गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में बड़ा एनकाउंटर, हिमांशु भाऊ गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार

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Delhi News: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. फायरिंग में हेड कांस्टेबल की जान बाल-बाल बची.दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया है. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली और उसका साथी चंदर भान शामिल है. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दिल्ली आए थे.

रोहतक का वांछित अपराधी है विक्की उर्फ मोगली
मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली हरियाणा के रोहतक में दर्ज कई सनसनीखेज हत्या मामलों में वांछित था. उस पर हरियाणा पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विक्की लंबे समय से हिमांशु भाऊ गैंग के लिए काम कर रहा था और गैंग को अवैध हथियार सप्लाई करता था.दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 22 जनवरी को क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि हिमांशु भाऊ गैंग के सक्रिय सदस्य गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने तुरंत एक स्पेशल टीम बनाई और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई. 22 और 23 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1 बजे बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र में यूईआर-2 फ्लाईओवर के पास एक सफेद आई-20 कार को रोकने की कोशिश की गई. खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. विक्की द्वारा चलाई गई गोली हेड कांस्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्की के पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया. घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. चंदर भान को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान विक्की के पास से 32 बोर की पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जबकि चंदर भान के पास से एक देसी कट्टा और 6 जिंदा कारतूस मिले. वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है.

गैंग नेटवर्क को लगा बड़ा झटका
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि विक्की पर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और पोक्सो जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय गैंग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. मामले की जांच अभी जारी है.

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जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की नापाक कोशिश नाकाम, जैश का आतंकी ढेर

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जम्मू-कश्मीर।  जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार घुसपैठ की कोशिश की है. कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है. मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी ढेर हो गया है. हालांकि इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। 

सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने की फायरिंग

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. बिलावर इलाके में शुक्रवार शाम सूचना मिलने पर सुरक्षा बल तलाशी अभियान चला रहे थे. इस दौरान छिपकर बैठे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी ढेर हो गया. सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने संयुक्त अभियान में आतंकी को मार गिराया है। 

पाकिस्तानी आतंकी एनकाउंटर में मारा गया

सुरक्षाबलों से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया मारे गए आतंकी की पहचान उस्मान के रूप में हुई है. आतंकी उस्मान पाकिस्तान का रहने वाला था. इस कार्रवाई से साफ है कि सुरक्षाबल किसी भी दुस्साहस का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं. राइजिंग स्टार कॉर्प की तरफ से आतंकी के मारे जाने की जानकारी दी गई है. राइजिंग स्टार कॉर्प ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने 23 जनवरी 2026 को कठुआ के परहेतर क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया. इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान एक आतंकी मारा गया. सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। ’

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दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, टॉयलेट में मिला हाथ से लिखा नोट

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नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों में फ्लाइट्स (Flights) को बम से उड़ाने की धमकी (Bomb threat) से जुड़े मामले बढ़ गए हैं. अभी 18 जनवरी को ही दिल्ली से सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरपोर्ट जा रही इंडिगो की फ्लाइट (IndiGo flight) को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. अब ऐसा ही कुछ हुआ है इंडिगो की दिल्ली से पुणे (Delhi to Pune) जा रही फ्लाइट के साथ.

दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2608 को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि एयरक्राफ्ट के टॉयलेट में हाथ से लिखा हुआ एक नोट मिला. हाथ से इस नोट में फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. इस फ्लाइट को पुणे एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करा लिया गया है और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है.

 

इंडिगो की इस फ्लाइट को रात 8.40 बजे पुणे एयरपोर्ट पर लैंड करना था. हालांकि, यह फ्लाइट पुणे में अपने निर्धारित समय से 44 मिनट की देरी से 9.24 बजे लैंड की. फ्लाइट के लैंड करने और यात्रियों के विमान से उतरने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने एप्रन को बम की धमकी की जानकारी दी.

एप्रन ने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट करने के साथ ही बम धमकी मूल्यांकन समिति की बैठक बुला ली और विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया. इस विमान की गहन जांच की गई, जिसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. अधिकारियों के मुताबिक विमान से कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है. विमान को सामान्य परिचालन की मंजूरी दे दी गई है.

