तमिलनाडु चुनाव में बढ़ी दिलचस्पी, ‘थलपति’ विजय की पहली परीक्षा; स्टालिन की साख दांव पर

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तमिलनाडु। विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. चुनाव आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को मतदान होगा, जिसकी गिनती 4 मई को होगी. इस बार का तमिलनाडु चुनाव काफी दिलचस्प रहने वाला है, क्योंकि इस चुनाव में सीएम स्टालिन की साख दांव पर लगी है. वहीं ‘थलपति’ विजय की पहली परीक्षा होगी, तो EPS के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति देखने को मिलेगी. भाजपा भी इस चुनाव में पीछे नहीं रहने वाली है. भाजपा अपने वोट शेयर बढ़ाने के लिए युवा और शहरी मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर सकती है. जानें क्या है तमिलनाडु का राजनीतिक समीकरण?

तमिलगा वेट्री कझगम (विजय की पार्टी)

अभिनेता से राजनेता बने विजय भी इस बार अपनी नई पार्टी को लेकर विधानसभा चुनाव में उतरेंगे. विजय के लिए यह किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि पहली बार विजय राजनीतिक परीक्षा के लिए तैयार हैं. तमिलनाडु में माना जा रहा है कि विजय एक विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, लेकिन अब देखना यह होगा कि वे कितना कमाल दिखा पाते हैं. लेकिन विजय के पास युवाओं का अच्छा खासा सपोर्ट माना जा रहा है।

डीएमके (स्टालिन की पार्टी)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की विधानसभा चुनाव में साख दांव पर लगी है. स्टालिन डीएमके के अध्यक्ष भी हैं. वर्तमान में तमिलनाडु में डीएमके की सरकार है और स्टालिन मुख्यमंत्री हैं. स्टालिन विधानसभा चुनाव में अपनी जनकल्याणी योजनाओं को लेकर चुनावी रण में हैं. अब देखना यह होता है कि डीएमके का शासन मॉडल मतदाताओं को पसंद आता है या नहीं।

AIADMK (ई के पलानीस्वामी)

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी की AIADMK पार्टी है. पलानीस्वामी को EPS भी कहा जाता है. इस चुनाव में EPS पार्टी सत्ताधारी दल डीएमके के खिलाफ महंगाई, बेरोजगारी और शासन से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी. AIADMK पार्टी प्रमुख जयललिता के निधन के बाद कुछ खास कमाल नहीं दिखाई. इस बार देखना यह होगा कि खुद को AIADMK पार्टी के प्रमुख नेता के रूप में स्थापित करने वाले पलानीस्वामी क्या कमाल दिखाएंगे।

एनडीए

तमिलनाडु में वैसे तो क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा है, लेकिन एनडीए भी पीछा नहीं छोड़ने वाली है. एनडीए भी चुनाव में अपने पूरे दमखम के साथ उतरेगी. हालांकि अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. एनडीए दल की प्रमुख पार्टी भाजपा को पूरी उम्मीद है कि इस बार के चुनाव में पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा सीटें और वोट प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल, मतदान से पहले सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा करने से पीछे नहीं हटते हैं. अब देखना यह होगा कि तमिलनाडु की जनता किसे अपना नेता चुनती है. इसके लिए 4 मई का इंतजार करना पड़ेगा।

निक जोनस और प्रियंका चोपड़ा का ग्लैमरस लुक हुआ वायरल

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अमेरिका के हॉलीवुड स्थित डॉल्बी थिएटर में 98वें ऑस्कर अवॉर्ड समारोह का आयोजन किया जा रहा है। फिलहाल अवॉर्ड सेरेमनी जारी है। इससे पहले रेड कार्पेट का आयोजन किया गया, जिसमें सितारों ने चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आइए नजर डालते हैं हॉलीवुड स्टार्स की उन तस्वीरों पर जिन्होंने खींचा सबका ध्यान।

निक जोनस के साथ शामिल हुईं प्रियंका

इस साल सेरेमनी में एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा बतौर अवॉर्ड प्रेजेंटर शामिल हुईं। वे अपने पति निक जोनस के साथ रेड कार्पेट पर नजर आईं। एक्ट्रेस ने व्हाइट साइड स्लिट ड्रेस के साथ डायमंड जूलरी पहनी, वहीं सिंगर निक ब्लैक सूट में नजर आए। दोनों बेहद खूबसूरत लग रहे थे। 

