पाकिस्तान की पुरानी कहानी; एशिया कप से चला आ रहा ड्रामा

0

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

टी20 विश्वकप 2026 का हाईवोल्टेज ड्रामा अब समाप्त हो चुका है। पाकिस्तान ने आखिरकार एलान किया कि वह भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मैच में खेलने को तैयार है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने इतने दावों और गीदड़भभकियों के बाद ऐसा करके अपने देश का और खुद का फिर से मजाक बनवा लिया है। जब एक फरवरी को पाकिस्तान ने बड़े जोश के साथ भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की धमकी दी थी, तभी ज्यादातर लोगों ने कह दिया था, इन्हें आखिर में खेलना ही पड़ेगा। महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर उन पहले लोगों में थे जिन्होंने खुलकर कहा कि यह फैसला ज्यादा दिन टिकने वाला नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, ‘इसमें नया क्या है? हम जानते हैं पाकिस्तान के खिलाड़ी रिटायर होते हैं और चार दिन बाद वापस आ जाते हैं। यहां भी ऐसा ही हो सकता है।’ एक हफ्ते बाद वही हुआ।

संसद में एलान, फिर वापसी

आप खुद ही सोचिए, एक देश का प्रधानमंत्री संसद में खड़े होकर बहिष्कार का एलान करे और कुछ दिन बाद उसी फैसले से पीछे हटना पड़े। उस देश की कितनी किरकिरी होगी। पाकिस्तान के साथ यही हुआ।सोमवार को पाकिस्तानी सरकार का एक और बयान आया, जिसमें अपने ही फैसले को पलटते हुए कहा गया, ‘यह फैसला क्रिकेट की भावना को बचाने के लिए लिया गया है।’ बात सुनने में बहुत अच्छी लगती है, बस दिक्कत यह है कि भावना तब याद आई जब विकल्प लगभग खत्म हो चुके थे।
 
यह पहली बार नहीं, एशिया कप में पलटे थे

मोहसिन नकवी के दौर में ऐसा पलटना नया नहीं है। पिछले साल एशिया कप में भी यूएई के खिलाफ मैच से पहले बहिष्कार की धमकी दी गई थी। कहा गया था कि मैच रेफरी ने गलत किया। टॉस से पहले कहानी बदली, बताया गया कि माफी मिल गई। रेफरी वहीं रहे, मैच हुआ, मामला खत्म। इस बार फर्क सिर्फ इतना था कि सामने भारत था, क्रिकेट की सबसे बड़ी कमाई वाला मुकाबला।

असली टक्कर सिद्धांत बनाम गणित

भारत-पाकिस्तान मैच को ब्रॉडकास्ट की दुनिया में सोने की खान माना जाता है। माना जाता है कि यह मुकाबला 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा की वैल्यू रखता है। अब सोचिए, जिस बोर्ड की सालाना कमाई लगभग 35-40 मिलियन डॉलर हो, वह ऐसा मैच छोड़ दे, संभव था क्या? कागज पर यह क्रांति लगती थी, असल में यह आत्मघाती कदम होता। हंसने वाली बात है न…

बांग्लादेश के नाम पर राजनीति

जब बांग्लादेश ने अपने मैचों को लेकर आपत्ति जताई, तब पाकिस्तान ने इसे सिद्धांत का मुद्दा बताया। कहा गया कि क्षेत्रीय एकजुटता दिखानी है। सुनने में अच्छा था, लेकिन टूर्नामेंट के पहिये भावनाओं से नहीं, लॉजिस्टिक्स और पैसों से चलते हैं। जैसे ही आईसीसी ने साफ किया कि नियम अपनी जगह हैं, पूरा मामला बदलने लगा।

बंद कमरों में क्या हुआ

फोन लगातार बज रहे थे। ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर, बोर्ड, सबको जवाब चाहिए था। आईसीसी ने बातचीत के लिए लोगों को लगाया। बांग्लादेश बोर्ड को भी शामिल किया गया। पाकिस्तान की तरफ से ऐसी मांगें सामने आईं जिन्हें मानना लगभग नामुमकिन था, जैसे भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट फिर शुरू कराया जाए या नई सीरीज बना दी जाए। आईसीसी ने विनम्रता से सुना, फिर मना कर दिया।

फिर रास्ता कैसे निकला?

