बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारत में सोशल मीडिया बैन की मांग बढ़ी, वैश्विक रुझान का असर

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नई दिल्ली। भारतीय प्रधानमंत्री(Indian Prime Minister) नरेंद्र मोदी(Narendra Modi’s) के सहयोगी दल के सांसद एल.एस.के. देवरायलु(MP L.S.K. Devarayalu) ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया(social media) पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना और चलाना प्रतिबंधित किया जाएगा।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया(Australia) ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है, और फ्रांस(France), ब्रिटेन(UK), डेनमार्क(Denmark), ग्रीस(Greece), जर्मनी(Germany,) समेत कई देशों में इस मुद्दे पर बहस चल रही है।

देवरायलु का कहना है कि भारत युवा यूजर्स के डेटा का बड़ा स्रोत है और विदेशी कंपनियां इसी डेटा के आधार पर उन्नत एआई सिस्टम बना रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर की उम्र सत्यापित करने की पूरी जिम्मेदारी देने की मांग की है।

 

रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्ताव 15 पन्नों का “सोशल मीडिया (आयु प्रतिबंध और ऑनलाइन सुरक्षा) बिल” है, जो प्राइवेट मेंबर्स बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। बिल के अनुसार 16 साल से कम उम्र के किसी भी किशोर को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने, बनाए रखने या चलाने की अनुमति नहीं होगी, और ऐसे अकाउंट को निष्क्रिय किया जाना चाहिए।

भारत में सोशल मीडिया तक पहुंच की कोई न्यूनतम आयु तय नहीं है, जबकि देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है और करीब 1 अरब इंटरनेट यूजर्स हैं। इस प्रस्ताव के साथ ही देश में डिजिटल एडिक्शन और बच्चों की सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है।

जब सलमान खान ने की थी निरहुआ की तारीफ, फौजी बनने का टूटा सपना तो यूं बने भोजपुरी सुपरस्टार

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भोजपुरी सुपरस्टार और राजनेता दिनेश लाल यादव उर्फ ‘निरहुआ’ आज अपना 46वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। निरहुआ की आवाज और उनके अंदाज के आज करोड़ों दीवाने हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त था जब निरहुआ सिनेमा जगत में आना ही नहीं चाहते थे। निरहुआ का सपना था फौज में जाकर देश की सेवा करना। उनके पिता कोलकाता में छोटी-मोटी नौकरी करते थे और उनका सपना था कि वो वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। इसी सपने को पूरा करने के लिए निरहुआ ने स्कूल में ही NCC ज्वाइन कर ली थी।

फौजी बनने का था सपना, स्कूल से थी तैयारी

निरहुआ एनसीसी के दिनों में बहुत डिसिप्लिन्ड और डेडिकेटेड कैडेट हुआ करते थे। उन्होंने कठिन ड्रिल सीखी और फौज में जाने की तैयारी भी करते रहे। निरहुआ कई इंटरव्यूज में यह बात कह चुके हैं कि फिल्मों में जब वह एक्शन करते हैं या घंटों तक शूटिंग करते हैं, तो उसकी ताकत उन्हें एनसीसी की ट्रेनिंग से ही मिली है। हालांकि बावजूद इतनी तैयारी के वह भारतीय सेना का हिस्सा नहीं बन सके। लेकिन फौज वाला अनुशासन उनके खून में ऐसा बसा कि आज भी वह सेट पर सबसे पंक्चुअल एक्टर माने जाते हैं।

सलमान खान भी हो गए थे निरहुआ के फैन

लेकिन उनके इस डिसिप्लिन को दुनिया ने तब पहचाना जब निरहुआ सलमान खान होस्टेड रियलिटी टीवी शो बिग बॉस का हिस्सा बने। लोगों को लगा कि बाकी खिलाड़ियों की तरह निरहुआ भी शो में जमकर हंगामा करेंगे, लेकिन वह इस सीजन के सबसे शांत और शालीन कंटेस्टेंट बनकर उभरे। खुद सलमान खान ने उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि इतनी शोहरत के बाद भी कोई इतना डाउन टू अर्थ कैसे हो सकता है। निरहुआ सुबह-सुबह उठकर रियाज करते थे। उन्होंने वहां कभी किसी को अपशब्द नहीं कहे और न ही कभी आपा खोया।

रामायण मूवी से लीक हुईं स्टार्स की तस्वीरें? नहीं जनाब!

