NCP महाराष्ट्र में NDA में बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनिल तटकरे ने किया खारिज

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नई दिल्‍ली । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे (Sunil Tatkare) ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी भाजपा (BJP) नीत राजग (NDA) का हिस्सा बनी रहेगी। साथ ही, संगठन दिवंगत अजित पवार (Ajit Pawar) की ओर से निर्धारित विचारधारा और मार्ग पर आगे बढ़ेगा। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब यह दावा किया जा रहा था कि NCP और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विलय की घोषणा की तारीख 12 फरवरी तय कर दी गई थी। NCP के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा, ”लोग चाहे कुछ भी कहें, हमारा रुख स्पष्ट है। हम पार्टी और अजित दादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। हम इस रुख पर अडिग हैं।”रायगड के सांसद ने कहा, ”हम राजग के साथ हैं और राजग के साथ ही रहेंगे। अजित दादा ने यह निर्णय सोच-समझकर लिया था।” तटकरे ने कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ तालमेल का निर्णय अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अजित पवार की सहमति के बिना कभी कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की जल्दबाजी पर आलोचना का जिक्र करते हुए तटकरे ने कहा कि संविधान सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया।

 

शपथ की जल्दबाजी पर क्या जवाब
सुनील तटकरे ने कहा, ”महाराष्ट्र में स्थिरता और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए उनके शपथ लेने में कुछ भी गलत नहीं है।” तटकरे ने कहा कि पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार पर फैसला राकांपा का आंतरिक मामला है और उन्होंने राजग के भीतर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ”भाजपा ने हमेशा हमारे साथ सहयोग किया है और अपने सहयोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है।” विलय को लेकर वार्ता के समय पर सवाल उठाते हुए तटकरे ने पूछा कि अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले ही इस तरह की अटकलें क्यों लगाई जाने लगीं।

 

क्या पार्टी विलय पर चल रही थी बातचीत
NCP नेता तटकरे ने कहा कि उन्होंने विलय वार्ता से संबंधित कोई टिप्पणी नहीं की, फिर भी यह धारणा बनाई गई कि वह इसके खिलाफ हैं। बारामती में 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले अजित पवार की अस्थियों को पार्टी कार्यालय लाया गया। रायगड के सांसद तटकरे ने बताया कि अजित पवार की अस्थि कलश को राज्य के सभी जिलों में ले जाया जाएगा, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। इस बीच, राकांपा के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि सुनेत्रा पवार विलय पर फैसला लेंगी और उनका निर्णय पार्टी पर बाध्यकारी होगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले पर सार्वजनिक रूप से चर्चा क्यों हो रही है।उन्होंने कहा, ”यह परिवार का मामला है। अगर इस पर चर्चा हो रही थी, तो अजित दादा ने सुनेत्रा वहिनी (भाभी) से जरूर बात की होगी। अब आगे क्या करना है, इस पर फैसला वही लेंगी।” उन्होंने जोर दिया कि सुनेत्रा का फैसला राकांपा में सभी पर बाध्यकारी होगा।

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पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा; भारत के खिलाफ मैच बॉयकॉट करने पर विराट कोहली के कोच

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पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप तो खेलेगा, मगर 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाला महामुकाबला नहीं। पाकिस्तान सरकार के इस बयान ने क्रिकेट के गलियारों हलचल मचा दी है। भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की ओर से इस मुद्दे पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही है। इस कड़ी में विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने अपना बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के इस फैसले को अजीत बताया है और उनका कहना है कि इससे पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बता दें, भारत और पाकिस्तान के बीच यह महामुकाबला 15 फरवरी को खेला जाना था।

