कहना आसान होता है मिस्टर एक्सपर्ट ऑफ क्रिकेट; विराट कोहली के भाई ने संजय मांजरेकर पर कसा तंज

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विराट कोहली के भाई विकास कोहली ने एक बार फिर पूर्व क्रिकेटर और जाने-माने कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर को उनकी हालिया टिप्पणियों के लिए आड़े हाथ लिया है। मांजरेकर ने हाल में कहा था कि अच्छा होता कि कोहली हर फॉर्मेट से संन्यास ले लिए होते। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के ऊपर ओडीआई को तरजीह देने को लेकर विराट कोहली की आलोचना की थी। मांजरेकर ने कहा था कि ‘अपनी कमियों पर काम’ करने के बजाय कोहली ने टेस्ट से संन्यास ले लिया और ‘सबसे आसान फॉर्मेट’ ओडीआई में खेलना जारी रखा। इसी कॉमेंट को लेकर विकास कोहली ने मांजरेकर पर तंज कसा है।

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जबरदस्त फॉर्म में विराट कोहली

विराट कोहली पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे से ही लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। तब से लेकर अब तक 7 पारियों में से 6 में उन्होंने फिफ्टी प्लस स्कोर बनाया है। इनमें 3 शतक भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में खेले गए सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में उन्होंने 124 रन की पारी खेली, हालांकि भारत मैच नहीं जीत पाया।

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‘मिस्टर एक्सपर्ट ऑफ क्रिकेट’ कहकर कसा तंज

विराट कोहली के जबरदस्त प्रदर्शन को देखते हुए उनके भाई विकास कोहली ने संजय मांजरेकर पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया साइट थ्रेड पर पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, ‘मुझे हैरानी हो रही कि क्या मिस्टर एक्सपर्ट ऑफ क्रिकेट के पास क्रिकेट के सबसे आसान फॉर्मेट के लिए कुछ सुझाव हैं। आपको वो करने के लिए वहां रहने की जरूरत होती है। जो भी हो, जैसा कि मैंने कहा कि करने के मुकाबले कहना आसान होता है।’

विकास कोहली का थ्रेड पोस्ट

‘कहना आसान होता है…’

विकास कोहली ने कुछ दिन पहले भी संजय मांजरेकर की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, ‘कितना आसान फॉर्मेट है, है ना…किसी ने कुछ दिन पहले अपने ज्ञान दिया था…कहना बहुत आसान होता है, करना नहीं…।’

मांजरेकर ने कहा क्या था?

संजय मांजरेकर ने एक इंस्टाग्राम वीडियो में कहा था कि विराट कोहली अपनी कमियों, समस्याओं पर काम करने के बजाय टेस्ट से ही भाग गए। उन्होंने कोहली के टेस्ट पर ओडीआई को तरजीह दिए जाने पर भी निराशा जताई।

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मांजरेकर ने कहा था, ‘जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाई हासिल कर रहे हैं, मेरा मन विराट कोहली पर जा रहा। वह टेस्ट क्रिकेट से किनारा कर गए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिटायरमेंट से पहले संघर्ष वाले उन 5 वर्षों में वह समस्या ढूंढने में पूरे जी-जान से नहीं लगे कि वह 5 वर्षों तक टेस्ट में 31 की औसत से क्यों रन बना रहे हैं। लेकिन ये देखकर दुख होता है कि जो रूट और स्टीव स्मिथ, केन विलियम्सन जैसे लोग टेस्ट क्रिकेट में अपना नाम बना रहे हैं।’उन्होंने कहा, ‘तब ठीक होता अगर विराट कोहली क्रिकेट से ही दूर हो गए होते, हर तरह के क्रिकेट से दूर हो गए होते। लेकिन उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट खेलना चुना, ये मुझे और निराश करता है क्योंकि किसी टॉप ऑर्डर बैटर के लिए ये फॉर्मेट सबसे आसान होता है, जो मैं पहले भी कह चुका हूं।’

