प्राण प्रतिष्ठा के 2 साल, 10 करोड़ श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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Ayodhya Ram Mandir: इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण दिन है। गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे हो गए हैं। 22 जनवरी 2024 को भव्य समारोह के साथ राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जिसके बाद अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गई। पिछले दो वर्षों में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए हैं। देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से सनातन धर्म को मानने वाले श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, जिनमें कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी शामिल रहे।

राम मंदिर निर्माण का सफर आसान नहीं था। मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज को करीब 500 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। कई वर्षों तक यह मामला न्यायालय में चला और आखिरकार 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया और 5 अगस्त 2020 को भव्य भूमि पूजन संपन्न हुआ।

Ayodhya Ram Mandir के निर्माण के बाद अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब यह शहर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक आधुनिक धार्मिक नगरी बन चुका है। यहां आधुनिक अस्पताल, हाई-क्लास एयरपोर्ट और आधुनिक रेलवे स्टेशन विकसित किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 फीट चौड़ा राम जन्मभूमि पथ, सुव्यवस्थित दर्शन मार्ग, एलईडी स्क्रीन से सूचना प्रसारण, स्थायी कैनोपी, शुद्ध पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था की गई है।

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राहुल गांधी को मिला दादा फिरोज गांधी का ऐतिहासिक दस्तावेज, मां सोनिया को भेजा

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rahul soniaरायबरेली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Raebareli, Uttar Pradesh) के दो दिवसीय दौरे पर आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। उन्हें उनके दादा और पूर्व सांसद फिरोज गांधी (Feroze Gandhi) का दशकों पुराना ड्राइविंग लाइसेंस भेंट किया गया, जो वर्षों से गुमनाम था। रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान आयोजन समिति के सदस्य विकास सिंह ने राहुल गांधी को यह ऐतिहासिक दस्तावेज सौंपा।

विकास सिंह ने बताया कि उनके ससुर को यह लाइसेंस कई साल पहले एक कार्यक्रम के दौरान मिला था। उनके निधन के बाद उनकी सास ने इसे एक अमानत की तरह सुरक्षित रखा था।

विकास सिंह ने कहा, “हमें लगा कि यह गांधी परिवार की धरोहर है और राहुल जी के रायबरेली दौरे के दौरान इसे उन्हें सौंपना हमारा कर्तव्य है।”

 

जैसे ही राहुल गांधी को यह लाइसेंस मंच पर सौंपा गया, उन्होंने इसे बहुत ध्यान से देखा। पुरानी यादों से जुड़ा यह दस्तावेज देखकर राहुल गांधी काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल से लाइसेंस की फोटो खींची और व्हाट्सऐप के जरिए अपनी मां सोनिया गांधी को भेज दी।

 

आपको बता दें कि फिरोज गांधी का जन्म दिसंबर 1912 में हुआ था। उन्होंने 1952 में भारत के पहले आम चुनाव में रायबरेली सीट का प्रतिनिधित्व किया था। 7 सितंबर 1960 को उनका निधन हो गया था। आपको बता दें कि रायबरेली न केवल राहुल गांधी का वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र है, बल्कि उनके दादा फिरोज गांधी और मां सोनिया गांधी का भी कार्यक्षेत्र रहा है।

 

 

रंगारेड्डी में 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मारा

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रंगारेड्डी।  तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के एक गांव में किसी अज्ञात व्यक्ति ने 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मार डाला। एक एनिमल एक्टिविस्ट ने इस मामले में एफआईआर कराई है। पुलिस ने गांव के सरपंच और दो अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है। हालांकि कुत्तों के शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। कुछ दिन पहले भी तेलंगाना में 500 से ज्यादा कुत्तों की हत्या की गई थी। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कुत्तों की लाशों को कहां दफनाया गया है।

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ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी

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नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पिछले साल हुए तनाव को खत्म करने का श्रेय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने लिया है। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप अब तक 70 बार इस तरह का दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिख रहा। वाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया की 8 अंतहीन लड़ाइयां रुकवाई हैं।

