केंद्रीय मंत्री गडकरी ने क्यों कहा………अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए

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नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगली पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने की वकालत कर कहा कि जब चीजें सुचारू रूप से चलने लगें, तब पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए। नागपुर में आयोजित एक  कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ये बात कही। विदर्भ-खासदार औद्यौगिक महोत्सव का आयोजन एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) के अध्यक्ष आशीष काले द्वारा किया गया था।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि काले ने युवा पीढ़ी को एडवांटेज विदर्भ पहल में शामिल किया है। उन्होंने कहा, मेरा मानना ​​है कि धीरे-धीरे पीढ़ी में भी बदलाव आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, आशीष के पिता मेरे मित्र हैं। अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप देना चाहिए और जब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब हमें भी सेवानिवृत्त होकर कोई और काम करना चाहिए। एआईडी के मुख्य मार्गदर्शक केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि नागपुर में छह से आठ फरवरी तक आयोजित हो रहे ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ का यह तीसरा वर्ष है। गडकरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छे उद्यमी हैं।
उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य विदर्भ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है। केंद्रीय मंत्री ने किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्र, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों तथा सेवा क्षेत्र के महत्व पर भी जोर दिया। ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ में कपड़ा, प्लास्टिक, खनिज, कोयला, विमानन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों के उद्योगों की भागीदारी होगी।

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घर में क्यों हारी टीम इंडिया? कप्तान शुभमन गिल ने बताया कहां हुई चूक

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IND vs NZ: भारतीय टीम के लिए ‘गंभीर युग’ की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. पहले टेस्ट सीरीज और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. रविवार को इंदौर में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से हराकर 37 साल बाद भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीतने का सूखा खत्म किया.

हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने कहा, “पहले मैच के बाद, 1-1 से बराबरी पर आने के बाद, जिस तरह से हम खेले – थोड़ा निराशा हुई. कई ऐसे एरिया हैं जिनमें सुधार की ज़रूरत है. कुछ एरिया ऐसे हैं जिन पर हमें पीछे मुड़कर देखना होगा, सोचना होगा और बेहतर करना होगा.”

“योजनाओं पर अमल नहीं हुआ”- गिल
सीरीज गंवाने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन टीम के सामूहिक प्रदर्शन पर चिंता जताई. गिल के अनुसार सीरीज 1-1 की बराबरी पर होने के बाद निर्णायक मैच में जिस जज्बे की जरूरत थी, वह गायब दिखा.

टीम ने अहम मौकों पर पुरानी गलतियां दोहराईं, विशेषकर टॉप-ऑर्डर का जल्दी आउट होना और कमजोर फील्डिंग भारत को भारी पड़ा. गिल ने साफ कहा कि टीम को अब पीछे मुड़कर देखना होगा और उन क्षेत्रों में सुधार करना होगा जहां वे बार-बार पिछड़ रहे हैं.

न्यूजीलैंड की ‘बी-टीम’ ने दिखाया दम
न्यूजीलैंड की इस जीत ने सभी को हैरान कर दिया क्योंकि उनके पास मिचेल सैंटनर और रचिन रवींद्र जैसे अनुभवी खिलाड़ी नहीं थे. गिल ने स्वीकार किया कि कीवी टीम के बल्लेबाजों ने अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदला और वे मैदान पर भारत से कहीं बेहतर साबित हुए.

