CM हिमंता के गोली चलाने वाले वीडियो पर बवाल, कांग्रेस बोली—यह नरसंहार का खुला आह्वान

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नई दिल्ली। भाजपा (BJP) की असम इकाई (Assam Unit) द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो को कांग्रेस (Congress) ने नरसंहार का खुला आह्वान बताया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या’ दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है। साथ ही कहा कि न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे। इनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था।

 

कांग्रेस महासचिव ने क्या लिखा
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने कहाकि भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।

 

क्या अदालतें सो रही हैं
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाने वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी एक्स पर कहाकि नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं। लेकिन आपके नेता हिमंता बिस्वा सरमा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।

 

क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट पर ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहाकि भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।

 

घृणित और परेशान करने वाला
विपक्षी दल ने कहाकि यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ट्रोल सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है। इसमें कहा गया कि यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहाकि नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी। कांग्रेस ने कहाकि नफरत भाजपा के डीएनए में हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

तिरुपति लड्डू विवाद में नया मोड़, साधु परिषद अध्यक्ष का बड़ा आरोप

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तिरुपति लड्डू को लेकर विवाद जारी है। इसी बीच आंध्र प्रदेश साधु परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवासानंद सरस्वती ने सोमवार को आरोप लगाया कि तिरूपति के लड्डू पर सीबीआई की रिपोर्ट में घी में मिलावट की पुष्टि हुई है। उन्होंने दावा किया कि 20 करोड़ रुपये के लड्डू में मिलावट की गई थी।

लड्डू खाने के बाद श्रद्धालु बीमार पड़ सकते हैं

उन्होंने आरोप लगाया कि एक खाद्य माफिया पवित्र लड्डू  में मिलावट करने में शामिल है। इसके साथ ही  कहा कि रसायन युक्त लड्डू खाने के बाद श्रद्धालु बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा, “सीबीआई ने एक रिपोर्ट दी है, जिसमें पुष्टि की गई है कि तिरुपति के लड्डू में मिलावट थी। सीबीआई ने निष्कर्ष निकाला है कि 20 करोड़ रुपये के लड्डू में मिलावट की गई थी।” लड्डू में मिलावट के मामले में सीबीआई की रिपोर्ट के आधार पर सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कुकर्म करने वाले भगवान वेंकटेश्वर के दंड से बच नहीं सकते।इस से पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को तिरुपति लड्डू में मिलावट को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की पिछली सरकार के कार्यकाल में तिरुपति लड्डू बनाने के लिए उपयोग किया गया घी शौचालय को साफ करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन से बना था। नायडू ने कहा कि रसायनों से युक्त मिलावटी घी का इस्तेमाल पांच साल तक लड्डू बनाने में किया गया। उन्होंने कहा कि दो प्रकार के रसायन होते हैं, जिनमें से कुछ वनस्पति मूल के होते हैं, जो महंगे होते हैं। उन्होंने बताया कि पशु वसा की कीमत कम होती है। 

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पहला मैच खेलते ही चमकी नेपाल की किस्मत, मिला सबसे बड़ा ऑफर

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच जारी है, जिसमें रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल और इंग्लैंड के बीच एक बेहद ही रोमांचक मुकाबला खेला गया. भले ही नेपाल की टीम अपना पहला मुकाबला नहीं जीत पाई हो, लेकिन इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीम को उसने कड़ी टक्कर देकर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस रोमांचक मुकाबले में नेपाल ने अंत तक संघर्ष किया और सिर्फ चार रन से मैच गंवाया. नेपाल की इस दमदार परफॉर्मेंस के बाद टीम को एक ऐसा ऑफर मिला, जिसे उनके क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा ऑफर माना जा रहा है.

नेपाल को मिला बड़ा ऑफर

दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इसी कड़ी दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज और दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज रहे डेल स्टेन ने नेपाल के प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्हें कोचिंग और मेंटरशिप की इच्छा जताई है.

क्या नेपाल को कोचिंग देगा ये गेंदबाज?

आपको बता दें, इंग्लैंड के खिलाफ नेपाल के शानदार प्रदर्शन से प्रभावित होकर पूर्व दिग्गज गेंदबाज डेल स्टेन ने सोशल मीडिया पर नेपाल की जमकर तारीफ की है. स्टेन ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि अगर भविष्य में टीम को उनकी जरूरत पड़े, तो वह अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं. स्टेन का यह बयान नेपाल क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि वह अपने समय के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में गिने जाते रहे हैं.