पीएम मोदी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, एयरपोर्ट पर किया स्वागत

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UAE President India Visit :  संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत पहुंचे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी और गहरी मित्रता साफ झलकी, जिसने भारत-यूएई संबंधों को एक बार फिर नई ऊर्जा दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे को बेहद खास बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे “अपने भाई, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का हवाई अड्डे पर स्वागत करने गए।” उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-यूएई की मजबूत मित्रता और आपसी विश्वास को दर्शाती है। पीएम मोदी द्वारा ‘भाई’ शब्द का इस्तेमाल दोनों देशों के रिश्तों की निकटता को रेखांकित करता है।

करीब साढ़े तीन घंटे के इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। रक्षा साझेदारी, अंतरिक्ष बुनियादी ढांचा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसे छोटा लेकिन ठोस शिखर सम्मेलन बताया, जिसमें प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी शामिल रही।

इस दौरान पीएम मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ भी एक बार फिर चर्चा में आ गई। पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति की कार में साथ बैठी तस्वीर सामने आने के बाद यह रणनीति फिर सुर्खियों में है। इससे पहले भी पीएम मोदी रूस, ब्रिटेन, जॉर्डन और जर्मनी के नेताओं के साथ इस तरह की अनौपचारिक कूटनीति करते नजर आ चुके हैं।

अंत में, UAE President India Visit के दौरान भारत-यूएई के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त पहल, परमाणु ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और तकनीक से जुड़े समझौते हुए। साथ ही, अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ की स्थापना पर भी सहमति बनी, जो दोनों देशों की साझा विरासत को प्रदर्शित करेगा।

जावेद अख्तर ने रिजेक्ट की ‘बॉर्डर 2’, बोले- नई फिल्म बना रहे हो तो नए गाने भी बनाओ या मान लो कि…

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Border 2: ‘बॉर्डर 2’ साल 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्म है। ये फिल्म 23 जनवरी के दिन थिएटर्स में दस्तक देने वाली है। जावेद अख्तर, जिन्होंने ‘बॉर्डर’ के कई सारे गाने लिखे थे, उन्होंने बताया कि ‘बॉर्डर 2’ के लिए भी मेकर्स ने उनके पास आए थे। हालांकि, उन्होंने ‘बॉर्डर 2’ का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। क्यों? इसका भी जवाब जावेद अख्तर ने अपने इंटरव्यू में दिया है। आइए बताते हैं।

क्या बोले जावेद अख्तर?

जावेद अख्तर ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा, “मेकर्स आए थे मेरे पास, ‘बॉर्डर 2’ के लिए, लेकिन मैंने मना कर दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके पास एक पुराना गाना है, जो पहले से ही हिट है और वो उसमें थोड़ा-सा बदलाव करके उसे फिर से रिलीज करना चाहते हैं। ये कोई बात हुई? नए गाने बनाओ या फिर मान लो कि आप उस लेवल का काम नहीं कर सकते।”

बॉर्डर 2 ट्रेलर

जावेद अख्तर का फूटा गुस्सा

जावेद अख्तर ने आगे कहा, “जो बीत गया, उसे वैसा ही रहने दो। उसे रीक्रिएट करने की क्या जरूरत है? जब हम ‘बॉर्डर 1’ (1997) के लिए गाने लिख रहे थे तब हमारे सामने भी एक फिल्म थी, हकीकत (1964) और उसके गाने मामूली नहीं थे। चाहे वह ‘कर चले हम फिदा’ हो या ‘मैं यह सोचकर उसके दर से उठा था’। वे बहुत शानदार गाने थे। लेकिन हमने उनका इस्तेमाल नहीं किया। हमने नए गाने लिखे, हमने बिल्कुल अलग गाने बनाए और लोगों को वे पसंद भी आए। आप फिर से फिल्म बना रहे हैं, तो नए गाने बनाओ। आप अतीत पर क्यों निर्भर हैं? इसका मतलब ही यही है कि आपने मान लिया है कि हम नहीं कर सकते। हम पिछली शान के साथ जिएंगे।”