आईसीसी ने इतना जरूर कहा कि बांग्लादेश पर कोई सजा नहीं होगी और उसका राजस्व सुरक्षित रहेगा। पाकिस्तान के लिए यही जीत बताने का आधार बन गया। जनता को दिखाने के लिए एक नतीजा मिल गया, भले ही मूल धमकी हवा हो चुकी थी। हंसने की बात है न…

सच्चाई क्या थी?

असली सच्चाई यही है कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मैच की जरूरत किसी और बोर्ड या काउंसिल से ज्यादा है। पैसे, राजनीति, दर्शक, सब कुछ इससे जुड़ा था। अगर टीम नहीं उतरती तो ब्रॉडकास्टर्स छूट मांगते, स्पॉन्सर नाराज होते और फैंस सबसे पहले सवाल पूछते। इसलिए वापसी तय थी। बस समय का इंतजार था और आखिरकार…ठीक वैसा ही हुआ जैसा पहले दिन से कहा जा रहा था। पाकिस्तान खेलेगा। बयान अब यह है कि बातचीत हुई, न्याय मिला, सिद्धांत बचा लिया गया। तकनीकी रूप से यह सब सही लग सकता है, लेकिन दुनिया ने देखा कि असली धमकी कब खत्म हुई, जब हिसाब लगाया गया।

छवि पर असर

इस पूरे प्रकरण ने एक बात फिर सामने रख दी, ऊंची आवाज में सिद्धांत की बात करना आसान है, लेकिन जब गणित सामने आता है तो फैसले बदलते देर नहीं लगती। आईसीसी ने राहत की सांस ली, बांग्लादेश जुर्माने से बच गया, पर टूर्नामेंट से बाहर हो गया, और पाकिस्तान वहीं पहुंचा जहां उसे होना ही था…मैदान पर।

अब आगे क्या?

15 फरवरी को जब टीमें उतरेंगी तो स्टेडियम भरा होगा, टीवी रेटिंग आसमान छुएगी। लोग चौके-छक्के याद रखेंगे, यह हफ्ते भर का ड्रामा नहीं। लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी दर्ज हो चुकी है। वो कहावत है न, ‘कोयला होय न ऊजलौ, सौ मन साबुन लाय।’ यानी फितरत बदलना आसान नहीं होता। इसलिए अगर भविष्य में फिर कभी पाकिस्तान की ऐसी कोई नई धमकी, नया बहिष्कार या नया अल्टीमेटम सुनाई दे, तो दुनिया शायद उतनी हैरान नहीं होगी।लोग पहले ही मानकर चलेंगे कि यह स्क्रिप्ट का हिस्सा है, अंत में पाकिस्तान का यू-टर्न तय है। सबसे बड़ा नुकसान यही है। जब बार-बार पलटना आदत बन जाए, तो शब्दों की साख खत्म हो जाती है। अगली बार चाहे पाकिस्तान का बयान कितना भी ऊंचा क्यों न हो, प्रतिक्रिया यही होगी, रुको, कुछ दिन में फैसला बदल जाएगा।

तरनतारन में छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा के सिर में गोली मारी, बाद में खुद को किया शूट 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

