तीन बहनों की मौत से हिला देश

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन नाबालिग लड़कियों ने एक अपार्टमेंट की नौंवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। शुरुआत में लोगों को यह आत्महत्या का एक सामान्य मामला लगा, लेकिन जब पुलिस ने इस जांच की तो सामने आया कि यह आत्महत्या किसी अवसाद या परेशानी के चलते नहीं, बल्कि एक लत की वजह से थी, जिसे छोड़ने के बजाय लड़कियों ने मौत को गले लगाना सही समझा। 

आइये जानते हैं कि गाजियाबाद में तीन लड़कियों की मौत के मामले में पुलिस की जांच अभी कहां तक पहुंची है और इसके पीछे क्या वजह सामने आई है?

गाजियाबाद का यह केस है क्या, बच्चियों की कब-कैसे हुई मौत?

मामला गाजियाबाद के टीलामोड़ थानाक्षेत्र इलाके का है। यहां 3 फरवरी (मंगलवार) देर रात करीब दो बजे तीन नाबालिग लड़कियां अचानक एक अपार्टमेंट के नौंवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट की खिड़की से कूद गईं। जब यह घटना हुई, तब लड़कियों के माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। लड़कियों की उम्र 16, 14 और 12 वर्ष थी। पुलिस जब जांच के लिए पहुंची तो यह साफ नहीं हुआ कि बच्चियों के आत्महत्या की क्या वजह है। इसके बाद उनके परिजनों से पूछताछ शुरू की गई। परिवार के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, ‘रात करीब 2:15 बजे सूचना मिली कि भारत सिटी में 9वीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियां कूद गईं। मौके पर तीन बच्चियों की गिरने के कारण मौत हो गई। तीनों को लोनी के अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। किशोरियों के पिता ऑनलाइन ट्रेडिंग का करते हैं और तीन वर्ष से भारत सिटी सोसायटी में किराये पर रह रहे हैं, मूल रूप से दिल्ली निवासी हैं।’ 

कैसे पता चला लड़कियों ने आत्महत्या की?

पुलिस ने जब घटनास्थल की छानबीन की तो उसे किशोरियों के कमरे से आठ पन्ने का एक कथित सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट में बच्चियों की हैडराइटिंग में सुसाइड करने के लिए अपने माता-पिता से माफी मांगी गई है। इसमें लिखा है- ‘इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। आई एम सॉरी, पापा।’ सुसाइड नोट में एक इमोजी भी बना है, जिसमें एक लड़की रोते हुए दिखाई गई है।’

‘पापा सॉरी…’, रोती हुई इमोजी के साथ पत्र में ‘डायरी’ का जिक्र; गाजियाबाद की तीन बहनों की सुसाइड की कहानी

गाजियाबाद के डीसीपी निमिष पाटिल ने कहा, “अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चियों ने आत्महत्या की है। हमें एक नोट भी प्राप्त हुआ है, जिसकी आधिकारिक जांच की जा रही है। जांच में किसी एप का नाम नहीं है, लेकिन नोट में लिखा है कि लड़कियां कोरियन कल्चर से प्रभावित थीं। उसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है। लड़कियों के पिता की दो शादियां हुई थी, इनकी माएं अलग-अलग हैं।” 

जांच में कैसे जुड़ा कोरियाई गेम की लत का एंगल?

एसीपी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में लड़कियों के एक कोरियाई टास्क-आधारित इंटरएक्टिव- ‘लव गेम’ की लत में पड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने बताया कि लड़कियों को ऑनलाइन गेमिंग की लत कोरोनावायरस महामारी में लगे लॉकडाउन के दौरान लगी थी। तीनों बहनें साथ ही कोरियाई गेम खेलती थीं। धीरे-धीरे वे हर काम एक साथ करने लगीं थीं। नहाने से लेकर खाना-पीना, सोना और स्कूल जाने तक। पुलिस के मुताबिक, “लड़कियों के माता-पिता ने भी उनके मोबाइल फोन की लत को लेकर हाल के दिनों में नाराजगी जताई थी। परिवारवालों ने उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, इससे वे लड़कियां काफी व्यथित थीं और हो सकता है कि इस नाराजगी से ही उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया हो।” डीसीपी पाटिल के मुताबिक, इस गेम का असर इतना था कि लड़कियों की शिक्षा तक अनियमित हो गई थी। तीनों लड़कियां दो साल से स्कूल नहीं गई थीं। यहां तक कि पहले भी पढ़ाई में उनका प्रदर्शन लगातार खराब हो रहा था। उन्होंने कहा अभी यह साफ नहीं है कि मोबाइल फोन और गेमिंग की लत उन्हें कब लगी। हालांकि, यह तय है कि वे मोबाइल फोन के इस्तेमाल की पूरी तरह लती थीं। 

क्या है लव गेम, जिसकी लत लगने की आशंका?

