बंगाल में SIR पर सियासत तेज, CM Mamata Banerjee का चुनाव आयोग पर हमला

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कोलकाता|पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्यभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी तेज कर दी है। हालांकि राज्य में जारी गहमागहमी का का एकमात्र कारण चुनाव नहीं है। इसका बड़ा कारण राज्य में चल रहे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भी है। ऐसे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर कोलकाता में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब ‘तुगलकी आयोग बन गया है और किसी राजनीतिक पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है।ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा आईटी सेल की एक महिला पदाधिकारी ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल में 58 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटवा दिए। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर रहा है, वोटरों को निशाना बना रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी।

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‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ की टक्कर से बचकर निकले सनी देओल; आगे खिसकी ‘गबरू’ की रिलीज डेट, जानिए कब देगी दस्तक?

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सनी देओल अभिनीत फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त तरीके से सफल हुई है। इस बीच वे अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं, जिनमें फिल्म ‘गबरू’ का भी नाम है। पहले यह फिल्म मार्च में रिलीज होने वाली थी। मगर, अब दर्शकों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। रिलीज डेट में बदलाव किया गया है।

‘गबरू’ कब होगी रिलीज?

‘बॉर्डर 2’ के बाद सनी देओल के फैंस की नजर उनकी आगामी फिल्मों पर टिकी है। शशांक उदयपुरकर निर्देशित यह फिल्म पहले 13 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी। मगर, अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह फिल्म 08 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। हाल ही में ANI के साथ बातचीत में सनी देओल ने ‘गबरू’ को अपने दिल के सबसे करीब फिल्मों में से एक बताया।

नरेंद्र मोदी से मिले ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र, केरल चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

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नई दिल्ली। भारत (India) के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद (Grand Mufti Sheikh Abubakr Ahmed) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सामाजिक, मानवीय, शैक्षिक और विकास से जुड़े व्यापक विषयों पर चर्चा की। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। ग्रैंड मुफ्ती ने प्रधानमंत्री को ‘विद ह्यूमैनिटी’ (‘With Humanity’) विषय के तहत हाल ही में किए गए अपने केरल दौरे के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से प्राप्त चिंताओं और मांगों से अवगत कराया। उन्होंने आगामी पवित्र रमजान माह के लिए अपने संदेश और विचार भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखे। केरल विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) से पहले इसे काफी अहम माना जा रहा है।

सामाजिक कल्याण पहलों की तारीफ
मोदी ने समस्त केरल जमीयतुल उलेमा और जामिया मरकज के नेतृत्व में संचालित शैक्षिक एवं सामाजिक कल्याण पहलों की सराहना की। उन्होंने कहाकि ऐसे प्रयास समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं तथा वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। चर्चा के दौरान समावेशी विकास पर जोर दिया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने, आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ खुशी और मानव विकास सूचकांकों को प्राथमिकता देने तथा जनसंख्या अनुपात और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन की आवश्यकता रेखांकित की गई।

एसआईआर से जुड़े विषयों पर चर्चा
बैठक में वक्फ और एसआईआर से जुड़े विषयों, ऐतिहासिक मस्जिदों और इस्लामी विरासत स्मारकों के संरक्षण और मौलाना आजाद राष्ट्रीय फेलोशिप सहित अल्पसंख्यक शैक्षिक कल्याण योजनाओं की बहाली पर चर्चा की गई। इसके अलावा निर्दोष व्यक्तियों को न्याय सुनिश्चित करने, उत्तर भारत में मुबारकपुर जामिया अशरफिया जैसे इस्लामी संस्थानों के समक्ष चुनौतियों, दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली रेल सेवाओं के प्रस्ताव तथा अलीगढ़ विश्वविद्यालय के मलप्पुरम केंद्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा केन्द्र सरकार और देशभर के अल्पसंख्यक समुदायों के बीच अधिक निकट संवाद की जरूरत पर भी बल दिया गया। बैठक में समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के सचिव शेख अब्दुल रहमान सकाफी और मरकज नॉलेज सिटी के प्रबंध निदेशक डॉ. मुहम्मद अब्दुल हक्कीम अजहरी भी उपस्थित थे।

 

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साहिबजादा अब क्यों नहीं बना रहे फिल्म? हार्दिक ने निकाली हेकड़ी, डॉक्यूमेंट्री धरी की धरी रह गई!