जांच में खुलासा, दिल्ली में धमाके के लिए यासिर ने इस कारण फिदायीन बनने से किया था इनकार

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नई दिल्‍ली। दिल्ली में लाल किले (Red Fort in Delhi) के पास हुए कार बम धमाके (Car bomb attacks) की जांच में सामने आया है कि साजिश का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी (Dr. Omar Un Nabi) दूसरे आत्मघाती हमलावर की भर्ती करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सका क्योंकि उसके टार्गेट शोपियां के यासिर अहमद डार ने सेब की पैदावार के मौसम में अपने परिवार की मदद करने की जरूरत का हवाला देते हुए फिदायीन बनने से पीछे हट गया था। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि डार संभावित दूसरा फिदायीन हमलावर था लेकिन उसके पीछे हटने से डॉ. उमर के मंसूबे पर पानी फिर गया।

यासिर अहमद डार किया गया था अरेस्ट

श्रीनगर पुलिस और एनआईए ने नबी की ओर से चलाए जा रहे एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. नबी ही 10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से भरी कार ले गया था जिसके धमाके में 12 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में डॉ. नबी की रणनीतियों का खुलासा हुआ है। इन्हीं जानकारी के आधार पर एनआईए ने शोपियां के रहने वाले यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया था।
यासिर को फिदायीन बनने के लिए कर लिया था तैयार

जांच अधिकारियों के अनुसार, डॉ. उमर उन नबी ने यासिर अहमद डार को फिदायीन यानी आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर लिया था लेकिन पिछले साल अगस्त में वह पीछे हट गया था। उसने अंतिम समय में अपना इरादा बदलने के लिए घर की मरम्मत और सेब के सीजन का बहाना बनाया। जांच में सामने आया है कि डार साल 2023 से ही नबी के संपर्क में था। डॉ. उमर के जरिए उसको पूरी तरह कट्टरपंथी बनाया जा चुका था।

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बीवी- जी राम जी के बारे में झूठ फैलाकर कांग्रेस मजबूत नहीं कमजोर हो रही

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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पर वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि नया अधिनियम काम के अधिकार को मजबूत करेगा। उन्होंने मनरेगा की जगह लेने वाले नए अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष यह ‘‘झूठ फैला रहा है कि इस योजना से रोजगार केवल कुछ पंचायतों में ही प्रदान किया जाएगा।
बता दें कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने के विरोध में 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की है। विपक्षी दल विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से कहना चाहता हूं कि वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाकर वे कांग्रेस को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने विचार, विचारधारा और आदर्श को त्याग दिया है…विचार है राष्ट्र सर्वोपरि, देश का विकास…वीबी-जी राम जी गांवों के विकास के लिए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने मनरेगा को बेहतर बनाने की कोशिश की। इसका सबूत यह है कि हमने करीब नौ लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि यूपीए सरकार ने करीब दो लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि यह कहना ‘झूठ है कि काम के अधिकार को छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम 100 दिन काम के बजाए, अब 125 दिन काम दे रहे हैं…सिर्फ काम करने का अधिकार ही नहीं, हमने 15 दिनों के अंदर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया है…आपने कागज पर अधिकार दिया, हमने जमीनी स्तर पर इसे और मज़बूत किया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि वे यह गलत सूचना फैला रहे हैं कि रोजगार सिर्फ कुछ पंचायतों में ही दिया जाएगा। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सभी पंचायतों में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र पहले से ही ज्यादा धनराशि दे रहा है। राज्य जो निवेश करेंगे, वह गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होगा। मंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना छह महीने में लागू कर दी जाएगी और तब तक मनरेगा जारी रहेगा।

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गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया पर लगा एक और ‘धब्बा’, शर्मनाक हार की ये लिस्ट बहुत लंबी है

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गौतम गंभीर जुलाई 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच बने थे। उस समय ऐसा लगा था कि जैसा उनका क्रिकेट करियर रहा था, वैसी ही छाप वह अपने कोचिंग करियर में भी छोड़ेंगे। मगर हुआ इसका बिल्कुल उलट। गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत को ऐसी-ऐसी हार का सामना करना पड़ा जिसका स्वाद टीम इंडिया ने दशकों पहले चखा था। कुछ हार तो ऐसी भी मिली जो टीम इंडिया ने अपने क्रिकेट इतिहास में कभी नहीं देखी थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान भी गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत के नाम 4 शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हुए। आईए एक नजर इस पूरी लिस्ट पर डालते हैं-

