शरद गुट से होगी सुलह या नया रास्ता अपनाएगी पार्टी

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मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया और महाराष्ट्र के छह बार के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार सुबह एक विमान हादसे (plane crash) में निधन हो गया। सियासत में अजित पवार की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे महाराष्ट्र (Maharashtra) में सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। हालांकि, उनके निधन के बाद अब उनके नेतृत्व वाली राकांपा के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

राकांपा का आगे क्या होगा? क्या अजित पवार के बिना संभल सकती है राकांपा? अजित और शरद पवार के बीच चल रही सुलह की कोशिशों का क्या होगा? राकांपा का नया चेहरा कौन होगा? राकांपा की तरफ से डिप्टी सीएम कौन हो सकता है? आइये जानते हैं…

 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का आगे क्या होगा?
विमान हादसे में राकांपा प्रमुख के असामयिक निधन के बाद राकांपा का भविष्य अनिश्चितता और राजनीतिक संकट के दौर में है।

1. नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर क्या चुनौती
अजीत पवार के गुट (जिसे चुनाव आयोग ने आधिकारिक राकांपा माना है) के पास महाराष्ट्र विधानसभा में मौजूदा समय में 41 विधायक हैं। इसके अलावा पार्टी का लोकसभा में एक सांसद भी है। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी को लेकर कई संभावनाएं हैं…

उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार (राज्यसभा सांसद) या उनके बेटों- पार्थ और जय पवार को उनकी विरासत संभालने के लिए आगे लाया जा सकता है। हालांकि, पार्थ पवार पहले चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें चुनाव में हार मिली थी। इसके बाद से ही वे महाराष्ट्र की राजनीति में उतने सक्रिय नहीं रहे हैं, ऐसे में उनमें अपने पिता जैसी राजनीतिक कुशलता और जमीनी पकड़ जैसे कौशलों को लेकर अभी कुछ अनसुलझे सवाल हैं।

2. जो राकांपा टूटकर अलग हुई, उसके विलय की क्या संभावना
अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों- राकांपा और राकांपा (एसपी) के विलय की अटकलें तेज हो गई हैं।
हाल ही में इसके संकेत भी मिले हैं। कुछ दिन पहले ही दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के लिए गठबंधन कर चुनाव लड़ा था।
माना जा रहा है कि शरद पवार अपने पोते (पार्थ और जय) और अजित गुट के नेताओं को फिर से साथ लाकर पार्टी को एकजुट करने का प्रयास कर सकते हैं।

सूत्रों का दावा है कि दोनों गुटों को साथ लाने की कोशिश जारी थी। इसे लेकर अजित और शरद पवार के बीच चर्चा भी हुई थी। यहां तक कि शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी हाल ही में दोनों दलों के साथ आने का दावा किया था।

3. क्या शरद पवार निभाएंगे भतीजे की राकांपा में कोई भूमिका?
मूल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जिसके बाद में दो हिस्से हुए, उसकी स्थापना शरद पवार की ओर से की गई थी। मौजूदा समय में अजित पवार की राकांपा में जो चेहरे हैं, वे भी कभी शरद पवार के करीबी और उनकी पार्टी के नेता रहे हैं। ऐसे में शरद पवार, जिन्होंने 2026 के अंत तक राजनीति से अलग होने का संकेत दिया था, वह अब अपनी योजना में बदलाव पर विचार कर सकते हैं। खासकर पवार साम्राज्य को स्थिरता देने और सुप्रिया सुले और परिवार की अगली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वे दोनों गुटों को एक करने की कोशिश कर सकते हैं।

 

 

कोहरे की मार से दिल्ली की रेल रफ्तार थमी, कई सुपरफास्ट व राजधानी ट्रेनें घंटों लेट

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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम और कई राज्यों में घने कोहरे का असर रेल यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है. दृश्यता कम होने के कारण राजधानी दिल्ली की ओर आने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली, आनंद विहार व पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर दर्जनों ट्रेनें लेट पहुंच रही हैं.

हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने वाली एक घंटे से अधिक देरी वाली ट्रेनों में ट्रेन नंबर 22917 मुंबई बांद्रा टर्मिनस–हरिद्वार सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग 1 घंटा 56 मिनट लेट रही. 14309 उज्जैन एक्सप्रेस करीब 1 घंटा 5 मिनट की देरी से चल रही. 2221 मुंबई सेंट्रल–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे लेट, दक्षिण भारत से आने वाली 12627 कर्नाटक सुपरफास्ट एक्सप्रेस 2 घंटे 38 मिनट लेट है, जबकि 12189 महाकौशल एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 44 मिनट लेट चल रही है. 1249 गोवा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे 5 मिनट की देरी व 18477 कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस करीब 3 घंटे 13 मिनट लेट चल रही है.

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी स्थिति चिंताजनक है. ट्रेन नंबर 12951 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस लगभग 1 घंटा लेट है. 12559 शिवगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 1 घंटा 38 मिनट देरी से चल रही है. 14727 श्रीगंगानगर–तिलक ब्रिज एक्सप्रेस 2 घंटे 2 मिनट लेट है. 11841 गीता जयंती एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 50 मिनट देरी सेचल रही है. यहां भी 12627 कर्नाटक सुपरफास्ट एक्सप्रेस 2 घंटे 40 मिनट लेट दर्ज की गई, जबकि 20801 मगध एक्सप्रेस 1 घंटा 25 मिनट लेट रही.

आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर 13257 जनसाधारण एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे की देरी से चल रही है. वहीं, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 12915 आश्रम एक्सप्रेस करीब 1 घंटे लेट है. 14049 गोड्डा–दिल्ली एक्सप्रेस 2 घंटे 16 मिनट देरी से चल रही है, जबकि 14088 रुचिरा एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे लेट बताई गई है.

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के मुताबिक घना कोहरा और कम दृश्यता ट्रेन संचालन की गति को प्रभावित कर रही है. यात्रियों से अपील की गई है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, जिससे अनावश्यक इंतजार से बचा जा सके.

भारत-EU डील पर पीएम मोदी बोले- यह साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच आज ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लग गई. जानकारी के मुताबिक लंबी बातचीत के बाद इस बहुत बड़ी डील को अंजाम दिया गया. इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भी कहा जा रहा है. बता दें, भारत और यूरोपियन यूनियन मिलकर विश्व व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा और दुनिया की आबादी का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा हैं, जो इस पार्टनरशिप के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है.

 

पीएम मोदी और दोनों यूरोपियन नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस
भारत और यूरोपियन संघ के दोनों नेता इस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए समझौते का आधिकारिक ऐलान कर रहे हैं. पीएम मोदी ने बताया कि यूरोपीय संघ के नेता एंटोनिया कोस्टा को लिस्बन का गांधी कहा जाता है. इससे पहले पीएम मोदी ने कहा हम लोगों ने दो अरब लोगों का एक फ्री ट्रेड जोन बनाया है, जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि हम अपनी रणनीति को और मजबूत बनाएंगे. पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह साझा समृद्धि की ब्लू प्रिंट है. स्थिरता को और अधिक मजबूती मिलेगी. उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है. हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और यूरोपियन यूनियन के दोनों नेताओं की काफी देर बातचीत हुई.

 

पीएम मोदी ने कहा कि इस डील से सभी लोगों को फायदा होगा रक्षा कंपनियों के नए अवसर मिलेंगे. कृषि, क्लीन एनर्जी को मजबूती मिलेगी. इसके साथ-साथ कई वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर कहा, ‘कल यूरोपियन यूनियन और भारत के बीच एक बड़ा एग्रीमेंट साइन हुआ. लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रहे हैं. यह एग्रीमेंट भारत और यूरोप में लोगों के लिए बड़े मौके लाएगा. यह दुनिया की दो बड़ी इकॉनमी के बीच पार्टनरशिप का एक परफेक्ट उदाहरण है. यह एग्रीमेंट ग्लोबल जीडीपी का 25 फीसदी और ग्लोबल ट्रेड का 1/3 हिस्सा है.’