कुछ ऐसा रहा मैच का हाल

रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड और नेपाल के बीच बेहद ही रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 184 रन बनाए. 185 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नेपाल अंत तक डटी रही लेकिन फिर उन्हें 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. मैच का परिणाम आखिरी गेंद पर निकल सका.

NSG हब पर ग्रुप कमांडर की कार जलाने का मामला, साजिश की आशंका

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नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के चेन्नई स्थित स्पेशल कंपोजिट ग्रुप, रीजनल हब में ‘ग्रुप कमांडर’ की कार को आग लगाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विदित रहे कि एनएसजी के रीजनल हब में कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। वे कौन लोग हैं, जिन्होंने ग्रुप कमांडर के आवास में घुसकर कार में आग लगा दी, इसकी जांच की जा रही है। हालांकि कार के निकट एक बोतल मिली थी, जिसमें कुछ देर पहले तक पेट्रोल भरा हुआ था। इस मामले में एनएसजी में प्रतिनियुक्ति पर तैनात आर्मी अफसरों ने डीजी बी. श्रीनिवासन ‘आईपीएस’ को पत्र लिखा है। इससे कहा गया है कि उक्त घटना से एनएसजी जैसे विशेष बल में माहौल खराब हो रहा है। डीजी एनएसजी से मांग की गई है कि इस मामले में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की जाए। दूसरी तरफ एनएसजी के एक जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि इस केस की जांच चल रही है। एनएसजी की तरफ से कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। घटना को जानबूझकर तूल देने का प्रयास किया जा रहा है।बता दें कि इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। एफआईआर के मुताबिक, ग्रुप कमांडर के आवास संख्या 27, स्पेशल कंपोजिट ग्रुप, एसयूएनएल रीजनल हब, चेन्नई पर कार जलने की शिकायत मिली थी। अजय खरवार ने 8 नवंबर 2025 को दो बजे आग लगने की सूचना दी थी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 324 (4), 326 (बी), 351 (4), 329 (4) के तहत केस दर्ज किया है। सबसे पहले इस मामले में ग्रुप 1 के सूबेदार एडजुटेंट को सूचित किया गया। इसके बाद वे ग्रुप कमांडर के आवास पर पहुंचे। रेंजर 1 लालजी यादव, रेजिमेंट पुलिस नॉन कमीशन ऑफिसर को कॉल किया गया। उनसे फायर ब्रिगेड का इंतजाम करने के लिए कहा गया। इसके बाद लालजी यादव और दूसरे कमांडो भी घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रारंभ में कमांडो ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ देर बाद वहां क्यूआरटी और पानी का टैंकर भी आ गया। सूबेदार मेजर और दूसरे कर्मियों ने देखा कि कार संख्या जेएच 10एजेड 1284 जल रही है।  जली हुई कार से दस फीट की दूरी पर प्लास्टिक की एक खाली बोतल पड़ी हुई थी। बोतन के ढक्कन में एक छेद था। उसमें से पेट्रोल की गंध आ रही थी। मेजर आदित्य प्रकाश वीपी और रेंजर 2 निकेश ने सर्च अभियान शुरु किया। पता चला कि ग्रुप कमांडर के आवास का पिछला गेट खुला हुआ था। गार्डन एरिया में कागज के टुकड़े पड़े हुए थे। कागज पर ग्रुप कमांडर को लेकर अभद्र शब्द लिखे हुए थे। इससे यह मालूम पड़ा कि आग लगने की घटना, महज एक हादसा नहीं था। वह सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई एक वारदात थी। कुछ लोग गैर कानूनी रूप से ग्रुप कमांडर के घर में घुसे और उन्होंने कार में आग लगा दी। एक जनवरी 2026 को 27 ‘एससीजी’ (स्पेशल कंपोजिट ग्रुप), चेन्नई रीजनल हब, एनएसजी के अधिकारियों ने डीजी को पत्र लिखा था। इसमें अधिकारियों ने ग्रुप कमांडर के लिए अपना समर्थन और एकजुटता का प्रदर्शन किया है। इस मामले में कोई सटीक कार्रवाई नहीं हो पा रही। उक्त मामले में कई अधिकारी पहले भी मौखिक और लिखित प्रतिवेदन के तौर पर अपनी बात कह चुके हैं। इससे एनएसजी जैसे बल में माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने डीजी एनएसजी से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की जाए। यह टीम, घटना की तह तक पहुंच सकती है। जांच का नतीजा और उसके अनुरुप कार्रवाई, इसके द्वारा फोर्स में माहौल खराब होने से रोका जा सकता है। एनएसजी जैसे बल में ये सब होना और शीर्ष नेतृत्व का समय रहते मामला न सुलझा पाना, कई सवाल खड़े करता है।कुछ अधिकारियों के मुताबिक, एनएसजी हब, चेन्नई में एक गंभीर समस्या खड़ी हो रही है। हमेशा की तरह, चाहे वह आर्म्ड फोर्सेज हो या एनएसजी, सीनियर लेवल पर समझ की कमी के कारण फैसले लेने में पूरी तरह से रुकावट आ गई है। ऐसा लगता है कि डीजी एनएसजी अभी भी उस लेटर पर चुप बैठे हैं, जो उन्हें भेजा गया था। इस हब के अफसर की कार को कथित तौर पर वहीं के लोगों द्वारा जलाए जाने के वीडियो भी हैं। पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज की गई है। इस मामले में अन्य रैंक ‘ओआर’ से जुड़े कार्मिकों द्वारा कोर्ट का रुख किया गया है। ये एनएसजी के लिए ठीक नहीं है। अगर जल्द ही इस समस्या को नहीं सुलझाया गया तो ये फोर्स के लिए ठीक नहीं होगा। 

