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फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ अपनी रिलीज से पहले विवादों में रही। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। इस बीच निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप ने भी इस फिल्म पर तीखा हमला बोला था। इस पर अब फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फिल्म के बारे में की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाया है।
बोले- ‘मैं पर्सनली कमेंट नहीं करता’
मीडिया से बात करते हुए शाह ने कहा, ‘देखिए, मैं अनुराग जी पर पर्सनली कमेंट नहीं करता। उनकी अपनी राय है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मेरे जो निर्देशक हैं उन्होंने एक बहुत अच्छा मुद्दा रखा था, उसका जवाब अभी तक अनुराग जी के पास से आया नहीं’। बता दें कि फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है।
बोले- ‘क्या उनकी टिप्पणी गंभीरता से लेनी चाहिए’
बता दें कि अनुराग कश्यप ने मीडिया से बात करते हुए ‘द केरल स्टोरी 2’ के ट्रेलर की आलोचना करते हुए इसे ‘प्रोपेगैंडा’ बताया था। विपुल अमृतलाल शाह ने यह भी बताया कि कश्यप ने एक फिल्म ‘दैट गर्ल इन येलो बूट्स’ बनाई थी, जिसमें ‘पिता और बेटी के अनैतिक संबंध’ को दिखाया गया था। क्या उनकी ऐसी किसी टिप्पणी को गंभीरता से लेना चाहिए? विपुल अमृतलाल शाह ने आगे बताया कि डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने यह सवाल सबके सामने उठाया था और उम्मीद जताई कि कश्यप इस पर खुलकर बात करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि अनुराग खुलकर बात करेंगे। शायद आने वाले दिनों में उनका जवाब आ जाएगा’।
फिल्म के निर्देशक ने क्या कहा था?
इससे पहले डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने फिल्म को लेकर चल रहे विवादों और आलोचनाओं पर कड़े शब्दों में जवाब देते हुए फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को भी उनके बयानों के लिए आड़े हाथों लिया। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कामाख्या सिंह ने जोर देकर कहा कि अनुराग कश्यप समाज के बारे में ‘सच्चाई को लेकर अंधे’ रहे हैं। डायरेक्टर ने कहा, ‘कई वर्षों से उनकी सारी फिल्में फ्लॉप हुई हैं…वे मानसिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। उनको सच्चाई दिखती नहीं है’। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर उन्हें हमारी फिल्म में दिखाई गई सच्चाई से दिक्कत है, तो इसका मतलब है कि उन्हें पूरी दुनिया से दिक्कत है। हमारी फिल्म का हर सीन सच्ची घटनाओं पर आधारित है। अगर अनुराग जी चाहेंगे, तो हम सारा रिसर्च मटीरियल उनके घर भेज देंगे। लेकिन उन्हें हर चीज में गलती निकालनी है। वह सच को देखते हुए अंधे हो गए हैं। वह इसे देखना या समझना नहीं चाहते’।