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न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बने ये शर्मनाक रिकॉर्ड

इंदौर वनडे में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 41 रनों से हार का सामना करना पड़ा। होलकर स्टेडियम में यह भारत की वनडे क्रिकेट में पहली हार है। इससे पहले टीम इंडिया ने यहां 7 मैच खेले थे और हर बार जीत दर्ज की थी। भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार घर पर वनडे सीरीज हारा है। कीवी टीम ने 2-1 से सीरीज को अपने नाम किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार भारत को वनडे सीरीज डिसाइडर में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं इस सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 285 रनों का टारगेट चेज किया था, जो कीवी टीम द्वारा भारत के खिलाफ चेज किया गया अब तक का सबसे बड़ा टारगेट है।

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गौतम गंभीर की कोचिंग में बने ये शर्मनाक रिकॉर्ड

– 27 साल बाद, SL के खिलाफ द्विपक्षीय ODI सीरीज़ हारी

– पहली बार, 3 मैचों की ODI सीरीज़ में 30 विकेट गंवाए

– 45 साल बाद, भारत एक कैलेंडर वर्ष में ODIs में बिना जीत के रहा

– 36 साल बाद, भारत ने घर पर NZ के खिलाफ टेस्ट हारा

– 19 साल बाद, भारत ने चिन्नास्वामी में टेस्ट हारा

– पहली बार, घर पर 50 रन से कम पर ऑल आउट हुए

– पहली बार, घर पर NZ के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ हारी

– 12 साल बाद, घर पर टेस्ट सीरीज़ हारी

– 12 साल बाद, लगातार दो घर के टेस्ट हारे

– 12 साल बाद, वानखेड़े में टेस्ट मैच हारा

– 47 साल बाद, लगातार 3 घर के टेस्ट हारे

IND vs NZ वनडे सीरीज में कौन बना POTM और कौन ले गया प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड?

– पहली बार, घर पर 200 से कम का टारगेट चेज़ करने में नाकाम रहे (टारगेट 147, वानखेड़े)

– पहली बार, भारत घर पर टेस्ट सीरीज़ में व्हाइटवॉश (3-0) हुआ

– 13 साल बाद, मेलबर्न में टेस्ट मैच हारा

– 10 साल बाद, लगातार दो टेस्ट सीरीज़ हारी

– 10 साल बाद, बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारी

– 12 साल बाद, भारत ने एक टेस्ट सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैच हारे

– पहली बार WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे

– भारत 5 शतक बनाने के बाद टेस्ट मैच हारने वाली पहली टीम बनी (लीड्स)

– भारत 92 साल के टेस्ट इतिहास में सिर्फ दूसरी बार 350+ रन डिफेंड करने में नाकाम रहा (लीड्स)

– सिर्फ दूसरी बार, IND इंग्लैंड के खिलाफ 200 से कम का टारगेट चेज़ करने में नाकाम रहा (टारगेट 190, लॉर्ड्स)

– 11 साल बाद, 600+ रन दिए (मैनचेस्टर)

– 17 लंबे सालों बाद, एडिलेड में ODI हारा

– 15 साल बाद, घर पर SA के खिलाफ टेस्ट मैच हारा

– 8 साल बाद, भारत ने ईडन गार्डन्स में इंटरनेशनल मैच हारा (9 लगातार जीत के बाद)

– भारत 124 का टारगेट चेज़ करने में नाकाम रहा

(घर पर उनका सबसे कम टारगेट चेज़ करने में नाकाम)

– 25 साल बाद, घर पर हारा टेस्ट सीरीज़ बनाम SA

– अपनी सबसे बड़ी हार (408 रन) दर्ज की

– भारत में किसी मेहमान टीम द्वारा बनाए गए अब तक के सबसे बड़े टारगेट (549) का सामना किया