 

एंटोनियो कोस्टा ने जाहिर की खुशी
वहीं, यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने दोनों के बीच हुए समझौते पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि समझौता एतिहासिक पल है. इससे नए-नए अवसर मिलेंगे. एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने आगे कहा कि मैं यूरोपियन काउंसिल का प्रेसिडेंट हूं, लेकिन मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं. तो, जैसा कि आप सोच सकते हैं, मेरे लिए इसका एक खास मतलब है. मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था और यूरोप और इंडिया के बीच का कनेक्शन मेरे लिए पर्सनल है. यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि इस खास मौके पर हमारा स्वागत करने के लिए धन्यवाद, प्रिय प्रधानमंत्री मोदी. सोमवार को हमें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आपके चीफ गेस्ट बनने का मौका मिला. भारत की काबिलियत और अलग-अलग तरह की चीज़ों का यह एक शानदार प्रदर्शन था. आज एक ऐतिहासिक पल है. हम ट्रेड, सिक्योरिटी और लोगों के बीच आपसी रिश्तों में एक नया चैप्टर शुरू कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘यह समझौता लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करता है. यूरोपियन यूनियन के साथ यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और एफ्टा (EFTA) के समझौतों का भी पूरक होगा. मैं इसके लिए देश के लोगों को बधाई देता हूं.’

पीएम मोदी ने कहा, यूरोपियन यूनियन के साथ इस ट्रेड डील से मैन्युफैक्चरिंग को बहुत बढ़ावा मिलेगा, और सर्विसेज सेक्टर भी बढ़ेगा. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से हर इन्वेस्टर और बिजनेसमैन का भारत में इन्वेस्ट करने का भरोसा बढ़ेगा.’

यूरोपियन यूनियन और भारत करीबी पार्टनर हैं जो आर्थिक खुशहाली, नियमों पर आधारित इंटरनेशनल ऑर्डर और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं. ट्रेड और इन्वेस्टमेंट इस रिश्ते के मुख्य आधार बने हुए हैं. मंगलवार को होने वाले यूरोपियन यूनियन -भारत समिट में दोनों तरफ के नेताओं से एक संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाने और चल रही मुक्त व्यापार समझौता वार्ता के संदर्भ में व्यापार पर चर्चा करने की उम्मीद है. इसे पहली बार 2007 में लॉन्च किया गया था और 2022 में फिर से लॉन्च किया गया और सोमवार को खत्म हुआ.

आने वाली डील पर बात करते हुए यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘भारत और यूरोप ने एक स्पष्ट चुनाव कर लिया है.’ रणनीतिक साझेदारी, बातचीत और खुलेपन का चुनाव. अपनी एक-दूसरे को पूरा करने वाली ताकतों का फायदा उठाना और आपसी मजबूती बनाना. हम खंडित दुनिया को दिखा रहे हैं कि एक और रास्ता भी मुमकिन है.’

यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने भी यही बात दोहराते हुए कहा, ‘भारत-यूरोपियन यूनियन के लिए एक जरूरी पार्टनर है. हम सब मिलकर नियमों पर आधारित इंटरनेशनल ऑर्डर को बचाने की क्षमता और जिम्मेदारी शेयर करते हैं. सामान के व्यापार में यूरोपियन यूनियन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, जो चीन के ठीक बाद और अमेरिका से आगे है, और भारत के कुल सामान व्यापार का 11.5 प्रतिशत हिस्सा है.

आधिकारिक डेटा के मुताबिक 2024 में यूरोपियन यूनियन-भारत के बीच सामान का ट्रेड 120 बिलियन यूरो से ज्यादा का था. इसमें भारत से यूरोपियन यूनियन का 71.4 बिलियन यूरो का इंपोर्ट और भारत को यूरोपियन यूनियन का 48.8 बिलियन यूरो का एक्सपोर्ट शामिल था.

पिछले दस सालों में सामान का दोनों देशों के बीच ट्रेड दोगुना हो गया है. इस दौरान, भारत से यूरोपियन यूनियन का इंपोर्ट 140 फीसदी बढ़ा, जबकि भारत को यूरोपियन यूनियन का एक्सपोर्ट 58 फीसदी बढ़ा, जिससे कमर्शियल रिश्तों में लगातार बढ़ोतरी दिख रही है.

यूरोपियन यूनियन से भारत को एक्सपोर्ट होने वाले मुख्य सामान में मशीनरी और अप्लायंसेज, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट और केमिकल्स शामिल हैं. दूसरी ओर यूरोपियन यूनियन मुख्य रूप से भारत से मशीनरी और अप्लायंसेज, केमिकल्स और फ्यूल इम्पोर्ट करता है.

