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Saturday, November 7, 2026
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83 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार

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नवी मुंबई। नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग के ज़रिए पूरे देश में साइबर धोखाधड़ी करने वाले शातिर लोगों एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग ने न सिर्फ़ महाराष्ट्र बल्कि कई राज्यों में भी सैकड़ों लोगों को धोखाधड़ी के जाल में फंसाकर उनसे 83.97 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से कीमती सामान ज़ब्त किया है। क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, यह गैंग ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर पूरे देश में गैर-कानूनी सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी फैला रहा था। यह गैंग अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वाट्सएप  और टेलीग्राम ग्रुप के ज़रिए “गेम खेलो और दोगुना पैसा कमाओ”, “बस अपनी किस्मत आज़माओ और कमाओ” जैसे विज्ञापन देकर आम लोगों को लालच दे रहा था। लोग इस लालच में आकर ऐप डाउनलोड करके पैसे जमा कर देते थे। लेकिन उसके बाद, ऑनलाइन गेमिंग गेम बंद कर दिया जाता था और अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते थे। उसके बाद, अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए जाते थे। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने इसके ज़रिए 886 अलग-अलग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर ट्रांज़ैक्शन किए। बताया गया है कि इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड इमरान उस्मानी मिन्हाज शेख (32) को पुलिस ने सीबीडी बेलापुर रेलवे स्टेशन इलाके से गिरफ्तार किया। इमरान लोगों से पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम कार्ड लेकर धोखाधड़ी के लिए फर्जी बैंक अकाउंट खोलता था। फिर वह यह जानकारी अपने दूसरे साथियों को देता था, जो इन अकाउंट से ट्रांजैक्शन करके विदेशी अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करते थे।
* डोंबिवली और पुणे में भी छापे मारे गए
इमरान की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने डोंबिवली और पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़  इलाकों में कई जगहों पर छापे मारे। इस कार्रवाई में 6 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कंप्यूटर और मोबाइल फोन से साइबर ट्रांजैक्शन के सबूत जब्त किए गए हैं। बाद में जांच के दौरान, 5 और साथियों की पहचान की गई और उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 52 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 99 डेबिट कार्ड, 64 पासबुक, 1 टाटा सफारी स्टॉर्म गाड़ी, जिसकी कीमत 18.05 लाख रुपये है, जब्त की है। इस मामले में सीबीडी बेलापुर पुलिस स्टेशन में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (आईटी Act), महाराष्ट्र गैंबलिंग प्रिवेंशन एक्ट, ऑनलाइन गेमिंग प्रिवेंशन एक्ट 2025 के तहत केस दर्ज किया गया है। वरिष्ठ  पुलिस निरीक्षक सुनील शिंदे (क्राइम ब्रांच, नवी मुंबई) की देखरेख में इस मामले की जांच चल रही है। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि इमरान और उसके साथियों ने धोखाधड़ी का पैसा कहां इन्वेस्ट किया और क्या विदेशी अकाउंट्स से कोई लिंक हैं।
* साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें- नवी मुंबई पुलिस
इस बीच नवी मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, ऑनलाइन गेमिंग ऐप या वाट्सएप इन्वेस्टमेंट ग्रुप में शामिल न हों। ऐसे प्लेटफॉर्म पर पैसे का लालच देने वाले ज़्यादातर लोग धोखाधड़ी करने वाले और गैर-कानूनी होते हैं। साइबर पुलिस एक पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चला रही है और नागरिकों से अपील है कि अगर उनके साथ कोई धोखाधड़ी हो तो वे तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

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News Desk

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