अजित पवार का कल होगा अंतिम संस्कार, महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित

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मुंबई। महाराष्ट्र के बारामती जिले में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। यहां राज्य के डिप्टी CM और NCP के प्रमुख अजित पवार का विमान क्रैश हो गया है। इस विमान क्रैश में अजित पवार का निधन हो गया है। DGCA ने इस विमान क्रैश में सभी 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस घटना ने महाराष्ट्र की सियासत में हड़कंप मचा दिया है। घटना से अजित पवार के समर्थकों में उदासी छा गई है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत, सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे बारामती पहुंचे
महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बारामती एयरपोर्ट पहुंचे। वे बारामती में अजित पवार को श्रद्धांजलि देंगे और परिजनों से मुलाकात करेंगे। आज सुबह बारामती में एक चार्टर प्लेन की क्रैश लैंडिंग में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया।

 

अजित पवार के पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड ले जाया जा रहा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड ले जाया जा रहा है, ताकि लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। उनका अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने हादसे की जांच की मांग की
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस हादसे की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम इस हादसे की जांच की मांग करते हैं। यह बहुत दुखद घटना है। अजीत पवार की असमय मौत हो गई। एक मेहनती इंसान के चले जाने से हम सब सदमे में हैं। दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवार के साथ हैं।”

पीएम मोदी ने शरद पवार से बात की, निधन पर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से बात की। अजित पवार के निधन पर जताया गहरा शोक। पीएम मोदी कल अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने बारामती आएंगे। आज सुबह बारामती में एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया।

कल सुबह होगा अजित पवार का अंतिम संस्कार
एनसीपी नेता अजित पवार का अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

बारामती में प्लेन क्रैश की खबर, अजित पवार के निधन पर देशभर में शोक

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Ajit Pawar Plane Crash : बारामती में हुए कथित विमान हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई से बारामती आ रहा चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिससे विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई। इस अजित पवार प्लेन क्रैश की खबर के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर दुख व्यक्त किया और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में समर्पित रहे और महाराष्ट्र के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी इस हादसे को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने विमान दुर्घटना में मारे गए सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

इसके अलावा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी अजित पवार प्लेन क्रैश की खबर पर दुख जताया। दोनों नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

फिलहाल, इस हादसे को लेकर आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। संबंधित एजेंसियों और प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।

संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन

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नई दिल्ली।  बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, “संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पिछला वर्ष भारत की तीव्र प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा। पूरे देश में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। नागरिक बंकिम चंद्र चटर्जी को उनकी इस महान प्रेरणा के लिए नमन कर रहे हैं। मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई।”

ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता देखी- राष्ट्रपति मुर्मू

इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही आदिवासी समुदाय के प्रति उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से संबंधित कार्यक्रमों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया। पूरे देश ने देखा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जिससे ‘विकसित भारत’ की ओर हमारा सफर और भी तेज हो जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया है ‘भय कहूं को देत नेहन नेहन भय मानत आन’। इसका अर्थ है कि हमें न तो किसी को डराना चाहिए और न ही किसी से डरना चाहिए। इसी निडर मन और भावना के साथ हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी और बुद्धिमत्ता के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता देखी। अपने संसाधनों से हमारे देश ने आतंकवाद के गढ़ों को नष्ट किया। मेरी सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर होने वाले सभी हमलों का जवाब मजबूत और निर्णायक होगा। सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है। यह आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का एक हिस्सा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम चल रहा है।

देश शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “वर्ष 2026 के साथ हमारा देश इस शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। भारत के लिए, इस शताब्दी के पहले 25 वर्षों का अंत कई सफलताओं, गौरवपूर्ण उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरा रहा है। पिछले 10-11 वर्षों में, भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। यह वर्ष विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण आधार है।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम विकास कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी होगी। ” इस दौरान एनडीए-भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर अपनी सराहना व्यक्त की। वहीं विपक्षी सांसद खड़े होकर विरोध जताते हुए कानून को वापस लेने की मांग करने लगे। 

एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में ‘नारी शक्ति’ सर्वोपरि है।”
 

