अमीषा पटेल बोलीं बॉलीवुड में हो रहा बदलाव, कहा- नाकाबिल लोगों को मिल रहा…

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अमीषा पटेल उन सेलेब्स में से हैं जो कभी किसी भी मुद्दे पर बात करने से झिझकती नहीं हैं। अब अमीषा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर आस्क मी सेशन रखा और इस दौरान फैंस से बात की और उनके कई सवालों के जवाब दिए। इस दौरान अमीषा ने बिना नाम लिए कहा कि कोविड के बाद से इंडस्ट्री के कई नॉन डिजर्विंग लोगों को रिएलिटी चेक मिला है।

डिजर्विंग लोगों को मिलता है क्रेडिट

दरअसल, एक फैन ने पूछा कि एक चीज ऐसी क्या है जो आपको स्माइल करवाती है तो एक्ट्रेस ने कहा, ‘ये देखकर कि कैसे कोविड के बाद से इकॉनोमिक्स बदल गई है और सभी करेक्शन होने लगी है इंडस्ट्री में। सभी जो डिजर्विंग लोग हैं उन्हें उनका क्रेडिट मिल रहा है। वहीं नॉन डिजर्विंग को रिएलिटी चेक मिल रहा है।’

जिन एक्ट्रेसेस को होती जलन उस पर क्या बोलीं

एक फैन ने कहा कि उसने कहो ना प्यार है 10 बार देखी है थिएटर्स में और कई एक्ट्रेसेस हैं जो उनसे जलती हैं। इस पर अमीषा ने कहा, इतने अच्छे शब्दों के लिए शुक्रिया। कई एक्ट्रेसेस ने अपनी लाइफ में काफी कुछ अचीव किया है। हमें एक-दूसरे की रिस्पेक्ट करनी चाहिए। इसको जलन नहीं बल्कि अप्रिशिएशन बोलते हैं और अगर कोई जलता है तो हमें क्या? होनो दो जलन।

अमीषा की फिल्में

मीषा के बारे में बता दें कि उन्होंने 5 साल के लंबे ब्रेक के बाद साल 2023 में फिल्म गदर 2 से कमबैक किया था। फिल्म में उनकी और सनी देओल की जोड़ी ने कमाल कर दिया था। मूवी ने वर्ल्डवाइड 686 करोड़ की कमाई की थी।लास्ट अमीशा फिल्म साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म तौबा तेरा जलवा में नजर आई थीं। फिल्म को भले ही नेगेटिव रिव्यू मिला था, लेकिन अमीषा की परफॉर्मेंस को काफी पसंद किया गया था।

धुरंधर में अक्षय खन्ना के काम को देखकर अमीषा पटेल बोलीं- यह तमाचा है…

अपकमिंग प्रोजेक्ट का इंतजार

अमीषा ने फिलहाल अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर कोई अनाउंसमेंट नहीं की है। लेकिन एक्ट्रेस का कहना है कि वह जल्द किसी अच्छे प्रोजेक्ट में नजर आने वाली हैं।

सबसे ज्यादा POTM अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय, जसप्रीत बुमराह ने की गौतम गंभीर की बराबरी

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इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीसरे टी20 में जसप्रीत बुमराह प्लेयर ऑफ द मैच बने। लगातार तीसरे टी20 में भारत के अलग-अलग खिलाड़ियों ने मैच विजेता की भूमिका निभाई है। पहले टी20 में अभिषेक शर्मा तो दूसरे में ईशान किशन को POTM का अवॉर्ड मिला था। गुवाहटी में खेले गए तीसरे टी20 में भी बल्लेबाजों ने खूब तबाही मचाई, मगर जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन सबसे खास रहा, जिस वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। बुमराह ने अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 17 रन खर्च कर 3 विकेट हासिल किए। बुमराह ने इसी के साथ पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर की बराबरी कर ली है।अभिषेक शर्मा का हैरतअंगेज कारनामा, बिना डॉट गेंद खेले बना डाला ये वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में जसप्रीत बुमराह गौतम गंभीर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। इन दोनों ने अपने करियर में 15-15 बार टीम की जीत में अहम भूमिका निभाकर यह अवॉर्ड जीता। इनके साथ-साथ नवजोत सिंह सिद्धु और सुरेश रैना का भी नाम मौजूद हैं।जसप्रीत बुमराह के आगे अब 15 खिलाड़ी और हैं जिन्होंने उनसे अधिक प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड जीते हैं।कुंबले के बदनसीब क्लब में डेवाल्ड ब्रेविस का नाम, टीम की हार में मिला ये इनाम‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम सबसे ज्यादा 76 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। वहीं विराट कोहली ठीक उनके पीछे हैं। रोहित शर्मा और कोहली के बीच बड़ा अंतर है। कोहली ने 71 बार तो रोहित ने 45 बार POTM का अवॉर्ड जीता है।

