रणबीर कपूर की ‘रामायण’ में विभीषण बनेंगे विजय सेतुपति? अब खुद अभिनेता ने दी प्रतिक्रिया; जानिए क्या है सच्चाई

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नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रणबीर कपूर की मल्टीस्टारर फिल्म ‘रामायण’ लगातार चर्चाओं में बनी हुई है। फिल्म की कास्टिंग को लेकर हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि विजय सेतुपति भी ‘रामायण’ में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स में ऐसा कहा गया था कि विजय फिल्म में विभीषण का किरदार निभाएंगे। हालांकि, अब इन खबरों पर विजय सेतुपति ने खुद प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या बताया?

‘रामायण’ का हिस्सा नहीं हैं विजय सेतुपति

बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार सुभाष के झा से बातचीत के दौरान विजय सेतुपति ने ‘रामायण’ में अपनी कास्टिंग पर बात की। इस दौरान विजय ने ‘रामायण’ में विभीषण की भूमिका निभाने से इनकार करते हुए कहा, ‘जी नहीं, सर। मैं इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हूं। मुझे नहीं पता कि यह खबर कहां से आ रही है।’

विक्रांत मैसी भी कर चुके हैं इनकार

इससे पहले खबरें आई थीं कि राघव जुयाल ‘रामायण’ में मेघनाद का किरदार निभाएंगे। रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि राघव ने फिल्म में विक्रांत मैसी को रिप्लेस किया है। पहले ये किरदार विक्रांत मैसी करने वाले थे। हालांकि, बाद में विक्रांत मैसी ने एक पोस्ट डालकर ये स्पष्ट किया कि वो कभी भी ‘रामायण’ का हिस्सा थे ही नहीं। फिलहाल अभी तक राघव जुयाल की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रणबीर कपूर राम और यश निभाएंगे रावण की भूमिका

फिल्म की मुख्य कास्टिंग पहले ही हो चुकी है। जिसके मुताबिक फिल्म में रणबीर कपूर (भगवान राम), साई पल्लवी (सीता), यश (रावण), रवि दुबे (लक्ष्मण) और सनी देओल (हनुमान) की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा फिल्म में अरुण गोविल (दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी), इंदिरा कृष्णन (कौसल्या) और कुणाल कपूर (इंद्र) के होने की भी चर्चाएं हैं। वहीं फिल्म में रकुल प्रीत सिंह, बॉबी देओल, काजल अग्रवाल, मोहित रैना, आदिनाथ कोठारे जैसे कलाकारों के जुड़ने की भी खबरें हैं। हालांकि, इनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 

दो पार्ट में रिलीज होगी ‘रामायण’

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित ‘रामायण’ दो पार्ट में रिलीज होगी। फिल्म का पहला पार्ट इसी साल दिवाली के मौके पर रिलीज होना है। हालांकि, फैंस अभी तक फिल्म के टीजर और किरदारों के लुक के बारे में जानने को बेकरार हैं। जबकि फिल्म का दूसरा पार्ट अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज होना है।

संसद और स्कूलों में बम की धमकी

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नई दिल्ली।  राजधानी दिल्ली के 9 स्कूलों को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। मेल में दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1.11 बजे संसद में ब्लास्ट होगा और दिल्ली को खालिस्तान बना देंगे। ईमेल में आतंकी अफजल गुरु और पंजाब को खालिस्तान बताने का भी जिक्र था। धमकी के बाद स्कूलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह अलग-अलग इलाकों के स्कूलों से इमरजेंसी कॉल आईं। इसके बाद फायर टेंडर, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड तुरंत मौके पर पहुंची। धमकी भरे ईमेल में लिखा है कि अफजल गुरु की याद में दिल्ली बनेगा खालिस्तान। 1:11 बजे पर धमाका होगा, 13 फरवरी को 1:11 बजे पर संसद में ब्लास्ट होगा। पंजाब खालिस्तान है। खालिस्तान नेशनल आर्मी। डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक 9 स्कूलों ने बम की धमकी मिलने की सूचना दी है। सभी परिसरों की जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल की लोकेशन और सोर्स पता करने के लिए साइबर टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। साथ ही राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अब तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

