कृपया अफवाहें फैलाना बंद करें: सरगुन मेहता 

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मुंबई। टीवी और पंजाबी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री सरगुन मेहता और उनके अभिनेता पति रवि दुबे को लेकर अफवाहों को बाजार गरम है। लंबे समय से दोनों को लेकर यह खबरें वायरल थीं कि सरगुन मेहता प्रेग्नेंट हैं। प्रशंसक लगातार इस खबर को सच मान रहे थे, जबकि कपल की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया था। अंततः शनिवार को सरगुन मेहता ने इन अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्पष्ट नोट शेयर किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले दो साल से सोशल मीडिया पर उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, “अफवाह फैलाने वालों को तो पिछले 2 साल से मेरी प्रेग्नेंसी के बारे में मुझसे पहले ही सब पता चल जाता है। उनके हिसाब से मैं दो साल से प्रेग्नेंट हूं। भला इतनी लंबी प्रेग्नेंसी होती भी है क्या?” 
सरगुन ने आगे आग्रह किया कि किसी भी व्यक्तिगत खबर को फैलाने से पहले एक बार उनसे या उनकी टीम से पुष्टि कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी से न सिर्फ उनकी निजी जिंदगी प्रभावित होती है, बल्कि अनावश्यक चर्चाएं भी बढ़ती हैं। उन्होंने यह भी लिखा, “आपको ऐसी प्रेग्नेंसी के बारे में कैसे पता चल गया, जिसके बारे में मुझे और रवि को ही कोई जानकारी नहीं है? कृपया ऐसी अफवाहें फैलाना बंद करें।” अभिनेत्री की इस पोस्ट पर उनके दोस्तों और उद्योग से जुड़े लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री गौहर खान ने हाथ जोड़ने वाला इमोजी पोस्ट कर समर्थन जताया, जबकि सरगुन के पति रवि दुबे ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “क्या कैप्शन है।” मनोरंजन जगत में यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलेब्रिटी को ऐसी बेबुनियाद खबरों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले अभिनेत्री रीम शेख की शादी को लेकर भी सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ाई गई थीं। 
उनका नाम कंटेंट क्रिएटर कृष गुप्ता के साथ जोड़ा गया और यहां तक दावा किया गया कि वे जल्द शादी करने वाली हैं। बाद में रीम ने खुद सामने आकर इन सभी खबरों को झूठा बताया था। सरगुन मेहता के इस स्पष्ट बयान के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़े इस मामले पर लगाई जा रही अनावश्यक अटकलें थम जाएंगी। बता दें कि सोशल मीडिया के दौर में सेलिब्रिटीज की निजी जिंदगी अक्सर अफवाहों के निशाने पर रहती है। बिना किसी पुष्टि के फैलाई गई चर्चाएं कई बार कलाकारों की निजता को प्रभावित करती हैं।

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News Desk

राष्ट्रीय टीम में फेरबदल की तैयारी, 60 से कम उम्र के नेताओं पर दांव खेलेगी भाजपा

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नई दिल्ली। भाजपा (BJP) में नए युवा अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) के आने के बाद संगठन में युवा और नए नेतृत्व को जगह देने की तैयारी शुरू हो गई है। महासचिव और सचिव (General Secretaries and Secretaries) स्तर पर 60 साल से कम उम्र के नेताओं को तरजीह दी जाएगी, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को बनाए रखने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय संगठन में आधे से ज्यादा पदाधिकारियों के बदलाव की संभावना है और इनमें कई नए चेहरे विभिन्न राज्यों से केंद्रीय संगठन में शामिल किए जाएंगे।

नए नेतृत्व में युवा चेहरे
भविष्य की भाजपा को तैयार करने के प्रयास में अध्यक्ष समेत लगभग 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को शामिल करने की योजना है। महासचिव और सचिव स्तर पर उम्र सीमा 60 साल के आसपास रखी जाएगी, लेकिन उपाध्यक्ष स्तर पर कुछ लचीलापन रखा जाएगा ताकि अनुभवी नेताओं को संगठन में शामिल रखा जा सके। मौजूदा टीम के आधे से अधिक पदाधिकारी बदलने की संभावना है, जबकि 60 साल से अधिक उम्र वाले महासचिव और सचिवों को नई भूमिका दी जा सकती है।

