10.5 C
London
Saturday, January 17, 2026
HomeLatest Newsसुशासन, संवेदना और महिला सशक्तिकरण : मध्यप्रदेश में ‘मोहन मॉडल’ का सजीव...

सुशासन, संवेदना और महिला सशक्तिकरण : मध्यप्रदेश में ‘मोहन मॉडल’ का सजीव अनुभव : श्रीमती संपतिया उइके

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

श्रीमती संपतिया उइके

जब आज से दो वर्ष पूर्व डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी, तभी यह आभास होने लगा था कि उनका नेतृत्व केवल प्रशासनिक स्थिरता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह शासन को एक *नैतिक, सामाजिक और मानवीय दिशा* देने का प्रयास करेगा। सत्ता की बागडोर संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर यह स्पष्ट संकेत मिलने लगे थे कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र मुख्यमंत्रियों की सूची में शीघ्र ही अपना विशिष्ट स्थान सुनिश्चित करेंगे। इसका कारण केवल राजनीतिक सामंजस्य नहीं, बल्कि *नीति, नीयत और क्रियान्वयन*—तीनों का संतुलन था। मैं स्वयं एक साधारण श्रमिक पृष्ठभूमि से आती हूँ। जीवन में संघर्ष, अभाव और श्रम का अनुभव मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा मुझे मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाना केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह उस *समावेशी सोच* का प्रमाण था, जिसमें पृष्ठभूमि नहीं, प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता को महत्व दिया जाता है। मंत्रिमंडल में उन्होंने सभी साथियों के साथ समभाव और समानता का व्यवहार रखा और व्यवहार में उस लोककथन को चरितार्थ किया—

“मुखिया मुख सो चाहिए, खान-पान सब एक।”
यह केवल कहावत नहीं, बल्कि उनके शासन का स्वभाव बन चुका है।

आज डॉ. मोहन यादव की पहचान केवल एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि *“सबके भैया”* के रूप में बन चुकी है। मेरे मंडला जिले में आयोजित एक सामूहिक कार्यक्रम के दौरान मैंने सहज भाव से कहा था—“हमारे भैया आज सब बहनों के भाई बन गए हैं।” आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो गर्व होता है कि वह नारा प्रदेश की लाखों बहनों की भावना बन गया। यह पहचान किसी प्रचार अभियान से नहीं बनी, बल्कि उनके *व्यवहार, संवाद और संवेदना* से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यकाल के आरंभ में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि महिला सशक्तिकरण उनकी सरकार के लिए केवल एक योजनागत प्राथमिकता नहीं, बल्कि *नैतिक प्रतिबद्धता* है। यही कारण है कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रारंभ की गई योजनाओं को न केवल निरंतरता दी गई, बल्कि उन्हें और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सशक्त बनाना था।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा लिखे गए ब्लॉग में यह दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए यह भरोसा दिलाया कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका यह कथन अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जब महिलाएँ आर्थिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होंगे। लाडली बहना योजना आज मध्यप्रदेश सरकार की पहचान बन चुकी है। लगभग 1.26 करोड़ महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1500 रुपये की राशि का नियमित अंतरण न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि *राज्य और नागरिक के बीच विश्वास का सेतु* है। इस राशि को चरणबद्ध रूप से 3000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार इस योजना को अल्पकालिक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सामाजिक निवेश के रूप में देख रही है। इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इससे महिलाएँ डिजिटल लेन-देन से जुड़ रही हैं और वित्तीय निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है। हाल ही में योजना की 31वीं किश्त जारी करते हुए मुख्यमंत्री का यह कहना कि “बहनों का आशीर्वाद हमारी सबसे बड़ी ताकत है”, उनके नेतृत्व की भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। महिला सशक्तिकरण को केवल प्रत्यक्ष सहायता तक सीमित न रखते हुए सरकार ने महिलाओं को *उद्यमिता और आत्मनिर्भरता* की ओर अग्रसर करने पर विशेष ध्यान दिया है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए प्रति वर्ष एक लाख रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना महिलाओं को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आज यह तथ्य अत्यंत उत्साहवर्धक है कि प्रदेश में 47 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्यरत महिलाओं को 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देना और “एक बगिया माँ के नाम” योजना के अंतर्गत फलदार पौधरोपण—ये सभी पहल इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि *आर्थिक भागीदार* बनाना चाहती है। महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सुरक्षा और अवसर भी उतने ही आवश्यक हैं। इसी सोच के तहत राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है। संपत्ति पंजीयन शुल्क में एक प्रतिशत की छूट और कामकाजी महिलाओं के लिए सखी निवास के रूप में सुरक्षित आवास सुविधाओं का विस्तार—ये सभी निर्णय महिला हितों के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा अपने पुत्र का विवाह सार्वजनिक सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न कराना आज के समय में एक विरल उदाहरण है। जब विवाह सामाजिक प्रदर्शन का माध्यम बनते जा रहे हों, तब यह कदम उन परिवारों के लिए आशा का संदेश है, जो सीमित साधनों में बच्चों के भविष्य की चिंता करते हैं। यह उदाहरण सिद्ध करता है कि मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। मध्यप्रदेश में पिछले दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो कार्य हुए हैं, वे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। फिर भी मुख्यमंत्री मोहन यादव कहते हैं कि उन्हें प्रशंसा नहीं चाहिए उन्हें केवल बहनों का आशीर्वाद चाहिए। यही आशीर्वाद उन्हें निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों के निर्वहन की प्रेरणा देता है। एक मंत्री, एक महिला और एक जनप्रतिनिधि के रूप में मुझे गर्व है कि मैं इस परिवर्तनकारी यात्रा की सहभागी हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज सुशासन, संवेदना और समावेशी विकास की दिशा में एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है

(लेखिका ,लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मध्यप्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री है)

‘तस्वीरों में देखते थे विदेशी ट्रेनें, उस सपने को हकीकत में बदला’, मालदा की रैली में बोले PM मोदी

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार को बंगाल (Bengal) दौरे पर हैं। पीएम मोदी सबसे पहले बंगाल के...

PM मोदी ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, 14 घंटे में हावड़ा से पहुंचाएगी कामाख्या

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews नई दिल्ली। प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat sleeper train)...