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Sunday, October 25, 2026
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पाकिस्तान को भी होगा आटे का संकट, अफगान युद्ध के बीच अमेरिकी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

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America Report on Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है. इस बीच पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर आई है. आतंक की फैक्ट्री चलाने वाला पाकिस्तान अब आटे के लिए तरस सकता है. अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार पाकिस्तान में गेहूं के उत्पादन में कटौती होने की उम्मीद है. अमेरिका के कृषि विभाग(USDA) की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में इस बार 20-22 लाख टन गेहूं कम पैदा होगा. वहीं इस रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

पाकिस्तान की अधिकांश आबादी गेहूं पर निर्भर

पाकिस्तान में बड़ी आबादी गेहूं या फिर उससे बने उत्पादों पर निर्भर है. इसमें रोटी, डबल रोटी, खमीरी रोटी और नान जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं. ऐसे में 22 लाख टन गेहूं की कम पैदावर पाकिस्तान में भुखमरी को बढ़ा सकता है. पाकिस्तान में धान और मक्के की भी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है, लेकिन इसमें ज्यादातर उत्पादन एक्सपोर्ट कर दिया जाता है. ऐसे में पाकिस्तान की आबादी गेहूं पर निर्भर करती है।

पाकिस्तान की कुल GDP में गेहूं का 3 फीसदी हिस्सा

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की कुल जीडीपी में तकरीबन 2 से 3 प्रतिशत हिस्सा गेहूं और उससे बने उत्पादों का है. अमेरिका की गेहूं उत्पादन में कटौती को लेकर रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है. वहीं इस लड़ाई में बलोच लड़ाके अफगानिस्तान का साथ दे रहे हैं. पाकिस्तान की चिंता इस बात से भी ज्यादा बढ़ी है कि बलोच के एक बड़े हिस्से पर गेहूं की खेती की जाती है.बता दें बलोच इलाका तीन देशों पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में आता है. इनमें सबसे बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आता है. वहीं इसके अलावा दूसरा बड़ा हिस्सा ईरान के सिस्तान और बलूचेस्तान प्रांत में आता है. जबकि तीसरा हिस्सा अफगानिस्तान के दक्षिण क्षेत्रों में आता है।

मुश्किल में पड़ी पाकिस्तान की गेहूं की खेती

पाकिस्तान में खेती की बढ़ती लागत और घटती पैदावार ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है. वहीं पाकिस्तान सरकार की तरफ से भी किसानों के लिए उदासीनता है. सरकार की तरफ से किसानों को कोई भी मदद नहीं दी जा रही है.पाकिस्तान में गेहूं की पैदावार कम होने में लंबे समय से सूखा होना बड़ी वजह है. कई इलाके बारिश पर निर्भर करते हैं. सूखे की मार के कारण पाकिस्तान में गेहूं की खेती का एरिया 2025-26 में 10.37 मिलियन हेक्टेयर से घटकर 9.1 मिलियन हेक्टेयर तक रह गया है।

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