नृत्यगोपाल दास की तबीयत बिगड़ी

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अयोध्या। अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ गई है। 87 साल के नृत्य गोपाल दास को सोमवार रात से उल्टी-दस्त हो रहे थे। बुधवार सुबह श्रीराम अस्पताल के रिटायर्ड डॉक्टर एसके पाठक ने उनका चेकअप किया। तुरंत उन्हें लखनऊ मेदांता ले जाने को कहा। जानकारी के मुताबिक, महंत ने पिछले 36 घंटे से कुछ भी नहीं खाया है। श्रीराम हॉस्पिटल के प्रशासनिक अधिकारी वाईपी सिंह ने बताया- महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। डॉक्टर्स की टीम ने उनकी जांच की। इसके बाद मेडिकल टीम और एक एम्बुलेंस के साथ उन्हें मेदांता अस्पताल रवाना कर दिया गया। उनके उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास भी उनके साथ है। अब वहां से मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कोई जानकारी दी जा सकती है।

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खाने में मिलाई नींद की गोलियां, बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति को निपटाया; शव के पास बैठ देखी अश्लील वीडियो

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चिलुवुरु: आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के चिलुवुरु गांव (Chiluvuru Village) में एक महिला (Women) ने अपने पति (Husband) की अत्यंत क्रूरता से हत्या की और उसके बाद बिना किसी पछतावे के पूरी रात अश्लील वीडियो (Obscene Videos) देखी. यह घटना न केवल इलाके में बल्कि पुलिस (Police) के लिए भी चौंकाने वाली साबित हुई. चिलुवुरु गांव के लोकम शिवनागराजू प्याज का व्यापार करते थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी शादी 2007 में लक्ष्मी माधुरी से हुई थी. उनके दो बेटे हैं. आर्थिक जरूरतों के लिए माधुरी विजयवाड़ा के एक सिनेमा थिएटर में टिकट काउंटर पर काम करने लगी.

बता दें कि उस समय सत्तेनपल्ली के गोपी नाम के एक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई. यह विवाहेतर संबंध में बदल गया. माधुरी ने अपने पति के व्यापार को बंद करवाने और उसे हैदराबाद नौकरी पर भेजने की योजना बनाई, ताकि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ अकेले समय बिता सके।

माधुरी ने सोचा कि घर पर रहने वाला पति उसके रिश्ते में बाधा बन रहा है. उसने अपने बॉयफ्रेंड गोपी के साथ मिलकर उसे हमेशा के लिए खत्म करने की साजिश रची. इस महीने की 18 तारीख को उसने घर पर बिरयानी बनाई. उसने उसमें करीब 20 नींद की गोलियों का पाउडर मिलाकर मिला दिया. शिवनागाजू, जिसने वह बिरयानी खाई, बेहोश हो गया और सो गया.

 

पहले से तय योजना के अनुसार, रात 11.30 बजे गोपी उनके घर पहुंचा. गोपी ने सोते हुए नागराजू की छाती पर बैठकर उसे दबाया, जबकि माधुरी ने एक तकिया उसके नाक और मुंह पर रखकर उसे सांस लेने से रोका. कुछ देर बाद गोपी ने पुष्टि की कि नागराजू की मौत हो गई है और वहां से भाग गया.

इस मामले में पुलिस को भी हैरान करने वाली बात माधुरी का व्यवहार था. उसने अपने पति की हत्या के बाद बिना किसी डर या दुख के व्यवहार किया. वह पूरी रात लाश के पास अकेली बैठी रही और अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखती रही. उसने सुबह चार बजे तक सामान्य रूप से समय बिताया. उसके बाद, उसने नकली आंसू बहाए और पड़ोसियों को बुलाया. उसने यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उसके पति को दिल का दौरा पड़ा और उसकी नींद में ही मौत हो गई.