तरनतारन । पंजाब के तरनतारन में मौजूद लॉ कॉलेज में सोमवार को छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद छात्र ने वहीं पर खुद को भी गोली मारकर सुसाइड किया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक छात्रा संदीप कौर (20) है, लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। वहीं आरोपी छात्र तरनतारन का प्रिंसराज सिंह है, वह भी छात्रा के साथ पढ़ता था। पुलिस ने लॉ कॉलेज को सील कर हत्या के कारणों की जांच कर रही है।
वहीं मृतक लड़की की मां ने आरोप लगाया कि कॉलेज से उन्हें कहा गया कि छोटा सा झगड़ा हुआ और उनकी बेटी को चोट लगी है। जब वह कॉलेज पहुंची, तब देखा कि बेटी मरी पड़ी थी। पुलिस के मुताबिक अभी घटना के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती तौर पर इस घटना को एकतरफा प्यार से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस को शक है कि युवक ने वेलेंटाइन वीक में 8 फरवरी को छात्रा को प्रपोज किया था लेकिन छात्रा ने इंकार कर दिया। इसके बाद गुस्साए छात्र ने ये भयावक कदम उठाया है। 
बात दें कि कत्ल से जुड़ा कॉलेज के क्लासरूम का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह फुटेज सुबह करीब 9 बजे का है। तब क्लास में पढ़ाई शुरु नहीं हुई थी। सभी स्टूडेंट क्लास में ही घूम रहे थे। तभी आरोपी छात्र प्रिंसराज क्लासरूम में दाखिल हुआ। क्लास रुम में छात्रा संदीप कौर अपनी सहेली के साथ बैंच पर बैठी हुई थी। आरोपी ने थोड़ी देर उससे बहस की। इसके बाद पिस्टल तानकर छात्रा के सिर से सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा नीचे गिर पड़ी। यह देख उसके साथ खड़ी सहेली हक्की-बक्की रह गई। वह संदीप कौर की तरफ झुकती, इससे पहले प्रिंसराज ने फिर पिस्टल लोड कर अपने सिर पर गोली मार ली। इसके बाद छात्रा ने संदीप कौर को उठाने की कोशिश की, लेकिन पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारने की वजह से उसका ब्रेन फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। यह देखकर वह बाहर की तरफ भागी और कॉलेज मैनेजमेंट को बताने के लिए पहुंची। तभी बाकी छात्र-छात्राएं भी वहां आ गईं। जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
लड़की की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि बेटी संदीप सुबह घर से तैयार होकर निकली थी। उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उसकी टीचर ने कहा कि आपकी बेटी को बहुत चोट लगी है, जल्दी आओ। हरजिंदर ने बताया कि मैं कॉलेज आई, तब देखा कि मेरी बेटी की मौत हो चुकी है। लड़की की बॉडी पूरी तरह खून से लथपथ थी। उसके सिर में गोली मारी गई है। हमें पता चला है कि तरनतारन का लड़का है, जिसने गोली चलाई है। पिस्टल भी अंदर ही पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने हमें लाश के पास भी नहीं जाने दिया। मृतक छात्रा के पिता की मौत हो चुकी है। उसकी 6 बहनें हैं और एक छोटा भाई है।
मामले में पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी युवक पिस्टल कहां से लाया। कहीं उसके पिता के पास लाइसेंसी पिस्टल नहीं है। अगर ऐसा न हुआ, तब फिर यह पिस्टल अवैध हो सकता है। इसके बारे में भी जांच की जा रही है।

Previous articleदालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान बवाल, आगजनी-हंगामे में एफआईआर दर्ज
Next articleकांग्रेस पर बिफरे केंद्रीय मंत्री रिजिजू……………कांग्रेस संसद को चलने नहीं देना चाहती
News Desk

‘क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं..’, आत्मसमर्पण करने से पहले राजपाल का भावुक बयान; बोले- यहां कोई दोस्त नहीं

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉलीवुड फिल्मों में अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव पर इन दिनों मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ वक्त पहले एक चेक बाउंस मामले को लेकर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया है। सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने क्या कहा? क्यों वह बहुत भावुक नजर आए, जानिए? 

राजपाल बोले- अकेले ही मुश्किल से निपटना होगा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजपाल यादव सरेंडर करने से पहले काफी दुखी, भावुक थे। न्यूज एक्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई रास्ता नहीं दिखता। यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस मुश्किल से अकेले ही निपटना होगा।’ इस तरह राजपाल यादव ने अपनी परेशानी मीडिया के सामने साझा की है।

इस वजह से करना पड़ा सरेंडर?

2 फरवरी को राजपाल यादव को यह निर्देश दिया गया था कि वह सरेंडर करें। अभिनेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि एक्टर ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और भुगतान करने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगा था। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सरेंडर करने के लिए समय बढ़ाने की राजपाल यादव की अर्जी खारिज कर दी। फिर बीते गुरुवार को अभिनेता ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

क्या है चेक बाउंस का मामला?