T20 वर्ल्ड कप वॉर्म अप मुकाबलों का पूरा शेड्यूल आया सामने, भारत का पहला मैच आज

राजकुमार शर्मा ने ANI से कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, और यह पाकिस्तान का एक अजीब फैसला है। उन्होंने अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया था; पहले, उन्होंने 2026 के T20 वर्ल्ड कप के लिए बांग्लादेश के भारत न जाने के पक्ष में वोट दिया था, और अब उन्होंने भारत के खिलाफ खेलने से पीछे हटने का फैसला किया है।यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, और इसकी वजह से पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह पाकिस्तान की जनता के लिए भी नुकसान है, जो अपने खिलाड़ियों को भारत के खिलाफ खेलते देखना चाहती है। यह उनके खिलाड़ियों के लिए भी नुकसान है। मुझे लगता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इस फैसले पर फिर से सोचेगा।

U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का शेड्यूल हुआ साफ, भारत का मुकाबला कब और किस से?

जब क्रिकेट की बात आती है, तो मुकाबला के मामले में भारत पाकिस्तान से बहुत आगे है। हालांकि, यह एक राजनीतिक फैसला है, और उन्हें इस फैसले के जवाब में ICC की कार्रवाई पर विचार करना चाहिए क्योंकि PCB को भारी नुकसान होगा। मेरा मानना ​​है कि वे अपने फैसले पर फिर से सोचेंगे।”पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ न खेलने के अपने फैसले का कोई कारण नहीं बताया। मगर यह साफ है कि बांग्लादेश को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने ये फैसला लिया है। बता दें, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। जिस वजह से आईसीसी ने उन्हें बाहर कर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में जगह दी है।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

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मुंबई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) से यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब यह हवाई अड्डा 12 घंटे के बजाय पूरे 24 घंटे संचालित (Operated 24 hours) होगा। आज यानी 01 फरवरी से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे विमान सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे पहले यह एयरपोर्ट केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही कार्यरत था।

 

बता दें कि यात्रियों के लिए इसकी शुरुआत 25 दिसंबर से की गई थी। शुरुआत में सीमित समय और सीमित उड़ानों के साथ परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन अब परिचालन समय बढ़ाए जाने से उड़ानों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र पर हवाई यातायात का दबाव भी कम होगा।

प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही
हालांकि फिलहाल देर रात और आधी रात की उड़ानों का आधिकारिक शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मध्यरात्रि की सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। वर्तमान समय में नवी मुंबई एयरपोर्ट से आखिरी उड़ान रात 9 बजकर 50 मिनट पर रवाना होती है, जबकि पहली उड़ान सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर संचालित की जाती है। 24 घंटे की अनुमति मिलने के बाद एयरलाइंस कंपनियां अपने स्लॉट्स धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मार्च के अंत में जब एयरलाइंस का समर शेड्यूल लागू होगा, तब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। फिलहाल जहां प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही हो रही है, वहीं अप्रैल महीने तक यह संख्या बढ़कर 20 प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

सिर्फ 19 दिनोंमें एक लाख यात्रियों ने किया सफर
अभी तक एयरपोर्ट पर केवल दो अतिरिक्त विमानों को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों और हफ्तों में कई विमानन कंपनियां नवी मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। इससे घरेलू के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते भी खुलेंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट ने 12 जनवरी को एक अहम परिचालन उपलब्धि भी हासिल की थी। एयरपोर्ट के शुरू होने के महज 19 दिनों के भीतर ही एक लाख यात्रियों ने यहां से सफर किया था, जो इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।

देश के विमानन ढांचे को करेगा मजबूत
वैश्विक स्तर पर अगर देखा जाए तो यूरोप और अमेरिका में कई हवाई अड्डों पर रात के समय उड़ानों पर प्रतिबंध होता है। आमतौर पर शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वहां रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट बंद रहते हैं। इस दौरान यदि कोई यात्री फंस जाता है तो उसे टर्मिनल छोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत भारत के प्रमुख हवाई अड्डे 24 घंटे खुले रहते हैं, जिससे यात्रियों को रात के समय भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का 24×7 संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यात्रियों की सुविधा, एयरलाइंस की क्षमता और देश के विमानन ढांचे को मजबूत करेगा।

मर्दानी-3 vs बॉर्डर-2, सोमवार के दिन कितना कलेक्शन करेंगी दोनों फिल्में?