 मामला कुछ और ही है अनुपमा पर लाठी से वार करेगी यह औरत, सामने आएगा माही-गौतम का असली चेहरा बड़ी मुश्किल से मिला था यह निरहुआ नाम निरहुआ नाम भी उन्हें इतनी आसानी से नहीं मिला था। यह टाइटल उन्हें साल 2003 में आई फिल्म ‘निरहुआ सटल रहे’ से मिला था। निरहुआ जब इस एल्बम की रिकॉर्डिंग कर रहे थे तब उनके लिए सबसे मुश्किल वक्त था। वह बताते हैं कि तब उनके पास साइकिल तक नहीं थी और उन्हें इस एल्बम की रिकॉर्डिंग के लिए मीलों पैदल चलना पड़ा था। आज वह जिस ‘निरहुआ’ नाम से करोड़ों कमाते हैं, वह असल में उनके एक पुराने किरदार का नाम था। एल्बम के बाद निरहुआ की फिल्म ‘निरहुआ रिक्शावाला’ भी सुपरहिट हो गई और इस तरह दिनेश लाल यादव को उनके फैंस ने निरहुआ नाम दे दिया।

सुपर जेट के बाद बड़ा समझौता? भारत में Su-57 फाइटर जेट की एंट्री की अटकलें तेज

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नई दिल्‍ली। भारत और रूस (India and Russia) के बीच 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Sukhoi Su-57E को मिलकर बनाने की बातचीत चल रही है, जो अब आगे बढ़कर टेक्निकल लेवल पर पहुंच गई है। हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन  (UAC ) के बीच SJ-100 (सुखोई सुपरजेट 100) विमानों के भारत में उत्पादन को लेकर हुए समझौते ने रक्षा गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या नागरिक विमानों के बाद अब ‘खतरनाक’ सुखोई Su-57 लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना (IAF) के बेड़े का हिस्सा बनेंगे?

SJ-100 समझौता: एक नया मोड़
भारत और रूस के बीच नागरिक विमानन के क्षेत्र में हुआ यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ की दिशा में एक बड़ा कदम है। SJ-100 एक क्षेत्रीय जेट है, और इसके स्थानीय उत्पादन से भारत में एयरोस्पेस ईकोसिस्टम मजबूत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भविष्य के सैन्य समझौतों के लिए एक ‘टेस्ट केस’ साबित हो सकती है।

क्या बोले रूसी अधिकारी?
खुद रूसी एरोस्पेस कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह दावा किया कि भारत और रूस पांचवीं पीढ़ी के सुखोई एसयू-57ई लड़ाकू विमान के भारत में संयुक्त उत्पादन की संभावना तलाशने के लिए तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, भारत की ओर से अधिकारी के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वादिम बदेखा ने हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर विंग्स इंडिया एयर शो से इतर रूसी संवाददाताओं से कहा- हम इस कॉन्ट्रैक्ट पर तकनीकी बातचीत के उन्नत चरण में हैं। हमारे अनुभव को देखते हुए, ऐसे कॉन्ट्रैक्ट होने वाले हैं जो कई दशकों तक हमारे सहयोग की दिशा तय करेंगे हैं।’ रूस ने इस प्रदर्शनी के दौरान अपने नवीनतम क्षेत्रीय परिवहन विमान – इल्यूशिन आईएल-114-300 और सुखोई एसजे-100 – को प्रदर्शित किया था। बदेखा ने दावा किया कि दोनों पक्ष वर्तमान में भारत में एसयू-30 विमानों के उत्पादन के लिए उपयोग की जाने वाली सुविधाओं में एसयू-57 लड़ाकू विमानों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन और इसके लिए भारतीय उद्योग और भारतीय प्रणालियों के अधिकतम उपयोग पर भी चर्चा कर रहे हैं।

Su-57 ‘Felon’: रूस का सबसे घातक योद्धा
Su-57 रूस का पहला 5वीं पीढ़ी का सटील्थ लड़ाकू विमान है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इसे खास बनाती हैं। जैसे-

स्टेल्थ तकनीक: यह रडार की नजरों से बचने में सक्षम है।

सुपरक्रूज: बिना आफ्टरबर्नर के ध्वनि की गति से तेज उड़ने की क्षमता।

हथियार: इसके इंटरनल वेपन बे में आधुनिक मिसाइलें छिपी होती हैं, जो इसके स्टेल्थ को बरकरार रखती हैं।
भारत और Su-57 का इतिहास (FGFA प्रोग्राम)

आपको याद होगा कि भारत पहले रूस के साथ FGFA (Fifth Generation Fighter Aircraft) प्रोग्राम का हिस्सा था, जो Su-57 पर ही आधारित था। लेकिन 2018 में भारत इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गया था। इसके मुख्य कारण थे:

इंजन की तकनीक में कमी।
स्टेल्थ फीचर्स पर असंतोष।
लागत और तकनीक हस्तांतरण (ToT) के मुद्दे।

क्या अब पासा पलट रहा है?