सर्विसेज के ट्रेड में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई है. 2024 में यूरोपियन यूनियन-भारत के बीच सर्विसेज का ट्रेड 66 बिलियन यूरो से ज्यादा का था, जिसमें यूरोपियन यूनियन इम्पोर्ट 37 बिलियन यूरो से ज्यादा और यूरोपियन यूनियन एक्सपोर्ट लगभग 29 बिलियन यूरो था.

पिछले दस सालों में दोनों देशों के बीच सर्विसेज का ट्रेड दोगुने से ज्यादा हो गया है, जिसमें 243 फीसजी की वृद्ध हुई है. भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड होने वाली मुख्य सर्विसेज में टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर और इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, प्रोफेशनल और मैनेजमेंट कंसल्टिंग जैसी दूसरी बिजनेस सर्विसेज, और ट्रांसपोर्ट सर्विसेज शामिल हैं.

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) इस रिश्ते की गहराई को और दिखाता है. 2024 में भारत में यूरोपियन यूनियन के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की वैल्यू 132 बिलियन यूरो से ज्यादा थी, जिससे यूरोपियन यूनियन देश में सबसे बड़ा निवेशक बन गया.

पॉलिसी के मामले में यूरोपियन यूनियन और भारत ने जून 2022 में एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू की. उसी समय, इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन और जियोग्राफिकल इंडिकेशन पर अलग से बातचीत शुरू की गई. ट्रेड बातचीत का मकसद रुकावटों को दूर करना है और इससे एक्सपोर्ट को और बढ़ाने, सर्विसेज को खोलने में मदद मिलेगी.

भारत का सबसे मजबूत मित्र बनकर उभर रहा इजरायल, नेतन्याहू ने PM मोदी को बुलाया अपने देश

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नई दिल्ली। इजरायल और भारत (Israel and India) की दोस्ती लगातार गहरी होती जा रही है। रूस के बाद इजरायल (Israel) अब भारत का सबसे मजबूत साथी बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) की दमदार दोस्ती दोनों देशों के संबंधों को लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है। इस बीच नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजरायल आने का न्यौता भेजा है। भारत में इजरायल के राजदूत रेउवेन अज़ार ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की है।

नेतन्याहू ने भेजा पीएम मोदी को न्यौता
इजरायली राजदूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल की यात्रा के लिए बेंजामिन नेतन्याहू ने निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि तैयारियां चल रही हैं और आधिकारिक तौर पर तारीखों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। इजरायली राजदूत अज़ार ने नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय होलोकॉस्ट स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मौके पर एएनआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि “निमंत्रण दिया गया है। हम तैयारियों में हैं, और उचित समय पर विशिष्ट तारीखों के संबंध में घोषणाएं की जाएंगी।

 

भारत-इजरायल संबंध नये मुकाम पर
भारत-इजरायल संबंधों के भविष्य को अज़ार बहुत मजबूत बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी की सराहना की। अजार ने कहा कि 2025 विशेष रूप से एक उत्पादक वर्ष रहा है, जिसमें भारत-इजरायल के बीच मंत्रिस्तरीय स्तर की बैठकें हुईं और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें द्विपक्षीय निवेश संधि, सुरक्षा समझौते शामिल हैं, साथ ही मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और वित्तीय प्रोटोकॉल पर प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद-रोधी सहयोग संबंध का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हम 2026 में इसे और मजबूत करने की उम्मीद कर रहे हैं।

भारत यहूदियों के लिए सबसे सुरक्षित देश
इजरायली राजदूत ने भारत की सभ्यतागत परंपरा की प्रशंसा की। अज़ार ने देश की बहुलवाद और सहिष्णुता की लंबी परंपरा पर प्रकाश डालते कहा कि भारत में यहूदी समुदायों ने ऐतिहासिक रूप से अन्य जगहों पर देखे गए उत्पीड़न के बिना जीवन व्यतीत किया है। “भारत में सहिष्णुता की सभ्यतागत परंपरा है। यहां यहूदियों ने अपनी उपस्थिति का आनंद लिया है, और हम इसकी गहराई से सराहना करते हैं। यह हमारी दो सभ्यताओं के बीच महान मित्रता का हिस्सा है। होलोकॉस्ट स्मृति दिवस 27 जनवरी को मनाया जाता है, ताकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी शासन के तहत मारे गए लगभग 60 लाख यहूदियों को याद किया जा सके, जिसे यहूदी-विरोधी कार्य माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि 27 जनवरी 1945 को ऑशविट्ज़-बिर्केनाउ जर्मन नाजी एकाग्रता और मृत्यु शिविर की मुक्ति हुई थी।