पदों की संरचना और महिलाओं की भागीदारी
भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष शामिल होते हैं। सूत्रों के अनुसार, नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी के संविधान में एक तिहाई महिला पदाधिकारियों की आवश्यकता होती है, लेकिन यह केवल राजनाथ सिंह के कार्यकाल में ही संभव हो पाया था। नई टीम में देश के सभी हिस्सों का प्रतिनिधित्व और जातीय व सामाजिक समीकरणों का संतुलन भी रखा जाएगा।

बदलाव पर प्रक्रिया और समय
भाजपा की नई टीम को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा में अभी समय लग सकता है। चूंकि बदलाव व्यापक स्तर पर होंगे, इसलिए कई स्तरों पर चर्चा और विचार-विमर्श अभी बाकी है। संसद सत्र और आगामी चुनावों पर पार्टी का ध्यान अधिक होने के कारण बदलाव की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

Praveen Markande: Driving Digital Education Through Online GK Examination Software

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Praveen Markande developed an Online GK Examination Software initiative in Rajnandgaon district to promote digital literacy among students. Conducted successfully for four consecutive years, the exam included participants from Rajnandgaon, Durg, and Balod districts. The project aimed to familiarize rural students with digital examination systems and modern technology platforms. Through this initiative, Praveen Markande encouraged technological exposure and academic growth, helping bridge the digital divide in rural education.

Praveen Markande is a resident of Somni village in Rajnandgaon district, Chhattisgarh. He was born on 16 August 2000 into a humble and value-driven family. His father, Mr. Raghu Markande, and mother, Mrs. Satroopa Markande, instilled in him the principles of discipline, hard work, and integrity from an early age.

Raised in a rural environment with limited resources, Praveen’s journey did not begin with privilege but with determination. Known for his calm nature and strong family values, he transformed challenges into opportunities through consistent effort and vision.

Education and the Beginning of Self-Reliance

After completing his graduation, Praveen earned a Master’s degree in Hindi Literature. During his academic years, he realized that the future belonged to digital and technological skills.

In 2017, he began learning coding and website development through self-study. Despite limited resources, his commitment to learning remained strong. In the same year, he developed his first mobile application, marking a significant milestone in his technical journey.

To date, he has:

  • Worked on 15+ mobile applications and software projects
  • Designed and developed 50+ websites
  • Continued learning Artificial Intelligence (AI) and modern digital tools
  • Provided social media management and technical consultancy services
  • He has also mentored several digital creators and supported them in solving technical challenges.
  • Organizational Journey – Chhatra Yuva Manch

Praveen’s public and organizational journey began in 2017 when he joined the national organization Chhatra Yuva Manch. Over the years, he successfully handled various responsibilities:

  • Membership In-Charge, Somni (2017)
  • President, Somni (2017)
  • Mandal President, Somni-Anjora (2017)
  • District Media In-Charge (2017)
  • State Media In-Charge (2018–2023)
  • Currently: State Technical Head (since 2023)

Through the organization, he gained valuable experience in leadership, management, and community engagement. He acknowledges the guidance of senior leaders such as State Convener Nagesh Yadu, Co-Convener Chandrabhan Janghel, State Organizer Likeshwar Sinha, State Head Madhav Sahu, and State President Lokesh Barapatre as instrumental in his growth.

Social Contribution – 112+ Blood Donation Camps

Through Chhatra Yuva Manch, blood donation was promoted as a continuous social campaign in Rajnandgaon district. Praveen played an active role in organizing and supporting over 112 blood donation camps.

The objective was not merely to conduct events but to raise awareness among youth and ensure timely blood availability for patients in need. During the COVID-19 pandemic, he also actively participated in awareness and relief initiatives.

He considers these achievements as collective efforts of the organization rather than personal accomplishments.

Online GK Examination Software Initiative

Praveen developed an Online GK Examination Software for Rajnandgaon district. The digital examination was successfully conducted for four consecutive years, with participation from students across Rajnandgaon, Durg, and Balod districts.