– 30 साल बाद, भारत ने अपने बल्लेबाजों के बिना एक भी सेंचुरी के घरेलू टेस्ट सीरीज़ खत्म की*

– लगातार कैलेंडर वर्षों में पहली बार घरेलू टेस्ट में व्हाइटवॉश हुआ

– पहली बार, SA ने IND के खिलाफ 300+ रन का पीछा किया

– SA ने IND के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज़ (359) दर्ज किया

घने कोहरे के चपेट में UP… 24 घंटे में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 20 लोगों की मौत

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लखनऊ। यूपी (UP) में शीतलहर (Cold Wave) से जूझ रहे लोगों पर रविवार को कोहरा (Fog.) काल बनकर टूटा। रविवार को 17 शहरों में घना कोहरा छाया रहा। इनमें आठ में तो दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। नतीजतन सड़क हादसों की बाढ़ आ गई। रविवार को कम दृश्यता से अलग-अलग हुए सड़क हादसों (Road Accidents) में 20 लोगों (20 people) की मौत हो गई। इनमें अवध क्षेत्र में 9, मुरादाबाद मंडल में 5,आजमगढ़ में दो, रोजा में दो, बुलंदशहर और बरेली में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। 20 जनवरी के बाद कोहरा कम होने के आसार हैं।

बहराइच (Bahraich) में तीन हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के शारदा सहायक खंड 16 नहर की पटरी पर बाइक से बाजार जा रही छात्राओं को मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्राली ने कुचल दिया जिससे दो छात्राओं की मौत हो गई। अमेठी में बस व कार की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। फुरसतगंज के अकेलवा चौराहे पर बस-पिकअप की टक्कर में पिकअप चालक की मौत हो गई। रायबरेली में बुजुर्ग की जान चली गई गई।

 

बाराबंकी में गोंडा-बहराइच मार्ग पर बस, कार और इनोवा की टक्कर में यात्री की मौत हो गई। आजमगढ़ में चार वाहनों के टकराने से दो की मौत हो गई। रोजा में ट्रक ने बाइक-टेंपो को रौंद दिया, हादसे में साले-बहनोई की मौत हो गई। बुलंदशहर में कोहरे में नाले में गिरने से स्कूटी सवार की जान चली गई। मुरादाबाद मंडल में हुए सड़क हादसों में पिता-पुत्र समेत पांच की मौत हो गई। रामपुर के शहजादनगर में टेंपो ने बाइक पर सवार पिता-पुत्र, भतीजे को कुचल दिया। गजरौला-मूंढापांडे के पास 17 वाहन टकरा गए। अमरोहा में कार खंदक में गिर गई। हादसे में महिला की मौत हो गई। पिकअप पलटने से एक मजदूर की जान चली गई। बरेली में नेशनल हाईवे पर 25 वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। हादसे में रोडवेज बस चालक की मौत हो गई, 26 लोग घायल हुए।

पहाड़ों पर आज से बारिश और बर्फबारी के आसार
उत्तर, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर जारी है। हिमालयी राज्यों में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है, मैदानों में सुबह-शाम घना कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है। अगले कुछ दिन पर्वतीय राज्यों में बारिश-हिमपात के आसार हैं। यूपी-बिहार आदि राज्यों में कोहरा बना रहेगा। पूर्वी यूपी में शीतलहर चली।

भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं…इस उम्र में पहचान बना रही हैं सुनीता आहूजा, जया बच्चन का दिया उदाहरण

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बॉलीवुड एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर हैं। सुनीता पिछले कुछ सालों से मीडिया में बनी हुई हैं। उन्हें कई इंटरव्यूज में पति गोविंदा और उनकी जिंदगी के बारे में बात करते सुना गया है। अब हाल में सुनीता ने बताया कि वो 55 साल की उम्र में अपनी पहचान बना रही हैं। अब लोग उन्हें सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। सुनीता ने जया बच्चन के संसद में कही गई उस बात का उदाहरण दिया जब किसी ने एक्ट्रेस को जया अमिताभ बच्चन कहकर पुकारा था। इस नाम से जया बच्चन भड़क गई थीं। सुनीता भी खुद का नाम बनाना चाहती हैं।