पुलिस को आशंका है कि लड़कियों को कोरियन लव गेम की लत थी। यह एक ऑनलाइन, टास्क-आधारित इंटरैक्टिव गेम है, जिसमें खिलाड़ी एक वर्चुअल पार्टनर के साथ जुड़ते हैं। इस गेम में खिलाड़ी एक वर्चुअल साथी चुनते हैं, जो उनसे कोरियन भाषा में बात करता है, प्यार भरे संदेश भेजता है और उन्हें रोजाना नए काम (टास्क) सौंपता है। यह गेम मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से फैलता है।

इसकी लत क्यों लग जाती है?

भावनात्मक जुड़ाव: खिलाड़ी अपने वर्चुअल पार्टनर के साथ एक फैंटेसी दुनिया में जीने लगते हैं। गाजियाबाद की घटना में लड़कियों ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि ‘कोरिया ही हमारी जिंदगी है’, जो उनके गहरे मानसिक जुड़ाव को दर्शाता है।
पहचान का बदलना: अत्यधिक लत के कारण खिलाड़ी अपनी भारतीय पहचान को भूलकर खुद को कोरियन मानने लगते हैं। वे अपने कोरियन नाम भी रख लेते हैं।
दबाव और धमकियां: जैसे-जैसे गेम आगे बढ़ता है, टास्क कठिन और व्यक्तिगत होते जाते हैं। कुछ मामलों में, निर्देशों को न मानने पर खिलाड़ियों को धमकाया भी जाता है, जिससे वे मानसिक तनाव और दबाव में आ जाते हैं।

कितना बड़ा खतरा हो सकता है ये गेम?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विशेषज्ञ और पुलिस इस गेम की तुलना कुख्यात ब्लू व्हेल चैलेंज से कर रहे हैं, जो कि 2016-18 के बीच काफी वायरल हुआ था। तब कई रिपोर्ट्स से सामने आया था कि बच्चों ने कथित तौर पर इस गेम के टास्क पूरे करने के दौरान मौत तक को गले लगा लिया।दरअसल, इस तरह के गेम शुरुआती आसान कामों के बाद, बाद के टास्क जोखिम भरे या हानिकारक हो सकते हैं। इतना ही नहीं इसकी लत लगने पर बच्चे अपने दूसरे काम, जैसे- पढ़ाई, स्कूल जाना और खेल खेलना तक छोड़ देते हैं और परिवार से कटने लगते हैं।
 

संसद के गेट पर सियासी टकराव, राहुल गांधी ने बिट्टू को कहा ‘गद्दार दोस्त

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 नई दिल्ली।  संसद पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू आपस में ही भिड़ गए. जहां राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहा तो वहीं रवनीत ने राहुल पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘देश के दुश्मनों’ से कोई लेना-देना नहीं है. यह बातचीत उस दौरान हुई, जब राहुल गांधी समेत कई कांग्रेसी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी बीच बगल से रवनीत सिंह बिट्टू निकल रहे थे. राहुल गांधी ने उनसे हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ाया लेकिन रवनीत ने हाथ नहीं मिलाया. इस दौरान दोनों के बीच जुबानी जंग देखने को मिली. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि प्रदर्शन के दौरान बगल से निकल रहे केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से हाथ मिलाने के लिए राहुल गांधी आगे बढ़ाते हैं. लेकिन रवनीत ने हाथ नहीं मिलाया. इस दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों की तारीफ करते हुए रवनीत बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ बोल दिया. यह सुनकर रवनीत बिट्टू ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ‘देश के दुश्मनों’ से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच जुबानी जंग देखने को मिली है. इससे पहले भी कई बार दोनों के बीच कहासुनी हो चुकी है।

कांग्रेसी सांसद क्यों कर रहे प्रदर्शन?

संसद में कार्यवाही के दौरान कुछ सांसदों ने स्पीकर पर पेपर उछाल दिए. इस दौरान स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया. निलंबन के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्ष के सांसदों ने संसद के बाहर विरोध करना शुरू कर दिया. स्पीकर ने कांग्रेस के सांसद हिबी ईडन, मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस को निलंबित किया है।

कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?

रवनीत सिंह बिट्टू वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं. बिट्टू कांग्रेस पार्टी से भी 3 बार सांसद रह चुके हैं, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ज्वाइन कर लिया. हालांकि उन्हें इस चुनाव में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से करारी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें केंद्रीय मंत्री बना दिया. बिट्टू के पास रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी है।

रोहित-कोहली को 2027 वर्ल्ड कप में मौका मिलना चाहिए? MS Dhoni का जवाब हो गया वायरल

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MS Dhoni On Rohi-Virat: 7 फरवरी से भारत-श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप खेला जाना है. भारत इस फॉर्मैट में डिफेंडिंग चैंपियन है और कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टीम इंडिया खिताब बचाने उतरेगी. इस वर्ल्ड के साथ ही फैंस का ध्यान 2027 के वर्ल्ड कप पर भी है और उनके जेहन में एक ही सवाल है कि क्या 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को मिलेगी या नहीं? भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जब ये सवाल किया गया तो उनका जवाब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है.