ब्लैक आउटफिट में दिखे लियोनार्डो डिकैप्रयो

हॉलीवुड एक्टर लियोनार्डो डिकैप्रयो भी ब्लैक ब्लेजर में क्लासिक लुक के साथ अवॉर्ड समारोह में शामिल होने पहुंचे। 

ब्लैक ड्रेस में ऐनी हैथवे ने बिखेरा जलवा

98वें ऑस्कर अवॉर्ड में ऐनी हैथवे भी शामिल हुईं। उन्होंने ब्लैक फ्लोरल ऑफ शोल्डर गाउन पहना था। इसके साथ उन्होंने नेकलेस और मैचिंग इयरिंग्स पहने। 

व्हाइट गाउन में एमा ने लूटी महफिल

हॉलीवुड एक्ट्रेस एमा स्टोन भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान वो रेड कार्पेट पर व्हाइट गाउन में बेहद खूबसूरत लग रहीं थीं। 

ऑस्कर विजेता एड्रियन ब्रॉडी भी हुए शामिल

दो बार ऑस्कर जीत चुके एड्रियन ब्रॉडी भी अपनी पत्नी जॉर्जिना चैपमैन के साथ रेड कार्पेट पर नजर आए। एक्टर ब्लैक सूट में, तो वहीं उनकी पत्नी रेड कलर की ड्रेस में काफी सुंदर लग रहीं थीं।

क्रिस इवांस भी पत्नी के साथ पहुंचे 

कैप्टेन अमेरिका यानी क्रिस इवांस भी अपनी पत्नी अल्बा बैपटिस्टा के साथ अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल हुए। दोनों साथ में काफी खुश दिखाई दिए। 

मरसाई मार्टिन भी हुईं सेरेमनी में शामिल

अमेरिकन एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर मरसाई मार्टिन भी इस अवॉर्ड सेरेमनी का हिस्सा बनीं। उन्होंने ब्राउन कलर की ड्रेस पहनी जो उनपर काफी सुंदर लग रही थी। 

टिमोथी चालमेट का कूल अंदाज

टिमोथी चालमेट भी अपने कूल अंदाज में रेड कार्पेट पर जलवा बिखेरते नजर आए। इस दौरान उन्होंने व्हाइट कलर का सूट पहना था और ब्लैक चश्मा लगाया हुआ था।

ब्रूना मार्क्वेजीन ने खींचा सबका ध्यान

ब्राजीलियाई अभिनेत्री ब्रूना मार्क्वेजीन ने भी शाइनिंग गाउन और एलिगेंट लुक से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। 

चेज इन्फिनिटी ने उड़ाए होश 

अमेरिकन एक्ट्रेस चेज इन्फिनिटी पायने ने अपनी फ्लेयर्ड ड्रेस से सबके होश उड़ा दिए। उन्होंने व्हाइट कलर की जूलरी पहनी थी। टेयाना टेलर भी अवॉर्ड शो में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने ब्लैक कलर की फ्लैयर्ड ड्रेस पहनी थी। साथ ही उन्होंने व्हाइट कलर की जूलरी से अपने आउटफिट को पूरा किया।हॉलीवुड की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में से एक जेंडेया भी इस खूबसूरत शाम का हिस्सा बनीं। वे चॉक्लेट वन शोल्डर थाई स्लिट गाउन में नजर आईं। 

हार्दिक, अभिषेक और संजू ने किए दिलचस्प खुलासे, वैभव ने कहा- कभी वीडियो गेम नहीं खेले

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को नई दिल्ली में सम्मान समारोह आयोजित किया। इस दौरान पिछले लगभग एक साल में पांच आईसीसी ट्रॉफीज जीतने का जश्न मनाया गया। साथ ही भारतीय क्रिकेटरों को अलग-अलग अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया। समारोह के दौरान एंकर हर्षा भोग्ले ने वैभव सूर्यवंशी, हार्दिक पांड्या, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ रैपिड फायर राउंड खेला। इस दौरान चारों ने कुछ हैरान कर देने वाले जवाब दिए। आइए जानते हैं…

हर्षा भोग्ले का पहला सवाल था- बड़े होते हुए क्रिकेटिंग आइडल कौन रहे?