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 आज सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर 11वां और रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ का चौथा दिन है। दिलचस्प बात ये है कि दोनों ही फिल्में सुपरहिट फ्रेंचाइजी का हिस्सा हैं। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर वॉर ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’, फीमेल सेंट्रिक फिल्म ‘मर्दानी 3’ से ज्यादा कमाई कर रही है। आइए आपको बताते हैं कि दोनों ने अब तक कितना कलेक्शन किया है और सोमवार के दिन कितनी कमाई करेंगी।

‘बॉर्डर 2’ ने अब तक कितनी कमाई की है?

सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी के दिन रिलीज हुई थी। मतलब फिल्म को सिनेमाघरों में आए 10 दिन हो गए हैं। इन 10 दिनों में ‘बॉर्डर 2’ ने 274.8 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफस की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से 367.2 करोड़ रुपये की कमाई की है।

‘बॉर्डर 2’ का डे वाइज कलेक्शन

डे    बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

डे1    30 करोड़ रुपये
डे2    36.5 करोड़ रुपये
डे3    54.5 करोड़ रुपये
डे4    59 करोड़ रुपये
डे5    20 करोड़ रुपये
डे6    13 करोड़ रुपये
डे7    11.25 करोड़ रुपये
डे8    10.75 करोड़ रुपये
डे9    17.75 करोड़ रुपये
डे10    22.5 करोड़ रुपये

कुल कलेक्शन    274.8 करोड़ रुपये

‘मर्दानी 3’ का कैसा है हाल?

रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ को मिले-जुले रिव्यूज मिल रहे हैं। वहीं बॉक्स ऑफिस पर ‘मर्दानी 3’, ‘बॉर्डर 2’ के सामने कमजोर पड़ रही है। फिल्म ने चार दिन में सिर्फ 17.50 करोड़ रुपये की कमाई की है।

‘मर्दानी 3’ का डे वाइज कलेक्शन

डे    बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

डे1    4 करोड़ रुपये
डे2    6.25 करोड़ रुपये
डे3    7.25 करोड़ रुपये

कुल कमाई    17.50 करोड़ रुपये

 ‘मर्दानी 3’, ‘बॉर्डर 2’ का लाइव अपडेट

Sacnilk की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ ने 11वें और ‘मर्दानी 3’ ने चौथे दिन

समय    बॉर्डर 2    मर्दानी 3

सुबह 8 बजे तक    0.05 करोड़ रुपये    0.01 करोड़ रुपये
सुबह 9 बजे तक    0.09 करोड़ रुपये    0.02 करोड़ रुपये
सुबह 10 बजे तक    0.14 करोड़ रुपये    0.04 करोड़ रुपये

भाजपा-कांग्रेस का अचानक गठबंधन, नगर निगम चुनाव का पूरा समीकरण बदला

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महाराष्ट्र के मालेगांव में महानगरपालिका के महापौर (मेयर) और उपमहापौर चुनाव से पहले राजनीति ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। वैचारिक रूप से एक-दूसरे के धुर विरोधी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने मालेगांव महानगरपालिका (MMC) में हाथ मिला लिया है। इसके तहत दोनों दलों के पार्षदों (नगरसेवक) ने मिलकर एक नया राजनीतिक मोर्चा खड़ा कर दिया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है।

एक साथ आकर बनाया नया मोर्चा
मिली जानकारी के अनुसार, मालेगाव महानगरपालिका (Malegaon Municipal Corporation) में कांग्रेस के तीन और भाजपा के दो पार्षदों ने मिलकर ‘भारत विकास आघाडी’ नाम से एक स्वतंत्र समूह बनाया है। इस गठबंधन ने 84 सदस्यीय मालेगांव महानगरपालिका में सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