गौरतलब है कि दिल्ली से सिलीगुड़ी जा रही इंडिगो की फ्लाइट में भी टिश्यू पेपर पर बम से उड़ाने की धमकी लिखी मिली थी. धमकी के बाद फ्लाइट को लखनऊ डाइवर्ट कर दिया गया था और सभी यात्रियों को उतार कर विमान की गहन जांच की गई थी.

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ओम से एल्गोरिदम तक, झांकी राष्ट्र की फलती-फूलती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को दर्शाएगी

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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की परेड में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी, भारत गाथा: श्रुति, कृति, दृष्टि कहानी कहने की कला में भारत की सभ्यतागत यात्रा की शक्तिशाली दृश्य कहानी प्रस्तुत करेगी। इसमें प्राचीन मौखिक परंपराओं से लेकर वैश्विक कंटेंट और मीडिया पावरहाउस के रूप में इसके उदय तक की पूरी यात्रा दर्शाई जाएगी। यह झांकी आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है, जो सांस्कृतिक विरासत को तकनीकी नवाचार के साथ सहज रूप से मिलाती है। श्रुति भारत की समृद्ध मौखिक विरासत का प्रतीक है, जिसे पीपल के पेड़ के नीचे शिष्यों को ज्ञान देते हुए गुरु के माध्यम से दर्शाया गया है। इसके साथ ही ओम की ब्रह्मांडीय अनुगूंज और ज्ञान की उत्पत्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले ध्वनि-तरंग रूपांकनों को भी प्रदर्शित किया गया है। कृति लिखित अभिव्यक्ति के विकास को चिह्नित करती है, जिसमें भगवान गणेश महाभारत लिख रहे हैं। इसे पांडुलिपियों, प्रदर्शन कलाओं और शुरुआती संचार परंपराओं के दृश्यों के माध्यम से भी दिखाया गया है जिन्होंने भारत की बौद्धिक विरासत को आकार दिया। दृष्टि प्रिंट, सिनेमा, टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए भारत के मीडिया के विकास को दिखाती है। विंटेज कैमरे, फ़िल्म रील, सैटेलाइट, अख़बार और बॉक्स ऑफ़िस जैसे विज़ुअल एलिमेंट उन फ़िल्म निर्माताओं और कलाकारों की पीढ़ियों को सम्मान देते हैं जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक पहचान को आकार दिया है। कलाकार इस झांकी को जीवंत बनाते हैं। यह थीम भारत को एक ग्लोबल कंटेंट हब के रूप में स्थापित करने सूचना  एवं प्रसारण मंत्रालय के लक्ष्य से मेल खाती है, जिसे वेव्स 2025 ने और मज़बूत किया है। इस सम्मेलन ने ऑरेंज इकोनॉमी की सुबह की शुरुआत की, जिसमें दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और महत्वपूर्ण बिज़नेस डील हुईं। यह झांकी सांस्कृतिक टाइमलाइन और भविष्य की सोच वाले विज़न स्टेटमेंट दोनों के रूप में दिखाई गई  है, जो भारत के प्राचीन ज्ञान को उसके डिजिटल भविष्य से जोड़ती है।

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नेटवर्क को लेकर कोर्ट में जियो के खिलाफ वकीलों का केस, आकाश और ईशा अंबानी भी बनाए गए पक्षकार

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पानीपत। पानीपत जिला न्यायालय परिसर में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या को लेकर वकीलों का सब्र अब जवाब दे गया है। नेटवर्क बाधित रहने से रोजमर्रा के न्यायिक कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए अधिवक्ताओं ने टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो के खिलाफ लोक अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को भी पक्षकार बनाया गया है, जिसमें रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी के नाम शामिल हैं।
याचिका में अधिवक्ताओं ने बताया कि पानीपत जिला कोर्ट परिसर में जियो का मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है या कई बार पूरी तरह गायब रहता है। इस कारण उन्हें अपने मुवक्किलों, अन्य वकीलों और संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए कोर्ट परिसर से बाहर खुले मैदान या सड़क तक जाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि न्यायिक कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है। वकीलों का कहना है कि आधुनिक समय में मोबाइल संचार न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है और नेटवर्क की अनुपलब्धता पेशेवर कार्य में बड़ी बाधा है।
अधिवक्ताओं ने याचिका में यह भी उल्लेख किया कि कई बार जरूरी कॉल या संदेश समय पर नहीं मिल पाने के कारण मामलों की तैयारी, तारीखों की जानकारी और आपात परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में परेशानी होती है। इससे न्यायालय की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
लोक अदालत ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए इसे विचार योग्य माना और सभी संबंधित पक्षों को समन जारी कर दिए हैं। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी निर्धारित की है। अदालत ने जियो प्रबंधन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि कोर्ट परिसर में नेटवर्क समस्या क्यों बनी हुई है और इसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें 20 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।