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टी20 विश्वकप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त दी। तमाम ड्रामे और विवादों के बाद जब पाकिस्तान टीम जब भारत के खिलाफ मैदान पर उतरी, तो उसकी किरकिरी हो गई। भारतीय टीम ने आईना दिखाते हुए बताया कि सिर्फ गीदड़भभकी और बयानबाजी से ही सम्मान नहीं मिलता, मैदान पर आकर दम भी दिखाना पड़ता है। इस मैच में सबसे ज्यादा किरकिरी गनफायर सेलिब्रेशन वाले साहिबजादा फरहान की हुई। एशिया कप 2025 के दौरान साहिबजादा ने महज तीन छक्के लगाने पर बड़बोलापन दिखाते हुए खुद पर डॉक्यूमेंट्री बनवा ली थी। अब जब भारत के खिलाफ टी20 विश्वकप मैच में वह शून्य पर आउट हुए तो सिट्टी पिट्टी गुम हो गई। हार्दिक पांड्या ने उनकी हेकड़ी निकाल दी और डॉक्यूमेंट्री धरी की धरी रह गई। अब फैंस तंज कसते हुए साहिबजादा से एक पूरी फिल्म बनाने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, एशिया कप टी20 2025 के दौरान साहिबजादा ने मौजूदा समय के सबसे घातक तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गेंद पर तीन मैचों में तीन छक्के लगा दिए थे। उन्होंने तीन मैचों में 155 रन बनाए थे। हालांकि, पाकिस्तान की टीम भारत से तीनों मैच हारी थी। इसके बाद साहिबजादा जब पाकिस्तान लौटे, तो उन पर डॉक्यूमेंट्री बन गई। डॉक्यूमेंट्री में साहिबजादा बड़बोलेपन से बाज नहीं आए। वह यह कहते दिखे कि सामने भारत की टीम थी, लेकिन मैं डरा नहीं। मैंने कहा आ जाओ पड़ोसियों और मैंने तीन मैचों में 155 रन बनाए। बुमराह पर साहिबजादा ने कहा, ‘मुझे जब पता चला कि यह वही गेंदबाज है, जिसपर आज तक छक्का नहीं लगा, तो मैंने कहा ऐसा कैसे हो सकता है।’ इस डॉक्यूमेंट्री और साहिबजादा के बड़बोलेपन की खूब आलोचना हुई थी। इतना ही नहीं एशिया कप टी20 2025 के दौरान साहिबजादा ने हार्दिक पांड्या को भी स्लेज करने की कोशिश की थी। भारत का एक ऐसा ऑलराउंडर, जिसका दुनिया भी लोहा मानती है, उसे पाकिस्तान का एक नया खिलाड़ी स्लेज करने चला था। तब हार्दिक ने बस घूर कर छोड़ दिया था।

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पिनाका रॉकेट सिस्टम बना भारत की ताकत, राफेल समझौते के बीच फ्रांस की नजर

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हैदराबाद: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंध बेहद गहरे हैं. दोनों देशों के बीच एक बड़ी ट्रेड डील होने वाली है. इसके लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए हुए हैं. मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों को लेकर डील होने की संभावना है. इन सबके बीच एक बड़ी बात भी सामने आ रही है कि फ्रांस अपनी सेना के लिए भारत से हथियार खरीदेगा.

