अमेरिका में छात्रा की मौत के बाद अब पिता का निधन, 262 करोड़ मुआवजा लंबित

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कुछ साल पहले अमेरिका में पुलिस की एक दुर्घटना में 23 वर्षीय भारतीय छात्रा जाह्नवी कंदुला का निधन हो गया था। अब उसके परिवार को उस समय दूसरा बड़ा झटका लगा जब 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मुआवजे के समझौते की घोषणा से ठीक दो दिन पहले उनके पिता का निधन हो गया। 23 जनवरी, 2023 को जाह्नवी सड़क पार कर रही थी, उस समय एक तेज रफ्तार सिएटल पुलिस वाहन ने उसे टक्कर मार दी। उस समय संबंधित अधिकारी एक आपातकालीन कॉल का जवाब दे रहा था।शोक समय में मुआवजे की बात करने उचित नहीं जाह्नवी के एक रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सेवानिवृत्त पुलिस कांस्टेबल कंदुला श्रीकांत का 10 फरवरी को कुरनूल जिले में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने आगे कहा कि  “श्रीकांत का अंतिम संस्कार बुधवार को अडोनी में किया गया, जबकि परिवार एक और विनाशकारी क्षति से जूझ रहा था।” परिवार इस समय शोक में है और मुआवजे की राशि के बारे में बात करना उचित नहीं है। वहीं, जाह्नवी नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल कैंपस में सूचना प्रणाली में मास्टर की छात्रा थीं।

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कौन था हुसैन उस्तरा जिसने दाऊद इब्राहिम को दी थी चुनौती? ‘ओ रोमियो’ में शाहिद कपूर ने निभाया उनका किरदार

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शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की अदाकारी वाली फिल्म ‘ओ रोमियो’ आज, 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। ‘ओ रोमियो’ एक अंडरवर्ल्ड की कहानी है। फिल्म में शाहिद कपूर, गैंगस्टर हुसैन उस्तरा का रोल निभा रहे हैं। तृप्ति डिमरी अफशा का रोल निभा रही हैं। फिल्म ‘ओ रोमियो’ की कहानी हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई’ से इंस्पायर है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि हुसैन उस्तरा कौन था?

कौन था हुसैन उस्तरा?

हुसैन उस्तरा का असली नाम हुसैन शेख था। वह मुंबई के आस-पास के इलाकों में पला बढ़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हुसैन स्ट्रीट फाइट और जबरन वसूली के जरिए अंडरवर्ल्ड में आया। आखिर में वह एक कॉन्ट्रैक्ट किलर बन गया। हुसैन ने छोटे-मोटे काम से शुरुआत की। इसमें लोगों को डराना-धमकाना, जबरन वसूली, हिसाब बराबर करना शामिल था। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ हुसैन उस्तरा की कथित दुश्मनी कई वर्षों से मुंबई के अंडरवर्ल्ड में चर्चा का विषय रही।

कैसे हुई हुसैन उस्तरा की मौत?

हुसैन उस्तरा और दाऊद के बीच झगड़ा हितों के टकराव की वजह से हुआ। कोई भी पक्ष अपने ऊपर दूसरे का अधिकार नहीं चाहता था। जब हुसैन अकेले काम करता था, तो दुश्मनी ताकत की लड़ाई में बदल गई। इससे अंडरवर्ल्ड में उस्तारा का रुतबा और मजबूत हो गया। हुसैन उस्तरा की 1998 में मौत हो गई। खबरों के मुताबिक हुसैन को छोटा शकील के गिरोह के लोगों ने मारा था। 

कौन है फिल्म का निर्देशक?

शाहिद कपूर की फिल्म ‘ओ रोमियो’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। ऐसे में हुसैन उस्तरा की कहानी पर फिर से ध्यान गया है। फिल्म का निर्देशन ‘हैदर’ और ‘कमीने’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर विशाल भारद्वाज ने किया है। इसके निर्माता साजिद नाडियाडवाला हैं।

अखिलेश ने केंद्र–योगी रिश्तों पर उठाए सवाल

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दावा किया कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गई है. अखिलेश यादव ने इस दौरान सीएम योगी पर तीखा हमला बोलते हुए कटाक्ष किया. अखिलेश ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किया है. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है. ऐसे में अखिलेश यादव विपक्ष की भूमिका में हैं. अखिलेश यादव विपक्ष में होने के नाते सीएम योगी पर हमेशा बयानबाजी करते रहते हैं. अब उन्होंने केंद्र सरकार और सीएम योगी के बीच खटपट को लेकर बड़ा दावा किया है. सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “अब क्या बुलडोजर की जगह ब्रह्मोस भेजेंगे. दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गयी है क्या?”