कांग्रेस करेगी मोर्चे का नेतृत्व
इस नए मोर्चे का नेतृत्व कांग्रेस पार्षद एजाज बेग करेंगे। मालेगांव महानगरपालिका चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को ही आ चुके हैं, लेकिन किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण मेयर पद की कुर्सी अब ‘भारत विकास आघाडी’ के रुख पर टिकी है। कांग्रेस और भाजपा के कुल 5 पार्षदों का यह गुट ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकता है।
यह कदम उन दलों के लिए एक बड़ा झटका है जो निर्दलीयों और छोटे दलों के भरोसे मालेगांव शहर में अपनी सत्ता बनाने का सपना देख रहे थे।

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रिकी पोंटिंग ने किसे बताया T20 World Cup 2026 का सबसे बड़ा दावेदार? ऑस्ट्रेलिया पर कही ये बात

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ऑस्ट्रेलिया की टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेट एक्सपर्ट रिकी पोंटिंग ने आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। रिकी पोंटिंग ने बताया है कि कौन सी टीम इस विश्व कप में क्लियर फेवरिट है? और ऑस्ट्रेलिया की टीम के पास कितने चांस और कौन सा खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के लिए इस मेगा इवेंट में एक्स फैक्टर साबित हो सकता है। 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेला जाना है।यूएसए और वेस्टइंडीज में 2024 में खेले गए पिछले टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की टीम सुपर 8 से आगे नहीं जा सकी थी। भारत और अफगानिस्तान से हारने के बाद उनके सेमीफाइनल में पहुंचने के रास्ते बंद हो गए थे। दो साल बाद फिर से टी20 विश्व कप है और इसको लेकर रिकी पोंटिंग ने आईसीसी रिव्यू में कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के पास अच्छा करने के लिए दमदार खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप टीम को देखें, तो मुझे लगता है कि उनके पास किसी भी टीम जितना ही अच्छा मौका है।”पोंटिंग ने आगे भविष्यवाणी करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि इस इवेंट में इंडिया शायद क्लियर फेवरिट होगी, क्योंकि हालात, टैलेंट और उनके प्लेयर्स का ग्रुप अच्छा है। उन्हें हराना मुश्किल होगा, लेकिन मुझे सच में लगता है कि सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हम देखेंगे। ऑस्ट्रेलियाई टीम में थोड़ा बदलाव आया है। यह कोई ड्रामाटिक नहीं है। अगर आप उनकी चुनी हुई टीम को देखें, तो उस टीम में अभी भी बहुत एक्सपीरियंस है। कुछ लोग अभी चोटिल हैं या चोट से वापस आ रहे हैं। शायद यही उनकी अभी की सबसे बड़ी चिंता है।”पैट कमिंस चोट की वजह से टी20 वर्ल्ड कप 2026 का हिस्सा नहीं होंगे, जो कि एक चिंता का विषय है। इसको लेकर पोंटिग ने कहा, “उस टीम में एक चीज है कि इतने सारे ऑलराउंडर के साथ बहुत अच्छी फ्लेक्सिबिलिटी है। आप (मार्कस) स्टोइनिस, (ग्लेन) मैक्सवेल, कैमरन ग्रीन को देखिए, बहुत सारे हैं। कूपर कोनोली। युवा खिलाड़ी जिसने लगातार दूसरे साल BBL (बिग बैश लीग) में MVP (मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर अवॉर्ड) जीता है। अगर ऐसा लगता है कि यह बदलेगा, तो मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया मैक्सवेल और (एडम) जैम्पा के बैकअप के लिए कोनोली के साथ जाएगा। ऐसे में उनके पास 3 स्पिन बॉलिंग ऑप्शन होंगे।”

नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

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नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य (Aniruddhacharya) से मुलाकात के दौरान दावा किया कि वह अब भी रोजाना गौमूत्र से स्नान करती हैं और इसका सेवन करती हैं। अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि गौमूत्र ने नवजोत कौर को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उबरने में मदद की।