रीवा को मिला सबसे ज्यादा लाभ, 127 मरीज किए गए एयरलिफ्ट

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मध्य प्रदेश में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों तक तेजी से पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई PM Shri Air Ambulance Service का सबसे अधिक लाभ रीवा जिले के लोगों को मिला है। अब तक प्रदेशभर में 127 मरीजों को अलग-अलग जिलों से एयरलिफ्ट कर प्रमुख अस्पतालों में भेजा गया, जिनमें से अकेले रीवा जिले के 44 मरीज शामिल हैं। खास बात यह है कि इस योजना का पहला मरीज भी रीवा से ही एयरलिफ्ट किया गया था।

आंकड़ों के अनुसार, मई 2024 से मई 2025 के बीच कुल 69 मरीजों को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिए भेजा गया, जिसमें औसतन 6 मरीज प्रति माह रहे। शुरुआती दिनों में लोगों को योजना की जानकारी कम थी, इसलिए उपयोग कम रहा। हालांकि, जागरूकता बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में तेजी आई और 19 जुलाई 2025 से 19 जनवरी 2026 के बीच छह महीनों में 58 मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया। इस अवधि में औसतन 10 मरीज प्रतिमाह एयर एंबुलेंस सेवा से लाभान्वित हुए, जिससे प्रशासन ने लगभग 67 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया है।

हालांकि, प्रदेश के 32 ऐसे जिले भी हैं, जहां से अब तक किसी मरीज को PM Shri Air Ambulance Service का लाभ नहीं मिल पाया है। इनमें मऊगंज, सीधी, मैहर, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, खरगोन, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, शहडोल और उमरिया जैसे जिले शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, रीवा में अधिक संख्या का कारण यह भी है कि आसपास के जिलों से मरीज यहां आते हैं और फिर भोपाल, इंदौर या अन्य शहरों के लिए एयरलिफ्ट किए जाते हैं।

इस योजना का लाभ उन्हीं मरीजों को मिलता है, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में संभव नहीं होता और जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना जरूरी होता है। इसके लिए डॉक्टर, सीएमएचओ और कलेक्टर की अनुशंसा अनिवार्य है, जबकि राज्य से बाहर भेजने के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति भी जरूरी होती है। PM Shri Air Ambulance Service गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर देशभर में शोक, पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक ने जताया दुख

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Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा बारामती में लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसमें विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और डिप्टी सीएम अजित पवार समेत सभी पांच लोगों की मौत हो गई। इस Ajit Pawar Plane Crash की खबर के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार के निधन पर गहरा दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि अजित पवार एक जननेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर गहरा जुड़ाव था और महाराष्ट्र की जनता की सेवा में उनकी अहम भूमिका रही।

गृहमंत्री अमित शाह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अजित पवार का निधन NDA परिवार और उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने महाराष्ट्र के विकास और जनकल्याण के लिए उनके समर्पण की सराहना की।

शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अजित पवार एक अच्छे नेता थे और उनका इस तरह जाना बेहद दर्दनाक है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि अजित पवार अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में महाराष्ट्र के विकास के लिए समर्पित रहे। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और बीजेपी नेता नितिन नबीन ने भी पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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News Desk

अजित पवार के विमान के क्रैश होने का दावा, बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसे की खबर

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महाराष्ट्र के बारामती के आसपास एनसीपी नेता अजित पवार का निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. बताया जा रहा है कि लैंडिंग की कोशिश करते समय प्लेन क्रैश हो गया. वह किसी कार्यक्रम के लिए यहां पहुंच रहे थे. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान ने क्रैश लैंडिंग की या कोई तकनीकी खराबी चलते ये हादसा हुआ है.

मौके से सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विमान में आग लगी है. तेज धुआं उठ रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि अजित पवार का विमान कहीं खेत में क्रैश हुआ है. पूरा विमान जलकर राख हो चुका है. वीडियो में क्रैश साइट्स की तस्वीर में विमान के चीथरे उड़ गए हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि क्रैश साइट पर भारी संख्या में लोग मौजूद हैं.

स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच रही हैं. एंबुलेंस और अन्य मेडिकल सपोर्ट मौके पर डिसपैच किया गया है.

चाचा शरद पवार की छाया से निकलकर अजित पवार बने महाराष्ट्र की सियासत के बेताज बादशाह

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नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) के बारामती (Baramati) के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई.

सियासत के बेताज बादशाह (uncrowned king) कहे जाने वाले अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में कदम रखा. वो अपनी राजनीतिक कौशल के जरिए पार्टी को महाराष्ट्र में मजबूत बनाया. पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एनसीपी को एक बड़ा जनाधार तैयार करने में अहम रोल अदा किया, लेकिन 2022 में शरद पवार से अलग अपनी राजनीतिक लकीर खींची और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई.