सबसे अधिक प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय

76 – सचिन तेंदुलकर

71-विराट कोहली

45 – रोहित शर्मा

37 – सौरव गांगुली

34- युवराज सिंह

31 – वीरेंद्र सहवाग

26- रविंद्र जड़ेजा

25 – राहुल द्रविड़

23- मोहम्मद अजहरुद्दीन

23 – एमएस धोनी

19- शिखर धवन

19 – कपिल देव

17- रवि अश्विन

16 – अनिल कुंबले

16- सूर्यकुमार यादव

15 – जसप्रीत बुमराह*

15- गौतम गंभीर

15 – सुरेश रैना

15- नवजोत सिद्धू

14-कुलदीप यादव

14- रवि शास्त्री

13 – इरफ़ान पठान

13- के श्रीकांत

12- जहीर खान

12- केएल राहुल

12 – जवागल श्रीनाथ

11- हार्दिक पंड्या

11 – हरभजन सिंह

11-भुवनेश्वर कुमार

10- अक्षर पटेल

10 – सुनील गावस्कर

10 – मोहिंदर अमरनाथ

10- वीवीएस लक्ष्मण

10-अजय जड़ेजा

कर्ज लेने में तमिलनाडु और महाराष्ट्र टॉप पर, UP की उधारी में गिरावट, जानिए अन्‍य राज्यों का हाल

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नई दिल्‍ली । राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वित्तीय जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं और इन्हें पूरा करने के लिए राज्य सरकार (state government) अब पहले से ज्यादा बाजार कर्ज (Market debt) पर निर्भर होती जा रही हैं। राज्य सरकारें लंबी अवधि के बॉन्ड जारी कर पैसा जुटा रही हैं। इससे राज्यों की गारंटियों का बोझ भी बढ़ रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) की तरफ से जारी राज्य वित्त 2025-26 के बजटों की अध्ययन रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि राज्यों के कुल राजकोषीय घाटे (GFD) का करीब 76 प्रतिशत हिस्सा बाजार से उधारी के जरिए पूरा किया जाएगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई राज्यों का कर्ज स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। मार्च 2024 के अंत में राज्यों का कर्ज घटकर जीडीपी के 28.1 प्रतिशत पर आ गया था, लेकिन मार्च 2021 में 31 प्रतिशत के शिखर पर पहुंचा। हालांकि मार्च 2026 में चालू वित्तीय वर्ष की सामाप्ति पर यह फिर बढ़कर करीब 29.2 प्रतिशत होने का अनुमान है।

 

कई राज्यों में कर्ज का स्तर अब भी उनकी अर्थव्यवस्था के 30 प्रतिशत से ज्यादा है, जो चिंता की बात है। मौजूदा समय में तमिलनाडु (1.23 लाख करोड़) और महाराष्ट्र (1.23 लाख करोड़) कर्ज लेने में अव्वल हैं। वहीं, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और कर्नाटका जैसे राज्यों का कर्ज बढ़ रहा है। वर्ष 2016-17 के बाद कर्ज पर निर्भरता लगातार बढ़ती गई।