The initiative aimed to introduce rural students to digital examination systems and enhance their technological exposure.

Praveen Info Tech – A Registered Digital Service Enterprise

Praveen Info Tech is a digital service enterprise registered under the Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (MSME), Government of India.

  • Udyam Registration No.: UDYAM-CG-15-0034715
  • Enterprise Category: Micro Enterprise
  • Location: Rajnandgaon, Chhattisgarh

The organization provides services including website development, mobile application development, software solutions, graphic designing, digital branding, and Search Engine Optimization (SEO).

Its mission is to empower local businesses and youth by connecting them with modern digital technologies and enabling self-reliance.

NSII Group – Manager (Since 2023)

Since 2023, Praveen Markande has been serving as Manager at NSII Group. In this role, he leads digital operations, strategic planning, and organizational management functions.

His key responsibilities include:

  • Digital Strategy & Planning
  • Social Media Management & Growth
  • Branding & Online Presence Development
  • Technical Coordination & Execution
  • Team Management & Project Supervision

He plays a vital role in shaping the digital direction of the organization and strengthening its overall presence.

Awards and Recognitions

  • 🥇 National Youth Award – 2025
  • 🏅 National Vidya Peeth Award – 2024
  • 🛡 Corona Warrior Honor – Chhatra Yuva Manch Chhattisgarh
  • 🏆 Felicitated by Former Chief Minister Dr. Raman Singh – 2023
  • 💻 Best Software Developer Award – 2022–23
  • 📰 Social Work Recognition – PNR News Publications, Mumbai – 2020
  • 🌍 Social Worker Honor – Path Pradarshak Organization, Aurangabad (Bihar) – 2020
  • 🤝 Social Service Appreciation – Happy Club (Regd.), Tapa, District Barnala (Punjab) – 2022

Conclusion

Praveen Markande’s journey demonstrates that limited resources are never a barrier when determination, dedication, and continuous learning guide the path. His balanced contribution to technology, social service, and organizational leadership makes him an inspiring figure for the younger generation.

📸 Instagram – @praveen.markande_official
Digital Creator | Tech & Social Updates

📘 Facebook – Praveen Markande (Official Profile)
Public Activities | Organization Work | Events

🐦 X (Twitter) – @pmofficial1516
Youth Awareness | Social Messages | Blood Donation Campaigns

🎥 YouTube – The Praveen Show
Short Films | Social Content | Creative Projects

🌐 Website – www.praveeninfotech.in
Web Development | App Development | Digital Solutions

ऐसा हुआ तो बिना जीते भी सेमीफाइनल में पहुंचेगा वेस्टइंडीज, क्या हैं समीकरण?

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टी20 विश्वकप 2026 अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। सेमीफाइनल के लिए जंग रोमांचक हो चली है। भारत के जिम्बाब्वे को हराते ही दक्षिण अफ्रीका की टीम अंतिम-चार में पहुंच गई। वहीं, इंग्लैंड की टीम पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। अब दो स्थानों के लिए जंग है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक मार्च को कोलकाता में नॉकआउट मुकाबला खेला जाएगा। वहीं, दूसरे स्थान के लिए न्यूजीलैंड और पाकिस्तान में टक्कर है।अगर न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को इंग्लैंड को हरा दिया तो उनकी सीट पक्की हो जाएगी। वहीं, इस मैच में अगर इंग्लैंड जीता तो पाकिस्तान के लिए भी रास्ते खुल जाएंगे। फिर उन्हें एक तय मार्जिन से अपने आखिरी सुपर-8 मैच में श्रीलंका को हराना होगा। हालांकि, इन सबके बीच एक समीकरण ऐसा भी है, जिससे भारत को खतरा है। अगर ऐसा हुआ तो वेस्टइंडीज को भारत के खिलाफ जीत हासिल करने की जरूरत नहीं होगी, बिना जीते ही कैरिबियाई टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। आइए जानते हैं वह समीकरण कौन से हैं..