उम्र टीम में चयन का पैमाना नहीं- धोनी
दरअसल, धोनी से एक प्रोग्राम के दौरान पूछा गया कि क्या रोहित-कोहली को 2027 के वर्ल्ड कप के लिए टीम में जगह मिलनी चाहिए? इस पर धोनी ने कहा, क्यों नहीं…इसके बाद धोनी ने अपनी बात रखते हुए बताया कि टीम में सिलेक्शन का पैमाना क्या होना चाहिए. धोनी ने कहा, “मेरे मुताबिक उम्र कोई पैमाना नहीं है, हां..प्रदर्शन और फिटनेस पैमाना जरूर है. मुझे लगता है कि किसी को कुछ भी बोलने की जरूरत नहीं है. लेकिन एक चीज स्पष्ट है कि सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए.”

आपको अनुभवी लोग कैसे मिलेंगे?- माही
भारतीय टीम को तीन आईसीसी टूर्नामेंट्स में जीत दिलाने वाले पूर्व कप्तान ने कहा,” निश्चित तौर पर उम्र पैमाना नहीं होना चाहिए. अगर आप 22 साल के हैं और फिट नहीं है तो फिर आप उस लायक नहीं हैं. अगर कोई 30 साल का हो गया है, तो हम ये तय नहीं कर सकते हैं कि वे खेलेंगे या नहीं… ये उनको तय करना होगा. अगर वे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और देश के लिए अच्छा करने का चाह रखते हैं तो क्यों नहीं खेलना चाहिए. फिर आपको अनुभवी लोग कैसे मिलेंगे. आप 20 साल के खिलाड़ी से वो उम्मीद नहीं कर सकते हैं, अगर वो सचिन तेंदुलकर नहीं है तो…अगर कोई परफॉर्म कर रहा है तो टीम में रहेगा… वरना नहीं.”

गरजा है रोहित-कोहली का बल्ला
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की थी. वहीं कोहली ने तीसरे मुकाबले में 74 रन की पारी खेली थी. कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में दो शतक और एक अर्ध शतक जड़ा था. इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी कोहली का बल्ला जमकर बोला था.

इसी तरह, रोहित शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में रन बनाए थे. दोनों खिलाड़ियों ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी शतक जड़ा था. ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें वर्ल्ड कप के लिए टीम में शामिल न करने का फैसला आसान नहीं होगा. हालांकि, अभी वर्ल्ड कप में एक साल से अधिक का वक्त है लेकिन दोनों खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अक्सर ही बातें होती रहती हैं.

बंगाल SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी, ममता मौजूद

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सुप्रीम कोर्ट में आज पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सुनवाई हो रही है। इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वकीलों के बीच मौजूद हैं। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ कर रही है।मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल के अपने दो साथी न्यायाधीशों से जानकारी मिली, जिन्होंने पास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया समझाई और इसी समझ के आधार पर इस मुद्दे को शामिल किया गया। मामले में सीएम ममता बनर्जी का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने बताया कि न्यायालय ने पहले तार्किक विसंगतियों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था।

32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं- बंगाल सरकार

अधिवक्ता श्याम दीवान ने न्यायालय से याचिकाकर्ता के संक्षिप्त नोट पर विचार करने का आग्रह किया और बताया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए केवल चार दिन शेष हैं। उन्होंने कहा कि 32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं हैं, 1.36 करोड़ नाम तार्किक विसंगति सूची में हैं, और 63 लाख मामलों की सुनवाई अभी लंबित है। उन्होंने यह भी बताया कि 8,300 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है, जो संविधान के तहत परिकल्पित श्रेणी नहीं है। दीवान ने आगे कहा कि निवास प्रमाण पत्र, आधार और ओबीसी प्रमाण पत्र सहित कई स्वीकृत दस्तावेजों को अस्वीकार किया जा रहा है, जिससे लोगों को चार से पांच घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीएम ममता बनर्जी

ECI के SIR से जुड़े आदेश रद्द करने की मांग

अपनी याचिका में, प्रशिक्षित अधिवक्ता ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा 24 जून, 2025 और 27 अक्तूबर, 2025 को जारी किए गए सभी एसआईआर संबंधी आदेशों और उनसे जुड़े सभी निर्देशों को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग को आगामी विधानसभा चुनाव अपरिवर्तित 2025 मतदाता सूची के आधार पर कराने का निर्देश देने के लिए परमादेश याचिका भी दायर की है। उनका तर्क है कि एसआईआर का 2002 की आधारभूत सूची पर निर्भरता और इसकी कठिन सत्यापन प्रक्रिया वास्तविक मतदाताओं के मतदान अधिकारों के लिए खतरा है।
 
