इस साल RuPay डेबिट कार्ड की संख्या 50 करोड़ पार कर सकती है

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को CBI की नई साइबर क्राइम शाखा का उद्घाटन और I4C के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (S4C) डैशबोर्ड का शुभारंभ भी किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकने और कम करने की दिशा में सभी एजेंसियां समन्वित होकर कार्य कर रही हैं.

RuPay डेबिट कार्ड की बढ़ती संख्या पर जोर देते हुए, शाह ने नई दिल्ली में सीबीआई द्वारा साइबर फ्रॉड से निपटने और इकोसिस्टम को खत्म करने पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में बताया कि RuPay डेबिट कार्ड की संख्या 39 करोड़ 81 लाख तक पहुंच गई है, और दिसंबर 2026 तक यह आंकड़ा लगभग 50 करोड़ को पार करने की उम्मीद है.

गृह मंत्री शाह ने यह भी बताया कि पहले देश में करीब 60 करोड़ लोग ऐसे परिवारों से थे जिनके पास एक भी बैंक अकाउंट नहीं था. लेकिन, फरवरी 2026 तक 57 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोले जा चुके हैं.

 

 

उन्होंने कहा, “I4C, राज्य पुलिस बल, CBI, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), दूरसंचार विभाग, बैंकिंग सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), और न्यायपालिका मिलकर साइबर क्राइम को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं.”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर संस्था की एक अहम भूमिका और जिम्मेदारी होती है, और लक्षित नतीजे पाने के लिए सभी हितधारकों के बीच करीबी तालमेल जरूरी है. शाह ने कहा, “CBI और I4C की यह पहल बहुत अहम है, इससे अलग-अलग सरकारी विभागों और एजेंसियों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनकी कोशिशों को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी, जिससे उम्मीद के मुताबिक कामयाबी मिलेगी.”

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि पिछले 11 वर्षों में ‘डिजिटल इंडिया’ का सफर शानदार रहा है. उन्होंने बताया, “11 साल पहले, देश में सिर्फ 25 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता थे, जबकि आज भारत में 1 अरब से अधिक इंटरनेट यूजर हैं, और देश डिजिटल डोमेन में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगभग 16 गुना बढ़ गए हैं और 1 अरब का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं.”

अमित शाह ने कहा कि एक गीगाबाइट (GB) डेटा की कीमत 97 प्रतिशत कम हो गई है, जिससे इंटरनेट एक्सेस और इस्तेमाल दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट यूजर्स की संख्या में बढ़ोतरी और भारतनेट (BharatNet) के जरिये संसद और पंचायतों का जुड़ना डिजिटल इंडिया की एक बड़ी कामयाबी है. केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत 11 साल पहले सिर्फ 546 ग्रामीण पंचायतें जुड़ी थीं, जबकि आज दो लाख से अधिक ग्रामीण पंचायतें इस प्रोजेक्ट से जुड़ चुकी हैं.

शाह ने कहा, “UPI ट्रांजैक्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे पता चलता है कि अकेले 2024 में, भारत में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 233 ट्रिलियन रुपये से अधिक थी.”

केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक, UPI के लॉन्च से पहले डिजिटल ट्रांजैक्शन की तुलना मुमकिन नहीं थी, लेकिन 2024 में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए. इन ट्रांजैक्शन की सिक्योरिटी एक मजबूत सिस्टम पर निर्भर करती है जिसे लगातार मजबूत किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “अगर हम इसे वैश्विक नजरिये से देखें, तो भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में नए रिकॉर्ड बनाए हैं और दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है. यह वैश्विक स्तर पर देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूत और सुरक्षित करने की जरूरत को दिखाता है.”

 कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा में बजट पर बोलेंगे 

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नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा में बजट पर  बुधवार 12 बजे के करीब बोल सकते हैं। आज विपक्षी दलों की बैठक में राहुल गांधी ने ख़ुद सुझाव दिया कि बजट पर पहले विपक्षी दलों को मौका मिलना चाहिए।
राहुल गांधी को आशंका थी कि उनके भाषण के दौरान फिर से हंगामा हो सकता है। ऐसे में उन्होंने ख़ुद तय किया कि वो  अगले दिन बोलेंगे। 
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी भारत–अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे पर सरकार को घेर सकते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में गतिरोध शुरू हुआ था जो मंगलवार को टूटा है।

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डिवाइडर से टकराई कार, ट्रेलर से भिड़ंत में 5 की दर्दनाक मौत

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दौसा : मंगलवार देर रात जिले में नेशनल हाईवे-21 पर एक भीषण सड़क हादसे में कार सवार 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा सिकंदरा थाना इलाके के कैलाई गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में पहुंच गई. उसी दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए.