भारत-पाक के संदर्भ में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। आठ विमान मार गिराए गए थे। मेरी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो करोड़ों लोग मारे जाते।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इजरायल-ईरान जैसे आठ बड़े संघर्षों को शांत कराया है।

 

जयराम रमेश का तीखा हमला
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी। लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान। यही वह संख्या है, जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है- ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वही जिम्मेदार थे।”

नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत
ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी मलाल जताया कि इन युद्धों को रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकने से कम से कम 1.5 से 2 करोड़ लोगों की जान बची है, जो उनके लिए नोबेल से बड़ी बात है।

गौरतलब है कि भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के बार-बार इस तरह के दावे करना भारतीय संप्रभुता और प्रधानमंत्री के दावों पर सवाल खड़ा करता है।

राजस्थान में कोहरे में 4 गाडिय़ां टकराईं, 10 घायल

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नई दिल्ली। राजस्थान के सीकर जिले में बुधवार सुबह धुंध के कारण चार बस-ट्रक की भिड़ंत हो गई। इसके बाद और गाडिय़ां बस से टकरा गईं। हादसे में 10 लोग घायल हो गए। बिहार के अररिया, पूर्णिया सहित 5 जिलों में कोहरा रहा। सुबह विजिबिलिटी कम होने से 5 ट्रेनें लेट चल रही हैं। औरंगाबाद समेत कई शहरों में सुबह से बादल छाए हुए हैं।
मध्य प्रदेश में 23 और 24 जनवरी को ग्वालियर-रीवा समेत 10 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इस दौरान कोहरा भी छाया रहेगा। उधर, यूपी सहित देश के 6 राज्यों में दो दिन बाद बारिश की संभावना है। राजस्थान में ओले भी गिर सकते हैं। उत्तरकाशी में चीन सीमा से लगी नेलांग घाटी में नदियां जम गईं। आदि कैलाश (पिथौरागढ़) और केदारनाथ धाम में तापमान माइनस 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

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आवारा कुत्तों पर मेनका गांधी की बात पर नाराज हुए CJI, जानिए पूरा मामला

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नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी (Maneka Gandhi) को आज  कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने एक पॉडकास्ट के दौरान आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट की टिप्पणियों पर उनकी “बॉडी लैंग्वेज” और बयानों पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और देश के भावी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की पीठ ने कहा कि यह अदालत की “दरियादिली” है कि मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कोर्ट ने साफ किया कि जब उन्होंने (मेनका गांधी ने) अपने पॉडकास्ट में आवारा कुत्तों के हमलों के लिए कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जिम्मेदार बनाने की बात कही थी, तो वह गंभीर टिप्पणी थी, कोई मज़ाक नहीं कर रही थीं। कोर्ट ने गांधी के वकील राजू रामचंद्रन से कहा, “कुछ देर पहले, आप कोर्ट से कह रहे थे कि हमें सावधान रहना चाहिए। क्या आपने पता लगाया कि आपकी क्लाइंट किस तरह की टिप्पणियां कर रही हैं? आपकी क्लाइंट ने अवमानना ​​की है। हम उस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। यह हमारी महानता है। क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है? वह क्या कहती हैं और कैसे कहती हैं।”

बार एंड बेंच के मुताबिक, बेंच ने कहा, “आपने टिप्पणी की कि कोर्ट को सावधान रहना चाहिए। दूसरी ओर, आपकी क्लाइंट जिसे चाहे और जिस पर चाहे, हर तरह की टिप्पणियां कर रही हैं।” पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस विक्रम नाथ ने साफ शब्दों में कहा कि मेनका गांधी की टिप्पणियाँ अदालत की अवमानना के दायरे में आती हैं, लेकिन कोर्ट ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इस पर रामचंद्रन ने कहा कि यह अवमानना की सुनवाई नहीं है, इसलिए वह टिप्पणी नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह 26/11 के आतंकवादी अजमल कसाब के लिए भी पेश हुए थे। इस पर जस्टिस नाथ और भड़क गए। उन्होंने तपाक से कहा, “कसाब ने अवमानना ​​नहीं की थी।”