‘बॉर्डर 2’ की स्टार कास्ट

अनुराग सिंह के निर्देशन में बन रही इस आइकॉनिक फिल्म में सनी देओल की वापसी हो रही है। उनके साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी, दुश्मनों से लड़ते नजर आएंगे। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से प्रेरित है

मोदी सरकार तमिलनाडू के महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को नजरअंदाज कर रही : सांसद टैगोर

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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने केंद्र पर जमकर निशाना साधकर आरोप लगाया कि भारत के विकास में तमिलनाडु की अहम भूमिका होने के बावजूद, मोदी सरकार तमिलनाडू के महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में नजरअंदाज कर रही है। सांसद टैगोर ने कहा कि केंद्र सरकार ने मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो परियोजनाओं के साथ-साथ होसुर हवाई अड्डे की परियोजना का अनदेखा किया है। उन्होंने लिखा कि तमिलनाडु देश के विकास में अहम भूमिका निभाने के बावजूद, इन परियोजनाओं सहित अपने हक के विकास कार्यों से वंचित है।
सांसद टैगोर ने लिखा कि मदुरै मेट्रो नहीं… कोयंबटूर मेट्रो नहीं… अब होसुर हवाई अड्डा भी नहीं… तमिलनाडु की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को एक-एक करके नकारा जा रहा है। यह अलग रवैया क्यों? जीडीपी, निर्यात, लघु एवं मध्यम उद्यम और रोजगार तमिलनाडु भारत के विकास में अहम भूमिका निभाता है। फिर भी, क्या केंद्र की योजनाओं में नजरअंदाज किया है? उन्होंने मदुरै और कोयंबटूर को देश के दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख विकास केंद्र बताकर होसुर को उद्योग, रसद और रोजगार की रीढ़ बताया। केंद्र पर तीखा प्रहार कर सांसद टैगोर ने जोर दिया कि इन परियोजनाओं को अस्वीकार करना लाखों लोगों के लिए मौकों की पहुंच में बाधा है।
उन्होंने कहा कि मदुरै, कोयंबटूर के प्रमुख विकास केंद्र। होसुर उद्योग, रसद और रोजगार की रीढ़। इन परियोजनाओं को अस्वीकार करना लाखों लोगों के लिए मौकों को अस्वीकार करना है सांसद टैगोर ने राजनीतिक सहयोग और संघवाद के रुख पर सवाल उठाकर पूछा कि क्या यह केवल भाषणों तक ही सीमित है और इसका कोई कार्य योजना बनाने का इरादा नहीं है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहयोग के बिना विकास? क्या संघवाद सिर्फ भाषणों के लिए है, कार्यों के लिए नहीं? कांग्रेस सांसद ने स्थिति को भेदभावपूर्ण बताकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राज्य की उपेक्षा के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु ने कोई एहसान नहीं मांगा है। वह सिर्फ अपना उचित हिस्सा मांग रहा है।

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एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पश्चिम बंगाल में 1.25 करोड़ वोटरों की सूची सार्वजनिक करें