SJ-100 समझौते के बाद Su-57 की चर्चा फिर से शुरू होने के तीन मुख्य कारण हैं-

नया इंजन (AL-51F1)- रूस ने अब Su-57 के लिए नया ‘स्टेज 2’ इंजन विकसित कर लिया है, जो भारत की पुरानी शिकायतों को दूर कर सकता है।
युद्ध का अनुभव- यूक्रेन युद्ध में रूस ने Su-57 का सीमित उपयोग किया है, जिससे इसकी परिचालन क्षमता के वास्तविक आंकड़े सामने आए हैं।
चीन की चुनौती- चीन के पास J-20 जैसे 5वीं पीढ़ी के विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय वायुसेना को जल्द ही एक सटील्थ फाइटर की जरूरत है।

चुनौतियां और ‘आत्मनिर्भर भारत’

भले ही रूस भारत को Su-57 ऑफर कर रहा हो, लेकिन भारत के सामने कुछ कठिन विकल्प हैं। दरअसल भारत अपना स्वदेशी 5वीं पीढ़ी का विमान AMCA विकसित कर रहा है। Su-57 खरीदने से इस स्वदेशी प्रोजेक्ट के बजट और प्राथमिकता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, रूस से बड़े रक्षा सौदे करने पर अमेरिका के CAATSA प्रतिबंधों का खतरा हमेशा बना रहता है। भारत अब केवल ‘खरीदने’ में नहीं, बल्कि ‘भारत में बनाने’ और ‘पूर्ण तकनीक’ प्राप्त करने में रुचि रखता है।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक इससे पहले, सरकारी हथियार निर्यातक कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सीईओ अलेक्जेंडर मिखीव ने घोषणा की थी कि कंपनी नई दिल्ली को नवीनतम पांचवीं पीढ़ी के एसयू-57ई लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के साथ-साथ भारत में उनके उत्पादन और स्वदेशी एएमसीए स्टील्थ लड़ाकू विमान के विकास में सहायता की पेशकश कर रही है।

कुल मिलाकर SJ-100 समझौता यह दर्शाता है कि भारत और रूस के बीच औद्योगिक संबंध अभी भी गहरे हैं। यदि रूस Su-57 के लिए पूर्ण तकनीक हस्तांतरण (ToT) और स्वदेशी AMCA में सहयोग का प्रस्ताव देता है, तो ‘Felon’ भारत के आकाश की सुरक्षा करते हुए दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, अभी वायु सेना का मुख्य ध्यान राफेल के अगले बैच और स्वदेशी विमानों पर है।

1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

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नई दिल्‍ली। देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) (Unified Payments Interface – UPI) के जरिए होने वाला लेन-देन (Translations) जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के मूल्य और 21.70 अरब की संख्या के साथ रिकॉर्ड स्तर (Record level.) पर पहुंच गया है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से रविवार को जारी की गई आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। एनपीसीआई के मुताबिक दिसंबर 2025 में यूपीआई के जरिए लेन-देन का मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये रहा था। मासिक आधार पर लेन-देन के मूल्य में 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में औसत दैनिक लेनदेन 70 करोड़ रहा जिसका औसत मूल्य 91,403 करोड़ रुपये था।

 

 

कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, वाराणसी में 5 करोड़ से ज्यादा संपत्ति की गई कुर्क

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की पुलिस ने अवैध नशीले कफ सिरप मामले में संपत्ति की कुर्क की है। शनिवार को वाराणसी में भोला जायसवाल और उसके परिजनों की कुल पांच करोड़ 77 लाख से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई।

सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक वर्मा ने बताया कि राबर्ट्सगंज पुलिस थाने में पंजीकृत अभियोग के तहत अभियुक्त भोला प्रसाद जायसवाल के वाराणसी के मडौली, भरलाई और जगदीशपुर क्षेत्रों में 4.55 करोड़ रुपये की कुल सात अचल संपत्तियां और 51.16 लाख रुपये मूल्य के चार वाहन कुर्क किए गए हैं।

 

इसके अलावा बैंक खातों में जमा 70,99,228 रुपये को भी कुर्क किया गया है। कुर्क की गई चल-अचल संपत्तियों की कुल कीमत 5,77,17,990 रुपये बताई गई है। वर्मा ने बताया कि ये सभी संपत्तियां अवैध नशीले पदार्थो की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

