चुनाव अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर ECI ने पश्चिम बंगाल सरकार को लिखा पत्र

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नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को मतदाता सूची पर्यवेक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखा, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में शामिल किसी भी अधिकारी का पूर्व अनुमोदन के बिना स्थानांतरण नहीं किया जाएगा.

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को संबोधित एक पत्र में चुनाव आयोग के सचिव एसके मिश्रा ने लिखा, ‘मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि आयोग ने 27 अक्टूबर, 2025 के अपने पत्र के माध्यम से पश्चिम बंगाल राज्य में एसआईआर की घोषणा की है.

पत्र के पैराग्राफ 4 में अन्य बातों के साथ-साथ यह भी प्रावधान है कि एसआईआर अवधि के दौरान, मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एसआईआर प्रक्रिया में शामिल किसी भी अधिकारी का आयोग से पूर्व अनुमोदन के बिना तबादला न किया जाए.’

पत्र में लिखा, ‘इसके अलावा, मुझे यह भी बताना है कि आयोग ने 28 नवंबर, 2025 के अपने पत्र के जरिए 5 डिविजनल कमिश्नरों के साथ 12 इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं. ये अधिकारी एसआईआर के मकसद से चुनाव आयोग में डीम्ड डेप्युटेशन पर हैं.’

आयोग के संज्ञान में आया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने क्रमशः 1 दिसंबर, 2025, 20 जनवरी और 21 जनवरी की अधिसूचनाओं के माध्यम से अश्विनी कुमार यादव आईएएस, डब्ल्यूबी: 2001 (उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक), रणधीर कुमार, आईएएस, डब्ल्यूबी: 2006 (उत्तर 24 परगना और कोलकाता उत्तर के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक) और स्मिता पांडे, आईएएस, डब्ल्यूबी: 2005 (पश्चिम बर्धमान, पूर्बा बर्धमान और बीरभूम के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक) के विभागीय स्थानांतरण/ पोस्टिंग का आदेश दिया है.

हालांकि, इन अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश चुनाव आयोग की पहले से मंजूरी के बिना दिया गया है, जो आयोग के 27 अक्टूबर, 2025 के निर्देशों का उल्लंघन है, जैसा कि ऊपर बताया गया है. इसमें आगे कहा गया, ‘ऊपर बताई गई बातों को देखते हुए, मुझे यह कहने का निर्देश दिया गया है कि ट्रांसफर ऑर्डर तुरंत कैंसल कर दिए जाएं.

साथ ही आपसे अनुरोध है कि भविष्य में ऐसे ऑर्डर जारी करने से पहले कमीशन से पहले मंजूरी लें. इस बारे में एक कंप्लायंस 28 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक कमीशन को भेजा जा सकता है.’ यह बताना जरूरी है कि वोटर लिस्ट सुधार करने के मकसद से एसआईआर अभी पश्चिम बंगाल के साथ-साथ आठ दूसरे राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है.

2 घंटे के शो के लिए करोड़ों चार्ज, जानें सिंगर अरिजीत सिंह की कितनी है नेटवर्थ

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Arijit Singh Net Worth: बॉलीवुड के मशहूर प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह किसी पहचान के मोहताज नहीं है. उन्होंने दर्जनों फिल्मों से सैकड़ों हिट गाने दिए हैं. वहीं 27 जनवरी को उन्होंने फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट ले लिया.

अरिजीत सिंह बेहद साधारण तरीके से अपनी जिंदगी जीते हैं. बिना किसी ब्रांड, बिना किसी लग्जरी गाड़ी के वो हमेशा बड़ी ही सादगी से रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को सुकून देने वाले अरिजीत की कमाई और नेट वर्थ कितनी है? जानकारों के मुताबिक, 2026 की शुरुआत तक उनकी संपत्ति ने नए रिकॉर्ड बना लिए हैं.