55 साल की उम्र में बना रही हैं पहचान

हाल में मिस मालिनी के साथ बातचीत में सुनीता ने कहा, ‘आज मेरे नसीब ने 55 के साल में नाम, इज्जत, शोहरत कामना थी मुझे, गोविंदा की पत्नी होने के नाते नहीं बल्कि सुनीता आहूजा के नाते पहचाने। गोविंदा की पत्नी तो हूं सबको पता है। व्यक्तिगत रूप से जो मैंने अपना नाम कमाया है ना, जैसे मैं आज भी जाती हूं लोग मुझे सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। यहां तक ​​की मैं भूल गई हूं कि मैं गोविंदा की पत्नी हूं! पति तो है लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना’ नरगिस दत्त की ‘मदर इंडिया’ थी रीमेक, ओरिजिनल फिल्म में गोविंदा के पिता थे हीरोये भी पढ़ें:इस मशहूर घराने से ताल्लुक रखते हैं गोविंदा, नाना ने उस्तादों को सिखाया संगीतगोविंदा सुनीता तलाक

जया बच्चन का दिया उदाहरण

आगे सुनीता ने कहा, ‘जैसे जया जी ने संसद में एक बार बोला था, जब उनको बुलाया गया था ‘जया अमिताभ बच्चन’। लेकिन वह जया भादुड़ी हैं! प्लीज उनको सब पता है! वो एक लीजेंड हैं। अमित जी तो हैं ही उनके पास, लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना भाई’। दरअसल, संसद में एक बार जया बच्चन को उनके पति अमिताभ बच्चन के नाम से जोड़कर पुकारा गया था। इस बात पर एक्ट्रेस भड़क गई थीं। जया ने साफ शब्दों में कहा था कि वो जया अमिताभ बच्चन नहीं, जया भादुड़ी हैं गोविंदा के मामा ने इसलिए कर लिया था सुसाइड, सुनीता की बहन से की थी शादीये भी पढ़ें:कोटा की महारानी थी इस बॉलीवुड विलेन की पत्नी, ये हैं पॉपुलर विलेन की पत्नियां

पहचान बना रही हैं सुनीता

दूसरी तरफ सुनीता आहूजा अपनी पहचान बनाने में लगी हैं। उन्हें कई इंटरव्यूज में देखा गया है। सुनीता ने हाल में पति गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर बात की थी। हालांकि, गोविंदा ने इस पर अपना रिएक्शन देते हुए कहा है कि उनकी पत्नी किसी साजिश का शिकार हुई हैं।

बांग्लादेश का मसला हल नहीं हुआ तो हम वर्ल्ड कप खेलने पर पुनर्विचार करेंगे, पाकिस्तान की धमकी

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भारत में विश्व कप के अपने मैच खेलने को लेकर नखरे दिखा रहा बांग्लादेश बोर्ड आईसीसी को मनाने की कोशिश में लगा हुआ है। गुहार लगा रहा कि उसके मैच श्रीलंका में कराए जाएं। न हो तो किसी ऐसी टीम से उसके ग्रुप की अदलाबदली कर दी जाए जिसके सारे ग्रुप मैच श्रीलंका में हैं। ऐसी एक टीम आयरलैंड हैं लेकिन उसने साफ मना कर दिया है कि वह ग्रुप की अदलाबदली नहीं करेगी। इस बीच पाकिस्तान ने एक नया पैंतरा खेला है। उसने धमकी दी है कि अगर बांग्लादेश का मसला हल नहीं होता तो वह टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने पर पुनर्विचार कर सकता है। हालांकि उसने इसे लकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है या आईसीसी ने नहीं कहा है।

