RSS कार्यक्रम में सलमान खान की मौजूदगी पर सियासत, बोले शिंदे- “वे भारतीय नागरिक हैं”

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मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने अभिनेता सलमान खान (Salman khan) के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पर उठे विवाद का जवाब दिया है। शिंदे ने कहा कि किसी भारतीय नागरिक के ऐसे कार्यक्रम में जाने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, “सलमान खान भारतीय नागरिक हैं। वे अपने घर में भगवान गणेश की स्थापना करते हैं, हमारी संस्कृति का सम्मान करते हैं और उनका परिवार भी यही परंपरा निभाता है।” शिंदे के अनुसार, किसी सांस्कृतिक या वैचारिक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है।

कार्यक्रम में भागवत का संबोधन सुना
सलमान खान हाल ही में मुंबई में आयोजित RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान वे संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुनते दिखाई दिए। इस अवसर पर फिल्मकार सुभाष घई तथा गीतकार-लेखक प्रसून जोशी भी मौजूद थे।

 

नेहरू सेंटर में आयोजित व्याख्यान शृंखला
वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में “संघ की 100 साल की यात्रा: नए क्षितिज” शीर्षक से दो दिवसीय व्याख्यान शृंखला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य RSS की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा, समाज में उसकी भूमिका और भविष्य की दिशा पर चर्चा करना बताया गया।

कार्यक्रम स्थल पर सलमान खान के पहुंचते ही मौजूद लोगों ने उनके साथ तस्वीरें लेने की कोशिश की। यह आयोजन संघ के व्यापक शताब्दी अभियान का हिस्सा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए आमंत्रित वक्ताओं ने भाग लिया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच बयान
सलमान खान की इस उपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई थी, जिसके बाद शिंदे का यह बयान सामने आया। उन्होंने दोहराया कि मुंबई में रहने वाले किसी व्यक्ति का शहर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना स्वाभाविक है और इसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

हुमायूं कबीर का सीएम योगी को खुला चैलेंज, बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाएंगे

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal elections) से पहले बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। अब इस मामले में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की भी एंट्री हो गई है। सीएम योगी के बाबरी मस्जिद संबंधी बयान के बाद पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने पलटवार किया है।

मंगलवार को हुमायूं कबीर ने कहा कि वे मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नकल वाली मस्जिद जरूर बनाएंगे और इसे कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा, “मस्जिद बनाकर रहूंगा, रोक सको तो रोक लो।”

क्या कहा हुमायूं कबीर ने?
मीडिया से बातचीत में हुमायूं ने कहा कि यह लखनऊ या अयोध्या नहीं है, यह बंगाल है और यहां ममता बनर्जी का शासन है। भारतीय संविधान के अनुसार मुसलमानों को भी मस्जिद बनाने का पूरा अधिकार है, जैसे अन्य लोग मंदिर या चर्च बनाते हैं। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे के गिराए जाने की वर्षगांठ पर उन्होंने मस्जिद की नींव रखी थी और 11 फरवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू होगा।
हुमायूं ने कहा कि सुबह 10 बजे लगभग 1200 लोग कुरान पढ़ते हुए निर्माण कार्य की शुरुआत करेंगे। उन्होंने फिर से योगी को चुनौती दी कि अगर रोकना है तो रोककर दिखाएं, लेकिन वे किसी से नहीं डरते और किसी दबाव में नहीं आएंगे।

योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि ‘कयामत’ का दिन कभी नहीं आएगा और बाबरी ढांचा दोबारा कभी नहीं बनेगा। बाराबंकी में उन्होंने कहा, “हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। मंदिर बन गया है। जो लोग कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं, वे ऐसे ही सड़-गल जाएंगे।”

योगी ने आगे कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के बाद संभव हुआ। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय राम याद आते हैं और बाकी समय भूल जाते हैं, इसलिए अब उनका मौका कभी नहीं आएगा।