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल एसआईआर में 1.25 करोड़ वोटरों की सूची सार्वजनिक करने का आदेश दे दिया है। ये वे लोग हैं, जिनके नाम थोड़ी गड़बड़ी वजह से मतदाता सूची से हट दिए गए। अमर्त्य सेन तक को नोटिस भेजा गया, सुप्रीम कोर्ट ने ईसीआई की व्हाट्सएप कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन 1.25 करोड़ लोगों के खिलाफ तार्किक विसंगति की आपत्ति उठी है, उनके नाम प्रकाशित किए जाएं। ये नाम पंचायत और वार्ड कार्यालयों में प्रकाशित होने चाहिए हैं। शीर्ष अदालत ने गौर किया कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए करीब दो करोड़ लोगों को नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों को मोटे तौर पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया है पहला मैप किए गए, मैप नहीं किए गए और तार्किक विसंगति शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तार्किक विसंगति श्रेणी के अंतर्गत, अधिकारियों द्वारा पिता के नाम का मिलान न होना, माता-पिता की आयु का मिलान न होना और दादा-दादी की आयु में अंतर मिला है।
चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ किया कि डॉक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन के लिए करीब 2 करोड़ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें से बड़ी संख्या ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ कैटेगरी की है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि जिन लोगों के नाम लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी की सूची में डाले गए हैं, उनकी जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी और तनाव न होने पाएं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि करीब 1.25 करोड़ लोगों को नोटिस भेज दिए गए हैं। इन नोटिस में माता-पिता के नाम में फर्क, उम्र का अंतर कम होना, बच्चों की संख्या ज्यादा होना जैसी बातें कही गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को उन सभी लोगों की सूची सार्वजनिक करनी होगी, जिन्हें लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नाम पर नोटिस दिया गया है।

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केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई

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नागपुर । महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) के प्लांट से ‘गाइडेड पिनाका’ रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई। इसी प्लांट से अब गाइडेड पिनाका का एक्सपोर्ट आर्मेनिया को होगा।
इस मौके पर उन्होंने एसडीएएल की मीडियम कैलिबर एम्युनिशन फैसिलिटी का भी उद्घाटन कर रॉकेट असेंबली क्षेत्र का निरीक्षण किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने डिफेंस प्रोडक्शन में निजी सेक्टर की तारी कर कहा कि निजी कंपनियां अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत योगदान दे रही हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य गोला-बारूद उत्पादन का ग्लोबल हब बनना है। पहले गोला-बारूद की कमी की वजह से आधुनिक हथियारों का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। आज कई तरह का एम्युनिशन पूरी तरह भारत में बनाया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि नागपुर की इस फैसिलिटी से पिनाका मिसाइलों का एक्सपोर्ट शुरू होना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इससे न सिर्फ देश की रक्षा उद्योग की ताकत दिखती है, बल्कि भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि कई अन्य देश भी पिनाका सिस्टम खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में रक्षा उत्पादन में निजी सेक्टर की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंचे और देश की रक्षा जरूरतों के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाए।

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मुंबई में बनेगा 30 मंजिला बिहार भवन, मनसे ने दी चेतावनी, कहा मुंबई में नहीं बनने देंगे बिहार भवन

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मुंबई। बिहार सरकार मुंबई में अधिकारियों, मेहमानों और रोगियों के लिए 30 मंजिला बिहार भवन बनाने की योजना बना रही है। इसपर 314 करोड़ रूपये खर्च होंगे। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस परियोजना का विरोध करते हुए महाराष्ट्र के मुद्दों के बीच इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाया और बिहार में अस्पताल निर्माण का सुझाव दिया है। दरअसल बिहार सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली के बाद अब वह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बिहार भवन बनाएगी। बिहार के आवास विभाग के सचिव कुमार रवि ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बिहार भवन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के एल्फिंस्टन एस्टेट इलाके में बनाया जाएगा और राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 314.20 करोड़ रुपये के प्रशासनिक खर्च को मंज़ूरी दे दी है। कुमार रवि ने कहा कि मुंबई में बिहार भवन का निर्माण राज्य की प्रगति और जन कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इस बिहार भवन के निर्माण का विरोध अभी से शुरू हो गया है, जिसमें नवनिर्वाचित मनसे नगरसेवक यशवंत किल्लेदार ने चेतावनी दी है कि वे मुंबई में बिहार भवन नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में इतनी सारी समस्याएं हैं, किसान परेशान हैं, छात्रों की शिक्षा महंगी हो गई है और ऐसी स्थिति में वे बिहार भवन बनाने के लिए 314 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस इमारत में बिहार से आने वाले मरीज़ों के लिए सुविधाएं होंगी। तो फिर वे उसी रकम से बिहार में ही एक बड़ा अस्पताल क्यों नहीं बनाते ?