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बहिष्कार की हवा निकली! पाकिस्तान की नई चाल, भारत से खेलने के लिए अब शर्तों की ढाल लेकर आया

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भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर छाया सस्पेंस अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिस मैच को लेकर बहिष्कार की बात सामने आई थी, उसी पर अब यू-टर्न की खबरें आ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) भारत के खिलाफ खेलने को तैयार है, लेकिन उसने आईसीसी के सामने तीन अहम शर्तें रख दी हैं।लाहौर में रविवार, 8 फरवरी को पीसीबी और आईसीसी के बीच हाई-लेवल बैठक हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों की भिड़ंत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। आईसीसी चाहता है कि दुनिया के सबसे हाई-वोल्टेज और कमाई वाले मुकाबले पर किसी तरह का खतरा न रहे।

क्या हैं पाकिस्तान की तीन मांगें?
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पाकिस्तान को अपना बहिष्कार वापस लेना है तो उसे कुछ गारंटी चाहिए। पीसीबी ने कथित तौर पर ये तीन शर्तें रखी हैं:
आईसीसी रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा
भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट की बहाली
हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना

इन मांगों ने साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ एक मैच का नहीं, बल्कि लंबे समय के रिश्तों और आर्थिक हिस्सेदारी का भी है। हालांकि, पाकिस्तान की इन मांगों का कोई मतलब नहीं बनता, क्योंकि भारत लंबे समय से पाकिस्तान से द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलता। जहां तक आईसीसी रेवेन्यू में बड़े हिस्से की बात है तो यह तभी संभव है जब आप आईसीसी को उतना रेवेन्यू जनरेट करके दें। भारत क्रिकेट का बड़ा मार्केट है। पाकिस्तान क्रिकेट के बिग थ्री में भी नहीं आता है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान सरकार ने सार्वजनिक रूप से एलान किया कि टीम भारत के खिलाफ नहीं खेलेगी, भले ही मैच न्यूट्रल वेन्यू पर क्यों न हो। सरकार ने इसके पीछे स्पष्ट वजह नहीं बताई।क्रिकेट जगत में यह माना गया कि पाकिस्तान का रुख बांग्लादेश के समर्थन में है, जिसने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने खारिज कर दिया।

बातचीत की कोशिशें तेज

तनाव बढ़ने के बाद आईसीसी ने तुरंत पहल की। लाहौर में हुई बैठक में पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी, आईसीसी डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल मौजूद रहे। आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता वर्चुअली जुड़े। क्रिकबज के मुताबिक, बांग्लादेश भी आईसीसी से मुआवजे की मांग कर सकता है, और इस समझौते को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका अहम हो सकती है।

फैसला किस दिशा में?

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आईसीसी इन शर्तों पर क्या रुख अपनाता है। अगर कोई रास्ता निकलता है तो क्रिकेट फैंस को राहत मिलेगी, क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ खेल नहीं, बल्कि वैश्विक इवेंट है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी का बड़ा दांव, महिलाओं को ₹2500 देने का वादा!