वीडियो में नवजोत कौर ने पुष्टि की कि वह अपने घर में हमेशा गौमूत्र रखती हैं। अनिरुद्धाचार्य ने बताया कि कैंसर के फोर्थ स्टेज में होने के बावजूद आयुर्वेद और गौमूत्र के माध्यम से वह पूरी तरह स्वस्थ्य हो गईं।

अनिरुद्धाचार्य ने कहा, लोग गौ माता और गौ मूत्र का मजाक उड़ाते हैं लेकिन उन्होंने कैंसर जैसी बीमारी जो फोर्थ स्टेज में थी, वह भी हार गई। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, हमने बहुत बार बताया कि किसी को अगर कैंसर जैसी बीमारी हो जाए तो यूट्यूब पर इनकी पूरी डाइट पड़ी हुई है। उसको जरूर सुनें और अगर उस हिसाब से चलेंगे तो हम कैंसर को हरा देंगे और आप जीत जाएंगी। हमें इस बीमारी को खदेड़ना है। ये हमारी मां हैं और यह विजेता हैं। सारे डॉक्टर एक तरफ और ये एक तरफ। इन्होंने यमराज को भी वापस कर दिया। ये समाज की प्रेरणा हैं और इसलिए गौ मूत्र का अपमान नहीं सम्मान करें।

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धुरंधर में हमजा और उजैर बलोच ने क्यों पकड़ी अलग तरह से गन? आदित्य धर ने बताई इंट्रेस्टिंग वजह

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धुरंधर थिएटर्स पर बंपर कमाई करने के बाद अब नेटफ्लिक्स पर भी जलवा दिखा रही है। ओटीटी पर देख रहे दर्शक अब फिल्म की बारीकियां पकड़कर कई सारे सोशल मीडिया पोस्ट कर रहे हैं। डायरेक्टर आदित्य धर के पास भी कई सवाल पहुंच रहे हैं। अब उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लोगों की एक क्यूरिऑसिटी का जवाब दिया है। एक सीन में रणवीर सिंह और दानिश पंडोर के हाथ में गन है और दोनों ने अलग तरीके से बंदूक पकड़ी है। आदित्य धर ने बताया है कि इसकी वजह क्या है।ट्रेन्ड इंसान कैसे पकड़ता है गन रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर नेटफ्लिक्स पर भी धड़ाधड़ देखी जा रही है। एक सीन में हमजा और उजैर बलोच हाथों में पिस्टल लिए हैं। हमजा की उंगली ट्रिगर पर नहीं है जबकि उजैर बलोच की उंगली ट्रिगर पर है। आदित्य धर ने इसका फर्क समझाया है। उन्होंने रणवीर के लिए लिखा है, एक ट्रेंड आदमी जब तक जरूरी ना हो, किसी उद्देश्य के साथ शूट ना करना हो, ट्रिगर से उंगली दूर रखता है अनट्रेन्ड के गन पकड़ने का तरीका दूसरी ओर एक अनट्रेन्ड व्यक्ति ट्रिगर पर उंगली रखता है, इससे दुर्घटनावश फायर का खतरा रहता है, या गुस्से में होता है जो कि मासूमों या आसपास के लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।आदित्य धर स्टोरी हमजा है इंडिया का एजेंट बता दें कि मूवी में उजैर बलोच एक गैंगस्टर है। हमजा यानी रणवीर सिंह उस गैंग में हैं लेकिन वह भारत के ट्रेन्ड एजेंट हैं। रणवीर सिंह ने इतनी छोटी बारीकी का भी ध्यान रखा जिसकी तारीफ हो रही है।बाराकियों का रखा ध्यान थिएटर रिलीज के बाद भी लोगों ने कई चीजें नोटिस की थीं जैसे हमजा जमील-जमाली को एक सीन में फोन करता है तो कंट्री कोड +92 दिखता है। भारत का कोड +91 और +92 पाकिस्तान का कोड है। लोग तारीफ कर रहे थे कि आदित्य धर ने यह बात भी ध्यान रखी।नेटफ्लिक्स का ड्यूरेशन कम धुरंधर के नेटफ्लिक्स वर्जन का ड्यूरेशन कुछ कम है। इस बात के भी चर्चे हैं। हालांकि कई लोगों का मानना है कि थिएटर और नेटफ्लिक्स की प्लेबैक स्पीड में फर्क है। इस वजह से 10 मिनट का अंतर दिख रहा है।

