6 बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार, फिर भी मुख्यमंत्री की कुर्सी एक कदम रह गई दूर

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Ajit Pawar: महाराष्ट्र से बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया. बारामती के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) का चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया, जिसमें पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई. सुबह-सुबह आई इस खबर ने सभी को झकझोर दिया. पवार जिस प्लेन में सवार थे, वह पूरी तरह जल गया था. यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर विमान की क्रैश लैंडिंग हुई थी, स्पष्ट नहीं हो सका है. अजित पवार के निधन की खबर आते ही सियासी हलकों से प्रतिक्रियाएं आने लगी. एनसीपी समेत देश के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं और अजित पवार के सहयोगियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

6 बार डिप्टी सीएम रहे अजित पवार
महाराष्ट्र की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले शरद के भतीजे अजित पवार का प्रदेश की राजनीति में मजबूत पकड़ थी. अजित पवार ऐसे नेता थे, जिन्होंने राजनीति में कभी अपनी महत्वकांक्षाओं को नहीं छिपाया. उनका सियासी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, कई बार वे विवादों में भी रहे लेकिन सत्ता के केंद्र में बने रहने की अपनी चाहत को वे बयां करने से हिचकिचाते नहीं थे. उनके नाम सबसे ज्यादा बार (6) महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनने का रिकॉर्ड भी दर्ज है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने की उनकी चाहत अधूरी रह गई.

चाचा से बगावत कर बना ली थी सरकार
वर्तमान में वह महाराष्ट्र की महायुति सरकार में डिप्टी सीएम थे. इसके पहले भी वह 5 बार डिप्टी सीएम के पद पर रह चुके थे. अजित पवार 2010 में पहली बार डिप्टी सीएम बने थे, लेकिन सिंचाई घोटाले को लेकर लगे आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया. हालांकि, क्लीन चिट मिलने के बाद उन्होंने दोबारा पदभार संभाल लिया था. अजित पवार के डिप्टी सीएम बनने की कड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा 2019 के उस सियासी उठापटक की रही, जिसमें रातों-रात उन्होंने एनसीपी के विधायकों को भरोसे में लेकर भाजपा से हाथ मिला लिया था और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. फडणवीस ने सीएम और तब अजित पवार ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लिया था. लेकिन, फिर शरद पवार और सुप्रिया सुले के दखल के बाद 80 घंटों में ये सरकार गिर गई थी और अजित पवार की घर वापसी हो गई थी.

इसके बाद महा विकास अघाड़ी की सरकार बनी और उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली. इस सरकार में भी अजित पवार डिप्टी सीएम बने. लेकिन ये सरकार ज्यादा दिनों तक चली नहीं. एकनाथ शिंदे की बगावत के कारण शिवसेना का विभाजन हो गया और एक गुट बीजेपी के साथ जा मिला. बाद में अजित पवार ने भी बगावत कर दी और एनसीपी में अपने करीबी विधायकों को लेकर बीजेपी-शिंदे गुट वाली सरकार में डिप्टी सीएम बने. 2024 विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के बाद अजित पवार छठी बार डिप्टी सीएम बने थे.

सीएम न बन पाने का अजित पवार को रहा मलाल
अजित पवार ने राजनीति का ककहरा शरद पवार से सीखा था. लेकिन, जब उन्हें आभास हुआ था कि शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बहन सुप्रिया सुले को सौंपना चाहते थे, तब उन्होंने बगावत कर दी. अजित पवार भले ही 6 बार डिप्टी सीएम रहे लेकिन सीएम न बन पाने का उन्हें मलाल हमेशा रहा. कई बार अजित पवार की बातों से सीएम न बन पाने का उनका दर्द छलक जाता था.

अजित पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय पवार और पार्थ पवार हैं. जय ने खुद को बिजनेस क्षेत्र में स्थापित किया है. वहीं पार्थ ने मावल से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए थे. पवार के प्लेन क्रैश की खबर सुनकर सुनेत्रा बारामती के लिए रवाना हो गई हैं.

“शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे अजित पवार”, CM ममता बनर्जी के बयान से मची खलबली

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कोलकाता। प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “अजित पवार, शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। प्लेन हादसे की जांच कराई जाए। एजेंसियां बिकी हुई हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो।”

ममता बनर्जी ने कहा, “कुछ दिनों में अजित पावर अपने पुराने गुट में लौटने वाले थे। उससे पहले ही यह दुर्घटना घटी। देश में लोगों की कोई सुरक्षा नहीं हैं। पहले अहमदाबाद में इतने लोगों की जान गई और अब इस हादसे में अजित पवार की जान गई। देश के मुख्यमंत्री समय कम होने की वजह से चार्टर्ड फ्लाइट में सफर करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा का क्या? हम इस हादसे से बड़ा परेशान हैं। शब्द नहीं हैं हमारे पास। सुप्रीम कोर्ट के सुपरविजन पर जांच होनी चाहिए।”

 

हालांकि ममता बनर्जी ने ये बयान अजित पवार के निधन के बाद फौरन नहीं दिया। बल्कि सबसे पहले उन्होंने ये बयान दिया, “अजित पवार के अचानक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध हूं! महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके सहयात्रियों की आज सुबह बारामती में एक भयावह विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई है, और मुझे गहरा शोक का अनुभव हो रहा है। उनके परिवार, उनके चाचा शरद पवार जी सहित, और स्वर्गीय अजित जी के सभी मित्रों और अनुयायियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस घटना की उचित जांच होनी चाहिए।”

इस बयान को देने के कुछ घंटों बाद ममता ने इस मामले में दूसरा बयान दिया, जिसने सियासत में हड़कंप मचा दिया। इस बयान के मुताबिक, ममता ने कहा कि अजित पवार, शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। प्लेन क्रैश मामले की जांच होनी चाहिए।

 

 

संजय गांधी से लेकर YSR तक, जानिए प्रमुख घटनाएं

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Plane Crash: देश और दुनिया में विमान हादसे में नेताओं की मौत की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन्होंने राजनीति और जनता दोनों को झकझोर दिया। हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की विमान हादसे में मौत की खबर ने सनसनी फैला दी। यह विमान मुंबई से बारामती जा रहा था और सुबह करीब 8:45 बजे लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें सभी यात्रियों की जान चली गई।

भारत में विमान हादसे में जान गंवाने वाले पहले बड़े नेताओं में संजय गांधी का नाम शामिल है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी विमान उड़ाने के शौकीन थे। 23 जून 1970 को दिल्ली में विमान उड़ाते समय उनका प्लेन क्रैश हो गया और इस हादसे में उनकी मौत हो गई।

इसके बाद 30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराज सिंधिया का विमान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।

3 मार्च 2002 को लोकसभा स्पीकर डॉ. जी.एम.सी. बालयोगी भी विमान हादसे का शिकार हुए। आंध्र प्रदेश में हुए इस क्रैश में उनकी जान चली गई। वहीं, 2 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) का हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।

हाल के वर्षों में भी विमान हादसे में नेताओं की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। 12 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी, जब वे अहमदाबाद से लंदन जा रहे थे।

अजित पवार का कल होगा अंतिम संस्कार, महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित

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मुंबई। महाराष्ट्र के बारामती जिले में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। यहां राज्य के डिप्टी CM और NCP के प्रमुख अजित पवार का विमान क्रैश हो गया है। इस विमान क्रैश में अजित पवार का निधन हो गया है। DGCA ने इस विमान क्रैश में सभी 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस घटना ने महाराष्ट्र की सियासत में हड़कंप मचा दिया है। घटना से अजित पवार के समर्थकों में उदासी छा गई है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत, सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे बारामती पहुंचे
महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बारामती एयरपोर्ट पहुंचे। वे बारामती में अजित पवार को श्रद्धांजलि देंगे और परिजनों से मुलाकात करेंगे। आज सुबह बारामती में एक चार्टर प्लेन की क्रैश लैंडिंग में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया।

 

अजित पवार के पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड ले जाया जा रहा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड ले जाया जा रहा है, ताकि लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। उनका अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने हादसे की जांच की मांग की
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस हादसे की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम इस हादसे की जांच की मांग करते हैं। यह बहुत दुखद घटना है। अजीत पवार की असमय मौत हो गई। एक मेहनती इंसान के चले जाने से हम सब सदमे में हैं। दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवार के साथ हैं।”