उन्होंने कहा कि वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र का निवासी भोला जायसवाल कफ सिरप तस्करी के मुख्य साजिशकर्ता शुभम जायसवाल का पिता है। एसपी ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों पर आगे भी कठोर कार्यवाही की जाएगी।

पीएम मोदी वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें

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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को वायु प्रदूषण पर संसदीय बहस की मांग करते हुए सरकार से केंद्रीय बजट में इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में नागरिकों के संदेश पढ़े और खुद बनाए एक वीडियो में पीएम मोदी से वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने इससे पहले 2025 के शीतकालीन सत्र में संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की थी।
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे और पीएम मोदी प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें। हमें एकजुट होकर एक गंभीर योजना बनानी होगी…हमें यह तय करना होगा कि इस समस्या से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त धन हो। इस पोस्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा- पिछले कुछ दिनों में मैंने हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े हैं जिनमें उन्होंने बताया है कि प्रदूषण उनके जीवन पर क्या असर डाल रहा है।
सबसे ज्यादा जो बात सामने आई वह थी डर- बच्चों के लिए, माता-पिता के लिए, आने वाले कल के लिए- जो भारत भर के शहरों में परिवारों द्वारा महसूस किया जा रहा है। प्रदूषण अब सिर्फ एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। संसद को इस पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए वास्तविक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। भारतीय रिपोर्ट या बयानबाजी नहीं मांग रहे हैं। वे स्वच्छ हवा मांग रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब श्रेणी में रहा, सुबह करीब 8 बजे एक्यूआई 318 दर्ज किया गया। उनकी ये टिप्पणी संसद के चल रहे बजट सत्र के बीच आई है, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को फिर सत्र शुरू करेंगे ताकि स्थायी समितियां कई मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।

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News Desk

कैंसर की 17 दवाएं हुईं सस्ती, बैटरी और विमान ईंधन पर भी कस्टम ड्यूटी घटी

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नई दिल्ली: आज 1 फरवरी है. देश की अर्थव्यवस्था (Economy) की दिशा तय करने वाला दिन. आज संसद (Parliament) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) थोड़ी देर में 9वां केंद्रीय बजट (Union Budget) पेश करेंगी. इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार पर टिकी हैं. निवेशक इस बात पर टिके हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है. यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है. अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है.

बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी तस्वीर रखी है. वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती सामने है. आगामी वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है. घरेलू मांग मजबूत हुई है. फिलहाल, हर वर्ग जानना चाहता है कि क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब में बदलाव होगा? क्या रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फिर जोर रहेगा? या ग्रामीण खर्च बढ़ाने वाला होगा?

 

राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके फॉर्म्स जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्सपेयर्स नए नियमों से आसानी से परिचित हो सकें. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम पेश की जाएगी, जिसमें नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट आसानी से मिल सकेगा. मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति अब TDS के दायरे में आएगी और LRS के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दर 2 प्रतिशत कर दी जाएगी.

बजट 2026: कॉर्पोरेट जगत को राहत, MAT दर घटकर हुई 14%
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनियों के लिए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। अब MAT की दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि 1 अप्रैल, 2026 से MAT को ‘अंतिम टैक्स’ (Final Tax) माना जाएगा। इसका मतलब है कि अब भविष्य में कोई MAT क्रेडिट नहीं मिलेगा और पुरानी क्रेडिट-ऑफसेट व्यवस्था खत्म हो जाएगी। सरकार का यह कदम टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने और विवादों को कम करने के लिए उठाया गया है।

चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्रों की स्थापना में मदद करेगी सरकार
वित्त मंत्री ने कहा, भारतीय मूल के व्यक्ति को ‘पोर्टफोलियो निवेश योजना’ के तहत भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश की अनुमति होगी. आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी और अगले पांच वर्षों के लिए बायोफार्मा ‘शक्ति’ के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

शिक्षा से रोजगार और उद्यम के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित की जाएगी, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.

सरकार चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्रों की स्थापना में राज्यों की मदद करेगी और बजट में इसी के तहत पांच चिकित्सकीय पर्यटन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है. लोथल और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है. कुल सरकारी व्यय 2026-27 में 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

पूर्वोत्तर क्षेत्र में मंदिरों और मठों को संरक्षित करने के लिए बौद्ध सर्किट के विकास की योजना शुरू की जाएगी. राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत था.