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मणिपुर में सरकार गठन की रफ्तार तेज, राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को होगा समाप्त

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नई दिल्ली. मणिपुर (Manipur) में सरकार गठन (Government formation) को लेकर हलचल तेज हो गई है। भाजपा (ýÛæ) केंद्रीय नेतृत्व ने मणिपुर के सभी एनडीए विधायकों (NDA MLAs) को दिल्ली बुलाया है। जानकारी के मुताबिक आज 2 फरवरी को दोपहर 2 बजे से पहले सभी विधायकों को राजधानी दिल्ली में उपस्थित रहने के लिए कहा गया था। ऐसे में सभी विधायक 1 फरवरी को ही मणिपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।

मणिपुर भाजपा के 20 से अधिक विधायक, राज्य इकाई के अध्यक्ष सहित पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। इससे पहले मणिपुर भाजपा अध्यक्ष अधिराजमायुम शारदा देवी ने इंफाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘एनडीए के सभी विधायकों को बुलाया गया है। हमें उम्मीद और विश्वास है कि जनता की सरकार बनेगी।’

 

राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा, ‘चूंकि एनडीए सहयोगी दलों के सभी विधायकों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, इसलिए मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। इससे पहले भाजपा के सभी विधायकों की बैठक हुई थी। राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त हो रहा है। आइए सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद करें।’

जब उनसे पूछा गया कि अगर वे सत्ता में होते तो क्या हालात अलग होते, जिस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ‘सरकार एक सतत प्रक्रिया है। मैंने मणिपुर के परिदृश्य को बदलने की पूरी कोशिश की। पहाड़ियों और घाटियों दोनों में काफी बदलाव हुए हैं।’

 

सरकार बनने की संभावना है: एस. राजेन सिंह
इधर, लामसांग निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एस. राजेन सिंह ने कहा, ‘सरकार बनने की संभावना है। हालांकि, राज्य की स्थिति का जायजा लेने के बाद केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नेता का चयन किया जाएगा। बैठक सोमवार शाम को होने की संभावना है।’ विधायक एच डिंगो ने कहा कि बैठक सोमवार शाम को है, लेकिन बैठक का एजेंडा अभी तक घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमें दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया था।’

खुराई निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एल. सुसिंद्रो ने कहा कि उन्हें दिल्ली में होने वाली बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। भाजपा और एनडीए के शेष विधायक भी दिल्ली में बैठक में शामिल होंगे। वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राज्य इकाई अध्यक्ष लोरहो एस पफोजे ने कहा कि सरकार गठन को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं है। हमें सिर्फ एक बैठक के लिए बुलाया गया है। एनपीपी के नागा विधायक जे पामेई ने कहा, ‘आइए बेहतर की उम्मीद करें। हां, हमें बुलाया गया है, हम सभी एनडीए सहयोगी हैं। हम देखेंगे कि क्या होता है।’

 

हिंसा के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन
बता दें कि मई 2023 से लेकर अब तक मणिपुर में मैतेई और कुकी के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। पिछले साल 13 फरवरी को एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। मणिपुर की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, हालांकि उसे निलंबित रखा गया है।

मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 60 सदस्यों में से 37 विधायक हैं। एनडीए के सहयोगी दल एनपीपी के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (एपीएफ) के 5 विधायक हैं।

पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ विश्व कप मैच का बायकॉट, क्या ICC टूर्नामेंट में पहले भी ऐसा हुआ है?