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भाजपा पश्चिम बंगाल में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए लाडली योजना की तर्ज पर बड़ा वादा कर सकती है। पार्टी विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में बंगाल की हर महिला मतदाता को हर महीने 2500 रूपये के नकद आर्थिक भुगतान करने की घोषणा कर सकती है। बिहार चुनाव में इसी तरह के वादे ने कमाल कर दिया था और भाजपा-जेडीयू गठबंधन बड़े बहुमत से सरकार बचाने में सफल रहा था। बंगाल में भी इसी तरह का मॉडल पेश कर पार्टी बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगी। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक लाख महिला मतदाताओं को  लखपति दीदी बनाने, ड्रोन दीदी रोजगार से जोड़ने और गरीब महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना सुविधा देने की घोषणा कर सकती है। भारतीय जनता पार्टी इस समय पश्चिम बंगाल में मतदाताओं से चुनाव संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) तैयार करने के लिए सुझाव ले रही है।  फरवरी महीने के अंत में पार्टी अपना संकल्प पत्र जनता के सामने रख सकती है। इस संकल्प पत्र में ऐसी बड़े वादे किए जाने की संभावना है जो राज्य की चुनावी बिसात पर भाजपा को मजबूत बनाने का काम कर सकते हैं। महिला मतदाता भाजपा की विशेष समर्थक वर्ग के रूप में उभरी हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में उन सीटों पर जहां महिला मतदाताओं का वोट प्रतिशत अधिक था, उनमें से सबसे ज्यादा सीटें एनडीए गठबंधन ने ही जीता है।  इसी प्रकार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदाताओं ने भाजपा को बढ़-चढ़कर वोट किया था। यह रुझान 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बना रहा। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों में महिलाओं के प्रति विशेष रुझान वाली योजनाओं का असर देखा जाता है। 

ममता ने भी खेला दांव

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी महिलाओं के बीच बहुत लोकप्रिय रही हैं। राज्य में महिला मतदाताओं का वोट तृणमूल कांग्रेस को जाता रहा है। ममता बनर्जी ने भी महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की है। 5 फरवरी को पेश राज्य के बजट में उन्होंने महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाई है। लक्ष्मी भंडार योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता में ₹500 प्रति महीने की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा सामान्य वर्ग एससी एसटी वर्ग की महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता में भी ₹500 प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने आशा महिलाओं को मिलने वाले वेतन में भी बढ़ोतरी की है। इन योजनाओं के माध्यम से पश्चिम बंगाल सरकार लगभग 2.5 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता पहुंचाएगी। आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस भी अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। माना जा रहा है कि बिहार चुनाव से सबक लेते हुए ममता बनर्जी भी अपने इस वोट बैंक को बचाने के लिए बड़ा दांव खेलने की कोशिश कर सकती हैं। 

‘एनडीए जीतेगी चुनाव’ 

भाजपा नेता एसएन सिंह ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी दुनिया में महिलाओं का कल्याण करने के मामले में एक विश्वसनीय नेता के तौर पर लंबे समय से स्थापित हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की जनता ने देखा है कि ममता बनर्जी सरकार केवल तुष्टिकरण करके चुनाव जीतने की कोशिश करती रही है। इस बार के बजट में भी उन्होंने विकास की बजाय तुष्टिकरण पर ध्यान दिया है। अब वे विधानसभा चुनाव में कोई भी बड़ा वादा कर लें, ममता दीदी चुनाव नहीं जीत पाएंगी क्योंकि पश्चिम बंगाल की जनता समझ गई है कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में रहने का मतलब केवल घूसखोरी और भ्रष्टाचार है।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब भाजपा और एनडीए की पारदर्शी स्वच्छ और जनता के लिए काम करने वाली सरकार चाहती है। उन्होंने कहा कि एनडीए इस बार पश्चिम बंगाल चुनाव भारी बहुमत से जीतेगी और जनता को ममता बनर्जी के कुशासन से मुक्ति मिलेगी। 

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टी20 विश्व कप के टॉप 10 गेंदबाजों में एक भी भारतीय शामिल नहीं, अर्शदीप सिंह बना सकते हैं शीर्ष 5 में जगह