पहलगाम अटैक इजरायल पर आतंकी हमले जैसा
अंतरराष्ट्रीय होलोकॉस्ट स्मृति दिवस में विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने पहलगाम हमले की तुलना अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमास के आतंकी हमले से करते हुए कहा कि भारत ऐसी “बेवकूफी भरी क्रूरता” से बहुत परिचित है और सीमा-पार आतंकवाद का शिकार रहे हैं। मिश्री ने कहा कि भारत उन राष्ट्रों के साथ तुरंत सहानुभूति रखता है जो आतंकवाद का सामना करते हैं, और हमास हमले में लगभग 1,200 इजरायली नागरिकों की हत्या और सैकड़ों की अपहरण की याद दिलाई। साथ ही कहा कि दुर्भाग्य से भारत भी ऐसी बेवकूफाना क्रूरता से बहुत परिचित है, क्योंकि हम खुद सीमा-पार आतंकवाद का शिकार रहे हैं। हम उन लोगों के साथ तुरंत सहानुभूति रखते हैं जो इसी तरह की त्रासदी से गुजरते हैं।

अजित पवार के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

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नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी (President Draupadi Murmu and Prime Minister Modi) ने अजित पवार के निधन पर दुख जताया (Expressed Grief over the demise of Ajit Pawar) । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार का बुधवार को प्लेन हादसे में निधन हो गया ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अजित पवार का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा। मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं। ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “अजित पवार लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएँ। ओम शांति।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असमय निधन के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा और दुख हुआ। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, वे महाराष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहे। वे लोगों के प्रति अपनी करुणा और सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए जाने जाते थे। मैं उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”

केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने भी समाचार में प्लेन की असली फोटो देखी है और अब यह खबर कन्फर्म हो गई है कि प्लेन में कुल पांच लोग थे, जिनमें से सभी की मौत हो गई है। अजित पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम थे, और कई सालों से उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाई थी। उन्होंने बहुत से जरूरी काम भी किए थे। उनकी अचानक मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन आ गया है।” केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, “महाराष्ट्र में भी उनके परिवार का बहुत सम्मान है, और उनका जाना राज्य के लिए भी एक बड़ा नुकसान है। उनके कार्यकाल में महाराष्ट्र में कोई भी उनके राजनीतिक प्रभाव को चुनौती नहीं दे सकता था या उसे नजरअंदाज नहीं कर सकता था। यह सोचा भी नहीं जा सकता था। अब, उनके अचानक निधन से पूरा राजनीतिक समीकरण बदल जाएगा। मुझे यकीन है कि जो हुआ है, उसका बहुत बड़ा और लंबे समय तक असर होगा।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में हुई भीषण हवाई जहाज दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार सहित कई लोगों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजित पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। ओम शांति!”

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने लिखा, “यह खबर दिल दहलाने वाली है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य यात्रियों के दुखद विमान दुर्घटना में निधन की सूचना अत्यंत पीड़ादायक है। परिवारों को यह असहनीय शोक झेलना पड़ रहा है… ईश्वर उन्हें शक्ति दे। विनम्र श्रद्धांजलि।” विधायक प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।”

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, “शब्दों से परे एक नुकसान! अजित दादा… महाराष्ट्र के एक महान सपूत, बारामती की मिट्टी में पले-बढ़े। उन्होंने विद्रोह से सुलह और फिर मजबूती तक का लंबा, अकेला रास्ता तय किया। बजट के माहिर, सपनों को पूरा करने वाले, उनकी दहाड़ तेज थी, उनकी चुप्पी और भी गहरी थी। एनसीपी और पवार परिवार को संवेदनाएं। ओम शांति शांति।”

भाजपा प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने लिखा, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार और अन्य लोगों के दुखद विमान हादसे में निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। यह महाराष्ट्र और पवार परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। गहरी संवेदनाएं। ओम शांति!” शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लिखा, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के बारामती के पास एक प्लेन क्रैश में निधन की दुखद खबर से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। पवार परिवार, उनके समर्थकों और महाराष्ट्र के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”