सुबह अंतिम संस्कार की व्यवस्था करते समय नागराजू के दोस्त वहां पहुंचे. उन्होंने देखा कि नागराजू के कान से खून आ रहा था और कान के पास चोट लगी थी. उन्होंने संदेह किया कि यह दिल का दौरा नहीं था, कुछ हुआ है और मृतक के पिता को बताया. सभी ने मिलकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

नागराजू के पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम किया. तब असली बात सामने आई. यह पुष्टि की गई कि नागराजू की मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं, बल्कि सांस लेने में कठिनाई के कारण हुई थी. यह भी पता चला कि छाती की हड्डियां भी टूटी हुई थीं. इसके बाद, जब पुलिस ने माधुरी से पूछताछ की, तो उसने अपने पापों को कबूल कर लिया.

भाटापारा में स्टील फैक्ट्री में भीषण धमाका, 6 मजदूरों की मौत समेत 5 घायल

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बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा (Bhatapara) से बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। बलौदाबाजार-भाटापारा में एक स्टील फैक्ट्री (Steel Factory) में भीषण धमाका हुआ है। इस धमाके की चपेट में आने से छह मजदूरों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही 5 मजदूर घायल भी बताए जा रहे हैं। इस घटना में घायल हुए मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, ये हादसा भाटापारा ग्रामीण इलाके के बकुलाही गांव में स्थित एक स्टील फैक्ट्री में हुई है। धमाका स्टील प्लांट के ‘डस्ट सेटलिंग चैंबर’ में हुआ है। धमाके के दौरान फैक्ट्री की गर्म धूल मजदूरों पर गिर गई। इस कारण मजदूर बुरी तरह से जल गए। जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया है कि 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 5 अन्य बुरी तरह से घायल हो गए।

स्टील फैक्ट्री में हुए धमाके की खबर मिलते ही पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटानास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान को शुरू किया। जो 5 मजदूर घायल हुए हैं उन्हें बिलासपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां पर मजदूरों का इलाज जारी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है।

 

 

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आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का रवैया अहम

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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को दिल्ली में स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस से मुलाकात की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा भारत और स्पेन दोनों आतंकवाद के शिकार रहे हैं। इसलिए पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने बदलती दुनिया में साझा चुनौतियों से मिलकर लडऩे पर जोर दिया।

कॉर्डोबा ट्रेन हादसे पर जताया दुख
जयशंकर ने 18 जनवरी को स्पेन के कॉर्डोबा में हुए भीषण ट्रेन हादसे पर गहरा दुख जताया। इस हादसे में 40 लोगों की जान गई थी। उन्होंने पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। यह हादसा तब हुआ था जब एक ट्रेन पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन से टकरा गई थी। दुर्घटना में शामिल ट्रेनों में से एक में मलागा से मैड्रिड तक लगभग 300 लोग और दूसरी में मैड्रिड से हुएल्वा तक लगभग 200 लोग सवार थे।

रिश्तों के 70 साल और नया लोगो
साल 2026 भारत और स्पेन के रिश्तों के लिए बेहद खास है। दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस मौके पर संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दोहरा वर्ष भी मनाया जा रहा है। जयशंकर ने इस अवसर के लिए एक खास लोगो भी लॉन्च किया, जिसे एक प्रतियोगिता के जरिए चुना गया है।

रक्षा और एआई में बढ़ रहा सहयोग
रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर बात करते हुए जयशंकर ने बताया कि मेड इन इंडिया सी-295 विमान इस साल सितंबर से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। वडोदरा में इसकी फैक्ट्री का उद्घाटन अक्टूबर 2024 में हुआ था। इसके अलावा, भारत अगले महीने एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा। भारत एआई के सही और नैतिक इस्तेमाल के पक्ष में है, जो यूरोप की सोच से मेल खाता है।

व्यापार और संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा
व्यापार के मामले में स्पेन भारत का अहम साथी है। दोनों देशों के बीच 8 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार होता है। स्पेन की कंपनियां भारत में बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रही हैं। वहीं, भारतीय कंपनियां भी स्पेन में सक्रिय हैं। जयशंकर ने यह भी कहा स्पेन में योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की लोकप्रियता, और भारत में स्पेनिश भाषा और संस्कृति में बढ़ती दिलचस्पी हमारे समाजों के बीच गहरे लोगों से लोगों के जुड़ाव को दर्शाती है।