कोविड के दौर में केंद्र सरकार से मिलने वाले कर्ज, खासकर जीएसटी मुआवजा और पूंजीगत खर्च के लिए दिए गए 50 साल के ब्याज मुक्त कर्ज का भी महत्व बढ़ा है। वहीं, वित्तीय संस्थानों, पब्लिक अकाउंट और नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) जैसे स्रोतों से कर्ज लेने का हिस्सा लगातार घटा है। इस समय सिर्फ 3 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश ही एनएसएसएफ से कर्ज ले रहे हैं।

वर्ष 2024-25 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल बाजार उधारी बढ़कर 10.73 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10.07 लाख करोड़ रुपये थी। इस तरह से वित्तीय वर्ष के आधार पर 6.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

उत्तर प्रदेश की उधारी में गिरावट
बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी सभी बड़े राज्यों ने 2024-25 में बाजार से ज्यादा कर्ज लिया। खासतौर पर उत्तर प्रदेश की उधारी में इस दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2023-24 में 49618 करोड़ का कर्ज लिया था जो बीते वित्तीय वर्ष में घटकर 4500 करोड़ रहा। इसी तरह से बिहार का का कर्ज 47612 करोड़ से घटकर 47546 करोड़ रहा है।

हालांकि इस अवधि में उत्तराखंड का कर्ज काफी बढ़ रहा है जो 6300 करोड़ से बढ़ाकर 10400 करोड़ रहा है। इसी तरह से झारखंड का कर्ज भी एक हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3500 करोड़ का रहा है।

लंबी अवधि के बॉन्ड जारी कर रही राज्य सरकारें
2024-25 में कुल 835 बार राज्य सरकारों के बॉन्ड जारी किए गए, जिनमें से 100 बार पुराने बॉन्ड दोबारा जारी किए गए। छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने री-इश्यू का सहारा लिया। रिपोर्ट से पता चलता है कि अब राज्य सरकारें पहले से लंबी अवधि के बॉन्ड जारी कर रही हैं। 2024-25 में 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड का हिस्सा घटकर 14.5 प्रतिशत रह गया, जबकि बाकी बॉन्ड 35 साल की अवधि तक के थे।

केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे कुछ राज्यों ने 20 साल से ज्यादा अवधि वाले बॉन्ड भी जारी किए हैं। मार्च 2025 के अंत तक कुल बकाया बॉन्ड में से 7.2 प्रतिशत की अवधि 20 साल से ज्यादा की थी। इसके पीछे एक कारण औसत ब्याज दर में गिरावट भी है। वर्ष 2024-25 में राज्यों के बॉन्ड पर औसत ब्याज दर घटकर 7.2 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल 7.5 प्रतिशत थी।

गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा साजिद खान की हॉरर फिल्म से करेंगे डेब्यू, 10 साल छोटी इस हीरोइन संग करेंगे रोमांस

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बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर साजिद खान कुछ समय के ब्रेक के बाद एक बार फिर से धमाकेदार वापसी करने के लिए तैयार हैं। साजिद अपनी नई हॉरर फिल्म ‘हंड्रेड’ के साथ डायरेक्टर की कुर्सी पर वापसी कर रहे हैं। इस फिल्म को लेकर न सिर्फ साजिद बल्कि उनके फैंस काफी एक्साइटेड हैं। साजिद खान की इस फिल्म से बॉलीवुड के लेजेंडरी एक्टर गोविंदा के साहबजादे यशवर्धन आहूजा अपना बॉलीवुड डेब्यू करने जा रहे हैं। यशवर्धन के अपोजिट हीरोइन का नाम भी तय है, आइए आपको बताते हैं कि वो हसीना आखिर कौन है?