बजट और जिम्मेदारी पर सवाल

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब मेनका गांधी एक पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं, तो आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने बजट और योजनाओं में क्या योगदान दिया? इस बीच, वकील ने रेबीज नियंत्रण उपायों, टीकों की उपलब्धता और आवारा कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए पेशेवरों की क्षमता निर्माण के बारे में बात करना जारी रखा।

कुत्तों की नसबंदी पर बहस

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नसबंदी (स्टेरिलाइजेशन) से आवारा कुत्तों की आक्रामकता कम होती है, लेकिन ज्यादातर शहरों में इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की कुछ टिप्पणियों के कारण डॉग फीडर्स पर हमले हो रहे हैं। इस पर जस्टिस नाथ ने दोहराया कि अदालत की बात व्यंग्य नहीं बल्कि गंभीर थी।

पहले क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट होती है, तो राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलाया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा सकती है, और सवाल उठाया था कि अगर लोग जानवरों से इतना प्रेम करते हैं तो उन्हें अपने घर क्यों नहीं रखते। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा गंभीर जन सुरक्षा से जुड़ा विषय है, और इस पर की गई टिप्पणियों को हल्के या मज़ाक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक मंचों पर अदालत के खिलाफ बयान देते समय जिम्मेदारी और मर्यादा जरूरी है।

पाकिस्तान से जुड़े अवैध हथियारों के मॉड्यूल का भंडाफोड़, पंजाब पुलिस ने ऐसे पाई कामयाबी

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चंडीगढ़। पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने 2 लोगों को अरेस्ट करके पाकिस्तान (Pakistan) में मौजूद तस्करों (Smugglers) से जुड़े बॉर्डर पार के अवैध हथियार मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 6 अत्याधुनिक पिस्तौल, दो ग्लॉक और चार 30 बोर बरामद की। इसके साथ 2 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अरेस्ट किए गए आरोपी हथियारों की इलीगल स्मगलिंग में शामिल थे। वे अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर कुख्यात अपराधियों को हथियारों को पहुंचा रहे थे। उन्होंने कहा कि अमृतसर में पुलिस स्टेशन इस्लामाबाद में आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करने और पूरे पंजाब में सुरक्षा एवं शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जान लें कि अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के मामले में यह बड़ी कामयाबी है। पुलिस ने सीमा पार के नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने उनसे पूछताछ कर रही है और अन्य जुड़े लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले जुड़े जितने भी लोग हैं उनको सजा जरूर मिलेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

 

 

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उदयपुर में बड़ा हादसा, यात्रियों से भरी जीप खाई में गिरी; 3 ने मौके पर ही तोड़ा दम

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उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले (Udaipur District) में सवारी से भारी जीप (Jeep) बेकाबू होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल (Injured) हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल कोटड़ा में बिलवन की ओर से जा रही जीप का चढ़ाई के दौरान अचानक ब्रेक फेल हो गया। ड्राइवर ने जीप को काबू में करने की पूरी कोशिश की। लेकिन जीप सड़क से उतरकर सीधे लगभग 60 फीट गहरी खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान जीप में कुल 27 लोग सवार थे।

 

इस घटना के बाद मौके पर कई लोग जमा हो गए और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। मौके पर जमा लोगों ने पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद कोटड़ा पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को कोटड़ा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। इस हादसे में काबू पिता नरसा गरासिया, रेशमी पति वख्ता गरासिया और सुरेश पिता रोशन गरासिया की मौके पर ही मौत हो गई। शवो को कोटड़ा अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाए हैं।

राजस्थान के उदयपुर जिले में कोटड़ा पूरी तरह से आदिवासी इलाका है। इस इलाके में 120 से अधिक जीपें चलती हैं, जो अक्सर ओवरलोड होती हैं। पूर्व में भी कई बार इस तरह के हाथ से हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी हैं, इसके बावजूद सभी वहां ओवरलोड चलते हैं। बुधवार को हादसे के दौरान जीप में क्षमता से ज्यादा 27 सवारियां बैठी थी।

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RCB और राजस्थान रॉयल्स के होम मैचों पर संकट, BCCI ने दी ये डेडलाइन