CBI ने घूसखोर दरोगा को रंगे हाथ पकड़ा, 10 लाख रुपये की रिश्वत ले रहा था पुलिसवाला

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नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में की गई, जहां आरोपी दरोगा ने शिकायतकर्ता से कुल 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। CBI ने 10 फरवरी 2026 को यह मामला दर्ज किया था। आरोप है कि दिल्ली के सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में तैनात इस घूसखोर दरोगा ने शिकायतकर्ता से संपत्ति विवाद को सुलझाने के नाम पर 25 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी थी। उसने कहा था कि पैसे देने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

मामले की जानकारी मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और 10 फरवरी 2026 को ही आरोपी ASI को घूस के पैसों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय आरोपी दरोगा शिकायतकर्ता से विवाद सुलझाने की एवज में मांगी गई 25 लाख रुपये की कुल रकम में से 10 लाख रुपये की पहली किस्त ले रहा था। आरोपी घूस की रकम को हजम कर पाता इससे पहले ही CBI ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने कहा है कि मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है और मामले की जांच अभी जारी है।

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भाभी-भाभी कहता था, अकेला देख डोल गई नियत, पिस्टल निकाली और…

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पलवल: कहते हैं कि दोस्ती में इतना भी भरोसा भी नहीं करना चाहिए कि आगे जब आपको धोखा मिले तो आप उस दर्द से उभर ही ना पाएं. हरियाणा के पलवल जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने इस भरोसे की नींव हिला दी है. गदपुरी थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त की पत्नी से ऐसी हरकत की, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे- कैसा हैवान है ये इंसान. दरअसल, उसने पिस्टल दिखाकर दोस्त की बीवी से पहले रेप किया, जिसे वो भाभी-भाभी कहता था. बाद फिर उसे जान से मार डालने की धमकी भी दी.

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, घटना 6 फरवरी की है. पीड़ित महिला ने बताया- वो उस दिन घर पर अकेली थी और उसका पति किसी काम से बाहर गया हुआ था. इसी दौरान उसके पति का दोस्त सागर घर पहुंचा. घर में दोस्त को न पाकर और महिला को अकेला देख सागर की नीयत बिगड़ गई.

महिला का आरोप है कि सागर ने अचानक पिस्टल निकाल ली और उसे जान से मारने की धमकी देकर रेप किया. जाते-जाते महिला को चेतावनी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को खत्म कर देगा. घटना के बाद महिला गहरे सदमे में चली गई और गुमसुम रहने लगी. परिवार वालों ने जब उसके व्यवहार में आए बदलाव को भांप लिया और बार-बार पूछताछ की, तब महिला का बांध टूट गया. उसने रोते हुए अपने साथ हुई सारी हैवानियत की दास्तां बयां की. इसके बाद परिजन तुरंत महिला को लेकर थाने पहुंचे.

गदपुरी थाना पुलिस ने महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है. पुलिस की टीमें अब सागर की तलाश में दबिश दे रही हैं.

ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, विपक्ष में एकजुटता पर सवाल

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नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही कांग्रेस को तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस सांसदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि टीएमसी (TMC) ने इससे दूरी बना ली है। इससे विपक्षी दलों की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर करीब 102 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), द्रमुक (डीएमके) और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने इस पहल का समर्थन किया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कई सांसदों के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।

हालांकि विपक्ष की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी टीएमसी के सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। सूत्रों का कहना है कि यदि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर दिया जाता है तो कांग्रेस प्रस्ताव वापस लेने पर विचार कर सकती है।

संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह प्रस्ताव मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणियों पर कार्रवाई नहीं हुई तथा कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना साक्ष्य आरोप लगाए गए।

 

सोमवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक में टीएमसी, वाम दल, डीएमके, सपा, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उद्धव गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) सहित कई दल शामिल हुए थे। इसके बावजूद प्रस्ताव पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी।