भारत ने की बहुत बड़ी गलती

दरअसल, भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में एक बहुत बड़ी गलती की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम ने बल्लेबाजी तो सुधारी, लेकिन गेंदबाजी फींकी पड़ गई। भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन बना दिए, लेकिन कागज पर कमजोर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को भारतीय गेंदबाज जल्द से जल्द समेटने में कामयाब नहीं हो सके। भारत के 257 रन के लक्ष्य के जवाब में जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में छह विकेट पर 184 रन बना डाले। टीम इंडिया ने यह मैच 72 रन से जरूर जीता, लेकिन नेट रन रेट अभी भी निगेटिव ही है। भारत -3.80 से -0.100 तक पहुंच पाया।

सुपर 8 ग्रुप 1- अंक तालिका

टीम मैच जीत हार बेनतीजा अंक नेट रन रेट
द. अफ्रीका (Q) 2 2 0 0 4 +2.890
वेस्टइंडीज 2 1 1 0 2 +1.791
भारत 2 1 1 0 2 -0.100
जिम्बाब्वे (E) 2 0 2 0 0 -4.475

भारत के पास नेट रन रेट बेहतर करने का मौका था

यह एक ऐसा मैच या फिर यूं कहें 256 का स्कोर एक ऐसा स्कोर था, जहां भारत को अपना नेट रन रेट बेहतर करने का मौका था। अगर भारतीय टीम जिम्बाब्वे को जल्द से जल्द समेटती तो नेट रन रेट वेस्टइंडीज के आसपास करने का मौका था। ऐसा इसलिए क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को नौ विकेट से करारी शिकस्त दी थी। इससे वेस्टइंडीज का नेट रन रेट +5.35 से गिरकर +1.791 हो गया। 100+ रन से जीत भारत को नेट रन रेट में वेस्टइंडीज के आसपास ले जा सकती थी। हम ऐसा क्यों कह रहे हैं, आइए जानते हैं…

क्यों जल्दी न आउट करना चूक है?

भारत ने शिवम दुबे से जबरदस्ती दो ओवर करवाए, जबकि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या के एक-एक ओवर बाकी थे। इन दो ओवरों में शिवम दुबे ने 46 रन खर्च कर दिए। उन्हें एक विकेट जरूर मिला, पर टीम मैनेजमेंट का यह फैसला समझ से परे था। जहां टीम इंडिया को रन रोकने थे, वहां जबरदस्ती रन लुटाए गए। अगर यही दो ओवर हार्दिक और बुमराह से कराए जाते तो हो सकता था कि सिर्फ 10-15 रन बनते और भारत की जीत 100+ रन की होती। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ।
टीम इंडिया को इतने बड़े स्कोर के बाद जिम्बाब्वे पर दबाव बनाना चाहिए था, जैसा वेस्टइंडीज ने किया था और 254 के जवाब में 147 रन पर जिम्बाब्वे की पारी को समेट दिया था। तब वेस्टइंडीज ने 107 रन से जीत हासिल की थी और उनका नेट रन रेट +5.35 हो गया था। 110 या 120 रन से जीत भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के मौजूदा नेट रन रेट के करीब या उसके पार ले जा सकती थी। भारत और वेस्टइंडीज , दोनों के अंक फिलहाल दो-दो हैं। पर भारत से रणनीति में भारी चूक हो गई। अब भारत-वेस्टइंडीज नॉकआउट तो है, लेकिन इस नॉकआउट के साथ एक खतरा और है और वह खतरा है-बारिश से मैच धुलने का डर। क्या टीम मैनेजमेंट को इस बारे में नहीं सोचना चाहिए था?

क्यों यह चूक पड़ सकती है भारी?