खासकर भारत का पिनाका (Pinaka) मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम. राफेल विमान के साथ अगर यह डील भी हो जाती है तो भारत के हथियार निर्यात के लिए एक बहुत बड़ी बात होगी. क्योंकि फ्रांस एक विकसित देश है. ग्लोबल आर्म्स मार्केट का एक बहुत बड़ा हिस्सा फ्रांस के पास है. वह नाटो का सदस्य होने के साथ एक सुपर पावर भी है. ऐसे में फ्रांस अगर पिनाका पर भरोसा करता है तो यह भारत के हथियारों की विश्वसनीयता के लिए बहुत बड़ी बात होगी. आईए जानते हैं, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की क्या खासियत है और इसे फ्रांस क्यों खरीद रहा है?

पिनाका (Pinaka) मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम क्या है: पिनाका भारत का एक बेहतरीन मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो अपनी श्रेणी में दुनिया के किसी भी सिस्टम को कड़ी टक्कर देता है. इस सिस्टम का सीधा मुकाबला अमेरिकी रॉकेट सिस्टम हिमर्स (HIMARS) और रूसी टोर्नाडो-एस (Tornado-S) से है. पिनाका ने कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान पाकिस्तानी मिसाइल लॉन्चरों, तोपखाने और आपूर्ति लाइनों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था.

पिनाका डील के लिए बातचीत कहां तक पहुंची: फ्रांस और भारत के बीच पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए बातचीत चल रही है. फ्रांसीसी सेना प्रमुख जनरल पियरे शिल ने अक्टूबर 2025 में अपनी भारत यात्रा के दौरान, अपनी सेना के लिए लंबी दूरी के रॉकेट लॉन्चर को अपग्रेड करने के लिए भारतीय पिनाका का परीक्षण किया था. उन्होंने विशेष रूप से भारत की पिनाका की संभावित खरीद का उल्लेख किया था. इससे पहले 2024 में एक फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने पिनाका प्रणाली का मूल्यांकन किया था और इसके प्रदर्शन को संतोषजनक पाया था.

क्या फ्रांस के पास अपना कोई रॉकेट लॉन्चर नहीं है: मौजूदा समय में फ्रांस की आर्मी के पास एम270 लान्स रोक्यूट्स यूनिटेयर नामक रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो काफी पुराना हो चुका है. फ्रांस इसको अपग्रेड करना चाह रहा है. हालांकि, फ्रांस अपना नया रॉकेट सिस्टम फ्रैप लॉन्ग पोर्टी टेरेस्ट्री सिस्टम तैयार भी कर रहा है. लेकिन, माना जा रहा है कि उसके तैयार होने में काफी समय लगेगा. ऐसे में तब तक सेना की जरूरत को पूरा करने के लिए फ्रांस पिनाका खरीदना चाहता है.

पिनाका की खासियतें: दरअसल, पिनाका एक बहुत की किफायती रॉकेट सिस्टम है, जो अमेरिकी सिस्टम हिमर्स को क्वालिटी में टक्कर देता है. बीते करीब 3 दशक से पिनाका भारतीय सेना में है और लगातार अपग्रेड होता रहा है. इसने कारगिल युद्ध में अपनी क्षमता दिखाई थी. अर्मेनिया पहले ही भारत से यह सिस्टम खरीद चुका है.

पिनाका की मारक क्षमता कितनी है: मौजूदा समय में पिनाका की मारक क्षमता 75 से 90 किमी की रेंज की है. भारत ने पिनाका एमके3 भी डेवलप कर लिया है, जिसकी रेंज 120 से 130 किमी है. इसके अलावा पिनाका एमके4 पर भी काम चल रहा है, जिसकी रेंज 300 किमी तक रहने की उम्मीद है. मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम की ग्लोबल रैकिंग में पिनाका हमेशा से टॉप-5 में रहा है. अमेरिकी सिस्टम की रेंज 300 से 499 किमी है जबकि रूस की 120-200 किमी है. हालांकि, पिनाका की रेंज कम है लेकिन, उसकी रैपिड फायर क्षमता अन्य पर भारी पड़ती है. यह 44 सेकेंड में 12 रॉकेट फायर करता है जबकि अमेरिकी हिमर्स 45 सेकेंड में छह रॉकेट दागता है.