विपक्ष का कहना है कि दो फरवरी से सदन में गतिरोध बना हुआ है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विवाद बढ़ा। साथ ही, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन ने भी तनाव को और बढ़ा दिया।

मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा, जिसके चलते सदन की कार्रवाई दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नकाल के दौरान सपा सांसद इकरा हुसैन का सवाल भी शोर-शराबे के कारण पूरा नहीं हो सका और संबंधित मंत्री जवाब नहीं दे पाईं।

विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि उसे सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्तापक्ष को पूरी छूट दी जा रही है। संसद में जारी इस टकराव के बीच आगे की रणनीति पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।

 

JCB की गूंज… सीमेंट-बालू ढोते श्रमिक, 11 बीघा जमीन पर बन रही बाबारी मस्जिद

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मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो गया है। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के नेतृत्व में इस मस्जिद की नींव रखी गई है। आज भी हजारों लोग सिर पर ईंट लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे। मस्जिद के निर्माण से पहले हुमायूं कबीर ने लोगों के साथ कुरान पढ़ी। 11 बीघे जमीन पर बनने वाली मस्जिद के 2 साल में बनकर तैयार होने की बात कही जा रहा है।

मस्जिद निर्माण स्थल से सामने आए वीडियो में बड़े पैमाने पर हो रही गतिविधियों की झलक दिखी। हजारों की भीड़ जुटी है और जेसीबी मशीनों के जरिए नींव के लिए मिट्टी हटाने का काम चल रहा है। एक तरफ तकनीकी टीम जमीन की नपाई और सटीक मार्किंग में जुटी है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में श्रमिक सीमेंट और बालू पहुंचाने के काम में लगे हैं।

जन उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर का दावा है कि दो साल में मस्जिद के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। मैं ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करता हूं। आज इतने सारे लोग मेरे साथ खड़े हैं, मैं उन सभी का भी शुक्रिया अदा करता हूं। दूसरों को मेरा विरोध करने दो। अगले दो सालों में, मुझे उम्मीद है कि बाबरी मस्जिद का ढांचा पूरा हो जाएगा। मंदिर बनाना ठीक है, लेकिन अगर कोई मुसलमान मस्जिद बनाना चाहता है, तो वे इसका विरोध कर रहे हैं। हम उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे।”

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MP सरकार ने बजट सत्र से पहले फिर लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज, कमलनाथ ने कसा तंज

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) के बजट सत्र से ठीक पहले मोहन सरकार (Mohan Government) ने बाजार से 5 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज उठा लिया है। यह पिछले एक सप्ताह में लिया गया दूसरा बड़ा कर्ज है। इससे पहले 4 फरवरी को सरकार 5300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। प्रदेश में लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि भाजपा राज्य को कर्ज के बोझ में डुबो रही है।

कमलनाथ X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर 5, लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और मध्य प्रदेश के ऊपर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा हो गया है। भाजपा की सरकार ने कितनी तेज़ी से मध्य प्रदेश को कर्ज़ के दलदल में डुबाया है, इस बात का अंदाज़ा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2007 में मध्यप्रदेश के ऊपर 52, हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ था जो क़रीब दस गुना बढ़कर 5,00,000 करोड़ की सीमा को पार कर गया है।

भाजपा सरकार अपनी फ़िज़ूलख़र्ची और इवेंट बाज़ी पर सरकारी ख़ज़ाने को लुटा रही है। आम जनता कभी कफ सीरप में ज़हर, तो कभी विषाक्त जल पीने से बेमौत मारी जा रही है और सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है। मैंने पहले भी आगाह किया है और एक बार फिर दोहराता हूँ कि मध्य प्रदेश सरकार को अपनी राजकोषीय स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और जनहित में इसमें सुधार करने की ज़रूरत है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी साधा निशाना
उमंग सिंघार ने X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि बजट सत्र से ठीक पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एक सप्ताह में दूसरी बार 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 67,300 करोड़ रुपये की उधारी और 36 बार कर्ज लिया जाना राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