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मनरेगा को लेकर खरगे का मोदी पर तीखा हमला, बोले- कभी चाय बनाई या यह सिर्फ नाटक है?

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नई दिल्‍ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि वोट पाने के लिए उन्होंने झूठ बोला और खुद को चाय वाला बताया। खरगे ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार (Central government) पर तीखा हमला बोला और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNAREGA) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश है तथा 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा।

उन्होंने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए, वह कहते रहते हैं, ‘मैं चायवाला हूं’। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई है? क्या वह कभी केतली लेकर लोगों को चाय पिलाने रेल के डिब्बों में गए हैं? यह सब सिर्फ एक नाटक है। उनकी आदत गरीबों को सताना है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने कहा, “मुझे एक काम बताओ जो उन्होंने किया हो, जैसे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इतने बड़े प्रोजेक्ट शुरू करवाए थे।

सिर्फ वोट लेने के लिए कहते हैं, मैं चाय वाला हूं
कांग्रेस पार्टी ने उनके भाषण के अंश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। पोस्ट में लिखा गया है, “देश को दो लोग चलाते हैं- नरेंद्र मोदी और अमित शाह। ये देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में घूमते हैं। मोदी जी कहते हैं कि बुलेट ट्रेन लाएंगे, लेकिन बुलेट ट्रेन तो दूर की बात है, ये नई पटरियां तक नहीं बिछा पाए। ये गरीबों के लिए कोई काम तो कर नहीं पाए, पर हर जगह हरी झंडी दिखाने पहुंच जाते हैं। इन्होंने कभी मजदूरी की होती तो मजदूरों का दर्द पता चलता। नरेंद्र मोदी सिर्फ वोट लेने के लिए कहते हैं कि मैं चाय वाला हूं। यह सब इनका नाटक है।”

भाजपा ने किया पलटवार
खरगे के इस बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सच है कि प्रधानमंत्री एक साधारण परिवार से आते हैं, और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी में ऐसे लोग हैं जो शाही परिवार में पैदा हुए हैं। क्या वे उस विशेषाधिकार से इनकार कर सकते हैं जो उन्हें मिला है? कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी नहीं होती।”

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले चुनावी सभाओं में अकसर मोदी कहा करते थे कि उनके पिता गुजरात के वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, और बचपन में वह उनकी मदद करते थे। हालांकि, कई मौकों पर, कांग्रेस नेताओं ने इस बात का ज़िक्र किया है और राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं। दूसरी तरफ, भाजपा अक्सर इन टिप्पणियों का जवाब देने के लिए कांग्रेस पर “वंशवादी” होने के ताने मारती रही है।

मनरेगा के लिए कांग्रेस करेगी आंदोलन
बहरहाल, खरगे ने कहा, ‘‘देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है कि कोई दल किसी योजना का महात्मा गांधी पर रखा गया नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’’