राजपाल यादव ने एक कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। कंपनी का कहना है कि राजपाल यादव ने पैसे लौटाने के लिए कई चेक दिए, लेकिन वे सब बाउंस हो गए। कंपनी (M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) ने राजपाल यादव पर चेक बाउंस का केस किया था। ये चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे नहीं मिले।निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। हाई कोर्ट ने पहले उनकी सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया था, लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएंगे। कोर्ट में कई बार वादा किया गया, लेकिन राजपाल यादव ने बार-बार पैसे नहीं चुकाए। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं। 

कांग्रेस पर बिफरे केंद्रीय मंत्री रिजिजू……………कांग्रेस संसद को चलने नहीं देना चाहती

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस सांसदों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर कांग्रेस पार्टी पर कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सुरक्षा संबंधी चेतावनी देने पर प्रतिक्रिया देकर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस सांसदों का आचरण अस्वीकार्य है। 
यह घटना स्पीकर बिरला द्वारा गुरुवार को दिए गए उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ कांग्रेस सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की सीट के पास जाकर अभूतपूर्व घटना को अंजाम देने की सूचना के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को सदन में उपस्थित न होने की सलाह दी थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोक सके। इस पर प्रतिक्रिया देकर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष बिरला के कक्ष में कांग्रेस सांसदों के व्यवहार की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। 
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के सदन में प्रवेश करते ही कांग्रेस ने हंगामा करने की योजना बनाई थी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के सदन में आते ही उनसे कागजात छीनने की योजना बनाई थी। रिजिजू ने कहा कि संसद गुंडागर्दी का स्थान नहीं है। हर चीज की एक सीमा होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार सदन को सुचारू रूप से चलाना चाहती है, लेकिन व्यवधान संसदीय कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम सदन चलाना चाहते हैं। अगर कांग्रेस सदन को चलने नहीं देना चाहती, तब अन्य सांसदों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। एक अलग बयान में, रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस लगातार व्यवधान के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में कांग्रेस नेतृत्व जानबूझकर कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस नहीं हो सकी। मुझे लगता है कि लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता सदन को चलने नहीं देना चाहते। अध्यक्ष भी कांग्रेस सांसदों के व्यवहार से आहत हैं। 

Previous articleतरनतारन में छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा के सिर में गोली मारी, बाद में खुद को किया शूट 
News Desk

‘अपने लिए कुछ नहीं किया’, यू-टर्न पर PCB का बचाव करते हुए यह बयान देकर खुद का मजाक बनवाया

0

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

कई दिनों की तनातनी और राजनीतिक बयानबाज़ी के बाद पाकिस्तान ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ खेलने का फैसला कर लिया, लेकिन इस फैसले से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे, जहां उनसे बहिष्कार पर तीखे सवाल पूछे गए। जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ, एक इंटरव्यूअर ने उन्हें रोक लिया और अंदर की बात जाननी चाही। यहीं से यह लगभग साफ हो गया कि पाकिस्तान अब पीछे हटने वाला है।

‘अपने लिए कुछ नहीं किया’

जब नकवी से पूछा गया कि क्या आईसीसी से बातचीत में पाकिस्तान ने अपने लिए कोई रियायत हासिल की, तो उन्होंने साफ कहा, ‘अपने लिए कुछ नहीं किया।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘बस अब थोड़ी देर में फैसला हो जाएगा।’ इंटरव्यूअर ने फिर पूछा, ‘अच्छी खबर आ रही है?’ नकवी ने जवाब दिया, ‘हम तो हर वक्त अच्छी खबर ही देते हैं।’

बांग्लादेश का हवाला

नकवी ने अपने रुख को सही ठहराने के लिए बार-बार बांग्लादेश का नाम लिया। उन्होंने कहा, ‘आपने बांग्लादेश की स्टेटमेंट देखी होगी। बांग्लादेश ने रिक्वेस्ट की है पाकिस्तान से कि हम मैच खेलें। निश्चित तौर पर, उनका सारा मामला तय हुआ है, तभी उन्होंने ये रिक्वेस्ट की है।’एक और सवाल आया कि क्या पाकिस्तान ने अपनी कोई शर्त मनवाई? नकवी का जवाब था, ‘हमने बांग्लादेश के लिए स्टैंड लिया था। उन्हीं की बात थी। हमने अपने लिए कुछ नहीं किया।’ यानी पूरा नैरेटिव यही बनाया गया कि पाकिस्तान सिद्धांत के लिए खड़ा था, खुद के फायदे के लिए नहीं।

पर्दे के पीछे की हकीकत

हालांकि कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक तस्वीर इतनी सीधी नहीं थी। पाकिस्तान की ओर से कई मांगें रखी गई थीं, जिनमें भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज बहाल करने जैसी बातें भी शामिल थीं, लेकिन आईसीसी ने इन प्रस्तावों को मानने से इनकार कर दिया। आखिरकार जो रास्ता निकला, वह टूर्नामेंट को पटरी पर रखने वाला था कि पाकिस्तान खेलेगा।

आईसीसी का आधिकारिक रुख

ड्रामा खत्म होने के बाद आईसीसी ने भी बयान जारी किया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साफ कहा, ‘मौजूदा भावना को देखते हुए यह सहमति बनी है कि सभी सदस्य आईसीसी इवेंट्स में अपनी भागीदारी की शर्तों का सम्मान करेंगे और टूर्नामेंट की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।’ मतलब साफ था- प्रतिबद्धताएं निभानी होंगी।

छवि बचाने की कोशिश?