 

एक घायल जयपुर रेफर : पुलिस के अनुसार कार में सवार सभी लोग कालाखो गांव के निवासी थे और एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि बाद में एक और ने दम तोड़ दिया. दौसा जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विनोद मीणा ने बताया कि एंबुलेंस की मदद से दो घायलों को अस्पताल लाया गया था. इनमें से नवीन नाम के युवक की हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया, जबकि दूसरे युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.

 

सभी पांच मृतकों की हुई पहचान : हादसे में मृतकों की पहचान लोकेश पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश पुत्र बनवारी लाल योगी, मनीष पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित पुत्र लालराम बैरवा और समयसिंह पुत्र रामसिंह योगी के रूप में हुई है, जो सभी कालाखो गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अलग-अलग अस्पतालों की मोर्चरी में रखवाया गया है. चार शव सिकंदरा अस्पताल, एक शव जयपुर और एक शव दौसा जिला अस्पताल भेजा गया.

सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. क्षतिग्रस्त कार में फंसे शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के परिजनों तक पहुंची, कालाखो गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवारों में कोहराम मच गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन के नियंत्रण खोने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है.

असम CM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, वहीं सरमा ने कांग्रेस नेताओं पर किया मानहानि केस

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नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सुनवाई को लेकर वाम नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए एक वीडियो को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वामपंथी नेताओं की उस याचिका को सूचीबद्ध करने के लिए विचार करने पर सहमति जताई है. इस वीडियो में हिमंत बिस्व सरमा एक विशेष समुदाय के लोगों की ओर राइफल से निशाना साधते हुए नजर आ रहे थे. हालांकि, बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने असम में आसन्न विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि समस्या यह है कि चुनाव का कुछ हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है. भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की अगुवाई वाली पीठ ने वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी.

 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ मानहानि का केस किया. उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने उनके खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाए हैं. X पर एक पोस्ट में, सरमा ने कहा कि आज, मैंने कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मेरे खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाने के लिए ₹500 करोड़ के हर्जाने के लिए मानहानि का केस किया है.

पाशा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से पेश हुए थे. उन्होंने पीठ के समक्ष कहा कि हम इस अदालत से असम के मौजूदा मुख्यमंत्री की तरफ से दिए गए चिंताजनक बयानों और हाल में पोस्ट किए एक वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं. इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा उच्चतम न्यायालय में लड़ा जाता है. यही समस्या है. हम मामले को देखेंगे और तारीख देंगे.

भारत में कम हुआ भ्रष्टाचार, अमेरिका और ब्रिटेन में बढ़ा… 180 देशों की नई रिपोर्ट

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नई दिल्ली: यूरोप और अमेरिका में जहां भ्रष्टाचार के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं भारत में 2024 की तुलना में 2025 में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है. यह खुलासा ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी की एक रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत के स्कोर में सुधार दर्ज किया गया है. अब दुनिया भर में भ्रष्टाचार के मामले में भारत 91वें स्थान पर है. ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी के मुताबिक दुनिया में डेनमार्क एकमात्र ऐसा देश है, जहां भ्रष्टाचार के मामले सबसे कम आए हैं. दक्षिण सूडान, सोमालिया दुनिया का सबसे भ्रष्ट देश है. ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी ने दुनिया के 180 देशों को लेकर यह रिपोर्ट जारी की है.

भ्रष्टाचार को लेकर जारी रिपोर्ट में सिर्फ 7 ऐसे देश हैं, जिनके स्कोर 80 से ज्यादा हैं. यूरोपीय देशों में भ्रष्टाचार ने पांव फैलाया है. ब्रिटेन, फ्रांस, इटली जैसे देशों के स्कोर में गिरावट दर्ज की गई है. सिर्फ जर्मनी में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है. ब्रिटेन टॉप-20 देशों की लिस्ट से बाहर है.