अभिषेक शर्मा: युवराज सिंह
संजू सैमसन: सचिन तेंदुलकर
हार्दिक पांड्या: वसीम जाफर
वैभव सूर्यवंशी: ब्रायन लारा और युवराज सिंह

हर्षा भोग्ले का दूसरा सवाल: पहला वीडियो गेम?

अभिषेक शर्मा: मुझे लगता है सभी ने यह खेला होगा। क्रिकेट जीरो सेवन, ई.ए स्पोर्ट्स, वह मेरा पहला वीडियो गेम था।संजू सैमसन: जीटीए वाई सिटी हार्दिक पांड्या: डब्ल्यूडब्ल्यूई (इस पर सब हंसने लगे) वैभव सूर्यवंशी: सर मैं वीडियो गेम खेलता ही नहीं हूं।इस पर हर्षा ने कहा- क्योंकि लोग कहते हैं आपका क्रिकेटिंग गेम वीडियो गेम की तरह ही है। वैभव के जवाब पर ईशान किशन भी हंसते हुए कुछ कहते दिखे।

हर्षा भोग्ले का अगला सवाल: पहली कार या पहली बाइक?

अभिषेक शर्मा: एक्टिवा स्कूटी, उससे मैं मैदान पर प्रैक्टिस के लिए जाता था।संजू सैमसन: वैगन आर कारहार्दिक पांड्या: मारुति 800, कांच पीछे से खुलने वाली।वैभव सूर्यवंशी: मैंने सर अभी तक नहीं ली है। (इस पर सब हंसने लगे)बता दें कि राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2025 के बाद सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन अवॉर्ड से नवाजा गया था। इस अवॉर्ड के साथ उन्हें टाटा कर्व कार इनाम के तौर पर मिली थी। बिहार के लाल ने इस सत्र में कमाल का प्रदर्शन किया जिसका अब उन्हें फल मिला था। दिलचस्प बात यह है कि वैभव इस कार को चला नहीं पाए। इसका सबसे बड़ा कारण उनकी उम्र है। दरअसल, अभी वह सिर्फ 14 साल के हैं और उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं बना है।

हर्षा भोग्ले का अगला सवाल: पहला मैच जो स्टेडियम में देखा हो?

संजू सैमसन: मेरे लिए वह एक आईपीएल मैच था, जिसका मैं हिस्सा था। कभी अलग से जाकर स्टेडियम में मैच नहीं देखा। 
हर्षा भोग्ले का अगला सवाल: पसंदीदा फिल्म या पसंदीदा एक्टर?अभिषेक शर्मा: पसंदीदा मूवी थ्री इडियट्स है, मैंने उस मूवी को काफी एंजॉय किया। और पसंदीदा एक्टर हमेशा बदलता रहता है। यह उस पर निर्भर करता है कि मैं कौन सी मूवी देख रहा हूं। संजू सैमसन: रजनीकांत सर की कोई भी मूवी।हार्दिक पांड्या: मेरी पसंदीदा फिल्म थोड़ी सी अलग है। मेरी पसंदीदा फिल्म गॉडजिला है। मैंने यह फिल्म हॉल में जाकर सबसे ऊपर वाली सीट पर बैठकर देखी थी। एक्टर नहीं है कोई।वैभव सूर्यवंशी: धुरंधर मूवी पसंद है सर।
 

गंगोत्री धाम और हर्षिल घाटी में बर्फबारी शुरू, टिहरी के गंगी गांव में भी सफेद चादर

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उत्तरकाशी/टिहरी: उत्तराखंड में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है. जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिली है. जबकि, निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई है. केदारनाथ के बाद गंगोत्री, यमुनोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले गांवों में बर्फबारी शुरू हो गई है. उधर, टिहरी के दूरस्थ गंगी गांव में भी बर्फ के फाहे गिर रहे हैं.

उत्तरकाशी जिले में बारिश और बर्फबारी: रविवार देर शाम को गंगोत्री, यमुनोत्री धाम, हर्षिल समेत तमाम ऊंचाई वाले गांवों में बर्फबारी शुरू हो गई है. लंबे समय बाद हुई बारिश और बर्फबारी से फसलों को संजीवनी मिली है. साथ ही वनाग्नि को रोकने में भी यह कारगर साबित होगी. क्योंकि, कई जगहों पर जंगल जल रहे हैं. माना जा रहा है कि इससे वनाग्नि पर लगाम लग पाएगी.