यशवर्धन के साथ रोमांस करेगी ये एक्ट्रेस

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, गोविंदा के बेटे, यशवर्धन आहूजा के साथ कोई और नहीं बल्कि ‘लापता लेडीज’ की नितांशी गोयल लीड रोल प्ले करने वाली हैं। साजिद खान की हॉरर मूवी ‘हंड्रेड’ में नितांशी लीड रोल में नजर आएंगी। बताया जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग दो दिन पहले मुंबई की फिल्म सिटी में शुरू हुई है। एक सोर्स ने पब्लिकेशन को बताया, “‘हंड्रेड’ के मेकर्स ने शुक्रवार, 23 जनवरी को मुंबई की फिल्म सिटी में फिल्म की शूटिंग शुरू की। उन्होंने जानबूझकर यह दिन चुना ताकि बसंत पंचमी के मौके पर फिल्म की शूटिंग शुरू हो सके।”

हाल ही में हुए थे घायल

हाल ही में, खबर आई थी कि मुंबई में शूटिंग के दौरान साजिद खान घायल हो गए थे। डायरेक्टर एकता कपूर के एक प्रोजेक्ट के लिए शूटिंग कर रहे थे, तभी यह घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था और उनकी सर्जरी करवानी पड़ी। साजिद की बहन फराह खान ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “सर्जरी हो गई है; अब वह बिल्कुल ठीक हैं।” वर्कफ्रंट की बात करें तो साजिद खान आखिरी बार सलमान खान द्वारा होस्ट किए गए रियलिटी शो ‘बिग बॉस 16’ में दिखे थे।

जब आप टीम से बाहर होते हैं तो…; एक साल बाद टीम में वापसी करने पर छलका रवि बिश्नोई का दर्द

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भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई का मानना ​​है कि एक साल की कड़ी मेहनत, आत्मनिरीक्षण और अपनी गेंदबाजी की लेंथ में नियंत्रण बनाए रखने पर काम करने से उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ और वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे। बिश्नोई का पिछले आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। इसके बाद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें रिलीज कर दिया था लेकिन पिछली नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा।न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले बिश्नोई ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले एक साल में मैंने अपनी लेंथ पर काम किया है क्योंकि पिछले आईपीएल सत्र में मेरा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा था। पिछले सत्र में मेरा अपनी लाइन और लेंथ पर मेरा ज्यादा नियंत्रण नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैंने स्टंप्स पर 5-6 मीटर की लेंथ पर गेंदबाजी करने की पूरी कोशिश की, क्योंकि उस लेंथ पर की गई गेंद पर शॉट लगाना मुश्किल होता है।’’इस 25 वर्षीय लेग स्पिनर ने इससे पहले पिछले साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए आखिरी मैच खेला था। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं थे। उन्हें स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को चोट लगने के बाद ही टीम में जगह मिली।बिश्नोई ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मिले मौके का पूरा फायदा उठाया और चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए।उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम से बाहर होते हैं तो काफी मुश्किल होता है। यह भारतीय टीम बहुत मजबूत है और इसमें जगह बनाना आसान नहीं है। इसलिए आपको सीमित अवसर मिलते हैं। मेरे लिए यह अच्छा है कि मुझे अपनी गेंदबाजी पर काम करने का मौका मिला। मैंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया और उससे मुझे वापसी करने में मदद मिली।’’बिश्नोई ने कहा, ‘‘एक गेंदबाज के लिए टी20 मैच हमेशा मुश्किल होता है। जस्सी भाई (बुमराह) ने अच्छी गेंदबाजी की, हार्दिक भाई (पांड्या) ने अच्छी गेंदबाजी की, हर्षित (राणा) ने भी शुरुआत में विकेट लिया। अगर हम शुरुआत में ही दो-तीन विकेट ले लेते हैं, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए मुश्किल हो जाती है।’’उन्होंने स्वीकार किया कि जब उन्हें इस मैच में खेलने का मौका मिला तो वह पहले थोड़ा नर्वस थे।बिश्नोई ने कहा, ‘‘मुझे आज अवसर मिला और शुरू में मैं थोड़ा नर्वस था लेकिन साथ ही उत्साहित भी था। आपको जब भी मौका मिलता है तो आपको अच्छा प्रदर्शन करना होता है इसलिए घबराहट और उत्साह दोनों ही होते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश की। अगर गेंद उस लेंथ पर अच्छी गति से गिरती है तो शॉट मारना बहुत मुश्किल होता है। ऐसा नहीं है कि मुझे 100 किमी प्रति घंटे से अधिक या 100 किमी प्रति घंटे से कम की रफ्तार से गेंदबाजी करनी है। मैं उस दिन जैसा महसूस करता हूं, वैसी ही गेंदबाजी करता हूं।’’