* कैसा होगा बिहार भवन ?
प्रस्तावित बिहार भवन बेसमेंट सहित लगभग 30 मंज़िला होगा और इसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी। बिहार राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी है। यह बिल्डिंग लगभग 0.68 एकड़ ज़मीन पर बनाई जाएगी और इसकी ऊंचाई ज़मीन से लगभग 69 मीटर होगी। बिल्डिंग में 178 कमरे होंगे, जिनका इस्तेमाल सरकारी अधिकारी, मेहमान और ज़रूरतमंद लोग करेंगे। हालांकि, बिहार सरकार द्वारा घोषित इस बिहार भवन के निर्माण का मनसे ने विरोध किया है।  

* मरीज़ों के लिए विशेष सुविधाएं
बिहार से बड़ी संख्या में मरीज़ टाटा मेमोरियल जैसे अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए मुंबई आते हैं। उन्हें होने वाली असुविधा से बचने के लिए इस बिल्डिंग में विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
– मरीज़ों के लिए रहने की जगह: बिल्डिंग में कुल 178 कमरे होंगे।
• डॉरमेट्री: मरीज़ों और उनके रिश्तेदारों के लिए 240 बेड वाली एक बड़ी डॉरमेट्री बनाई जाएगी।
• मेडिकल रूम: बिल्डिंग में एक अलग मेडिकल रूम और अन्य ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
• गाड़ियों के लिए सेंसर-आधारित स्मार्ट ट्रिपल और डबल-डेकर पार्किंग सुविधा होगी, जहाँ एक साथ 233 गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं। 72 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया, सरकारी काम के लिए अलग हॉल और मीटिंग रूम की भी व्यवस्था की गई है।

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ओवैसी की महाराष्ट्र निकाय चुनाव में सेंधमारी से यूपी की सियासत में मची खलबली

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा सियासी प्रदर्शन किया है, जिसने न सिर्फ मुंबई की राजनीति को चौंकाया, बल्कि उत्तर प्रदेश की विपक्षी सियासत, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा), की टेंशन भी बढ़ा दी है। दरअसल 29 नगर महापालिकाओं में से 12 शहरों में जीत दर्ज करते हुए एआईएमआईएम ने कुल 126 सीटें अपने नाम की हैं। यह संकेत है कि ओवैसी की पार्टी का प्रभाव अब मराठवाड़ा से निकलकर विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और मुंबई तक फैल चुका है।
मुस्लिम बहुल मालेगांव, संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नांदेड़ जैसे शहरों में ओवैसी की पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाई है। मालेगांव में पार्टी किंगमेकर बनकर उभरी है, जबकि संभाजीनगर में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया है। सबसे ज्यादा 33 पार्षद संभाजीनगर से चुने गए हैं। इसके अलावा मालेगांव में 21, नांदेड़ में 14, अमरावती में 12 और मुंबई में 8 सीटों पर जीत ने ओवैसी को राष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिम राजनीति का बड़ा चेहरा बना दिया है।
मुंबई में एआईएमआईएम की सफलता को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जिन गोवंडी, मानखुर्द और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में दो दशकों से सपा का वर्चस्व रहा, वहां इस बार ओवैसी ने सेंध लगा दी। बीएमसी चुनाव में एआईएमआईएम को 8 सीटें मिलीं, जबकि सपा सिर्फ 2 सीटों पर सिमट गई। सपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी अपने ही प्रभाव क्षेत्र में पार्टी को मजबूत नहीं रख सके।
ओवैसी बिहार में दिखा चुके हैं दम
बिहार के सीमांचल में पहले ही कांग्रेस और आरजेडी को पीछे छोड़कर जीत दर्ज कर चुके ओवैसी अब उत्तर प्रदेश की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं। माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी, जहां मुस्लिम आबादी 30 से 50 प्रतिशत तक है, उनका मुख्य फोकस होगा। हालांकि, यूपी में अब तक एआईएमआईएम को कोई बड़ी चुनावी सफलता नहीं मिली है। 2022 के विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बावजूद पार्टी खाता नहीं खोल सकी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र और बिहार में मिली सफलता से ओवैसी का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन यूपी में संगठन और मजबूत स्थानीय नेतृत्व की कमी उनकी राह मुश्किल बना सकती है। इसके बावजूद, मुंबई में सपा के किले को ध्वस्त कर ओवैसी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में मुस्लिम वोटों की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है।

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सोनमर्ग में पारा माइनस 8.9 डिग्री, हिमाचल में बर्फबारी

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नई दिल्ली/भोपाल। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के कारण पारा लगातार माइनस में बना हुआ है। रविवार को सोनमर्ग घाटी का तापमान माइनस 8.9 डिग्री, श्रीनगर का माइनस 4.7 डिग्री , शोपियां का माइनस 6.7 डिग्री और पहलगाम में  माइनस 6 डिग्री रहा। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी बर्फबारी हुई। हमीरपुर में तापमान 2.1 डिग्री, ऊना में 2.7 डिग्री और मंडी में मंडी 3.9 डिग्री रहा। इधर, पंजाब के अमृतसर का तापमान 1.7 डिग्री रहा। उत्तर के मैदानी राज्यों में पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़, हरियाणा, यूपी में सर्दी का असर है। इन इलाकों में घना कोहरा छाया है। पंजाब के हलवारा में सुबह से विजिबिलिटी जीरो है। वहीं, यूपी में अचानक मौसम पलट गया है। लखनऊ-बाराबंकी समेत कई शहरों में सोमवार सुबह बारिश हुई। अलीगढ़ में ओले गिरे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है। इससे 23 जनवरी से 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम और बिगड़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट आएगी, साथ ही पाला पडऩे और कोल्डवेव के हालात बन सकते हैं।

इंसाफ मांगते-मांगते थम गईं रेप पीड़िता की सांसें, लेकिन ढाई साल बाद भी आरोपी का सुराग तक नहीं

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मणिपुर: मणिपुर Manipur) में साल 2023 की शुरुआत में जातीय हिंसा (Ethnic Violence) शुरू हुई थी. इसी दौरान गैंगरेप (Gang Rape) 18 साल की युवती (Young Women) गैंगरेप का शिकार हुई थी, जिसकी 2 साल बाद मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो युवती को तीन साल पहले किडनैप किया गया था. इसी दौरान उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. इस घटना से युवती आज तक उबर नहीं पाई थी. इसी के कारण उसकी मौत हो गई. इस मामले के 3 साल बाद भी पुलिस और सीबीआई आरोपियों की पहचान भी नहीं कर पाई है. यही वजह है कि जांच पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

युवती के परिजनों ने बताया कि उस घटना के बाद वह आज तक उबर नहीं पाई थी. उसको कई शारीरिक चोटें आईं थीं. जो आज तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई हैं. युवती की इलाज के दौरान 10 जनवरी को गुवाहाटी में मौत हो गई. युवती ने अपने साथ हुई इस घटना की शिकायत 21 जुलाई, 2023 को पुलिस को दी थी. इसमें बताया था कि हथियारबंद लोग उसे सफेद कार में किडनैप कर पहाड़ी इलाके में ले गए थे. यहां बारी-बारी से उसके साथ कई रेप की घटना को अंजाम दिया. हालांकि शिकायत दर्ज होने के एक महीने बाद ही यह केस CBI को सौंप दिया गया.

 

 

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