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टी20 विश्व कप से बांग्लादेश का पत्ता कट चुका है और उसकी जिद से स्कॉटलैंड की किस्मत खुल गई। जो टीम वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी उसे अचानक उसमें खेलने का मौका मिल गया। बांग्लादेश का पत्ता कटने के बाद पाकिस्तान ने नखरे दिखाने शुरू किए। वर्ल्ड कप के बहिष्कार की गीदड़भभकी दी लेकिन अब उसने अपने औपचारिक तौर पर फैसला किया है कि टूर्नामेंट तो खेलेगा लेकिन भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलेगा। पाकिस्तान को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है जिसमें आईसीसी की तरफ से निलंबन, आर्थिक जुर्माना जैसे कदम शामिल हैं।अगर पाकिस्तान विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता है तो ऐसा पहली बार नहीं होगा जब किसी टीम ने आईसीसी टूर्नामेंट में किसी प्रतिद्वंद्वी विशेष या फिर जगह विशेष पर खेलने से इनकार किया हो। अतीत में भी कुछ बार ऐसा हो चुका है। आइए जानते हैं कि पहले कब इस तरह की स्थितियां पैदा हुईं? तब क्या उन टीमों के खिलाफ आईसीसी की तरफ से कार्रवाई हुई? अगर हुई तो किस तरह की कार्रवाई हुई?

न्यूजीलैंड ने केन्या में नहीं खेला विश्व कप मैच

2003 में वनडे वर्ल्ड कप की संयुक्त मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने की थी। तब न्यूजीलैंड ने सुरक्षा कारणों से केन्या में खेलने से इनकार कर दिया था। उसने आईसीसी से नैरोबी में होने वाले अपने मैच को शिफ्ट करने की मांग की लेकिन उनकी मांग ठुकरा दी गई। नतीजा ये हुआ कि केन्या को वॉकओवर मिला। न्यूजीलैंड को अंक गंवाने पड़े।

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जिम्बाब्वे में वर्ल्ड कप मैच खेलने नहीं पहुंचा इंग्लैंड

2003 के ही वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने हरारे में जिम्बाब्वे से खेलने से इनकार कर दिया था। वजह ये थी कि रॉबर्ट मुगाबे के नेतृत्व वाले जिम्बाब्वे के तत्कालीन शासन और ब्रिटिश सरकार के संबंधों में काफी कड़वाहट थी। इंग्लैंड ने आईसीसी से हरारे में होने वाले अपने मैच को जिम्बाब्वे से बाहर शिफ्ट करने की मांग की थी लेकिन ये मांग ठुकरा दी गई। इंग्लैंड मैच खेलने नहीं पहुंचा तो जिम्बाब्वे को वॉकओवर मिल गया। अंकों का नुकसान इंग्लैंड को काफी भारी पड़ा और टीम वर्ल्ड कप के पहले ही राउंड में बाहर हो गई।

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जिम्बाब्वे ने 2009 के टी20 विश्व कप से अपना नाम वापस ले लिया था

2009 का टी20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड में हुआ। जिम्बाब्वे और इंग्लैंड के रिश्तों में कड़वाहट तब भी जारी ही थी। तब जिम्बाब्वे ने आईसीसी के साथ बातचीत करके विश्व कप से अपनी टीम ही हटा ली क्योंकि ब्रिटेन उनके खिलाड़ियों को वीजा ही नहीं देता। समझौते के तहत जिम्बाब्वे को आईसीसी की तरफ से पूरी फीस मिली और उसकी जगह पर स्कॉटलैंड को विश्व कप में खेलने का मौका मिला।

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1996 के विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में नहीं खेले मैच

1996 के वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में खेलने से इनकार कर दिया। तब श्रीलंका में अशांति थी और लिट्टे की गतिविधियां चरम पर थीं। 1996 के विश्व कप की मेजबानी संयुक्त रूप से भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान ने की थी। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज की टीमें अपने ग्रुप मैचों के लिए श्रीलंका नहीं गईं और उन्हें अंक गंवाने पड़े। संयोग से उस बार विश्व कप श्रीलंका ने जीता।