अजित पवार के पिता फिल्म जगत से जुड़े
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में अपने दादा के घर जन्मे अजित पवार, शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवरा के बेटे हैं. उनके पिता फिल्म जगत से जुड़े हुए थे. अनंतराव ने मुंबई में मौजूद वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम किया. अजित पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई और उनके दो बच्चे हैं, जिनका नाम पार्थ पवार और जय पवार है,

महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल बारामती से अजित पवार ने प्राथमिक शिक्षा हासिल की, हालांकि, जब वो कॉलेज में थे तो उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद सियासत में कदम रखा.

शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में आए
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर साल 1982 में राजनीति में कदम रखा. अजित पवार प्राथमिक शिक्षा की पढ़ाई कर रहे थे, तो उस दौरान उनके चाचा यानी शरद पवार एक दिग्गज सियासी नेता बन चुके थे. राजनीति में कदम रखने के बाद सबसे पहले उन्होंने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने लड़ा. वो पुणे सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुने गए, वो16 सालों तक इस पद पर काबिज रहे.

साल 1991 में पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुने गए, लेकिन बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी. इसके बाद शरद पवार केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बने. यहीं से शरद पवार केंद्र की राजनीति में खुद को सक्रिय कर लिया तो अजित पवार महाराष्ट्र की सियासत की कमान अपने हाथ में ले ली.

शरद पवार के सियासी वारिस बनकर उभरे
अजित पवार ने अपनी मेहनत और लगन के बाद खुद को शरद पवार के सियासी वारिस के तौर पर महाराष्ट्र में स्थापित किया. महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली, इसके बाद साल 1995 में वो पहली बार पुणे जिले में बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक बने. इसके बाद से वो लगातार इस निर्वाचन क्षेत्र के विधायक चुने जाते रहे, उन्होंने साल 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में विधायक बने. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में खुद को स्थापित ही नहीं किया बल्कि अपनी पकड़ भी बनाई.

विधायक से डिप्टी सीएम तक का सियासी सफर
अजित पवार ने अपने 45 साल के सियासी सफर में एक बार सांसद और सात बार विधायक रहे. उन्होंने खुद को महाराष्ट्र के राजनीति तक सीमित रखा. सरकार में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्री पद संभालने का तजुर्बा है, उन्होंने राज्य सरकार में कृषि, ऊर्जा और योजना राज्य मंत्री के रूप में काम किया, उन्होंने सुधाकर नाइक की सरकार में कृषि और बिजली राज्य मंत्री के रूप में काम किया, इसके बाद जब उनके चाचा शरद पवार 1992 और 1993 में मुख्यमंत्री बने तो उन्हें मंत्री बनाया गया.

साल 1999 में जब कांग्रेस और एनसीपी सत्ता में आई तो उन्हों विलासराव देशमुख की सरकार सिंचाई मंत्री का कार्यभार सौंपा गया. वहीं, साल 2003-2004 में सुशील कुमार शिंदे की सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास का अतिरिक्त प्रभार दिया गया. इसके बाद उपमुख्यमंत्री बने.

एक साल में दो बार अजित पवार बने डिप्टी सीएम
साल 2019 के बाद अजित पवार की राजनीतिक करियर काफी दिलचस्प रही. उन्होंने 2019 में दो अलग-अलग मुख्यमंत्री के अधीन उपमुख्यमंत्री की शपथ ली. 23 नवंबर की सुबह उन्होंने देवेंद्र फडनवीस के साथ उपमुख्यमंत्री की शपथ ली. लेकिन, सदन में फडनवीस बहुमत साबित करने में नाकाम रहे। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री की शपथ ली तो उन्हें एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बनाया गया। अब साल 2023 में वो एक बार फिर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने हैं. वो अबतक छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं.

अजित पवार पहली बार साल 2010 के नवंबर महीने में उपमुख्मंत्री बने, इसके बाद साल 2010 में वो दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बने. 2019 में फडणवीस के साथ डिप्टीसीएम बने और फिर उद्धव ठाकरे के अगुवाई में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी तो उसमें भी डिप्टीसीएम रहे. इसके बाद 2023 में शरद पवार के बगावत कर शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में डिप्टीसीएम बने. 2024 में छठी बार डिप्टीसीएम बने.