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Top 10 Bowlers In The T20 World Cup History: आईसीसी टी20 विश्व कप का पहला एडिशन साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका में खेला गया था. इस बार भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में टी20 विश्व कप का दसवां एडिशन खेला जा रहा है. अब तक खेले गए टी20 विश्व कप के सभी एडिशन में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रहा है. शीर्ष पर विराट कोहली हैं, तो दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं. गेंदबाजों के मामले में आंकड़ा बिल्कुल अलग है. शीर्ष 10 में एक भी भारतीय गेंदबाज नहीं है. अब तक खेले गए टी20 विश्व कप मैचों में सफलतम गेंदबाजों पर गौर करें तो शीर्ष 5 पर एशियाई गेंदबाजों का कब्जा है, लेकिन इसमें एक भी भारतीय या सेना देशों का गेंदबाज नहीं है. टी20 विश्व कप 2026 में अगर ऑस्ट्रेलियाई एडम जांपा और दक्षिण अफ्रीका के एनरिक नॉर्किया का प्रदर्शन अच्छा रहा, तो वे शीर्ष 5 में जगह बना सकते हैं.

टी20 वर्ल्ड कप के शीर्ष 5 में जगह बना सकते हैं अर्शदीप सिंह

भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के पास भी शीर्ष दस में एंट्री के साथ ही शीर्ष 5 में भी जगह बनाने का मौका है. फिलहाल 19वें स्थान पर मौजूद अर्शदीप ने टी20 विश्व कप के 15 मैचों में 29 विकेट लिए हैं. टी20 विश्व कप में भारत के सबसे सफल गेंदबाज आर अश्विन रहे हैं. अश्विन ने 24 मैचों में 32 विकेट लिए हैं और वो 13वें स्थान पर हैं. पहले स्थान पर बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन हैं. शाकिब ने 2007 से 2024 के बीच 43 मैचों में 50 विकेट लिए हैं. श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा दूसरे स्थान पर हैं. हसरंगा ने 2021 से 2026 के बीच अब तक खेले 20 मैचों में 40 विकेट लिए हैं. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी 34 मैचों में 39 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं. चौथे स्थान पर अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान हैं. राशिद ने 2016 से 2026 के बीच अब तक खेले 24 मैचों में 38 विकेट लिए हैं. पांचवें नंबर पर श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज और अपनी कप्तानी में श्रीलंका को टी20 विश्व कप जिताने वाले लसिथ मलिंगा हैं. मलिंगा ने 31 मैचों में 38 विकेट लिए हैं.

एडम जांपा के पास टी20 वर्ल्ड कप के शीर्ष 5 में जगह बनाने का मौका

ऑस्ट्रेलियाई एडम जांपा भी 21 मैचों में 36 विकेट लेकर छठे स्थान पर हैं और उनके पास भी शीर्ष स्थान पर जाने का मौका है. पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सईद अजमल सातवें स्थान पर हैं. अजमल के नाम 2009 से 2014 के बीच 23 मैचों में 36 विकेट हैं. न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी आठवें स्थान पर हैं. साउदी ने 2010 से 2024 के बीच 25 मैचों में 36 विकेट लिए हैं. दक्षिण अफ्रीका के एनरिक नॉर्किया नौवें स्थान पर हैं. नॉर्किया ने 19 मैचों में 35 विकेट लिए हैं. श्रीलंका के अजंता मेंडिस दसवें स्थान पर हैं. 2009 से 2014 के बीच मेंडिस ने 21 मैचों में 35 विकेट लिए हैं.

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सुप्रीम कोर्ट में चैतन्य बघेल की जमानत पर घमासान, अगले हफ्ते होगी सुनवाई

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छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने कथित शराब घोटाला मामले मे चैतन्य बघेल को दी गई जमानत को चुनौती दी है। चैतन्य, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे हैं। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की बेंच के सामने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी पेश हुए। उन्होंने बेंच को बताया कि चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद मामले का एक भी अहम गवाह सामने नहीं आ रहा है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इससे जुड़े धनशोधन मामले में चैतन्य बघेल की जमानत को अलग से चुनौती दी है। बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई एक हफ्ते बाद की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर भी सुनवाई की। सौम्या चौरसिया को कथित शराब घोटाले के मामले में ईडी ने पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया था।सौम्या चौरसिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही अन्य मामलों में उन्हें जमानत दे चुका है। अब उन्होंने फिर से नई प्राथमिकी दर्ज की और दिसंबर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह छठी बार है जब उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस पर बेंच ने सौम्या चौरसिया से कहा कि वह जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करें।

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News Desk

T20 World Cup में भारत के साथ मैच खेलने को तैयार पाकिस्तान, ICC के सामने रखी 3 शर्त, नहीं मानेगा इंडिया!