हाल ही में जारी RBI की रिपोर्ट ने भी प्रदेश की वास्तविक आर्थिक तस्वीर उजागर की है देश के कुल कर्ज का लगभग 5% हिस्सा अकेले मध्यप्रदेश पर है। यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार की वित्तीय दिशा पर पुनर्विचार की मांग करती है। सरकार स्पष्ट करे कि इस भारी उधारी का ठोस वित्तीय रोडमैप क्या है? आगामी बजट सत्र में बढ़ते कर्ज, ब्याज के बढ़ते बोझ और वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। मध्यप्रदेश को कर्ज के पहाड़ नहीं, बल्कि मजबूत, जवाबदेह और दूरदर्शी आर्थिक नीति की आवश्यकता है।

स्कूल छोड़ प्रेमी संग फरार हुई BPSC टीचर, बोली- ‘मैंने अपनी मर्जी से शादी की’

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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले में एक BPSC शिक्षिका अपना स्कूल छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई है। प्रेमी संग जाने के कुछ समय बाद शिक्षिका ने एक वीडियो बनाकर शेयर किया है और कहा है कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ गई है और उससे शादी की है। मामले के सामने आने के बाद ये घटना पूरे जिले में चर्चित हो गयी है।

सीतामढ़ी जिले में एक शिक्षिका का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शिक्षिका ने अपना नाम वंदना कुमारी बताया है। शिक्षिका ने खुद को बीएससी शिक्षिका बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से अपने प्रेमी संजीत कुमार के साथ शादी की है।

वायरल वीडियो में वंदना कुमारी ने यह भी बताया कि उनके पिता का नाम संतोष कुमार है और वह रीगा की रहने वाली हैं। वहीं युवक ने अपना नाम संजीत कुमार बताया है। दोनों ने एक संयुक्त वीडियो जारी कर यह स्पष्ट किया है कि उनकी शादी आपसी सहमति से हुई है और किसी प्रकार का दबाव या जोर-जबरदस्ती नहीं की गई है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, स्कूल छोड़ने और फरार होने को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं, लेकिन वीडियो में शिक्षिका ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने स्वेच्छा से निर्णय लिया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की सच्चाई और आगे की कार्रवाई को लेकर लोग आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

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 पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हादसा नहीं, साजिश……….भतीजे रोहित पवार ने उठा दिए सवाल 

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मुंबई । एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत होने का मामला अब तक प्रशासन दुर्घटना ही मान रहा है। अजित के चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार ने भी इस दुर्घटना ही करार दिया था, लेकिन अब परिवार के सदस्य रोहित पवार ने मामले में सनसनीखेज दावा किया हैं। रोहित का कहना है कि यह घटना एक साजिश थी, इस साजिश को 100 फीसदी एक हादसे का रूप दिया गया है। यह पहला मौका है, जब पवार फैमिली के किसी सदस्य ने घटना पर सवाल उठाकर एक साजिश बता दिया है। रोहित पवार के आरोपों के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज होने की आशंका है। पहले शरद पवार ने ही हादसा बताया था इस लेकर रोहित पवार से सवाल हुआ।