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News Desk

‘राहुल गांधी फटफटिया मास्टर हैं’, तेज प्रताप बोले- वो बस मुर्गा और भात बना सकते हैं

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Tej Pratap on Rahul Gandhi: बिहार में लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव की ताजपोशी के साथ ही अब तेज प्रताप की बयानबाजी से सियासी माहौल गरमा गया है. रविवार को तेजस्वी यादव को आरजेडी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. इसको लेकर तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव पर भी तंज कसते हुए कहा है कि अगर जिम्मेदारी मिली है तो सही से निभाएं.

‘राहुल गांधी फटफटिया मास्टर हैं’

तेज प्रताप यादव से पूछा गया था कि कांग्रेस के आरजेडी से गठबंधन तोड़ने की बात की जा रहा है. इस पर तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘ये काम तो कांग्रेस को पहले ही कर लेना चाहिए. कांग्रेस ने इतनी देर क्यों कर दी. चुनाव लड़ लिया और सब मिलकर हार गए. पहले ही जब राहुल गांधी फटफटिया चला रहे थे, तो उसी समय कट लेना चाहिए था. राहुल गांधी फटफटिया मास्टर हैं. राहुल गांधी फटफटिया मास्टर बन सकते हैं, मुर्गा-भात बना सकते हैं. बस यही कर सकते हैं. यही उनका काम है. राहुल गांधी डरपोक नेता हैं. इसमें कोई शक नहीं है. राहुल गांधी ने बस बता दिया कि अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने जाएंगे. लेकिन अभी तक क्यों नहीं गए. राहुल गांधी को जाना चाहिए था. केवल फटफटिया चलाने से कुछ नहीं होगा.

‘रोहिणी आचार्य एकदम 100 प्रतिशत सही कहा है’

तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी है. तेज प्रताप ने कहा, ‘अगर जिम्मेदारी मिली है, तो सही से उसका निर्वाहन करना चाहिए. मैं क्या बोल सकता हूं. रोहिणी आचार्य ने जो भी ट्वीट किया है, 100 प्रतिशत सही कहा है.’

रोहिणी आचार्य ने क्या कहा था?

 तेजस्वीय यादव को आरजेडी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य जमकर भड़कीं. उन्होंने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ”सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और ‘गिरोह – ए – घुसपैठ’ को उनके हाथों की ‘कठपुतली बने शहजादा’ की ताजपोशी मुबारक.”

वरुण धवन को ट्रोल करने वालों को बॉर्डर 2 मेकर्स का जवाब- पहले गलत बोला, अब वही..

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बॉर्डर 2 रिलीज हो गई है और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर ली है। हालांकि जब फिल्म का पहला गाना और ट्रेलर रिलीज हुआ था तब वरुण धवन की स्माइल को लेकर उन्हें काफी ट्रोल किया गया था। हालांकि फिल्म के रिलीज होने के बाद वरुण के काम की तारीफ होने लगी। अब फिल्म के मेकर्स ने वरुण को ट्रोल करने वालों को जवाब दिया है।

वरुण अब रिलैक्स और खुश हैं

न्यूज 18 से बात करते हुए भूषण कुमार ने कहा, ‘कई ऐसे मीम वायरल हो रहे हैं जिसमें बोला जा रहा है सॉरी बोल। वरुण अब रिलैक्स है और सक्सेस को एंजॉय कर रहे हैं। वह खुश हैं। जो लोग वरुण के लिए खराब बातें बोल रहे थे, वही अब उनके काम की तारीफ कर रहे हैं।’