यह तो तय है कि भारत और वेस्टइंडीज के बीच कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में एक मार्च को जो जितेगा, वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। पर अगर बारिश ने खलल डाला और मैच धुला तो भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। बारिश से बाधित मैच में डकवर्थ लुईस नतीजे के लिए दोनों पारियों में कम से कम पांच-पांच ओवर का खेल जरूरी है। हालांकि, ऐसा संभव नहीं हो पाया और पूरे मैच में बारिश हुई और खेल नहीं हो पाया तो वेस्टइंडीज बेहतर नेट रन रेट के दम पर सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा। इस मैच के लिए कोई रिजर्व डे भी नहीं है। वेस्टइंडीज को मैच खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। दोनों टीमों को एक-एक अंक जरूर मिलेंगे, लेकिन नेट रन रेट नहीं बदलेगा और बेहतर नेट रन रेट के साथ वेस्टइंडीज दक्षिण अफ्रीका के साथ अंतिम-चार में पहुंच जाएगा। यह टीम इंडिया के लिए चिंताजनक है। ऐसे में भारतीय फैंस यही मना रहे होंगे कि मैच में बारिश न हो।

क्या कोलकाता में बारिश की संभावना है?

एक्यूवेदर की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार एक मार्च को कोलकाता का मौसम साफ रह सकता है। दिन में बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं दिख रही है। हालांकि, रात में बारिश की दो प्रतिशत संभावना है। वहीं, 33 प्रतिशत बादल रहने की संभावना है। यह भारतीय फैंस के लिए अच्छी खबर है। फैंस यही मना रहे हैं कि पूरा मैच हो और भारत जीत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करे। पर चिंता की बात तो यह है कि जब जिम्बाब्वे ने इतने रन बनाए हैं, तो वेस्टइंडीज के बल्लेबाज, जो इतने शानदार फॉर्म में चल रहे हैं, वो क्या हश्र करेंगे। वेस्टइंडीज ने गुरुवार को 83 पर सात विकेट गिरने के बाद 176 रन बना दिए थे। टीम इंडिया के कोच और मैनेजमेंट को जल्द से जल्द रणनीति में बदलाव और गेंदबाजी में नए प्लान की जरूरत है।

शराब केस में जांच पर सवाल, जज बोले- त्रुटियों से भरी चार्जशीट चौंकाने वाली

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नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति घोटाला मामले में कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान कहाकि मैं पहली बार ऐसी चार्जशीट देख रहा हूं जिसमें इतनी खामियां हैं. कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी को तथ्य ठीक से रखने चाहिए थे. मैं पहली बार ऐसी चार्जशीट देख रहा हूं, जिसमें इतनी खामियां हैं. कोर्ट ने कहा कि CBI ने जो दस्तावेज दिए वो चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं. देश में सभी नागरिकों को फेयर ट्रायल का हक है.कभी जब आप बहुत फाइलें पढ़ते हैं तो फाइल आपसे बात करने लगती हैं.

कोर्ट ने जांच एजेंसी को डांट लगाते हुए कहा कि मैं पहले दिन से कबूलनामा मांग रहा हूं. लेकिन, चार्जशीट के साथ नहीं दी गई. कोर्ट ने कहा कि स्टार विटनेस की लिस्ट की मांगी की गई थी. कोर्ट की फटकार पर एजेंसी ने कहा कि सील बंद लिफाफे में जानकारी दी गई थी.

स्पेशल जज ने नाराजगी जताई कि अभी तक मुझे कन्फेशनल स्टेटमेंट की कॉपी तक नहीं दी गई. मैं सीबीआई के वकील से ईमानदारी की उम्मीद करता हूं. कोर्ट ने एजेंसी से कहा कि CBI ने सेम चार्जशीट चेन्नई कोर्ट में दाखिल किया था और उसको साउथ लॉबी कहा था , साउथ लॉबी शब्द कहां से आया?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को CBI द्वारा जांच किए गए दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुनाया कि एक्साइज पॉलिसी बनाने में किसी क्रिमिनल साजिश या गलत काम का कोई सबूत नहीं मिला. स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने केजरीवाल को सिसोदिया और कई अन्य लोगों के साथ बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपों में दम नहीं है और कोई क्रिमिनल इरादा साबित नहीं हो सका. इस मामले में केजरीवाल को आरोपी नंबर 18 बनाया गया था.