2022 में अजित पवार ने किया चाचा से बगावत
अजित पवार जिस चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति सीखा, लेकिन शरद पवार ने अपने सियासी वारिस के तौर पर बेटी सुप्रिया सुले को आगे बढ़ाने लगे तो फिर अजित पवार ने अपनी अलग सियासी राह चुन ली. एनसीपी के तमाम नेताओं को लेकर बीजेपी के अगुवाई वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए. 2023 में अजित पवार ने पूरी तरह से एनसीपी पर कब्जा जमा लिया. 2024 में खुद को स्थापित करने में भी सफल रहे.

 

रामनगर के कोसी ‘लट्ठा’ को 100 साल पूरे, 1926 से आज तक खड़ी है ये ब्रिटिश कालीन सुरक्षा दीवार

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रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड के रामनगर में स्थित कोसी तटबंध ने अपने निर्माण के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं. वर्ष 1926 में ब्रिटिश शासन के दौरान निर्मित यह विशाल तटबंध आज भी कोसी नदी की बाढ़ से रामनगर और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है. एक सदी का यह सफर केवल ईंट-पत्थर की कहानी नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जिसने रामनगर की बसावट, खेती, सिंचाई और सामाजिक जीवन को नई दिशा दी.

माना जाता है कि रामनगर की स्थापना कुमाऊं के तत्कालीन कमिश्नर सर हेनरी रैमजे द्वारा की गई थी. पानी, घने जंगल और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता के कारण यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण था. रामनगर को कुमाऊं और गढ़वाल का प्रवेश द्वार माना जाता है. यही नहीं, यह विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क का मुख्य प्रवेश बिंदु भी है, जो दुनिया में बाघों की सर्वाधिक घनत्व वाली आबादी में से एक के लिए जाना जाता है.

 

बाढ़ की त्रासदी से जन्मी योजना: 20वीं सदी के शुरुआती वर्षों में कोसी नदी रामनगर क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी. जानकारों के अनुसार, वर्ष 1910 और 1913 में यहां भीषण बारिश हुई, जिससे कोसी नदी उफान पर आ गई. हजारों एकड़ कृषि भूमि बह गई. गांव-बस्तियां उजड़ गईं और भारी तबाही मची. उस समय की इन विनाशकारी बाढ़ों ने ब्रिटिश सरकार को एक स्थायी समाधान पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया.

 

इसी के परिणामस्वरूप वर्ष 1926 में कोसी नदी के किनारे एक मजबूत तटबंध का निर्माण किया गया, जिसे स्थानीय लोग ‘लट्ठा’ या ‘बंदा’ के नाम से जानते हैं. यह तटबंध पत्थर, चूना और सुर्खी से तैयार किया गया था, जिसकी बुनियाद इतनी मजबूत रखी गई कि यह एक सदी बाद भी अपनी जगह मजबूती से खड़ा है.

 

क्या है कोसी ‘लट्ठा’: कोसी ‘लट्ठा’, एक विशाल सुरक्षा दीवार है, जिसका उद्देश्य कोसी नदी की बाढ़ को नियंत्रित करना और रामनगर शहर, खेत-खलिहानों और बस्तियों को सुरक्षित रखना था. दरअसल, बरसात के मौसम में कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है और उसके साथ भारी मलबा और तेज बहाव आता है. लट्ठा इस उफनते पानी को नियंत्रित कर शहर की ओर बढ़ने से रोकता है.

 

स्थानीय जानकार विनोद पपने बताते हैं कि जब भी बाढ़ आती थी, लोग इस लट्ठे पर चढ़कर कोसी नदी का विकराल रूप देखने आते थे. हजारों की संख्या में रामनगर शहर और आसपास के लोग यहां इकट्ठा होते थे. कोसी के पानी की गड़गड़ाहट सुनकर लोग समझ जाते थे कि नदी उफान पर है. यह लट्ठा उस समय न सिर्फ सुरक्षा का साधन था, बल्कि लोगों के लिए एक तरह का देखने-समझने का केंद्र भी बन गया था.

