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Tuesday, October 13, 2026
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स्टीव बकनर का वर्षों बाद कबूलनामा; माना- सचिन को गलत आउट दिया था

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क्रिकेट इतिहास में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो स्कोरकार्ड से ज्यादा फैंस की यादों में दर्ज हो जाते हैं। ऐसा ही एक दौर था जब ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के खिलाफ अंपायर स्टीव बकनर के फैसले विवादों में रहे। पांच दिनों के भीतर दो बार सचिन को गलत आउट दिए जाने की घटनाओं ने फैंस को झकझोर दिया था। उस समय डिसिजन रिव्यू सिस्टम (DRS) नहीं था, इसलिए फैसले पलटे नहीं जा सकते थे। सचिन हर बार सिर झुकाकर मैदान छोड़ देते, लेकिन प्रशंसकों के दिल में कसक रह जाती। अब वर्षों बाद बकनर ने उन गलतियों के लिए सचिन से माफी मांगी है।

ब्रिस्बेन 2003: जब गेंद स्टंप्स के ऊपर थी

पहला वाकया 2003 में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन टेस्ट का है। गाबा के मैदान पर जेसन गिलेस्पी की गेंद पर बकनर ने सचिन को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। रिप्ले में साफ दिखा कि गेंद स्टंप्स के काफी ऊपर से जा रही थी। सचिन हैरान जरूर थे, लेकिन उन्होंने फैसले का सम्मान किया और बिना विवाद के पवेलियन लौट गए। यह उनकी खेल भावना और मर्यादा का उदाहरण था।

सिडनी 2005: बल्ले से दूर थी गेंद

दूसरी घटना 2005 में सिडनी में हुई। पाकिस्तान के अब्दुल रज्जाक की गेंद पर सचिन को कैच आउट दे दिया गया, जबकि गेंद उनके बल्ले से काफी दूर थी। इन दोनों फैसलों ने बकनर को भारतीय फैंस के निशाने पर ला दिया। सोशल मीडिया के दौर से पहले भी उन पर पक्षपात के आरोप लगे और उन्हें ‘बेईमान अंपायर’ तक कहा गया।
 
बकनर का कबूलनामा

हाल ही में एक इंटरव्यू में स्टीव बकनर ने इन घटनाओं को याद करते हुए स्वीकार किया, ‘मुझसे दो बड़ी गलतियां हुईं। पहली गलती तब हुई जब गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थी और दूसरी तब जब गेंद बल्ले को नहीं छुई थी। ऑस्ट्रेलिया में सचिन के खिलाफ वो फैसला देना मेरे करियर की उन यादों में से है, जिसे मैं सुधारना चाहता हूं।’ उन्होंने इसे मानवीय भूल बताया और माना कि इतने बड़े खिलाड़ी के खिलाफ गलत फैसला देना लंबे समय तक दिमाग में रहता है। कुल 128 टेस्ट और 181 वनडे में अंपायरिंग करने वाले बकनर ने कहा कि अब डीआरएस के कारण अंपायरिंग में सुधार हुआ है और उन्होंने इस प्रणाली का विरोध करने वाले अंपायरों से फिर से सोचने का आग्रह किया।

सचिन की महानता और खेल की गरिमा

बकनर का यह पछतावा इतिहास तो नहीं बदल सकता, न ही सचिन के खाते में वे रन जोड़ सकता है जो वे बना सकते थे, लेकिन यह स्वीकारोक्ति खेल की गरिमा और सचिन की महानता को जरूर रेखांकित करती है। सचिन अपने पूरे करियर में कई बार गलत अंपायरिंग का शिकार हुए, लेकिन उन्होंने कभी मर्यादा नहीं छोड़ी। यही कारण है कि वे सिर्फ महान बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि महान खिलाड़ी भी माने जाते हैं।

सचिन ने भी उड़ाया था बकनर का मजाक

साल 2024 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सचिन ने भी एक पोस्ट कर बकनर को निशाने पर लिया था। हालांकि, उन्होंने किसी का जिक्र नहीं किया था, लेकिन फैंस ने अंदाजा लगा लिया था कि वह किसकी बात कर रहे हैं। सचिन ने एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें वह तीन बड़े पेड़ों के सामने बल्लेबाजी करते हुए दिख रहे थे। तीनों पेड़ इस तरह से थे कि वह विकेट जैसे दिख रहे थे। इसके कैप्शन में सचिन ने अपने फैंस से पूछा कि किस अंपायर ने स्टंप को इतना बड़ा महसूस कराया? फैंस का मानना था कि सचिन का पोस्ट बकनर द्वारा किए गए विवादास्पद निर्णयों के लिए एक स्पष्ट संकेत थे।

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