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नृत्यांगना शक्ति मोहन ने शुरु की वैश्विक सांस्कृतिक यात्रा 

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मुंबई । प्रसिद्ध भारतीय नृत्यांगना शक्ति मोहन ने अपने विशेष यूट्यूब प्रोजेक्ट ‘डांस अक्रॉस द वर्ल्ड’ के जरिए एक वैश्विक सांस्कृतिक यात्रा शुरू की है। यह सफर सिर्फ विभिन्न देशों तक सीमित नहीं, बल्कि अलग-अलग सभ्यताओं और उनकी नृत्य परंपराओं को नए दृष्टिकोण से समझने का प्रयास भी है।  हाल ही में उन्होंने इस प्रोजेक्ट का नया एपिसोड लॉन्च किया, जिसमें वह रूस की प्राचीन और शक्तिशाली लोकनृत्य शैलियों को एक्सप्लोर करती नजर आईं। लॉन्च इवेंट में उनके दोस्तों, परिवार और इंडस्ट्री के लोगों ने इस अनोखे विज़न की सराहना की। 
शक्ति मोहन के मुताबिक यह प्रोजेक्ट उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हजारों साल पुरानी नृत्य शैलियों को आज की युवा पीढ़ी से जोड़ना है, ताकि ये कला रूप जीवित रह सकें। पहले सीजन में वह कई देशों के पारंपरिक नृत्य रूप सीख चुकी हैं और उन्हें अपने दर्शकों तक पहुंचाया है। उनका मानना है कि दुनिया में अनगिनत नृत्य परंपराएं ऐसी हैं जो अपनी सुंदरता के बावजूद धीरे-धीरे गुमनाम होती जा रही हैं। ऐसे समय में जरूरी है कि इन नृत्य शैलियों को आधुनिक मंच और नए अंदाज़ में पेश किया जाए, ताकि युवा उनमें रुचि ले सकें। रूस के लोकनृत्य के अनुभव को उन्होंने अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार अनुभव बताया। भारतीय शास्त्रीय नृत्य विशेषकर भरतनाट्यम से गहरी जुड़ाव रखने वाली शक्ति के लिए रूसी नृत्य बिल्कुल अलग दुनिया था, जिसमें तेज गति, अनोखी तकनीक और चेहरे की भाव-भंगिमाओं का खास महत्व है। 
इन दोनों शैलियों के बीच का अंतर उनके लिए सीखने की प्रक्रिया को और भी रोचक बनाता है। यात्रा के दौरान उन्हें रूसी संस्कृति की गर्मजोशी ने भी प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि एक स्थानीय कोरियोग्राफर उनके समर्पण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें रूसी परंपरा का विशेष हेडगियर भेंट में दिया। उनके लिए यह तोहफा सिर्फ यादगार वस्तु नहीं, बल्कि दो अलग संस्कृतियों के बीच बने सम्मान और जुड़ाव का प्रतीक है। शक्ति मोहन का यह वैश्विक नृत्य सफर साबित करता है कि कला की कोई सीमा नहीं होती। 

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उमंग सिंघार ने लोकायुक्त और CAG रिपोर्ट पर सदन में चर्चा की मांग उठाई

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राजनीति। मध्य प्रदेश विधानसभा में लोकायुक्त और नियंत्रक महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों को लेकर सियासत तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र सौंपकर लोकायुक्त तथा CAG के प्रतिवेदनों पर सदन में चर्चा कराए जाने की मांग की है।

महत्वपूर्ण प्रतिवेदनों पर चर्चा की आवश्यकता

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि लोकायुक्त और Comptroller and Auditor General of India (CAG) द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों पर अब तक विधानसभा में विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि ये प्रतिवेदन शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और संभावित अनियमितताओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं, जिन पर सदन में विचार-विमर्श आवश्यक है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

उमंग सिंघार ने पत्र में आग्रह किया है कि जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही की दृष्टि से इन रिपोर्टों को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया जाए. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायिका की जिम्मेदारी है कि वह लोकायुक्त और CAG जैसी संवैधानिक संस्थाओं की रिपोर्टों पर गंभीरतापूर्वक विचार करे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा

उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन प्रतिवेदनों पर सदन में चर्चा होती है तो न केवल वित्तीय अनुशासन को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होगी. इससे जनता के बीच सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ आधार मिलेगा।