केंद्र और योगी सरकार के बीच टकराव का दावा

दरअसल, सीएम योगी के बुलडोजर एक्शन को लेकर पूरे देश में चर्चा रहती है. इसलिए अखिलेश यादव ने बुलडोजर का नाम लेते हुए कटाक्ष किए होंगे. हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और सीएम योगी के बीच खटपट का दावा किया है. इससे पहले भी वो कई बार सीएम योगी को आड़े हाथों ले चुके हैं. कुछ दिनों पहले ही अखिलेश ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए बिना नाम लिए दावा किया कि पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र में मेट्रो रेल शुरू नहीं करवा पा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, पीएम के क्षेत्र में मेट्रो नहीं बनने दी. दोनों के बीच बहुत बड़ी खाई है।

सीएम योगी पर कसा तंज

इसके अलावा उन्होंने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश के नेता दिल्ली वालों को सलाम तक नहीं ठोकते हैं और न ही नमस्ते करते हैं. अमेरिकी डील पर भी उन्होंने सीएम योगी को घेरते हुए कहा कि उनके ऊपर जो संकट आने वाला है उसे लेकर कोई तैयारी नहीं की है. बजट को लेकर भी सीएम योगी को घेरने का प्रयास किया. उन्होंने इस बजट को विदाई वाला बजट बताया।

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ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं, 29 पर चार विकेट गंवाए, इंग्लिस-ग्रीन और डेविड-हेड आउट

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टी20 विश्वकप 2026 में आज 19वें मैच में ऑस्ट्रेलिया का सामना जिम्बाब्वे से जारी है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ट्रेविस हेड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। यह मुकाबला कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जा रहा है। जिम्बाब्वे को तेज शुरुआत मिली, लेकिन वह बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। जिम्बाब्वे ने 20 ओवर के खेल के बाद दो विकेट गंवाकर 169 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही है।कंगारू टीम मुश्किल में नजर आ रही है। उसने पांच ओवर में ही 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए हैं। जोश इंग्लिस आठ रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरन ग्रीन और टिम डेविड खाता नहीं खोल सके। ब्लेसिंग मुजरबानी ने इंग्लिस और डेविड को आउट किया। वहीं, ब्रैड इवेंस ने ग्रीन को पवेलियन भेजा। कप्तान ट्रेविस हेड को ब्रैड इवेंस ने बोल्ड किया। वह 15 गेंद में 17 रन बना सके। फिलहाल मैट रेनशॉ और ग्लेन मैक्सवेल क्रीज पर हैं।

जिम्बाब्वे की पारी

जिम्बाब्वे को पहला झटका आठवें ओवर में 61 के स्कोर पर लगा। मार्कस स्टोइनिस ने तादिवानाशे मरुमानी को जोश इंग्लिस के हाथों कैच कराया। उन्होंने 21 गेंद में सात चौके की मदद से 35 रन बनाए।जिम्बाब्वे को दूसरा झटका रेयान बर्ल के रूप में लगा। वह 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। बर्ल ने 30 गेंद में चार चौके की मदद से 35 रन बनाए। बर्ल को कैमरन ग्रीन ने पवेलियन भेजा।ब्रायन बेनेट 56 गेंद में सात चौके की मदद से 64 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, कप्तान सिकंदर रजा ने भी 13 गेंद में दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 25 रन बनाए। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 24 गेंद में नाबाद 38 रन की साझेदारी की।मिचेल मार्श अब तक फिट नहीं हो सके हैं और वह नहीं खेल रहे। उनकी जगह ट्रेविस हेड ही ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान संभाल रहे हैं। दोनों टीमों ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है। ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच में आयरलैंड को 67 रनों से हराया था। वहीं जिम्बाब्वे ने ओमान को 8 विकेट से मात दी थी। ऐसे में यह मुकाबला ग्रुप बी में शीर्ष स्थान के लिए अहम साबित हो सकता है।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11

ऑस्ट्रेलिया: ट्रेविस हेड (कप्तान), जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मैट रेनशॉ, ग्लेन मैक्सवेल, टिम डेविड, मार्कस स्टोइनिस, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, एडम जैम्पा, मैथ्यू कुहनेमन।
जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मरुमानी (विकेटकीपर), डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, टोनी मुन्योंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्रैड इवांस, वेलिंग्टन मसाकाद्जा, ग्राहेम क्रेमर, ब्लेसिंग मुजरबानी।