अमेरिकी रॉकेट लॉन्चर से काफी सस्ता है पिनाका: कीमत के मामले में भी पिनाका अन्य देशों को रॉकेट लॉन्चर से काफी सस्ता है. अमेरिकी रॉकेट सिस्टम की बात करें तो यह करीब 19.5 करोड़ रुपए का आता है. जबकि, भारत का पिनाका मात्र 2.3 करोड़ रुपए का है. यानी भारत का सिस्टम अमेरिका से करीब 8 गुना सस्ता है. डीआरडीओ ने इसको पूरी तरह देसी अंदाज में बनाया है. सभी कल-पुर्जे देश में ही बने हैं.

भारत फ्रांस से खरीदेगा 114 राफेल विमान: पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में 4.5+ पीढ़ी के 114 राफेल विमानों की डील पर मुहर लग सकती है. जो करीब 3.25 लाख करोड़ की डील होगी. इस सौदे के तहत पहली बार राफेल का निर्माण भारत में किया जाएगा. लगभग 90 विमानों का निर्माण भारत में होगा और इनमें करीब 50% स्वदेशी उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे. ये विमान भारतीय वायुसेना की गिरती हुई स्क्वाड्रन संख्या (वर्तमान में 29, लक्ष्य 42) को सुधारने में मदद करेंगे.

भारत-फ्रांस मिलकर करेंगे हैमर (HAMMER) मिसाइलों का निर्माण: भारत और फ्रांस हैमर मिसाइलों के निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) बनाने पर भी बात करेंगे. यह समझौता भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की सफरान (Safran) कंपनी के बीच होगा. हैमर हवा से जमीन पर मार करने वाली एक स्मार्ट मिसाइल है जो राफेल विमानों में इस्तेमाल होती है.

भारत के लड़ाकू विमानों के लिए जेट इंजन तैयार करेगा फ्रांस: फ्रांसीसी कंपनी सफरान भारत के लड़ाकू विमान के लिए 120kN क्षमता वाला जेट इंजन बनाने में मदद करेगा. सफरान कंपनी हैदराबाद में राफेल के M88 इंजन के लिए एक MRO (रखरखाव और मरम्मत) केंद्र भी बना रही है.

पनडुब्बियों पर भी होगी बात: इस वार्ता के जरिए दोनों देश अपने रणनीतिक रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाएंगे. इसके साथ ही 3 अतिरिक्त स्कॉर्पीन (Scorpene) पनडुब्बियों के निर्माण को लेकर भी बातचीत होगी. ये पनडुब्बियां मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) में बनाई जा सकती हैं.

‘स्टार को बीमा पॉलिसी समझते हैं मेकर्स’, मोना सिंह बोलीं- मेरे नाम पर कोई 100 करोड़ की फिल्म नहीं बनाएगा

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टीवी की जस्सी के नाम से मशहूर अभिनेत्री मोना सिंह अब इंडस्ट्री की सबसे बिजी अभिनेत्रियों में से एक हैं। वो फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज में भी लगातार काम कर रही हैं। हाल ही में मोना सिंह नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘कोहरा’ के दूसरे सीजन में नजर आई हैं। लगातार फिल्मों और सीरीज में अहम भूमिकाएं निभाने के बावजूद मोना सिंह का कहना है कि प्रोड्यूसर्स उनके नाम पर 100 करोड़ रुपए के बजट की फिल्म बनाने का जोखिम नहीं उठाना चाहते।

पोस्टर पर स्टार लाता है बॉक्स ऑफिस पर पैसा

अभिनेत्री ने आगे कहा कि निर्माता सितारों को एक बीमा पॉलिसी की तरह देखते हैं, ताकि उन्हें अपना पैसा वापस मिल सके। पोस्टर पर एक स्टार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की गारंटी देता है। फिल्म निर्माण आखिरकार एक व्यवसाय है। आप जानते हैं कि आप निवेश कर रहे हैं और आपको उससे कहीं अधिक पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर किरदार सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर बनकर रह जाते हैं। यही सच्चाई है। अगर आप मेरी मुख्य भूमिका वाली 100 करोड़ रुपये की फिल्म की बात कर रहे हैं, तो मुझे ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है।

