3.2 C
London
Monday, March 16, 2026
HomeLatest Newsडेड हो चुकी महिला की रगों में फिर दौड़ा खून, यह एशिया...

डेड हो चुकी महिला की रगों में फिर दौड़ा खून, यह एशिया का पहला मामला

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। मरने के बाद वापस जिंदा होना किसी चमत्कार से कम नहीं होता। ऐसा ही चमत्कार दिल्ली के डॉक्टरों ने 55 साल की मर चुकी महिला की रगों में फिर से खून का प्रवाह यानी ब्लड सर्कुलेशन शुरू कर किया। ऐसा महिला के अंगों को दान करने के लिए किया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मृत महिला के शरीर में फिर से खून का प्रवाह मणिपाल अस्पताल में किया गया। यह प्रोसीजर एशिया में अपनी तरह का पहला है, जहां अंगों को निकालने के लिए मौत के बाद ब्लड सर्कुलेशन फिर से शुरू किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गीता चावला नामक महिला मोटर न्यूरॉन नामक बीमारी से पैरालाइज़्ड थीं। इसलिए वह काफी समय से बैड पर थीं। उन्हें 5 नवंबर को सांस लेने में समस्या होने लगी, तो आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। उनकी हालत बिगड़ी तो परिवार ने उन्हें लाइफ सपोर्ट पर न रखने का फैसला किया। अंतत: उन्होंने 6 नवंबर की रात 8:43 बजे इस दुनिया को अलविदा कह दिया। गीता चावला की ख्वाहिश थी कि मरने के बाद उनके अंगों को दान किया जाए। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए, मेडिकल टीम ने नॉर्मोथर्मिक रीजनल परफ्यूजन नामक एक दुर्लभ और जटिल प्रोसीजर किया। 
एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजिनेटर का इस्तेमाल करके डॉक्टरों ने उनके पेट के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को सफलतापूर्वक शुरू किया। ऐसा तब हुआ जब उनका दिल धड़कना बंद हो गया था और ईसीजी लाइन फ्लैट होने के पांच मिनट बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के चेयरमैन ने कहा कि एशिया में यह पहली बार है कि दान के लिए अंगों को सुरक्षित रखने के लिए मौत के बाद ब्लड सर्कुलेशन फिर से शुरू किया गया हो।
उन्होंने कहा कि भारत में अंग दान आमतौर पर ब्रेन डेथ के बाद होता है, जब दिल धड़क रहा होता है। सर्कुलेटरी डेथ के बाद दान में दिल धड़कना बंद हो जाता है, इसलिए समय बहुत अहम होता है। एनआरपी का इस्तेमाल करके लिवर और किडनी को सुरक्षित रूप से निकालने और अलॉट करने के लिए काफी देर तक जीवित रखा। प्रोसीजर के बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन ने अंगों को तुरंत ट्रांसप्लांटेशन के लिए अलॉट कर दिया। 
गीता चावला का लिवर इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में 48 साल के एक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट किया, जबकि उनकी किडनी मैक्स हॉस्पिटल साकेत में 63 और 58 साल के दो अन्य पुरुष मरीजों को दी गईं। उनकी कॉर्निया और त्वचा भी दान की गई, जिससे कई मरीजों को फायदा हुआ। डॉक्टरों ने यह कमाल कर सभी को हैरान कर दिया।

Previous articleरैलियों-वादों का चुनाव…मतदाता किसके साथ
Next articleशॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम
News Desk

अंतिम ग्यारह से बाहर होने से हताश था : सैमसन

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews नई दिल्ली। टी20 विश्वकप में शानदार प्रदर्शन कर प्लेयर ऑफ द टूर्नोमेंट रहे बल्लेबाज संजू सैमसन ने कहा है कि...

बीजेपी तमिलनाडु में चुनाव से पहले टीवीके को एनडीए गठबंधन में चाहती है जोड़ना

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews नई दिल्ली। तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी और टीवीके के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत आखिरी दौर में...