अमेरिका के स्कोर में भी गिरावट दर्ज की गई है. वो भी तब, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जड़ से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कह रहे हैं. 2024 में दुनियाभर में भ्रष्टाचार के मामले में अमेरिका का स्थान 28 था, जो अब 29 हो गया है. वहीं तमाम कवायदों के बावजूद चीन में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी नहीं आई है. चीन का स्कोर पहले की तरह ही 43 है. भ्रष्टाचार के मामले में चीन का स्थान 76वें नंबर पर हैं.

2023 में भ्रष्टाचार के मामले में भारत 93वें स्थान पर था. 2024 में इसमें एक अंक की गिरावट दर्ज की गई. अब भारत 91वें स्थान पर पहुंच गया है. भारत का स्कोर 39 है. कुल मिलाकर, भ्रष्टाचार के मामलों में पिछले तीन वर्षों में भारत की रैंकिंग में सुधार देखा गया है. हालांकि, यह सुधार क्यों और कैसे हुआ, इसकी डिटेल जानकारी नहीं दी गई है. इतना ही नहीं, भारत अब भी भ्रष्टाचार खत्म करने के मामले में दुनिया के देशों से काफी पीछे है. क्योंकि करप्शन इंडेक्स में 39 स्कोर को काफी खतरनाक माना जाता है.

ओवैसी ही बीजेपी के असली लाइफलाइन, भगवान राम से ज्यादा ओवैसी का नाम लेते हैं

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हैदराबाद। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा है कि बीजेपी एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भगवान राम से भी ज्यादा अहमियत देती है और चुनाव जीतने के लिए ओवैसी का इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा है कि ओवैसी ही बीजेपी के असली लाइफलाइन हैं। रेड्डी ने कहा कि यह बीजेपी का इतिहास है। अगर आप इसे एनालाइज करें, तो उनके लिए सिर्फ एक ही भगवान हैं, असदुद्दीन ओवैसी। वे यूं ही भगवान राम का नाम लेते हैं, लेकिन वे हर दिन जिसके आगे झुकते हैं, वह असदुद्दीन ओवैसी हैं। उनकी लाइफलाइन असदुद्दीन ओवैसी हैं। देखिए वे कितनी बार राम को याद करते हैं और कितनी बार ओवैसी का नाम लेते हैं। इसकी पड़ताल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि बीजेपी ओवैसी को अलादीन के चिराग की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि हर बार वे ओवैसी को अलादीन का जादुई चिराग बनाकर वोट मांगते हैं। आखिर सरकार तो आपकी ही है ना? अगर ओवैसी इतने विलेन हैं, तो आप उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं? रेड्डी ने एआईएमआईएम की निंदा के लिए भी बीजेपी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी में एआईएमआईएम भी एक पॉलिटिकल पार्टी है जो चुनाव लड़ती है। जहां वे जीतते हैं, जीतते हैं। जहां वे हारते हैं, हारते हैं। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और यहां तक ​​कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने पांच सीटें जीतीं हैं। वे भी एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन हैं, एक पॉलिटिकल पार्टी हैं, लेकिन आप कब तक उनके नाम पर वोट मांगते रहेंगे? धार्मिक नफरत भड़काकर, कुछ पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं को राक्षस बताकर और उसके जरिए पॉलिटिकल रूप से जिंदा रहने की कोशिश करना आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद है। तेलंगाना के लोगों को सोच समझ कर वोट देना चाहिए।

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‘पैसे दे, वरना यहीं ढेर कर देंगे,’ मुंह में पिस्टल डाल बिजमेसमैन से 20 लाख वसूले

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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस महकमे को हिला देने वाला मामला सामने आया है. यहां लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर आरोप लगा है कि पहले उन्होंने एक धागा व्यापारी का अपहरण किया. फिर उसके मुंह में पिस्टल डालकर 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूली. एसएसपी अविनाश पांडे के आदेश पर दोनों आरोपी दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

घटना का खुलासा तब हुआ जब लिसाड़ी गेट निवासी व्यापारी रासिख ने आपबीती सुनाई. शिकायत के मुताबिक, उपनिरीक्षक (SI) लोकेन्द्र साहू और महेश कुमार ने व्यापारी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने व्यापारी को अपनी गाड़ी में बंधक बनाया और पैर में गोली मारकर ‘फर्जी एनकाउंटर’ करने का डर दिखाया. मौत के खौफ में व्यापारी से 20 लाख रुपये वसूल लिए गए.