डोडा में जवानों की गाड़ी खाई में गिरी, 10 की मौत

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डोडा, 22 जनवरी 2026 – जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब जवानों से भरी एक सैन्य गाड़ी खाई में गिर गई। यह दुर्घटना खन्नीटॉप इलाके में हुई, जहां वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 10 जवानों की मौत हो गई है, जबकि वाहन में कुल 17 जवान सवार थे।

मौके पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही सेना और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को खाई से निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

दुर्घटना के कारणों की जांच

फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर सड़क की स्थिति और वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और आगे की जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

इलाके में शोक की लहर

इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर है। देश ने अपने बहादुर जवानों को खो दिया है, जिन्होंने राष्ट्र सेवा में अपनी जान गंवाई। प्रशासन ने मृत जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

बीएमसी मेयर महिला ही होगी, महाराष्ट्र निकाय चुनाव पर बड़ा फैसला

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न्मुबई।  बीएमसी में मेयर पद महिला को ही मिलेगा। ये साफ हो चुका है। महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से जुड़े इस बड़े अपडेट के मुताबिक भाजपा-शिवसेना मिलकर महापौर का नाम तय करेंगे। बीएमसी के अलावा नवी मुंबई में भी महापौर पद महिला को मिलेगा, जबकि ठाणे में मेयर अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से बनेगा। शहरी विकास विभाग ने गुरुवार को लॉटरी के जरिए आरक्षण तय किया, जिसके आधार पर बीएमसी मेयर पद पर महिला की ताजपोशी होगी। 

क्या है लॉटरी सिस्टम?

महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग ने गुरुवार को एक लॉटरी व्यवस्था के तहत विभिन्न नगर पालिकाओं के लिए आरक्षण व्यवस्था तय की। शहरी निकाय के नियमों के तहत बीएमसी समेत सभी नगर पालिकाओं में मेयर पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को रोटेशन प्रणाली के आधार पर दिया जाता है। हालांकि यह आरक्षण व्यवस्था पहले से तय नहीं होती और इसके लिए लॉटरी सिस्टम बनाया गया है। जब तक यह लॉटरी नहीं निकाली जाती, तब तक राजनीतिक पार्टियां मेयर पद के लिए उम्मीदवारों को नाम का एलान नहीं कर सकतीं। संविधान के 74वें संशोधन के बाद नगर निकाय में नेतृत्व के लिए सामाजिक प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया गया है। यह लॉटरी व्यवस्था मेयर चुनाव की प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए की गई है। 

महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं में महापौर यानी मेयर पद को लेकर क्या फैसला लिया गया है? जानिए तमाम सवालों के जवाब नीचे दी गई सूची से
 
अ.क्र.    महानगरपालिका का नाम    आरक्षित श्रेणी 
   1                     बृहन्मुंबई (BMC)                    ओपन (महिला)
   2                             ठाणे                   अनुसूचित जाति (एससी)
   3                    कल्याण-डोंबिवली        अनुसूचित जनजाति (एसटी)
   4                          नवी मुंबई                     ओपन (महिला)
   5                           वसई-विरार                           ओपन
   6                         भिवंडी-निजामपुर             सर्वसाधारण (महिला)
   7                            मीरा-भाईंदर                   ओपन (महिला)
   8                         उल्हासनगर                                ओबीसी
   9                               पुणे                                    ओपन
  10                        पिंपरी-चिंचवड                            ओपन
  11                            नागपुर                           ओपन (महिला)
  12                           अहिल्यानगर                  ओबीसी (महिला)
  13                                 नाशिक                         ओपन
  14                          छत्रपति संभाजीनगर               ओपन
  15                            अकोला                      ओबीसी (महिला)
  16                             अमरावती                         ओपन
  17                               लातूर                    अनुसूचित जाति (एससी)
  18                          नांदेड़-वाघाला                   ओपन (महिला)
  19                               चंद्रपुर                            ओबीसी (महिला)
  20                               धुले                              ओपन (महिला)
  21                             जलगांव                          ओबीसी (महिला)
  22                           मालेगांव                                  ओपन
  23                          कोल्हापुर                                ओबीसी
  24                         सांगली-मीरज-कुपवाड़                ओपन
  25                          सोलापुर                                  ओपन
  26                         इचलकरंजी                              ओबीसी