टीएमसी सांसदों की याचिका पर सुनवाई आज

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ मोस्तरी बानू और टीएमसी सांसदों डेरेक ओ ब्रायन व डोला सेन की तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ममता ने अलग से एक याचिका दाखिल की है।

पांचवें दिन ‘मर्दानी 2’ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई ‘मर्दानी 3’, बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ ने बनाई मौजूदगी

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इन दिनों सिनेमाघरों में कई फिल्में लोगों का मनोरंजन कर रही हैं। इनमें ‘बॉर्डर 2’, ‘मर्दानी 3’ और ‘मयसभा’ शामिल हैं। ‘बॉर्डर 2’ 300 करोड़ क्लब की तरफ बढ़ रही है। वहीं ‘मर्दानी 3’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी बनाए हुए है। आइए जानते हैं पांचवें दिन ‘मयसभा’ ने कितना कलेक्शन क्या है?

‘मर्दानी 3’ का कलेक्शन

रानी मुखर्जी की अदाकारी वाली फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने पांचवें दिन यानी मंगलवार को 2.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। सोमवार को इसने 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वीकएंड के बाद इस फिल्म का कलेक्शन घटा है। रविवार को इसने 7.25 करोड़ रुपये की कमाई की थी। फिल्म का टोटल कलेक्शन 22.25 करोड़ रुपये हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म का बजट 52 करोड़ रुपये है।

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मर्दानी फ्रेंचाइजी का पांचवें दिन का कलेक्शन

बॉक्स ऑफिस पर पांचवें दिन ‘मर्दानी’ (2014) ने 2.22 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। ‘मर्दानी 2’ (2019) ने पांचवें दिन बॉक्स ऑफिस पर 2.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। ‘मर्दानी 3’ ने पांचवें दिन 2.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। इस तरह से देखें तो पांचवें दिन ‘मर्दानी 3’, ‘मर्दानी 2’ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई है।

‘बॉर्डर 2’ का कलेक्शन

सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने बारहवें दिन यानी मंगलवार को 5.75 करोड़ रुपये की कमाई की है। सोमवार को भी फिल्म का कलेक्शन 5.75 करोड़ रुपये था। वीकएंड के बाद फिल्म के कलेक्शन में भारी गिरावट आई है। रविवार को फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 22.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। सैकनिल्क के मुताबिक इसका टोटल कलेक्शन 286.75 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि सोमवार को मेकर्स ने दावा किया था फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

‘मयसभा’ का कलेक्शन

अभिनेता जावेद जाफरी की अदाकारी वाली फिल्म ‘मयसभा’ की रिलीज को आज छह दिन हो चुके हैं। फिल्म ने पांचवें दिन महज 7 लाख रुपये का कलेक्शन किया है। सोमवार को फिल्म ने 6 लाख रुपये का कलेक्शन किया था। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने अब तक 73 लाख रुपये का कलेक्शन किया है। इसके निर्देशक राही अनिल बर्वे हैं।

अजित पवार ने प्लेन क्रैश से पहले किसे किया आखिरी कॉल?

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मुंबई।  महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बारामती में विमान हादसे में निधन हो गया था. अब कथित रूप से उनका एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अंतिम बार विमान के अंदर से ही अपने भतीजे श्रीजीत पवार को फोन किया था. जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र जिला परिषद के चुनाव का जिक्र करते हुए बातचीत की थी।

क्या हुई बातचीत?

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अजित पवार और उनके भतीजे श्रीजीत पवार के बीच की बातचीत है. फोन पर अजित पवार कहते हैं, “Hello अरे बाबा दिगंबर दुर्गाडे कई वर्षों से माली समाज के व्यक्ति है, जिन्हें जिला बैंक का चेयरमैन मैंने बनाया है. पूरे जिला बैंक का. ये बैंक तो छोटी सी है आपको कोई जानकारी नहीं होती कुछ नहीं होता.” इस दौरान भतीजे श्रीजीत पवार बोले, “नहीं, मुझे जो जानकारी थी वो मैंने कहा दादा.” तब अजित पवार कहते हैं, “हम भी सभी जाति धर्म को साथ लेकर जाते हैं बेटा. यह ठीक है, लेकिन मैंने सुपे ग्रुप से माली समाज को जिला परिषद की उम्मीदवारी दी है, OBC रिजर्वेशन था. जबकि किसी और ने ऐसा नहीं किया.” इस दौरान भतीजे श्रीजीत ने कहा कि दादा, जो भी फैसला आप लेगें, वही फाइनल होगा. इसके बाद फोन रख दिए. फिलहाल, इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करते हैं।

