तीन बहनों ने 9वीं मंज़िल से कूदकर दी जान

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यूपी के गाजियाबाद जिले में मंगलवार की देर रात एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। तीनों लड़कियों के खुदकुशी करने के बाद जब पुलिस की फील्ड यूनिट टीम कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तब वह भी हैरान रह गई। कमरे में जलती आर्टिफिशियल एलईडी लाइटें और फर्श पर कई तस्वीरें बिछी हुई थीं। फोटो तीनों बहनों के बचपन की थीं, किसी में पिता के साथ तो कई परिवार के अन्य सदस्यों के साथ की फोटो थीं। यह कमरा घर का पूजा कक्ष था। आमतौर पर बच्चों से लेकर बड़ों तक का इस कमरे में आना था। कमरे की दीवारों पर बने क्रॉस के निशान और स्केच से लिखी हुईं बातें एक अलग ही मानसिकता और मनौवैज्ञानिक पहलू की तरफ इशारा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर बच्चे जब मानसिक स्तर पर किसी सोच में डूबते हैं तब इस तरह की चीजें करते हैं। कोरियन कल्चर से दूरी और इसे लेकर पिता की डांट शायद बच्चों के मन पर गहरा असर गई। हालांकि दीवारों पर बने क्रॉस की फोटो फॉरेंसिक टीम ने एकत्र कर विशेषज्ञों को भेजी है। ताकि इसके पीछे छिपे राज को सामने लाया जा सके। 

दीवार पर लिखा मिला ‘मेक मी ए हार्ट ऑफ अलोन’
पुलिस को किशोरियों के कमरे से आठ पेज का एक सुसाइड नोट मिला है। हालांकि पुलिस ने पूरी डायरी अपने कब्जे में ले ली है। वहीं कमरे की दीवार पर मेक मी ए हार्ट ऑफ अलोन लिखा हुआ मिला है।कमरे से मिले सुसाइड नोट में किशोरियों ने पापा से माफी मांगी है। साथ ही एक डायरी का जिक्र भी किया है। नोट में लिखा है कि ‘इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। आई एम सॉरी, पापा।’ सुसाइड नोट में एक इमोजी भी बना है, जिसमें एक लड़की रोते हुए दिखाई गई है।’ हालांकि, नोट में जिस डायरी का जिक्र उन्होंने किया गया है, उसकी पूरी डिटेल अभी तक सामने नहीं आ पाई हैं।दरअसल, गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ थाना इलाके की भारत सिटी सोसाइटी में यह घटना घटी। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस इस घटना की बारीकी से जांच में जुटी है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि तीनों नाबालिगों ने देर रात करीब दो बजे एक साथ सोसायटी की 9वीं मंजिल से छलांग लगाई। 

जानकारी के मुताबिक, किशोरियों के माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। तीनों बहनों ने अपने कमरे की खिड़की से छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि ये तीनों बहनें पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन गेम खेलने की आदी हो चुकी थीं और कोरोना महामारी के बाद से इनका स्कूल भी रेगुलर नहीं था। तीनों बहनें पिछले कुछ माह से ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम खेल रही थीं। उनकी उम्र 16, 14 और 12 वर्ष थी। तीनों ने सामूहिक आत्महत्या क्यों की, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन व डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

मंगलवार को गेम का आखिरी टास्क था: मीडिया रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिता ने बताया है कि लड़कियों को ऑनलाइन कोरियन गेम खेलने की लत थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गेम का आखिरी टास्क था। नाबालिग लड़कियां आखिरी टास्क पूरा करने के बाद सोसायटी के 9वें फ्लोर से कूद गईं। पिता ने बताया कि पुलिस उनके फोन जांच के लिए ले गई है। उन्होंने यह भी बताया कि गेम में कुल 50 टास्क थे। कूदने के लिए बच्चियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का उपयोग किया था।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चियों के पिता ने आगे बताया कि बीच वाली बच्ची इस गेम की लीडर थी। तीनों बच्चियां हर काम एक साथ ही करती थीं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि तीनों ऐसा कोई गेम खेलती हैं, इसका परिवार में किसी को पता नहीं था।

Kontakt Express Services – Cargo & Logistics Services in Birgunj

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किसानों को नहीं होगा नुकसान

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केंद्रीय वाणिज्य एंव उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 4 फरवरी को India-US ट्रेड डील पर बात करते हुए संसद में कहा यह व्यापार समझौता ऐतिहासिक है. इससे भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं है. पीयूष गोयल ने यह बात अमेरिका द्वारा भारत पर लगाई गई टैरिफ कम करने को लेकर कही है. उन्होंने बताया कि 1 साल तक चले कई दौर के विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे. यह समझौता भारत को विकसित बनाने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण है.पीयूष गोयल ने कहा, “दोनों पक्षों के हितों को देखते हुए स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे. भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है. अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र थे जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे. इसकी बातचीत पिछले करीब 1 साल तक चली है, जिसमें काफी विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे. यह समझौता विशेष रूप से श्रम प्रदान क्षेत्रों और विनिर्माण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है. खाद और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूर्ण ध्यान रखा गया है.”

‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ का लक्ष्य होगा पूरा

संसद में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “मैं इस सम्मानित सदन को यह दोहराना चाहता हूं कि उर्वरक और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है. यह समझौता लघु एवं मध्यम व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्योगपतियों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों को नए अवसर प्रदान करेगा. इससे उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच आसान होगी और भारत के ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’, ‘डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्यों को साकार करने में मदद मिलेगी.”

संसद के गेट पर भिड़ंत, राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बीजेपी नेता ने कहा- ‘देश का दुश्मन’

50 से 18 प्रतिशत होगी टैरिफ

सोमवार, 2 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत पर लगी 50 प्रतिशत टैरिफ को कम कर 18 प्रतिशत किया जा रहा है. पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका द्वारा कई अन्य देशों पर लगाई टैरिफ की अपेक्षा भारत पर कम कर दिया गया है. यह फैसला दोनों पक्षों (भारत-अमेरिका) के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी

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आज के समय में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है. दुनिया के लगभग सभी देशों में इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. सोशल मीडिया लोगों के लिए जितना फायदेमंद है, उतना ही नुकसानदायक भी हो सकता है. इसी के चलते ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और डेनमार्क जैसी सरकारें बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. वहीं इन देशों के बाद अब स्पेन और ग्रीस भी 16 साल से कम आयु के बच्चों के लिए टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं.

स्पेन के प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर क्या बोले?

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को घोषणा की कि देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाना बहुत जरूरी है.
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि यह कदम युवाओं के सुरक्षित भविष्य और उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कम उम्र के बच्चे अक्सर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनके भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

प्रधानमंत्री कंटेंट को लेकर क्या कहा?

संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री सांचेज़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण और डीपफेक जैसे अवैध व आपत्तिजनक कंटेंट की व्यापक मौजूदगी पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने इन डिजिटल खतरों पर कड़े सवाल खड़े करते हुए तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही तय करने और युवाओं को इस ‘डिजिटल वाइल्ड वेस्ट’ से सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया.

सरकार ‘आयु जांच प्रणाली’ के लिए बाध्य करेगी

उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकारें अब इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी. यह पाबंदी सिर्फ नाममात्र की नहीं होगी, बल्कि सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को एक मजबूत ‘आयु जांच प्रणाली’ अपनाने के लिए बाध्य करेगी.

ठोस तकनीक पर ध्यान देना होगा

कंपनियों को अब केवल औपचारिकता निभाने वाले ‘चेक बॉक्स’ से आगे बढ़कर ऐसी ठोस तकनीक पर ध्यान देना होगा, जो असल में बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने से रोक सके. फिलहाल अधिकतर ऐप्स पर न्यूनतम आयु 13 वर्ष निर्धारित है, लेकिन बच्चे अपनी गलत उम्र दर्ज कर बड़ी आसानी से अपना अकाउंट बना लेते हैं.

दिल दहला देने वाली घटना: तीन बेटियों की खुदकुशी

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नई दिल्ली।  देश को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना में तीन सगी बेटियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर सामने आई है। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया, बल्कि समाज और प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, तीनों बेटियाँ एक ही परिवार से थीं। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। मानसिक तनाव, पारिवारिक परिस्थितियां या किसी बाहरी दबाव की भी जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते लापता लोगों के मामले भी गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। बीते कुछ समय में बच्चों, युवतियों और युवाओं के गुमशुदा होने की घटनाओं में इज़ाफा हुआ है। कई मामलों में परिजनों की शिकायत के बावजूद लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि आत्महत्या जैसी घटनाएं और बढ़ती गुमशुदगी, दोनों ही सिस्टम की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, पारिवारिक संवाद और समय पर काउंसलिंग बेहद ज़रूरी है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि लापता मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और संबंधित थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तीन बेटियों की आत्महत्या के मामले में भी निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया है।यह घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक सहयोग और नागरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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News Desk

संजय राउत का बड़ा हमला- प्रफुल्ल पटेल भाजपा के ज्यादा करीब

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शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)  के नेता प्रफुल्ल पटेल पर निशाना साधा। राउत ने कहा कि पटेल अपनी पार्टी से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के करीब हैं। उन्होंने कहा कि पटेल को वही करना चाहिए जो महाराष्ट्र और मराठी मानुष के लिए स्वीकार्य हो। 

संजय राउत ने क्या कहा?

संजय राउत ने कहा, एनसीपी पवारों की पार्टी है, पटेलों की नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भी भाजपा की ओर झुकाव रखते हैं। उन्होंने आगे कहा, प्रफुल्ल पटेल को वहीं करना चाहिए जो केवल महाराष्ट्र और मराठी मानुष के लिए मंजूर हो। एनसीपी पवारों की पार्टी है, पटेलों की नहीं। वह अपनी पार्टी के नेता नेता होने से ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बड़े भक्त हैं। 

प्रफुल्ल पटेल ने क्या कहा था?

प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को कहा था कि वह एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हैं। यह पद दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास था।उन्होंने यह भी कहा कि अजितपवार की पिछले हफ्ते एक विमान में हादसे में मौत के बाद पार्टी के फैसलों पर ऐसे लोग बोल रहे हैं, जिनका एनसीपी से कोई लेना-देना नहीं है।विपक्षी दल प्रफुल्ल पटेल पर यह कहते हुए निशाना साध रहे हैं कि अजित पवार के निधन के बाद वह एनसीपी की कमान संभालना चाहते हैं। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि मूल एनसीपी और शिवसेना में जो टूट हुई है, उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। एनसीपी की स्थापना शरद पवार और शिवसेना की बाल ठाकरे ने की थी। संसद में गतिरोध बरकरार: लोकसभा में पीएम मोदी का भाषण टला, विपक्षी दलों के हंगामे के बीच दिनभर नहीं हो सका काम

चंद्रपुर के महापौर को लेकर राउत ने क्या कहा?

चंद्रपुर के महापौर का पद कौन संभालेगा, इस सवाल को लेकर राउत ने कहा कि वहां भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही बहुमत नहीं मिला है और वे छोटे दलों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वहां के शिवसेना (यूबीटी) पार्षदों को निर्देश दिया है कि वे भाजपा के साथ किसी भी तरह का गठबंधन न करें।
 
चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?

66 सीटों वाले चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस को 27 सीटें मिलीं, भाजपा को 23 सीटें मिलीं और शिवसेना (यूबीटी) को छह सीटें मिलीं। बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली है।