ठंड में बच्चों को नीचे बिठाया, रद्दी वाले कागज पर परोसा हलवा-पूड़ी; सिस्टम की खुली पोल

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मैहर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर (Maihar) के भटगवां सरकारी हाई स्कूल (Bhatgawan Government High School) में गणतंत्र दिवस (Republic Day) के अवसर पर आयोजित ‘विशेष’ मिड डे मील की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया में हड़कंप मच गया. छात्र (Students) फर्श पर फटे कागजों (Torn Papers) पर खाना खाते दिखाई दिए, जिससे नेटिज़न्स ने नाराज़गी व्यक्त की और कांग्रेस (Congress) ने भी राज्य सरकार पर आलोचना की.

सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड का एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें छात्रों को फर्श पर कागज पर खाना खाते हुए देखा जा सकता है. यह भी पता चला है कि छात्रों को पुरानी नोटबुक के पन्नों को फाड़कर खाना दिया गया. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कड़ाके की ठंड में छात्रों को खुले में खाना खिलाया गया. फर्श पर नोटबुक के पन्ने फाड़कर रखे गए थे. पेन की स्याही से लिखे गए उन पन्नों पर ही पूड़ी और सूजी का हलवा परोसा गया. छात्रों ने उसी तरह खाना शुरू कर दिया.

 

इस पूरी घटना में एक बार फिर मिड डे मील योजना के प्रबंधन, सुरक्षा और सबसे बढ़कर सरकारी स्कूलों के छात्रों के प्रति अभद्र व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं. कई लोगों ने इस बात पर भी गुस्सा जताया है कि पेन की स्याही से लिखे गए कागज पर खाना क्यों परोसा गया. कई लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि पेन की स्याही में जहरीले रसायन होते हैं. अगर यह भोजन के साथ पेट में चला जाता है तो बच्चे बीमार हो सकते हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक, पेन की स्याही में हानिकारक रसायन पेट में जाने पर कई समस्याएं पैदा कर सकते हैं. पाचन संबंधी समस्याओं के अलावा, दीर्घकालिक जोखिम भी हैं, जिनमें कैंसर का खतरा भी शामिल है. मामला सामने आने के बाद सतना के डीपीसी ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल सुनील कुमार त्रिपाठी निगरानी के प्रभारी थे. ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर पर भी जिम्मेदारी आती है. जिला प्रशासन ने कहा है कि 26 जनवरी को छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता है. मामले की जांच की जा रही है और उसी के मुताबिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सिर्फ कुप्रबंधन नहीं हो सकता है. बच्चों के जीवन का सवाल इससे जुड़ा है. मिड डे मील योजना के तहत सरकार बर्तन खरीदने के लिए पैसे देती है. इसके बावजूद छात्रों को नोटबुक के पन्नों पर क्यों खाना पड़ रहा है, वे सवाल कर रहे हैं. स्थानीय लोग भी गुस्से में हैं. वे आरोप लगा रहे हैं कि उनके बच्चों के साथ इसलिए अमानवीय व्यवहार किया गया क्योंकि वे गरीब हैं.

18 महीने पहले भी बाल-बाल बचे थे अजित पवार, बादलों में खो गया था हेलीकॉप्टर

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मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार को प्लेन हादसे (Plane crash) में निधन हो गया. वह निकाय चुनाव की रैली के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे. बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका प्लेन क्रैश हो गया. प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत छह लोगों की मौत हो गई. जुलाई 2024 में भी अजित पवार एक हवाई हादसे का शिकार होते-होते बचे थे. वह एक स्टील प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए गढ़चिरौली जा रहे थे.

उनके साथ देवेंद्र फडणवीस और उदय सामंत भी हेलीकॉप्टर में सवार थे. उनका यह एक घंटे का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. पूरे रास्ते इन लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ी हुई थी. जब नागपुर के ऊपर उनका हेलीकॉप्टर उड़ रहा था. तभी घने बादलों में हेलीकॉप्टर उलझ गया और अपना रास्ता भूल गया. क्योंकि बादलों की वजह से दृश्यता काफी खराब थी. हालांकि, पायलट ने कुशलता से बादलों के बीच से रास्ता खोजा और सेफ लैंडिंग करवाई.