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भागवत के साथ अदनान सामी की मुलाकात पर भड़की कांग्रेस……….राष्ट्र-विरोधी कृत्य करार दिया

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मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई में आयोजित कार्यक्रम ने महाराष्ट्र में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मशहूर गायक अदनान सामी की मुलाकात और साथ में भोजन करने पर महाराष्ट्र कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जाहिर कर दी है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को राष्ट्र-विरोधी कृत्य करार देकर आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने एक पोस्ट में कहा कि सामी के पिता ने पाकिस्तान वायुसेना में पायलट के रूप में सेवा दी थी और वहां पठानकोट हवाई अड्डे पर हमले सहित 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शामिल थे। सामी उन हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सप्ताहांत में मुंबई में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया था।
कांग्रेस ने लिखा, सामी के पिता अरशद सामी खान पाकिस्तान वायु सेना में पायलट थे जिन्होंने 1965 के युद्ध के दौरान पठानकोट हवाई अड्डे को नष्ट किया था। आज भागवत उनके साथ भोजन का आनंद ले रहे हैं। आरएसएस (का यह कदम) राष्ट्रविरोधी है। मशहूर सिंगर सामी ने अपने फेसबुक अंकाउट पर संघ प्रमुख भागवत के साथ अपनी तस्वीरें साझा की थीं और आरएसएस प्रमुख की प्रशंसा की थी।
पद्म श्री से सम्मानित सामी ने लिखा था, ‘‘आरएसएस के महान सरसंघचालक भागवत के साथ एक बेहतरीन दोपहर बिताई है। उन्हें सुनना आनंददायक था और उन्होंने बड़ी कुशलता से कई मिथकों एवं गलतफहमियों को दूर किया। एक अत्यंत सज्जन और बेहतरीन व्यक्ति।
मुंबई में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें कला, खेल और उद्योग जगत की कई हस्तियों ने शिरकत की थी। सामी इसी कार्यक्रम में आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों में से एक थे।

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शरद पवार अस्पताल में हुए भर्ती

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पुणे।  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें गले में संक्रमण और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। बताया गया है कि पवार पहले बारामती में थे और वहीं प्राथमिक इलाज लिया था, लेकिन तबीयत पूरी तरह ठीक न होने पर उन्हें आगे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उनकी बेटी और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और दामाद सदानंद सुले मौजूद हैं। हाल के दिनों में भतीजे अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे, जिससे उनकी तबीयत पर असर पड़ा माना जा रहा है। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 

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आतंकवाद पर भारत को मिला वैश्विक समर्थन, PM मोदी बोले—देश का संदेश बिल्कुल साफ

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि आतंकवाद (Terrorism) के मुद्दे पर भारत (Indore) का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। भारत इस मुद्दे पर न तो दोहरे मापदंड अपनाता है और न ही किसी तरह का समझौता करता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim) के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।

दोनों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों पर जोर दिया। दोनों ने आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने और नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

मलेशिया दौरे के आखिरी दिन विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से मुलाकात के बाद PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद और खुफिया क्षेत्र में सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में तालमेल मजबूत करेंगे। साथ ही रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाया जाएगा। PM मोदी ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।

PM मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है और भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं। उन्होंने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति की सराहना की।

उद्योगपतियों से मुलाकात की
PM मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी बढ़ती दिलचस्पी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों को सकारात्मक बताया और कहा कि भारतीय विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रमुख तेंगकु मोहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन के संस्थापक विंसेंट टैन, खजानाह नेशनल के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेन सेंग से अलग-अलग मुलाकात की।

भारतीय मूल के नेताओं से मिले
PM मोदी ने भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों, सीनेटरों से मुलाकात की और भारत-मलेशिया संबंध मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की। PM मोदी ने कहा कि इन नेताओं का भारत से भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट दिखता है और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी भारत-मलेशिया मित्रता के समर्थन को दर्शाती है।

भारत-मलेशिया को जोड़ती है तमिल
PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा लगाव से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में तमिल की मजबूत मौजूदगी शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में साफ दिखाई देती है। मलेशिया में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी है। इनमें बड़ी संख्या तमिल मूल के लोगों की है।

आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक से मिले
PM मोदी आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मिले। उन्होंने उनके साहस, विरासत और बलिदान के लिए देशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के वीरों का साहस भारत की नियति को आकार देने में अहम रहा। राव से मिलना बहुत विशेष रहा और उनके अनुभव बेहद प्रेरणादायक हैं।

‘इब्राहिम भी एमजीआर के बड़े प्रशंसक’
PM मोदी ने कहा कि उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम भी तमिल अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब इब्राहिम द्वारा आयोजित लंच के दौरान एमजीआर की फिल्म नालै नमथे का गीत प्रस्तुत किया गया। एमजीआर यानी मरुथुर गोपालन रामचंद्रन प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में एआईएडीएमके की स्थापना की और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री बने। 1975 में रिलीज हुई नालै नमथे उनकी लोकप्रिय फिल्मों में शामिल है।

सावरकर को भारत रत्न पर विपक्ष का तंज—बोले, उन्हें तो ब्रिटिश रत्न मिलना चाहिए

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डेस्क: वीर सावरकर को भारत रत्न देने पर बहस फिर से शुरू हो गई है, एक कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सावरकर को यह सम्मान देने से भारत रत्न की प्रतिष्ठा बढ़ेगी. मुंबई में RSS के शताब्दी समारोह में की गई इस टिप्पणी से कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. भागवत की इस मांग पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है.

RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा, “सावरकर को भारत रत्न किस आधार पर दिया जाना चाहिए? यह एक बहुत बड़ा सम्मान है. सावरकर पहले व्यक्ति थे जिन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत का प्रचार किया, जिसे बाद में मुस्लिम लीग ने अपनाया. उन्होंने उसी आधार पर अपनी सरकार बनाई और अखंड भारत को टुकड़ों में बांट दिया.”

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “सावरकर ने ब्रिटिश सरकार की मदद की थी, जबकि कांग्रेस भारत की आज़ादी के लिए लड़ रही थी. वह एक फासीवादी थे. ऐसे व्यक्ति को भारत रत्न कैसे दिया जा सकता है? मोहन भागवत को ब्रिटिश सरकार से कहना चाहिए कि वे सावरकर को ‘ब्रिटिश रत्न’ दें.”

Jhalana Jaipur Safari Booking Tips for First-Time Visitors

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First-time visitors planning Jhalana Jaipur safari should follow essential booking tips to ensure a smooth experience. Jhalana leopard safari slots are limited, and demand remains high throughout the year. Booking in advance through authorized channels is highly recommended. Visitors should select preferred safari timings based on season and weather. Jhalana Leopard Reserve enforces strict entry rules, so carrying valid identification is necessary. Leopard safari Jaipur becomes more enjoyable when tourists plan properly and follow safari guidelines. These booking tips help visitors maximize their chances of memorable sightings.

Jhalana Leopard Safari: Jaipur’s Urban Wildlife Jewel Attracting Celebrities and Global Tourists

Jaipur, the capital of Rajasthan, is internationally celebrated for its royal forts, palaces, and rich cultural heritage. In recent years, however, the city has also gained widespread recognition for a unique wildlife experience—Jhalana Leopard Safari, located within the renowned Jhalana Leopard Reserve, often described as Jaipur’s premier urban wildlife sanctuary.

Strategically situated close to the city center, Jhalana Leopard Reserve is considered one of India’s most successful urban wildlife reserves. The forest is home to an estimated 45 or more leopards, making it one of the highest leopard-density areas in the country. This remarkable concentration of big cats has positioned Jhalana as a leading destination for wildlife enthusiasts, photographers, conservationists, and nature lovers.

High Leopard Sighting Rate Sets Jhalana Apart

One of the defining features of Jhalana Leopard Safari is its consistently high leopard sighting rate, which is reported to be around 90 percent or higher. The safari operates in two daily shifts—morning and evening—providing visitors multiple opportunities to observe leopards in their natural habitat. Due to this reliability, most visitors leave with memorable sightings and a rewarding wildlife experience.

Preferred Safari Destination for Celebrities and Distinguished Guests

Over the years, Jhalana Leopard Reserve has hosted numerous Bollywood personalities, international travelers, renowned wildlife photographers, and prominent sports figures, including cricketers. Many high-profile visitors prefer booking their safari experiences through Kuldeep Singh Shekhawat, a respected naturalist and established safari service provider in Jaipur.