फ्रांस के साथ बड़ी डिफेंस डील को मंजूरी…सेना की बढ़ेगी ताकत

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नई दिल्ली। देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6पी-8आई पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा।

नौसेना की समुद्री निगरानी भी होगी मजबूत
आसमान के साथ-साथ समंदर में भी भारत की निगरानी क्षमता बढऩे वाली है। डीएसी ने नौसेना के बेड़े में 6 नए 6पी-8आई एयरक्राफ्ट जोडऩे को मंजूरी दी है। भारतीय नौसेना पहले से ही 12 6पी-8आई  विमानों का संचालन कर रही है। इन नए विमानों के आने से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी (एंटी सबमरीन) क्षमता को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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बैन होने के बाद भी पाकिस्तान में जमकर बिक रही ‘धुरंधर’ की पाइरेटेड डीवीडी, कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश

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कार्ल रॉक भारत में रहने वाले एक न्यूजीलैंड के ब्लॉगर और यूट्यूबर हैं। जिनके हाल के एक पाकिस्तान से जुड़े वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। पाकिस्तान में धुरंधर फिल्म के बैन होने के बावजूद उन्हें कराची के रेनबो सेंटर में इस फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी मिली। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: रणनीतिक साझेदारी की नई शुरुआत, आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम

तमन्ना भाटिया

‘रागिनी 3’ में तमन्ना भाटिया संग मिलकर डराएगा ये स्टार किड, शशांक घोष ने संभाली निर्देशन की कमान

फरहान अख्तर

हॉलीवुड बना फरहान अख्तर का लक्ष्य, ‘द बीटल्स’ फिल्म में अभिनय को लेकर लगी अटकलें, जानें निभाएंगे कौन सा रोल?

कीमत जानकर रह गए दंग 

बता दें, कराची का रेनबो सेंटर पाइरेटेड कॉन्टेंट का हब माना जाता है। वहां पहुंचे कार्ल रॉक ने वीडियो में हैरानी जताते हुए कहा, ‘पाकिस्तान में भारतीय फिल्में बैन हैं, लेकिन देखिए मुझे क्या मिला।’ इस पर दुकानदार ने जवाब दिया, ‘यह एक इंडियन फिल्म है, ‘धुरंधर’। यह हाल ही में रिलीज हुई है।’ जब रॉक ने कीमत पूछी, तो दुकानदार ने कहा, ‘सर, यह 50 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 16 भारतीय रुपये) की है।’

यूजर्स ने पाकिस्तान को किया ट्रोल 

भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स भी इसे देखकर हैरान रह गए। खासकर इस बात पर कि पाकिस्तान में अभी भी पाइरेटेड फिल्मों की सीडी और पेनड्राइव बेची जा रही हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, ‘जिस फिल्म पाकिस्तान को खराब दिखाया गया है, वही पाकिस्तान में पसंद की जा रही है, lol।’ एक और यूजर ने लिखा, ‘आज के समय में भी पाकिस्तान में पाइरेटेड डीवीडी बेची जा रही है। हमारे यहां 15 साल पहले पाइरेटेड फिल्मों की सीडी लाते थे।’कई लोग इस बात से भी चौंक गए कि पाकिस्तान में अब भी सीडी और पेनड्राइव जैसी चीजों का चलन है। एक ने लिखा, ‘क्या पाकिस्तान में अभी भी पेनड्राइव और सीडी पर फिल्में खरीदी जा रही हैं? हमारे यहां तो यह ट्रेंड कम से कम 10 साल पहले खत्म हो गया।’‘धुरंधर’ 30 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी और रिलीज होते ही भारत और पाकिस्तान दोनों जगह नेटफ्लिक्स की साप्ताहिक टॉप 10 लिस्ट में पहले नंबर पर पहुंच गई, जबकि पाकिस्तान सरकार ने इस फिल्म पर बैन लगाया हुआ है।

MP PCC ने 4 जिलों की कार्यकारिणी भंग की

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भोपाल।  मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक ढांचे में अनुशासन और संतुलन कायम करने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लेते हुए छिंदवाड़ा, सागर, मऊगंज और झाबुआ जिलों की कार्यकारिणी भंग कर दी है. यह कदम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा जारी नई गाइडलाइन के बाद उठाया गया है, जिसमें जिलों में पदाधिकारियों की संख्या सीमित रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. हालांकि, अब कांग्रेस के सामने मशक्कत ज्यादा होगी कि बाकी के जिलों में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए।

क्या हैं AICC के निर्देश?