डायरेक्टर बोले ट्रोलिंग पर्सनल थी

डायरेक्टर अनुराग सिंह ने भी नेगेटिव कमेंट्स करने वालों को कहा, ‘जब तक आपने फिल्में देखी नहीं, आप किसी को जज नहीं कर सकते। जो वरुण के साथ हुआ वो पर्सनल था। काफी नेगेटिविटी थी, शायद नेगेटिविटी ही बिकती है। लोगों ने कहा देखो उनकी स्माइल। वह बॉर्डर को खराब करने वाले हैं अपनी स्माइल थे। ये काफी टॉक्सिक है।’

इससे एक्टर्स की मेंटल हेल्थ पर पड़ता असर

उन्होंने कहा था कि इससे वरुण पर क्या इम्पैक्ट पड़ा होगा, इसकी उन्हें चिंता थी। वह बोले, अगर आपकी मंशा किसी को मेंटली नुकसान पहुंचाने की है तो ये गलत है। आप जो बोलते हैं, इससे उन्हें फर्क पड़ता है, उनकी पर्सनैलिटी पर। वे डिप्रेशन में चले जाते हैं और बुरा लगता है उन्हें। उनके पास पूरा इकोसिस्टम होता है। हमें नहीं पता इससे उनपर या उनके परिवार पर क्या असर पड़ेगा।

बॉर्डर 2 की रिलीज के बीच करण ने वरुण को ट्रोल करने वालों को दिया जवाब?

वैसे बता दें कि जब वरुण को अपनी ट्रोलिंग के बारे में पता चला था तो उन्होंने कहा था कि वह अपने काम से सबको जवाब देंगे। उनकी फिल्म ही उनकी तरफ से अपना जवाब देगी।अब जिस तरह से उनकी तारीफ हो रही है तो वरुण की बात सच ही साबित हुई और उनके काम ने ही सबको जवाब दे दिया है।

नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने से भाजपा के पुराने नेताओं में बढ़ने लगी बेचैनी?

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नई दिल्‍ली। नितिन नवीन (Nitin Naveen) के भाजपा (BJP) अध्यक्ष बनने के बाद अब नई टीम को लेकर विमर्श चल रहा है। इसमें युवाओं व महिलाओं को तरजीह देने की बात चल रही है। इससे संगठन में काम कर रहे कई मौजूदा और पुराने नेताओं व भावी दावेदारों में बेचैनी है। कई नेताओं को उम्र के आड़े आने का डर भी सता रहा है। हाल में विभिन्न नेताओं को दी गई खास चुनावी जिम्मेदारियों से हाशिए पर रहे नेताओं में उम्मीद तो जगी है, लेकिन जब पूरी टीम बनेगी, तब कौन कहां होगा इसे लेकर ऊहापोह बरकरार है।

अगले माह के मध्य में भाजपा की नई टीम आने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इसे लेकर काफी चर्चा हो चुकी है और अब उचित समय पर केवल अंतिम रूप दिया जाना है। पूरी केंद्रीय टीम यानी उपाध्यक्ष, महासचिव व सचिवों में बड़े बदलाव की संभावना है। तीनों स्तरों पर लगभग आधे-आधे नए चेहरे होंगे। कुछ नेताओं को ही टीम में इधर से उधर किया जाएगा, लेकिन बाकी को बदला जाना तय है। इसकी बड़ी वजह नए नेतृत्व को सामने लाना है। युवा नेताओं के टीम में होने से पार्टी के नए अध्यक्ष नई ऊर्जा का बेहतर ढंग से संचालन कर सकेंगे।

 

टीम में महिलाओं की बढ़ेगी संख्या

आने वाले समय में लोकसभा व विधानसभाओं में अब महिलाओं को आरक्षण दिया जाना है, ऐसे में भाजपा की नई टीम में पिछली टीम से ज्यादा महिलाएं होंगी। हालांकि, भाजपा के संविधान में केंद्रीय पदाधिकारियों को एक तिहाई पद देने की व्यवस्था है, लेकिन उसका पालल इस बार भी हो पाने की संभावना कम है। पार्टी के व्यापक विस्तार को देखते हुए केंद्रीय टीम में राज्यों में काम कर रहे कई चेहरे आ सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि राज्यों के प्रभारी व सह प्रभारियों की नियुक्ति में केंद्रीय पदाधिकारी को ही जगह दी जाए, यह जरूरी नहीं है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। चूंकि प्रभारियों का काम अनुभव के लिहाज से काफी अहम होता है इसलिए इसमें वरिष्ठ नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

