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Wednesday, October 14, 2026
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महाराष्ट्र में होने वाला था बड़ा राजनीतिक बदलाव, 8 फरवरी को NCP गुटों का विलय का था प्‍लान

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मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में जल्द बड़ी उठा पटक के आसार हैं। खबर है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट फरवरी में फिर से एक होने की घोषणा करने वाले थे, लेकिन अजित पवार (Ajit Pawar) के निधन के कारण इसे टाल दिया गया है। एक गुट की अगुवाई अजित के पास थी। जबकि, दूसरे गुट एनसीपी एसपी के प्रमुख वरिष्ठ नेता शरद पवार (Sharad Pawar) थे। हाल ही में चाचा और भतीजे पुणे स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक हुए थे, जिसके बाद एनसीपी के एक होने की अटकलें तेज हो गईं थीं।

8 फरवरी को होने वाली थी घोषणा
एक रिपोर्ट के अनुसार, एनसीपी के दोनों गुट 8 फरवरी को साथ आने का ऐलान करने वाले थे। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि विलय को लेकर चर्चाएं काफी आगे बढ़ गई थीं और नेता जिला परिषद चुनाव के बाद औपचारिक ऐलान करने वाले थे। एनसीपी नेताओं के अनुसार, डिप्टी सीएम के निधन के बाद अनिश्चितताएं आ गईं हैं, लेकिन राजनीतिक प्रक्रिया जारी है।

रिपोर्ट के मुतबाकि, बारामती पहुंचे एनसीपी नेताओं ने बुधवार रात बैठक भी की थी। सूत्रों ने बताया है कि दोनों गुटों के एक होना शरद पवार की एनसीपी एसपी का ‘सरकार में शामिल होने’ की ओर एक कदम होगा। एनसीपी एसपी महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है। जबकि, अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी सत्तारूढ़ महायुति में शामिल है।

 

हो रही थीं बैठकें
मीडिया से बातचीत में एनसीपी एसपी विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी एसपी नेता शशिकांत शिंदे ने गुटों के एक होने की बात की चर्चा की पुषअटि की है। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र बताते हैं कि बात इतने आगे बढ़ गई थी कि संभावित कैबिनेट फेरबदल और नए लोगों को शामिल करने को लेकर अनौपचारिक रूप से बातें हो रही थीं।

पाटिल ने अजित पवार के निधन को बड़ा नुकसान बताया है। अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हाल के समय में हम लगातार मिल रहे थे। 16 जनवरी को हम मेरे आवास पर मिले थे, ताकि चुनाव साथ लड़ने को लेकर अंतिम दौर की बात हो सके। 17 जनवरी को शरद पवार जी के घर पर बैठक हुई थी।’

क्या था प्लान
शिंदे ने बताया कि मर्ज होने की बात दोनों पार्टियों के बीच सहमति से पहले की तरह हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘अब सच बोलना जरूरी है। अजित पवार ने कहा था कि हम निकाय चुनावों के बाद साथ आ जाएंगे। इस संबंध में बैठकें भी हुई थीं। अजित दादा ने यह शरद पवार की ओर देखते हुए कहा था। अब हम उस दिशा में प्रगति करेंगे।’

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