टिहरी के सीमांत गंगी गांव में बर्फबारी: जहां एक तरफ पहाड़ों में गर्मी से तापमान बढ़ गया था तो वहीं दूसरी तरफ अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ है. जिससे अचानक बारिश के साथ बर्फबारी शुरू हो गई. टिहरी जिले के सीमांत एवं दूरस्थ गंगी गांव में भी बर्फबारी हो रही है. जिससे मौसम ठंडा और खुशनुमा हो गया है.

केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी: वहीं, बाबा केदार के दर पर भी बर्फबारी हुई है. जिससे धाम में हल्की बर्फ की परत जम गई. साथ ही पारा काफी लुढ़क गया है. कड़ाके की ठंड के बावजूद केदारनाथ धाम की सुरक्षा में पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं. वहीं, बर्फबारी से चारधाम यात्रा की तैयारियां भी प्रभावित हुई है.
 

ऑस्कर में ऐसा रहा भारत का इतिहास, इन कलाकारों ने जीती ‘द गोल्डन बॉय’ ट्रॉफी

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फिल्म जगत के सबसे प्रमुख ऑस्कर अवॉर्ड के 98वें संस्करण का आयोजन 15 मार्च को होगा। लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित होने वाले इस अवॉर्ड समारोह में भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा भी प्रेजेंटर के तौर पर शामिल होंगी। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। भारत में इस अवॉर्ड्स समारोह को 16 मार्च की सुबह लगभग 4:30 बजे से देखा जा सकेगा। जानते हैं कि ऑस्कर में अब तक कैसा रहा है भारत का इतिहास और किन भारतीय कलाकारों ने जीता है अब तक ये अवॉर्ड?

भारत की किसी फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर

ऑस्कर अवॉर्ड को अकादमी अवॉर्ड भी कहते हैं। इन्हें साल 1927 में शुरू किया गया था, लेकिन पहला अवॉर्ड 1929 में आयोजित हुआ था। 98 साल के इतिहास में भारत की तरफ से 50 से ज्यादा फिल्में ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भेजी गईं, लेकिन एक भी भारतीय फिल्म को ये अवॉर्ड नहीं मिल सका।साल 1957 में पहली बार भारत से महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ को ऑस्कर भेजा गया था। लेकिन फिल्म सिर्फ एक वोट से हॉलीवुड फिल्म ‘नाइट्स ऑफ कैबिरिया’ से पीछे रह गई और अवॉर्ड जीतने से चूक गई।इसके बाद 1989 में ‘सलाम बॉम्बे’, 2003 में ‘लगान’ और 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को फाइनल नॉमिनेशन मिला, लेकिन तीनों ही फिल्में अवॉर्ड नहीं जीत सकीं।

सिर्फ 9 भारतीयों को मिला ऑस्कर

भारत की तरफ से 13 कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्हें अब तक ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला। इनमें से सिर्फ नौ भारतीय कलाकार ऐसे हैं, जिन्हें ऑस्कर अवॉर्ड्स मिला है। इनमें भानू अथैया से लेकर, सत्यजीत रे, एआर रहमान, गुलजार, रेसुल पूकुट्टी, एमएम कीरवानी, चंद्रबोस, गुनीत मोंगा और कार्तिकी गोंजाल्विस के नाम शामिल हैं। 

प्रियंका चोपड़ा बनेंगी प्रेजेंटर

भारतीय फैंस के लिए इस बार का ऑस्कर और भी खास है। इस बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इस समारोह में प्रेजेंटर के तौर पर नजर आएंगी। वह मंच पर विजेताओं को अवॉर्ड देती दिखाई देंगी। उनके साथ रॉबर्ट डाउनी जूनियर और ऐन हैथवे जैसे बड़े हॉलीवुड सितारे भी मंच पर नजर आएंगे, जिससे इस साल का शो और भी ग्लैमरस होने की उम्मीद है।
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राज्यसभा चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस का नया आरोप