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तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख ने तृषा को लेकर की विवादित टिप्पणी, विवाद बढ़ने पर मांगी माफी

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चेन्नई। चेन्नई में राजनीति और फिल्म जगत से जुड़ा एक बयान बड़ा विवाद बन गया, जब भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई (Tamilnadu unit) के अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन (Nayanar Nagendran) ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर टिप्पणी कर दी। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद नागेंद्रन को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।

 

विजय पर टिप्पणी करते हुए घसीटा तृषा का नाम

विवाद तब शुरू हुआ जब नागेंद्रन ने अभिनेता और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख विजय की राजनीतिक सक्रियता पर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि विजय को राजनीति में सफल होने के लिए “पहले तृषा के घर से बाहर आना चाहिए।” यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और इसे व्यक्तिगत व असम्मानजनक बताया गया।

 

माफी में कहा—“शब्द अनजाने में निकल गए”

नागेंद्रन, जो तिरुनेलवेली विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं, ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान गलती से दिया गया और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी नेताओं वनति श्रीनिवासन और के. अन्नामलाई से चर्चा की।

 

तृषा की कड़ी प्रतिक्रिया, राजनीति से दूरी बताई

तृषा ने अपने वकील के माध्यम से जारी बयान में टिप्पणी को “अशोभनीय और अनावश्यक” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और वे हमेशा राजनीति से दूर रही हैं।अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें केवल अपने सिनेमा कार्यों से पहचाना जाना चाहिए, न कि राजनीतिक विवादों में घसीटा जाए। तृषा और विजय ने पहले कई फिल्मों में साथ काम किया है, जिनमें घिल्ली जैसी हिट फिल्म शामिल है, लेकिन दोनों के बीच किसी राजनीतिक जुड़ाव की बात से इनकार किया गया है।

 

विपक्ष ने भी जताई आपत्ति

विवाद पर विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया दी। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की नेता कनिमोई सहित कई नेताओं ने बयान को महिलाओं के प्रति असम्मानजनक बताते हुए इसकी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने भी राजनीतिक बहस में फिल्म अभिनेत्री का नाम लाने पर सवाल उठाए।

 

माफी के बाद भी जारी बहस

हालांकि नागेंद्रन की माफी के बाद विवाद कुछ शांत हुआ है, लेकिन इस घटना ने तमिलनाडु की राजनीति में निजी टिप्पणियों, सेलिब्रिटी प्रभाव और राजनीतिक संवाद की मर्यादा पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस तरह की बयानबाजी को अनुचित बताया।

 

अब तक छह टीमें सुपर-आठ में, बचे दो स्थानों के लिए छह देशों में जंग; ये आठ रेस से बाहर

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AI डॉक्टरों की जगह नहीं, उन्हें सपोर्ट करने के लिए बना

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नई दिल्ली: भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बड़े इस्तेमाल की संभावना के बीच, केंद्र राज्यों, रेगुलेटर्स और पब्लिक और प्राइवेट प्रोग्राम में जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में मदद के लिए एक नेशनल गाइडेंस फ्रेमवर्क (राष्ट्रीय मार्गदर्शन ढांचा) लाएगा.

मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘इनोवेशन टू इम्पैक्ट – AI एज ए पब्लिक हेल्थ गेमचेंजर’ पर राउंडटेबल के दौरान यह बताते हुए, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नेशनल गाइडेंस फ्रेमवर्क गुरुवार को भारत मंडपम में लॉन्च किया जाएगा.

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, AI को डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बढ़ाने और सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. हेल्थकेयर में जिम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाले AI को अपनाने के भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पटेल ने आगे कहा कि, भारत के लिए हेल्थकेयर में AI के लिए रणनीति (SAHI) एक तय केंद्रीकृत अधिदेश के बजाय जिम्मेदार AI को अपनाने में मदद करेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर जोर देते हुए, पटेल ने जोर दिया कि भारत के लिए, AI सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं है, यह सबको साथ लेकर चलने वाला है, जो एक विकसित भारत के लिए बराबर और भरोसेमंद हेल्थकेयर को आगे बढ़ा रहा है.

