स ने भी प्लेऑफ्स के लिए क्वालीफाई किया है, जो क्वालीफायर 1 में भिड़ेंगी।

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मणिपुर में राजस्थान के खिलाड़ियों से लूट, उग्रवादियों ने बनाया बंधक

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मणिपुर |मणिपुर में 69वीं नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई राजस्थान की स्कूली खेल टीम के साथ उग्रवादियों द्वारा लूटपाट का मामला सामने आया है। इस वारदात ने न सिर्फ खिलाड़ियों और उनके परिजनों को झकझोर दिया है, बल्कि अंतरराज्यीय खेल आयोजनों में खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद खिलाड़ियों की ओर से जारी वीडियो वायरल हुआ, जिसके आधार पर मणिपुर सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।जानकारी के मुताबिक, राजस्थान की टीम 11 जनवरी को धौलपुर से मणिपुर के लिए रवाना हुई थी। टीम को दिल्ली से दीमापुर के लिए ट्रेन से जाना था, लेकिन ट्रेन देरी से चली और 13 जनवरी की शाम दीमापुर पहुंची। इसके बाद खिलाड़ियों को कार से दीमापुर से इंफाल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान 13 जनवरी की रात करीब 12:30 बजे सेनापति और कांगपोक्पी जिलों के बीच एक सुनसान इलाके में उनकी गाड़ी को रास्ते में रोक लिया गया।एक खिलाड़ी के पिता के अनुसार, रास्ते में एक समुदाय से जुड़े कुछ उग्रवादी हथियारों के साथ सामने आए और गाड़ी को घेर लिया। बंदूकधारियों ने खिलाड़ियों और कोच को धमकाया और करीब दो घंटे तक उन्हें वहीं रोके रखा। इस दौरान खिलाड़ियों के पास मौजूद नकदी और कीमती सामान लूट लिया गया। गाड़ी में नाबालिग खिलाड़ी भी मौजूद थे, जिनमें कई महिला खिलाड़ी शामिल थीं। अचानक हुई इस घटना से बच्चे बुरी तरह सहम गए।हालांकि राहत की बात यह रही कि इस वारदात में किसी भी खिलाड़ी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। टीम के कोच सोहनराम ने बताया कि सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं, लेकिन मानसिक रूप से बच्चे काफी डर गए थे। कोच के मुताबिक, यह पूरी घटना सुनसान इलाके में हुई, जहां तत्काल मदद मिलने की कोई संभावना नहीं थी।घटना के बाद खिलाड़ियों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों की यात्रा और सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि 52 खिलाड़ियों को मणिपुर जाना था, लेकिन सरकार की ओर से सिर्फ 24 खिलाड़ियों की ट्रेन टिकट करवाई गई, वो भी कंफर्म नहीं थी। मजबूरी में कई खिलाड़ियों को ट्रेन में बाथरूम के बाहर बैठकर सफर करना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अगर यात्रा की सही व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम होते, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।परिजनों ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री से इस मामले की शिकायत करते हुए मांग की है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उनका कहना है कि खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले बच्चों को भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।इस बीच, सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों द्वारा जारी वीडियो ने मामले को तूल दे दिया। वीडियो में एक खिलाड़ी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि किस तरह बंदूक दिखाकर उन्हें डराया गया और पैसे छीन लिए गए। हालांकि कोच सोहनराम का कहना है कि वीडियो में बयान देने वाली बच्ची उस समय टीम के साथ मौजूद नहीं थी और वह फ्लाइट से पहले ही इंफाल पहुंच चुकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और कोई बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई।वीडियो सामने आने के बाद मणिपुर सरकार हरकत में आई। सरकार ने इंफाल के पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सेनापति और कांगपोक्पी जिलों के अधिकारियों को भी जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच का मुख्य फोकस वीडियो की सत्यता, घटना के समय मौजूद परिस्थितियां और अपराध में शामिल लोगों की पहचान पर रहेगा।मणिपुर पुलिस का कहना है कि जैसे ही औपचारिक शिकायत दर्ज होगी, मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया गया है, लेकिन जानकारी मिलने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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टीजर होगा इतने मिनट का, ये है मेकर्स की मार्केटिंग स्ट्रेटजी