ब्रम्हांड से जुडी ताजा खोजने वैज्ञानिकों को किया अचंभित

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नई दिल्ली। खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड से जुड़ी ताजा एवं हैरान करने वाली खोज ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। ब्रम्हांड में पृथ्वी से करीब 731 प्रकाश वर्ष दूर आरएक्सजे0528प्लस2838 नामक एक सफेद बौने तारे के चारों ओर एक चमकता हुआ नेबुला देखा गया है। यह नेबुला देखने में इंद्रधनुष जैसा प्रतीत होता है। यह खोज इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि सफेद बौने तारे को आमतौर पर ‘मृत तारा’ माना जाता है, जिनमें ऊर्जा उत्पादन की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं होती। इसके बावजूद इस तारे के आसपास पिछले करीब 1000 वर्षों से बना हुआ एक रहस्यमय ‘बो शॉक’ नजर आया है, जिसने अब तक के खगोलीय सिद्धांतों को चुनौती दे दी है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य जैसे तारे अपना ईंधन पूरी तरह खत्म कर लेते हैं, तो वे सिकुड़कर सफेद बौने तारे बन जाते हैं। इन तारों में नाभिकीय संलयन बंद हो जाता है, जिससे इन्हें शांत और निष्क्रिय माना जाता है। आरएक्सजे0528प्लस2838 भी आकार में पृथ्वी के बराबर है, लेकिन इसका द्रव्यमान सूर्य जितना है।
आम परिस्थितियों में ऐसे तारे किसी खास चमक या गतिविधि का प्रदर्शन नहीं करते, लेकिन इस तारे के चारों ओर दिखाई दे रहा चमकदार घेरा वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बन गया है। यह चमकता हुआ घेरा गैस और धूल के टकराव से बना ‘बो शॉक’ है, जो आमतौर पर तेज गति से चलने वाले सक्रिय खगोलीय पिंडों के आसपास देखा जाता है। डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तारे के पास न तो कोई ऊर्जा पैदा करने वाली डिस्क है और न ही ऐसा कोई स्पष्ट स्रोत, जो इतनी लंबी अवधि तक इस चमक को बनाए रख सके। इसके बावजूद यह संरचना एक सहस्राब्दी से स्थिर बनी हुई है, जो इसे और भी रहस्यमय बना देती है। वैज्ञानिकों ने इसकी एक संभावित वजह अत्यंत शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को माना है।
अनुमान है कि इस सफेद बौने तारे का चुंबकीय क्षेत्र अपने साथी तारे से निकलने वाले पदार्थ को बिना किसी डिस्क के सीधे अपनी सतह की ओर खींच रहा है। यही प्रवाह अंतरिक्ष में मौजूद गैस और धूल से टकराकर ऊर्जा उत्पन्न कर रहा है, जिससे यह बो शॉक बन रहा है। हालांकि मौजूदा सिद्धांतों के अनुसार ऐसा प्रवाह अधिकतम 100 वर्षों तक ही टिक सकता है, जबकि यहां यह प्रक्रिया उससे दस गुना अधिक समय से जारी है। पोलैंड के निकोलस कोपरनिकस एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर के वैज्ञानिक क्रिस्टियन इल्केविक्ज के मुताबिक, यह किसी अज्ञात खगोलीय तंत्र का संकेत हो सकता है, जिसे अभी समझा जाना बाकी है।

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साबू जैकब के साथ गठबंधन, मुकाबला अब और तेज़

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नई दिल्ली। ट्वेंटी20(The Twenty20) पार्टी(party) पहली बार 2015(first came into the spotlight in 2015) में सुर्खियों में तब आई थी(She came into the spotlight when), जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत(Home constituency Kizhakkambalam Panchayat) में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20(Twenty20 in local body elections) ने तब किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतीं थीं।

इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव(assembly elections) से पहले केरल की राजनीति(Kerala politics) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गारमेंट्स कंपनी किटेक्स(Garments company Kitex) (KITEX) समूह द्वारा 2013 में स्थापित ‘ट्वेंटी20 पार्टी’ अब आधिकारिक तौर पर भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन गई है। इस फैसले से केरल में NDA को आगामी विधानसभा चुनावों में अहम बढ़त मिलने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस गठबंन से बीजेपी को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी मजबूती मिली है। उनका कहना है कि एर्नाकुलम में अब नया सियासी मोर्चा खुल सकता है।

इस गठबंधन की घोषणा आज (गुरुवार, 22 जनवरी को) भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और ट्वेंटी20 पार्टी के अध्यक्ष साबू एम. जैकब (किटेक्स के प्रबंध निदेशक) ने संयुक्त रूप से की। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी तिरुवनंतपुर दौरे के दौरान साबू जैकब भी मंच साझा करेंगे। इस दौरान भाजपा शासित नगर निगम के लिए विकास योजनाओं का अनावरण किया जाएगा, जो स्थानीय निकाय चुनावों में किया गया अहम वादा है।