पटेल ने AI को एक पब्लिक हेल्थ गेमचेंजर बताया और इस बात पर जोर दिया कि AI को डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बढ़ाने और सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.

उन्होंने कहा कि, सबसे अच्छी बात यह है कि AI डॉक्टरों का काम का बोझ कम कर सकता है, नियमित प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है, और उन्हें मुश्किल और जरूरी मामलों पर ज्यादा ध्यान देने में मदद कर सकता है, जिससे पूरे सिस्टम में हेल्थकेयर डिलीवरी मजबूत हो सके.

पटेल ने आगे कहा कि AI सबको साथ लेकर चलने और बराबरी के लक्ष्यों को पाने में एक फोर्स मल्टीप्लायर है. उन्होंने कहा, “AI डॉक्टरों की जगह ले सकता है, न कि डॉक्टरों को बढ़ा सकता है. इसलिए, हमें AI से जुड़े भविष्य के लिए तैयार डॉक्टरों की जरूरत है और मेडिकल बिरादरी के सभी सदस्यों से यह मैसेज फैलाने की अपील की कि AI डॉक्टरों से मुकाबला नहीं कर सकता, यह सिर्फ उनकी कमी पूरी कर सकता है. पटेल ने दोहराया कि, डॉक्टरों को AI से जुड़ा होना चाहिए.

पटेल ने कहा कि, भारत में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस ने हाल ही में पूरे देश के डॉक्टरों के लिए हेल्थ केयर में AI पर एक ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है. यह 20 घंटे का स्पेशल कोर्स है जिसके जरिए उन्हें AI की बेसिक बातें और फायदों से अवगत कराया जाएगा.

यह कहते हुए कि हेल्थ केयर सिस्टम में AI का इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदारी से होना चाहिए, पटेल ने कहा कि, इसके लिए हमें एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जरूरत है. उन्होंने कहा कि, भारत में हमने एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया है, ताकि AI का इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदारी से किया जा सके.

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, ICMR ने AI के एथिकल इस्तेमाल पर गाइडलाइंस बनाई हैं और साथ ही, क्योंकि AI को कभी भी अपने फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन इंसानों को ठहराया जाना चाहिए. इसलिए CDSCO AI और मेडिकल डिवाइस के तौर पर सॉफ़्टवेयर और मेडिकल डिवाइस में सॉफ़्टवेयर के इस्तेमाल के लिए गाइडलाइंस डेवलप कर रहा है. पटेल ने कहा कि भारत, आज, 2047 तक एक विकसित भारत के बड़े विजन के साथ आगे बढ़ रहा है.

पटेल ने आगे यह भी कहा कि, भारत के सामने बड़ी और अलग-अलग तरह की आबादी, गांव और शहर का बंटवारा, और गैर-संक्रामक बीमारी (NCDs) और संक्रामक बीमारी का दोहरा बोझ जैसी बराबर चुनौतियां हैं. जब हम खास चुनौतियों को देखते हैं तो यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि, हमारे पास नेशनल हेल्थ केयर फ्रेमवर्क में एक बड़ा तकनीकी एकीकरण है, जिसे हम सिर्फ टेक्नोलॉजी को अपनाने के तौर पर नहीं देखते, बल्कि हमारे सामने मौजूद खास चुनौतियों के लिए एक रणनीतिक जवाब के तौर पर देखते हैं.

यह कहते हुए कि भारत ने AI को हेल्थ इकोसिस्टम के साथ एकीकृत किया है, पटेल ने कहा कि, बीमारी की निगरानी से लेकर रोकथाम, डायग्नोसिस और इलाज तक, यह हर जगह है और यह बदलाव लाने में AI की ताकत दिखाता है.

मापनीयता और सामर्थ्य पर जोर देते हुए, पटेल ने कहा कि भारत जैसी बड़ी आबादी और कम रिसोर्स वाली जगह पर, सॉल्यूशन स्केलेबल, किफायती और सिस्टम की कमियों को दूर करने में सक्षम होने चाहिए.