इस दौरान अजित पवार बेहद चिंतित दिख रहे थे और लगातार खिड़की से बाहर देख रहे थे. हालांकि, देवेंद्र फडणवीस उस दौरान शांत थे. क्योंकि वे पहले छह बार ऐसे हादसों में बाल-बाल बच चुके थे. उन्होंने पवार को हिम्मत दी थी. पवार ने बाद में कार्यक्रम में अपना अनुभव शेयर किया था, ‘उदय सामंत ने मुझसे बाहर लैंडिंग साइट की ओर देखने को कहा था. जब मैंने खिड़की से उसे देख लिया, तब जाकर मुझे राहत मिली.’

उस हादसे के 18 महीने बाद, अजित पवार की बारामती में एक विमान हादसे में मौत हो गई. लैंडिंग के दौरान उनके ‘लियरजेट 45XR’ प्लेन ने नियंत्रण खो दिया और क्रैश हो गया. विमान में अजित पवार के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, अटैंडेंट, और दो क्रू मेंबर, एक पायलट-इन-कमांड और एक सेकंड-इन-कमांड सवार थे. इन सबकी हादसे में मौत हो गई. फडणवीस ने विमान हादसे में पवार की मौत को ‘अविश्वसनीय’ बताया और कहा कि उन्होंने एक अच्छा दोस्त खो दिया है. उन्होंने कहा कि पवार की मौत ने एक ऐसा शून्य छोड़ दिया है जिसे कभी नहीं भरा जा सकेगा. उन्होंने आगे कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि वे अब नहीं रहे.

 

 

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News Desk

6 बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार, फिर भी मुख्यमंत्री की कुर्सी एक कदम रह गई दूर

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Ajit Pawar: महाराष्ट्र से बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया. बारामती के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) का चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया, जिसमें पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई. सुबह-सुबह आई इस खबर ने सभी को झकझोर दिया. पवार जिस प्लेन में सवार थे, वह पूरी तरह जल गया था. यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर विमान की क्रैश लैंडिंग हुई थी, स्पष्ट नहीं हो सका है. अजित पवार के निधन की खबर आते ही सियासी हलकों से प्रतिक्रियाएं आने लगी. एनसीपी समेत देश के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं और अजित पवार के सहयोगियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

6 बार डिप्टी सीएम रहे अजित पवार
महाराष्ट्र की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले शरद के भतीजे अजित पवार का प्रदेश की राजनीति में मजबूत पकड़ थी. अजित पवार ऐसे नेता थे, जिन्होंने राजनीति में कभी अपनी महत्वकांक्षाओं को नहीं छिपाया. उनका सियासी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, कई बार वे विवादों में भी रहे लेकिन सत्ता के केंद्र में बने रहने की अपनी चाहत को वे बयां करने से हिचकिचाते नहीं थे. उनके नाम सबसे ज्यादा बार (6) महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनने का रिकॉर्ड भी दर्ज है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने की उनकी चाहत अधूरी रह गई.

चाचा से बगावत कर बना ली थी सरकार
वर्तमान में वह महाराष्ट्र की महायुति सरकार में डिप्टी सीएम थे. इसके पहले भी वह 5 बार डिप्टी सीएम के पद पर रह चुके थे. अजित पवार 2010 में पहली बार डिप्टी सीएम बने थे, लेकिन सिंचाई घोटाले को लेकर लगे आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया. हालांकि, क्लीन चिट मिलने के बाद उन्होंने दोबारा पदभार संभाल लिया था. अजित पवार के डिप्टी सीएम बनने की कड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा 2019 के उस सियासी उठापटक की रही, जिसमें रातों-रात उन्होंने एनसीपी के विधायकों को भरोसे में लेकर भाजपा से हाथ मिला लिया था और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. फडणवीस ने सीएम और तब अजित पवार ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लिया था. लेकिन, फिर शरद पवार और सुप्रिया सुले के दखल के बाद 80 घंटों में ये सरकार गिर गई थी और अजित पवार की घर वापसी हो गई थी.

इसके बाद महा विकास अघाड़ी की सरकार बनी और उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली. इस सरकार में भी अजित पवार डिप्टी सीएम बने. लेकिन ये सरकार ज्यादा दिनों तक चली नहीं. एकनाथ शिंदे की बगावत के कारण शिवसेना का विभाजन हो गया और एक गुट बीजेपी के साथ जा मिला. बाद में अजित पवार ने भी बगावत कर दी और एनसीपी में अपने करीबी विधायकों को लेकर बीजेपी-शिंदे गुट वाली सरकार में डिप्टी सीएम बने. 2024 विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के बाद अजित पवार छठी बार डिप्टी सीएम बने थे.