2 घंटे के शो के लिए करोड़ों चार्ज करते हैं अरिजीत
अरिजीत सिंह का सोर्स ऑफ इनकम केवल गाने ही नहीं हैं बल्कि उनका एक स्टूडियो भी है ओरियन म्यूजिक के नाम से. सिंगर यूट्यूब, स्पॉटिफाई, गाना जैसे कई प्लेटफॉर्म्स से करोड़ों कमाते हैं.
अरिजीत देश और विदेशों में कई लाइव कॉन्टर्ट करते हैं, जिसके लिए वो महज दो घंटे के 14 करोड़ तक चार्ज करते हैं.
इसके अलावा कुछ छोटे या प्राइवेट शोज के वो 2 करोड़ रुपये चार्ज करते हैं.
बॉलीवुड हो या टॉलीवुड, सिंगर एक प्लेबैक गाने के लिए 10 से 20 लाख रुपये लेते हैं. हालांकि राइट्स और रॉयल्टी मिलाकर ये फीस और भी बढ़ जाती है.
अरिजीत सिंह की नेटवर्थ
मुर्शिदाबाद के एक छोटे से गांव के रहने वाले अरिजीत सिंह ने हर भाषा के मिलाकर करीब 400 गाने गाए हैं और उन्होंने कई लाइव शोज भी किए हैं. ऐसे में उनकी नेटवर्थ करोड़ों में होना तो लाजमी है. लाइव मिंट की रिपोर्ट्स की मानें तो अरिजीत सिंह की नेट वर्थ करीब 414 करोड़ रुपये है. जिसमें उनका 8 करोड़ का नवी मुंबई में घर और 3.4 करोड़ रुपये की लग्जरी कारों का कलेक्शन भी शामिल है. उनके पास हाई-एंड ब्रांड्स जैसे रेंज रोवर और मर्सिडीज की गड़ियां हैं.

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News Desk

बारामती में विमान हादसा: अजित पवार का निधन

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Maharashtra Plane Crash Baramati Live Updates: NCP नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा एक विमान के साथ बड़ा हादसा सामने आया है. बुधवार सुबह महाराष्ट्र के बारामती में लैंड के वक्त प्लेन के क्रैश होने की जानकारी सामने आई है. वह किसी कार्यक्रम के लिए बारामती जा रहे थे. अभी तक यहा साफ नहीं हो पाया है कि विमान ने क्रैश लैंडिंग की या कोई तकनीकी खराबी चलते ये हादसा हुआ है. घटना के बाद प्राइवेट चार्टर्ड विमान पूरी तरह से जल गया है.

हादसे को देखने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि 66 साल के नेता को अस्पताल ले जाया गया. हादसे की वजह, नुकसान की हद और NCP चीफ की हालत के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है.

जानकारी के मुताबिक, प्लेन क्रैश की घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है.अजित पवार कल यानी मुंबई में हुई कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए थे. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अजित पवार के साथ 3 लोग थे. वे मुंबई से बारामती जा रहे थे. यह एक प्राइवेट कंपनी का प्लेन था. जब चार्टर्ड प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंड कर रहा था, तो उसका एक्सीडेंट हो गया.

 

करियर के शिखर पर क्यों लिया बड़ा फैसला? अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की बताई वजह

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नई दिल्ली. बॉलीवुड (Bollywood) और फैंस के फेवरेट सिंगर अरिजीत सिंह (Arijit Singh) ने प्लेबैक सिंगिंग (playback singing) से संन्यास (Renunciation) ले लिया है. अरिजीत का प्लेबैक सिंगिंग युग अचानक और चौंकाने वाले तरीके से खत्म हो गया है. ठीक उसी समय जब उनके फैंस, सिंगर के तीन चार्टबस्टर गानों- ‘गहरा हुआ’, ‘घर कब आओगे’ और ‘मातृभूमि’ को एन्जॉय कर रहे थे. यह खबर पूरी इंडस्ट्री को भावुक कर गई हैं. फैंस भी बेहद परेशान हो गए हैं. सभी जानना चाहते हैं कि आखिर अरिजीत ने ये निर्णय क्यों लिया?

 

क्यों अरिजीत ने छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग?
इस साल अरिजीत सिंह के पास कई प्रोजेक्ट्स लाइनअप में थे. लेकिन अब वे कोई नया प्रोजेक्ट साइन नहीं कर रहे हैं. इस बात का ऑफिशियल ऐलान उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए से खुद किया है. सबसे पहले अरिजीत ने अपने प्राइवेट X अकाउंट पर, उसके बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने बताया कि अब वो प्लेबैक सिंगिंग नहीं करेंगे. इसके बाद एक नए ट्वीट में अरिजीत सिंह ने इस अचानक लिये फैसले के पीछे का कारण बताया.