28 जनवरी को विमान हादसे में गई जान

अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता थे. वे महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया थे. अजित पवार का 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जाते समय विमान हादसे में निधन हो गया था. अब उनके अंतिम पलों में भतीजे से बात करने का एक ऑडियो वायरल हुआ है. इस दौरान भी वे सभी जातियों और समुदायों को एक साथ जोड़ने की बात कह रहे हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अजित पवार अपने प्रदेश के लोगों को लेकर कितने चिंतित रहते थे. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया है. सुनेत्रा राज्यसभा सांसद थीं. अब उनके डिप्टी सीएम बनने के बाद राज्यसभा की सीट खाली हो गई है. माना जा रहा है कि बड़े बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजा जाएगा. पार्थ पवार एक बार लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

अब तो भगोड़े ललित मोदी ने भी PAK को लताड़ा, कहा- राजनीति के दबाव में लिए फैसलों से क्रिकेट को नुकसान

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आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पैदा हुआ विवाद अब सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रहा है। पाकिस्तान द्वारा ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने पर पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ललित मोदी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और उसके अध्यक्ष ट्रॉफी चोर मोहसिन नकवी को भी लताड़ा है। उनका साफ कहना है कि जब खेल में राजनीति घुसती है, तो नुकसान क्रिकेट का होता है और फायदा सिर्फ फ्रेंचाइजी क्रिकेट को।

ललित मोदी का सीधा आरोप

आईएएनएस से बातचीत में ललित मोदी ने पाकिस्तान के फैसले की आलोचना करते हुए कहा, ‘क्रिकेट मैदान में तय होने के लिए बना है, बोर्डरूम या बहिष्कार के जरिए नहीं। जब राजनीति खेल में घुसती है, तो खेल हारता है, लेकिन फैंस हमेशा याद रखते हैं कि किसने प्रतिस्पर्धा का साथ दिया।’ उनका मानना है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले जैसे हाई-वोल्टेज मैच क्रिकेट की आत्मा हैं और ऐसे मुकाबलों से पीछे हटना खेल भावना के खिलाफ है।

चयनात्मक बहिष्कार पर उठे सवाल

पाकिस्तान ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत के खिलाफ मैच से हटने का फैसला किया है, जो सरकारी निर्देशों के बाद लिया गया बताया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में हिस्सा लेगा। यह चयनात्मक बहिष्कार कई सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता को विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी टक्कर माना जाता है।

आईसीसी और अंक तालिका पर असर

इस पूरे घटनाक्रम के बाद आईसीसी स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा कर रही है। टूर्नामेंट नियमों के मुताबिक, किसी टीम के मैच से हटने पर विरोधी टीम को अंक मिल सकते हैं। ऐसे में अगर बहिष्कार कायम रहता है, तो भारत को बिना खेले अंक मिलना लगभग तय है, जिससे ग्रुप की तस्वीर शुरुआत में ही बदल सकती है। साथ ही आईसीसी पीसीबी पर बड़ी कार्रवाई भी कर सकता है। मैच का बहिष्कार करने पर पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान होना तय माना जा रहा है। स्पॉनर्स और स्टेकहोल्डर्स को हुए नुकसान की भरपाई आईसीसी पीसीबी से कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

आईपीएल क्यों बन रहा है सबसे बड़ा विजेता?

ललित मोदी ने चेतावनी दी कि इसका असर भविष्य में और गहरा हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘द्विपक्षीय मैचों के ब्रॉडकास्ट राइट्स और आईसीसी की भविष्य की कमाई पर सवाल उठेंगे। ब्रॉडकास्टर्स ऊंची बोली लगाने से हिचकेंगे। इस पूरे हालात में अगर कोई फायदा उठाएगा, तो वह सिर्फ आईपीएल होगा।’ उनके अनुसार, फ्रेंचाइजी क्रिकेट पहले ही दुनिया भर में केंद्र में आ चुका है।

आईपीएल बनाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट

ललित मोदी ने आगे कहा, ‘आईपीएल अब साल का सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट बन चुका है, जो खिलाड़ियों और फैंस, दोनों को दुनियाभर में रोमांचित करता है। ब्रॉडकास्टिंग के लिहाज से भी यह सबसे परफेक्ट प्रोडक्ट है।’ इस बयान ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट धीरे-धीरे फ्रेंचाइजी लीग्स के आगे फीका पड़ रहा है।

फैंस और पूर्व खिलाड़ियों की निराशा

भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के पूर्व खिलाड़ी और फैंस इस फैसले से निराश हैं। उनका मानना है कि भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भावनाओं, इतिहास और प्रतिस्पर्धा का संगम होता है, जिसे राजनीति की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। 

सहारा मीडिया से सुमित राय की विदाई, कर्मचारियों की बड़ी जीत!