उन्होंने कहा कि, सरकार ने हेल्थकेयर में एक मजबूत AI इकोसिस्टम बनाने के लिए सक्रिय होकर काम किया है, जिसमें AIIMS दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS ऋषिकेश में AI के लिए तीन सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाना शामिल है, ताकि पब्लिक हेल्थकेयर डिलीवरी में वर्ल्ड-क्लास एआई विशेषज्ञता को एकीकृत किया जा सके.

समिट को संबोधित करते हुए, NITI आयोग के सदस्य (हेल्थ) प्रोफेसर वीके पॉल ने जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के हेल्थकेयर लैंडस्केप को बदलने और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में प्रोग्रेस को तेज़ करने का एक रणनीतिक मौका देता है.

पॉल ने कहा कि, भारत के स्केल, डायवर्सिटी और संक्रामक और और नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों के दोहरे बोझ को देखते हुए, सर्विस डिलीवरी को मज़बूत करने और हेल्थ आउटकम को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, एविडेंस-बेस्ड इंटरवेंशन जरूरी हैं.

उन्होंने कहा कि AI प्राइमरी हेल्थकेयर को काफी बेहतर बना सकता है, जल्दी निदा को सक्षम बना सकता है. रोग निगरानी को मजबूत कर सकता है और डेटा-संचालित नीति निर्माण में सपोर्ट कर सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते डिजिटल पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ AI को एकीकृत करने से, स्वास्थ्य प्रणाली में सुचारू डेटा आदान-प्रदान, वास्तविक समय सत्यापन और ज्यादा कुशल संसाधन आवंटन पक्का होगा.

पॉल ने सुरक्षा और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियामक ढांचा, नैतिक सुरक्षा उपायों और लगातार मान्यकरण के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने सरकार, अकादमी और उद्योग के बीच लगातार सहयोग की अपील की ताकि ऐसे स्केलेबल, सस्ते और स्वदेशी AI सॉल्यूशन डेवलप किए जा सकें जो आबादी के बड़े पैमाने पर मापने लायक असर डाल सकें.

प्रोग्राम के दौरान बोलते हुए, रॉयल फिलिप्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रॉय जैकब्स ने कहा कि AI का सबसे बड़ा असर हेल्थकेयर के क्षेत्र में होगा. उन्होंने कहा कि, बढ़ती डिमांड, वर्कफोर्स की कमी और केयर की बढ़ती कॉम्प्लेक्सिटी की वजह से दुनिया भर में हेल्थ सिस्टम बहुत ज़्यादा दबाव में हैं, जिससे AI का इंटीग्रेशन न सिर्फ एक मौका बल्कि एक जरूरत बन गया है.

भारत की डिजिटल हेल्थ पहल की तारीफ करते हुए, रॉय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसे प्रोग्राम इंटरऑपरेबल डेटा सिस्टम और आबादी के बड़े पैमाने पर केयर की निरंतरता के लिए नींव रख रहे हैं. ठीक वैसी ही नींव जिसकी AI को मतलब वाला और टिकाऊ असर डालने के लिए जरूरत है.

उन्होंने कहा कि, भारत में बने सॉल्यूशन तेजी से दुनिया भर में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो दिखाता है कि स्केल, डायवर्सिटी और कॉम्प्लेक्सिटी के लिए डिज़ाइन की गई टेक्नोलॉजी दुनिया भर में लचीली और अनुकूलनीय होती हैं.

तिहाड़ जेल से आज बाहर आएंगे राजपाल यादव, कड़कड़डूमा कोर्ट से जारी हुआ रिलीज वारंट

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अभिनेता राजपाल यादव आज तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अभिनेता के वकील ने बताया कि कड़कड़डूमा कोर्ट ने तिहाड़ जेल से उनके लिए रिलीज वारंट जारी किया है। वकील ने बताया कि राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। अभिनेता आज मंगलवार को रिहा हो सकते हैं।