राजनीतिक और खेल विश्लेषकों का मानना है कि नकवी कैमरे पर यह दिखाना चाहते थे कि पाकिस्तान खाली हाथ नहीं लौटा। इसलिए “हमने अपने लिए कुछ नहीं मांगा” वाली लाइन पर जोर दिया गया, लेकिन आलोचक पूछ रहे हैं कि अगर अंत में खेलना ही था, तो बहिष्कार की इतनी बड़ी घोषणा क्यों?

नतीजा क्या निकला

आखिरकार पाकिस्तान उसी जगह पहुंचा जहां उसे होना था, मैदान पर। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार वापसी कैमरों के सामने, सवालों के बीच और काफी दबाव में हुई। 15 फरवरी को जब मैच शुरू होगा, तब शायद यह विवाद पीछे छूट जाए, लेकिन यू-टर्न वाला अध्याय क्रिकेट राजनीति की फाइल में दर्ज रहेगा।

डिजिटल धोखाधड़ी मामले में अदालत का बड़ा आदेश, कहा- आरबीआई की एसओपी पूरे भारत में लागू करे सरकार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली।  देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए इसे डकैती या लूट करार दिया है। अदालत ने कहा कि अब तक 54,000 करोड़ से अधिक की राशि साइबर ठगी के जरिए निकाली जा चुकी है, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा तैयार किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को पूरे देश में औपचारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि डिजिटल फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों की लापरवाही या अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई और बैंकों से कहा कि वे ऐसे मामलों में समय पर और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि आरबीआई ने पहले ही एक एसओपी तैयार किया है, जिसके तहत साइबर फ्रॉड की आशंका होने पर अस्थायी रूप से डेबिट कार्ड को होल्ड पर डालने जैसी त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान को तुरंत रोकना है।

Previous articleविंटर ओलंपिक के विरोध में प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदला, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
Next articleकैमरे पर घिरे नकवी: ‘अपने लिए कुछ नहीं किया’, यू-टर्न पर PCB का बचाव करते हुए यह बयान देकर खुद का मजाक बनवाया
News Desk

रोहित शेट्टी गोलीबारी मामले में क्राइम ब्रांच का खुलासा, मैकेनिक बनकर बिश्नोई गैंग के लिए काम करता था आरोपी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के घर गोलीबारी कांड में अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़े खुलासे किए हैं। मामले में क्राइम ब्रांच ने ये स्पष्ट किया है कि शूटर्स के निशाने पर रोहित शेट्टी ही थे। साथ ही क्राइम ब्रांच ने आरोपी हथियार सप्लायर और बिश्नोई गैंग का आपस में कनेक्शन स्पष्ट किया है। ये भी पता चला है कि किस तरह से सप्लायर ने वो हथियार भेजे थे, जिनसे बाद में रोहित शेट्टी के घर गोलीबारी की गई।

जांच में सामने आई ये बात

मामले में जांच करते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया कि रोहित शेट्टी के घर पर हुई गोलीबारी की घटना में आरोपी हथियार सप्लायर आसाराम फासले पिछले चार साल से बिश्नोई गिरोह के लिए गैराज मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था। वह बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और रोहित शेट्टी गोलीबारी मामले के कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर के प्रभाव में आकर इस गिरोह में शामिल हुआ था। क्राइम ब्रांच का दावा है कि आसाराम फासले ने शुभम लोनकर के निर्देश पर स्वप्निल सकत को हथियार सौंपे थे। इन्हीं का इस्तेमाल बाद में अज्ञात शूटर ने रोहित शेट्टी के घर हुई गोलीबारी में किया था।