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लखनऊ/नई दिल्ली। सहारा इंडिया परिवार में एक अहम प्रशासनिक बदलाव के तहत सहारा मीडिया के हेड और सीईओ सुमित राय को उनके पद से हटाकर सहारा इंडिया के कमांड ऑफिस, लखनऊ में अटैच कर दिया गया है। इस आदेश के बाद सहारा मीडिया कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है और इसे कर्मचारियों के लंबे आंदोलन की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। सहारा इंडिया की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, सुमित राय (Executive Director, SIMC Delhi/NCR) को तत्काल प्रभाव से कॉरपोरेट HR, लखनऊ के अधीन कर दिया गया है और उन्हें तीन दिन के भीतर लखनऊ में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। अटैचमेंट की अवधि के दौरान वे एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आर.एस. दूबे को रिपोर्ट करेंगे। यह आदेश उच्च प्रबंधन की स्वीकृति से जारी किया गया है।

कर्मचारियों के आंदोलन से जुड़ा मामला

सहारा मीडिया के कर्मचारियों का बीते कई महीनों से नई दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, वाराणसी, पटना और देहरादून में लगातार आंदोलन चल रहा था। कर्मचारियों की प्रमुख मांग थी कि उन्हें सीधे सहारा इंडिया के शीर्ष प्रबंधन से बातचीत का मौका मिले और उनके लंबित मुद्दों—जैसे वेतन, सर्विस कंडीशन और भविष्य की भूमिका—पर स्पष्ट निर्णय हो। मीडियाकर्मियों का आरोप रहा है कि सुमित राय मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच एक बड़ी बाधा बने हुए थे और कर्मचारियों की बात उच्च प्रबंधन तक ठीक से नहीं पहुंचने दे रहे थे। इसी कारण उन्हें हटाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

क्यों हटाए गए सुमित राय? दो तरह के दावे

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर फिलहाल दो तरह की बातें सामने आ रही हैं

पहला दावा यह है कि कर्मचारियों के लगातार आंदोलन और दबाव के चलते उच्च प्रबंधन ने सुमित राय को सहारा मीडिया से हटाकर कमांड ऑफिस लखनऊ अटैच कर दिया।

दूसरा दावा यह है कि खुद सुमित राय ने आंदोलन से परेशान होकर उच्च प्रबंधन से अनुरोध किया और स्वेच्छा से सहारा इंडिया में अटैच होने की मांग की।
हालांकि, सहारा प्रबंधन की ओर से अभी तक इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।

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कर्मचारियों में खुशी, मैनेजमेंट से सीधी बात का रास्ता खुला

सहारा मीडिया कर्मचारियों का कहना है कि सुमित राय के हटने के बाद अब वे सीधे सहारा इंडिया के शीर्ष प्रबंधन से संवाद कर सकेंगे। कर्मचारियों के अनुसार, यह फैसला सिर्फ एक व्यक्ति के ट्रांसफर का नहीं, बल्कि पूरे मीडिया यूनिट के भविष्य से जुड़ा अहम मोड़ है। कर्मचारियों ने इसे “बड़ी संस्थागत जीत” बताया है और कहा है कि अब उनकी समस्याएं बिना किसी फिल्टर के सीधे मैनेजमेंट तक पहुंचेंगी।

अगला मीडिया हेड कौन?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि सहारा मीडिया का अगला हेड कौन होगा। इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, सहारा प्रबंधन जल्द ही मीडिया यूनिट के लिए नया नेतृत्व तय कर सकता है। कुल मिलाकर, सुमित राय को सहारा मीडिया से हटाकर लखनऊ कमांड ऑफिस भेजा जाना न सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला है, बल्कि इसे सहारा मीडिया के इतिहास में कर्मचारियों के आंदोलन से जुड़ा एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

फिल्म ‘वाराणसी’ को हां करने से पहले प्रियंका चोपड़ा ने रखी थी ये शर्त, महेश बाबू हुए थे हैरान