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बेंगलुरू। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले ओडिशा कांग्रेस के एक नेता ने पार्टी के विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने बेंगलुरु के बिदादी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने चार लोगों पर पार्टी के नेताओं को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया है। ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के उपनेता अशोक कुमार दास ने अपनी शिकायत में कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने के बाद, कांग्रेस को अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर था। इसीलिए कांग्रेस के आठ विधायक 12 मार्च से बेंगलुरु के वंडरला के पास एक होटल में रुके हुए हैं।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि 15 मार्च को चार अनजान लोग होटल पहुंचे। ये लोग अपने साथ एक ब्लैंक चेक लेकर आए थे। दास ने दावा किया कि इन लोगों ने विधायकों को करोड़ों रुपये का लालच दिया ताकि वो राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करें।
विधायकों के साथ गाली-गलौच और धमकी
अशोक कुमार दास ने अपनी शिकायत में कहा कि जब विधायकों ने रिश्वत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने धमकाने शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन लोगों ने विधायकों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। दास ने कहा कि जब हमारे विधायकों ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया, तो उन व्यक्तियों ने कथित तौर पर हमें जान से मारने की धमकी दी, अगर हम ओडिशा वापस लौटे। उन्होंने हमारे खिलाफ अपमानजनक और गंदी भाषा का भी इस्तेमाल किया।

आरोपियों की पहचान भी बताई
कांग्रेस ने पुलिस को दी गई शिकायत में चार व्यक्तियों की पहचान भी बताई है। उनके नाम बीरेंद्र प्रसाद, सुरेश, अजीत कुमार साहू और सिमाचल मोहकुड बताए गए हैं। बेंगलुरु पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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छह गेंद में 6 छक्के या 175 रन की पारी? वैभव सूर्यवंशी ने चुना अपना पसंदीदा रिकॉर्ड

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नई दिल्ली में आयोजित बीसीसीआई के ‘नमन’ कार्यक्रम में क्रिकेट के कई सुपरस्टार्स पहुंचे। हाल ही में टी20 विश्वकप जीतने वाली सीनियर भारतीय टीम से लेकर इस साल अंडर-19 विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम तक, सभी टीमों को बोर्ड ने सम्मानित किया। भारत को अंडर-19 विश्वकप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले वैभव सूर्यवंशी भी कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान मंच का संचालन कर रहे कमेंटेटर हर्षा भोग्ले ने वैभव के सामने कुछ रिकॉर्ड्स रखे और पूछा कि इनमें से कौन से रिकॉर्ड को वह तोड़ना या बनाना चाहेंगे। इस पर वैभव ने जो चुना, उसने सभी का दिल जीत लिया। आइए जानते हैं…

कौन सा रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं वैभव?

एक सेशन में हर्षा भोग्ले के साथ स्टेज पर वैभव, हार्दिक पांड्या, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा मौजूद थे। इस दौरान हर्षा ने वैभव से कहा, ‘तीन चीजें बताता हूं आपको। आप बताइए कि इनमें सबसे बड़ी ख्वाहिश आपकी किस चीज की होगी? एक ओवर में छह छक्के? क्रिस गेल जो आपकी तरह लेफ्ट हैंडेड थे, उन्होंने 175 बनाए थे आईपीएल में? या फिर आईपीएल में सबसे तेज शतक? वैसे दूसरा सबसे तेज शतक किसने किया है, क्या ये आपको पता है?’ इस पर वैभव ने जवाब दिया, ‘मैंने ही किया है।’ इस पर हर्षा ने कहा, ‘तो तीन चीजें बताईं, आपकी ख्वाहिश सबसे ज्यादा किस चीज की है?’ इस पर वैभव ने जवाब दिया, ‘सर ख्वाहिश 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने का है।’

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ओडिशा अग्निकांड पर राष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने जताया शोक

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नई दिल्ली। ओडिशा के कटक में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना की जानकारी दी है। हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री तुरंत अस्पताल पहुंचे और मौके पर हालात का जायजा लिया। 

राष्ट्रपति ने जताया दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को ओडिशा के अस्पताल में आग लगने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। घटना पर राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, ‘ओडिशा के कटक में एक अस्पताल में आग लगने की दुखद घटना में लोगों की मौत से मुझे बहुत दुख हुआ है। शोक में डूबे परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करती हूं।’

