17.4 C
London
Friday, September 25, 2026
HomeLatest Newsनेहरू के लेटर्स निजी संपत्ति नहीं… केन्द्र सरकार ने सोनिया गांधी से...

नेहरू के लेटर्स निजी संपत्ति नहीं… केन्द्र सरकार ने सोनिया गांधी से मांगे वापस

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। सरकार (Government) ने जवाहरलाल नेहरू से संबंधित दस्तावेज (Documents related Jawaharlal Nehru) के 51 बक्से अपने पास रखने के लिए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Congress leader Sonia Gandhi) की कड़ी आलोचना की। साथ ही मांग उठाई कि इन्हें प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) को वापस किया जाए। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि 2008 में सोनिया गांधी ने इन लेटर्स को लिया था। अब इसे लौटा दें, यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। इससे विद्वानों और संसद की नेहरू काल के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेखों तक पहुंच संभव होगी। सरकार ने जोर देकर कहाकि ये दस्तावेज ‘सार्वजनिक अभिलेखागार में होने चाहिए, किसी बंद कमरे में नहीं।’ केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहाकि चूंकि इन कागजातों का स्थान ज्ञात है, इसलिए वे लापता नहीं हैं 

मंत्री ने संसद में क्या कहा
कांग्रेस ने संस्कृति मंत्री शेखावत के लोकसभा में लिखित उत्तर का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) से पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं होने की सच्चाई सामने आ गई है तो क्या अब इस मामले में माफी मांगी जाएगी? दरअसल, सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता संबित पात्रा ने लोकसभा में लिखित प्रश्न किया था कि क्या 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कतिपय दस्तावेज संग्रहालय से गायब पाए गए हैं?इसके उत्तर में संस्कृति मंत्री शेखावत ने कहाकि 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान संग्रहालय से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं पाया गया है।

विवादास्पद मुद्दा रहा है नेहरू दस्तावेज
गौरतलब है कि नेहरू दस्तावेज सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। पीएमएमएल के भीतर एक वर्ग इन दस्तावेजों को वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है, जिन्हें सोनिया गांधी ने कई साल पहले ले लिया था। शेखावत ने एक्स पर पोस्ट में कहाकि नेहरू दस्तावेज पीएमएमएल से लापता नहीं हैं। लापता होने का अर्थ मौजूदगी का स्थान अज्ञात होना है, इस विषय में तो ज्ञात है कि दस्तावेज कहां और किसके अधिकार में हैं। उन्होंने कहाकि जवाहरलाल नेहरू जी से जुड़े कागजात वाले 51 बक्सों को गांधी परिवार ने 2008 में पीएमएमएल (तत्कालीन एनएमएमएल) से ले लिया था। इनका स्थान ज्ञात है, इसलिए, वे लापता नहीं हैं। ये दस्तावेज 2008 में विधिवत प्रक्रिया के तहत परिवार को सौंपे गए थे और पीएमएमएल में इनके रिकॉर्ड मौजूद हैं।

ताकि लोग समझ पाएं वो दौर
केंद्रीय मंत्री ने कहाकि विद्वानों, शोधकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को यह अधिकार है कि वे मूल दस्तावेजों तक पहुंच पाएं, ताकि जवाहरलाल नेहरू के जीवन और उनके दौर को समझने के लिए सत्य पर आधारित संतुलित दृष्टिकोण विकसित हो सके। उन्होंने कहाकि एक तरफ हमें उस दौर की गलतियों पर चर्चा न करने को कहा जाता है, दूसरी ओर उनसे जुड़े मूल दस्तावेज सार्वजनिक पहुंच से बाहर रखे जा रहे हैं, जबकि उनके माध्यम से तथ्यपरक चर्चा हो सकती है। शेखावत ने कहाकि यह कोई साधारण मामला नहीं है। इतिहास को चुनकर नहीं लिखा जा सकता। लोकतंत्र की बुनियाद पारदर्शिता है और अभिलेख उपलब्ध कराना नैतिक दायित्व, जिसे निभाना सोनिया गांधी और उनके ‘परिवार’ की भी जिम्मेदारी है।

Varun Kaushik and the Changing Landscape of Branded Storytelling

Brand communication has increasingly expanded beyond traditional advertising formats, with television commercials, digital films, branded content and photography becoming part of a broader visual...

Apple Service Center in Connaught Place for iPhone, MacBook, iPad and Apple Watch Repairs

New Delhi: Customers in Central Delhi looking for assistance with Apple devices can contact iPro Apple Repair Centre in Connaught Place. The centre provides...