 

कोसी ‘लट्ठा’ को उसकी असाधारण मजबूती के कारण ‘चाइना वॉल’ के नाम से भी जाना जाता है. लगभग पौने एक किलोमीटर लंबा यह तटबंध उस समय की इंजीनियरिंग क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है. इसकी दीवारें बड़े-बड़े पत्थरों से बनाई गईं, जिन्हें चूना और सुर्खी से जोड़ा गया. यही वजह है कि 100 साल बीत जाने के बाद भी यह संरचना आज तक खड़ी है. कोसी ‘लट्ठा’ के साथ-साथ तीन महत्वपूर्ण नहरों का निर्माण भी किया गया.
– विनोद पपने, स्थानीय जानकार –

विनोद पपने कहते हैं कि, रामनगर की बेलगढ़ नहर, रामनगर नहर और चिलकिया नहर आज भी संचालित हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई का अहम साधन बनी हुई हैं. इससे साफ है कि यह परियोजना केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं थी, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की भी एक दूरदर्शी योजना थी.

 

कोसी ‘लट्ठा’ केवल एक तटबंध नहीं, बल्कि रामनगर की ऐतिहासिक धरोहर है. इसे औपचारिक रूप से हेरिटेज घोषित किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसके इतिहास और महत्व को जान सके. रामनगर एक ऐतिहासिक शहर रहा है और यहां कई हेरिटेज इमारतें मौजूद हैं. अंग्रेजों द्वारा बनाया गया कोसी लट्ठा भी उसी विरासत का हिस्सा है.
– संजय छिम्वाल, स्थानीय जानकार –

संजय बताते हैं कि, उस समय रामनगर की बसावट इसी तटबंध के आसपास विकसित हुई. कुमाऊं के कमिश्नर रहे सर हेनरी रैमजे के नाम पर ही रामनगर को कभी-कभी ‘रैमजे सिटी’ भी कहा जाता था, जो बाद में रामनगर के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

बाढ़ से सुरक्षा की दृष्टि से यह दीवार आज भी बेहद महत्वपूर्ण है. कोई भी मानव-निर्मित संरचना अगर 100 वर्ष पूरे कर लेती है तो वह हेरिटेज की श्रेणी में आती है. कोसी ‘लट्ठा’ रामनगर के लिए एक मिसाल है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते भूमि कटाव के कारण इसके कुछ हिस्से कमजोर हुए हैं.
– संजय छिम्वाल, स्थानीय जानकार –

आज भी रामनगर की जीवनरेखा: जानकार नरेंद्र शर्मा का कहना है कि रामनगर शहर की स्थापना हेनरी रैमजे द्वारा की गई थी और यह कुमाऊं-गढ़वाल का प्रवेश द्वार रहा है. कोसी ‘लट्ठा’ वर्ष 1926 में बनाया गया और आज इसके 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं. एक समय इस लट्ठे के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई का व्यापक उपयोग किया जाता था.

गुणवत्ता और मजबूत निर्माण के कारण यह लट्ठा आज भी खड़ा है और मौजूदा परिस्थितियों में भी रामनगर को बाढ़ से बचाने में जीवनरेखा की तरह काम कर रहा है. यह साफ दर्शाता है कि इसके निर्माण के पीछे कितनी बड़ी और दूरदर्शी सोच रही होगी.
– नरेंद्र शर्मा, स्थानीय जानकार –

वहीं इस ऐतिहासिक सुरक्षा दीवार की सुरक्षा को लेकर किए गए सवाल पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजीव खनुलिया कहते हैं कि, कोसी लट्ठे का रखरखाव सिंचाई विभाग द्वारा लगातार किया जाता है. जहां कहीं भी क्षति होती है, वहां मरम्मत और दुरुस्ती का कार्य कराया जाता है. उन्होंने मांग की है कि इस धरोहर को हेरिटेज घोषित करना चाहिए, क्योंकि इस तरह के स्ट्रक्चर काफी दुर्लभ हो गए हैं, जो आज के समय में मिलते नहीं हैं. विभाग की कोशिश है कि इस ऐतिहासिक तटबंध को सुरक्षित रखा जाए, ताकि यह आगे भी रामनगर को बाढ़ से बचाता रहे.

विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन

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मुंबई।  महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार नहीं रहे. महाराष्ट्र के बारामती में विमान हादसे में मौत हुई. हादसे में अजित पवार समेत विमान सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई.अजित पवार चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे. लो विजिबिलिटी की वजह से लैंडिंग के वक्त प्लेन क्रैश हुआ. बारामती में सुबह 8:45 बजे हादसा हुआ. अजित पवार का परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के असमय निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, वे महाराष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए समर्पित रहे. वे लोगों के प्रति अपनी करुणा और सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए जाने जाते थे. मैं उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. आपको बता दें कि महाराष्ट्र के बारामती में बड़ा विमान हादसा हुआ. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई. लैंडिंग के समय अजित पवार का विमान क्रैश हुआ था. DGCA के मुताबिक अजित पवार सहित विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले महाराष्ट्र के बारामती में बड़ा विमान हादसे की खबर सामने आई थी. लैंडिंग के वक्त डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान क्रैश हुआ था. डिप्टी सीएम अजित पवार क्रैश हुए विमान में सवार थे.अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे.  हादसे में अजित पवार गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली थी.घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. तकनीकी खराबी के चलते विमान हादसा होने की सूचना मिली.आपको बता दें कि मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर प्लेन आज सुबह 8.45 बजे महाराष्ट्र के बारामती में क्रैश लैंड हो गया. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार प्लेन में सवार थे। 

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बहाना बना लो और वर्ल्ड कप में मत ही आओ, ये लड़के बहुत पीटेंगे; दिग्गज ने पाकिस्तान को चेताया

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पाकिस्तान टी20 विश्व कप में खेलेगा या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। अगर विश्व कप खेलता भी है तो भारत के खिलाफ 15 फरवरी के मैच में उतरता है या नहीं, इस पर सवाल बने हुए हैं। जवाब सोमवार को मिलेगा जब पाकिस्तान सरकार के निर्देशों पर पीसीबी वर्ल्ड कप को लेकर अपने फैसले का ऐलान करेगा। इस बीच 1983 की वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे क्रिस श्रीकांत ने भारतीय टीम की जरबरदस्त फॉर्म का जिक्र करते हुए पाकिस्तान के मजे लिए हैं कि वे वर्ल्ड कप में न आएं तभी बेहतर है क्योंकि वैसे भी टीम इंडिया से वो रौंदी जाएगी।पूर्व राष्ट्रीय मुख्य चयनकर्ता रहे श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम के जबरदस्त प्रदर्शन की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘पिछले (दूसरे) मैच में भारत ने 15 ओवर में 208 रन बना लिए। इस मैच (तीसरे) में उन्होंने 10 ओवर में 150 बना लिए। इसे देखते हुए कई टीमें तो कह रही होंगी- नहीं, हम नहीं आ रहे हैं। आप कप रख सकते हो।’

पाकिस्तान का टी20 वर्ल्ड कप या भारत से मैच का बहिष्कार करना क्यों है मुश्किल?

बहिष्कार राग पर पाकिस्तान के मजे लेते हुए श्रीकांत ने कहा, ‘हे पाकिस्तान, तम आओ। तुम्हारे मोहसिन नकवी इस बारे में बात कर रहे हैं- मत आओ। आप पीटे जाओगे। कोलंबो में लगा सिक्स मद्रास में गिरेगा। सावधान। सबसे अच्छा विकल्प दूर रहना ही है। बहाना बना लो और मत आओ। ये लड़े बहुत बुरी तरह पीटेंगे। ये दुनिया की हर क्रिकेट टीम को एक खतरे का सिग्नल भेजेगा। टी20 क्रिकेट में इस तरह की हिटिंग! मैंने इस तरह का कभी भी कुछ नहीं देखा है।’बांग्लादेश का टी20 वर्ल्ड कप से पत्ता कटने के बाद पाकिस्तान इस टूर्नामेंट के बहिष्कार का राग गा रहा है। सोमवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की। उसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने को लेकर पीसीबी अपना आखिरी फैसला अगले सोमवार को लेगा। इस बीच पाकिस्तानी मीडिया में इस तरह की अटकलें भी लग रही हैं कि पाकिस्तान भले टी20 विश्व कप का बहिष्कार न करे लेकिन वह 15 फरवरी को भारत के साथ होने वाले ग्रुप मैच का बहिष्कार कर सकता है।

टी20 वर्ल्ड कप: भारत से मैच का बायकॉट किया PAK तो 1062 करोड़ का मुकदमा झेलेगा!

टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इसकी संयुक्त मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं। टूर्नामेंट में कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं जिन्हें 5-5 के कुल 4 ग्रुप में बांटा गया है। भारत ग्रुप ए में है जिसमें उसके अलावा पाकिस्तान, अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया हैं। बांग्लादेश को ग्रुप सी में रखा गया था लेकिन उसके भारत में मैच खेलने से इनकार के बाद उसकी जगह स्कॉटलैंड को जगह मिली है। 8 मार्च को वर्ल्ड कप फाइनल खेला जाएगा।

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