व्यापारी का आरोप है कि दरोगाओं ने उसके मुंह में पिस्टल डाल दी थी और कहा था- पैसे दे दे, नहीं तो यहीं ढेर कर देंगे. जब पीड़ित ने बाद में अपनी रकम वापस मांगी, तो दरोगाओं ने उसे डराया कि ये तो हवाला का पैसा है. इसे मांगोगे तो जान से हाथ धो बैठोगे.

हैरानी की बात यह है कि जैसे ही 10 फरवरी 2026 को थाना लिसाड़ी गेट में मुकदमा दर्ज हुआ, दोनों दरोगा रातोरात फरार हो गए. सूत्रों के मुताबिक, फंसते देख दरोगाओं ने व्यापारी को 15 लाख रुपये वापस भी किए, लेकिन कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अब वे पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. यह घटना मूल रूप से 8 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जिस पर अब एक्शन हुआ है.

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ किया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया- धागा व्यापारी की शिकायत पर दोनों दरोगाओं के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं. खाकी की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

फिलहाल दोनों दरोगा पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं. मेरठ पुलिस अपनी ही बिरादरी के इन दागी अफसरों की तलाश में दबिश दे रही है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता

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इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) ने दी पूर्ण सदस्यता, बोर्ड बैठक में लिया ऐतिहासिक निर्णय:महासचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस रॉबर्ट्स

नई दिल्ली / लॉज़ेन।भारतीय मुक्केबाज़ी जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (International Boxing Association – IBA) की पूर्ण सदस्यता प्रदान की गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय IBA के निदेशक मंडल द्वारा 6 फ़रवरी 2026 को लिया गया, जिसकी औपचारिक सूचना 9 फ़रवरी 2026 को स्विट्ज़रलैंड के लॉज़ेन से जारी पत्र के माध्यम से दी गई। IBA के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने IABF के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र को संबोधित पत्र में इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मुक्केबाज़ी खेल के प्रति IABF की प्रतिबद्धता, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालन के कारण यह मान्यता प्रदान की गई है।

IBA परिवार में IABF का स्वागत:उमर क्रीमलेव

IBA अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन का IBA परिवार में शामिल होना संगठन के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IABF की सक्रिय भागीदारी से वैश्विक स्तर पर मुक्केबाज़ी खेल के विकास को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का औपचारिक आमंत्रण:

IBA द्वारा IABF को आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। IBA ने आशा व्यक्त की है कि भारतीय मुक्केबाज़ों की सहभागिता से वैश्विक मुक्केबाज़ी समुदाय और अधिक सशक्त व ऊर्जावान बनेगा तथा भविष्य में दोनों संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक एवं सार्थक सहयोग स्थापित होगा।

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भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए स्वर्णिम अवसर:डॉ. राकेश मिश्र

IBA की पूर्ण सदस्यता मिलने से अब भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक अधिकार, अवसर और पहचान प्राप्त होगी। इससे देश के उभरते मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, उन्नत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा वैश्विक अनुभव प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

डॉ. राकेश मिश्र का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया: उमर क्रीमलेव

इस उपलब्धि को IABF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और संगठित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मान्यता भारतीय मुक्केबाज़ी के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस अवसर पर डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। राकेश ठाकरान जी ने इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के निदेशक मंडल एवं सदस्य देशों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि यह सदस्यता हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंतव्य के अनुरूप भारतीय मुक्केबाज़ों को ओलंपिक खेलों में अधिक अवसर उपलब्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि IABF अब जमीनी स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करेगा, ताकि आगामी ओलंपिक खेलों के लिए सक्षम और प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। साथ ही, यह सदस्यता पिछले कुछ वर्षों से भारतीय मुक्केबाज़ी की बिगड़ती स्थिति को सुधारने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगी। डॉ. मिश्र ने देशभर के खिलाड़ियों, कोचों, रेफ़रियों, तकनीकी अधिकारियों तथा मुक्केबाज़ी से जुड़े सभी लोगों से आह्वान किया कि वे आगे आएँ और भारतीय बॉक्सिंग के इस नए दौर में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। वहीं, IABF के महासचिव श्री राकेश ठाकरान जी ने इस उपलब्धि पर देश की सभी राज्य स्तरीय बॉक्सिंग एसोसिएशनों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब हम सभी को भारत सरकार के माननीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के मार्गदर्शन में संगठित एवं प्रतिबद्ध होकर कार्य करना होगा, ताकि भारतीय मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच, विशेषकर ओलंपिक खेलों में, बेहतर अवसर मिल सकें और देश में मुक्केबाज़ी खेल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