आयुर्वेद के तीन नए एम्स
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और 41 प्रतिशत कर हस्तांतरण का फार्मूला बरकरार रखा गया है. आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी. नगर निगम के बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है.

खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जाएगा. एसएमई के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का कोष प्रस्तावित किया गया है. एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में तेजी को देखते हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने में सहायता दी जाएगी.

‘करीब 2.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए’
बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 4.4 प्रतिशत है. सरकार ने कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का प्रस्ताव रखा है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत है.

वित्त मंत्री ने बजट में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है और पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब के लिए ऋण-संबंधित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने क्लाउड सर्विसेज़ को 2047 तक टैक्स फ्री करने की व्यवस्था का ऐलान किया.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026 पेश करते हुए आयकर (Income Tax) ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की। सरकार ने एक ओर जहां टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, वहीं छोटे करदाताओं और विदेश यात्रा करने वालों को बड़ी राहत भी दी है।

1. गलत जानकारी देने पर भारी जुर्माना- वित्त मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि टैक्स नियमों का उल्लंघन अब महंगा पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि यदि कोई करदाता अपनी आय की गलत जानकारी (Misreporting) देता है, तो उस पर टैक्स राशि का 100% जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम कर अनुपालन (Tax Compliance) को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए उठाया गया है।

2. विदेश यात्रा हुई सस्ती: TCS दर में भारी कटौती- पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को घटाकर 2% कर दिया है। इससे पहले यह दर 5% से 20% के बीच थी। अब विदेश घूमना आम जनता के लिए काफी किफायती हो जाएगा।

3. ITR रिवाइज करने के लिए मिला अतिरिक्त समय- करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत यह है कि अब वे 31 मार्च तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) रिवाइज कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए एक छोटा शुल्क देना होगा।

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि:

  • ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की मूल समय सीमा 31 जुलाई ही बनी रहेगी।
  • त्रुटियों को सुधारने के लिए अब करदाताओं के पास अधिक समय होगा।

4. विदेश में संपत्ति रखने वालों के लिए ‘डिस्क्लोजर स्कीम’- छोटे करदाताओं के लिए सरकार ने छह महीने की ‘विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना’ (Foreign Asset Disclosure Scheme) शुरू की है। इसके तहत जिन लोगों के पास विदेश में संपत्तियां हैं, वे एक सीमित समय सीमा के भीतर उनका विवरण सरकार को दे सकते हैं। इसका उद्देश्य छोटे करदाताओं को कानूनी पचड़ों से बचाना और उन्हें अपनी संपत्ति घोषित करने का एक मौका देना है।

5. अन्य महत्वपूर्ण बदलाव-

  • प्रॉपर्टी की बिक्री पर TDS: अब अनिवासियों (Non-residents) द्वारा अचल संपत्तियों की बिक्री पर भी स्रोत पर कर कटौती (TDS) की जाएगी।
  • नियमों का सरलीकरण: वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर नियमों को और सरल बनाया जा रहा है, जिसकी अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।

टैक्स में राहत, पर्यटन और कृषि के लिए बड़े ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी. इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से किसी व्यक्ति को मिले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा. पर्यटन और पर्यावरण क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की. सीतारमण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल विकसित की जाएगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स तैयार की जाएंगी. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स का विकास किया जाएगा, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले. कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ‘भारत विस्तार’ के तहत आया है. यह एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल और ICAR के कृषि प्रथाओं के पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा.

She-Mart का ऐलान
निर्मला सीतारमण ने कहा, SHE (Self-help Entrepreneur) मार्क्स को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा, ताकि महिला उद्यमियों की मदद की जा सके.

शिक्षा, खेल, कृषि और स्वास्थ्य में बड़े प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्राओं के हॉस्टल और टेलिस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की स्थापना के लिए कई कदम प्रस्तावित करती हूं. देश के हर जिले में एक छात्राओं का हॉस्टल बनाया जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अवसर प्रदान करता है. खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से शुरू किए गए खेल प्रतिभा के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा है.

नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना प्रस्तावित रखा है ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके और विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाई जा सके, जिसमें प्रमुख नारियल-उत्पादक राज्यों में गैर-उत्पादक पेड़ों को नई किस्मों के पौधों या पौधों से बदला जाना शामिल है. भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ सके और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में बदला जा सके.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत का एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र एक बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसमें 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी. भारतीय इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई का समर्थन करने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जा सकें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा… तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव है. आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत करना और अधिक कुशल लोग उपलब्ध कराना और जामनगर में WHO के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड करने का प्रस्ताव है.

