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Sunday, November 1, 2026
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गौतम गंभीर बने दो आईसीसी खिताब जिताने वाले पहले भारतीय कोच

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खिलाड़ी के तौर पर चमकने के बाद गौतम गंभीर मुख्य कोच के तौर पर भी खुद को साबित कर रहे हैं। 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम की जिम्मेदारी गंभीर को सौंपी थी। गंभीर का मेंटर के तौर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ कार्यकाल बेहद सफल रहा था, लेकिन जब से उन्हें राष्ट्रीय टीम का जिम्मा सौंपा गया, तभी से उनके फैसलों पर लगातार सवाल उठते रहे। 

टेस्ट में फुस्स, सफेद गेंद प्रारूप में मजबूत

गंभीर ने टी20 विश्व कप 2024 के बाद मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला था और पहले ही दिन से उन्होंने कड़े फैसले लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। गंभीर पर पक्षपात करने के आरोप लगे और उनकी नीतियों पर सवाल भी खड़े किए गए, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा और वह नियमित रूप से अपना काम करते रहे। गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और टीम घरेलू मैदान पर भी जीत हासिल नहीं कर पा रही है, लेकिन सीमित ओवर में उन्हें सफलताएं मिली है। 

द्रविड़ से अलग है शैली

गंभीर राहुल द्रविड़ के सफल कार्यकाल के बाद इस पद पर आए थे। उनके सामने कड़ी चुनौतियां थी। गंभीर की शैली द्रविड़ से काफी अलग थी और ऐसी चर्चा होनी शुरू हो गई थी कि उनके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से रिश्ते क्या बेहतर रहेंगे? कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।  

टी20 टीम में बदलाव से हुई शुरुआत 

गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था और इस प्रारूप में भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या को टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन कप्तानी सूर्यकुमार यादव को मिली। यह हैरान करने वाला फैसला था, लेकिन टीम इंडिया में गंभीर का दौर शुरू हो चुका था और संभवतः सूर्यकुमार को कप्तानी मिलने में गंभीर की अहम भूमिका रही। इन दोनों की जोड़ी टी20 में हिट रही। चाहे एशिया कप हो या द्विपक्षीय सीरीज और अब टी20 विश्व कप, इन दोनों के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। 

कोच के तौर पर पहली बार में दिलाया था खिताब

तमाम आलोचनाओं और पक्षपात के आरोपों के बीच गंभीर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। भारत ने उस समय पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया था। रोहित शर्मा की कप्तानी और गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। गंभीर ने इस तरह कोच के तौर पर अपने पहले ही आईसीसी टूर्नामेंट में भारत को जीत दिलाई थी। 

टेस्ट प्रारूप में असफलता पर निशाने पर आए थे कोच

गंभीर के नेतृत्व में वनडे और टी20 में तो टीम ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट प्रारूप में भारत का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पहली टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश को हराया था। इसके बाद भारत का मुकाबला 2024 में न्यूजीलैंड से हुआ था। तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन घरेलू मैदान पर काफी खराब रहा था और टीम इंडिया लंबे समय के बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज हारी। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर पर 0-3 से मात दी थी। फिर उसी साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाई जिससे टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-2025 चक्र के फाइनल में जगह नहीं बना सकी। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पिछले साल इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। इसके बाद घरेलू मैदान पर टीम ने वेस्टइंडीज को हराया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत 0-2 से हार गया। इससे पहले डब्ल्यूटीसी के मौजूदा चक्र में भी टीम की स्थिति खराब हो गई है। भारत को फिलहाल लंबे समय तक टेस्ट मैच नहीं खेलना है क्योंकि अब आईपीएल 2026 का सीजन शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही भारतीय टेस्ट टीम भी अपनी पुरानी लय में लौटेगी। 

आलोचनाओं के बीच छह महीने में दिलाया दूसरा खिताब

टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के बाद फिर आलोचकों ने गंभीर को निशाने पर लिया था, लेकिन सीमित ओवर के प्रारूप में टीम ने पिछले छह महीने में दो खिताब जीते जिससे गंभीर ने राहत की सांस ली। गंभीर के कार्यकाल में भारत ने पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान को हराकर एशिया कप ट्रॉफी पर अपना कब्जा बरकरार रखा था। पिछली बार एशिया कप टी20 प्रारूप में खेला गया था और सूर्यकुमार के नेतृत्व में भारत ने जीत दर्ज की थी। अब छह महीने बाद भारत ने घरेलू जमीन पर टी20 विश्व कप का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस तरह गंभीर के कार्यकाल में भारत अब तक दो आईसीसी ट्रॉफी और एक एशिया कप जीत चुका है। इसमें कोई शक नहीं है कि गंभीर और भारतीय टीम की नजरें अब अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप पर टिकी होंगी। दिलचस्प बात यह है कि एक खिलाड़ी के तौर पर गंभीर 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप की विजेता टीम का हिस्सा थे और अब कोच के रूप में भी वह दो आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम कर चुके हैं। 
 

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