कहां से लिए थे हथियार, जांच कर रही पुलिस

मामले में पुलिस ने 5 फरवरी को आरोपी आसाराम फसाले को गिरफ्तार किया था। पहले से गिरफ्तार चार आरोपियों में से आसाराम फसाले की सीधी पहचान स्वप्निल सकट से थी, जो शुभम लोंकर के जरिए कराई गई थी। क्राइम ब्रांच को यह भी जानकारी मिली है कि आसाराम के गैंग से जुड़े होने की भनक उसके कुछ करीबी लोगों को थी। हालांकि, वे लोग कौन हैं और क्या उनका भी लॉरेंस गैंग से कोई सीधा कनेक्शन है, इस एंगल से पुलिस अब जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात के लिए आसाराम ने हथियार कहां से हासिल किए थे और इसके बदले उसे कितनी रकम मिली थी? 

कब हुआ था हमला?

31 जनवरी की रात करीब 12:45 बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी।पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई, जिनमें से एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से जा टकराई थी।बाद में इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया था कि इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली है।यह स्क्रीनशॉट शुभम लोंकर आरजू बिश्नोई नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट का है।पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ये धमकी दी गई थी कि ये सिर्फ ट्रेलर है। अगर नहीं सुधरे तो अगली गोली घर के अंदर इसके बेडरूम में चलेगी, इसकी छाती पर।

Nagpur Students Prepare for High-Growth Careers with Eduwise Solutions

0

Eduwise Solutions supports Nagpur learners with industry-driven training programs designed to enhance employability. With a focus on practical skills and career readiness, the platform helps students and professionals gain confidence and job-ready expertise in high-growth technology sectors.

India — Eduwise Solutions — a leading career-driven education and training platform — proudly announces its commitment to bridging the gap between academic learning and professional success for graduates, job seekers, and early-career professionals. With a suite of industry-aligned programs and personalized career guidance, Eduwise Solutions continues to transform career outcomes and empower learners across India.

About Eduwise Solutions

Eduwise Solutions is dedicated to empowering learners by providing practical, job-focused training backed by industry expertise and personalized support. Founded with the mission to make job readiness accessible, the company offers cutting-edge programs in Artificial Intelligence, Data Science, DevOps, Cybersecurity, Full Stack Web Development, and more — all designed to enhance employability in high-demand sectors.

The organization combines skill development, industry insights, and real-world experience to prepare candidates with the tools they need to succeed in competitive job markets. Their programs include hands-on training, resume building, LinkedIn optimization, interview skill development, and direct hiring opportunities with partner companies.

Key Highlights

🎯 Industry-Aligned Training: Comprehensive programs designed with input from real industry experts.
📈 Professional Skill Building: Focused modules on communication, personal branding, and technical skills essential for today’s workplace.
🤝 Hiring Partnerships: Collaborations with 1000+ companies to connect skilled learners with recruitment teams.
📍 Experience & Impact: Over 8 years of impactful experience training 2,000+ learners.
📚 Programs With Guarantee: Some programs include job guarantee components for qualified learners.

Featured Programs

Eduwise Solutions offers a variety of career-ready programs, including:

  • Artificial Intelligence & Machine Learning
  • DevOps with Cloud & AI
  • Cyber Security
  • Data Science
  • Full Stack Web Development
  • Professional Certification with Job Guaranteed Modules

Contact & Office Details

📍 Office Address:
235, Binnamangala, 2nd Floor, 13th Cross Road,
2nd Stage, Indira Nagar, Bengaluru – 560038, Karnataka, India

📞 Phone: +91 91487 74540
📧 Email: contact@eduwise.solutions

Connect with Eduwise Solutions

Stay updated with the latest programs, success stories, and career insights by following Eduwise Solutions on social media:

🌐 Website: https://www.eduwise.solutions/

📘 LinkedIn: https://in.linkedin.com/company/eduwisesolutions

📸 Instagram: https://www.instagram.com/eduwise_insta/

📘 Facebook Page: https://www.facebook.com/p/Eduwise-solutions-61572439138198/

Eduwise Solutions
Eduwise Solutions is a career advancement platform rooted in industry insights and practical learning. Their mission is to equip learners with in-demand skills, foster meaningful professional growth, and help job seekers secure fulfilling careers through result-oriented training and strong hiring partnerships.

संघ के शताब्दी समारोह में पहुंचे ‘भाईजान’ पर संजय राउत का तंज— बोले, सलमान कब से स्वयंसेवक बन गए?