हादसे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया दुख

वहीं ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कटक के एससीबी मेडिकल अस्पताल में आग की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘कटक के एससीबी मेडिकल अस्पताल में लगी आग की घटना, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई, बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। इसके साथ ही, मैं आग में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। मैं राज्य सरकार से सभी घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं। कटक के मेयर और तंगी चौद्वार के विधायक को घटनास्थल पर पहुंचकर सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।’

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एकेडमी अवॉर्ड को क्यों कहा जाता है ऑस्कर? जानें इसके नाम की दिलचस्प कहानी

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फिल्मी दुनिया के सबसे प्रमुख अवॉर्ड ऑस्कर के बारे में तो हर कोई जानता है। हर कलाकार का सपना होता है कि वो द गोल्डन बॉय ट्रॉफी को अपने नाम कर सके। लेकिन क्या आप ऑस्कर की ट्रॉफी के बारे में जानते हैं? कहां से आया इसका आइडिया, किस चीज की बनी होती है ट्रॉफी और किसके नाम पर है ऑस्कर? यहां जानिए ऑस्कर की ट्रॉफी के बारे में सबकुछ। 

कहां से आया अकादमी अवॉर्ड का आइडिया

ऑस्कर ट्रॉफी का विचार और डिजाइन 1927 में एक मीटिंग के दौरान सामने आया था। एमजीएम स्टूडियो के मालिक लुईस बी मेयर ने सबसे पहले इसके बारे में सोचा था। उनके दिमाग में आया कि क्यों न एक ग्रुप बनाया जाए, जिसमें पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा मिल सके।इसपर उन्होंने अपने साथ काम करने वाले और दोस्तों को बुलाकर एक मीटिंग की जिसमें डायरेक्टर फ्रैड निबलो, फिल्ममेकर फीड बिटसोन और एक्टर कॉनरेड नागेल शामिल हुए। उन लोगों को ये आइडिया पसंद आया और बाद में एक होटल में हॉलीवुड के 36 टॉप पर्सनैलिटी को बुलाया गया था। सबके सामने ये आडिया रखते हुए ‘अकादमी पुरस्कार’ नाम बताया गया, जिसे सभी ने पसंद किया।

कैसे तय हुई ट्रॉफी और क्या है इसका अर्थ?

जब ये सोचा गया कि सम्मान पाने वाले को दिया क्या जाएगा, तब ये तय हुआ कि एक ट्रॉफी दी जाए, जिसे अलग तरह का डिजाइन करना होगा। इसकी जिम्मेदारी एमजीएम स्टूडियो के आर्ट डायरेक्टर केड्रिक गिबोन्स को दी गई।गिबन्स ने एक नाइट (शूरवीर) का स्केच बनाया, जो एक फिल्म रील पर खड़ा है और उसने अपने हाथों में एक तलवार थामी हुई है। रील में पांच तीलियां होती हैं, जो एकेडमी की मूल पांच शाखाओं को दर्शाती हैं।अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, तकनीशियन और लेखक। हाथ में पकड़ी हुई तलवार फिल्म इंडस्ट्री की प्रगति और कल्याण की रक्षा का प्रतीक है। गिबन्स के स्केच को वास्तविक मूर्ति का रूप लॉस एंजिल्स के मूर्तिकार जॉर्ज स्टेनली ने दिया था। उन्होंने इस डिजाइन को और अधिक स्लीक और आधुनिक बनाया, जो आज भी लगभग वैसा ही है।

मैक्सिकन अभिनेता ने ट्रॉफी के लिए दिया न्यूड पोज

कई रिपोर्ट्स के मुताबाकि, ऐसा कहा जाता है कि मैक्सिकन अभिनेता और फिल्म निर्माता एमिलियो ‘एल इंडियो’ फर्नांडिस ने इस ट्रॉफी के लिए मॉडल के रूप में बिना कपड़ों के पोज दिया था। हालांकि, एकेडमी ने कभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।

कैसे पड़ा ऑस्कर नाम?

इस ट्रॉफी का आधिकारिक नाम ‘एकेडमी अवार्ड ऑफ मेरिट’ है। कहा जाता है कि एकेडमी की लाइब्रेरियन मार्गरेट हेरिक ने पहली बार इसे देखकर कहा था कि यह उनके अंकल ऑस्कर की तरह दिखती है, जिसके बाद ही इसका नाम ऑस्कर पड़ा और अब इसी नाम से यह ट्रॉफी ज्यादा प्रसिद्ध है।

कैसे तैयार की गई ट्रॉफी?

ऑस्कर की ट्रॉफी 13 इंच लंबी और 8.85 किलो की बनाई गई थी। इसमें 92.5 प्रतिशत टिन, 7.5 प्रतिशत तांबा लगाया गया और आखिर में सोने की परत चढ़ाई गई। एक ऑस्कर ट्रॉफी को बनाने में 400 डॉलर यानी लगभग 33 हजार 77 रुपये का खर्चा आया। आज यह ट्रॉफी तांबे की बनी होती है और इस पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ी होती है।

कब हुआ पहला ऑस्कर अवॉर्ड इवेंट?

16 मई 1929 को पहला अकादमी पुरस्कार आयोजित हुआ। इसमें करीब 270 हॉलीवुड सेलिब्रिटीज शामिल हुए। इन सभी सेलेब्स को हॉलीवुड रूजवेल्ट होटल के ब्लॉसम रूम में आने के लिए इनविटेशन भेजा गया। यहीं पर पहला ऑस्कर इवेंट हुआ, जिसमें कोई दर्शक नहीं थे और ये फंक्शन महज 15 मिनट में खत्म हो गया था। ये इवेंट पेड था जिसमें 5 डॉलर का एक टिकट बेचा गया था।

एक कुत्ते को मिली थी ऑस्कर की पहली दावेदारी

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला ऑस्कर जर्मन एक्टर एमिल जेनिंग्स ने जीता था। हालांकि, इस अवॉर्ड का पहला दावेदार एक कुत्ता था। जर्मन शेफर्ड डॉग, जिसका नाम टिन टिन बताया गया था।उसने हॉलीवुड की करीब 27 फिल्मों में काम किया, जिसमें से 4 फिल्में साल 1929 में ही रिलीज हो चुकी थीं। इनमें से दो फिल्मों उस डॉग ने बेहतरीन काम भी किया था। इसलिए अवॉर्ड कमेटी ने उसे पहला ऑस्कर मिलने का हकदार माना था।लेकिन अकादमी पुरस्कार के पहले प्रेसिडेंट फेयरबैंक्स ने सोचा कि पहला अवॉर्ड किसी डॉग को जाने से एक गलत संदेश जा सकता है। इसलिए कमेटी ने उस डॉग और जर्मन एक्टर एमिल जेनिंग्स को लेकर वोट किए, जिसमें सबसे ज्यादा वोट्स एमिल को मिले।

चुनावी विश्लेषण में जातिवाद पर रोक लगाई जाए

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चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (अखिल भारतीय प्रतिनिधियों की सभा) की तीन-दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हो गई। इस बैठक में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने और चुनावों के दौरान मतदाताओं के जनसांख्यिकीय आंकड़ों का जाति-आधारित विश्लेषण करने की प्रथा को रोकने का आह्वान किया गया।
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में मीडिया वालों से कहा कि संघ सामाजिक सद्भाव का समर्थन करता है और समाज को जाति के आधार पर बांटने की कोशिशों का विरोध करता है। होसबले ने मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच केंद्र सरकार की कूटनीतिक कोशिशों की भी तारीफ की, और कहा कि संघ वैश्विक शांति और विकास का समर्थक है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने इस संगठन की स्थापना किसी खास समुदाय, धार्मिक संप्रदाय या पूजा-पद्धति का विरोध करने के इरादे से नहीं की थी।
उन्होंने कहा, पूजा-पद्धति और रीति-रिवाजों में अंतर से कोई बुनियादी फर्क नहीं पड़ता।
यह कहते हुए कि संगठन में सभी का स्वागत है, होसबले ने कहा, हम समाज की भलाई के लिए रचनात्मक काम में लगे किसी भी व्यक्ति को संघ का स्वयंसेवक (वॉलंटियर) मानते हैं।
संगठन की गतिविधियों के विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में संघ के काम में काफी बढ़ोतरी हुई है।
 

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News Desk