AICC ने सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि छोटे जिलों में कार्यकारिणी की अधिकतम सदस्य संख्या 31 और बड़े जिलों में 51 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

पार्टी का मानना है कि अत्यधिक बड़े संगठनात्मक ढांचे से कार्यकुशलता प्रभावित होती है और जवाबदेही कमजोर पड़ती है।

इसी के मद्देनजर राज्यों को संतुलित और प्रभावी कार्यकारिणी बनाने के लिए कहा गया है।

दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय निर्देश जारी होने के दो दिन पहले ही इन चारों जिलों में नई कार्यकारिणियों की घोषणा की गई थी।

विशेष रूप से छिंदवाड़ा जिले में 250 से अधिक पदाधिकारी बनाए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद संगठन के भीतर ही इस पर सवाल खड़े होने लगे।

इसे लेकर केंद्रीय नेतृत्व ने गंभीरता दिखाई और राज्य इकाई से स्पष्टीकरण मांगा।

भारी भरकम नहीं बल्कि छोटी होगी कार्यकारिणी

सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने स्थिति की समीक्षा के बाद तत्काल प्रभाव से चारों जिलों की कार्यकारिणी निरस्त कर दी. अब नई गाइडलाइन के अनुरूप सीमित, सक्रिय और जिम्मेदार टीम का गठन किया जाएगा. पार्टी का उद्देश्य है कि संगठन में केवल सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिले और पदों का अनावश्यक विस्तार रोका जाए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में उठाया गया है. कांग्रेस नेतृत्व अब जमीनी स्तर पर मजबूत संरचना खड़ी करने पर जोर दे रहा है, ताकि बूथ स्तर तक प्रभावी तालमेल बनाया जा सके।

फीडबैक लेने के लिए संभागों में निकले जीतू

प्रदेश कांग्रेस जल्द ही चारों जिलों में नए सिरे से कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया शुरू करेगी. माना जा रहा है कि इस बार सदस्य संख्या सीमित रखते हुए कार्यक्षमता और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही बाकी जिलों की भी कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा. PCC चीफ जीतू पटवारी फिलहाल मध्य प्रदेश के अलग-अलग संभागों में जाकर बैठक कर रहे हैं और फीडबैक ले रहे हैं।

उस्मान तारिक को लेकर भारत की क्या है तैयारी? ईशान किशन ने खोला राज

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IND vs PAK: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला महामुकाबला मैदान के बाहर भी दिलचस्प होता जा रहा है. इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक को लेकर टीम की रणनीति पर खुलकर बात की है.

ईशान किशन ने बताया भारत का मास्टर प्लान

दरअसल, नामीबिया के खिलाफ खेले गए मैच में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 93 रन की जीत दर्ज की. भारत की इस जीत के हीरो ईशान किशन और हार्दिक पंड्या रहे. मैच के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान ईशान किशन ने पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक की गेंदबाजी को लेकर चर्चा की. उन्होनें कहा कि भारत अपनी तैयारी कर चुका है और अब हमारा फोकस मैदान पर गेंद देखकर स्वतंत्र खेल खेलने पर होगा. उनके मुताबिक इस फॉर्मैट में बल्लेबाज के तौर पर सोचने से बेहतर मौके का फायदा उठाना जरूरी होता है.

ईशान के मुताबिक ऐसे मौकों पर कोई अलग तैयारी करने की जरूरत नहीं होती. कुछ वीडियो देखकर गेंदबाज की रणनीति का फायदा उठाया जा सकता है. आगे उन्होंने कहा कि हमारी टीम चीजों को सरल रखने और अपनी ताकत पर भरोसा रखती है.

20 गेंदों में जड़ा अर्धशतक

भारत और नामीबिया के बीच 12 फरवरी को खेले गए मैच में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन जबरदस्त फॉर्म में नजर आए. इस मैच में उन्होंने ओपनिंग करते हुए 6 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 24 गेंदों में 61 रन की तूफानी पारी खेली. इस दौरान उन्होंने महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. इसी के साथ वह इस टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं.