Kuldeep Singh Shekhawat: A Trusted Expert in Jhalana Leopard Safari

With extensive experience in wildlife tourism, Kuldeep Singh Shekhawat is widely recognized as one of the most reliable safari experts associated with Jhalana Leopard Reserve. His in-depth knowledge of leopard behavior, forest terrain, and ethical safari practices has earned him the trust of both domestic and international guests.

Under his guidance, safari experiences are conducted with a strong focus on safety, education, and responsible tourism. His contribution has played a meaningful role in promoting conservation awareness and sustainable wildlife tourism in Jaipur.

An Essential Wildlife Experience in Jaipur

Jhalana Leopard Safari has become an integral component of Jaipur’s modern tourism identity, offering visitors a rare opportunity to witness leopards thriving just minutes away from an urban environment. The reserve stands as a successful example of how wildlife conservation and urban development can coexist harmoniously.

Tourists planning a visit to Jaipur and seeking an authentic leopard safari experience are strongly advised to book in advance, as the number of safari vehicles is limited and demand remains consistently high.

Safari Booking Information

📞 Mobile: +91 8290557709, +91 8387817123
📧 Email: jeepsafari123@gmail.com

🌐 Website: www.jhalanasafaribooking.com

Today, Jhalana Leopard Safari represents the evolution of Jaipur’s tourism landscape—where royal heritage meets thriving wilderness—offering an experience that is both distinctive and unforgettable.

गुजरात–स्टारलिंक एलओआई साइन, सुदूर इलाकों में बढ़ेगी डिजिटल कनेक्टिविटी

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गुजरात| सरकार ने लन मस्क की स्पेस एक्स की सब्सिडियरी स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ आपसी सहयोग के आशय पत्र (एलओआई) का विनिमय किया है। इस समझौते के बाद राज्य के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों को डिजिटली कनेक्ट किया जा सकेगा। इससे सुदूरवर्ती, दूरदराजी तथा कम टेलीकॉम सुविधा और नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में हाईस्पीड सैटेलाइट आधारित इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।इस एलओआई अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट में कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी), ई-गवर्नेंस सुविधाओं, सरकारी विद्यालयों, जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष, पोर्ट्स, वन्यजीव अभयारण्यों के क्षेत्रों को जोड़ने की योजना है। यह एलओआई नर्मदा तथा दाहोद जैसे जिलों सभी जिलों में डिजिटल इन्क्लूजन के लिए महत्वपूर्ण कदम बनेगा। इससे पुलिस आउटपोस्ट्स, आपदा प्रबंधन केन्द्रों, वन्यजीव मॉनिटरिंग तथा कृषि अनुसंधान केन्द्रों के लिए मजबूत कनेक्टिविटी द्वारा सिक्योरिटी तथा स्टेबिलिटी बढ़ने के साथ रिलायेबल डिजिटल सर्विस डिलीवरी भी सुनिश्चित होगी।इसके साथ ही राज्य के स्कूलों में शिक्षा के लिए स्मार्ट कनेक्टिविटी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) में स्वास्थ्य सुख-सुविधा की सेवाएं और टेली-मेडिसीन सुविधाएं आसानी से एवं तेजी से उपलब्ध होंगी। विभिन्न सरकारी एजेंसियों, विभागों, विद्यालयों और डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम्स की कैपिसिटी बिल्डिंग के लिए भविष्य में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में सोमवार को गांधीनगर में यह एलओआई विनिमय समारोह आयोजित किया गया। राज्य सरकार की ओर से उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप तथा स्टारलिंक की ओर से स्टारलिंक इंडिया के हेड प्रभाकर जयकुमार ने इस एलओआई का परस्पर आदान-प्रदान किया।

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Su-30MKI अपग्रेड, ‘सुपर सुखोई’ कार्यक्रम को हरी झंडी की तैयारी

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नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमान Su-30MKI के बड़े अपग्रेड प्रोग्राम पर फैसला अब जल्द होने वाला है. HAL सूत्रों के मुताबिक इस योजना को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी अगले एक-दो महीनों में मिल सकती है. इसकी तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

HAL, वायुसेना और DRDO के बीच बातचीत के बाद अपग्रेड से जुड़ी सभी अहम बातें तय कर ली गई हैं. अब सिर्फ कुछ औपचारिक और कागजी प्रक्रियाएं बाकी हैं. इस योजना के तहत 84 Su-30MKI विमानों को आधुनिक बनाया जाएगा. यह प्रोग्राम सुपर सुखोई नाम से जाना जाता है.