‘OP सिंदूर में भारत ने दिखाया दम, सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाया पाकिस्तान’, इस विदेशी रिपोर्ट ने PAK के झूठ की खोली पोल

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Swis Think Tank Report: स्विस मिलिट्री थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्टी एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज’ की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि भारत ने किस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को पटखनी दी थी. भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर उनको खत्म कर नुकसान पहुंचाया. भारतीय हथियार एस-400 और हवाई रक्षा नेटवर्क ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई. भारत से हार के बाद डरे-सहमें पाकिस्तान ने युद्धविराम की गुजारिश की थी, जिसके बाद भारत ने युद्ध रोक दिया.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना के राफेल और मिराज-2000 विमानों ने पाकिस्तान को करारा झटका दिया था. वायुसेना ने इस दौरान बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया था. पाकिस्तान ने इस दौरान भारत पर करीब पीएल-15 मिसाइलें और 900 से ज्यादा ड्रोन दागे, लेकिन भारत ने सबको नष्ट कर दिया.

सीजफायर की गुहार लगाने के लिए मजबूर हुआ था पाक
पाकिस्तान ने भारत में पहलगाम आतंकी हमला किया. जिसका मुहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. ऑपरेशन सिंदूर के संघर्ष की शुरुआत 7 मई की रात को हुई थी. जिसमें भारतीय वायुसेना ने सीमा पार कर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया.
इस दौरान पाकिस्तान अपने बचाव के लिए 30 से ज्यादा लड़ाकू विमानों और लंबी दूरी की मिसाइलों के साथ संघर्ष की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा. भारत के अत्याधुनिक टेक्नालॉजी हथियारों को देखते ही उसने सीजफायर की गुहार लगाई, जिसके बाद भारत ने अपनी कार्रवाई रोक दी. इस दौरान भारतीय वायुसेना का ‘आकाशतीर’ नेटवर्क और इलेक्ट्रानिक जैमिंग काफी साथ दिया.

रिपोर्ट में हुआ खुलासा
जब भारत ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर घुसकर वार करना शुरू कर दिया तो पाकिस्तान के हाथ-पाव फूलने लगे. इस हमले को रोकने के लिए पाकिस्तान ने अपने सभी लड़ाकू विमान, रडार और कमांड सेंटर खत्म कर दिए. जब पाकिस्तान के पास युद्धविराम के अलावा कोई और तरकीब नहीं बची तो उसने भारत से युद्ध रोकने की गुहार लगाई. हालांकि भारत ने इसे स्वीकार्य करते हुए रोक दिया. यह खुलासा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में हुआ है.

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‘देश हिंदू राष्ट्र ही है’ मोहन भागवत बोले- ‘हिंदुओं को 3 बच्चे पैदा करने से किसने रोका है’

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मुजफ्फरपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने रविवार को मुजफ्फरपुर में एक महत्वपूर्ण सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद को संबोधित किया. उन्होंने समाज में एकता और सद्भाव पर जोर देते हुए कहा कि जब हर जाति और बिरादरी उन्नत होगी, तभी समाज और देश वास्तविक प्रगति कर पाएगा.

जनसंख्या नियंत्रण और हिंदू राष्ट्र पर विचार: जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को तीन बच्चे पैदा करने से किसी ने नहीं रोका है, जबकि सरकार 2-1 बच्चों की नीति की बात करती है. हिंदू राष्ट्र के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही हिंदू राष्ट्र है. भारत में विविधता है, अलगाव नहीं. अंग्रेजों ने अलगाव बढ़ाकर शासन किया, अब उस अलगाव को समाप्त कर समाज को एकजुट करना है.