किसानों को AI टूल और गर्ल हॉस्टल… बजट में एक साथ कई बड़े ऐलान
बजट में किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल का ऐलान किया गया. इसके अलावा, हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए राज्यों की मदद से देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की योजना लाई जाएगी. सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव है, जिसका लक्ष्य 2047 तक सेवाओं में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है. यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को प्राथमिकता देगी और AI समेत उभरती तकनीकों के रोजगार व कौशल पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर सिफारिशें देगी. निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेश में निवास करने वाले भारतीय नागरिकों (PROI) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति दी जाएगी और उनकी निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. विकसित भारत के लिए बैंकिंग सेक्टर को नई विकास यात्रा के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से बैंकिंग पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया गया है, जो वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा करेगी. पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है.

नया टैक्स नियम 1 अप्रैल से होगा लागू, निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान

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Budget 2026 Live: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज रविवार, 1 फरवरी 2026 को 11 बजे आम बजट पेश करने जा रही हैं. संसद का मौजूदा सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है, जिसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा. जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा. इस बजट में आम लोग महंगाई से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं. बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और मध्यम वर्गीय लोगों के लिए क्या रहेगा.

नवजोत कौर सिद्धू ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, अमरिंदर सिंह पर लगाए आरोप

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चंडीगढ। कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वारिंग पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और उन्हें अब तक का सबसे घिनौना, अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष बताया है। पिछले महीने सीएम की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये चाहिए वाले अपने बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा होने के बाद नवजोत कौर को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विधायक जिनकी शादी पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू से हुई है, उन्होंने आरोप लगाया कि वारिंग ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ समझौता करके निजी लाभ के लिए पार्टी को बेच दिया। एक्स पर पोस्ट में कौर ने वारिंग पर कांग्रेस को कमजोर करने के लिए मुख्यमंत्री के साथ मिलीभगत करके खुद को जेल से बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वारिंग ने उनके लिए निलंबन पत्र तैयार करवाया था, जबकि उनके पति के खिलाफ काम करने वाले वरिष्ठ पार्टी नेताओं को अहम पदों से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि उनके पास उन्हें बेनकाब करने पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन उनकी इसमें दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद कांग्रेस छोड़ दी है जहां किसी भी होनहार नेता की आवाज नहीं सुनाई देती है।
नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि वारिंग ने जानबूझकर उनके निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार खड़े किए ताकि उनकी चुनावी हार जाए और उन्होंने उन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने पर सवाल उठाया जिन्होंने खुले तौर पर उनके नेतृत्व को चुनौती दी थी। उन्होंने वारिंग पर पार्टी को मजबूत करने के बजाय आंतरिक विघटन पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कार्यों ने उन्हें मजाक का पात्र बना दिया है। यह विवाद नवजोत कौर की पिछले महीने की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने पंजाब में राजनीतिक सत्ता को पैसे से जुड़ा बताया था। उन्होंने पहले कहा था कि अगर कांग्रेस उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाती है तो उनके पति सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि उनके पास किसी भी पार्टी को देने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन वे पंजाब को स्वर्ण राज्य में बदल सकते हैं।

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News Desk

दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे, बजट में निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान

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Budget 2026: आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपने रिकॉर्ड का 9वां आम बजट पेश कर रही हैं. बजट 2026 के संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर एक काम को नागरिकों को फायदा देने के लिए कर रही है. बजट 2026 के संबोधन में वित्त मंत्री ने देश को 7 हाई स्‍पीड ट्रेन कॉरिडोर की सौगात दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शहरों के बीच 7 हाई स्‍पीड ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. इसमें पुणे-मुंबई, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी शामिल हैं.

देश के 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
मुंबई-पुणे
पुणे-हैदराबाद
हैदराबाद-चेन्नई
हैदराबाद-बेंगलुरु
चेन्नई-बेंगलुरु
दिल्ली-वाराणसी
वाराणसी-सिलीगुड़ी
बजट में नए रेल काॅरिडोर की घोषणा
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में संबोधन के दौरान देश में 7 नए हाई-स्‍पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है. इसका मुख्‍य उद्देश्‍य देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों, टियर-2 और टियर-3 शहरों को एक-दूसरे से जोड़ना है. ये कॉरिडोर मुंबई-पूणे, पूणे-हैदराबाद, हैदराबात-चैन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्‍ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच कॉरिडोर बनेंगे.