अरिजीत के ट्वीट में प्लेबैक सिंगिंग करियर खत्म करने का कारण बताया. उन्होंने अपने प्राइवेट एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, ‘इसके पीछे कोई एक कारण नहीं है, कई कारण हैं और मैं काफी लंबे समय से यह करने की कोशिश कर रहा था. आखिरकार मैंने सही हिम्मत जुटाई. एक कारण तो सरल है- मैं जल्दी बोर हो जाता हूं. इसलिए मैं स्टेज पर वही गाने अलग-अलग अरेंजमेंट्स में परफॉर्म करता हूं. तो बात ये है कि मुझे बोरियत हो गई. मुझे कुछ दूसरा म्यूजिक करने की जरूरत है ताकि जी सकूं. एक और कारण ये है कि मैं किसी नए सिंगर को उभरते हुए देखकर असली मोटिवेशन पाना चाहता हूं.’

सिंगर के ऐलान से फैंस को लगा झटका
संन्यास का ऐलान करते हुए अरिजीत सिंह ने लिखा था, ‘हैलो, सभी को हैप्पी न्यू ईयर. मैं आप सभी को इतने सालों से मिले प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. आप सबने मुझे सुनने वाले के रूप में इतना प्यार दिया. मैं खुशी से ऐलान करता हूं कि अब मैं प्लेबैक वोकलिस्ट के रूप में कोई नया असाइनमेंट नहीं लूंगा. मैं इसे खत्म कर रहा हूं. ये एक शानदार सफर रहा.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘भगवान ने मुझ पर बहुत मेहरबानी की है. मैं अच्छे म्यूजिक का फैन हूं और भविष्य में और ज्यादा सीखूंगा और खुद एक छोटे-से कलाकार के रूप में और ज्यादा करूंगा. फिर से सभी का सपोर्ट देने के लिए धन्यवाद. अभी कुछ पेंडिंग कमिटमेंट्स पूरे करने हैं, उन्हें खत्म करूंगा. तो इस साल कुछ रिलीजेज आपको मिल सकती हैं. साफ कर दूं कि मैं म्यूजिक बनाना नहीं छोड़ रहा हूं.’

इसी के साथ सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का गाना ‘मातृभूमि’ अरिजीत सिंह का गाया गया आखिरी गाना बन गया है. उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स की जानकारी अभी पब्लिक नहीं की गई है. वे लाइव शो और कॉन्सर्ट में परफॉरमेंस जारी रखेंगे. साथ ही इंडिपेंडेंट म्यूजिक प्रोडक्शन भी करेंगे.

संसद में आज से बजट सत्र, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर टिकी रहेंगी निगाहें

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नई दिल्ली. संसद (Parliament) का बजट सत्र (budget session) बुधवार, 28 जनवरी यानी आज से राष्ट्रपति (President) द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण के साथ शुरू हो रहा है. यह सत्र दो चरणों में होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा, इसमें कुल 30 बैठकें होंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को खत्म होगा.

बजट सत्र के लिए रणनीति बनाने के लिए आज सुबह 10 बजे विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी. सत्र के बेहतर ढंग से संचालन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई है.

 

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक कर मनरेगा, विशेष गहन संशोधन (SIR) और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाने का फैसला लिया है. इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी शामिल हुए.

दो चरणों में चलेगा 30 बैठकों का सत्र
बजट सत्र की रूपरेखा काफी लंबी है. पहले चरण में 13 फरवरी तक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद एक अंतराल (ब्रेक) होगा. सदन की कार्यवाही दोबारा 9 मार्च को शुरू होगी और 2 अप्रैल तक चलेगी. रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को बजट पेश करने की स्पेशल तैयारी की गई है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं.

विपक्ष ने तैयार किया मुद्दों का पिटारा
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में हैं. सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि उनके लिए मनरेगा (MGNREGA) सबसे बड़ा मुद्दा है. इसके अलावा विपक्ष लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, विदेश नीति और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार विधेयक से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग करेगा. विशेष गहन संशोधन (SIR) की कवायद और पर्यावरण से जुड़े संकट भी सदन में गूंजेंगे.

सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक
सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे. सरकार की कोशिश है कि दोनों सदनों की कार्यवाही बिना किसी बड़े गतिरोध के चले. विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बुधवार सुबह एक अलग मीटिंग बुलाई है, जिससे सदन के अंदर एक संयुक्त रणनीति के तहत सरकार को चुनौती दी जा सके.