 

“हिंदू समाज को तीन बच्चे पैदा करने से किसी ने नहीं रोका है. सरकार भी 2-1 बच्चों की बात करती है. देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह हिंदू राष्ट्र है ही. भारत में विविधता है, अलगाव नहीं.”मोहन भागवत, आरएसएस प्रमुख

विदेशी शक्तियों की चिंता और भारत की प्रगति: डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि आज भारत के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं. कुछ विदेशी शक्तियां भारत की प्रगति नहीं चाहतीं, क्योंकि उन्हें अपनी ‘दुकान’ बंद होने का डर है. इसी कारण वे भारत के विकास के मार्ग में बाधाएं खड़ी करने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि डर और कमजोरी को दूर करने के लिए आत्मनिर्भरता आवश्यक है, जो समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान कर सकती है.

सद्भाव की आवश्यकता और ऐतिहासिक सबक: सरसंघचालक ने विश्व स्तर पर सद्भाव की कमी पर चिंता जताई और कहा कि यदि सद्भाव नहीं रहा तो लोग आपस में लड़कर नष्ट हो जाएंगे. उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि कोई विदेशी शक्ति ने अपनी ताकत से भारत को पराधीन नहीं बनाया, बल्कि हमारी आपसी फूट का फायदा उठाकर शासन किया. यदि समाज में सद्भाव बना रहेगा तो लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार बनेंगे और समस्याएं स्वतः हल होती जाएंगी.

समाज की जागृति और स्थानीय स्तर पर समाधान: डॉ. भागवत ने कहा कि समाज अब जाग रहा है और देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. यदि खंड या प्रखंड स्तर पर समाज अपनी समस्याओं पर बैठकर विचार-विमर्श करे तो लोगों को किसी नेता पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने विभिन्न जातियों और बिरदरियों के उत्थान के साथ अन्य समाजों की समस्याओं के समाधान के प्रयासों की जानकारी भी ली. कार्यक्रम में क्षेत्र कार्यवाह मोहन सिंह ने विषय प्रवेश कराया, जबकि क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, उत्तर बिहार प्रांत संघचालक गौरीशंकर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ स्वयंसेवक उपस्थित रहे.

प्रश्नोत्तर सत्र में सज्जन शक्ति पर जोर: दूसरे सत्र में प्रश्नोत्तर के दौरान सरसंघचालक ने कहा कि केवल समस्या बताने के बजाय उसका समाधान भी सुझाना चाहिए. आज देश सज्जन शक्ति के भरोसे आगे बढ़ रहा है, जहां लोग अपने स्तर पर समाज की समस्याएं दूर कर रहे हैं. लेकिन इस प्रयास को और नीचे तक ले जाना जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल व्यवस्था से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि समाज के लोग आपस में चिंतन करेंगे तभी स्थायी हल निकलेगा.

जाति संगठनों की भूमिका और सेवा भाव: डॉ. भागवत ने कहा कि प्रखंड स्तर पर समाज और जाति के संगठनों को भौतिक तथा नैतिक उत्थान पर गंभीरता से विचार करना होगा. उन्होंने जोर दिया कि केवल संपन्न लोग ही समाज सेवा कर सकते हैं, ऐसा नहीं है. जिसके मन में सद्भाव होगा, वही पीड़ितों और जरूरतमंदों की सेवा कर सकता है. कई गांवों के उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि समाज ने बिना सरकारी मदद के भी अपनी समस्याओं का समाधान किया है.

विभिन्न संगठनों के सामाजिक कार्य: गोष्ठी में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने कार्यों की जानकारी दी. तैलिक साहू समाज ने कोरोना काल में मुजफ्फरपुर के छोटी कल्याणी क्षेत्र में कोरोना वॉरियर्स की सेवा का उल्लेख किया. एक संगठन ने समाज की लड़कियों के सामूहिक विवाह कराने की बात बताई, जबकि सहरसा में रोटी बैंक चलाने वाले संगठन ने दिव्यांग और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने तथा सेवा के विस्तार की जानकारी साझा की. यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष में सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ.