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NCP महाराष्ट्र में NDA में बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनिल तटकरे ने किया खारिज

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नई दिल्‍ली । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे (Sunil Tatkare) ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी भाजपा (BJP) नीत राजग (NDA) का हिस्सा बनी रहेगी। साथ ही, संगठन दिवंगत अजित पवार (Ajit Pawar) की ओर से निर्धारित विचारधारा और मार्ग पर आगे बढ़ेगा। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब यह दावा किया जा रहा था कि NCP और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विलय की घोषणा की तारीख 12 फरवरी तय कर दी गई थी। NCP के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा, ”लोग चाहे कुछ भी कहें, हमारा रुख स्पष्ट है। हम पार्टी और अजित दादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। हम इस रुख पर अडिग हैं।”रायगड के सांसद ने कहा, ”हम राजग के साथ हैं और राजग के साथ ही रहेंगे। अजित दादा ने यह निर्णय सोच-समझकर लिया था।” तटकरे ने कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ तालमेल का निर्णय अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अजित पवार की सहमति के बिना कभी कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की जल्दबाजी पर आलोचना का जिक्र करते हुए तटकरे ने कहा कि संविधान सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया।

 

शपथ की जल्दबाजी पर क्या जवाब
सुनील तटकरे ने कहा, ”महाराष्ट्र में स्थिरता और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए उनके शपथ लेने में कुछ भी गलत नहीं है।” तटकरे ने कहा कि पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार पर फैसला राकांपा का आंतरिक मामला है और उन्होंने राजग के भीतर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ”भाजपा ने हमेशा हमारे साथ सहयोग किया है और अपने सहयोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है।” विलय को लेकर वार्ता के समय पर सवाल उठाते हुए तटकरे ने पूछा कि अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले ही इस तरह की अटकलें क्यों लगाई जाने लगीं।

 

क्या पार्टी विलय पर चल रही थी बातचीत
NCP नेता तटकरे ने कहा कि उन्होंने विलय वार्ता से संबंधित कोई टिप्पणी नहीं की, फिर भी यह धारणा बनाई गई कि वह इसके खिलाफ हैं। बारामती में 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले अजित पवार की अस्थियों को पार्टी कार्यालय लाया गया। रायगड के सांसद तटकरे ने बताया कि अजित पवार की अस्थि कलश को राज्य के सभी जिलों में ले जाया जाएगा, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। इस बीच, राकांपा के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि सुनेत्रा पवार विलय पर फैसला लेंगी और उनका निर्णय पार्टी पर बाध्यकारी होगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले पर सार्वजनिक रूप से चर्चा क्यों हो रही है।उन्होंने कहा, ”यह परिवार का मामला है। अगर इस पर चर्चा हो रही थी, तो अजित दादा ने सुनेत्रा वहिनी (भाभी) से जरूर बात की होगी। अब आगे क्या करना है, इस पर फैसला वही लेंगी।” उन्होंने जोर दिया कि सुनेत्रा का फैसला राकांपा में सभी पर बाध्यकारी होगा।

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News Desk

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