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IPL 2026 को लेकर चर्चा अब तेज हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मंगलवार 20 जनवरी को एक डेडलाइन भी दे दी है। बीसीसीआई ने राजस्थान और बेंगलुरु की टीमों को अपने मैच जयपुर और बेंगलुरु में आयोजित करने का या नहीं? इसको लेकर 27 जनवरी तक बताना होगा। इन्हीं दो टीमों के होम ग्राउंड पर संशय है, क्योंकि जयपुर के सवाई मान सिंह को इसलिए मेजबानी नहीं मिल पाएगी, क्योंकि राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। वहीं, बेंगलुरु में आईपीएल 2025 के विनिंग सेलिब्रेशन के बाद जो हुआ था, उसके कारण वहां आरसीबी अपने मैच आयोजित नहीं करेगी। भले ही कर्नाटक सरकार ने स्टेडियम को सशर्त हरी झंडी दी है, लेकिन वह शर्त डराने वाली है।
दैनिक जागरण में छपी रिपोर्ट की मानें तो राजस्थान रॉयल्स अपने होम मैच पुणे में खेल सकती है, जबकि आरसीबी डीवाई पाटिल स्टेडियम में पांच और रायपुर में दो होम गेम आयोजित करा सकती है। हालांकि, नवी मुंबई में मैच आयोजित कराने के लिए आरसीबी को मुंबई इंडियंस से एनओसी लेनी होगी, क्योंकि आईपीएल के नियमों के मुताबिक, एक शहर में दो टीमों के मैच आयोजित नहीं हो सकते हैं। रिपोर्ट में आगे ये भी बताया गया है कि आईपीएल 2026 का शेड्यूल तब सामने आएगा, जब तमिलनाडु, असम और बंगाल की चुनाव तिथि सामने आ जाएंगी।उधर, कर्नाटक सरकार के कानून से आरसीबी डर गई है। आरसीबी भले ही यह दिखाने की कोशिश कर रही हो कि वह बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही अपने होम गेम आयोजित करना चाहती है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है, क्योंकि इस रिपोर्ट में बीसीसीआइ के सूत्र ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने वहां हुई घटना (जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी) के बाद एक कानून पास किया है, जिसमें कहा गया है कि कोई मैच या कार्यक्रम स्टेडियम में हो रहा है तो उसके आसपास की बाहरी रोड पर भी कोई घटना होती है तो उसके लिए आयोजक ही जिम्मेदार होंगे। यही कारण है कि आरसीबी के मालिक इस कानून से डरे हुए हैं।आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से होने वाली है और फाइनल मुकाबला 31 मई को आयोजित होगा। चेन्नई, दिल्ली, लखनऊ, मुंबई (वानखेड़े), कोलकाता, अहमदाबाद, न्यूचंडीगढ़, हैदराबाद, धर्मशाला, विशाखापट्टनम, गुवाहाटी, जयपुर, बेंगलुरु, पुणे, रायपुर, रांची, नवी मुंबई (डीवाई पाटिल) और तिरुअनंतपुरम में आईपीएल के मैचों का आयोजन हो सकता है।

SIR के तहत मिले नोटिस के बाद तनाव, बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत; परिवार का आरोप

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 कोलकाता|पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद को लेकर चिंता के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान सहर अली मंडल के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि वह एक परिवार के पांच सदस्यों में से एक थे, जिन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बुधवार को सुनवाई के लिए नोटिस मिला था।उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार रात हारोआ के पूर्व मदारतला गांव में घटी। परिवार के सदस्यों का दावा है कि नोटिस मिलने के बाद से ही मंडल गंभीर मानसिक तनाव में थे, उन्हें मतदाता सूची में अपने बेटों के नामों की स्थिति और संभावित कानूनी या प्रशासनिक जटिलताओं की चिंता सता रही थी।यह घटना एक राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गई है, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैले भय के कारण राज्य भर में कई मौतें हुई हैं। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पंचायत सदस्य स्वपन मंडल ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निर्वाचन आयोग के माध्यम से इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एसआईआर प्रक्रिया और मौत के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया।

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