राजनीतिक पार्टियों में किस वर्ग के कितने पार्षद?

ओपन कैटेगरी में भाजपा के पास 31 पार्षद हैं, जबकि शिवसेना यूबीटी के 20 पार्षद ओपन कैटेगरी के हैं। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना में इनका आंकड़ा 11 है। महिलाओं की बात करें तो भाजपा की 25 महिला पार्षद हैं। शिवसेना यूबीटी में 18 और शिंदे शिवसेना की 9 महिला पार्षद हैं। 
अन्य पिछड़ा वर्ग में भाजपा के पास 17 पार्षद हैं। शिवसेना यूबीटी में 11 और शिवसेना में तीन पार्षद अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। ओबीसी वर्ग में महिला पार्षदों की बात करें तो भाजपा में 13, शिवसेना यूबीटी में सात और शिंदे शिवसेना में 3 महिला ओबीसी पार्षद हैं। 
अनुसूचित जाति वर्ग की बात करें तो भाजपा के दो, शिंदे शिवसेना के एक और शिवसेना यूबीटी के तीन पार्षद अनुसूचित जाति के हैं। अनुसूचित जाति महिला वर्ग में शिवसेना यूबीटी की चार पार्षद, शिंदे शिवसेना की दो और भाजपा की एक पार्षद हैं। 
अनुसूचित जनजाति वर्ग में शिवसेना यूबीटी का ही एक पार्षद है, जबकि भाजपा और शिंदे शिवसेना का एक भी पार्षद इस वर्ग से नहीं है। 

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तकनीकी खराबी थी दुर्घटना की असली वजह