क्लाउड पार्टिकल घोटाले में बड़ा खुलासा, 1800 करोड़ रुपये का हिसाब गायब

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व्यूनाउ ग्रुप के सीईओ और संस्थापक सुखविंदर सिंह खारौर ने अन्य आरोपियों/संस्थाओं के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपये का ‘क्लाउड पार्टिकल घोटाला’ किया है। उन्होंने आम जनता (निवेशकों) की मेहनत की कमाई अपने निजी लाभ के लिए हड़प ली। सेल एंड लीज बैक (एसएलबी) मॉडल पर आधारित क्लाउड पार्टिकल का मूल व्यवसाय अस्तित्वहीन पाया गया। निवेशकों को धोखा देने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। यह भी पता चला है कि डेटा सेंटर ग्राहकों से कोई किराया नहीं लिया जाता था या बहुत कम राशि ली जाती थी। वजह, क्योंकि व्यूनाउ ग्रुप का पूरा व्यवसाय केवल एक धन-चक्रण योजना थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, क्लाउड पार्टिकल्स की बिक्री के बदले निवेशकों से कुल मिलाकर लगभग 3700 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे। इसमें से लगभग 1800 करोड़ रुपये निवेशकों को किराए के रूप में लौटा दिए गए और शेष अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) का उपयोग व्यापारिक उद्देश्यों के अलावा अन्य कामों के लिए किया गया। मेसर्स वीएमएसएल और समूह की कंपनियों द्वारा चैनल पार्टनर्स को उच्च कमीशन देने, विभिन्न विलासितापूर्ण वाहनों, सोने और हीरों की खरीद, फर्जी संस्थाओं के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये की धनराशि का हस्तांतरण और संपत्तियों में निवेश करने में इसका दुरुपयोग किया गया।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत, मेसर्स वुएनो समूह की कंपनियों से संबंधित धन शोधन जांच के सिलसिले में 30.01.2026 को 19.10 करोड़ रुपये मूल्य का अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है। ईडी ने गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा बीएनएस, 2023 के प्रावधानों के तहत दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान पहले से जब्त/अचल संपत्तियों के अतिरिक्त, अचल संपत्तियों, सावधि जमाओं और सूचीबद्ध शेयरों के रूप में 19.10 करोड़ रुपये मूल्य की अतिरिक्त संपत्तियां बरामद की गईं। अचल संपत्तियां सुखविंदर सिंह खारौर, मेसर्स व्यूनो इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नितिन श्रीवास्तव और उनकी पत्नी रुचि श्रीवास्तव तथा व्यूनो ग्रुप के लेखाकार विजय झा के परिवार के सदस्यों की हैं, जबकि शेयर सुखविंदर सिंह खारौर और डिंपल खारौर के हैं।इससे पहले, 6 फरवरी 2025 के अनंतिम कुर्की आदेश के तहत बैंक बैलेंस, वाहनों और अचल संपत्तियों के रूप में लगभग 178.12 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई थी। 14 अगस्त 2025 को तलाशी अभियान के दौरान 73.72 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी फ्रीज कर दी गई थी। जांच के दौरान, आरोपी सुखविंदर सिंह खरौर और डिंपल खरौर को 28 फरवरी 2025 को और आरिफ निसार को 24 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल ये आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद, उनके और उनसे संबंधित संस्थाओं के खिलाफ 24 अप्रैल 2025 को पीएमएलए विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत दर्ज की गई। केस की आगे की जांच जारी है।

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News Desk

सुनेत्रा पवार को मिले एनसीपी की कमान? चिखलीकर का बड़ा बयान

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महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का भी नेतृत्व करना चाहिए। लोहा से विधायक प्रताप चिखलीकर ने यह इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि है कि एनसीपी कार्यकर्ता यह चाहते हैं।चिखलीकर अपने गृह नगर बारामती (पुणे जिला) में 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियां विसर्जित करने से पहले मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पार्टी प्रमुख बनना चाहिए। हम सभी ने उनसे एनसीपी का नेतृत्व संभालने का अनुरोध किया है।पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की भी यही इच्छा मुंबई में हुई एक बैठक का हवाला देते हुए चिखलीकर ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें प्रफुल्ल पटेल सहित अन्य नेता मौजूद थे। उनकी भी यही राय थी कि सुनेत्रा पवार को संगठन की कमान सौंपी जाए।

सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री जल्दी बनाने के निर्णय का किया बचाव

विधायक ने अजीत पवार के निधन के कुछ ही दिनों बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह सही है कि निर्णय जल्दी लिया गया, लेकिन अगर परिवार और संगठन को संभालना है तो नेतृत्व किसी को सौंपना पड़ता है। सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए सुनेत्रा पवार ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की।

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MP में 57 हजार मजदूरों की मौत से हड़कंप, श्रम विभाग हुआ सतर्क

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मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की सामान्य और दुर्घटनाजनित मौतों की बढ़ती संख्या ने श्रम विभाग की चिंता बढ़ा दी है. इन मौतों पर हो रहे भारी खर्च को देखते हुए अब सरकार ने रोकथाम पर जोर देने का फैसला किया है. इसके तहत सभी जिलों में श्रमिकों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनकी निगरानी कलेक्टर करेंगे.

सामान्य मृत्यु पर 2 लाख दिए जाते हैं

मध्य प्रदेश में 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के असंगठित श्रमिक मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना में पंजीकृत हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों के बीच 57 हजार सामान्य मौतें और करीब 5,800 दुर्घटनाजनित मौतें दर्ज हुईं, जिनमें संबल योजना के तहत हितलाभ वितरित किए गए. प्रदेश की औसत आयु 67 वर्ष है, लेकिन 60 वर्ष से पहले होने वाली मौतों पर योजना के तहत सामान्य मृत्यु पर दो लाख और दुर्घटना मृत्यु पर चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है.