सुप्रीम कोर्ट में महाकाल मंदिर की वीआईपी दर्शन याचिका खारिज,

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हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा,गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा कलेक्टर ही तय करेंगे
महाकाल के सामने कोई वीआईपी नहीं

उज्जैन। उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में नेताओं और वीआईपी को प्रवेश देने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इससे पहले इस मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट का फैसला महाकाल मंदिर समिति पर लागू रहेगा, जिसमें उज्जैन कलेक्टर को यह अधिकार दिया गया था कि वे तय करें कि कौन वीआईपी है और कौन नहीं।
दरअसल, महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद इंदौर के अधिवक्ता चर्चित शास्त्री और दर्पण अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि देशभर से लाखों श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन करने पड़ते हैं, जबकि नेता और प्रभावशाली लोग आसानी से गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा।

गर्भगृह में प्रवेश का फैसला फिलहाल कलेक्टर करेंगे
करीब छह महीने पहले इंदौर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया था कि गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा, यह तय करने का अधिकार उज्जैन कलेक्टर के पास है। अदालत ने कहा कि यदि कलेक्टर किसी विशेष दिन किसी व्यक्ति को अनुमति देते हैं, तो उसे वीआईपी माना जाएगा।

ढाई साल से बंद है गर्भगृह
दरअसल, 4 जुलाई 2023 को सावन महीने में आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर का गर्भगृह 11 सितंबर 2023 तक बंद कर दिया गया था। उस समय मंदिर समिति ने कहा था कि सावन माह के समाप्त होते ही गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन इसके बाद गर्भगृह खुला नहीं है। महाकाल लोक बनने से पहले मंदिर में रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते थे। अक्टूबर 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद भक्तों की संख्या चार गुना बढक़र डेढ़ से दो लाख तक पहुंच गई।

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काशी विश्वनाथ धाम में ध्वजारोहण समारोह, आरती श्रृंगार में राष्ट्रीय पर्व की झलक दिखी

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वाराणसी। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर काशी विश्वनाथ धाम में तिरंगा फहराया गया। यह कार्यक्रम सुबह 8:30 बजे काशी विश्वनाथ धाम स्थित प्रशासनिक कार्यालय, नीलकंठ भवन में संपन्न हुआ। इस ध्वजारोहण समारोह में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण, उप जिलाधिकारी पवन प्रकाश, डिप्टी कलेक्टर शम्भू शरण, नायब तहसीलदार मिनी एल शेखर समेत मंदिर न्यास के सभी अधिकारीगण एवं कार्मिकगण मौजूद थे। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाकर मातृभूमि को नमन किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ध्वजारोहण समारोह के उपरांत, पिछले दो सालों में शुरु किए गए नवाचार की निरंतरता में काशी विश्वनाथ धाम स्थित भारत माता की प्रतिमा पर श्रद्धा एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ भारत माता आराधना संपन्न की गई। इस अवसर पर डमरू वादन एवं शास्त्रीगणों द्वारा स्वस्तिवाचन के साथ तिरंगा ध्वज पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में मंदिर न्यास के सभी अधिकारीगण, कार्मिकगण एवं जनसामान्य की सहभागिता रही, जिन्होंने भारत माता के चरणों में नमन कर देश की समृद्धि एवं शांति की कामना की। सभी उपस्थित व्यक्तियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता, शांति, प्रगति एवं विश्व कल्याण की कामना की। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करते हुए देश की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों एवं आरती श्रृंगार में राष्ट्रीय पर्व की स्पष्ट झलक देखने को मिली। सोमवारीय रुद्राभिषेक में अविमुक्तेश्वर महादेव के अर्घ्य को राष्ट्रीय ध्वज के साथ अभिषेक किया गया। समस्त आरती श्रृंगार में भी तिरंगा थीम आधारित श्रृंगार किया गया। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं, नागरिकों एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हम सभी के जीवन में सत्य और धर्म के मार्ग चलना सदैव बना रहे और हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो।

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पांच साल की रिकॉर्डतोड़ ठंड में मना गणतंत्र दिवस, अब बारिश और ओलावृष्टि का बरसेगा कहर