बजट सत्र में टकराव के आसार

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है. अब यह देखना होगा कि विधानसभा अध्यक्ष इस अनुरोध पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या आने वाले दिनों में इन महत्वपूर्ण प्रतिवेदनों पर सदन में चर्चा होती है या नहीं।

आदेश का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही राज्य सरकार हमारे आदेशों का उल्लंघन करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हमने स्पष्ट कर दिया है कि किन दस्तावेजों की जांच की जानी है। हमारे आदेश बिलकुल स्पष्ट हैंसुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बताया गया कि चुनाव आयोग ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में तैनात न्यायिक अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी की कि वह अपने न्यायिक अधिकारियों को जानता है और वे किसी भी चीज से प्रभावित नहीं होंगे।

न्यायिक अधिकारियों के लिए जारी किया प्रशिक्षण मॉड्यूल : बंगाल सरकार

पश्चिम बंगाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने पीठ से कहा, ‘चुनाव आयोग ने पीठ पीछे न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। एक प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उन्हें क्या स्वीकार करना चाहिए और क्या नहीं।’इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राज्य में इस प्रक्रिया के लिए तैनात न्यायिक अधिकारी इस संबंध में फैसले लेंगे। सीजेआई ने कहा, ‘हम इस तरह की बातें बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसका अंत होना चाहिए। हम अपने न्यायिक अधिकारियों को जानते हैं और वे किसी भी चीज से प्रभावित नहीं हो सकते।’ इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किन दस्तावेजों की जांच की जानी है।

हमारे आदेशों से आगे कोई नहीं जाएगा :सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि हमारे आदेश बिलकुल स्पष्ट हैं। पीठ ने कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों से आगे जाएगी।

पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच चल रहे गतिरोध से निराश होकर शीर्ष अदालत ने 20 फरवरी को एक ‘असाधारण’ निर्देश जारी किया। इसमें राज्य में विवादित मतदाता सूचियों की एसआईआर में चुनाव आयोग की सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों को तैनात करने का निर्देश दिया गया।
 

‘अब फिल्मों में होती अधिक इंटिमेसी’, भाग्यश्री ने सिनेमा में बदलाव पर की बात; शादी के बाद नहीं मिलता था काम

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सलमान खान के साथ फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपनी शुरुआत करने वाली भाग्यश्री ने 90 के दशक की फिल्मों और आज की फिल्मों के बीच अंतर को लेकर बात की। उन्होंने मौजूदा वक्त में फिल्मों में अनावश्यक इंटिमेसी दिखाने पर नाराजगी जताई। साथ ही उनका मानना है कि इंटिमेसी के बिना भी फिल्म बनाई जा सकती है और सफल भी हो सकती है।

अब लोगों के पास एंटरटेनमेंट के कई विकल्प हैं

वैरायटी इंडिया के साथ बातचीत के दौरान भाग्यश्री ने 90 के दशक और आज के सिनेमा में आए बदलावों के बारे में बात की। जब उनसे पूछा गया कि आज के सिनेमा में कौन से बदलाव उन्हें पसंद हैं और कौन से नापसंद? इस पर एक्ट्रेस ने कहा कि सिनेमा समाज का प्रतिबिंब है।90 के दशक में यह मनोरंजन का एकमात्र साधन था, परिवार को एक साथ समय बिताने का एकमात्र मौका देने वाला मनोरंजन था। आज परिवार छोटे हो गए हैं, लोग अधिक व्यक्तिवादी हो गए हैं और क्रिएटिव आर्ट के माध्यम भी कई हो गए हैं। इसलिए अब लोगों के पास विकल्प भी बहुत हैं।

इंटिमेसी के बिना भी बन सकती हैं फिल्में

अभिनेत्री का मानना है कि हर तरह के दर्शक को खुश करना अब नामुमकिन हो गया है। फिल्में अलग-अलग गुटों, शैलियों, इंडी फिल्मों, आर्ट फिल्मों आदि में बंट गई हैं। मुझे सच में लगता है कि भले ही अब रियलिस्टिक सिनेमा ज्यादा बनता है।लेकिन ऐसी इंटिमेसी दिखाना जरूरी नहीं है, जिससे आप अपने माता-पिता या बच्चों के साथ बैठकर असहज महसूस करें। कहानियां समाज के प्रति विद्रोह दिखाए बिना भी साहसी, अलग और दिलचस्प हो सकती हैं।