कौन हैं साबू जैकब और उनकी पार्टी ट्वेन्टी20
ट्वेंटी 20 (Twenty20) केरल में स्थित एक पंजीकृत राजनीतिक दल है, जिसकी शुरुआत 2013 में कोच्चि के पास किझक्कमबलम (Kizhakkambalam) ग्राम पंचायत में एक गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन के रूप में हुई थी। साबू एम. जैकब (Sabu M. Jacob) इसके संस्थापक अध्यक्ष हैं। उनके ही नेतृत्व में यह पाटी काम करती है। जैकब बच्चों के कपड़े बनाने वाली प्रमुख कंपनी काइटेक्स ग्रुप (Kitex Group) के MD भी हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत मूल रूप से कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के रूप में की थी।

किझक्कंबलम से सियासी पहचान
ट्वेंटी20 पार्टी पहली बार 2015 में सुर्खियों में तब आई थी, जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थापना के दो साल बाद के स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20 ने किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतकर सुर्खियां बटोरीं थीं। 2020 और 2025 के स्थानीय चुनावों में इसने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अन्य पड़ोसी पंचायतों (जैसे ऐक्करानाडु और मझावन्नूर) में भी जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने तीसरी बार इस पंचायत पर कब्जा बरकरार रखा है।

कभी खिलाफ में एक हो गई थी कांग्रेस-भाजपा
दिलचस्प बात यह रही कि किझक्कंबलम में कांग्रेस, CPI(M) और बीजेपी ने कई वार्डों में साझा निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे, ताकि ट्वेंटी20 को हराया जा सके। बावजूद इसके, ट्वेंटी20 ने संयुक्त हमले को नाकाम कर दिया। पार्टी का दावा है कि उसके शासित पंचायतों में भ्रष्टाचार खत्म किया गया और विकास व कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे उसे जनता का मजबूत समर्थन मिला।

तेजी से बढ़ता जनाधार
किझक्कंबलम के अलावा, ट्वेंटी20 अब एक और पंचायत पर शासन कर रही है, और एक स्थानीय निकाय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। ये सभी क्षेत्र कुन्नथुनाड विधानसभा सीट के अंतर्गत आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व फिलहाल CPI(M) के पास है। इससे पहले, 2022 में इस पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ ‘पीपुल्स वेलफेयर अलायंस’ बनाया था, जो बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण टूट गया। इस पार्टी का कोई पारंपरिक राजनीतिक झुकाव नहीं है; यह खुद को पारंपरिक दलों (LDF और UDF) के विकल्प के रूप में पेश करती है और इसका पूरा ध्यान ‘कॉर्पोरेट-शैली’ के प्रबंधन और लोक कल्याण पर है।

BJP के लिए रणनीतिक फायदा
पिछले विधानसभा चुनावों में कुन्नथुनाड में ट्वेंटी20 की मौजूदगी का फायदा CPI(M) को मिला था, क्योंकि इसने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई थी। उस क्षेत्र में बीजेपी अब तक बड़ा खिलाड़ी नहीं रही है लेकिन अब ट्वेंटी20 के NDA में शामिल होने से बीजेपी को एर्नाकुलम जिले में नया सियासी मैदान मिल गया है। इससे कांग्रेस और वाम मोर्चे—दोनों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। भाजपा इस गठबंधन के माध्यम से मध्य केरल के ईसाई मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाना चाहती है, जो पारंपरिक रूप से ट्वेंटी 20 और साबू जैकब (जो जैकोबाइट समुदाय से हैं) का समर्थन करते रहे हैं। 2021 के चुनावों में ट्वेंटी 20 ने केवल 8 सीटों पर लड़कर 15.3% वोट हासिल किए थे। 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भी इसने औसत 12% वोट शेयर बरकरार रखा, जिसका लाभ अब NDA को मिलने की उम्मीद है।

पहले भी आजमा चुकी है किस्मत
ट्वेंटी20 ने 2021 के विधानसभा चुनावों में एर्नाकुलम की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों जैसी सफलता वह दोहरा नहीं पाई थी। NDA में शामिल होने के बाद पार्टी की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल, ट्वेंटी20 का NDA में शामिल होना केरल की राजनीति में तीसरे विकल्प को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यह गठबंधन आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा या नहीं, यह तो वक्त बताएगा—लेकिन इतना तय है कि राज्य की सियासत अब और दिलचस्प और त्रिकोणात्मक होती जा रही है।