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित शताब्दी समारोह के दौरान सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस नेतृत्व पर जमकर हमला बोला। खासतौर पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी को लेकर राउत ने तीखे सवाल खड़े किए। 
संजय राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आरएसएस के कार्यक्रम में सलमान खान को बुलाया गया, लेकिन सवाल यह है कि सलमान खान कब से संघ के स्वयंसेवक बन गए। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि संघ के शताब्दी समारोह में ऐसे लोगों को क्यों आमंत्रित किया गया, जिनका संघ से कोई वैचारिक या संगठनात्मक संबंध नहीं रहा है। राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी के आने के बाद अब लोग कहते हैं— चले जाओ, झंझट क्यों लेना। 
राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी के शासनकाल में भारत अमेरिका का गुलाम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है और इसकी जिम्मेदारी संघ प्रमुख मोहन भागवत और आरएसएस को भी लेनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सरकार अब तक वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दे रही है और मोहन भागवत को इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए। 
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी दावा किया कि इस कार्यक्रम में गायक अदनान सामी भी मौजूद थे, जो पाकिस्तान से भारत आए हैं। राउत ने आरोप लगाया कि अदनान सामी के पिता पाकिस्तान वायुसेना में थे और उन्होंने भारत के खिलाफ युद्ध लड़ा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समारोह में ऐसे लोग भी शामिल थे, जो कभी पोर्न इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया। इसी के साथ ही संजय राउत ने समारोह में कुछ प्रमुख हस्तियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वह कार्यक्रम में शाहरुख खान को ढूंढ रहे थे, लेकिन वह वहां नजर नहीं आए। राउत ने पूछा कि क्या शाहरुख खान देशभक्त नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि जावेद अख्तर का परिवार देश के लिए बलिदान दे चुका है, फिर भी उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। 

Previous articleइसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी
Next articleपहले बॉयकॉट का बिगुल बजाते हैं, फिर यू-टर्न मारते हैं: पाकिस्तान की पुरानी कहानी; एशिया कप से चला आ रहा ड्रामा
News Desk

इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

बेंगलुरु।  इसरो ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के साउथ पोल के पास एक लैंडिंग साइट तलाश ली है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिली तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने मॉन्स माउटन क्षेत्र को लैंडिंग के लिए सबसे सही बताया है। मॉन्स माउटन, चंद्रमा के साउथ पोल के पास स्थित करीब 6,000 मीटर ऊंचा पहाड़ है। इसकी चोटी काफी हद तक सपाट है, जो लैंडिंग के लिए अनुकूल है। हालांकि, लैंडिंग साइट को लेकर अंतिम फैसला लॉन्च के करीब लिया जाएगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह इलाका इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां लंबे समय तक सूर्य की रोशनी मिलती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में वॉटर आइस मौजूद होने की संभावना भी जताई जाती है।

चंद्रयान-2 की तस्वीरों से मिली मदद
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस स्टडी को लूनर एंड प्लैनेटरी साइंस कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया। लैंडिंग साइट तय करने के लिए चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर लगे ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरे की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। यह कैमरा चंद्र सतह को करीब 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सल के रेजोल्यूशन में दिखाता है। इससे छोटे क्रेटर, पत्थर, ढलान और सतह की बनावट साफ नजर आती है, जिससे लैंडिंग के लिए खतरनाक इलाकों की पहचान पहले ही हो जाती है।

सैंपल लेकर लौटेगा चंद्रयान-4
2104 करोड़ रुपए के इस मिशन में चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। मिशन में दो अलग-अलग रॉकेट का इस्तेमाल होगा। हैवी-लिफ्टर एनवीएम-3 और इसरो का रिलायबल वर्कहॉर्स पीएसएलवी अलग-अलग पेलोड लेकर जाएंगे। स्टैक 1 में लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए एसेंडर मॉड्यूल और सतह पर लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए डिसेंडर मॉड्यूल शामिल हैं। स्टैक 2 में थ्रस्ट के लिए एक प्रोपल्शन मॉड्यूल, सैंपल होल्ड के लिए ट्रांसफर मॉड्यूल और सैंपल को पृथ्वी पर लाने के लिए री-एंट्री मॉड्यूल शामिल हैं। चंद्रयान-4 को इसरो का अब तक का सबसे मुश्किल मून मिशन माना जा रहा है।