90 के दशक में पेट्रियाकल किरदारों का था बोलबाला

भाग्यश्री ने कहा कि 90 के दशक में कहानियों में पेट्रियाकल किरदारों का बोलबाला था। इससे अभिनेत्रियों के लिए शादी के बाद काम फिल्में करने के मौके कम हो गए थे।हालांकि, अभी भी वर्किंग महिलाएं समाज के लिए एक अवधारणा ही हैं, लेकिन अधिक शिक्षित महिलाओं के आगे आने से महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है। शादी के बाद महिलाओं को पढ़ने और काम करने के लिए प्रेरित करने के लिए पुरुष भी बधाई के पात्र हैं।

‘राजा शिवाजी’ में नजर आएंगी भाग्यश्री

भाग्यश्री ने 1989 में आई फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। सूरज बड़जात्या द्वारा निर्देशित इस फिल्म में सलमान खान प्रमुख भूमिका में थे। शादी के बाद निजी जीवन पर ध्यान देने के लिए उन्होंने इंडस्ट्री से ब्रेक ले लिया। 2003 में उन्होंने ‘मां संतोषी मां’ से बॉलीवुड में वापसी की और बाद में ‘थलाइवी’, ‘राधे श्याम’ और ‘छत्रपति’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अब भाग्यश्री रितेश देशमुख की आगामी फिल्म राजा शिवाजी में नजर आएंगी। यह 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

भाजपा की राष्ट्रीय टीम में बड़े बदलाव की तैयारी, 60 साल से कम उम्र के नेताओं को मिलेगा मौका

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नई दिल्ली। भाजपा (BJP) में नए युवा अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) के आने के बाद संगठन में युवा और नए नेतृत्व को जगह देने की तैयारी शुरू हो गई है। महासचिव और सचिव (General Secretaries and Secretaries) स्तर पर 60 साल से कम उम्र के नेताओं को तरजीह दी जाएगी, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को बनाए रखने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय संगठन में आधे से ज्यादा पदाधिकारियों के बदलाव की संभावना है और इनमें कई नए चेहरे विभिन्न राज्यों से केंद्रीय संगठन में शामिल किए जाएंगे।

नए नेतृत्व में युवा चेहरे
भविष्य की भाजपा को तैयार करने के प्रयास में अध्यक्ष समेत लगभग 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को शामिल करने की योजना है। महासचिव और सचिव स्तर पर उम्र सीमा 60 साल के आसपास रखी जाएगी, लेकिन उपाध्यक्ष स्तर पर कुछ लचीलापन रखा जाएगा ताकि अनुभवी नेताओं को संगठन में शामिल रखा जा सके। मौजूदा टीम के आधे से अधिक पदाधिकारी बदलने की संभावना है, जबकि 60 साल से अधिक उम्र वाले महासचिव और सचिवों को नई भूमिका दी जा सकती है।

पदों की संरचना और महिलाओं की भागीदारी
भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष शामिल होते हैं। सूत्रों के अनुसार, नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी के संविधान में एक तिहाई महिला पदाधिकारियों की आवश्यकता होती है, लेकिन यह केवल राजनाथ सिंह के कार्यकाल में ही संभव हो पाया था। नई टीम में देश के सभी हिस्सों का प्रतिनिधित्व और जातीय व सामाजिक समीकरणों का संतुलन भी रखा जाएगा।

बदलाव पर प्रक्रिया और समय
भाजपा की नई टीम को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा में अभी समय लग सकता है। चूंकि बदलाव व्यापक स्तर पर होंगे, इसलिए कई स्तरों पर चर्चा और विचार-विमर्श अभी बाकी है। संसद सत्र और आगामी चुनावों पर पार्टी का ध्यान अधिक होने के कारण बदलाव की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।