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अहमदाबाद। पिछले वर्ष 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 विमान हादसे की जांच में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। अमेरिका में पेश की गई एक हालिया व्हिसल ब्लोअर रिपोर्ट ने उन शुरुआती दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें इस भीषण हादसे के लिए पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल को जिम्मेदार ठहराया गया था। पूर्व में कहा गया था कि पायलट ने अनजाने में फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए थे, जिससे विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि, अमेरिका की संस्था फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (एफएएस) ने अमेरिकी सीनेट की स्थायी जांच उपसमिति के समक्ष सबूत पेश करते हुए दावा किया है कि इस हादसे की जड़ें विमान की पुरानी और गंभीर तकनीकी खामियों में छिपी थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच में पायलट की गलती बताने का पैटर्न वैसा ही है जैसा बोइंग 737 मैक्स के पिछले हादसों के दौरान देखा गया था, ताकि कंपनी की विनिर्माण खामियों को छुपाया जा सके। रिपोर्ट में दस्तावेजों के हवाले से बताया गया है कि दुर्घटना का शिकार हुआ एयर इंडिया का यह बोइंग 787 विमान अपनी सेवा के पहले दिन से ही तकनीकी समस्याओं से ग्रस्त था। रिकॉर्ड बताते हैं कि 1 फरवरी 2014 को भारत पहुंचने के दिन से ही इसमें सिस्टम फेल्योर की शिकायतें दर्ज होने लगी थीं। एफएएस का दावा है कि 11 साल की सर्विस के दौरान इस विमान में इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी कंट्रोल से जुड़ी कई गंभीर कमियां लगातार बनी रहीं।
रिपोर्ट में उन तकनीकी विफलताओं की एक लंबी सूची दी गई है, जिनसे यह विमान बार-बार जूझता रहा। इनमें मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर खराबियां, सर्किट ब्रेकर का अचानक ट्रिप होना, वायरिंग डैमेज, शॉर्ट सर्किट और पावर सिस्टम के हिस्सों का अत्यधिक गर्म (ओवरहीट) होना शामिल है। संस्था ने खुलासा किया कि जनवरी 2022 में भी इस विमान के प्राइमरी पावर पैनल में आग लगी थी, जिससे मुख्य वायरिंग को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके ठीक तीन महीने बाद, अप्रैल 2022 में लैंडिंग गियर इंडिकेशन सिस्टम फेल होने के कारण विमान को कई दिनों तक उड़ान भरने से रोका गया था।
विशेषज्ञों ने बोइंग 787 बेड़े के लगभग 18 प्रतिशत हिस्से का गहन विश्लेषण किया है, जिसमें 2,000 से अधिक सिस्टम फेल्योर रिपोर्ट्स का अध्ययन किया गया। इस विश्लेषण से पता चला कि बिजली आपूर्ति बाधित होने और धुएं या बदबू आने जैसी घटनाएं केवल इस एक विमान तक सीमित नहीं थीं, बल्कि अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में पंजीकृत इसी मॉडल के अन्य विमानों में भी देखी गई हैं। ऐसे में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि हादसा किसी मानवीय भूल का नतीजा नहीं, बल्कि विमान के भीतर लंबे समय से चली आ रही जटिल तकनीकी समस्याओं का चरम बिंदु था।
दूसरी ओर, इस गंभीर रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद विमान निर्माता कंपनी बोइंग के रुख पर भी सवाल उठ रहे हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने फिलहाल इन दावों पर कोई सीधी टिप्पणी करने के बजाय केवल इतना कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा की जा रही आधिकारिक जांच पर ही भरोसा करेंगे। हालांकि, व्हिसल ब्लोअर की इस रिपोर्ट ने वैश्विक विमानन सुरक्षा मानकों और कंपनियों की जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय विमानन नियामकों के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस नए खुलासे के बाद जांच की दिशा बदलते हैं या नहीं।

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सुप्रीम कोर्ट बोला-अरावली में रोक के बाद भी अवैध खनन

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अरावली पहाडिय़ों पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि रोक बावजूद भी अवैध खनन चल रहा है। इससे ऐसे हालात बनेंगे, जिन्हें सुधार नहीं सकेंगे। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि खनन रोकने के लिए विशेषज्ञों की एक एक्सपर्ट कमेटी गठित करेगा। कोर्ट ने राजस्थान सरकार से गारंटी ली कि अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह का खनन नहीं होने दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा- पहले जारी अंतरिम आदेश जारी रहेगा। सीजेआई ने कहा- कुछ तरह की अवैध गतिविधियां अब भी जारी हैं। अवैध खनन से ऐसे हालात बन सकते हैं, जिन्हें सुधारा नहीं जा सकेगा। नई रिट याचिकाएं दाखिल न करें। हमें पता है कि ये याचिकाएं क्यों दायर की जा रही हैं।
इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल (हस्तक्षेपकर्ता की ओर से) कहा कि हम अरावली का इतिहास जानते हैं। इसकी परिभाषा के पीछे विज्ञान होना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा- हमें अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों की जरूरत है। सभी लोग नाम सुझाएं। हम चरणबद्ध तरीके से एक्सपर्ट्स की टीम बनाएंगे।
कपिल सिब्बल ने अपील की कि कृपया 30 मिनट की प्रारंभिक सुनवाई हो। हिमालय और अरावली जैसी पर्वतमालाओं को परिभाषित नहीं किया जा सकता। इनमें टेक्टोनिक मूवमेंट होते रहते हैं। एक अन्य वकील ने कहा- हम कोर्ट के सुओ मोटो आदेश का स्वागत करते हैं। हमने किसानों के साथ जमीनी स्तर पर काम किया है, जियो-टैगिंग भी की है।
इस पर सीजेआई ने कहा कि 29 दिसंबर 2025 के आदेश के संदर्भ में, कोर्ट के सामने एक व्यापक नोट और अहम सवाल रखे जाएंगे, ताकि सही फैसला लिया जा सके। सीजेआई बोले- राजस्थान सरकार की ओर से के.एम. नटराजन ने कहा है कि राज्य तुरंत सुनिश्चित करेगा कि प्रदेश में कोई अवैध खनन न हो। उन्होंने कहा- कपिल सिब्बल की ओर से दायर अंतरिम आवेदन मंजूर किया जाता है।