पीएम मोदी ने शरद पवार से बात की, निधन पर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से बात की। अजित पवार के निधन पर जताया गहरा शोक। पीएम मोदी कल अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने बारामती आएंगे। आज सुबह बारामती में एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया।

कल सुबह होगा अजित पवार का अंतिम संस्कार
एनसीपी नेता अजित पवार का अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

बारामती में प्लेन क्रैश की खबर, अजित पवार के निधन पर देशभर में शोक

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Ajit Pawar Plane Crash : बारामती में हुए कथित विमान हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई से बारामती आ रहा चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिससे विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई। इस अजित पवार प्लेन क्रैश की खबर के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर दुख व्यक्त किया और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में समर्पित रहे और महाराष्ट्र के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी इस हादसे को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने विमान दुर्घटना में मारे गए सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

इसके अलावा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी अजित पवार प्लेन क्रैश की खबर पर दुख जताया। दोनों नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

फिलहाल, इस हादसे को लेकर आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। संबंधित एजेंसियों और प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।

संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन

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नई दिल्ली।  बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, “संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पिछला वर्ष भारत की तीव्र प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा। पूरे देश में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। नागरिक बंकिम चंद्र चटर्जी को उनकी इस महान प्रेरणा के लिए नमन कर रहे हैं। मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई।”

ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता देखी- राष्ट्रपति मुर्मू

इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही आदिवासी समुदाय के प्रति उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से संबंधित कार्यक्रमों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया। पूरे देश ने देखा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जिससे ‘विकसित भारत’ की ओर हमारा सफर और भी तेज हो जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया है ‘भय कहूं को देत नेहन नेहन भय मानत आन’। इसका अर्थ है कि हमें न तो किसी को डराना चाहिए और न ही किसी से डरना चाहिए। इसी निडर मन और भावना के साथ हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी और बुद्धिमत्ता के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता देखी। अपने संसाधनों से हमारे देश ने आतंकवाद के गढ़ों को नष्ट किया। मेरी सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर होने वाले सभी हमलों का जवाब मजबूत और निर्णायक होगा। सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है। यह आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का एक हिस्सा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम चल रहा है।

देश शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “वर्ष 2026 के साथ हमारा देश इस शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। भारत के लिए, इस शताब्दी के पहले 25 वर्षों का अंत कई सफलताओं, गौरवपूर्ण उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरा रहा है। पिछले 10-11 वर्षों में, भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। यह वर्ष विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण आधार है।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम विकास कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी होगी। ” इस दौरान एनडीए-भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर अपनी सराहना व्यक्त की। वहीं विपक्षी सांसद खड़े होकर विरोध जताते हुए कानून को वापस लेने की मांग करने लगे। 

एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में ‘नारी शक्ति’ सर्वोपरि है।”
 

रीवा को मिला सबसे ज्यादा लाभ, 127 मरीज किए गए एयरलिफ्ट

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मध्य प्रदेश में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों तक तेजी से पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई PM Shri Air Ambulance Service का सबसे अधिक लाभ रीवा जिले के लोगों को मिला है। अब तक प्रदेशभर में 127 मरीजों को अलग-अलग जिलों से एयरलिफ्ट कर प्रमुख अस्पतालों में भेजा गया, जिनमें से अकेले रीवा जिले के 44 मरीज शामिल हैं। खास बात यह है कि इस योजना का पहला मरीज भी रीवा से ही एयरलिफ्ट किया गया था।

आंकड़ों के अनुसार, मई 2024 से मई 2025 के बीच कुल 69 मरीजों को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिए भेजा गया, जिसमें औसतन 6 मरीज प्रति माह रहे। शुरुआती दिनों में लोगों को योजना की जानकारी कम थी, इसलिए उपयोग कम रहा। हालांकि, जागरूकता बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में तेजी आई और 19 जुलाई 2025 से 19 जनवरी 2026 के बीच छह महीनों में 58 मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया। इस अवधि में औसतन 10 मरीज प्रतिमाह एयर एंबुलेंस सेवा से लाभान्वित हुए, जिससे प्रशासन ने लगभग 67 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया है।