प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देश जारी

हर साल 60 हजार से अधिक मामलों में हितलाभ दिए जाने से योजना पर खर्च लगातार बढ़ रहा है. इसी को देखते हुए श्रम विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि जिलों में श्रमिक स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाए. ये शिविर औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, ईंट भट्टों, कारखानों और कृषि आधारित कार्यस्थलों पर लगाए जाएंगे. शिविरों का आयोजन मासिक ग्राम सभा और वार्ड सभाओं के साथ किया जाएगा तथा अनुग्रह सहायता योजना से जुड़े मामलों की जानकारी भी ग्राम सभा की विषय सूची में शामिल की जा सकेगी.

कार्यस्थल सुरक्षा पर सख्ती

कार्यस्थलों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन के निर्देश भी दिए गए हैं. कारखानों और निर्माण स्थलों पर हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लब्स, मास्क सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाएगा. इसके साथ ही श्रमिकों को सड़क सुरक्षा और सुरक्षित परिवहन के प्रति भी जागरूक किया जाएगा.

नियमित स्वास्थ्य जांच और समन्वय

श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच, जैसे बीपी, शुगर, बीएमआई और कार्डियक रिस्क से जोड़ा जाएगा. उच्च जोखिम वाले श्रमिकों की पहचान कर उन्हें समय पर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय से प्रत्येक जिले में संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी.

भोपाल में SIR को लेकर कांग्रेस की हाई लेवल बैठक, नेताओं ने नाम कटौती को बताया लोकतंत्र पर वार

कार्यशील आयु वर्ग में मौतों के कारणों का विश्लेषण कर उन्हें रोकने के उपायों पर मासिक समीक्षा करने के भी निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं. सरकार का मानना है कि निवारक स्वास्थ्य उपायों और सुरक्षा जागरूकता से श्रमिकों की मृत्यु दर घटेगी और संबल योजना पर बढ़ते खर्च को भी नियंत्रित किया जा सकेगा.

चहल की संभावित भारतीय प्लेइंग-11 चौंकाने वाली! ईशान को ही किया बाहर; अपने दोस्त को भी नहीं चुना

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टी20 विश्व कप का आगाज सात फरवरी से होने जा रहा है। भारत सात को अपने पहले मुकाबले में अमेरिका से भिड़ेगा। इस पहले मुकाबले से पहले टीम इंडिया के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने अपनी संभावित प्लेइंग-11 चुनकर क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ होने वाले इस मैच के लिए चहल ने ईशान किशन और कुलदीप यादव जैसे बड़े नामों को बाहर रखा है। खास बात तो यह है कि कुलदीप मौजूदा समय में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और चहल के खास दोस्त भी हैं। चहल ने कुलदीप पर वरुण चक्रवर्ती को तरजीह दी है।

ईशान को बाहर रखना सरप्राइज

हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार फॉर्म में रहे ईशान किशन को प्लेइंग-11 में जगह न मिलना सबसे चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है। चहल ने ओपनिंग के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी पर भरोसा जताया है। संजू सैमसन का हालिया प्रदर्शन साधारण रहा है, इसके बावजूद चहल ने उन पर भरोसा दिखाया। चहल ने इस चयन को लेकर कहा, ‘टी20 में मुझे ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो दबाव में भी गेम को कंट्रोल कर सकें।’

मिडिल ऑर्डर में संतुलन पर जोर

चहल की टीम में नंबर तीन पर चोट से वापसी कर रहे तिलक वर्मा को जगह मिली है। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव नंबर चार पर बल्लेबाजी करेंगे। मिडिल ऑर्डर और फिनिशर की भूमिका हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह निभाएंगे। यह संयोजन टीम को गहराई और पावर दोनों देता है। उन्होंने ईशान पर रिंकू को तरजीह दी, जबकि ईशान ने मध्यक्रम में शानदार फॉर्म दिखाया है।

गेंदबाजी में आक्रामक रणनीति

गेंदबाजी विभाग में चहल ने दो स्पिनर, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को चुना है। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के कंधों पर होगी। इसी संतुलन के चलते कुलदीप यादव को बाहर रखा गया है, जिन्होंने 2025 एशिया कप फाइनल के बाद सीमित टी20 मैच खेले हैं।

ग्रुप ए में भारत की चुनौती

डिफेंडिंग चैंपियन भारत को ग्रुप ए में पाकिस्तान, अमेरिका, नीदरलैंड्स और नामीबिया के साथ रखा गया है। टीम इंडिया का लक्ष्य इतिहास रचना है। भारत की नजर घरेलू धरती पर खिताब बचाने वाली पहली टीम बनना और तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतना है।चहल की संभावित प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह।