10 C
London
Sunday, March 15, 2026
HomeLatest Newsचंद्रयान-3 से भी महंगा बिका ‘सरकारी कबाड़’, हुई 800 करोड़ की कमाई

चंद्रयान-3 से भी महंगा बिका ‘सरकारी कबाड़’, हुई 800 करोड़ की कमाई

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

डेस्क: भारत सरकार (Indian Goverment) ने सिर्फ एक महीने के भीतर में ही कबाड़ (Junkl) बेचकर बंपर कमाई की है. सरकार की ओर से पिछले महीने बड़े स्तर पर चलाए गए सफाई अभियान (Cleanliness Drive) के दौरान कबाड़ बेचकर 800 करोड़ रुपये कमाए. यह चंद्रयान-3 के बजट से भी ज्यादा है, जिसकी लागत 615 करोड़ रुपये थी.

इस साल के आंकड़ों को देखें तो 2021 में वार्षिक अभियान शुरू होने के बाद से कबाड़ बेचकर सरकार की कुल कमाई लगभग 4,100 करोड़ रुपये हो गई है. इस साल 2 से 31 अक्टूबर के बीच चलाए गए अभियान में अब तक की सबसे ज्यादा 232 लाख वर्ग फुट ऑफिस जगह खाली कराई गई और 29 लाख कागजी फाइलें हटाई गईं. यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान था, जिसमें करीब 11.58 लाख ऑफिसों ने हिस्सा लिया.

प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग की देखरेख में, विदेशों में मौजूद भारतीय दूतावासों सहित 84 मंत्रालयों और विभागों के बीच अच्छा तालमेल बनाया गया. तीन केंद्रीय मंत्रियों मनसुख मंडाविया, के. राम मोहन नायडू और डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी. 2021 से 2025 के बीच केंद्र सरकार ने पांच बड़े सफाई अभियान चलाए हैं, जिनसे सफाई को एक व्यवस्था के रूप में बढ़ावा मिला और सरकारी कामकाज में लंबित मामलों को कम करने में मदद मिली. इन पांच अभियानों में कुल 23.62 लाख ऑफिसों को शामिल किया गया, 928.84 लाख वर्ग फुट जगह खाली कराई गई, 166.95 लाख फाइलों को छांटा या बंद किया गया और कबाड़ बेचकर 4,097.24 करोड़ रुपये जुटाए गए.

Previous articleछत पर टहल रही युवती नीचे गिरकर घायल
News Desk

ईरान से बातचीत के फैसले पर थरूर ने जताया समर्थन, बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के साथ बातचीत करने के...

तेल, गैस के बाद अब भारत की इंटरनेट व्यवस्था को चोट पहुंच सकता हैं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच में एक नया खतरा सामने दिख रहा है, जिसका बहुत...