पाकिस्तान की शरण में बांग्लादेश

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश अब पाकिस्तान की शरण में गया है और उससे कूटनीटिक और क्रिकेट से जुड़े सपोर्ट की मांग की है।

एआई से तैयार इन्फोग्राफ

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बांग्लादेश की सरकार ने पाकिस्तान के अधिकारियों से संपर्क किया है और उनसे टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर सपोर्ट मांगा है। उन्हें सकारात्मक जवाब मिले हैं।’रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, ‘पाकिस्तान ने ये संकेत दिया है कि अगर बांग्लादेश के मसले का हल नहीं हुआ तो उनकी टीम वर्ल्ड कप में अपनी भागीदारी को लेकर पुनर्विचार कर सकती है।’

क्या बांग्लादेश के साथ अपना ग्रुप बदलने के लिए तैयार है आयरलैंड? जानिए

पाकिस्तान का पैंतरा

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सरकार से जुड़े सूत्रों ने पुष्टि की है कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम को लेकर बढ़ती चिंता के बीच पाकिस्तान भारत में हो रहे आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में अपनी भागीदारी की समीक्षा करेगा। बांग्लादेश की सरकार कथित तौर पर पाकिस्तान से सपोर्ट मांगी है। अंदरुनी जानकारी रखने वालों ने संकेत दिया है कि अगर बांग्लादेश की चिंताओं को पर्याप्त रूप से दूर नहीं किया गया तो इससे टूर्नामेंट की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। पाकिस्तान ने जोर देकर कहा है कि किसी भी देश पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए और उसने बांग्लादेश को इस मुद्दे पर पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया है।’

एआई से तैयार

एशिया कप में भी पाकिस्तान ने दी थी गीदड़भभकी

वैसे पाकिस्तान ने पहली बार कोई गीदड़भभकी नहीं दी है। पिछले साल एशिया कप में जब भारतीय कप्तान और टीम ने टॉस के वक्त और मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तानी कप्तान और टीम से हाथ नहीं मिलाए थे, तब उसने टूर्नामेंट के बायकॉट की गीदड़भभकी दी थी। इस वजह से यूएई और पाकिस्तान का मैच देर से शुरू हुआ था। नखरे और ड्रामे के बाद आखिरकार पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई और उसकी गीदड़भभकी की असलियत भी सामने आ गई। संयोग से एशिया कप को भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर जीता लेकिन पाकिस्तान के ट्रॉफी चोर मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर होटल चले गए। आज तक एशिया कप की वो ट्रॉफी भारत को नहीं मिली है।

गाजा में शांति पहल के लिए भारत को न्योता, ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का दिया प्रस्ताव

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वॉशिंगटन. अमेरिका (US) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत (India) को गाजा (Gaza) में शांति बहाली के लिए बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही यह पहल गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी है। अमेरिका इस योजना के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बता दें कि भारत को यह न्योता उसकी वैश्विक साख, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों में भूमिका को देखते हुए दिया गया है। माना जा रहा है कि इस बोर्ड में शामिल देश गाजा की स्थिति पर नजर रखेंगे, मानवीय सहायता, पुनर्निर्माण और संघर्ष रोकने से जुड़े कदमों पर विचार करेंगे। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यदि भारत इस पहल में शामिल होता है, तो यह पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।

 

क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की सूची जारी की। यह बोर्ड गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक विकास की निगरानी करेगा। इस बोर्ड के चेयरमैन खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर
ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा
ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर
अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन
अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल

इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल थवाड़ी को भी गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया गया है।

अब समझिए बोर्ड की जिम्मेदारी क्या होगी?
व्हाइट हाउस ने बताया कि बोर्ड के सदस्य गाजा से जुड़े कई अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जैसे कि प्रशासन और शासन व्यवस्था को मजबूत करना, क्षेत्रीय देशों से रिश्ते सुधारना, गाजा का पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर फंडिंग और पूंजी जुटाना शामिल है।

गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए चुकाने पड़ सकते हैं एक अरब डॉलर
गौरतलब है कि गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए देशों को एक अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड को संस्थापक अध्यक्ष होंगे। मसौदा पत्र के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों से ज्यादा नहीं होगा। सदस्यता के नवीनीकरण का मसला अध्यक्ष पर निर्भर करेगा।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट के भ्रामक बताया है। उसने कहा कि बोर्ड में शामिल होने के लिए न्यूनतम फीस निर्धारित नहीं की गई है। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह बस उन साझेदार देशों को स्थायी सदस्यता देता है जो शांति, सुरक्षा और खुशहाली के लिए गहरी प्रतिबद्धता दिखाते हैं।

जमीन पर काम कौन देखेगा?
वहीं बोर्ड के एक सदस्य निकोलाय म्लादेनोव को गाजा का हाई रिप्रेजेंटेटिव बनाया गया है। वे बोर्ड और नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (एनसीएजी) के बीच कड़ी का काम करेंगे।एनसीएजी को ट्रंप की शांति योजना के दूसरे चरण का अहम हिस्सा बताया गया है। इसकी अगुवाई अली शाअथ करेंगे, जो गाजा में जरूरी सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थानों के पुनर्निर्माण, आम लोगों के जीवन को स्थिर करने और भविष्य में आत्मनिर्भर शासन की नींव रखने का काम करेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल
इतना ही नहीं गाजा में सुरक्षा बनाए रखने के लिए मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स को इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (आएसएफ) का कमांडर नियुक्त किया गया है। वे सुरक्षा संचालन, हथियारों से मुक्त माहौल मानवीय मदद और निर्माण सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।

वाणी की जान के पीछे पड़ेगी मेहर मित्तल, अभिरा को उतारेगी मौत के घाट?

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टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में बैक-टू-बैक कई धमाकेदार ट्विस्ट आने वाले हैं। कहानी में अरमान को मेहर के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत तो नहीं मिलेगा, लेकिन मेहर खुद अपने गुस्से के जाल में फंस जाएगी। कैसे? आइए बताते हैं। सामने आए प्रोमो के मुताबिक, वाणी पौद्दार हाउस से भाग जाएगी। जब मनीषा यह बात अभिरा को बताएगी, तब अभिरा फौरन वाणी को ढूंढने के लिए बाहर निकलेगी।

अपने लिए खुद गड्ढा खोदेगी मेहर

अभिरा को देखते ही वाणी भागने लगेगी। अभिरा उसे रोकने की कोशिश करेगी, लेकिन वाणी नहीं रुकेगी। इसी बीच, मेहर मित्तल की नजर वाणी पर पड़ेगी। मेहर सोचेगी, ‘मेरी सारी परेशानियों की जड़ यह वाणी ही है। आज मैं इस कांटे को रास्ते से ही हटा दूंगी।’ इसके बाद मेहर अपनी गाड़ी की रफ्तार बढ़ाएगी और सीधे वाणी की ओर जाएगी।

ये रिश्ता क्या कहलाता है

आगे क्या होगा?

वाणी भागते-भागते थक जाएगी और तभी अभिरा उसके पास पहुंच जाएगी। इसी दौरान अभिरा, मेहर की गाड़ी को अपनी ओर आते देख लेगी। प्रोमो देखने के बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि मेहर की गाड़ी से वाणी को नहीं, बल्कि अभिरा को टक्कर लग जाएगी।

क्या बोल रहे हैं लोग?

लोगों का ये भी कहना है कि जब अरमान को इस एक्सीडेंट की खबर मिलेगी, तो उसे एहसास होगा कि अभिरा सही थी और मेहर गलत। कहा जा रहा है कि इसके बाद अरमान, मेहर के खिलाफ सबूत इकट्ठा करेगा और उसे सलाखों के पीछे पहुंचाएगा।