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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले पर संकट के काले बादल छाए हुए हैं. इस मेगा ईवेंट में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था. हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भारत के साथ मैच खेलने को तैयार हो गया है और इसके लिए उसने आईसीसी के सामने तीन डिमांड रखी है.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने क्या रखी शर्त?

सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी ने बीते दिन रविवार को आईसीसी के साथ मीटिंग की है, जिसमें उन्होंने भारत के खिलाफ मैच खेलने पर सहमति जताई है. हालांकि, इसके लिए उन्होंने आईसीसी के सामने तीन शर्त रखी है.रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी ने अपनी पहली शर्त में वर्ल्ड बॉडी से ज्यादा रेवेन्यू शेयर करने की मांग की है.दूसरी शर्त के तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच बाईलेटरल सीरीज फिर से शुरू करने की मांग रखी है. बता दें, भारत और पाकिस्तान अभी सिर्फ आईसीसी और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट्स में एक दूसरे के खिलाफ खेलते हैं. दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए बाईलेटरल सीरीज बंद कर दी गई थी, जिसे पाकिस्तान ने फिर से शुरू करने की मांग कर दी है. दोनों देशों के बीच 2012 में आखिरी बाईलेटरल सीरीज खेली गई थी. ऐसे में भारत शायद ही पाकिस्तान की यह शर्ते माने.
इसके अलावा पीसीबी ने अपनी तीसरी शर्त में कहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएं.

एशिया कप में नहीं मिलाया हाथ

आपको बता दें, भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव और आतंकी हमलों का प्रभाव क्रिकेट के मैदान में भी देखने को मिला. पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था और भारतीय खिलाड़ियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए एशिया कप 2025 के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था. इसके अलावा भारतीय टीम ने जीती हुई ट्रॉफी भी मोहसिन नकवी के हाथों से नहीं ली थी.

क्या AI से लोगों को डरना चाहिए? स्टूडेंट्स ने पूछे सवाल, जानिए PM मोदी ने क्या जवाब दिया

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Pariksha Pe Charcha: बोर्ड परीक्षा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बात की है. इस दौरान कई प्रदेशों के छात्र बातचीत में शामिल हुए. पीएम मोदी का यह ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का दूसरा एपिसोड है. पीएम मोदी से छात्रों ने कई सवाल पूछें, जिसका उन्होंने जवाब दिया. पीएम मोदी से बच्चों ने एआई के खतरों से जुड़े सवाल किए, तो पीएम मोदी ने ताया कि एआई के खतरे से हमें कैसे बचना है.

जब छात्र ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए पूछा कि एआई का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है. कई कंपनियों ने इंसानों की जगह पर एआई कर्मचारी रखना शुरू कर दिए हैं. क्या इससे डरना चाहिए? पीएम मोदी ने इस पर जवाब देते हुए कहा, हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो उसकी तरह-तरह की चर्चा होती है. पहले भी कई बार ऐसा हुआ है. जब कम्प्यूटर आया तो भी लोगों ने इसकी चर्चा की. हमें किसी चीज से डरना नहीं है बल्कि हमें यह तय करना है कि हम उसके गुलाम नहीं बनेंगे. वो मेरा मालिक नहीं होगा, मैं ही निर्णायक रहूंगा. उदाहरण देते हुए कहा कि कई बच्चों का मोबाइल मालिक बन जाता है. अगर कोई एक बार मन बना ले कि मैं किसी का गुलाम नहीं बनूंगा, तो कुछ नहीं होगा. एआई से आप कुछ अच्छी चीजें मांगें.

परीक्षा के दौरान मन को कैसे रखें शांत?

‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी से छात्रों ने सवाल किया, एग्जाम के दौरान खुद को कैसे शांत रखें. पीएम मोदी ने छात्रों को बड़े आराम से उदाहरण के साथ समझाया. उन्होंने कहा, आप यह मानकर चलिए कि आपने जो पढ़ा है, सुना है, वो बेकार नहीं गया है. आप शांत मन से परीक्षा दीजिए. अगर आपको अच्छा विद्यार्थी बनना है तो ग्रिप होना जरूरी है.

PM मोदी ने छात्रों से कहा, परीक्षा जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है. अपनी तुलना आप किसी दूसरे से न करें, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें. उन्होंने यह भी कहा कि दवाब में रहकर पढ़ाई करने से परिणाम बेहतर नहीं आते. अच्छे परिणाम के लिए संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच ज्यादा जरूरी है. सही रणनीति, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ की गई तैयारी सफलता की कुंजी है.