प्रोग्राम में उत्तम AESA रडार (करीब 400 किमी रेंज), नया और आधुनिक कॉकपिट डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले सिस्टम, वॉयस कमांड सिस्टम, नया IRST सिस्टम (BEL), उन्नत सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड, अस्त्र Mk-1 और अस्त्र Mk-2 जैसी आधुनिक मिसाइलों की क्षमता. साथ ही बेहतर डेटा-लिंक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल है.

भारतीय वायुसेना के लिए Su-30MKI आज भी सबसे ज्यादा संख्या में मौजूद और सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान है. यह एयर डिफेंस, डीप स्ट्राइक और समुद्री मिशनों में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि, कई विमान अब सेवा के दूसरे दशक में पहुंच चुके हैं, इसलिए अपग्रेड बेहद जरूरी माना जा रहा है.

HAL की नासिक डिवीजन, जिसे Su-30MKI के निर्माण और ओवरहॉल का लंबा अनुभव है, इस अपग्रेड का बड़ा हिस्सा संभालेगी. CCS से मंजूरी मिलते ही काम तेजी से शुरू होने की उम्मीद है. इस अपग्रेड का मकसद साफ है Su-30MKI को 2040 के बाद तक पूरी तरह सक्षम बनाए रखना, जब तक कि भविष्य के लड़ाकू विमान जैसे AMCA वायुसेना में शामिल नहीं हो जाते हैं.

केंद्र सरकार कर पाई सिर्फ 40% बजट का उपयोग

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार (Central Government) ने इस वित्त वर्ष में अपनी सबसे बड़ी योजनाओं (Biggest Plans) पर 40 फीसदी बजट ही खर्च किया है। ये वे योजनाएं हैं जिनके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इन योजनाओं में केंद्र और राज्यों को मिलकर खर्च करना है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेशन योजना (Widow Pension Scheme.) और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री मैट्रिक वजीफा योजना (Pre Matric Scholarship Scheme) शामिल है। इसके अलावा मनरेगा, अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना पर भी 40 फीसदी ही खर्च हो पाया है।

कुल 53 योजनाओं में से 6 योजनाओं पर 40 फीसदी से कम खर्च किया गया है। चार पर 40 से 50 फीसदी, 15 योनजाओं पर 51 से 75 फीसदी, 10 पर 90 से 100 पर्सेंट और 6 योजनाों पर 100 प्रतिशत खर्च हुआ है। बाकी 47 योजनाओं पर रिवाइज्ड एस्टिमेट बजट एस्टिमेट से कम है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 850 करोड़ के बजट काआवंटन किया गया था जिसमें से केवल 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

अगर कुल 53 योजनाओं पर कुल खर्च की बात करें तो यह 3.8 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं पर 5 लाख करोड़ के बजट का ऐलान हुआ था। 31 दिसंबर तक दो लाख करोड़ का बजट रिलीज किया गया था। यह कुल बजट का 41.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, वॉटर मैनेजमेंट, पीएम ईबस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, कंप्यूटराइजेशन ऑफ प्राइमरी ऐग्रीकस्च्र क्रेडिट सोसाइटी और अन्य कई योजाओं पर बजट का 40 फीसदी ही खर्च हुआ है। इनमें से 6 योजनाएं ऐसी भी हैं जिनके लिए केवल 10 फीसदी ही बजट रिलीज हुआ है।

इस बजट सत्र के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने शनिवार को यहां बताया कि देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।पाटिल ने यहां केन्द्रीय बजट को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमृत सरोवर योजना और जेजेएम ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं और अमृत सरोवर योजना के तहहत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि जेजेएम के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और चार-पांच करोड़ घरों को और पानी देना है तथा इस योजना को वर्ष 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग नौ करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है और आठ लाख महिलाओं ने परीक्षण पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट को रखा है।