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कहां किसे मिलेगी मेयर की कुर्सी, 11 बजे उठेगा पर्दा, शिंदे की लॉटरी से खुलेगी किस्मत

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नई दिल्ली .महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुंबई की बीएमसी (BMC) सहित 29 नगर महापालिका (Nagar Municipal Corporation) में अब बारी मेयर (mayor) के चुनाव की है, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई है. किस शहर में महिला मेयर होगी और किस शहर में ओबीसी, सामान्य वर्ग या फिर अनुसूचित जाति से होगा. गुरुवार को सुबह 11 बजे इससे पर्दा उठ जाएगा, क्योंकि शहरी विकास विभाग आरक्षण की प्रक्रिया के जरिए तय कर देगा.

बीएमसी सहित सभी महानगरपालिका में नए मेयर का चुनाव निगम सदन में पार्षदों के मतदान के जरिए किया जाएगा. अलग-अलग शहरों में नवनिर्वाचित पार्षदों की बुलाई जाने वाली विशेष बैठक में मेयर का चुनाव होगा, लेकिन उससे पहले मेयर किस जाति और किस वर्ग का होगा, ये फॉर्मूला एकनाथ शिंदे के मंत्रालय के द्वारा ‘लॉटरी सिस्टम’ से तय किया जाना है.

 

महाराष्ट्र में किस नगर महापालिका का मेयर किस जाति और किस वर्ग से होगा, इसका फैसला राज्य के अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट यानि शहरी विकास विभाग के द्वारा तय किया जाता है. राज्य के शहरी विकास विभाग का जिम्मा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास है. ऐसे में मेयर पद के आरक्षण के लिए शहरी विकास विभाग गुरुवार को लाटरी के जरिए तय करेगा.

मेयर आरक्षण 11 बजे लाटरी से होगा तय
मुंबई बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका में मेयर पद के लिए नगर विकास विभाग आज आरक्षण लॉटरी निकालेगा. शहरी विकास मंत्रालय में सुबह 11 बजे से लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी. कार्यक्रम के अनुसार 29 नगर निगमों की लॉटरी शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की अध्यक्षता में निकलेगी. लॉटरी निकले के बाद ही तय होगी किस मुंबई सहित 29 शहरों के मेयर महिला और पुरुष में किस वर्ग का होगा. इसके अलावा सामान्य वर्ग, ओबीसी, अनुसूचति जाति या अनुसूचित जनजाति में किस कैटेगरी से होगा.

रोटेशन के आधार पर तय होगा आरक्षण
महाराष्ट्र में मेयर का पद रोटेशन के आधार पर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित होता है.कि मुंबई के बीएमसी में पिछली बार मेयर का पद सामान्य के निकला थाा. ऐसे में सामान्य को लॉटरी में नहीं रखा जाएगा. इसी तरह से महाराष्ट्र के बाकी 28 नगर महापालिका में पिछला मेयर जिस वर्ग और जिस कैटेगरी का था, उसे इस बार के लॉटरी सिस्टम में शामिल नहीं किया जाएगा. इस तरह से सभी की निगाहें आरक्षण की लाटरी सिस्टम पर ही टिकी हुई है.