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली ने इस साल पिछले पांच वर्षों का सबसे ठंडा गणतंत्र दिवस महसूस किया। सोमवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने कड़ाके की ठंड और शीतलहर के साथ पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। इससे पहले साल 2021 में 26 जनवरी को तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। कड़ाके की इस ठंड और ठिठुरन के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है, जिसके चलते मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तापमान में इस अचानक गिरावट का मुख्य कारण आसमान का साफ होना और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं थीं। हालांकि, सोमवार दोपहर के बाद हवाओं की रफ्तार में कुछ कमी आई, क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होकर दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। इस मौसमी बदलाव के कारण मंगलवार को न्यूनतम तापमान में तो वृद्धि होगी, लेकिन दिन के समय हल्की से मध्यम बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही ताजी बर्फबारी का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे बारिश के बाद एक बार फिर शीतलहर चलने की संभावना है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग केंद्र पर न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री कम था। वहीं, अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन दिन का तापमान गिरकर 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
ठंड के साथ-साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 241 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले तक यह 153 के साथ मध्यम श्रेणी में था। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार को होने वाली बारिश और तेज हवाओं के कारण वायु प्रदूषण में कमी आएगी और 27 व 28 जनवरी को एक्यूआई में सुधार होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान है कि 27 और 28 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। इसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर के तापमान पर पड़ेगा और 29 जनवरी के बाद एक बार फिर पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने लोगों को बदलती ठंड और बारिश के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

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कामकाज ठप, जानें निजी बैंकों का हाल और जरूरी बातें

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नई दिल्ली. अगर आपको आज बैंक (Bank ) से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो फिर ये खबर पढ़कर ही घर से ब्रांच के लिए निकलें, कहीं ऐसा न हो कि आप वहां पहुंचे और ताला लगा हुआ नजर आए. दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल (Nationwide strike) का ऐलान किया है और इसकी सीधा असर बैंकिंग कामकाज पर देखने को मिल सकता है. इस हड़ताल के चलते बैंक जमा-निकासी से लेकर ब्रांचों में कस्टमर सर्विस जैसे सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इस परेशानी के बीच आप घर बैठे भी आसानी से अपने कुछ जरूरी बैंकिंग काम आसानी से निपटा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे?

बैंक यूनियनों की हड़ताल क्यों?
मंगलवार को देशभर में बैंकिंग कामकाज पर असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 27 जनवरी को देश भर में हड़ताल करने का फैसला किया है. उनकी डिमांड है कि सप्ताह में 5 दिन (5 Days Work Week Demand) के काम का नियम तुरंत लागू किया जाना चाहिए, जिससे बैंक कर्मचारियों को दो दिन अवकाश मिल सके.

 

बैंक यूनियनों के मुताबिक, केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) से लंबे समय से इस मुद्दे पर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक हमारी मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है. यूनियनों का कहना है कि दूसरे सरकारी विभागों की तरह ही बैंकों में भी वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है और 5 Days Work Week सिस्टम लागू किया जाना चाहिए.

23 जनवरी को ऐलान, ये काम प्रभावित
गौरतलब है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस 9 यूनियनों की मेन बॉडी है. बीते 23 जनवरी को अपनी पांच दिन के वर्क वीक की मांग को लेकर यूनियन ने चीफ लेबर कमिश्नर के साथ एक बैठक की थी, लेकिन कोई हल न निकलने के बाद देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया था.

अगर इस हड़ताल से प्रभावित होने वाले कामकाजों की बात करें, तो बैंक ब्रांच में जाकर नकदी जमा कराने से लेकर पैसों की निकासी तक के काम में रुकावट आ सकती है. इसके अलावा ब्रांचों में ग्राहकों की सहायता के लिए मौजूद कस्टमर सर्विस से लेकर बैंक लोन और अन्य डॉक्यूमेंटेशन से जुड़े काम पर असर देखने को मिल सकता है.

ऐसे घर बैठे निपटा सकते हैं बैंकिंग काम
आमतौर पर किसी पर्व या आयोजन या फिर साप्ताहिक अवकाश के दौरान जब बैंक क्लोज रहते हैं, तो तमाम जरूरी बैंकिंग कामों को घर बैठे ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) के जरिए निपटाया जाता है और मंगलवार की हड़ताल के बाद भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. ऑनलाइन सर्विस 24X7 चालू रहती हैं और बेहद आसानी से ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस जैसे काम निपटाए जा सकते हैं. सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक ग्राहकों को ये सुविधा मुहैया कराते हैं. इसके अलावा इस हड़ताल का बैंक एटीएम (Bank ATM) या यूपीआई सिस्टम पर असर पड़ने की संभावना नहीं है.

इसके अलावा HDFC Bank, ICICI Bank या Axix Bank समेत अन्य प्राइवेट बैंकों का कामकाज भी प्रभावित होने की आशंका नहीं है, क्योंकि बैंक यूनियंस की हड़ताल में इन निजी बैंकों के कर्मचारी शामिल नहीं हैं.