हालांकि, प्रदेश के 32 ऐसे जिले भी हैं, जहां से अब तक किसी मरीज को PM Shri Air Ambulance Service का लाभ नहीं मिल पाया है। इनमें मऊगंज, सीधी, मैहर, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, खरगोन, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, शहडोल और उमरिया जैसे जिले शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, रीवा में अधिक संख्या का कारण यह भी है कि आसपास के जिलों से मरीज यहां आते हैं और फिर भोपाल, इंदौर या अन्य शहरों के लिए एयरलिफ्ट किए जाते हैं।

इस योजना का लाभ उन्हीं मरीजों को मिलता है, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में संभव नहीं होता और जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना जरूरी होता है। इसके लिए डॉक्टर, सीएमएचओ और कलेक्टर की अनुशंसा अनिवार्य है, जबकि राज्य से बाहर भेजने के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति भी जरूरी होती है। PM Shri Air Ambulance Service गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर देशभर में शोक, पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक ने जताया दुख

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Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा बारामती में लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसमें विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और डिप्टी सीएम अजित पवार समेत सभी पांच लोगों की मौत हो गई। इस Ajit Pawar Plane Crash की खबर के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार के निधन पर गहरा दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि अजित पवार एक जननेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर गहरा जुड़ाव था और महाराष्ट्र की जनता की सेवा में उनकी अहम भूमिका रही।

गृहमंत्री अमित शाह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अजित पवार का निधन NDA परिवार और उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने महाराष्ट्र के विकास और जनकल्याण के लिए उनके समर्पण की सराहना की।

शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अजित पवार एक अच्छे नेता थे और उनका इस तरह जाना बेहद दर्दनाक है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि अजित पवार अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में महाराष्ट्र के विकास के लिए समर्पित रहे। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और बीजेपी नेता नितिन नबीन ने भी पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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News Desk

अजित पवार के विमान के क्रैश होने का दावा, बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसे की खबर

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महाराष्ट्र के बारामती के आसपास एनसीपी नेता अजित पवार का निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. बताया जा रहा है कि लैंडिंग की कोशिश करते समय प्लेन क्रैश हो गया. वह किसी कार्यक्रम के लिए यहां पहुंच रहे थे. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान ने क्रैश लैंडिंग की या कोई तकनीकी खराबी चलते ये हादसा हुआ है.

मौके से सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विमान में आग लगी है. तेज धुआं उठ रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि अजित पवार का विमान कहीं खेत में क्रैश हुआ है. पूरा विमान जलकर राख हो चुका है. वीडियो में क्रैश साइट्स की तस्वीर में विमान के चीथरे उड़ गए हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि क्रैश साइट पर भारी संख्या में लोग मौजूद हैं.

स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच रही हैं. एंबुलेंस और अन्य मेडिकल सपोर्ट मौके पर डिसपैच किया गया है.

चाचा शरद पवार की छाया से निकलकर अजित पवार बने महाराष्ट्र की सियासत के बेताज बादशाह

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नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) के बारामती (Baramati) के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई.

सियासत के बेताज बादशाह (uncrowned king) कहे जाने वाले अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में कदम रखा. वो अपनी राजनीतिक कौशल के जरिए पार्टी को महाराष्ट्र में मजबूत बनाया. पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एनसीपी को एक बड़ा जनाधार तैयार करने में अहम रोल अदा किया, लेकिन 2022 में शरद पवार से अलग अपनी राजनीतिक लकीर खींची और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई.

अजित पवार के पिता फिल्म जगत से जुड़े
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में अपने दादा के घर जन्मे अजित पवार, शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवरा के बेटे हैं. उनके पिता फिल्म जगत से जुड़े हुए थे. अनंतराव ने मुंबई में मौजूद वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम किया. अजित पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई और उनके दो बच्चे हैं, जिनका नाम पार्थ पवार और जय पवार है,

महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल बारामती से अजित पवार ने प्राथमिक शिक्षा हासिल की, हालांकि, जब वो कॉलेज में थे तो उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद सियासत में कदम रखा.

शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में आए
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर साल 1982 में राजनीति में कदम रखा. अजित पवार प्राथमिक शिक्षा की पढ़ाई कर रहे थे, तो उस दौरान उनके चाचा यानी शरद पवार एक दिग्गज सियासी नेता बन चुके थे. राजनीति में कदम रखने के बाद सबसे पहले उन्होंने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने लड़ा. वो पुणे सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुने गए, वो16 सालों तक इस पद पर काबिज रहे.

साल 1991 में पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुने गए, लेकिन बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी. इसके बाद शरद पवार केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बने. यहीं से शरद पवार केंद्र की राजनीति में खुद को सक्रिय कर लिया तो अजित पवार महाराष्ट्र की सियासत की कमान अपने हाथ में ले ली.

शरद पवार के सियासी वारिस बनकर उभरे
अजित पवार ने अपनी मेहनत और लगन के बाद खुद को शरद पवार के सियासी वारिस के तौर पर महाराष्ट्र में स्थापित किया. महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली, इसके बाद साल 1995 में वो पहली बार पुणे जिले में बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक बने. इसके बाद से वो लगातार इस निर्वाचन क्षेत्र के विधायक चुने जाते रहे, उन्होंने साल 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में विधायक बने. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में खुद को स्थापित ही नहीं किया बल्कि अपनी पकड़ भी बनाई.

विधायक से डिप्टी सीएम तक का सियासी सफर
अजित पवार ने अपने 45 साल के सियासी सफर में एक बार सांसद और सात बार विधायक रहे. उन्होंने खुद को महाराष्ट्र के राजनीति तक सीमित रखा. सरकार में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्री पद संभालने का तजुर्बा है, उन्होंने राज्य सरकार में कृषि, ऊर्जा और योजना राज्य मंत्री के रूप में काम किया, उन्होंने सुधाकर नाइक की सरकार में कृषि और बिजली राज्य मंत्री के रूप में काम किया, इसके बाद जब उनके चाचा शरद पवार 1992 और 1993 में मुख्यमंत्री बने तो उन्हें मंत्री बनाया गया.

साल 1999 में जब कांग्रेस और एनसीपी सत्ता में आई तो उन्हों विलासराव देशमुख की सरकार सिंचाई मंत्री का कार्यभार सौंपा गया. वहीं, साल 2003-2004 में सुशील कुमार शिंदे की सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास का अतिरिक्त प्रभार दिया गया. इसके बाद उपमुख्यमंत्री बने.

एक साल में दो बार अजित पवार बने डिप्टी सीएम
साल 2019 के बाद अजित पवार की राजनीतिक करियर काफी दिलचस्प रही. उन्होंने 2019 में दो अलग-अलग मुख्यमंत्री के अधीन उपमुख्यमंत्री की शपथ ली. 23 नवंबर की सुबह उन्होंने देवेंद्र फडनवीस के साथ उपमुख्यमंत्री की शपथ ली. लेकिन, सदन में फडनवीस बहुमत साबित करने में नाकाम रहे। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री की शपथ ली तो उन्हें एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बनाया गया। अब साल 2023 में वो एक बार फिर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने हैं. वो अबतक छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं.

अजित पवार पहली बार साल 2010 के नवंबर महीने में उपमुख्मंत्री बने, इसके बाद साल 2010 में वो दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बने. 2019 में फडणवीस के साथ डिप्टीसीएम बने और फिर उद्धव ठाकरे के अगुवाई में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी तो उसमें भी डिप्टीसीएम रहे. इसके बाद 2023 में शरद पवार के बगावत कर शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में डिप्टीसीएम बने. 2024 में छठी बार डिप्टीसीएम बने.

2022 में अजित पवार ने किया चाचा से बगावत
अजित पवार जिस चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति सीखा, लेकिन शरद पवार ने अपने सियासी वारिस के तौर पर बेटी सुप्रिया सुले को आगे बढ़ाने लगे तो फिर अजित पवार ने अपनी अलग सियासी राह चुन ली. एनसीपी के तमाम नेताओं को लेकर बीजेपी के अगुवाई वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए. 2023 में अजित पवार ने पूरी तरह से एनसीपी पर कब्जा जमा लिया. 2024 में खुद को स्थापित करने में भी सफल रहे.