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धुरंधर के धमाके के बाद अब धुरंधर 2 पर काम शुरू हो चुका है। हाल में खबर सामने आई थी कि मेकर्स ऑडियंस को टीजर रिलीज कर जबरदस्त सरप्राइज देने वाले हैं। ताजा खबर की मानें तो धुरंधर 2: द रिवेंज के टीजर को सेंसर बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट मिल गया है। डेढ़ मिनट से ज्यादा लंबे टीजर को A केटेगरी यानी एडल्ट ओनली का सर्टिफिकेट मिला है। इस टीजर में फिल्म के नए सीन और जबरदस्त एक्शन दिखाया जाएगा।

टीजर की जानकारी आई सामने

धुरंधर 2: द रिवेंज का टीजर 1.48 मिनट का बताया गया है। इस टीजर को 19 जनवरी को CBFC ने A सर्टिफिकेट दिया है। मतलब सिर्फ 18 साल के बड़ी उम्र के लोग ही इस टीजर को देख सकते हैं। अब इसी के साथ मेकर्स फिल्म की मार्केटिंग और प्रमोशन में बिजी होने वाले हैं। फिल्म के दूसरे पार्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए बॉर्डर 2 की रिलीज वाले दिन टीजर को दिखाया जाएगा। इससे दोनों ही फिल्मों को फायदा होने की उम्मीद जताई गई है। ऐसा माना जा रहा है कि ये टीजर इतना धमाकेदार होने वाला है कि ऑडियंस हैरान हो जाएगी। इस बार बदले की कहानी दिखाई जाएगी।

46 वें दिन भी टिकी हुई है रणवीर सिंह की फिल्म, सोमवार को नहीं रुकी कमाईये भी पढ़ें:धुरंधर के रहमान डकैत अक्षय खन्ना की इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर की धांसू कमाईधुरंधर पार्ट 2

ट्रेड एनालिस्ट ने कर दी ये भविष्यवाणी

बता दें, धुरंधर के बॉक्स ऑफिस पर हुए धमाके के बाद कई ट्रेड एनालिस्ट, फिल्म मेकर्स ने धुरंधर 2 की ग्रैंड सफलता का दावा किया है। ट्रेड एनालिस्ट के मुताबिक रणवीर की धुरंधर 2 बिना किसी मार्केटिंग और प्रमोशन के भी बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर से धमाका करने वाली है। फिल्म से जबरदस्त कमाई की उम्मीद हो गई है।

टॉक्सिक को टक्कर

खास बात ये है कि धुरंधर KGF स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक के साथ 19 मार्च को रिलीज हो रही है। धुरंधर 2 को लेकर दूसरी फिल्मों के मेकर्स में खौफ है। इसके बाद भी यश की टॉक्सिक पूरे भरोसे के साथ रणवीर को टक्कर देने के लिए तैयार है। अब देखने का इंतजार हो रहा है कि इन दोनों फिल्मों में से कौन बॉक्स ऑफिस पर चमकता है।

हमें T20 वर्ल्ड कप को लेकर ICC से कोई डेडलाइन नहीं मिली; बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का दावा

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टी20 विश्व कप शुरू होने में अब गिनती के दिन बचे हैं लेकिन इसमें बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। रिपोर्ट्स की माने तो आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को 21 जनवरी तक का समय दिया है कि वह स्पष्ट करे कि भारत में विश्व कप के मैच खेलेगा या नहीं। अगर बांग्लादेश भारत नहीं आने का फैसला करता है तो उसकी जगह पर किसी नई टीम को विश्व कप में खेलने का मौका मिलेगा। दूसरी तरफ बीसीबी ने आईसीसी की तरफ से खुद को मिले ऐसे किसी डेडलाइन से इनकार किया है।

ज़िम्बाब्वे को 40 गेंदों में 6 प्रति ओवर की औसत से 40 रन चाहिए

बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के स्क्वाड से रिलीज करने के बाद से ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड नखरा दिखा रहा है। उसे टी20 विश्व कप के अपने सारे ग्रुप मैच कोलकाता और मुंबई में खेलने हैं लेकिन उसने आईसीसी से मांग की है कि उसके मैच भारत से बाहर यानी सह-मेजबान श्रीलंका में शिफ्ट किए जाए। इसके लिए उसने ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला दिया है। गतिरोध दूर करने के लिए आईसीसी और बीसीबी में बातचीत भी हुई।

आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग ठुकराई

आईसीसी ने बांग्लादेश की ‘सुरक्षा’ वाली चिंताओं को खारिज करते हुए साफ कहा है कि न तो उसके मैच भारत से बाहर शिफ्ट किए जाएंगे और न ही किसी अन्य टीम से उसके ग्रुप की अदलाबदली की जाएगी। ईएसपीएन क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते शनिवार को आईसीसी और बीसीबी अधिकारियों के बीच हुई बैठक में दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े दिखे। उसी रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भारत में वर्ल्ड कप खेलने को लेकर 21 जनवरी तक अपना अंतिम फैसला सुनाने की डेडलाइन दी है।

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बीसीबी ने डेडलाइन मिलने से किया इनकार

बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार ने बीसीबी की मीडिया कमिटी के चेयरमैन अमजद हुसैन को कोट करते हुए लिखा है, ‘पिछले शनिवार यानी 17 जनवरी को आईसीसी के एक प्रतिनिधि आए थे और हमारे क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों ने उनके साथ बैठक की। विश्व कप में भागीदारी को लेकर वेन्यू का मसला है। हमने उन्हें वहां खेलने की अपनी अनिच्छा के बारे में बताया। हमने वैकल्पिक वेन्यू की गुजारिश की और हमारी विस्तार से चर्चा हुई।’हुसैन ने आगे कहा, ‘उन्होंने हमें बताया कि वे आईसीसी को इस मुद्दे पर जानकारी देंगे और फैसले के बारे में हम लोगों को बाद में बताएंगे। इन बातचीत को लेकर उन्होंने किसी खास तारीख का कोई जिक्र नहीं किया या ये नहीं बताया के वे हमें कब जानकारी देंगे। उन्होंने हमसे सिर्फ ये कहा कि अगली चर्चा कब होगी, इसके बारे में वे हमें बताएंगे।’

100 करोड़ कमाने वाली इस गुजराती मूवी ने कैसे बचाई 23 आत्महत्या करने जा रहे लोगों की जान, जानें

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साल 2025 में एक गुजराती फिल्म चुपके से 100 करोड़ रुपये कमाकर साल की सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली मूवी बन गई। इस फिल्म का नाम था लालो- कृष्ण सदा सहायते। फिल्म बहुत कम बजट में बनी है। यहां तक शूट भी सिंगल कैमरा से हुआ जो कि दोस्त से मांगा गया था। फिल्म की पॉप्युलैरिटी देखकर इसे हिंदी भाषा में भी रिलीज किया गया है। अब मूवी के डायरेक्टर अंकित सखिया ने इससे जुड़ी कई इंट्रेस्टिंग बातें बताई हैं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म को देखने के बाद 23 लोगों का मैसेज आया कि मूवी ने उनकी जान बचाई और जीने की उम्मीद दी।

कम बजट में फिल्म बनाने का था प्लान

अंकित फ्री प्रेस जर्नल से बात कर रहे थे। उनसे पूछा गया कि उन्हें फिल्म का आइडिया कैसे आया? इस पर उन्होंने जवाब दिया, आइडिया एक फिल्म बनाने का था और इसे कम बजट में कैसे बनाया जाए। तो इसके लिए जरूरत किस चीज की थी? एक लोकेशन, एक एक्टर और जो भी चीजें इर्द-गिर्द मिलें जिनमें मेरा पैसा ना खर्च हो। इस सोच से स्क्रिप्ट लिखनी शुरू की।

शुरू में कोई देखने नहीं गया था फिल्म

अंकित ने बताया कि फिल्म शुरू में नहीं चली, कोई देखने नहीं जा रहा था लेकिन जैसे-जैसे एक-दूसरे को बताना शुरू हुआ लोग देखने लगे। इसके बाद यह ब्लॉकबस्टर बन गई। अंकित से पूछा गया कि उन्हें क्या लगता है कि फिल्म क्यों चली होगी? इस पर उन्होंने जवाब दिया, मुझे लगता है कि इसने हर किसी को कनेक्ट किया। दूसरा मेन फैक्टर था कि इसके साथ डिवाइन एनर्जी जुड़ी थी, जो लोगों के साथ जुड़ी और फिल्म चल गई।

आत्महत्या का मन बना चुके लोगों का मैसेज

अंकित से पूछा गया कि फिल्म को हिंदी में रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? इस पर उन्होंने एक इंट्रेस्टिंग बात बताई। अंकित बोले, फिल्म देखकर लोग हील हो रहे थे। लोग देख रहे थे, रो रहे थे, अपने दुख बता रहे थे। 23 लोगों ने कहा कि वे आत्महत्या करने वाले थे लेकिन उन्होंने फिल्म देखी और बच गए। उन्हें उम्मीद मिली तो हमें लगा कि यह गुजराती भाषा तक ही नहीं रहनी चाहिए। इसे पूरे भारत को दिखाते हैं। इसलिए हिंदी में लाने का फैसला लिया।

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एक दर्शक ने अंकित को दिए रुपये

अंकित ने दर्शकों से मिलने वाला बेस्ट रिएक्शन भी साझा किया। वह बोले, ‘मुझे आज भी याद है जब मैं शुरुआती दिनों में थिएटर गया तो एक शख्स मेरे पास आया और बोला, ‘ये 5000 रुपये रखो, तुम मुझे बहुत पसंद हो।’ वह मुझे 5000 रुपये देकर बोला, ‘मेरा नाम विष्णु है।’ ये चीज मैं कभी नहीं भूल सकता। मेरे लिए यह बहुत बड़ी चीज थी।’

क्या है फिल्म की कहानी

लालो कृष्ण सदा सहायते एक गरीब रिक्शेवाले की कहानी है। वह एक फार्महाउस में फंस जाता है इसके बाद उसकी पूरी जिंदगी बदल जाती है। वह श्रीकृष्ण से सहायता मांगता है, उनके गाइडेंस से उसकी जिंदगी बदलती और वह अपने पास्ट को भी हील करता है।

U19 वर्ल्ड कप के सुपर 6 में पहुंचने वाली 4 टीमें फाइनल, भारत ने भी किया क्वालीफाई, मगर पाकिस्तान…

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ICC Under 19 World Cup 2026 के सुपर 6 में पहुंचने वाली चार टीमों का ऐलान हो गया है। इनमें एक टीम भारत की भी है, जबकि पाकिस्तान की टीम अभी भी सुपर सिक्स के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई है। अंडर 19 वर्ल्ड कप में सिर्फ 6 नहीं, बल्कि 12 टीमें सुपर 6 में पहुंचती हैं। एक तरह से ये डबल सुपर 6 कहा जा सकता है। इसका पूरा फॉर्मेट भी आपको इस स्टोरी में समझ में आजाएगा, इसके अलावा ये भी जानकारी आपको मिल जाएगी कि कौन-कौन सी टीम अब तक सुपर 6 स्टेज के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।

ज़िम्बाब्वे को 37 गेंदों में 5.67 प्रति ओवर की औसत से 35 रन चाहिए

दरअसल, आईसीसी मेंस अंडर 19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 में 16 टीमों के 4-4 के ग्रुप में बांटा गया है। इनमें से ग्रुप ए में श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और जापान की टीम है। इस ग्रुप से श्रीलंका ने पहले दो मैच जीतकर सुपर 6 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। ग्रुप बी में टीम इंडिया, न्यूजीलैंड, यूएसए और बांग्लादेश की टीम है। इस ग्रुप से भारतीय टीम सुपर 6 में पहुंच गई है। ग्रुप सी की बात करें तो इसमें इंग्लैंड, पाकिस्तान, स्कॉटलैंड और जिम्बाब्वे की टीम है। इंग्लैंड की टीम इस ग्रुप से आगे बढ़ चुकी है। ग्रुप डी में अफगानिस्तान, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और तंजानिया की टीम है। इसमें से अफगानिस्तान की टीम सुपर 6 में पहुंच गई है।हर एक ग्रुप से टॉप 3-3 टीमें सुपर 6 में पहुंचेंगी, जहां दो ग्रुप बनाए जाएंगे। इनमें एक ग्रुप ए और डी ग्रुप का बनेगा, जबकि एक ग्रुप बी और सी टीमों का बनेगा। हर ग्रुप में चौथे नंबर पर रहने वाली टीमें टूर्नामेंट से बाहर होंगी, लेकिन उनको एक-एक मैच खेलने का मौका मिलेगा, जो उनकी पोजिशन डिसाइड करेगा कि वे किस नंबर पर रहेंगी।उदाहरण के तौर पर सुपर 6 स्टेज की बात करें ग्रुप ए में टॉप पर रहने वाली टीम को ग्रुप डी की दूसरे और तीसरे नंबर की टीम से भिड़ना होगा, जबकि ग्रुप ए में दूसरे नंबर पर रहने वाली टीम को ग्रुप डी की पहले और तीसरे नंबर की टीम से भिड़ना होगा। ग्रुप ए की तीसरे नंबर की टीम को ग्रुप डी की नंबर एक और नंबर दो टीम से भिड़ना होगा। यहां तक कि मैच जीत के पॉइंट्स और नेट रन रेट भी कैरी फॉरवर्ड होगा, जो आगे चलकर सेमीफाइनल के लिए अहम होगा। दोनों ग्रुप से टॉप की 2-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

भारत आ रहे रूसी तेल टैंकर अचानक चीन की तरफ मुड़े, क्या अमेरिकी प्रतिबंधों का असर?

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नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन के मध्य जारी जंग के बीच पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का असर अब वैश्विक तेल व्यापार में साफ नजर आने लगा है। भारत और तुर्की की ओर जा रहे कई रूसी तेल टैंकर अब अपना रुख चीन की तरफ मोड़ते दिख रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यह बदलाव अमेरिका और यूरोपीय संघ के सख्त प्रतिबंधों के डर और बढ़ती अनिश्चितता का नतीजा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार हाल ही में पश्चिमी तुर्की के इजमित बंदरगाह पर पनामा के झंडे वाले टैंकर बेला-6 ने करीब एक लाख टन रूसी कच्चा तेल उतारा। यह डिलीवरी तुर्की की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी तुप्रास के लिए अपवाद मानी जा रही है, क्योंकि उसने यूरोपीय संघ के 21 जनवरी से लागू नए प्रतिबंधों से पहले रूसी तेल आयात में करीब 69 प्रतिशत की कटौती कर दी थी। नए ईयू नियमों के तहत रूसी कच्चे तेल से बने उत्पादों का यूरोप में आयात प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे भारत और तुर्की जैसी रिफाइनरियों पर सीधा असर पड़ा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों, ईरान और वेनेजुएला को लेकर अनिश्चितता तथा यूरोपीय संघ के नए फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति को अस्थिर बना दिया है। लंदन स्थित जनरल इंडेक्स के विश्लेषक डेविड एडवर्ड का कहना है कि मौजूदा दौर असाधारण है, जहां भू-राजनीतिक उथल-पुथल सीधे ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर रही है।
इस बीच भारतीय रिफाइनरियों ने भी सतर्क रुख अपनाया है। केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार, भारत की प्रमुख रिफाइनरियों ने रूसी कच्चे तेल की खरीद कम कर ‘स्वैच्छिक पाबंदी’ लगा दी है। दिसंबर 2025 में भारत का रूसी तेल आयात 29 प्रतिशत घटकर तीन साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे रूस की दिग्गज कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध भी बड़ी वजह माने जा रहे हैं।
भारत और तुर्की द्वारा छोड़े जा रहे इस अतिरिक्त रूसी तेल का एक हिस्सा चीन की ओर जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में रूस से चीन के समुद्री मार्ग से तेल आयात में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कई ऐसे टैंकर, जिन्हें भारत ने स्वीकार नहीं किया, चीनी बंदरगाहों के पास देखे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की छोटी स्वतंत्र रिफाइनरियां, जिन्हें ‘टी-पॉट्स’ कहा जाता है, सस्ते तेल की खरीद में माहिर हैं और जोखिम उठाने को तैयार रहती हैं। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि चीन सभी छोड़े गए रूसी तेल को नहीं खपा पाएगा। फिर भी, बढ़ती छूट और सीमित जोखिम के चलते वह बड़ा खरीदार बना रह सकता है।

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अनुपमा को उसकी औकात याद दिलाएगी रजनी, मदद का हाथ बढ़ाएगा ये करोड़पति

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टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ में मजेदार ट्विस्ट आने वाले हैं। अनुपमा, रजनी को समझाने की कोशिश करेगी। लेकिन रजनी, अनुपमा को उसकी औकात याद दिला देगी। जी हां! सामने आए प्रोमो के मुताबिक, अनुपमा, रजनी का हाथ पकड़ेगी और उसे चॉल वालों के पास ले जाने की कोशिश करेगी। रजनी डर जाएगी और अपने सिक्याेरिटी गार्ड को बुलाएगी। रजनी के हेल्पर और सिक्योरिटी गार्ड अनुपमा को पकड़कर घर से बाहर निकाल फेकेंगे।

अनुपमा मांगेगी कान्हा जी से मदद

अनुपमा टूट जाएगी। अनुपमा को समझ नहीं आएगा कि वो क्या करे। अपनी चॉल को टूटने से कैसे बचाए। अपनी गलती को कैसे सुधारे। अपने लोगों को इंसाफ कैसे दिलाए। ऐसे में अनुपमा, कान्हा जी के पास जाएगी। अनुपमा, कान्हा जी से मदद मांगेगी। अनुपमा कहेगी, ‘मेरी गलती की सजा उन चॉल वालों को मत दीजिए कान्हा जी। वो लोग बेघर हो जाएंगे। कान्हा जी, छोटे-छोटे बच्चे, बुजूर्ग कहां जाएंगे? वो लोग अपने परिवार को लेकर कहां जाएंगे?’

अनुपमा स्पॉयलर अलर्ट

कौन करेगा अनुपमा की मदद?

अनुपमा थक जाएगी। वह रोती करेगी और कान्हा जी के चरणों के पास बैठी रहेगी। तभी मंदिर में करोड़पति बिजनेसमैन की एंट्री होगी। ये करोड़पति बिजनेसमैन कोई और नहीं बल्कि पराग कोठारी होगा। अनुपमा, पराग की तरफ देखेगी। वहीं पराग, अनुपमा की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएगा।

क्या कह रहे हैं लोग?

प्रोमो देखने के बाद लोगों का कहना है कि पराग, रजनी पर सामने से वार नहीं करेगा। पराग, अनुपमा की मदद करेगा, लेकिन सबको ये दिखाएगा कि वो रजनी की तरफ है। अब ऐसा होता है या नहीं, ये तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।

के कविता ने पिता केसीआर से बगावत कर खेला बड़ा सियासी दांव?

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नई दिल्ली। तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी के. कविता नई राजनीतिक पार्टी के गठन की दिशा में कदम बढ़ाती दिख रही हैं। सूत्रों की मानें तो के. कविता ने देश के जाने-माने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से इस सिलसिले में लंबी बातचीत की है। दावे किए जा रहे हैं कि के कविता ने पीके से करीब पांच दिनों तक विचार-विमर्श किया, जिसमें तेलंगाना के मौजूदा राजनीतिक हालात, जनभावनाएं और एक नए सियासी विकल्प की संभावनाओं पर चर्चा हुई। के. कविता, जो तेलंगाना जागृति नामक सांस्कृतिक संगठन की अध्यक्ष हैं, बीआरएस से निलंबन के बाद लगातार सक्रिय राजनीति में बनी हुई हैं। सितंबर 2025 में पार्टी से निलंबित किए जाने के तुरंत बाद उन्होंने विधान परिषद (एमएलसी) से भी इस्तीफा दे दिया था, जिसे हाल ही में परिषद के सभापति गुथा सुखेन्द्र रेड्डी ने स्वीकार कर लिया। बीआरएस नेतृत्व से टकराव के बाद कविता खुलकर अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में जुट गई हैं। कविता का निलंबन उस समय हुआ था, जब उन्होंने अपने ही चचेरे भाई और वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव तथा जे. संतोष कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में कथित अनियमितताओं के चलते इन नेताओं ने उनके पिता केसीआर की छवि को नुकसान पहुंचाया। इस बयान को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत के तौर पर देखा गया और इसके बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई। निलंबन के बाद से के. कविता न सिर्फ बीआरएस, बल्कि सत्ताधारी कांग्रेस पर भी हमलावर हैं। वे दोनों दलों पर भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों का आरोप लगा चुकी हैं। तेलंगाना जागृति के मंच से वे लगातार महिलाओं, युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दे उठा रही हैं और खुद को एक वैकल्पिक नेतृत्व के तौर पर पेश कर रही हैं। दिसंबर 2025 में दिए गए एक बयान में के. कविता ने यहां तक कहा था कि वह एक दिन तेलंगाना की मुख्यमंत्री बनेंगी और राज्य गठन (2014) के बाद से हुए सभी “अन्यायों और कुकर्मों” की जांच कराएंगी। अब प्रशांत किशोर से हुई बातचीत के बाद यह कयास तेज हो गए हैं कि कविता जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह न सिर्फ बीआरएस के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि तेलंगाना की राजनीति में एक नई धुरी भी बन सकती है।

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News Desk