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राफेल के बाद S-400 के लिए मिसाइलें खरीदेगा भारत, रूस के साथ डील डन, Op सिंदूर में पाक के लिए बनी थीं काल

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S-400 Deal: रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है. भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के लिए 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दी है. इसके अलावा फ्रांस से 114 लड़ाकू विमान और अमेरिका से 6 समुद्री निगरानी विमान खरीदने को मंजूरी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की इस बैठक में करीब 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली कमिटी अंतिम मुहर लगाएगी. खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर हथियार ‘मेड इन इंडिया’ पर जोर दिया गया है. यहां जानें किन-किन हथियारों को मिली मंजूरी?

ऑपरेशन सिंदूर के समय S-400 की ताकत को दुनिया ने देखा. इस दौरान पहले से मौजूद मिसाइलें खर्च हो गईं, जिसकी वजह से सेना के भंडार में कमी आई. इस कमी को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दे दी है, जो लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की कीमत का पड़ेगा. रक्षा मंत्रालय ने जिन मिसाइलों को खरीद की मंजूरी दी है, उसमें 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं. इन्हें बहुत जल्दी खरीदने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है. ताकि भारतीय सेना पूरी ताकत के साथ तैयार रहे.

Op सिंदूर में दिखाया था जलवा

इस डील के साथ ही रूस से अभी बचे हुए दो S-400 के दस्ते जून और नवंबर के महीने में आने वाले हैं. गुरुवार को रक्षा मंत्रालय की बैठक में जिस मिसाइल की डील हुई, उसमें S-400 के लिए 40 किलोमीटर, 150 किलोमीटर, 200 किलोमीटर और 400 किलोमीटर दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइलें खरीदी जाएंगी. ये मिसाइलें इतनी ताकतवर होती हैं कि अपने दुश्मनों को जमीन से हवा में नष्ट कर देंगी. इन मिसाइलों को उपयोग हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था, जिसमें सेना ने पाकिस्तान के 314 किलोमीटर अंदर घुसकर निशाना लगाया था.

3 लाख 60 हजार करोड़ के रक्षा प्रस्ताव की मंजूरी

S-400 के लिए मिसाइलों के अलावा DAC ने गुरुवार को लगभग 3 लाख 25 हजार करोड़ रुपए की कीमत के 114 अतिरिक्त राफेल खरीदने की मंजूरी दी है. अभी भारत के पास सिर्फ 36 राफेल है. अमेरिका से जिन 6 समुद्री निगरानी विमान खरीदने पर मुहर लगाया गया है, उनका सौदा करीब 30 हजार करोड़ रुपए में हुआ है. यानी कुल मिलाकर 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.

भाजपा ने की राहुल गांधी की सांसदी रद्द करने की मांग, पेश किया मूल प्रस्ताव

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नई दिल्ली। भाजपा ने गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने यूएस के साथ ट्रेड डील को लेकर सरकार पर झूठा आरोप लगाकर हमला किया। उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस नेता के खिलाफ एक मूल प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव लेजिस्लेटिव बॉडी में एक टूल है ताकि प्रस्ताव स्वीकार होने पर उस पर चर्चा और फैसला हो सके। फैसला वोटों के माध्यम से होता है। यह प्रस्ताव कोई भी सदस्य पेश कर सकता है। भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने नोटिस में बताया है कि राहुल गांधी सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और एसएआईडी के साथ जुड़े हैं और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और यूएस जैसे देशों की यात्रा की है।
अपने नोटिस में, बीजेपी सांसद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने विदेशी संगठनों की मदद से बहुत चालाकी से संसद के सबसे पवित्र मंच पर कब्जा कर लिया है ताकि लोगों की भावनाएं भडक़ाई जा सकें, न केवल भारत के चुनाव आयोग बल्कि हमारे माननीय सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ भी बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, बिना किसी ठोस सबूत के सरकार की इज्जत कम की है और कई दूसरे संस्थानों को गलत तरह से दिखाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गलत कामों की दुनिया में चले गए हैं और ‘भारत को अंदर से अस्थिर करने वाले ठग गैंग’ का एक बड़ा हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि संसद के अंदर और बाहर उनके लगातार और सोचे-समझे काम हमारे देश के लिए नुकसानदायक हैं, जो देश के कोने-कोने में चर्चा का एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने अपने नोटिस में कहा कि अगर मैं, एक जिम्मेदार पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर – भले ही मेरा असर कम हो और बैकग्राउंड भी साधारण हो – यह बात आपके ध्यान में नहीं लाता, तो मैं अपने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ न्याय नहीं कर पाऊंगा। इसे देखते हुए, मैं नीचे दिए गए चार गंभीर कामों को आपके ध्यान में लाना चाहता हूं।

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