‘कांग्रेस आलाकमान का फैसला अंतिम’, सीएम बदलने की अटकलों पर सिद्धारमैया के बयान से मची हलचल

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बंगलूरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार (10 फरवरी) को जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री पद में बदलाव के मुद्दे पर कांग्रेस हाई कमान का जो भी फैसला होगा, वह अंतिम होगा और वह नेतृत्व के निर्देशों का पालन करेंगे। इसी के साथ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए दिल्ली नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वो सिर्फ तभी जाएंगे, जब उन्हें आलाकमान की तरफ से बुलाया जाएगा।

दरअसल, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की ओर से कई गई टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेतृत्व के मुद्दे पर उन्हें ‘कोई भ्रम नहीं है’, क्योंकि उन्होंने और सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान की उपस्थिति में इस मामले पर चर्चा की है।

बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। हाई कमान का फैसला अंतिम होगा। अनावश्यक प्रश्न पूछने का कोई फायदा नहीं है। वहीं डीके शिवकुमार के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो आप उनसे पूछें। मुझे नहीं पता। मैं हाई कमान के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं, उन्होंने साफ कहा कि बिना बुलाए मैं क्यों जाऊं? मेरा यहां काम है, बजट तैयार करने का काम है। अगर मुझे बुलाया जाएगा तो मैं जाऊंगा।

दरअसल, बीते कुछ वक्त से जारी शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच का सत्ता संघर्ष उस वक्त फिर से सामने आ गया, जब सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र ने इस बात पर जोर दिया कि उनके पिता अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, और पार्टी हाई कमान ने इस संबंध में संकेत दे दिए हैं। इसी के साथ उन्होंने दावा किया कि सीएम बदलने का मुद्दा अब खत्म हो गया है।

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बारामती विमान हादसे के बाद केंद्र सख्त, 400 से अधिक अनियंत्रित हवाई पट्टियों की जांच के आदेश

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बारामती। बारामती में हुए विमान हादसे (Baramati plane crash) के बाद सरकार ऐक्शन मोड में आ गई है। देशभर की 400 से ज्यादा अनियंत्रित हवाई पट्टियों (Uncontrolled Airstrips) को लेकर व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य इन हवाई पट्टियों के लिए एकीकृत नियम बनाना है, जिसकी निगरानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य सरकारें मिलकर करेंगी। जांच के दौरान हवाई पट्टियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर, संचार सुविधाओं, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि स्थानीय प्रशासन के साथ हवाई पट्टी का प्रबंधन करने वाले किस तरह का समन्वय बनाए रखते हैं। 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद DGCA ने देशभर के एयरपोर्ट्स और हवाई पट्टियों पर सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को सख्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर आमतौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सुविधा नहीं होती। ये हवाई पट्टियां या तो राज्य सरकारों के अधीन हैं या फ्लाइट ट्रेनिंग संस्थानों और निजी संचालकों द्वारा संचालित की जाती हैं। देश में मौजूद 400 से अधिक ऐसी हवाई पट्टियां फिलहाल DGCA के सीधे नियमन से बाहर हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से चार्टर विमानों, राजनीतिक दलों और फ्लाइंग स्कूलों द्वारा किया जाता है। हालांकि, इन पट्टियों पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई जाती है।

 

10 से 15 दिन में ठीक होते

डॉक्टरों के अनुसार इन बीमारियों से ठीक होने में 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

 

अजित पवार की मौत को लेकर उठे सवाल
इस बीच, एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने अजित पवार की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना को लेकर कई सवाल हैं और वह 10 फरवरी को मुंबई में एक विस्तृत प्रस्तुति देंगे। बारामती में जिला परिषद चुनाव के दौरान वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट एकजुट हों और इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। रोहित पवार ने कहा, “हर किसी के मन में इस दुर्घटना को लेकर सवाल और संदेह हैं। दुर्घटना क्यों हुई और कैसे हुई, इन सभी पहलुओं को 10 फरवरी को सामने रखा जाएगा।”
 

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News Desk