IPL 2026 से बदलेगा विराट कोहली की RCB का ऑनर? अदार पूनावाला के पोस्ट ने मचाई हलचल

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया ने गुरुवार को उस समय रफ्तार पकड़ी जब अदर पूनावाला ने कहा कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम के लिए एक “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स मौजूदा आईपीएल चैंपियन हैं और लीग की 10 टीम में संभवत: सबसे ज्यादा प्रशंसक उनकी टीम के ही है। पुणे स्थित वैक्सीन निर्माता ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदर पूनावाला ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक आरसीबी के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।”

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उन्होंने हालांकि बोली की समय-सीमा या संभावित राशि जैसे विवरण साझा नहीं किए। यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी क्योंकि आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है।‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार (लगभग 105 मिलियन डॉलर मूल्य की) आरसीबी के लिए नए मालिक की तलाश की प्रक्रिया नवंबर पिछले साल शुरू हुई थी। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) इस पहल के पीछे है। यूएसएल वैश्विक पेय कंपनी डियाजियो की भारतीय इकाई है।

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आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान चार जून को हुई भगदड़, जिसमें 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी। इसके बाद टीम की बिक्री की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया था।यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबारी साम्राज्य के पतन के बाद आरसीबी को उनके मूल मालिक से अधिग्रहित किया था।पूनावाला का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में आरसीबी अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु से बाहर खेल सकती है।पुणे, मुंबई और रायपुर ने सात घरेलू मुकाबलों की मेजबानी के लिए फ्रेंचाइजी से संपर्क किया है।कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने बुधवार को आरसीबी प्रबंधन से घरेलू मैच बेंगलुरु में ही रखने का आग्रह किया था और एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षा व सुविधाओं में किए गए सुधारों का हवाला दिया था।आरसीबी ने इसके जवाब में कहा, ‘‘ अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार किए जाने की जरूरत है। हम सभी हितधारकों से मिले सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और हमारे प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार फैसला लिया जा सके।”पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की कंपनी होम्बले फिल्म्स भी आरसीबी के स्वामित्व की दौड़ में शामिल मानी जा रही है।होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है। इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पंजाब कांग्रेस में मची खींचतान के बीच शीर्ष नेतृत्व ने चेताया कहा- सार्वजनिक बयानबाजी की तो होगी कार्रवाई

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ़ कर दिया कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। साथ ही पार्टी ने नेताओं को सख़्त हिदायत दी है कि संगठन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक मंचों, मीडिया या सोशल मीडिया में बयान न दें। ऐसे सभी विषय केवल पार्टी के आंतरिक मंचों और उच्च नेतृत्व के समक्ष ही रखे जाएं। उल्लेखनीय है प्रदेश के नेताओं के बीच मची खींचतान से शीर्ष नेतृत्व इस बार तुरंत अलर्ट हुआ। प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने आलाकमान से दखल की अपील की। लिहाजा, राज्य के बड़े नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पंजाब से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा के.पी. सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही, जिसमें पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने दो टूक कहा कि पंजाब में नेतृत्व बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है और संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अनुशासन पर ज़ोर देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी नेता पार्टी के आंतरिक मामलों पर मीडिया या सोशल मीडिया में बयान जारी नहीं करेगा। ऐसे सभी मुद्दे केवल पार्टी के मंचों पर ही उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंजाब के करीब 30 नेताओं द्वारा हाईकमान से मिलने का समय मांगे जाने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि व्यक्तिगत हैसियत में कोई भी नेता हाईकमान के किसी भी सदस्य से मिलने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाज़ी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दलितों और वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व दिए जाने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी समाज के सभी वंचित और हाशिए पर पड़े वर्गों—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को देशभर में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने भी बैठक को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि चर्चा करीब तीन घंटे तक चली और इसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम जनभावना यह है कि लोग कांग्रेस को दोबारा सत्ता में देखना चाहते हैं। बघेल ने भी दोहराया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाज़ी या अनुशासनहीनता को सख्ती से रोका जाएगा।

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News Desk