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प्रियंका चोपड़ा अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर चर्चा में हैं। वह सात साल बाद इंडियन सिनेमा में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि एसएस राजामौली को फिल्म के लिए हां कहने से पहले उनकी एक शर्त थी। महेश बाबू ने इस शर्त पर रिएक्शन दिया है।सिनेमा ब्लेंड से बातचीत में प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने एसएस राजामौली से वाराणसी में उन्हें डांस करवाने की रिक्वेस्ट की थी। उन्होंने कहा ‘तो, मैंने लगभग छह साल से कोई भारतीय फिल्म नहीं की है। तो जब राजामौली ने मुझे कॉल किया और वह बोले, ‘क्या तुम्हें पता है कि यह फीमेल कैरेक्टर सच में बहुत कूल है? तुम्हें यह करना ही होगा,’ इस पर मैंने कहा कि मेरी एक रिक्वेस्ट है। क्या आप मुझसे डांस करवाएंगे? क्योंकि मैंने लंबे समय से डांस नहीं किया है। हालांकि, मुझे इसके बारे में पूछना ही नहीं चाहिए था, क्योंकि फिल्म में डांस है। इस पर महेश बाबू ने कहा, ‘यह तुम्हारी वजह से है। तुम्हारी वजह से मुझे भी डांस करना पड़ेगा।’

महेश बाबू क्या बोले?

फिल्म में डांस को लेकर महेश बाबू ने कहा ‘यह जबरदस्त है। मुझे लगता है कि हमने फिल्म के लिए एक गाना पहले ही शूट कर लिया है। वह हमारे दिमाग में बार-बार बजता रहता है। प्रियंका इसे हर वक्त गाती रहती हैं। फिल्म में गाना इसलिए लिया गया क्योंकि वह डांस करना चाहती थीं।’

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कब रिलीज होगी ‘वाराणसी’?

आपको बता दें कि फिल्म ‘वाराणसी’ एक एक्शन-एडवेंचर फिल्म है। निर्देशक एसएस राजामौली ने बताय है कि फिल्म के एक सीक्वेंस में महेश बाबू भगवान राम का रोल निभाते नजर आएंगे। यह फिल्म अप्रैल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसमें प्रियंका चोपड़ा के अलावा महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन होंगे।

पिछले 27 महीनों में 1081 छक्के लगाए, हर 10वीं गेंद पर जड़ा सिक्स

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भारतीय टीम के सामने आगामी टी20 विश्व कप में दो बड़े लक्ष्य हैं। पहला खिताब का बचाव करने वाली पहली टीम बनने का और दूसरा तीन बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का। सूर्यकुमार यादव की अगुआई में टीम इंडिया इन दो लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उतरेगी। आंकड़े भी बताते हैं कि भारत में वो दमखम है, जिससे टीम खिताब का बचाव करने में सफल रह सकती है।अक्तूबक 2023 से अब तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन सिर्फ शानदार नहीं, बल्कि दबदबा कायम करने वाला रहा है। इस अवधि में भारत ने 48 मुकाबले जीते और सिर्फ आठ हारे हैं। सुपर ओवर को अलग कर दें तो भारत 3-0 से वहां भी अजेय रहा है।इसका सीधा संदेश है कि टीम इंडिया सिर्फ मैच नहीं जीत रही, बल्कि मैचों को नियंत्रित भी कर रही है। ऑस्ट्रेलिया इस दौरान दूसरी सबसे सफल टीम रही है, लेकिन 28 जीत और 13 हार का उनका रिकॉर्ड भारत से काफी पीछे है। यही अंतर भारत को बाकी टीमों से अलग करता है।
 
रनरेट और 200+ स्कोर: भारत सबसे आगे

भारत की बल्लेबाजी की असली पहचान उसके रनरेट और बड़े स्कोर हैं। 9.69 का औसत रनरेट और 62 मैचों में 20 बार 200 से ज्यादा रन, ये आंकड़े बताते हैं कि भारत अब हर मैच में विपक्षी गेंदबाजी पर हावी रहने की मानसिकता के साथ उतरता है।

टी20 अंतरराष्ट्रीय में रनरेट और 200+ स्कोर

(अक्तूबर 2023 से जनवरी 2026 तक)

टीम    मैच    रन रेट    200+ स्कोर
भारत    62    9.69    20
इंग्लैंड    38    9.67    6
ऑस्ट्रेलिया    44    9.55    8
वेस्टइंडीज    61    8.87    13
न्यूजीलैंड    51    8.79    10
दक्षिण अफ्रीका    46    8.40    6
पाकिस्तान    68    8.20    6
जिम्बाब्वे    63    8.14    10
श्रीलंका    44    8.02    5
अफगानिस्तान    44    7.76    4

न्यूजीलैंड सीरीज ने दिखाया भारत का असली रूप

हालिया न्यूजीलैंड सीरीज में भारत ने पांच पारियों में तीन बार 200 से ज्यादा रन बनाए, जिसमें 271 रन का विशाल स्कोर भी शामिल था। इतना ही नहीं, तीसरे मैच में 154 रन का लक्ष्य सिर्फ 10 ओवर में हासिल कर लिया। इस सीरीज में भारत का रनरेट 12.35 रहा, जो टॉप टीमों के खिलाफ खेली गई किसी भी टी20 सीरीज में दूसरा सर्वश्रेष्ठ है।