सीएम न बन पाने का अजित पवार को रहा मलाल
अजित पवार ने राजनीति का ककहरा शरद पवार से सीखा था. लेकिन, जब उन्हें आभास हुआ था कि शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बहन सुप्रिया सुले को सौंपना चाहते थे, तब उन्होंने बगावत कर दी. अजित पवार भले ही 6 बार डिप्टी सीएम रहे लेकिन सीएम न बन पाने का उन्हें मलाल हमेशा रहा. कई बार अजित पवार की बातों से सीएम न बन पाने का उनका दर्द छलक जाता था.

अजित पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय पवार और पार्थ पवार हैं. जय ने खुद को बिजनेस क्षेत्र में स्थापित किया है. वहीं पार्थ ने मावल से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए थे. पवार के प्लेन क्रैश की खबर सुनकर सुनेत्रा बारामती के लिए रवाना हो गई हैं.

“शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे अजित पवार”, CM ममता बनर्जी के बयान से मची खलबली

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कोलकाता। प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “अजित पवार, शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। प्लेन हादसे की जांच कराई जाए। एजेंसियां बिकी हुई हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो।”

ममता बनर्जी ने कहा, “कुछ दिनों में अजित पावर अपने पुराने गुट में लौटने वाले थे। उससे पहले ही यह दुर्घटना घटी। देश में लोगों की कोई सुरक्षा नहीं हैं। पहले अहमदाबाद में इतने लोगों की जान गई और अब इस हादसे में अजित पवार की जान गई। देश के मुख्यमंत्री समय कम होने की वजह से चार्टर्ड फ्लाइट में सफर करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा का क्या? हम इस हादसे से बड़ा परेशान हैं। शब्द नहीं हैं हमारे पास। सुप्रीम कोर्ट के सुपरविजन पर जांच होनी चाहिए।”

 

हालांकि ममता बनर्जी ने ये बयान अजित पवार के निधन के बाद फौरन नहीं दिया। बल्कि सबसे पहले उन्होंने ये बयान दिया, “अजित पवार के अचानक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध हूं! महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके सहयात्रियों की आज सुबह बारामती में एक भयावह विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई है, और मुझे गहरा शोक का अनुभव हो रहा है। उनके परिवार, उनके चाचा शरद पवार जी सहित, और स्वर्गीय अजित जी के सभी मित्रों और अनुयायियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस घटना की उचित जांच होनी चाहिए।”

इस बयान को देने के कुछ घंटों बाद ममता ने इस मामले में दूसरा बयान दिया, जिसने सियासत में हड़कंप मचा दिया। इस बयान के मुताबिक, ममता ने कहा कि अजित पवार, शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। प्लेन क्रैश मामले की जांच होनी चाहिए।

 

 

संजय गांधी से लेकर YSR तक, जानिए प्रमुख घटनाएं

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Plane Crash: देश और दुनिया में विमान हादसे में नेताओं की मौत की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन्होंने राजनीति और जनता दोनों को झकझोर दिया। हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की विमान हादसे में मौत की खबर ने सनसनी फैला दी। यह विमान मुंबई से बारामती जा रहा था और सुबह करीब 8:45 बजे लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें सभी यात्रियों की जान चली गई।

भारत में विमान हादसे में जान गंवाने वाले पहले बड़े नेताओं में संजय गांधी का नाम शामिल है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी विमान उड़ाने के शौकीन थे। 23 जून 1970 को दिल्ली में विमान उड़ाते समय उनका प्लेन क्रैश हो गया और इस हादसे में उनकी मौत हो गई।

इसके बाद 30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराज सिंधिया का विमान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।

3 मार्च 2002 को लोकसभा स्पीकर डॉ. जी.एम.सी. बालयोगी भी विमान हादसे का शिकार हुए। आंध्र प्रदेश में हुए इस क्रैश में उनकी जान चली गई। वहीं, 2 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) का हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।

हाल के वर्षों में भी विमान हादसे में नेताओं की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। 12 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी, जब वे अहमदाबाद से लंदन जा रहे थे।