महाराष्ट्र में कैसे होगा मेयर पद का चुनाव
मेयर पद पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 महानगरपालिका के नए मेयर का चुनाव होगा. इस तरह से महाराष्ट्र के मुंबई को आखिरकार चार साल बाद मेयर मिलने जा रहा है. मुंबई के मेयर का पद संभालने वाली आखिरी शख्स शिवसेना की किशोरी पेडनेकर थीं, जो इस बार भी जीतकर आईं है, लेकिन उद्धव की सेना को बहुमत का नंबर नहीं मिल सका है. इसके चलते उनका मेयर बनने की राह काफी मुश्किल है.

मुंबई के बीएमसी में अलग-अलग वॉर्डों से कुल 227 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं, जिन्हें मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है. ऐसे में जिस पार्टी का बहुमत होता है, उसी पार्टी का मेयर चुना जाता है. बीएमसी सहित सभी नगर महापालिका चुनाव जीतकर आने वाले पार्षद अपने-अपने निगम में मेयर का चुनाव करते हैं.

28 जनवरी को मेयर और उपमेयर का चुनाव?
मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है, वहीं पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं. एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर का चुनाव होता है. ऐसे में प्रशासन नवनिर्वाचित निगम पार्षदों की विशेष बैठक बुलाएगा, जिसमें मेयर और उपमेयर का चुनाव होगा. 28 जनवरी को नगर प्रशासन पार्षदों की विशेष बैठक बुला सकता है. बैठक में मेयर पद के लिए सभी निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे और जिसे सबसे अधिक वोट मिलेंगे, वही मेयर चुना जाएगा.

हालांकि. यह जरूरी नहीं है कि सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी का उम्मीदवार ही मेयर बने, लेकिन बीते वर्षों के चुनावी अनुभव बताते हैं कि आमतौर पर बहुमत या मजबूत गठबंधन वाली पार्टी इस पद पर काबिज होती रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी पहली बार मुंबई में अपने मेयर बना सकती है. इसी तरह से जिस शहर में जिस पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद चुनकर आए हैं, उस पार्टी का मेयर चुनाव जा सकता है.

नागपुर में ‘सिक्सर’ शर्मा शो! अभिषेक ने जड़े 8 गगनचुंबी छक्के, युवराज सिंह को छोड़ा पीछे

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IND vs NZ: कल नागपुर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया. भारत ने इस मैच में 48 रन से जीत के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त बनानी ली है. अभिषेक शर्मा ने इस मैच में क्रिकेट प्रेमियों को पुराने ‘युवराज सिंह’ की याद दिला दी. पहले टी20 में अभिषेक ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के हर कोने में बाउंड्री की बौछार कर दी.

अभिषेक शर्मा ने अपनी पारी में केवल चौकों और छक्कों से ही न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के होश उड़ा दिए. उन्होंने 35 गेंदों में 86 रन की पारी खेली. जिसमें 8 छक्के और 5 चौके जड़े. अभिषेक ने इस मैच में टी20 क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे कर लिए. उन्होंने केवल 165 पारियों में यह मुकाम हासिल कर विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है.

गुरु युवराज सिंह को छोड़ा पीछे
इस पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने वह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली, जिसका इंतजार मैच शुरू होने से पहले ही किया जा रहा था. उन्होंने इस मैच में दो छ्क्के लगाते ही युवराज सिंह (74 छक्के) को पीछे छोड़ दिया है. अभिषेक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपने 81 छक्के पूरे कर लिए हैं. युवी ने जहां 74 छक्के 58 मैचों में लगाए थे, वहीं अभिषेक ने यह कारनामा मात्र 34वें मैच में कर दिखाया.

न्यूजीलैंड के खिलाफ नया भारतीय रिकॉर्ड
अभिषेक शर्मा अब न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय पारी में सबसे ज्यादा छक्के (8) लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने कीवी टीम के खिलाफ एक मैच में 7-7 छक्के लगाए थे.

वर्ल्ड कप 2026 के लिए ‘तैयार’ हैं अभिषेक
अभिषेक की इस पारी ने चयनकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वे वर्ल्ड कप में ओपनिंग के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं. उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि उन्होंने बिना किसी डर के 180+ के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी मांग है.