टीम इंडिया की बल्लेबाजी गेंदबाजों के लिए डर

अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह, यह बल्लेबाजी क्रम सिर्फ गहराई वाला नहीं, बल्कि हर ओवर में मैच बदलने की क्षमता रखता है। भले ही संजू सैमसन फॉर्म से जूझ रहे हों, लेकिन बाकी बल्लेबाज इस कमी को पूरी तरह ढक देते हैं।

छक्कों में भारत का दबदबा

टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल खिलाड़ियों के आंकड़े देखें तो भारत के बल्लेबाजों ने अक्तूबर 2023 से अब तक 1081 छक्के लगाए हैं। भारतीय बल्लेबाज हर 10.99 गेंद में एक छक्का लगा रहे हैं। यह सभी टीमों में सबसे बेहतर है।

प्रमुख टीमों का छक्कों का तुलनात्मक आंकड़ा

(अक्तूबर 2023 से जनवरी 2026 तक)

टीम    कुल छक्के    गेंद प्रति छक्का
भारत    1081    10.99
ऑस्ट्रेलिया    872    11.72
वेस्टइंडीज    1198    12.18
दक्षिण अफ्रीका    915    13.54
न्यूजीलैंड    770    14.39
इंग्लैंड    909    14.81
अफगानिस्तान    781    15.38
पाकिस्तान    771    16.50
श्रीलंका    482    17.78

नोट: यह आंकड़े टी20 वर्ल्ड कप 2026

में शामिल बल्लेबाजों को मिलाकर हैं।

अभिषेक शर्मा: छक्कों का बादशाह

व्यक्तिगत स्तर पर अभिषेक शर्मा इस दौर के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। उन्होंने 249 छक्के लगाए हैं, जो कि सबसे ज्यादा है। अभिषेक ने हर 6.78 गेंदों में एक छक्का लगाया और 200+ का स्ट्राइक रेट उन्हें बाकी सभी से अलग बनाता है। अभिषेक के अलावा ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे भी हर 11 गेंदों से कम में छक्का लगाने वालों की सूची में हैं, जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए बुरा सपना है।

सभी टी20 मिलाकर सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज

(अक्तूबर 2023 से जनवरी 2026 तक)

बल्लेबाज    छक्के    गेंद प्रति छक्का    स्ट्राइक रेट
अभिषेक शर्मा    249    6.78    201.30
फिन एलन    179    6.89    184.68
डेवाल्ड ब्रेविस    153    7.88    162.32
रोमारियो शेफर्ड    116    8.59    160.24
ग्लेन मैक्सवेल    126    8.70    166.51
राशिद खान    58    8.86    152.14
टिम डेविड    160    8.89    160.44
जेसन होल्डर    84    9.32    154.66
ईशान किशन    101    9.64    172.18

नोट: यह आंकड़े टी20 वर्ल्ड कप 2026

में शामिल बल्लेबाजों के हैं। न्यूनतम 30 छक्के

लगाने वाले बल्लेबाज शामिल।

10+ छक्कों वाली पारियां: भारत सबसे आगे

अक्तूबर 2023 के बाद भारत के बल्लेबाजों ने नौ बार किसी एक पारी में 10 या उससे ज्यादा छक्के लगाए हैं। किसी भी दूसरी टीम का आंकड़ा तीन से ज्यादा नहीं। अभिषेक शर्मा अकेले ही चार बार यह कारनामा कर चुके हैं, जो किसी भी अन्य पूरी टीम से ज्यादा है।

10+ छक्कों वाली पारियां (टीम अनुसार)
टीम    कितनी पारियां
भारत    9
इंग्लैंड    3
ऑस्ट्रेलिया    3
न्यूजीलैंड    3
दक्षिण अफ्रीका    2
पाकिस्तान    2

नोट: यह आंकड़े टी20 वर्ल्ड कप 2026

में शामिल बल्लेबाजों को मिलाकर हैं।

(अक्तूबर 2023 से जनवरी 2026 तक)

10+ छक्कों की पारियां (खिलाड़ी अनुसार)

खिलाड़ी    कितनी पारियां
अभिषेक शर्मा    4
तिलक वर्मा    2
ईशान किशन    2
ग्लेन मैक्सवेल    2
फिन एलेन    2

नोट: यह आंकड़े टी20 वर्ल्ड कप 2026

में शामिल बल्लेबाजों के हैं।

(अक्तूबर 2023 से जनवरी 2026 तक)

विपक्षी टीमों के लिए चेतावनी

फिन एलेन, डेवाल्ड ब्रेविस, मैक्सवेल जैसे खिलाड़ी चुनौती देंगे, लेकिन आंकड़े साफ बताते हैं कि भारत को रोकना ही अन्य टीमों के लिए टूर्नामेंट की सबसे बड़ी चुनौती होगी।