डॉन ब्रैडमैन ने भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी अपनी कैप, अब ऑक्शन में लगी इतने करोड़ की बोली

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ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रशंसकों के बीच आज भी उनका जलवा कायम है। करीब 70 साल पहले क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह डॉन ब्रैडमैन ही थे। उनके आंकड़े बताते हैं कि उनका खेल कैसा रहा होगा। क्रिकेट छोड़ने के 7 दशक के बाद और इस दुनिया को अलविदा कहने के ढाई दशक के बाद भी उनकी लोकप्रियता काफी है। यही वजह है कि 1947-48 में भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान पहनी गई ‘बैगी ग्रीन’ कैप सोमवार को गोल्ड कोस्ट ऑक्शन में 4.60 लाख डॉलर (करीब 4 करोड़ 22 लाख रुपये) में बिकी।

भूटान ने गेंदबाज़ी का फैसला

ब्रैडमैन ने यह कैप उस सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ी श्रीरंगा वासुदेव सोहोनी को भेंट की थी। सोहोनी के परिवार ने इसे पिछले 75 वर्षों तक सहेज कर रखा था और इसे कभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया। ‘लॉयड्स ऑक्शंस’ द्वारा बेची गई इस बैगी ग्रीन पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का ‘कोट ऑफ आर्म्स’ बना है और उसके नीचे ‘1947-48’ कढ़ा हुआ है।भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज 1947-48 ब्रैडमैन की आखिरी घरेलू टेस्ट सीरीज थी। इसके बाद उन्होंने 1948 में 99.94 के औसत के साथ क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्हें खेल के इतिहास का महानतम बल्लेबाज माना जाता है। भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में इस यह श्रृंखला के लिए अपना पहला टेस्ट दौरा किया था। लाला अमरनाथ की अगुआई में भारतीय टीम ने ब्रैडमैन के नेतृत्व वाली मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का पांच मैचों की श्रृंखला में सामना किया था। ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 4-0 से जीत दर्ज की थी, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा।नीलामी के दौरान इस टोपी को “हॉली ग्रेल ऑफ क्रिकेट (क्रिकेट का बेशकीमती या दुर्लभ चीज)” करार देते हुए ‘लॉयड्स ऑक्शनियर्स एंड वैल्यूअर्स’ के मुख्य परिचालन अधिकारी ली हेम्स ने कहा कि सोहोनी की ‘अंतिम इच्छा थी कि यह कैप ऑस्ट्रेलिया के पास रहे।’’ ‘गार्जियन’ की रिपोर्ट के अनुसार, हेम्स ने कहा, “यह 75 वर्षों तक छिपाकर रखी गई थी, यानी तीन पीढ़ियों तक ताले में बंद रही। परिवार के सदस्यों को भी 16 वर्ष की उम्र के बाद सिर्फ पांच मिनट के लिए इसे देखने की अनुमति थी।”‘लॉयड्स ऑक्शंस’ के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह टोपी अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेगी और इसे ‘‘किसी प्रमुख संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।’’ टोपी के अंदर “डी. जी. ब्रैडमैन” और “एस. डब्ल्यू. सोहोनी” के नाम अंकित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीलामी की बोली एक डॉलर से शुरू हुई और ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्रिटेन के खरीदारों की गहरी दिलचस्पी के बीच यह 4.60 लाख डॉलर में बिकीं।इसके मुताबिक, “75 वर्षों तक एक ही परिवार द्वारा सहेजी गई यह टोपी डॉन ब्रैडमैन के अजेय दौर और भारतीय टीम के साथ हुए यादगार आदान-प्रदान से जुड़ाव का प्रतीक है।” मौजूदा समय में ब्रैडमैन की केवल 11 ‘बैगी ग्रीन’ टोपी ज्ञात हैं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेटरों को हर श्रृंखला के लिए अलग टोपी दी जाती थी। ब्रैडमैन की 1928 की पहली बैगी ग्रीन 2020 में 4.50 लाख डॉलर में बिकी थी, जबकि 1948 के इंग्लैंड दौरे की कैप 2003 में 4.25 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुई थी।ब्रैडमैन की एक “धूप से फीकी और घिसी हुई” ‘बैगी ग्रीन’ 2024 में 4,79,700 डॉलर में बिकी थी, जो उनकी पहनी गई किसी टोपी के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। ‘बैगी ग्रीन’ के लिए सर्वकालिक रिकॉर्ड शेन वॉर्न की टोपी के नाम है, जो 2020 में ऑस्ट्रेलिया रेड क्रॉस ‘बुशफायर’ राहत के लिए 10,07,500 डॉलर में बिकी थी।

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News Desk