इस पर रोहित ने कहा कि तब पूरी जानकारी नहीं मिली थी। अब इस संबंध में तथ्य पता चल रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल उठ रहे हैं। रोहित पवार ने वीएसआर पर भी सवाल उठाए। यह वहीं कंपनी है, जो विमान का परिचालन कर रही थी। उन्होंने कहा कि आखिरी वक्त पर आखिर प्लान ही क्यों बदला, जब अजित सड़क मार्ग से ही बारामती आने वाले थे। इसके अलावा उन्होंने एरो कंपनी पर भी सवाल खड़े किए, जिसने वीएसआर को हायर किया था। उन्होंने कहा कि मेरा पक्का यकीन है कि यह घटना कोई हादसा नहीं है बल्कि साजिश थी। क्रैश से ठीक पहले कैसे ट्रांसपोंडर बंद किया गया। क्यों और किसने बंद किया?
रोहित अब इन सवालों को लेकर दिल्ली आ रहे हैं और मीडिया से बात करने वाले है। उन्होंने कहा कि आखिर जिस रनवे पर प्लेन उतरा वहां स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बाद भी प्लेन क्यों लैंड कराने की कोशिश हुई। इस लेकर उन्होंने कहा कि जब रनवे 11 पर लैंडिंग करना रनवे 29 के मुकाबले ज्यादा कठिन था, तब फिर रनवे 11 पर ही क्यों विमान उतारा गया। क्या पायलट को झपकी लग गई थी या फिर कुछ और हुआ। जब विमान हिल रहा था और एक दिशा में झुकने लगा, तब पायलटों ने क्यों कुछ नहीं किया। इसतरह के कई सवाल रोहित पवार ने उठाए हैं और वह इसी मसले पर अब दिल्ली में भी मीडिया को बुला रहे हैं।
पवार फैमिली के नेता ने कहा कि मुंबई से प्लेन को क्यों उड़ने दिया गया, जबकि तब विजिबिलिटी कम थी। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार इसतरह के हालात में फ्लाइट को परमिशन नहीं मिलती। संदेह को और गहरा करते हुए उन्होंने कहा कि अजित काका ने बीते कुछ समय से अपनी आदतों में बदलाव किए थे। वह प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना बंद कर चुके थे। वह शीशे के गिलासों में ही पानी पीते थे। उन्हें डर था कि प्लास्टिक के गिलासों में कुछ भी इंजेक्ट किया जा सकता है। 

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भारत से रिश्ते सुधारने को तड़प रहा है चीन, मंत्री बोले

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नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों और पश्चिमी प्रभुत्व को मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया की दो महाशक्तियों, भारत और चीन ने अपने रिश्तों को एक नई और सकारात्मक दिशा देने का ठोस संकेत दिया है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि वे एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं, बल्कि विकास के साझेदार हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के कार्यकारी उप-विदेश मंत्री मा झाओशू ने द्विपक्षीय संबंधों की जटिलताओं को सुलझाने और भविष्य का रोडमैप तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की।
चीन के कार्यकारी उप-मंत्री मा झाओशू इन दिनों ब्रिक्स बैठकों के सिलसिले में भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान हुई वार्ता में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हालातों के साथ-साथ दोनों देशों की घरेलू और विदेश नीतियों पर स्पष्ट और गहन विमर्श हुआ। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भारत और चीन का साथ आना अनिवार्य है। चीन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि दोनों राष्ट्रों को अपने संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, जिससे न केवल इन दो देशों बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ को मजबूती मिले। वार्ता के दौरान आपसी विश्वास को बहाल करने और मतभेदों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने तय किया है कि वे वर्ष 2026 और 2027 में एक-दूसरे की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन करेंगे। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। चीन ने यह भी संकेत दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की भूमिका और आकांक्षाओं का सम्मान करता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता को रचनात्मक बताते हुए स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता पहली शर्त है। भारत ने जोर देकर कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखना ही मजबूत रिश्तों की बुनियाद है। वार्ता में व्यापारिक मुद्दों और आर्थिक सहयोग को रणनीतिक नजरिये से देखने पर सहमति बनी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के दोबारा शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया और इसके विस्तार की उम्मीद जताई। रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए व्यावहारिक कदमों पर भी चर्चा हुई, जिसमें हवाई सेवाओं के लिए नए समझौते को अंतिम रूप देना और वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। दोनों पक्षों ने माना कि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद संबंधों में जो गतिरोध आया था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। अक्टूबर 2024 में कजान और अगस्त 2025 में तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकातों ने इस सुधार प्रक्रिया को नई ऊर्जा दी है। अब दोनों देश एलिफेंट और ड्रैगन के इस साझा तालमेल के जरिए एशिया में एक स्थिर और संतुलित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

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